Day: August 2, 2024
चौहान ने कहा कांग्रेस को हमेशा शकुनि, चौसर और चक्रव्यूह क्यों याद आते हैं? “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मुरत देखी तिन तैसी.”
नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस को हमेशा शकुनि, चौसर और चक्रव्यूह याद आते हैं. जब हम महाभारत काल में जाते हैं. तब हमें तो कन्हैया याद आते हैं. अनीति और अधर्म किसने किया, ठगी किसने की. कांग्रेस के डीएनए में ही किसान विरोध है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री चौहान शिवराज राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमेशा शकुनि, चौसर और चक्रव्यूह क्यों याद आते हैं? "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मुरत देखी तिन तैसी." शकुनि धोखे और कपट के प्रतीक थे, चौसर में धोखा और चक्रव्यूह में घेर कर मारना होता है. क्या कांग्रेस का असली चेहरा यही है? "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी" जब हम महाभारत काल में जाते हैं तो हमें भगवान श्रीकृष्ण नजर आते हैं, जबकि विपक्ष को छल-कपट और अधर्म के प्रतीक शकुनी तथा चौसर का ध्यान आता है. कर्ज माफी की बात हो रही थी. मैंने शकुनि, चौसर और ठगी का जिक्र किया. कांग्रेस ने अपने केंद्र और राज्य के घोषणापत्र में कई बार कहा कि सरकार में आते ही कर्ज माफ कर देंगे. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में 10 दिन में 2 लाख तक के कर्ज माफ नहीं तो 11वें दिन मुख्यमंत्री हटाने का वादा किया. 'सड़ा हुआ गेहूं खाने को मजबूर किया' उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही कांग्रेस की प्राथमिकताएं गलत रही हैं. हमारे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, मैं उनका आदर करता हूं. वह रूस से एक मॉडल देखकर आए और कहा कि इसे लागू करो. चौधरी चरण सिंह ने कहा कि ये गलत है. 17 साल प्रधानमंत्री रहे, लेकिन क्या हुआ. अमेरिका से सड़ा हुआ लाल गेहूं भारत को खाने पर मजबूर किया गया. शिवराज सिंह ने आगे कहा कि इंदिरा के जमाने में जबरदस्ती लेवी वसूली का काम किया जाता था. भारत आत्मनिर्भर नहीं हुआ. राजीव गांधी ने एग्रीकल्चर प्राइस पॉलिसी की बात जरूर की, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. नरसिम्हा राव की सरकार में भी कृषि से जुड़े उद्योगों की भी डी-लाइसेंसिंग नहीं की. 2004 से 2014 की क्या बात करूं, उस समय घोटालों के देश में जाने जाते थे. भारत की राजनीति में, राजनीतिक क्षितिज पर एक दैदीप्यमान सूर्य का उदय हुआ, जिसने पूरे देश को विश्व से भर दिया- नरेंद्र मोदी. मोदी सरकार ने कृषि की प्राथमिकताएं बदल दीं. 'हमारी हैं छह प्राथमिकताएं' उन्होंने कहा कि हमारी छह प्राथमिकताएं हैं- उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत घटाना, ठीक दाम देना, कृषि का विविधीकरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी धरती सुरक्षित रहे इसके लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का प्रयास. ये सरकार खेती का रोडमैप बनाकर काम कर रही है. कल हमारे मित्र बजट की बात कर रहे थे. 2013-14 में कृषि का बजट 27664 करोड़ रुपये था. ये बढ़कर आज एक लाख 32 हजार करोड़ है. इसमें फर्टिलाइजर, सहकारिता, डेयरी, फिशरीज इन सबको जोड़ दिया जाए तो इसमें 1 लाख 46 हजार 55 करोड़ और जुड़ेगा. जलशक्ति मंत्रालय अलग है जो सिंचाई के प्रबंध में लगा है. उत्पादन बढ़ाना है तो पहली प्राथमिकता सूखे खेतों में पानी पहुंचाने की. बिना पानी के खेती नहीं होगी. कांग्रेस की सरकारों ने कभी उतनी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया. अटल बिहारी वाजपेयी ने रिवर लिंकिंग की बात की. इसे सबसे पहले साकार नरेंद्र मोदी ने गुजरात में किया और हमने मध्य प्रदेश में कई नदियों को जीवित करने का काम किया. PM सिंचाई योजना पर चल रहा है काम: कृषि मंत्री उन्होंने, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जब रिवर लिंकिंग की बात आई और ये कहा गया कि क्या नर्मदा जी को क्षिप्रा जी से जोड़ा जा सकता है, उन्होंने कहा नहीं, ये संभव नहीं है. हमने तय किया कि करके दिखाएंगे और किया. आज केन-बेतवा को जोड़ने की भी मंजूरी दे दी गई है. बाणसागर जैसे अनेकों बांध वर्षों तक पूरे नहीं हुए क्योंकि खेती और किसान प्राथमिकता नहीं था. प्रधानमंत्री सिंचाई योजना पर भी काम चल रहा है और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं पर भी काम चल रहा है. शिवराज ने कहा कि सस्ता खाद मिले, किसान को बेहतर दाम मिले, इसके लिए अनेकों कदम उठाए गए हैं. सस्ता खाद मोदी सरकार देती रहेगी, आश्वस्त करता हूं. पानी पर कई सदस्यों ने चिंता जाहिर की थी. सूक्ष्म सिंचाई योजना लाई गई ड्रिप, स्प्रिंकल के माध्यम से नहर में बहता पानी वाष्पीकरण भी हो जाता है. पिछली सरकार को पानी का महत्व नहीं मालूम था. इस योजना में सरकार ने 23-24 तक 14-15 तक 21 हजार 615 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. उन्होंने मसूर से लेकर चना और तुअर की खरीद तक के आंकड़े गिनाए और कहा कि दलहन में आत्मनिर्भर बनना है और आयात पर निर्भरता समाप्त करना है. 'MSP पर खरीदी जाएंगी फसल' उन्होंने यह भी बताया सरकार ने फैसला किया है कि एमएसपी पर पूरी की पूरी खरीदी जाएगी, जितना भी किसान उत्पादन करेंगे. सुरजेवालाजी कह रहे थे कि पैदा इतना हुआ और खरीदी इतनी. एमएसपी काहें की होती है. एमएसपी के नीचे दाम मिले तो किसान एमएसपी पर बेचेगा. ठीक मिलेगा तो वो एमएसपी पर बेचने आएगा. मध्य प्रदेश में शरबती गेहूं की कीमत है चार हजार, पांच हजार प्रति क्विंटल. क्या वो भी एमएसपी पर ही बिकवाएंगे. हरियाणा का बासमती चावल भी विदेशों में धूम मचा रहा है. गांव में परंपरा है कि कई बार किसान मजदूरों को पैसे नहीं देते, अनाज ही दे देते हैं. पता नहीं उनको खेती से मतलब है कि नहीं है और आंकड़े पढ़ दिए. सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि एमएसपी पर किसान को विवशता में बेचना पड़ेगा. मार्केट जब सपोर्ट नहीं करेगा तब उसे एमएसपी पर बेचना पड़ता है. इसीलिए मुझे कहना पड़ा था कि किसान का क समझने की आवश्यकता है. एमएसपी निरंतर ऊपर चढ़ना चाहिए. इस पर आप काम करेंगे. शिवराज ने कहा कि किसान हमारे लिए वोटबैंक नहीं, भगवान है. यह मानकर ही हम व्यवहार करेंगे. धान की खेती हो या गेहूं की, जब आवश्यकता हुई, सरकार ने की है. उन्होंने धान खरीद … Read more
भारतीय गोल्फर शुभंकर संयुक्त 29वें और भुल्लर संयुक्त 56वें स्थान पर
पेरिस भारतीय गोल्फर शुभंकर शर्मा और गगनजीत भुल्लर की जोड़ी को बृहस्पतिवार को यहां खराब मौसम से प्रभावित ओलंपिक गोल्फ प्रतियोगिता के पहले दिन विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। शर्मा 17 होल तक एक अंडर पर थे लेकिन बिजली गिरने के खतरे के कारण खेल को दूसरी बार रोका गया, उन्होंने एक अंडर 70 का कार्ड खेला जिससे वह 60 गोल्फरों में संयुक्त 29वें स्थान पर रहे। वहीं भुल्लर क्वाड्रपल बोगी के कारण चार ओवर 75 के कार्ड से 56वें स्थान पर रहे। शर्मा फ्रंट नाइन में एक ईगल से तीन अंडर पर थे लेकिन बाद में उन्होंने शॉट गंवा दिए। पहली रूकावट के बाद जब खेल फिर से शुरू हुआ तो शर्मा 15 होल तक दो अंडर पर थे। दूसरी बार जब खेल शुरू हुआ तो शर्मा ने दो और होल खेले और एक बोगी भी गंवा दी जिससे उनका स्कोर 1-अंडर हो गया। बिजली चमकने के कारण दूसरा निलंबन हुआ और शर्मा को एक और होल खेलना था। खेल फिर शुरू हुआ और उन्होंने अंतिम होल में पार से एक अंडर 70 का कार्ड खेला जिससे वह कोलिन मोरीकावा, विक्टर होवलैंड और केटा नाकाजिमा के साथ संयुक्त 29वें स्थान पर थे। recent visitors 130
सुनार की दूकान में चोरी कर भाग रहा था युवक, संचालक ने पकड़कर पुलिस को सौंपा
बिलासपुर जुआ और सट्टे में हारकर युवक कर्जे में डूब गया। कर्ज से उबरने युवक ने लूट की योजना बना ली। कोरबा जिले के पाली से आकर उसने सरकंडा के सीपत रोड स्थित ज्वेलरी दुकान में लूट की कोशिश की। इसमें वह सफल नहीं हो पाया। उल्टे लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की। साथ ही उसे पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। आभूषण खरीदी के बहाने आया युवक सरकंडा के सीपत रोड स्थित कृष्णा ज्वेलर्स के संचालक हर्ष सोनी अपनी मां अंजू सोनी के साथ गुरुवार की सुबह दुकान पर थे। इसी दौरान एक युवक खरीदी के बहाने उनकी दुकान पर आया। उसने सोने के आभूषण दिखाने के लिए कहा। दुकान संचालक ने जैसे ही आभूषण निकालकर काउंटर पर रखा युवक उसे झपटकर भागने लगा। अचानक हुई इस घटना से दुकान संचालक हड़बड़ा गया। वे शोर मचाते हुए लूटेरे के पीछे भागने लगे। इधर आसपास के लोगों ने भी आभूषण लूटकर भाग रहे युवक को दौड़ाया। थोड़ी ही दूर पर लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों की भीड़ ने युवक की पिटाई की। इसके बाद उससे आभूषण लेकर घटना की सूचना पुलिस को दी। इस पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। कर्ज से उबरने के लिए लूट की योजना प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि युवक का नाम अतुल दास निवासी पाली है। युवक जुआ और सट्टे में मोटी रकम हार चुका है। इसके कारण वह कर्ज में डूबा है। कर्ज से उबरने के लिए उसने लूट की योजना बनाई थी। वह अपनी बाइक पर शहर आया था। लूट की घटना को अंजाम देते समय वह लोगों की पकड़ में आ गया। पुलिस उससे पूछताछ कर और भी घटनाओं में शामिल होने की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल दुकान संचालक ने जुर्म दर्ज नहीं कराया है। दुकान संचालक ने दिखाई हिम्मत, आसपास के लोगों ने किया सहयोग दुकान में ग्राहक बनकर आया युवक अचानक ही जेवर लेकर भागने लगा। इसे देख दुकान संचालक हर्ष सोनी शोर मचाते हुए उसके पीछे भागने लगे। इसे देख आसपास के लोग भी लूटेरे युवक के पीछे भागने लगे। दुकान संचालक ने जिस तरह से हिम्मत दिखाते हुए लुटेरे का पीछा किया इससे वह कुछ दूर ही भाग पाया। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उसे पकड़ लिया गया। लूट के जेवर युवक के पास से मिल गए। मामले में शिकायत दर्ज कर लिया गया है। recent visitors 103
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने एक दर्जन से अधिक निजी स्कूलों को दिया झटका
जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने एक दर्जन से अधिक निजी स्कूलों को झटका दे दिया। क्राइस्ट चर्च स्कूल, सेंट अलायशियस स्कूल, स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल, ज्ञानगंगा आर्चिड्स इंटरनेशनल स्कूल, सेंट जान्स स्कूल, दमोह सहित कई स्कूलों ने याचिका दायर कर कहा था कि जिला कमेटी की ओर से उनके स्कूल की फीस निर्धारित की गई है और बढ़ाई गई फीस वापस करने का निर्देश दिया गया है। स्कूल की फीस का निर्धारण जिला कमेटी नहीं कर सकती जिला कमेटी को यह अधिकार नहीं है कि वह स्कूल की फीस का निर्धारण करे। इसके अलावा उक्त कार्रवाई के पहले उन्हें सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया गया। इसलिए हाई कोर्ट का हस्तक्षेप अपेक्षित है। इसके विरोध में राज्य शासन की ओर से उप महाधिवक्ता ब्रम्हदत्त सिंह ने दलील दी। उप महाधिवक्ता ने कहा कि मप्र निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम-2020 की विभिन्न धाराओं में यह प्रविधान है कि स्कूल को पिछले तीन वर्ष का आय-व्यय का ब्यौरे के साथ-साथ यह बताना आवश्यक है कि फीस कितनी बढ़ाई है। जब स्कूलों द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तब उन्हें नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं दिया, पर्याप्त अवसर दिया नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाते हुए नियमविरुद्ध बढ़ाई गई फीस वापसी का आदेश जिला कमेटी द्वारा किया गया। आदेश जारी करने के पहले स्कूलों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर भी प्रदान किया गया था। याचिकाकर्ता निजी स्कूलों के पास जिला कमेटी के आदेश के विरुद्ध राज्य समिति के समक्ष अपील के प्रविधान का विकल्प खुला है। recent visitors 93
महानदी में 20 किमी बहकर छत्तीसगढ़ से ओडिशा पहुंची महिला, मछुवारो ने बचाई जान
रायगढ़ छत्तीसगढ़ में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश जारी है. जिसके चलते नदियां और नाले उफान पर हैं. ऐसे में बुधवार को बाढ़ में एक 35 वर्षीय मानसिक रूप से अवस्थ महिला उफनती नदी में 20 किलोमीटर बह गई और उसे पड़ोसी राज्य ओडिशा में मछुआरों ने बचा लिया. इस बात की जानकारी पुलिस ने न्यूज एजेंसी भाषा को दी. पति से अलग रह रही थी महिला घटना के संबंध में जानकारी देते हुए सारंगढ-बिलाईगढ़ के पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा ने बताया कि चमत्कारिक रूप से बच निकलने के बाद सरोजनी चौहान को सारंगढ-बिलाईगढ़ जिले के सरिया इलाके में उसके घर वापस लाया गया. इसके बाद पड़ोसी रायगढ़ जिले के अस्पताल में भर्ती कराया गया. चौहान अपने पति से अलग हो गई थी और सरिया के पोरथ गांव में अपने माता-पिता के साथ रह रही थी. मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उसका इलाज चल रहा था और उसके परिजनों ने उसके पैरों में बेड़ियां डाल दी थीं, क्योंकि वह अक्सर बिना किसी को बताए घर से निकल जाती थी. परिजनों की माने तो वह बुधवार की रात महानदी के किनारे स्थित अपने घर में लगे सब्जी के खेत में शौच के लिए गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. रेस्क्यू के बाद मछुआरों ने महिला को पुलिस को सौंपा जिसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिली. इसी बीच गुरुवार की सुबह उसे ओडिशा के रेंगाली पुलिस स्टेशन क्षेत्र के परसादा गांव में कुछ मछुआरों ने नदी से बचा लिया. इसके बाद मछुआरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.एसपी ने कहा कि सारंगढ़ से एक पुलिस दल उसे परसादा से सरिया वापस ले आया और वह अब अस्पताल में है. हालांकि, उसके परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज नहीं कराई है और मामले में अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं लग रहा है. फिर भी मामले की जांच की जा रही है. recent visitors 92
पेरिस के मेयर ने युद्ध के दौरान एकजुटता दिखाते हुए यूक्रेन के ओलंपिक एथलीटों का सम्मान किया
पेरिस पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने 2024 ओलंपिक के दौरान एकजुटता दिखाने के लिए यूक्रेन के खिलाड़ियों को फ्रांस की राजधानी के सर्वोच्च गौरव ‘ग्रैंड वर्मील’ पदक से सम्मानित किया। हिडाल्गो ने कहा, ‘‘मैं आज आपके दुख और गर्व दोनों की कल्पना कर सकती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह जानकर दुख हुआ कि आपके देश पर अभी भी हमला हो रहा है और वह युद्ध में है। आपके कई दोस्त, आपके रिश्तेदार अग्रिम पंक्ति में हैं और लड़ रहे हैं।’’ यूक्रेन की नौकायन खिलाड़ी अनास्तासिया कोजेनकोवा और डाइविंग खिलाड़ी ओलेक्सी सेरेडा ने देश के सभी खिलाड़ियों की ओर से पदक प्राप्त किये। इन दोनों ने पहले ही अपनी ओलंपिक प्रतियोगिताएं समाप्त कर ली हैं। उन्होंने यूक्रेन के अन्य एथलीटों के एक समूह का नेतृत्व किया, जो पेरिस के भव्य सिटी हॉल में स्वागत समारोह में शामिल हुए थे। यूक्रेन के लिए इस ओलंपिक में पदक जीतने वाले दोनों खिलाड़ी इस समारोह में मौजूद नहीं थे। recent visitors 103