याह्या सिनवार की मौत से भी संघर्ष रुकता नहीं दिख रहा, मोहम्मद सिनवार अब गाजा में हमास पर करेंगा कंट्रोल

तेल अवीव  इजरायल ने हमास के चीफ याह्या सिनवार को मार दिया है। 7 अक्तूबर 2023 के हमले का यह मास्टरमाइंड था। 'गाजा का लादेन' के नाम से मशहूर इजरायल का यह सबसे बड़ा दुश्मन था। इजरायल इसे मारने के लिए लंबे समय से खोज रहा था। लेकिन इजरायल की मुश्किलें अभी भी कम नहीं होने वाली हैं। एक एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि याह्या सिनवार का भाई हमास का नेतृत्व संभाल सकता है। अगर ऐसा होता है तो वह याह्या से भी ज्यादा आतंक ला सकता है। याह्या सिनवार को बुधवार को इजरायल ने मार डाला था। अब पूरा फोकस इसके भाई मोहम्मद सिनवार पर है। मोहम्मद सिनवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन संभावित रूप से खतरनाक है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक मोहम्मद सिनवार अगर पावर में आता है तो वह एक बड़े खतरे को भी साथ लाएगा। अपने भाई के समर्थन से मोहम्मद सिनवार गाजा में हमास का दूसरे नंबर का कमांडर बन गया। मोहम्मद याह्या का खास था। वह उन कुछ लोगों में था, जो जानते थे कि हमास का चीफ कहां छिपा है। भाई की ले सकता है जगह अपने पारिवारिक संबंधों के कारण उसे हमास के अंदर किसी भी विश्वासघात के संदेह का सामना नहीं करना पड़ा। इसी कारण उसे हमास के टॉप पर पहुंचने में आसानी हुई। पूर्व वरिष्ठ इजरायली सैन्य अधिकारी और फिलिस्तीनी मामलों के एक्सपर्ट ग्रिशा याकूबोविच ने बताया कि मोहम्मद सिनवार को ताकत मिलना किस तरह खतरनाक हो सकता है। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद सिनवार अपने भाई जितना ही कट्टरपंथी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वही हमास के चीफ-ऑफ-स्टाफ का पद संभालेगा। दोनों भाइयों ने हमास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। क्या है मोहम्मद सिनवार से खतरा याकूबोविच ने कहा कि मोहम्मद सिनवार का नेतृत्व इजरायल के साथ और भी अधिक हिंसक टकराव शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि याह्या अपनी गतिविधियों के कारण सुर्खियों में बना रहा। वहीं 49 साल का मोहम्मद एकदम सीक्रेट तरीके से अपना काम करता है। इसके बावजूद उसका हमास पर प्रभाव है। इजरायल को इस बात की चिंता है कि मोहम्मद का नेतृत्व स्थिति को गंभीर बना सकता है। मोहम्मद को याह्या की तुलना में पहुत कम व्यावहारिक बताया जाता है। वह ज्यादा हिंसा करता है और समझौता न करने वाली रणनीति से लड़ता है। इसके लिए वह नागरिकों को भी जोखिम में डालने से पीछे नहीं हटेगा। कौन है मोहम्मद सिनवार? मोहम्मद सिनवार का जन्म खान यूनिस में हुआ था। कम उम्र में ही वह हमास में शामिल हो गया। इजरायल की जेल में 9 महीने और फिलिस्तीनी प्राधिकरण की कैद में वह तीन साल रहा। सन 2000 में वह जेल से भागने में कामयाब रहा। पहली बार मोहम्मद सिनवार की भागीदारी 2005 में सामने आई। तब हमास ने 2005 में IDF बलों के खिलाफ हमला करने वाले अपने सात कमांडरों की पहचान जारी की। सिनवार का नाम भी 7 में से था। तीन बार इजरायल इसे मारने की कोशिश कर चुका है। एक बार स्नाइपर, एक बार एयर स्ट्राइक और एक बार उसकी दीवार में लगे बम से मारने की कोशिश की गई, जिसे उसने खोज लिया था। recent visitors 108

सिनवार की खोपड़ी में मारी गोली, बम से उड़े हाथ के चिथड़ें, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जानें कैसे मरा कसाई याह्या ?

बेरुत  हमास के खिलाफ लड़ाई में इजरायली सेना (IDF) को बड़ी कामयाबी मिली है। इजरायली सैनिकों ने खुफिया जानकारी के आधार पर दक्षिणी गाजा में जमीनी हमला किया और हमास प्रमुख याह्या सिनवार को मार दिया। उसके सिर में गोली मारी गई। इजरायली सैनिक सिनवार के हाथ की एक उंगली काटकर ले गए। सिनवार फिलिस्तीनी समूह हमास का पोलित ब्यूरो प्रमुख था। IDF की 828 ब्रिगेड ने तेल अल-सुल्तान के राफा इलाके में हमास प्रमुख को मारा। CNN के अनुसार इजरायली सैनिकों ने उसकी मौत की पुष्टि करने के लिए उसकी उंगली काटी और साथ ले गए। याह्या सिनवार के ठिकाने के बारे में मिली थी खुफिया जानकारी इजरायली सैनिकों को याह्या सिनवार के ठिकाने के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सैनिकों ने हमला कर दिया। गोलीबारी के बाद जब सैनिक अंदर गए तो याह्या सिनवार से मिलता-जुलता एक शव पाया। उन्होंने डीएनए टेस्ट के लिए उसकी उंगली काटी और ले गए। सिनवार दो दशक तक इजरायली जेल में था। इजरायल के पास पहले से उसका डीएनए प्रोफाइल है। 2011 में कैदियों की अदला-बदली में उसे रिहा किया गया था। CNN ने इजरायल नेशनल सेंटर ऑफ फॉरेंसिक मेडिसिन के चेन कुगेल के हवाले से बताया है कि सिनवार की उंगली से निकाले गए डीएनए प्रोफाइल को पहले से मौजूद सिनवार के प्रोफाइल से मैच कराया गया। इसके मिलान होने पर पुष्टि हो सकी कि सिनवार मारा गया। सैनिकों ने पहले उसके दांतों से उसकी पहचान करने की कोशिश की, लेकिन वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सके। सोशल मीडिया पर इजरायली सैनिकों द्वारा हमास प्रमुख के ठिकाने की तलाशी लेने के वीडियो सामने आए। एक वीडियो में दो इजरायली सैनिक एक शव (जिसे याह्या सिनवार का बताया जा रहा है) के पास खड़े हैं। उसके बाएं हाथ की तर्जनी उंगली कटी हुई है। सिनवार की मौत सिर पर गोली लगने से हुई इजरायली सैनिकों की ओर से याह्या सिनवार के ठिकाने की तलाशी लेते वक्त के कुछ वीडियो सामने आए हैं। ऐसे ही वीडियो में 2 इजरायली सैनिक एक शव के पास खड़े दिख रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि यह सिनवार की डेडबॉडी है। इसमें हमास चीफ के बाएं हाथ की तर्जनी अंगुली कटी हुई है। हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया कि वीडियो का विश्लेषण हुआ है जिसमें उसके बाएं हाथ की पांचों उंगलियां दिख रही हैं। ऐसा हो सकता है कि बाद में एक अंगुली काटी गई हो। याह्या सिनवार के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया कि सिनवार की मौत सिर पर गोली लगने से हुई थी। सिनवार की खोपड़ी का एक हिस्सा उड़ गया सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में याह्या सिनवार के चेहरे पर चोटें दिखाई दे रही हैं। गोली लगने से उसकी खोपड़ी का एक हिस्सा उड़ गया है। हमास ने भी पुष्टि कर दी है कि उसका नेता याह्या सिनवार गाजा में इजरायली बलों के हमले में मारा गया। चरमपंथी संगठन ने अपना यह रुख दोहराया कि एक साल पहले इजराइल से बंधक बनाए गए लोगों को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक गाजा में संघर्ष विराम नहीं होता और इजरायली सैनिकों की वापसी नहीं होती। इससे एक दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि जब तक बंधकों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक देश की सेना लड़ती रहेगी और हमास को कमजोर करने के लिए गाजा में तैनात रहेगी। सिनवार के शव के पोस्टमार्टम से मिली बड़ी जानकारी याह्या सिनवार के शव के पोस्टमार्टम से पता चला है कि उसके सिर में गोली मारी गई थी। मौत इसी चलते हुई। सिनवार टैंक के गोले के छर्रे लगने से घायल हो गया था। उसके चेहरे पर चोटें थी। खोपड़ी का एक हिस्सा उड़ा हुआ था। ठिकाने में घुसने से पहले इजरायली सैनिकों ने टैंक से गोले दागे थे। हमास को नए नेता की तलाश हमास को अब नए राजनीतिक नेता की तलाश है। सिनवार का भाई मोहम्मद सिनवार बड़ी भूमिका निभा सकता है। याह्या सिनवार 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था। इसमें 1,200 से अधिक लोग मारे गए थे। इसके चलते इजरायल ने गाजा में हमला शुरू किया था। इस लड़ाई में अब तक गाजा में 40,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। recent visitors 68

इजरायली बड़ा धमाका हमास प्रमुख सिनवार की मौत पर बोले बाइडेन- यह दुनिया के लिए अच्छा

बेरुत इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने अपने सैन्य अभियान के तहत गाजा में गुरुवार को अपने सबसे बड़े दुश्मन हमास प्रमुख याह्या सिनवार को मार गिराया। सिनवार ने पिछले साल इजराइल पर हमास के आतंकी हमले की अगुवाई की थी और वह इजराइल के हिट लिस्ट में था। सिनवार की मौत के बाद इजरायल ने अपना बदला पूरा कर लेने की बात कही लेकिन बंधकों की रिहाई तक उसकी लड़ाई जारी रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने याह्या सिनवार की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए एक अच्छा दिन है। उन्होंने कहा कि डीएनए परीक्षण से पुष्टि हुई है कि सिनवार मारा गया है। यह इजरायल और अमेरिका के साथ पूरी दुनिया के लिए एक अच्छा दिन है। यह इजरायली बंधकों की रिहाई के लिए एक अच्छा अवसर है। इससे एक साल से जारी गाजा युद्ध समाप्त हो जाएगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस ने भी कहा है कि हजारों निर्दोष लोगों की हत्या के लिए जिम्मेदार हमास नेता याह्या की मौत की वजह से अमेरिका, इजरायल और पूरी दुनिया बेहतर स्थिति में है। यह गजा में हो रहे युद्ध को खत्म करने का एक मौका है। इजराइल ने गुरुवार रात हमास प्रमुख याह्या सिनवार को मार गिराने का दावा किया था। इजरायल और अमेरिका की तरफ से दावा किया जाता रहा है कि पिछले साल 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में हुए आतंकी हमले का नेतृत्व याह्या सिनवार ने ही किया था जिसमें 12 सौ लोग मारे गए थे और लगभग ढाई सौ लोगों को बंधक बनाया गया था। उल्लेखनीय है कि जुलाई में हमास नेता इस्माइल हनिया के तेहरान में इजरायली कार्रवाई में मारे जाने के बाद सिनवार को हमास प्रमुख बनाया गया था। सिनवार का जन्म 1962 में खान यूनिस के गाजा शहर के एक शरणार्थी शिविर में हुआ था। हमास का गठन 1987 में हुआ था और याह्या सिनवार उसके संस्थापक सदस्यों में से एक था। अपनी क्रूरता के लिए कुख्यात सिनवार ने संदेह होने पर अपने 12 सहयोगियों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे खान यूनिस का कसाई कहा जाने लगा। क्या सिनवार या हमास का कोई विकल्प भी खड़ा हो चुका है, जो खाली जगह भरेगा? इन सवालों के जवाब के लिए एक बार सिनवार की हिस्ट्री जानते चलें. अस्सी के दशक में हमास को खड़ा करने में जो शुरुआती लोग थे, उनमें से एक सिनवार भी था. उसे इजरायली सेना ने कई बार पकड़ा भी. साल 2011 में कैदियों की अदलाबदली के दौरान छूटकर वो वापस हमास की कमान संभालने लगा.  इसके बाद से वो गाजा में हमास को लगातार ताकतवर बनाता गया. बाहरी दुनिया से संवाद और फंडिंग जुटाने का काम भी इसके हिस्से था. इस नेता के बारे में कुख्यात था कि ये हर उस शख्स का गला काट देता था, जो इसे इजरायल के पक्ष में लगे, फिर चाहे वो फिलिस्तीनी जनता क्यों न हो. पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर बड़ा नागरिक हमला हुआ. खुफिया एजेंसियों ने माना कि अटैक का मास्टरमाइंड सिनवार ही है. हमले के साथ-साथ हमास ने ढाई सौ से ज्यादा लोगों को बंधक भी बना लिया. इसके बाद से आईडीएफ सिनवार को पकड़ने या मारने की फिराक में थी. यहां तक कि उसकी सूचना देने वालों को 4 लाख डॉलर इनाम तक का वादा कर दिया. आखिरकर गुरुवार को सिनवार मारा गया, डीएनए टेस्ट के बाद जिसकी पुष्टि भी इजरायल ने कर दी. गाजा में क्यों है चुप्पी इतनी बड़ी घटना के बाद भी हमास की पैरवी करने वाले किसी मुस्लिम देश की बड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई, जो पहले हर इजरायली वार पर हो-हल्ला किया करते थे. यहां तक कि गाजा में भी सन्नाटा है. कोई कुछ भी कहने से बच रहा है. इसके पीछे इजरायल का डर नहीं, बल्कि एक बड़ा कारण ये भी है कि गाजा पट्टी में सिनवार की लोकप्रियता लगातार गिर रही थी. आधी से ज्यादा आबादी सिनवार से परेशान पेलेस्टाइन सेंटर फॉर पॉलिसी एंड सर्वे रिसर्च ने पिछले महीने एक सर्वे के नतीजे जारी किए. इसकी मानें तो गाजा की 65 फीसदी जनता सिनवार की लीडरशिप से नाखुश थी. वे मान रहे थे कि इसी लीडरशिप के चलते गाजा पट्टी तबाह हुई. वहां चालीस हजार से ज्यादा लोग मारे गए. वहीं कथित लीडर सालभर से हमास के सघन टनल नेटवर्क में छिपा हुआ था. सिनवार का चैप्टर क्लोज हो चुका, लेकिन क्या हमास नाम की किताब भी साथ ही बंद हो जाएगी? गुरुवार को सिनवार की मौत कन्फर्म करते हुए इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'गाजा के लिए हमास के बाद शुरुआत' कहा. साथ ही साथ ये भी साफ कर दिया कि उनकी सेना बंधकों को छुड़ाने तक वहीं जमी रहेगी. इसके बाद क्या- ये सवाल बार-बार उठ रहा है. हमास के बाद कौन से विकल्प बाकी फिलिस्तीनी चरमपंथी गुट हमास का गाजा में केवल हेडक्वार्टर नहीं था, बल्कि यही संगठन इस पट्टी पर शासन चला रहा था. हालांकि ये कोई चुनी हुई सरकार नहीं थी. वो साल 2007 से इस क्षेत्र पर एकतरफा शासन कर रहा था. बता दें कि साल 2006 में फिलिस्तीन (गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक) में इलेक्शन हुए थे. इसमें हमास विपक्षियों पर भारी रहा. इसके बाद उसने फिलिस्तीनी अथॉरिटी से सत्ता छीन ली और अपना अलग राजकाज चलाने लगा. अब लगभग सारे लीडरों को खो चुका हमास अनाथ हो चुका है. ऐसे में गाजा में उसके रूल की फिलहाल तो कोई संभावना नहीं. खाली फ्रेम में कई तस्वीरें आ सकती हैं इनमें एक दावेदार है, फिलिस्तीनी अथॉरिटी. फिलहाल वेस्ट बैंक में काम कर रही अथॉरिटी को लेकर अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकमत हो जाए तो राष्ट्रपति महमूद अब्बास की सरकार गाजा को भी कंट्रोल कर सकती है. एक संभावना ये भी है कि तुरंत कोई रास्ता न निकलता देख इजरायली सेना कुछ समय के लिए वहीं रुक जाए, और अप्रत्यक्ष सैन्य कंट्रोल रखे. ये इसलिए भी हो सकता है क्योंकि इजरायल बार-बार हमास के कमर तोड़ देने की बात कह रहा है. अगर फिलहाल वो गाजा पट्टी से एकदम से हट जाए तो हो सकता है कि बचे-खुचे विद्रोही वापस अपना काम शुरू कर दें. किसी भी युद्धग्रस्त या ताजा-ताजा युद्ध से निकले … Read more

क़ानी ने कहा, “हानिया के खून का बदला लेना हम अपना कर्तव्य समझते हैं, जो ईरान में एक अप्रिय घटना में मारे गए थे

तेहरान इजरायली हमले में हमास पोलित ब्यूरो प्रमुख इस्माइल हानिया की मौत के बाद ईरान लगातार बदला लेने की बात कह रहा है। इस बार ईरान के एक शीर्ष रक्षा अधिकारी ने यह बात दोहराई। ईरानी मीडिया के अनुसार शीर्ष रक्षा अधिकारी ने कहा है कि तेहरान हमास पोलित ब्यूरो प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या का बदला लेना अपना ‘कर्तव्य’ समझता है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गॉर्ड्स कॉर्प्स के अंतर्गत आने वाले कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी ने एक पत्र लिख कर याह्या सिनवार को हमास पोलित ब्यूरो के नए प्रमुख पद पर नियुक्ति के लिए बधाई दी। साथ ही हानिया की मौत पर संवेदना व्यक्त की। क़ानी ने कहा, “हानिया के खून का बदला लेना हम अपना कर्तव्य समझते हैं, जो ईरान में एक अप्रिय घटना में मारे गए थे। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक आईआरएनए ने बताया कि क़ानी ने कहा कि इजरायली हमले का डट कर सामना करने वाले लड़ाकों का “वीरतापूर्ण संघर्ष” आने वाले समय में इसका अंजाम भयावह होगा। बता दें, हमास ने  घोषणा की थी कि 2017 से गाजा पट्टी में हमास पोलित ब्यूरो के एक नेता के तौर पर काम कर रहे सिनवार, दिवंगत प्रमुख इस्माइल हानिया की जगह लेंगे। 61 वर्षीय सिनवार ने 2011 में इजरायल के साथ कैदी अदला-बदली के समझौते में रिहा किए जाने से पहले इजरायल में 20 से ज्यादा साल जेल में बंद रहे। सिनवार को हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हुए भीषण राकेट हमले के प्रमुख साजिश कर्ताओं में से एक माना जाता है। हानिया को 30 जुलाई के दिन ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था, अगले दिन तेहरान में वह अंगरक्षकों समेत मारे गए थे। ईरान ने इजरायल पर हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया था और “कठोर और दर्दनाक प्रतिक्रिया” के तहत बदला लेने की कसम खाई थी।     recent visitors 86