MY SECRET NEWS

Monday, June 15, 2026 1:34 pm
ब्रेकिंग न्यूज

ग्रीनलैंड
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री म्यूट बी. एगेदे ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज की ग्रीनलैंड की यात्रा को "अत्यधिक आक्रामक" करार दिया है। यह बयान तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क के इस स्वायत्त क्षेत्र को अपने कब्जे में लेने की धमकी दी थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ गया है।

उषा वेंस गुरुवार, 27 मार्च को अपने बेटे के साथ ग्रीनलैंड की यात्रा पर जाने वाली हैं। व्हाइट हाउस के एक बयान के अनुसार, यह यात्रा सांस्कृतिक उद्देश्यों के लिए है, जिसमें वह ग्रीनलैंड के राष्ट्रीय डॉगस्लेड रेस, अवन्नाता किमुस्सेरसु को देखेंगी और स्थानीय संस्कृति और एकता का जश्न मनाएंगी। इसके अलावा, माइक वाल्ट्ज और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट भी इस सप्ताह ग्रीनलैंड का दौरा करने वाले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री एगेदे ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों की यह यात्रा केवल दबाव बनाने के लिए की जा रही है और इनकी किसी भी आधिकारिक बैठक के लिए आमंत्रण नहीं दिया गया है।

शक्ति प्रदर्शन कर रहे ट्रंप- डेनमार्क
रविवार को एक अखबार से बातचीत में प्रधानमंत्री एगेदे ने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ग्रीनलैंड में क्या कर रहे हैं? इसका केवल एक ही उद्देश्य है- हम पर अपनी पावर का रौब दिखाना। वे शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "उनकी मौजूदगी मात्र से ट्रंप के अभियान को और समर्थन मिलेगा और हमारे ऊपर दबाव बढ़ेगा।" ट्रंप सरकार ने इस यात्रा को "मित्रता का प्रतीक" करार दिया और दावा किया कि अमेरिकी टीम को ग्रीनलैंड में "आमंत्रित" किया गया था। हालांकि, एगेदे ने इसे खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने उषा वेंस या वाल्ट्ज को किसी भी बैठक के लिए आमंत्रित नहीं किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि ग्रीनलैंड की अखंडता और लोकतंत्र का सम्मान किया जाना चाहिए।

ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नजर, नाटो से समर्थन लेने की कोशिश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जता चुके हैं। अब उन्होंने इस मुद्दे पर नाटो महासचिव मार्क रुटे से भी चर्चा की है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने रुटे से कहा, "मार्क, हमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है… हमारे कुछ 'पसंदीदा खिलाड़ी' वहां के तट के आसपास सक्रिय हैं, और हमें सतर्क रहना होगा।" ट्रंप के इस बयान के बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड में गहरी चिंता देखी जा रही है, क्योंकि डेनमार्क खुद भी नाटो का सदस्य देश है। वहीं, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने अमेरिका की इन योजनाओं को लेकर स्पष्ट नाराजगी जाहिर की है।

14वीं शताब्दी से डेनमार्क के अधीन है ग्रीनलैंड
ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। ये द्वीप 14वीं शताब्दी से डेनमार्क के अधीन रहा है और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है। इसके पास दुर्लभ खनिजों के विशाल भंडार हैं और आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका, रूस और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण यह अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बन गया है। ट्रंप प्रशासन की इस यात्रा से पहले ही डेनिश राष्ट्रीय पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों को ग्रीनलैंड भेज दिया है, जिससे संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका जताई जा रही है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब ग्रीनलैंड की सरकार एक अस्थायी अवधि से गुजर रही है, क्योंकि 11 मार्च को हुए आम चुनाव के बाद नई सरकार का गठन अभी बाकी है। इस संवेदनशील समय में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को ग्रीनलैंड के नेताओं ने "अनादर" का प्रतीक बताया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और डेनमार्क की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

 

Loading spinner
यूजफुल टूल्स
QR Code Generator

QR Code Generator

Age Calculator

Age Calculator

Word & Character Counter

Characters: 0

Words: 0

Paragraphs: 0