Wednesday, July 8, 2026 6:53 am

लुटेरी पत्नी को तलाश रहा युवक, राजस्थान-झुंझुनू में 25 लाख और गहने लेकर दुल्हन फरार

झुंझुनू. राज्य में एक बार फिर से लुटेरी दुल्हन का गैंग एक्टिव हो गया है, जो कमजोर और उम्रदराज लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। ताजा मामला झुंझुनू जिले का है, जहां 25 लाख कैश समेत लाखों के जेवरात लेकर भाग जाने की खबर है। जानकारी के अनुसार बुहाना इलाके के कुहाड़वास गांव में शादी के महज एक महीने बाद लुटेरी दुल्हन 25 लाख रुपये समेत लाखों के जेवरात लेकर फरार हो गई। पीड़ित घनश्याम शर्मा ने पंजाब से ब्याह कर लाई गई अपनी पत्नी सहित 5 लोगों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। युवक ने बताया कि 25 फरवरी को पंजाब के मलेरकोटला में आशु नाम की युवती से उसकी शादी हुई थी। सगाई से लेकर शादी तक आशु के परिचित अमन कौर, गुरसेवक प्रिंस एवं कुलजिंदर कौर ने आर्थिक स्थिति ठीक न होने के नाम पर सोने-चांदी के आभूषण सहित 25 लाख हड़प लिए। इन लोगों ने घनश्याम से ज्यादातर पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए थे। इसके बाद शादी के भीतर ही आशु ससुराल से फरार हो गई। इसके बाद से दुल्हन समेत उसके परिचितों के फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं। पीड़ित युवक का कहना है कि आशु को उसके रिश्तेदार नहीं भेज रहे हैं और जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। वहीं पत्नी को भेजने के लिए चार लाख रुपये की और डिमांड की जा रही है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि केवल झुंझुनू ही नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी इस तरह के कई गैंग एक्टिव हैं, जो उम्रदराज युवकों को अपने जाल में फंसाते हैं और रुपये ऐंठकर फरार हो जाते हैं। इनके पास प्रोफेशनल वकील भी होते हैं, जो कई बार कोर्ट में गलती के बावजूद अपना पक्ष मजबूत रखते हैं। recent visitors 107

कांग्रेस ने 500 करोड़ वसूली का लगाया आरोप, छत्तीसगढ़-रायपुर DEO दफ्तर से प्राइवेट स्कूलों की फाइलें गायब

रायपुर. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर के मान्यता शाखा से प्राइवेट स्कूलों के मान्यता संबंधित कई शासकीय फाइलें गायब हो गई हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप है कि आरटीइ और महंगे फीस वसूली के शासकीय दस्तावेजों को विभाग के मान्यता अधिकारी ने गायब कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर को एसपी को एफआईआर करने के लिए ज्ञापन सौंपा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी का आरोप है कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी और प्राइवेट स्कूलों के मिलीभगत से निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार 2009 के तहत प्रदेश में गरीब बच्चों का हक छीना जा रहा है। जरूरतमंद छात्रों के स्थान पर बड़े घर के बच्चों को एडमिशन दिया जा रहा है। बिना फी नियामक 2020 लागू हुए प्राइवेट स्कूल संचालक मनमाना फीस वसूल रहे हैं। हर साल रायपुर जिले में ही सालाना करीब 500 करोड़ से अधिक रुपये की उगाही की जा रही है। पालकों और छात्रों को लूटा जा रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता तिवारी ने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह और पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को सौंपे शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एक अप्रैल 2010 से लागू है। इस कानून के अनुसार सत्र 2011-12 से बिना मान्यता के कोई विद्यालय जिला रायपुर में संचालित नहीं रह सकता है, जिस मान्यता को पाने के लिए प्रत्येक अशासकीय विद्यालयों को निर्दिष्ट प्रारुप-1 में आवेदन करना होगा और तीन साल में दोबारा प्रारुप-1 में आवेदन कर मान्यता का नवीनीकरण कराना होगा। 'प्राइवेट स्कूलों की कई फाइलें गायब' उन्होंने शिकाय पत्र में लिखा कि प्रत्येक प्रारुप-1 को जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से पब्लिक डोमेन में सार्वजानिक नहीं किए जाने के कारण मुझे सूचना का अधिकार कानून के तहत आवेदन की प्रक्रिया अंतर्गत कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर के लोक सूचना अधिकारी माइकल मिंज के जारी पत्र दिनांक तीन जुलाई 2024 के निर्देशानुसार उक्त अभिलेखों का निरीक्षण करने चार जुलाई 2024 को 12 बजे से 3 बजे तक उपस्थित रहा, जहां निरीक्षण कराने वाले ग्रेड-2 के बाबू तरुण साहू एवं मान्यता कक्ष के रविकांत डोये ने कुछ फाइलों को मेरे सामने रखा, जिसे देखकर मालूम चला कि प्राइवेट स्कूलों के कई फाइलें गायब हैं। वर्तमान में डोये की जगह महिलांग नाम से बाबू जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और वह भी दस्तावेज गायब रहने के कारण हैंडओवर नहीं लेना बता रहे हैं। इसकी सूचना पुलिस को नहीं दिया जाना चिंताजनक हैं। recent visitors 109

वायनाड भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 344 पहंची , रेस्क्यू पांचवें दिन भी जारी

वायनाड  केरल के वायनाड में हुए भस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 344 हो गई और 206 लोग अभी भी लापता हैं। रेस्क्यू टीम का शनिवार को पांचवें दिन भी ऑपरेशन जारी है। रक्षा बलों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन सेवा और स्वयंसेवकों के 1,500 से अधिक कर्मियों वाली बचाव टीम ने शनिवार सुबह चार सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों चूरलमाला, वेल्लारीमाला, मुंडकाईल और पुंचिरीमाडोम में तलाशी शुरू कर दी है। अब तक 146 शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि 74 की पहचान होनी बाकी है। मृतकों में 30 बच्चे भी शामिल हैं। मलबे से बड़ी संख्या में क्षत-विक्षत शरीर के अंग भी बरामद किये गए हैं। यहां लगभग 100 राहत शिविर हैं, जिनमें लगभग 9,500 लोगों को स्थानांतरित किया गया है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में 84 लोग भर्ती हैं। 122 टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल और कन्नूर इकाई से जुड़े अभिनेता मोहनलाल अपनी इकाई के साथ शनिवार सुबह प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। सैन्य वर्दी पहने मोहनलाल सबसे पहले मैप्पडी में स्थित बेस कैम्प पहुंचे और रक्षा बलों से मुलाकात की। फिर वह चूरलमाला पहुंचे और बचाव दल के साथ बातचीत की। उतारे गए रडार वाले ड्रोन वायनाड में राहत और बचाव में रडार वाले ड्रोन को भी उतारा गया है। यह ड्रोन धऱती से 120 मीटर की ऊंचाई पर उड़ता है और एक बार में 40 हेक्टेयर में सर्च करता है। इसमें रडार सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। ये चारों ओर तरंगें भेजता है जिनकी मदद से मलबे के नीचे दबे लोगों का पता लगाया जाता है। वायनाड के भूस्खलन प्रभावित गांव में उन्नत रडार प्रणाली के साथ खोज अभियान चला रहे बचावकर्मियों को संभवतः किसी मानव या पशु द्वारा सांस लेने का संकेत मिलता है। अभियान में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि बुरी तरह प्रभावित मुंडक्कई गांव में एक घर की तलाशी के दौरान रडार पर ‘नीला सिग्नल’ प्राप्त हुआ। अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘किसी के लगातार सांस लेने का संकेत मिल रहा है।’ हालांकि, शुक्रवार शाम को खोज अभियान समाप्त हो गया क्योंकि बचावकर्मियों ने निष्कर्ष निकाला कि मलबे के नीचे किसी व्यक्ति की मौजूदगी की संभावना नहीं है। देर शाम फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि लोगों की तलाश जारी है, रडार पर छोटी-सी हलचल का पता चला है, जिससे उम्मीद की किरणें दिख रही हैं। उन्होंने कहा, ‘ध्वस्त इमारत के मलबे के बीच, बचावकर्मी अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं तथा बचे हुए लोगों को खोजने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।’ वायनाड जिले के मुंडक्कई क्षेत्र में भूस्खलन के तीन दिन बाद बचावकर्मियों ने शुक्रवार को एक ही परिवार के चार लोगों को पदवेट्टी कुन्नू के निकट एक इलाके में सुरक्षित पाया। भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या 210 हो गई है जबकि 273 लोग घायल हुए हैं। केरल स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इसके अतिरिक्त 134 मानव अंग भी बरामद किए गए हैं। शुक्रवार को तड़के फिर से शुरू हुए खोज और बचाव अभियान को तब बल मिला जब ‘बेली ब्रिज’ के कारण बचाव दलों को भारी मशीनरी, जिसमें उत्खनन मशीनें भी शामिल थीं, और एम्बुलेंस को सबसे अधिक प्रभावित मुंडक्कई और चूरलमाला बस्तियों तक ले जाने में मदद मिली। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जानमाल के नुकसान का अंदाजा तब लगेगा जब बचावकर्मी भारी मशीनरी का उपयोग करके मलबे और लकड़ी के लट्ठों से ढके घरों को साफ करेंगे। केरल के लोक निर्माण मंत्री पी ए मोहम्मद रियास ने शाम को कहा कि आधार दस्तावेजों, पर्यटकों के विवरण, आशा कार्यकर्ताओं से पूछताछ और राहत शिविरों और अस्पतालों में लोगों से बात करने के बाद जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार 218 लोग लापता हैं। राज्य के एडीजीपी एम. आर. अजित कुमार ने सुबह कहा था कि लगभग 300 लोग अब भी लापता हैं। वायनाड की जिलाधिकारी मेघाश्री डी. आर. ने पत्रकारों को बताया कि सबसे अधिक प्रभावित मुंदक्कई और चूरलमाला कस्बों को छह जोन में बांटा गया है। इन क्षेत्रों में भारी मशीनरी और स्वान दस्तों के साथ बचावकर्मियों की 40 टीम तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि ड्रोन से ली गईं तस्वीरों और जीपीएस निर्देशांकों की मदद से ऐसे कई स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन द्वारा ली गई हवाई तस्वीरों से विशिष्ट खोज स्थानों के जीपीएस निर्देशांक की पहचान करने में मदद मिली है। संयुक्त दलों में सेना, एनडीआरएफ, डीएसजी, तटरक्षक और नौसेना के कर्मी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि चालियार के 40 किलोमीटर क्षेत्र में स्थित आठ पुलिस थाने के पुलिसकर्मी और स्थानीय तैराक बलों ने साथ मिलकर उन शवों की खोज शुरू कर दी है, जो संभवतः बहकर नीचे चले गए हैं या नदी के किनारे फंसे हुए हैं। इसके साथ ही पुलिस हेलीकॉप्टर की मदद से एक अन्य तलाशी अभियान भी चलाया गया है। इसके अलावा तटरक्षक बल, नौसेना और वन विभाग ने संयुक्त रूप से नदी के किनारों और उन क्षेत्रों में खोज अभियान चलाया जहां शव फंसे हो सकते हैं। recent visitors 97

शर्मा ने खजुराहो संसदीय क्षेत्र में एम्स की स्थापना की रखी मांग

भोपाल/नई दिल्ली  मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष व खजुराहो लोकसभा सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने खजुराहो में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) की स्थापना की मांग की है। शर्मा लोकसभा में स्वास्थ्य अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान अपना संबोधन दे रहे थे। सत्र में स्वास्थ्य विषयक चर्चा के दौरान शर्मा ने समूचे बुन्देलखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी का मामला उठाते हुए कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के जिले आते हैं। झांसी, दतिया और सागर को छोड़कर बुन्देलखंड में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र के तीनों जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं हैं। इस वजह से मरीजों को इंदौर, भोपाल और नागपुर तक जाना पड़ता है। वर्ल्ड हेरिटेज खजुराहो में 30 बिस्तरों का अस्पताल नहीं है, जबकि वहां एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क और रोड कनेक्टिविटी अच्छी है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि खजुराहो में एम्स स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि खजुराहो में योग एवं नेचुरोपैथी का ऑल इंडिया सेंटर प्रस्तावित है, इसे जल्द खोला जाए और एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाया जाए। recent visitors 82

मां ने मोबाइल पर गेम खेलने से डांटा तो फंदे पर झूल गया आठवीं क्लास का छात्र

 गाजियाबाद मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने को लेकर मां ने डांटा तो गाजियाबाद में आठवीं क्लास के छात्र ने फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक छात्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। घटने के वक्त माता-पिता काम पर गए हुए थे। मां जब घर लौटी तो उसे घटना का पता चला। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। मूलरूप से मैनपुरी के गांव बेलार निवासी राम प्रसाद यादव अपनी पत्नी और 15 वर्षीय इकलौते बेटे यश यादव के साथ लालकुआं चौकी क्षेत्र की लक्ष्मी विहार रेलवे कॉलोनी के एक मकान में किराये पर रहते हैं। राम प्रसाद यादव एक दुकान पर नौकरी करते हैं और पत्नी घरों में चौका-बर्तन का काम करती है। पुलिस के मुताबिक, यश को मोबाइल फोन पर गेम खेलने की लत लग गई थी। शुक्रवार को मां ने इसी बात को लेकर उसे डांट दिया और पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत दी। इसके बाद राम प्रसाद यादव और उनकी पत्नी अपने-अपने काम पर चले गए, जबकि यश घर पर अकेला था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे मां काम से घर लौटी तो इकलौते बेटे यश का शव फंदे पर लटका देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटे को फंदे से उतारकर यश को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि वेव सिटी थाना क्षेत्र के लाल कुआं के पास लक्ष्मी विहार रेलवे कॉलोनी में राम प्रसाद के बेटे यश (15) का शव घर की छत पर लगे हुक में फंदे से लटका मिला। यश लालकुआं स्थित ज्योति पब्लिक स्कूल में आठवीं क्लास का छात्र था। मां की डांट से नाराज होकर उसने दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्यों ने कानूनी कार्रवाई तथा पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया और वे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एसीपी ने कहा कि मृतक छात्र की मां ने पुलिस को बताया है कि यश ने ऑनलाइन गेम में दो लाख रुपये गंवा दिए थे। यह प्रयास जरूरी ● अभिभावक बच्चों से लगातार संवाद करें, बच्चे के गुमसुम होने पर उसकी समस्या के बारे में पूछें और उसका समाधान करने का प्रयास करें। ● बच्चे की डिजिटल गतिविधियों पर भी नजर रखें कि वह सोशल मीडिया पर क्या कर रहा है। ● बच्चे के दोस्तों के बारे में भी जानकारी रखें, उसके स्कूल टीचर या अन्य अध्यापक से भी बात करते रहें। ● यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है तो उससे भी उनकी समस्या के बारे में बारे में बात करें।   recent visitors 92

भारी बारिश को लेकर यादव ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राज्य के बड़े हिस्से में भारी बारिश की आशंका के बीच प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। डॉ यादव ने देर रात कहा कि राज्य में इन दिनों बारिश ज्यादा हो रही है। सरकार ने प्रशासन को अलर्ट किया है और जनता से भी आग्रह है कि वे सावधानी रखें। वर्षा की अधिकता है, पेड़ आदि के नीचे लोग खड़े होने से बचें। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां पानी ज्यादा है, वहां आवश्यक सावधानी रखें। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह वर्षा का दौर सुरक्षित निकलेगा। राज्य में इन दिनों भारी बारिश का दौर जारी है। स्थानीय मौसम केंद्र ने आज भी राज्य के भोपाल, दमोह, आगर-मालवा, डिंडोरी, इंदौर, खरगोन, मैहर, पांढुर्ना, राजगढ़, रतलाम, सतना, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा जिले में कई स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन ने आज भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।   recent visitors 93

JK में आतंकी फंडिंग से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़, 6 सरकारी कर्मचारियों को किया suspended

श्रीनगर जम्मू कश्मीर में आतंकी फंडिंग से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। ड्रग्स बेचकर आतंकियों की मदद करने के मामले में 6 सरकारी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया गया है। इसमें पांच पुलिसकर्मी और एक शिक्षक शामिल है। जांच में पता चला कि ये सभी सरकारी कर्मचारी पाकिस्तान के आईएसआई के एक नार्को टेरर नेटवर्क का हिस्सा थे। जानकारी के मुताबिक ये लोग जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के अवैध कारोबार में मदद करते थे और इससे प्राप्त फंडिंगा का इस्तेमाल पाकिस्तान के आतंकी संगठन दहशत फैलाने के लिए करते हैं। पीटीआई के मुताबिक ड्रग्स की बिक्री के माध्यम से आतंकी फंडिंग से जुड़े छह सरकारी कर्मचारियों पर ऐक्शन लिया गया है। आरोपियों की पहचान कॉन्स्टेबल फारूक अहमद शेख, कॉन्स्टेबल खालिद हुसैन शाह कन्स्टेबल रहमत शाह, कन्स्टेबल इर्शाद अहमद चाकू, कॉन्स्टेबल सैफ दीन और सरकारी सिक्ष नजम दीन के तौर पर की गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान के आर्टिकल 311 (2) का इस्तेमाल करते हुए इन सभी को तत्काल सेवा से हटा दिया है। बता दें कि संविधान में इस आर्टिकल के तहत प्रावधान है कि अगर कोई देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करता है तो राष्ट्रपति या फिर राज्यपाल उसे बिना किसी जांच के तत्काल सेवा से हटा सकते हैं। 2019 में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद अब तक 70 सरकारी कर्मचारियों को इसी तरह के आरोपों के चलते बर्खास्त किया जा चुका है। बीते महीने भीचार सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई थी इसमें दो पुलिसकर्मी शामिल थे। नार्को टेरर में शामिल होने के आरोप में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। इन चारों की पहचान कॉन्स्टेबल मुश्ताक अहमद पीर और इम्तियाज अहमद लोन के तौर पर की गई थी। वहीं शिक्षा विभाग में कार्यरत जूनियर असिस्टेंट अहमद मीर और ग्रामीण विकास विभाग के मोहम्मद जैद को बर्खास्त कर दिया गया ता। मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने कहा कि ये सभी आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहे थे। खुफिया एजेंसियों ने इनके बारे में जानकारी हासिल की थी। बता दें कि ब्राउन शुगर और हेरोइन की तस्करी पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में होती है। आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग जुटाने में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। recent visitors 84