Friday, July 3, 2026 8:04 am

किसान नेता राकेश टिकैत भी कर चुके हैं पोस्ट, छत्तीसगढ़-दुर्ग में गेल-किसानों में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने करवाया समझौता

दुर्ग. दुर्ग जिले के किसानों और भारत सरकार के गेल (इंडिया) लिमिटेड कंपनी के बीच पाइप लाइन बिछाने को लेकर विवाद चला आ रहा था। किसानों का कहना था उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया है। साथ ही खड़ी फसल के बीच खेत की खुदाई कर दी गई है। यह पाइप लाइन बेमेतरा जिले के बेरला तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव से 17 किमी व दुर्ग जिले के धमधा तहसील क्षेत्र से होकर गुजर रही है। बेमेतरा – दुर्ग जिले के किसानों ने इस समस्या को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पास शिकायत की थी। शनिवार देर शाम को भूपेश बघेल के भिलाई स्थित कार्यालय में गेल कंपनी व किसानों के बीच बैठक हुई। बैठक में पाइप लाइन बिछाने व किसानों की समस्या को लेकर कई निर्णय लिए गए। इसमें बारिश के तीन महीने यानी अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में पाइप लाइन बिछाने के लिए कोई खुदाई नहीं होगी, इस बीच मुआवजा दे दिया जाएगा। चूंकि भूमि का अधिग्रहण नहीं हो रहा है,  इसलिए पाइप लाइन बिछाए जाने वाली भूमि के लिए एक क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा दर भूमि अधिग्रहण कानून में तय दर का 40 प्रतिशत होगा। किसानों को दो फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। अगर गेल इन शर्तों का पालन नहीं करती है तो किसान किसी भी कीमत पर पाइप लाइन नहीं बिछने देंगे। गौरतलब है कि गेल को मुंबई से नागपुर होते हुए झारसुगड़ा तक पाइप लाइन बिछानी है। यह पाइप लाइन छत्तीसगढ़ के 11 जिले से गुजरेगी। बेमेतरा-दुर्ग के किसानों के साथ जो आपसी चर्चा से जो समझौता हुआ है, वह सभी 11 जिले में लागू होने की उम्मीद जताई है। बता दे कि किसानों की इस समस्या को लेकर केंद्रीय स्तर पर किसान नेता राकेश टिकैत ने भी ट्वीट किया था। recent visitors 114

दमोह के बड़े डाकघर में इन दिनों लोग गंगाजल की बिक्री बढ़ी

 दमोह दमोह शहर के बड़े डाकघर में इन दिनों लोग गंगाजल की बॉटल लेने के लिए पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल की बॉटल खरीद रहे हैं। दरअसल, सावन के महीने में श्रद्धालु भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करते हैं, जिससे गंगाजल की मांग बढ़ गई है। डाकघर में रोजाना 20 से 25 गंगाजल की बॉटल की बिक्री हो रही है और अभी तक 400 बॉटल बिक चुकी हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने भक्तों को गंगाजल पहुंचाने की सुविधा शुरू की थी, जिसमें सीधे गंगोत्री से गंगाजल को बॉटल में पैक कर मुख्य डाकघरों में उपलब्ध कराया जाता है। 250 मिली लीटर की गंगाजल की एक बॉटल की 30 रुपये में मिलती है। सोमवार को लगाया जाएगा स्टॉल मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर शैलेंद्र प्रजापति ने बताया कि सालभर गंगाजल की बिक्री होती है, लेकिन सावन के माह में इसकी बिक्री बढ़ जाती है। वर्तमान में डाकघर में गंगाजल की बॉटल की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि अगले सोमवार से डाक विभाग द्वारा शहर के जटाशंकर में स्टॉल लगाकर गंगाजल की बिक्री की जाएगी। राखियों के लिए वाटरप्रूफ लिफाफे रक्षाबंधन का त्योहार 19 अगस्त को है और डाक विभाग ने बहनों के लिए विशेष लिफाफे तैयार किए हैं। बारिश के सीजन में राखियां गीली न हों, इसलिए वाटरप्रूफ लिफाफे तैयार किए गए हैं। भारतीय डाक विभाग की ओर से 10, 15 व 30 रुपए की कीमत वाले ये लिफाफे दो साइज में उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें राखियां रखकर पूरे देश में पोस्ट की जा सकती हैं। recent visitors 96

इंदौर में आज दिन भर बरसेंगे बादल, सोमवार को भी अच्छी बारिश होने का अनुमान

इंदौर इंदौर शहरवासियों को पिछले कुछ दिनों से हल्की बारिश से ही संतोष करना पड़ रहा है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अगले सप्ताहभर शहर में बादल छाने के साथ बारिश की निरंतरता देखने को मिलेगी। आज और सोमवार को इंदौर में अच्छी बारिश की संभावना है उसके बाद धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। सप्ताह के अंत तक शहर में हल्की बारिश ही होगी। ऐसे में मौसम खुशनुमा बना रहेगा। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक, वर्तमान में एक अति तीव्र कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण पश्चिमी बिहार व झारखंड पर बना हुआ है। मानसून द्रोणिका का असर वो अब धीरे-धीरे उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। वहीं एक अन्य कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण पश्चिमी राजस्थान पर बना हुआ है। इसके अलावा एक मानसून द्रोणिका राजस्थान पर बने कम दबाव क्षेत्र से अजमेर, ग्वालियर, सीधी व बिहार व झारखंड पर बने कम दबाव के क्षेत्र के बाद उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक जा रही। सप्ताह के आंकड़े तारीख अधिकतम तापमान मौसम 4 अगस्त 27 डिग्री अच्छी बारिश 5 अगस्त 26 डिग्री मध्यम बारिश 6 अगस्त 24 डिग्री हल्की बारिश 7 अगस्त 25 डिग्री हल्की बारिश 8 अगस्त 28 डिग्री हल्की बारिश 9 अगस्त 28 डिग्री हल्की बारिश 10 अगस्त 27 डिग्री हल्की बारिश नमी के कारण इंदौर में होगी बारिश अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण इंदौर सहित प्रदेश के कई हिस्सों पर बारिश का दौर दिखाई देगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, आगामी सप्ताह में शहर में बादल तो छाए रहेंगे लेकिन हल्की बारिश ही होगी। अभी तेज बारिश के लिए कुछ दिन और इंतजार करना होगा।   recent visitors 125

दमोह के सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार एसडीआरएफ की टीम को नाव चलानी पड़ी

दमोह दमोह जिले में शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव के हालात निर्मित हो गए हैं। शहर की सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार नाव चलाकर 7 लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा है। यहां कमर से ऊपर तक पानी भर चुका था। जिसके बाद रात में ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। बता दें जिले भर में शनिवार शाम से शुरु हुआ बारिश का दौर रातभर  चलता रहा। जिससे नदी नाले पर उफान पर आ गए। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जल भराव के हालात निर्मित हो गए। शहर की सुभाष कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, वसुंधरा नगर के अलावा अन्य कॉलोनी में पानी भर गया जो लोगों के घरों के अंदर भी घुस गया। शहर के सुभाष कॉलोनी में दूसरी बार एसडीआरएफ की टीम को नाव चलानी पड़ी। होमगार्ड जिला कमांडेंट हर्ष कुमार जैन ने बताया कि शनिवार रात करीब 12 बजे सुभाष कॉलोनी में लोगों के घरों के अंदर पानी भरने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिसके बाद उन्होंने टीम को मौके पर भेजा और पानी में फंसे लोगों को नाव के सहारे रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। हालांकि, इस बार पानी कुछ कम था, लेकिन कमर के ऊपर तक पानी लोगों के घरों के अंदर भरा हुआ था। इसलिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजना आवश्यक था। किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है, सभी को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बता दें कि अभी तक दमोह जिले में 631 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, 24 घंटे में दो इंच बारिश हुई है। भीलामपुर गांव में तालाब का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया है। जिसमें अधिक नुकसान हुआ है और किसानों का रखा अनाज भीग गया है।  गृहस्थी का सामान और खाने पीने की सामग्री भी खराब हो गई। recent visitors 133

सिवनी मेंट्रक और कमांडर वाहन की भिड़ंत, 2 महिलाओं की मौत, कई घायल

सिवनी  मध्यप्रदेश सहित सिवनी जिले में भी लगातार हो रही बारिश दुर्घटना का कारण बन गई है। बारिश के चलते ट्रक और कमांडर कार की सीधी भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में घटनास्थल पर ही 2 महिलाओं की मौत और 14 घायल हो गई। जिनको बरघाट में इलाज चल रहा है। दरअसल, सिवनी बालाघाट रोड पर रिमझिम बारिश के दौरान भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां ट्रक और कमांडर के बीच सीधी भिडंत हो गई। इस दुर्घटना में घटनास्थल में जीरनबाई और केसरबाई की मौके पर ही मौत हो गई। एक्सीडेंट इतना भीषण था कि कमांडर में सवार अन्य 14 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। धान का रोपा लगाकर वापस आ रही थी महिलाएं जानकारी के मुताबिक कमांडर वाहन में सभी महिला मजदूर बैठी थी। जो खेत में धान का रोपा लगाकर लाटगांव से कमांडर में सवार होकर अपने घर वापस हो रही थी। इसी बीच बालाघाट सिवनी रोड पर बहरई गांव के पास बकरा नाला के समीप ट्रक के साथ कमांडर की जोरदार भिडंत हो गई। हाइवे पर लगा जाम भीषण सड़क हादसे के चलते सिवनी बालाघाट मार्ग पर जाम लग गया। भारी तादाद में लोगों की भीड़ और वाहनों की कतार लगी हुई थी। पुलिस द्वारा जाम की स्थिति खोलने का प्रयास शुरू किया गया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को अलग किया गया। वहीं, घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां महिलाओं की हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, मृतकों के शव मॉर्चरी में रखवाए गए हैं। हादसे से सुरक्षा पर खड़े होते सवाल एमपी में बारिश में सड़क हादसे बढ़ते जा रहे है। इसके विपरीत सिवनी में हुए इस भीषण सड़क हादसे में नियम विरुद्ध संचालित होने वाले कमांडर वाहन के उपयोग पर सड़क सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े होते हैं। recent visitors 89

बिना कारण कार्रवाई से ग्रामीण आगबबूला, राजस्थान-दौसा में आबकारी अधिकारी ने ठेले वाले को पकड़ा

दौसा. मामला बीते देर शाम का है, जब आबकारी अधिकारी घनश्याम वैष्णव कार्रवाई करने के लिए अलूदा क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां घनश्याम वैष्णव की मानें तो उन्हें सूचना मिली थी कि आलूदा गांव में अंडे का ठेला लगाने वाला रोशन अपने ठेले पर शराब बेचता है। जिसकी कार्रवाई के लिए मौके पर जाकर पूछताछ के लिए उन्होंने रोशन को गाड़ी में बिठाया था। रोशन को जैसे ही गाड़ी में घनश्याम वैष्णव ने बिठाया वहां मौके पर मौजूद लोगों का हुजूम रोशन के पक्ष में उमड़ पड़ा। इधर मामला गरमाते देख मौके पर पापडदा थाना पुलिस को भी बुलाया गया। उसके बाद भी काफी देर तक बहसबाजी चलती रही। फिर दोनों को थाने पर ले जाकर रात 10:30 बजे के आसपास दोनों पक्षों को समझाइश कर मामला शांत करवाया गया। आबकारी विभाग वैसे तो हर जगह चर्चाओं में रहता है, लेकिन अबकी बार दौसा जिला आबकारी विभाग इसलिए भी खास चर्चाओं में बना हुआ है, क्योंकि यहां के जिला आबकारी अधिकारी कैलाश प्रजापत को एंटी करप्शन ब्यूरो की जयपुर टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आलूदा के पूर्व सरपंच जुगल किशोर की मानें तो आबकारी सीआई घनश्याम वैष्णव का इस तरह बीते कल निर्दोष आदमी को उठाकर आबकारी की गाड़ी में बैठाना गलत था। उधर, इस मामले में पीड़ित रोशन बिलोनिया ने बताया कि वह ना तो शराब पीता है और ना शराब का धंधा करता है, लेकिन बीते कल घनश्याम वैष्णव आबकारी अधिकारी ने उसे शराब बेचने का आरोप लगाते हुए उसे जबरदस्ती आबकारी विभाग की गाड़ी में बिठा लिया। recent visitors 96

गेड़ी बिना अधूरी हैं रश्में, छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली तिहार आज

रायपुर. हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। प्रदेश में इस त्यौहार का विशेष महत्व है। लोग त्यौहार को परंपरागत रूप से बड़े ही उत्साह के साथ मानते हैं। इस त्यौहार से ही प्रदेश में खेती-किसानी की शुरूआत होती है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग करने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। ये होती हैं रश्में छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले ही गेड़ी घरों में बनना शुरू हो जाता है। त्यौहार के दिन सुबह से ही तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं। साथ ही खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को धोते हैं। इसके अलावा घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है। रच-रच की ध्वनि ही गेड़ी का आनंद हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी घरों गेड़ी का बनाया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है  जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसके साथ ही शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं। गेड़ी की पूजा भी की जाती है हरेली के दिन बच्चे बांस से बनी गेड़ी का आनंद लेते हैं। पहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद होता है। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। recent visitors 144