एनसीएल बिलौजी में शुरू होगा विधायक महोत्सव दुबई थीम कार्निवल मेला

सिंगरौली  जिला मुख्यालय बैढ़न के एनसीएल मैदान बिलौजी में आगामी 12 अगस्त से विधायक महोत्सव दुबई थीम कार्निवल मेला का शुभारंभ आगामी 12 अगस्त से किया जायेगा। विधायक राम निवास शाह ने मेला आयोजन के लिए विधिवत भूमि पूजन किया। यह मेला विधायक के प्रयास से लगने जा रहा है। सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह के अथक प्रयासों के बाद अब अपने शहर सिंगरौली में दुबई थीम कार्निवल मेला का आयोजन जल्दी होने जा रहा है। जिसका आज भूमि पूजन विधायक रामनिवास शाह एवं  भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुन्दर लाल शाह, जिला पंचायत सदस्य अशोक पैगाम, संदीप शाह, व पार्षद संतोष शाह सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इस संबंध में मेला के आयोजक विनोद सोनी ने उक्त आषय के जानकारी देते हुये बताया कि मेले में लंदन ब्रिज, एसिल टावर, बुर्ज खलीफा, होटल अलाराम, अटल टनल, यूनिवर्सल राकेट बिल्डिग, ब्रोकेन बिल्डिग, ट्वीन टावर,  अषोक चक्र,  मून के साथ खाना खरीदी मनोरंजन एक जगह एक साथ आधुनिक प्रकार के झूलो के साथ बिना पासपोर्ट, बिना वीजा सिंगरोली में ही दुबई की सैर करे इसे प्रदर्षित किया जायेगा। यह आयोजन 12 अगस्त को शाम 4 बजे से रात्रि 10ः30 बजे तक किया जायेगा। recent visitors 194

कटनी के किसान को उगाया 45 किलो का विशालकाय कटहल, बेचने में आईं मुश्किलें

कटनी जिले के बरही के बस स्टैंड पर सोमवार दोपहर 45 किलो वजनी चार फीट का कटहल देख लोग चौक गए। यह कटहल शहडोल जिले के ब्यौहारी के ग्राम छतैनी से एक किसान बेचने के लिए लाया था। 45 किलो वजन के कटहल का बाजार में खरीदार नहीं मिला तो किसान ने स्थानीय महिला दुकानदार दुअसिया बाई को 200 रुपए में बेच दिया। दुअसिया बाई ने बताया कि किसान हर साल बड़े-बड़े कटहल लेकर बरही के बाजार आता है। 60 वर्ष से अधिक उम्र होने के कारण वे किसान का नाम-पता नहीं बता सकीं। उमरिया-शहडोल और बरही के जंगलों से कटहल की काफी फसल आ रही है। आवक ज्यादा होने से अभी यहां 15 से 20 रुपए किलो के भाव मिल रहे हैं। जबकि शहरों में दाम 50 रुपए किलो से ज्यादा है। 4 लोगों ने उतरवाया कटहल कटनी जिले के बरही बस स्टैंड पर एक किसान कटहल की कई बोरियों के साथ उतरा। हालांकि लोगों की नजर एक 4 फीट बड़े कटहल पर आकर ठहर गई। बताया जा रहा है कि उसे उतारने के लिए 4 लोगों की मदद लेनी पड़ी। जैसे-तैसे उसे मंडी तक ले जाया गया। वजन ज्यादा और साइज में बड़ा होने के चलते कई घंटो के इंतजार के बाद भी किसान को उस कटहल का कोई खरीददार न मिला। मजबूरन उस बुजुर्ग किसान को 45 किलो वजनी और चार फीट के बड़े कटहल को मात्र 200 में बेचकर जाना पड़ा। महिला दुकानदार ने खरीदा कटहल बताया जा रहा है कि कटहल लाने वाला किसान शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील के ग्राम छतैनी से आया हुआ था। जिसके कटहल को बरही की स्थानीय महिला दुकानदार दुअसिया बाई ने 200 रुपए में खरीदा हुआ था। दुअसिया बाई ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने और अपनी उम्र 60 वर्ष से अधिक होने के कारण वे उसका नाम-पता याद नहीं रख सकीं लेकिन किसान हर साल बड़े-बड़े कटहल लेकर बरही के बाजार में आता है। 20 रुपए किलो तक हैं गांव में भाव उमरिया-शहडोल और बरही के जंगलों से कटहल की काफी बड़ी मात्रा में फसल आ रही है। आवक ज्यादा होने से अभी यहां 15 से 20 रुपए किलो के दाम मिल रहे हैं, हालांकि शहरों में यही कटहल 50 रुपए किलो से ज्यादा में बेचा जाता है। कटहल खाने के हैं गजब के फायदे डॉक्टर राजेंद्र ठाकुर बताते हैं कि कटहल में विटामिन सी की उच्च मात्रा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। इसके अलावा पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है। इसमें फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है और कब्ज से राहत दिलाती है। इसके अलावा विटामिन ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। वही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी बीमारियों से बचाते है। इसलिए बढ़ता रहता है साइज कटहल की सब्जी बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि यह उष्णकटिबंधीय फल और सब्जी की लिस्ट में शामिल है। कटहल अपने प्राकृतिक विकास के कारण इतना बड़ा और भारी हो जाता है। इसकी वजह उसके पेड़ को पर्याप्त मात्रा में पानी, धूप, और मिट्टी से पोषक तत्व मिलते हैं जिससे फल का आकार और वजन बढ़ता है। कटहल उष्णकटिबंधीय फल है जो अपने बड़े आकार और वजन के लिए जाना जाता है। यह फल अपने प्राकृतिक विकास के कारण इतना बड़ा और भारी हो जाता है। कटहल के पेड़ को पर्याप्त मात्रा में पानी, धूप, और मिट्टी से पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे फल का आकार और वजन बढ़ता है।  ये हैं फायदे विटामिन सी की उच्च मात्रा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है, पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है, इसमें फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है और कब्ज से राहत दिलाती है। इसके साथ विटामिन र ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी बीमारियों से बचाते है। recent visitors 98

हाईकोर्ट ने कहा सरकार को ऐसा करने अधिकार है, सरकार का हर फैसला राजनीतिक होता है, जाने क्या है मामला

मुंबई  महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना पर ब्रेक नहीं लगेगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार द्वारा महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने की योजना पर रोक लगाने से मना कर दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और अमित बोरकर की पीठ ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें सरकार की तरफ से घोषित की गई कुछ योजनाओं पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इनमें लाडली बहन योजना प्रमुख था। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने पीआईएल को खारिज करते हुए कि सरकार का हर फैसला राजनीतिक हाेता है। बेंच ने कहा कि इस योजना के लिए जो धनराशि जारी कि गई है वह एक प्रक्रिया के तहत दी गई है। हर फैसला राजनीतिक होता है: हाईकोर्ट मुंबई के वाशी इलाके के एक निवासी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के साथ मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजनाओं को चुनौती दी गई थी। पीआईएल में दलील दी गई थी कि राज्य सरकार इन योजनाओं से विधानसभा चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, जबकि सरकार जनता से इकट्‌ठा किए गए धन का उपयोग सिर्फ विकास कार्यों के लिए कर सकती है। नकदी की वितरण को कोई तर्क नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का हर फैसला राजनीतिक होता है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना को 1 जुलाई से लागू करने का ऐलान किया है। राज्य की महिलाओं के खाते में 15 अगस्त को पहली किस्त आ सकती है। हाईकोर्ट की कठोर टिप्पणी याचिकाकर्ता की इस दलील पर कि योजनाएं केवल कुछ कर वर्गों के व्यक्तियों को खुश करने के लिए हैं। इस पर अदालत ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 15 (धर्म, नस्ल, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध) राज्य को समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति देता है। अदालत ने इस तर्क को भी अस्वीकार कर दिया कि ये योजनाएं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 (भ्रष्ट आचरण) के तहत भ्रष्ट आचरण का गठन करती हैं, जिसमें कहा गया है कि ऐसी चुनौतियां चुनाव याचिका में की जानी चाहिए। महाराष्ट्र में लाडली बहन योजना के लिए सरकार को बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं। इस योजना के दायरे में करीब ड़ेढ करोड़ से ज्यादा महिलाओं के आने की उम्मीद है। सरकार ने योजना में आवेदन के 31 अगस्त की डेडलाइन तय की है। recent visitors 96

मध्यप्रदेश बोर्ड ने 10वीं 12वीं का टाइम टेबल किया घोषित, जाने कब होगी परीक्षा, देखें पूरा टाइम टेबल

नई दिल्ली एमपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की वार्षिक मुख्य परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ( एमपीबीएसई ) की ओर से जारी टाइम टेबल के मुताबिक 10वीं की परीक्षा 27 फरवरी से 19 मार्च तक चलेंगी। वहीं 12वीं की परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होगी और 25 मार्च को संपन्न होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक होंगी। एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं दोनों परीक्षाओं में इस बार 18 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। वर्ष 2024 में परीक्षा 5 फरवरी से शुरू हुई थी। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा तिथियां – 27 फरवरी 2025 – हिंदी – 28 फरवरी 2025 – उर्दू – 1 मार्च 2025 – NSQF के समस्य विषय व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – 03 मार्च 2025 – अंग्रेजी – 5 मार्च 2025 – मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी – 06 मार्च 2025 – संस्कृत – 10 मार्च 2025- गणित – 13 मार्च 2025 – सामाजिक विज्ञान – 19 मार्च 2025- विज्ञान एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा तिथियां 25 फरवरी – हिन्दी 28 फरवरी – अंग्रेजी 1 मार्च – उर्दू, मराठी 4 मार्च – फिजिक्स, इकोनॉमिक्स, भारतीय कला का इतिहास 5 मार्च – बायोटेक्नोलॉजी 6 मार्च – ड्राइंग एंड डिजाइन 7 मार्च – भूगोल 8 मार्च – बायोलॉजी 10 मार्च – मनोविज्ञान 11 मार्च – इंफोर्मेटिक प्रैक्टिस 12 मार्च – संस्कृत 17 मार्च – केमिस्ट्री, इतिहास, बिजनेस स्टडीज, ड्राइंग पेंटिंग 19 मार्च – शारीरिक शिक्षा, एनएसक्यूएफ 20 मार्च – समाजशास्त्र 22 मार्च – एग्रीकल्चर, होम साइंस, बुक कीपिंग 24 मार्च – राजनीति शास्त्र 25 मार्च – गणित   recent visitors 92

राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने फिजी की संसद को किया संबोधित, बाेलीं-भारत और फिजी में जीवंत लोकतंत्र सहित काफी कुछ एक समान है

सुवा/नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दक्षिण प्रशांत महासागरीय द्वीप देश फिजी के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी’ से नवाजा गया है। सुश्री मुर्मु फिजी की सरकारी यात्रा पर यहां पहुंची है। वह यहां की यात्रा करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। राजधानी सुवा के स्टेट हाउस में सोमवार को आयोजित समारोह में फिजी के राष्ट्रपति रातू विलियम मैवलिली काटोनिवेरे ने सुश्री यह पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत और फिजी के बीच गहरी मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने फिजी की संसद को भी संबोधित किया और सांसदों से बातचीत की। सुश्री मुर्मु ने अपने संबोधन में इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि लोकतंत्र, बहुलवाद और विविधता के साझा मूल्य किस तरह दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। उन्होंने कहा, “ भौगोलिक आकार में भारी अंतर के बावजूद भारत और फिजी दोनों में बहुत कुछ समान है, जिसमें हमारे जीवंत लोकतंत्र, हमारे समाजों की विविधता, हमारा पंथ कि सभी मनुष्य समान हैं, और प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता, सम्मान और अधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता।” इससे पहले सुवा पहुंचने पर सुश्री मुर्मु का हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका ने स्वागत किया। बाद में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में सुश्री मुर्मु के सम्मान में पारंपरिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने फिजी की संसद को किया संबोधित, बाेलीं-भारत और फिजी में जीवंत लोकतंत्र सहित काफी कुछ एक समान है  फिजी की दो दिवसीय यात्रा पर गईं राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू ने मंगलवार काे वहां की संसद को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर मजबूती से उभर रहा है। भारत एक मजबूत, लचीला और अधिक समृद्ध राष्ट्र बनने के साथ-साथ प्राथमिकताओं के अनुसार फिजी के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है। उन्हाेंने इस माैके पर दोनों देशों के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए अपनी साझेदारी की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए एक साथ आने काे कहा। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आकार में बहुत अंतर होने के बावजूद भारत और फिजी में जीवंत लोकतंत्र सहित काफी कुछ एक समान है। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले इसी हॉल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ मूल्यों का जिक्र किया था जो भारत और फिजी को जोड़ते हैं। उन्हाेंने कहा कि हमारा लोकतंत्र, हमारे समाज की विविधता तथा प्रत्येक व्यक्ति की स्वतंत्रता, सम्मान और अधिकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता काे बताता है। ये साझा मूल्य शाश्वत हैं, आगे भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि बाकी दुनिया को फिजी से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। फिजी की सौम्य जीवनशैली, परंपराओं तथा रीति-रिवाजों के प्रति गहरा सम्मान, खुला और बहुसांस्कृतिक वातावरण, फिजी को तेजी से संघर्षों में घिर रही इस दुनिया में इतना खास बनाता है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि फिजी वह जगह है जहां बाकी दुनिया अपनी खुशियां ढूंढने आती है। राष्ट्रपति मुर्मू अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में फिजी की राजधानी सुवा में हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने फिजी में अपने संबाेधन में कहा कि भारत एक सक्षम और संवेदनशील देश के रूप में उभर रहा है। हमने वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण नेतृत्व की भूमिका निभाई है। पिछले वर्ष हमारी जी-20 अध्यक्षता की ऐतिहासिक सफलता ने दर्शाया कि भारत का समावेशी, निर्णायक, महत्वाकांक्षी और कार्योन्मुखी नेतृत्व विश्व के लिए क्या कर सकता है। जैसा कि हमने जी-20 की अध्यक्षता के दौरान किया था। हम ग्लोबल साउथ के हितों को जोर से आवाज देने के लिए हर वैश्विक मंच का उपयोग करना जारी रखेंगे और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और सुरक्षित दुनिया बनाने का प्रयास करेंगे। उन्हाेंने कहा कि भारत सरकार ने प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने तथा उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड या ओसीआई कार्ड सहित अनेक पहलें शुरू की हैं। प्रवासी परिवारों की युवा पीढ़ी के लिए हमारे पास उन्हें अपनी भारतीय जड़ों से जोड़ने के लिए एक “भारत को जानो कार्यक्रम” है। मुझे यह जानकर बहुत खुशी हो रही है कि बड़ी संख्या में फिजी के युवा इस कार्यक्रम से लाभान्वित हुए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सुवा में स्थापित होने वाले ‘सुपर स्पेशलिटी कार्डियोलॉजी हॉस्पिटल’ सहित नई परियोजनाएं फिजी और व्यापक प्रशांत क्षेत्र के लोगों की प्राथमिकता वाली जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी। इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू का ‘स्टेट हाउस’ में राष्ट्रपति कटोनिवेरे ने स्वागत किया जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्हाेंने सुवा में महात्मा गांधी मेमोरियल हाई स्कूल में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और वहां उपस्थित छात्रों के साथ बातचीत की। इसके साथ ही उन्हाेंने सुवा में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भी पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।     recent visitors 106

पहलवान विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में मरी एंट्री, क्यूबा की युस्नेलिस लोपेज से भिड़ंत होगी

नई दिल्ली पहलवान विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। उन्होंने 50 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को शिकस्त दी। उनकी सेमीफाइनल में क्यूबा की युस्नेलिस लोपेज से भिड़ंत होगी। वहीं, भारतीय हॉकी टीम सेमीफाइनल में उतरेगी। पेरिस ओलंपिक में भारत ने अभी तक कुल तीन ब्रॉन्ज जीते हैं, जो निशानेबाजी में आए हैं। विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में की एंट्री पहलवान विनेश फोगाट ने सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को 7-5 से शिकस्त दी। विनेश का सेमीफाइनल 10:15 पर होगा विनेश फोगान का सेमीफाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 10 बजकर 15 मिनट पर शुरू होगा। उनकी सेमीफाइनल में क्यूबा की युस्नेलिस लोपेज से भिड़ंत होगी, जो पैन अमेरिकन गेम्स की मौजूदा चैंपियन हैं।   recent visitors 115

राजस्थान राज्य का फैसला अग्निवीर के शहीद होने पर परिवार को ‘करगिल पैकेज’ की सुविधा, जमीन-पैसा और सरकारी नौकरी…

जयपुर अग्निवीर के शहीद होने पर उनके परिवार को ‘करगिल पैकेज’ की सुविधा दी जाएगी। जिसके तहत अग्निवीर शहीद के परिवार को नकद राशि, जमीन और सरकारी नौकरी मिलेगी। यह सुविधा राजस्थान के ‘अग्निवीरो’ को मिलेगी। शहीद अग्निवीर पैकेज में यह सुविधाएं शामिल… इस पैकेज के तहत अग्निवीर की पत्नी को 25 लाख नगद, 25 बीघा नहरी जमीन या फिर एमआईजी का मकान, सरकारी नौकरी, बच्चों की फ्री एजुकेशन और माता-पिता को 5 लाख की फिक्स डिपॉजिट मिलेगी। इसके अलावा परिवार को रोडवेज में फ्री यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। वहीं यदि अग्निवीर परमानेंट विकलांग होता है तो भी सरकार कारगिल जैसे ही पैकेज की सुविधा देगी। राजस्थान ऐसा करने वाला पहला स्टेट…. सरकार का इस मामले में कहना है की अग्निवीर सैनिक भी भारत की सशस्त्र सेनन का अंग है। उसे बैटल कैजुअल्टी घोषित किया जाता है तो अग्निवीर को भी कारगिल पैकेज के तहत दी जाने वाली सुविधा लागू होगी। ऐसा करने वाला राजस्थान पहला राज्य होगा। शहीद अग्निवीर के परिवार के पास तीन ऑप्शन….. इसमें परिवार के पास तीन ऑप्शन रहेंगे। या तो वह 25 लाख नगद और इंदिरा गांधी नहर के कमांड एरिया में 25 बीघा सिंचित जमीन ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त 25 लाख नगद और हाउसिंग बोर्ड का मिडिल इनकम ग्रुप मकान या फिर 50 लाख नगद ले सकते हैं। बच्चों को फ्री एजुकेशन और स्कॉलरशिप यदि शहीद की पत्नी खुद नौकरी नहीं करना चाहती तो वह अपने बेटे या बेटी के लिए सरकारी नौकरी आरक्षित रख सकती है। वीरांगना को हर महीने 5 हजार रुपए सम्मान भत्ता के रूप में मिलेंगे। वही बच्चों को स्कूल से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी फ्री मिलेगी। स्कूल जाने वाले बच्चों को हर साल 1800 रुपए और कॉलेज वालों को हर साल 3600 रुपए की स्कॉलरशिप भी मिलेगी। विकलांग होने पर बेटे या बेटी को नौकरी… आपको बता दे कि केंद्र सरकार अग्निवीर सैनिक के शहीद होने पर एक करोड रुपए देती है। इसके अतिरिक्त नौकरी का जितना भी समय बचा है उसकी भी तनख्वाह परिवार को ही मिल जाती है। वहीं यदि कोई अग्निवीर सैनिक परमानेंट विकलांग हो जाता है तो वह खुद की नौकरी अपने बेटे या बेटी के लिए आरक्षित रख सकता है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि अगर राज्य का कोई ‘अग्निवीर’ युद्ध में शहीद हो जाता है तो उसके परिजनों को ‘करगिल पैकेज’ के तहत सुविधाएं दी जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा राजस्थान के शहीद ‘अग्निवीर’ को देय राहत पैकेज के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने जवाब में कहा कि अग्निवीर भी सशस्‍त्र सेनाओं का अंग हैं और अगर उन्हें युद्ध में मृतक (बैटल कैज्‍युअल्‍टी-फैटल) घोषित किया जाता है तो अग्निवीर पर भी राज्‍य सरकार द्वारा ‘करगिल पैकेज’ के तहत देय समस्त सुविधाएं लागू होंगी। बता दें कि जूली ने अपने सवाल में पूछा था कि ‘क्या सरकार राज्य के अग्निवीर सैनिकों के शहीद होने पर केंद्र के अतिरिक्त कोई राहत पैकेज देने का विचार रखती है?’ संशोधित ‘करगिल पैकेज’ के तहत राज्य के शहीद सैनिकों के परिवारों को नकद राशि, भूमि और सरकारी नौकरी दी जाती है। इस फैसले के बाद अग्निवीर की पत्नी को 25 लाख नकद, 25 बीघा नहरी जमीन, सरकारी नौकरी और माता-पिता को 5 लाख मिलेंगे। बता दें कि अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण भी मिलेगा। इसकी घोषणा राजस्थान सरकार ने पहले ही कर दी थी।     ये भी मिलेगी सुविधा- शहीद अग्निवीर के बच्चों को फ्री शिक्षा शहीद अग्निवीर के नाम से स्कूल या सरकारी बिल्डिंग का नामकरण शहीद अग्निवीर के परिजनों को रोडवेज में फ्री यात्रा, बिजली कनेक्शन recent visitors 175