मूवी रिव्यू: औरों में कहां दम था

अजय देवगन और तब्बू जैसे नामी सितारों से सजी फिल्म 'औरों में कहां दम था' को पहले इसी साल अप्रैल के महीने में रिलीज किया जाना था, लेकिन लोकसभा चुनावों के कारण फिल्म टल गई। दोबारा फिल्म की रिलीज डेट 5 जुलाई घोषित की गई, लेकिन अबकी बार निर्माताओं ने प्रभास की फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' के धमाकेदार प्रदर्शन से घबराकर फिल्म को पोस्टपोन कर दिया। आखिरकार इस फिल्म को इस हफ्ते बिना किसी प्रमोशन के रिलीज कर दिया गया। बड़े सितारों की मौजूदगी के बावजूद इस फिल्म के लिए महज 7 हजार लोगों ने एडवांस बुकिंग की, वहीं सुबह के शोज में भी चुनिंदा दर्शक ही सिनेमा पहुंचे। 'औरों में कहां दम था' की कहानी यह लवस्टोरी फिल्म साल 2001 से 2024 के पीरियड में एक कपल कृष्णा (अजय देवगन) और वसुधा (तब्बू) की मोहब्बत की दास्तान कहती है। मुंबई की एक चॉल में एक-दूसरे के पड़ोसी कृष्णा और वसुधा एक दूसरे को बेहद चाहते हैं। कृष्णा को कंपनी की ओर से जर्मनी जाने का ऑफर मिला है। वे दोनों अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहे हैं। कुछ दिनों पहले कृष्णा का अपने ही इलाके में रहने वाले कुछ बदमाशों से झगड़ा हुआ था। उसे सबक सिखाने के लिए वे बदमाश एक रात अकेली घर लौट रही वसुधा को निशाना बनाते हैं। वसुधा की चीख सुनकर कृष्णा वहां पहुंचता है और गुस्से में दो बदमाशों को मौत के घाट उतार देता है। कृष्णा को उम्र कैद की सजा हो जाती है। वसुधा अब कृष्णा की रिहाई का इंतजार करना चाहती है, लेकिन वह उसे किसी ओर से शादी करने के लिए मना लेता है। अच्छे व्यवहार की वजह से कृष्णा की सजा दो साल कम हो जाती है। जेल से बाहर आने पर उसका सामना वसुधा से होता है। अभिजीत (जिमी शेरगिल) से शादी कर चुकी वसुधा आज भी कृष्णा को भुला नहीं पाई है। लेकिन अब कहानी में आगे क्‍या होता है, इस लव स्टोरी का अंजाम जानने के लिए आपको सिनेमाघर जाना होगा। 'औरों में कहां दम था' मूवी रिव्‍यू फिल्म 'औरों में कहां दम था' के डायरेक्टर और राइटर नीरज पांडे को अपनी शानदार थ्रिलर फिल्मों के लिए जाना जाता है। पहली बार रोमांटिक जॉनर में उतरे नीरज ने रोमांस में भी थ्रिलर का एंगल डालने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अफसोस कि इस चक्कर में वह रोमांस और थ्रिलर में उलझकर रह गए। खासकर फिल्म की कहानी बेहद कमजोर है। फिल्म की शुरुआत ठीकठाक अंदाज में होती है और कृष्णा-वसुधा की लव स्टोरी आपको एक खूबसूरत फिल्म की उम्मीद जगाती है, वहीं जेल में सजा काट रहे अजय देवगन की चुप्पी किसी रहस्य की ओर इशारा करती है। लेकिन इस दौरान फिल्म की धीमी रफ्तार और बार- बार आने वाले गाने आपके सब्र का इम्तहान लेते हैं। इंटरवल तक बतौर दर्शक आप किसी चमत्कार की उम्मीद में फिल्म देखते हैं। लेकिन उसके बाद बार-बार रिपीट होने वाले दृश्य आपकी सारी उम्मीदें तोड़ देते हैं। फिल्म के क्लाईमैक्स में करीब ढाई घंटे के बाद आप खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। बात अगर एक्टिंग की करें तो अजय देवगन और तब्बू ने अपनी रहस्यमयी चुप्पी से फिल्म में जान डालने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन हकीकत में फिल्म में उनसे ज्यादा फुटेज उनके जवानी के किरदारों को मिली है। उनकी जवानी के दिनों के किरदार में नजर आए शांतनु माहेश्वरी और सई मांजरेकर की जोड़ी पर्दे पर खूब जंचती है। खासकर शांतनु ने पर्दे पर कमाल की एक्टिंग की है। लवर बॉय से लेकर एंग्री यंग मैन तक के शेड्स में वह जमे हैं। चुनिंदा दृश्यों में नजर आए जिमी शेरगिल भी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं। लेकिन अफसोस कि कमजोर कहानी के कारण किरदारों की मेहनत बेकार चली गई। लव स्टोरी फिल्म में बेहतरीन म्यूजिक की काफी गुंजाइश होती है, लेकिन इस फिल्म का संगीत कुछ खास नहीं है। फिल्म की सिनेमटोग्रफी और बैकग्रांउड स्कोर भी औसत है। क्‍यों देखें- अगर आप लव स्टोरी वाली फिल्मों के शौकीन हैं, अजय देवगन और तब्बू के फैन हैं तो इस फिल्म का टिकट कटा सकते हैं। वरना इस फिल्म में ऐसा कुछ खास नहीं है, जिसके लिए आप पैसे खर्च करें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 124

होमोसेक्शुअल जैसे हैं खुद को स्वीकारकर उसी रूप में सामने आना चाहिए, उन्हें खुद को बदलने की जरूरत नहीं- कंगना

मुंबई कंगना रनौत पेरिस ओलिंपिक्स में हुए महिला-'पुरुष' बॉक्सिंग मैच विवाद पर काफी नाराज हैं। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर कुछ पोस्ट लिखे हैं। उनका कहना है कि वह होमोसेक्शुअल लोगों को पसंद करती हैं। वे लोग जैसे हैं वैसे रह सकते हैं उन्हें खुद को बदलने की जरूरत नहीं है। कंगना ने यह भी लिखा कि उनके कई दोस्त होमोसेक्शुअल हैं और वे जैसे हैं वैसे ही नाम कमा रहे हैं। पुरुष का जनाना बनना अजीब है कंगना ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर लिखा है, तो बेसिकली वोक रिलेशनशिप (होमोसेक्शुअल रिलेशनशिप) होने के लिए एक पार्टनर को फीमेल रोल और दूसरे को मेल रोल प्ले करना जरूरी है। वे वही मेल-फीमेल का रोल निभाना पसंद करते हैं साथ ही सामान्य महिला को मसक्युलिन बनना और पुरुष को फेमनिजम के नाम पर जनाना बनना… अजीब है!! ईमानदारी से कहूं तो मुझे होमोसेक्शुअल लोग पसंद हैं। मेरे कुछ करीबी दोस्त होमोसेक्शुअल हैं और वे बेहद टैलेंटेड और बहुत काबिल हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उन्हें दूसरे स्वीकारें इसके लिए किसी की नकल करने की जरूरत है। रखना चाहिए कम्युनिटी का मान कंगना आगे लिखती हैं, उन्हें महिला या पुरुष की नकली कॉपी बनने की जरूरत नहीं। वे बेहद काबिल हैं, उन्हें वैसे ही सामने आना चाहिए जैसा ईश्वर ने उन्हें बनाया है। उन्हें अपने असली रूप से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए, उन्हें खुद को स्वीकारना चाहिए और हर क्षेत्र में चमक बिखेरने पर फोकस करना चाहिए। उन्हें घटिया या सेक्शुअल नहीं बनना चाहिए। उन्हें अपनी कम्युनिटी का मान रखना चाहिए। वे बेहतर के हकदार हैं और हमें उनके लिए सुरक्षित दुनिया बनानी चाहिए। वे जैसे हैं वैसे रह सकते हैं और बराबरी के मौके पा सकते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 116

कुएं में घुटा दम, हथौड़ी निकालने उतरे पिता-पुत्र सहित चार की जहरीली गैस से मौत, पुलिस ने निकाले चारों के शव

 छतरपुर  मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक बड़ा हादसा हुआ है। घर के भीतर बने पुराने कुएं में चार लोग हथौड़ी निकालने के लिए उतरे थे। कुएं में उतरे सभी लोगों की एक-एक कर मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि चारों लोग कुएं की सफाई कर हथौड़ी की तलाश कर रहे थे। दम घुटने की वजह से सभी की मौत हुई है। सालों से उस कुएं की सफाई नहीं हुई थी। मृतकों में एक ही परिवार के 3 पिता-पुत्र और भतीजे की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि कुएं में जहरीली गैस का रिसाव हो रहा था। सभी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना गड़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्राहा की है। मृतकों के नाम अल्ताफ, मुन्ना कुशवाहा, असलम और बशीर है। जानें कैसे हुई घटना जानकारी के मुताबिक, कुछ मजदूर कुएं के ठीक पास बन रहे मकान में काम कर रहे थे। कारीगर मुन्ना कुशवाहा (45) के हाथ से हथौड़ी छूटकर कुएं में गिर गई। हथौड़ी को लेने मुन्ना कुएं में उतरा। लौट कर नहीं आया। इसके बाद मकान मालिक शेख वसीर (60) कुएं में उतरा। वो भी लौटकर नहीं आया। शेख वसीर का बेटा शेख असलम (37) और भतीजा अलताब (21) भी कुएं में गए। वे भी लौटकर नहीं आए। चारों की मौत हो गई। सुबह 9 बजे हुआ हादसा कुर्राहा गांव निवासी शेख वशीर के घर पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह 9 बजे निर्माण कार्य के दौरान 45 वर्षीय मिस्त्री मुन्नालाल कुशवाहा के हाथ से हथौड़ी संकरे कुएं में गिर गई। मुन्ना लाल पिता रामदयाल हथौड़ी उठाने कुएं में उतरा, लेकिन 15 मिनट तक लौटकर नहीं आया और न ही आवाद देने पर कोई जवाब दे रहा था। तब 60 वर्षीय शेख वशीर पिता शेख रज्जाक कुएं में उतरे, लेकिन वे भी लौटकर नहीं आए, तो दोनों को देखने के लिए शेख वशीर के 37 वर्षीय पुत्र शेख असलम कुएं में उतरे, लेकिन वे भी लौटकर नहीं आए। तब इसी परिवार के 21 वर्षीय शेख अल्ताफ पिता शेख मुस्लिम भी कुएं में उतरे लेकिन वे भी लौटकर नहीं आए। न ही आवाज देने पर कोई रिप्लाई दे रहा था। मौके पर पहुंची सिर्फ पुलिस घबराकर परिजनों ने पुलिस व एंबुलेंस को फोन लगाया। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कुएं में जहरीली गैस की आशंका में फिर कोई कुएं में नहीं उतरा। पुलिस व ग्रामीणों ने कुएं से बाल्टी निकालते में इस्तेमाल होने वाले कांटे की मदद से चारों को वेसुध हालात में बाहर निकाला और तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचते तक 10.30 बज गए। ड्यूटी डॉक्टर आशीष शुक्ला ने चेकअप कर सभी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि किसी जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मौत हुई है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर मौत की वजह साफ हो पाएगी। परिजन रसीद खान ने बताया कि एंबुलेंस व पुलिस को फोन किया, पुलिस तो आ गई, लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। चारों को निकालकर जिला अस्पताल में लाने में समय लग गया। जिससे चारों की मौत हो गई। 10 साल से ढका था कुंआ शेख वशीर के घर के आंगन में स्थिति संकरा कुंआ सूखा होने के कारण पिछले दस साल से ढका हुआ था। निर्माण कार्य के दौरान कुएं को ढकने के लिए रखी चीप खिसक गई। जिससे उसमें जगह बनने से कारीगर की हथौड़ी फिसलने पर कुएं में जा गिरी। इसी हथौड़ी को निकालने के लिए कारीगर उतरा और उसके बाद एक-एक कर तीन और लोग उतरे, जिनकी मौत हो गई। पूरा गांव हो गया इकट्‌ठा चारों काफी देर तक जब कुएं से बाहर नहीं आए तो घर के अंदर से कुछ अन्य लोग बाहर निकले। आसपास के लोगों को बुलाया और चीख-पुकार मच गई। गांव के लोगों की भीड़ मौके पर लग गई। 100 डायल और एंबुलेंस को फोन किया। पुलिस पहुंची और चारों शवों को कुएं से बाहर निकलवाया। बताया जा रहा है कि तीन साल पहले कुआं चीप से बंद कर दिया था। कुएं में जहरीली गैस के कारण दम घुटने से 4 लोगों की मौत गई।   कटनी में हुई थी चार किसानों की मौत सात दिन पहले कटनी में ऐसी ही घटना हुई थी। 26 जुलाई को सबमर्सिबल पंप डालने कुएं में उतरे चार किसानों की जहरीली गैस से मौत हुई थी। चाचा-भतीजा सहित चार की दम घुटने से हुई मौत के बाद गांव में हड़कंप मच गया था। पुलिस और एनडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर सभी को बाहर निकाला था। दर्दनाक घटना कटनी के जुहली गांव में हुई थी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 118

केदारनाथ में फंसे MP के 51 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकला, सभी यात्री सुरक्षित

भोपाल उत्तराखंड में मौसम खराब होने की वजह से चारधाम यात्रा पर गए एमपी के लोग फंस गए थे. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात की, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि चारधाम की यात्रा के दौरान केदारनाथ में फंसे मध्य प्रदेश के 61 यात्रियों में से 51 यात्रियों को आज एयरलिफ्ट कर सुरक्षित रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया है. शेष 10 यात्री केदारनाथ में ही सुरक्षित स्थान पर हैं. CM यादव ने बताया कि शिवपुरी के बदरवास क्षेत्र के कुल 61 लोग एक बस और अन्य चार पहिया वाहन लेकर केदारनाथ दर्शन के लिए गए थे, जो भूस्खलन के कारण वहां फंस गए. राज्य सरकार ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क कर उन्हें एयरलिफ्ट कराया और 51 यात्रियों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया है. शेष यात्री केदारनाथ क्षेत्र में ही हैं और सुरक्षित हैं. राज्य सरकार उत्तराखंड सरकार के सतत संपर्क में है. राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी यात्री को कोई कष्ट न हो. हमारी धार्मिक यात्रा के दौरान वर्षाजनित कठिनाइयों के कारण यह घटना हुई है. सभी यात्री कुशलक्षेम हैं. राज्य सरकार ने उत्तराखंड सरकार से संपर्क कर उन्हें एयरलिफ्ट कराया और 51 यात्रियों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर रुद्रप्रयाग पहुंचाया गया हैं। शेष यात्री केदारनाथ क्षेत्र में ही  हैं और सुरक्षित है। राज्य सरकार उत्तराखंड सरकार के सतत संपर्क में है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी यात्री को कोई कष्ट न हो। हमारी धार्मिक यात्रा के दौरान वर्षाजनित कठिनाइयों के कारण यह घटना हुई है। सभी यात्री कुशलक्षेम है। हेलीकॉप्टर के जरिए रूद्रप्रयाग पहुंचे 51 लोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी यात्री को कोई कष्ट न हो। हमारी धार्मिक यात्रा के दौरान वर्षा जनित कठिनाइयों के कारण यह घटना हुई है। सभी यात्री कुशल क्षेम हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गुरुवार को उत्तराखंड के अधिकारियों की मदद से राज्य के 51 लोगों को केदारनाथ मंदिर से हवाई मार्ग से निकालकर रुद्रप्रयाग पहुंचाया। यादव ने बताया कि केदारनाथ में दस और लोग फंसे हुए हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। यादव ने कहा, “जैसे ही हमें उनके बारे में जानकारी मिली, हमने तुरंत उत्तराखंड सरकार से संपर्क किया और फंसे हुए कुल 61 लोगों में से 51 को हेलीकॉप्टर के जरिए रुद्रप्रयाग पहुंचाया।” Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 116

कई सिविल सेवा उम्मीदवार आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए विषम हालात में रहते हैं, संघर्ष की कहानी

नई दिल्ली छोटे-छोटे, खिड़की रहित कमरों में पेइंग गेस्ट के तौर पर रहने वाले, सिविल सेवा अभ्यर्थियों की आंखों में पलता यह सपना उन्हें राहत देता है कि एक दिन उनका भी आएगा जब वे अफसर बन जाएंगे और अपनी पसंदीदा जिंदगी जिएंगे। ओल्ड राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में अचानक पानी भरने से तीन सिविल सेवा अभ्यर्थियों की मौत की घटना ने उन खराब परिस्थितियों को उजागर किया है जिसमें कई सिविल सेवा उम्मीदवार आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए विषम हालात में रहते हैं। ओल्ड राजेंद्र नगर हो या मुखर्जी नगर, दिल्ली के विभिन्न कोचिंग केंद्र की कहानी एक जैसी ही है। पिछले डेढ़ साल से राजेंद्र नगर में ग्राउंड फ्लोर पर एक कमरे में रह रहे उत्तर प्रदेश के एक सिविल सेवा अभ्यर्थी ने कहा, ‘‘राजेंद्र नगर और मुखर्जी नगर में लगभग हर मकान के मालिक ने अपने घर को पेइंग गेस्ट आवास में बदल दिया है।'' मुखर्जी नगर में एक कोचिंग सेंटर में कक्षाएं लेने वाले 28 वर्षीय यूपीएससी अभ्यर्थी ने कहा कि छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा है और जगह कम है इसलिए गरीब परिवारों के लोगों के पास रहने के लिए बहुत कम विकल्प हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अच्छे पैसे कमाने के लिए पीजी के मालिक एक बड़े कमरे को पर्दे से अलग अलग हिस्से में बांट देते हैं। ऐसे कमरों में करीब पांच से छह छात्र रहते हैं।'' आम तौर पर इन हालात में छात्र सोचते हैं ‘‘अभी झेल लो, एक बार नौकरी लग गई, तो आगे पीछे नौकर-चाकर होंगे।'' शहर के दो कोचिंग केंद्रों में रहने वाले कई सिविल सेवा अभ्यर्थियों का कहना है कि वे बिना खिड़की वाले बेसमेंट में रहते हैं, जो हर बार भारी बारिश होने पर पानी से भर जाते हैं। उनका कहना है कि ऐसे कमरों की कीमत ग्राउंड फ्लोर या ऊपरी मंजिलों के कमरों की तुलना में आधी है। एक अन्य सिविल सेवा अभ्यर्थी ने कहा ‘‘अगर कोई ग्राउंड या ऊपरी मंजिलों पर रहना चाहता है, तो उसे कम से कम 25,000 से 30,000 रुपये प्रति माह खर्च करने होंगे। जो लोग बेसमेंट में रह रहे हैं, उन्हें लगभग 15,000 से 20,000 रुपये प्रति माह देने पड़ रहे हैं। खतरा तो है लेकिन पैसे बच जाते हैं।'' ओल्ड राजेंद्र नगर में एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में बारिश के कारण पानी भर जाने से सिविल सेवा के तीन अभ्यर्थियों की मौत की घटना बाद छात्रों ने कहा कि वे ऐसे बेसमेंट में रहकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। इसके बावजूद वे संघर्ष का महिमामंडन करते हैं। एक छात्र ने कहा, ‘‘यह सिविल सेवाओं का आकर्षण है कि ऐसी समस्याओं को नजर अंदाज कर दिया जाता है।'' न केवल पीजी में भीड़ है बल्कि कक्षाओं का भी यही हाल है। उचित सुविधाएं नहीं होने के बावजूद छात्रों की संख्या बढ़ती ही जाती है। कक्षा में 100 छात्र होने पर भी मालिक 120 से 125 से अधिक छात्रों को समायोजित करने का प्रयास करते हैं। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र ने कहा, ‘‘जो लोग बैठने या कक्षा में आने में असमर्थ हैं, उन्हें रिकॉर्ड की गई वीडियो सामग्री दी जाती है जिसका वे बेसमेंट की लाइब्रेरी में बैठ कर अध्ययन करते हैं।'' बेसमेंट को पीजी के रूप में किराए पर देना गैरकानूनी है, क्योंकि दिल्ली के मास्टर प्लान (एमपीडी) 2021 में ऐसी जगहों का केवल भंडारण, पार्किंग और उपयोगिता क्षेत्रों के तौर पर उपयोग करने की अनुमति है। असम के एक अन्य आईएएस अभ्यर्थी ने कहा, ‘‘अचानक सरकार सख्त हो गई है, लेकिन यह सिर्फ़ कुछ समय की बात है क्योंकि एक घटना घटी है। हकीकत में कुछ भी लागू नहीं किया जाएगा। समस्या ऐसी ही रहेगी। यह स्थिति सिर्फ़ राजेंद्र नगर के कोचिंग संस्थान तक सीमित नहीं है। सभी की समस्या एक जैसी है।''   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 187

एससी और एसटी कोटे में भी वर्गीकरण होना चाहिए क्योंकि यह एकरूपता वाला समाज नहीं -SC

नई दिल्ली अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण में उप-वर्गीकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला दिया। शीर्ष अदालत की 7 जजों की बेंच ने साफ कहा कि एससी और एसटी कोटे में भी वर्गीकरण होना चाहिए क्योंकि यह एकरूपता वाला समाज नहीं है। इसमें शामिल जातियों की भी अलग-अलग समस्याएं और उन्हें जिस भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उसकी प्रकृति में भी अंतर है। यही नहीं बेंच में शामिल 7 में से 4 जजों ने एससी और एसटी कोटे में भी क्रीमी लेयर की वकालत की। उन्होंने कहा कि आरक्षण एक पीढ़ी के लिए ही होना चाहिए। एक बार यदि किसी को आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी मिल जाती है तो वह जनरल कैटिगरी के स्तर पर आ जाता है। ऐसे में आरक्षण का लाभ पाने वाले लोगों की दूसरी पीढ़ी को क्रीमी लेयर के दायरे में लाना चाहिए। बेंच में शामिल एकमात्र दलित जज जस्टिस बीआर गवई ने कहा आरक्षण का सही उद्देश्य है कि देश में समानता को समझा जाए। असमानता वाले समूह में आखिर कैसे सबको एकसमान माना जाता है। इस दलील के आधार पर बेंच ने कहा कि एससी और एसटी में भी क्रीमी लेयर को लागू करना चाहिए। जस्टिस गवई ने कहा, 'सरकार को क्रीमी लेयर की पहचान करने के लिए कोई नीति बनानी चाहिए और लाभ पा चुके लोगों को उससे बाहर करना चाहिए। समानता को पाने का यही एकमात्र तरीका है।' एक दलित IAS के बेटे की तुलना उसी समाज के गरीब से नहीं हो सकती जस्टिस बीआर गवई ने अपने लंबे फैसले में कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि किसी दलित आईएएस, आईपीएस अथवा अन्य किसी अधिकारी के बच्चे की तुलना गरीब परिवार की संतान से नहीं की जा सकती, जो ग्राम पंचायत या फिर जिला परिषद के स्कूल में पढ़ता हो। उन्होंने कहा कि एससी और एसटी कोटे में भी वर्गीकरण का विरोध करना ऐसे ही है, जैसे ट्रेन के जनरल कोट में संघर्ष होता है। उन्होंने कहा कि जनरल कोच में ऐसा होता है कि जो पहले बाहर रहता है, वह भीतर आने के लिए संघर्ष करता है। इसके बाद वह जब भीतर आ जाता है तो फिर हरसंभव प्रयास करता है कि बाहर वाला न आने पाए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 109

आशु की गिरफ्तारी पर कांग्रेस की चुप्पी, जानें किस मामले में लिया एक्शन

 लुधियाना  प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पंजाब के लुधियाना में वरिष्ठ कांग्रेस नेता भारत भूषण से मनी टेंडर मामले में नौ घंटे पूछताछ की। स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर उनको गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस नेता के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी को लेकर ईडी अधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि "मनी लांड्रिंग टेंडर घोटाले के तहत भारत भूषण आशु को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, इसके कारण उनकी गिरफ्तारी हुई है। भारत भूषण आशु को मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है।" पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु को प्रवर्तन निदेशालय से समक्ष पेश होने के लिए दो दिन पहले ही नोटिस जारी किया गया था। गुरुवार को वो सुबह 10.30 बजे ईडी दफ्तर में पेश हुए। यहां पर उनसे नौ घंटे पूछताछ चली। ईडी अधिकारियों ने उनसे मनी टेंडर घोटाले से जुड़े सवाल किए। देर शाम उनको गिरफ्तार कर लिया गया और मेडिकल कराने के लिए जालंधर के सिविल अस्पताल लाया गया। बता दें कि भारत भूषण आशु पूर्व में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के प्रभारी थे। इस दौरान इन पर करीब दो हजार करोड़ रुपए के टेंडरों में घोटाले का आरोप लगा था। प्रदेश की मंडियों में लेबर और ट्रांसपोर्टेशन के टेंडरों में बड़ी मात्रा में अनियमितता पाई गई थी। उस दौरान जांच में ईडी को करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज और करीब 30 लाख रुपये नकदी मिले थे। ट्रांसपोर्टेशन और सप्लाई के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप जब इस मामले की जांच शुरू हुई तो यह पाया गया कि ट्रांसपोर्टेशन और सप्लाई के नाम पर कई फर्जी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया था. इस मामले में विजिलेंस ने कोर्ट में चलान पेश किया था, जिसके बाद ईडी ने इस मामले की जांच शुरू की. जांच में यह पाया गया कि अनाज मंडियों में नकली नंबर पलेट लगाकर माल की ढुलाई की गई थी. आरोपियों ने जो नंबर प्लेट दिखाए थे, वे स्कूटर, मोटरसाइकिल व थ्री व्हीलर के थे, जिससे माल की ढुलाई नहीं की जा सकती है. करीब 2 महीने पहले इस मामले में पंजाब के कुछ ट्रांसपोर्ट मालिकों पर भारत भूषण आशु को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा था, जिसके बाद कुछ गिरफ्तारियां भी हुई थी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 156