मूसलाधार बारिश से पुरानी नदी में आई बाढ़, राजस्थान-ब्यावर में टापू पर फंसे 30 लोगों को देर रात निकाला

ब्यावर. देर रात ब्यावर जिले में मूसलाधार बारिश के बाद मकरेड़ा तालाब की चादर चलने से पुरानी नदी में बहुत ज्यादा पानी आ गया। जिससे गोपालपुर गांव ब्यावर खास के पास लगभग 30 लोग नदी के टापू में फंस गए। देर रात चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में उपखंड अधिकारी गौरव बुढ़ानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ की टीम शामिल रही। वृत्ताधिकारी राजेश कसाना, तहसीलदार लालाराम यादव, सीआई गंगाराम खावा, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीम की सहायता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। करीब 8 घंटे तक चले इस राहत और बचाव कार्य के बाद सभी ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई के बाद प्रशासन का आभार जताया और प्रशासन जिंदाबाद के नारे लगाए। recent visitors 170

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी बैठक सम्पन्न, छत्तीसगढ़ के राजभवन में 14 को स्वागत समारोह

रायपुर. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2024 को राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामय उपस्थिति में राजभवन में शाम को ‘‘स्वागत समारोह‘‘ का  आयोजन किया जाएगा। जिसमें देश की रक्षा के लिए शहादत करने वाले सैनिकों के परिजनों, पद्मश्री, पद्मभूषण से सम्मानित राज्य के नागरिकों, जनप्रतिनिधियोें सहित गणमान्य नागरिकांे एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा। राजभवन में राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार की अध्यक्षता में स्वतंत्रता समारोह के सुचारू आयोजन के लिए आज बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजभवन परिसर एवं आस-पास की साफ-सफाई, दीवालों में रंग रोगन, वर्षा को देखते हुए मैदान का समतलीकरण कार्य कराने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार परिसर स्थित उद्यान की साफ-सफाई, राजभवन में रोशनी की व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण व्यवस्था, सुचारू बिजली व्यवस्था, आमंत्रण पत्र वितरण, अतिथियों की बैठक व्यवस्था, अतिथियों के आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश सचिव ने संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बैठक में राज्यपाल के उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राजभवन के अधिकारी रायपुर जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी, नगर-निगम, लोक निर्माण विभाग, सी.एस.ई.बी. एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 98

मंडी में काबुली चना कंटेनर में करीब 100 रुपये ऊंचा हुआ, तुवर दाल में 100 रुपये की गिरावट

इंदौर काबुली चना का बेहतर निर्यात और घरेलु मांग से कीमतों में फिर मजबूती का रुख देखा गया। काबुली चना कंटेनर में करीब 100 रुपये ऊंचा बोला गया। दरअसल, किसान नीचे दामों पर बिकवाली के इच्छुक नहीं है। वहीं व्यापारियों के हाथ में स्टॉक कम होने से मांग की पूर्ति के लिए भाव बढ़ाकर काबुली चने की खरीदी कर रहे। घरेलु मांग बेहतर रहने की उम्मीद काबुली के बड़े कारोबारियों के अनुसार मई और जून में निर्यात का प्रदर्शन अच्छा रहा है। चीन, श्रीलंका, सऊदी, इजिप्ट देशों से काबुली में अच्छी मांग है। इस बीच अगले 4-5 महीने त्योहारी सीजन से घरेलु मांग भी बेहतर रहने की उम्मीद है। इस दौरान निर्यातकों की मांग और बढ़ती है तो काबुली के दामों में और तेजी आ सकती है।   देसी चने की कीमत में तेजी दूसरी और देसी चने की आवक भी मांग के अनुरूप नहीं होने से भाव में तेजी रही। सोमवार को चना कांटा बढ़कर 7400 विशाल 7150-7200 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। दरअसल, चने से बने उत्पाद चना दाल और बेसन में उपभोक्ता ग्राहकी जोरदार देखी जा रही है जो आगे और बढ़ने की संभावना है। इसके चलले मिलर्स की चने में खरीदी बढ़ गई है लेकिन मंडियों में आवक कम देखी गई। चना दाल की कीमत बढ़ी व्यापारियों का कहना है कि बारिश और फसलों की बोवनी का कार्य चलने के वजह से किसानी मालों की आवक बेहद कमजोर है। इससे चने की तेजी को बढ़ावा मिल रहा है। चना दाल में भी मांग अच्छी रहने से 100 रुपये की तेजी रही। मूंग के दाम भी बढ़े इधर, अच्छी क्वालिटी के मूंग की आवक बेहद कमजोर बनी हुई है जबकि मिलों की छुटपुट लेवाली रहने से मूंग के दाम भी बढ़ाकर बोले गए। मूंग नया गर्मी बढ़कर 7800-8050 एवरेज 7200-7700 मूंग बोल्ड गर्मी 8100-8300 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। तुवर दाल हुई कमजोर तुवर दाल में उपभोक्ता पूछताछ कमजोर रहने से 100 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। अन्य दाल-दलहन में कारोबार सामान्य रहा। भाव में कोई खास परिवर्तन नहीं रहा। recent visitors 112

सीजीएमएससी संचालक मंडल की बैठक, स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा फैसला, GeM पोर्टल से होगी तमाम खरीदी

रायपुर सीजीएमएससी संचालक मंडल की स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इनमें उपकरण, कंज्यूमेबल और रीएजेंट की वर्तमान प्रचलित अनुबंध दर को निरस्त करते हुए GeM पोर्टल से खरीदी को मंजूरी दी गई. सीजीएमएससी संचालक मंडल की मंत्रालय महानदी भवन में बैठक हुई. छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन की संचालक पद्मिनी भोई साहू ने बैठक में संचालक मंडल के सामने कार्यवाही विवरण और लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. बैठक में GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध कंज्यूमेबल सामग्रियों की वर्तमान में प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त कर GeM पर क्रय करने और GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में जो कंज्यूमेबल सामग्रियां उपलब्ध नहीं है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया. इसी तरह से रीएजेंट के क्रय के लिए निगम में वर्तमान प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त कर GeM पर क्रय करने और GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में जो रीएजेंट उपलब्ध नहीं है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया. बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, विशेष सचिव चंदन कुमार, आयुक्त चिकित्सा सेवा किरण कौशल, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ऋतुराज रघुवंशी, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जगदीश सोनकर, संचालक आयुष इफ्फत आरा समेत स्वास्थ्य एवं वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. recent visitors 86

कॉलेज में हिजाब पर प्रतिबंध के मामले को आने वाले दिनों में जल्द ही सूचीबद्ध किया जाएगा: सीजेआई

नई दिल्ली कॉलेज में हिजाब प्रतिबंध का मामला एक बार फिर से चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि उसने बंबई उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है, जिसमें मुंबई के एक कॉलेज के परिसर में हिजाब, बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय को बरकरार रखा गया है। मंगलवार को जब याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के समक्ष पेश किया गया, तो सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्होंने पहले ही इस मामले के लिए एक पीठ नियुक्त कर दी है और इसे आने वाले दिनों में जल्द ही सूचीबद्ध किया जाएगा। बंबई उच्च न्यायालय ने ‘चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी’ के एन जी आचार्य एवं डी के मराठे महाविद्यालय द्वारा हिजाब, बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के फैसले में हस्तक्षेप करने से 26 जून को इनकार कर दिया था और कहा था कि ऐसे नियम छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते हैं। उच्च न्यायालय ने कहा था कि ‘ड्रेस कोड’ का उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना है, जो कि शैक्षणिक संस्थान की ‘‘स्थापना और प्रशासन’’ के लिए कॉलेज के मौलिक अधिकार का हिस्सा है। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने अपील को तत्काल सूचीबद्ध करने के अनुरोध पर संज्ञान लेते हुए कहा कि इस मामले के लिए पहले ही एक पीठ तय कर दी गई है और इसे जल्द ही सूचीबद्ध किया जाएगा। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील अबीहा जैदी ने मामले में तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा कि कॉलेज में ‘यूनिट टेस्ट’ संभवत: बुधवार से शुरू हो जाएंगे। शीर्ष अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों द्वारा जारी किए गए ऐसे आदेशों की वैधता पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उच्चतम न्यायालय की दो न्यायाधीशों वाली पीठ ने 13 अक्टूबर, 2022 को कर्नाटक में उठे हिजाब विवाद को लेकर विरोधाभासी फैसला सुनाया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत तत्कालीन राज्य सरकार ने कर्नाटक के विद्यालयों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया था। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता (जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं) ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें प्रतिबंध हटाने से इनकार कर दिया गया था, जबकि न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने कहा था कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों में कहीं भी हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। मौजूदा विवाद मुंबई के एक कॉलेज के निर्णय से जुड़ा है। बंबई उच्च न्यायालय ने प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि 'ड्रेस कोड' सभी छात्राओं पर लागू है, चाहे उनकी जाति या धर्म कुछ भी हो। छात्राओं ने उच्च न्यायालय का रुख कर कॉलेज द्वारा जारी उस निर्देश को चुनौती दी थी, जिसमें हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी पहनने और किसी भी तरह का बैज लगाने पर प्रतिबंध संबंधी ‘ड्रेस कोड’ को लागू किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि यह नियम उनके धर्म का पालन करने के मौलिक अधिकार, निजता के अधिकार और ‘‘पसंद के अधिकार’’ का उल्लंघन करता है। अदालत ने कहा था कि वह यह नहीं समझ पा रही है कि कॉलेज द्वारा 'ड्रेस कोड' निर्धारित करने से संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) (भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 25 (धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता) का उल्लंघन कैसे होता है। न्यायाधीशों ने कहा था, ‘‘हमारे विचार में निर्धारित 'ड्रेस कोड' को भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) (ए) और अनुच्छेद 25 के तहत याचिकाकर्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता है।’’ पीठ ने याचिकाकर्ताओं की इस दलील को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि हिजाब, नकाब और बुर्का पहनना उनके धर्म का अनिवार्य हिस्सा है। recent visitors 102

तिरंगा यात्रा पर सियासत, तिरंगा यात्रा पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला हुआ शुरू

रायपुर  देश-प्रदेश की सियासत का स्तर कहां तक पहुंच गया है इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तिरंगा यात्रा जैसी कवायद पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं. कांग्रेस ने भाजपा की तिरंगा यात्रा राजनीतिक प्रोपोगंडा करार दिया है. इस पर भाजपा ने कांग्रेस को इस तरह की टिप्पणी से परहेज बरतने को कहा है. कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा के तिरंगा यात्रा को लेकर कहा कि बीजेपी ने तीन रंगों को देश के लिए घातक बताया था. राजनीतिक प्रोपग्रंडा के लिए बीजेपी तिरंगा यात्रा निकाल जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है. इस आरोप पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि देशवासियों में राष्ट्र प्रेम की भावना आ रही है. अगर हर घर में तिरंगा लगे तो क्या खराबी है. उन्होंने कहा कि हमारे देश का झंडा है. उसको लेकर बीजेपी कार्यक्रम करें, तो इस पर किसी भी कीमत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. राजनीति करने के बहुत सारे विषय हैं. देश के सम्मान से जुड़ा है. बहुत अच्छा संदेश है. इस पर राजनीति या टिप्पणी नहीं करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस इस पर भी टिप्पणी कर रही है. सुशील आनंद शुक्ला ने तिरंगा यात्रा के अलावा स्पंज उद्योग द्वारा अडानी को खत लिखने पर कहा कि कुल मिलाकर जो सर्कल था वह पूरा होने की स्थिति पर है. सरकार ने अडानी को ही फायदा पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के उद्योगों के बिजली दामों को बढ़ाया था, अब उद्योगपतियों ने मजबूरी में अडानी को पत्र लिखा है. अडानी और उद्योग के बीच MOU हो जाएगा. मामला खत्म हो जाएगा. शुक्ला ने कहा कि लोहा उद्योग व्यापार की रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं. पिछली सरकार ने बिजली में सब्सिडी दिया था, इस सरकार ने क्यों बढ़ाया, क्यों उनकी बात नहीं मानी जा रही है, बीच के रास्ता क्यों नहीं निकाला जा रहा है. विधानसभा के अधिकारियों के नाराजगी को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को सिर्फ नाराज ही नहीं होना था. सरकार में बैठे लोगों को उस पर लपेटना था. विधानसभा सर्वोच्च है. जनता के प्रतिनिधि के रूप में सरकार के कामकाज को सुचारू रूप से चलने में गाइडलाइन देती है. विधानसभा में कोई सवाल का जवाब नहीं दिया जा रहा है, तो आपत्तिजनक है. विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखना पड़ा है, मतलब सरकार का कार्य प्रणाली क्या है. recent visitors 91

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम से दिल्ली प्रवास के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने की मुलाकात

रायपुर प्रदेश के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री ओराम से छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति-जनजाति सहित कमजोर व पिछड़े वर्गाें के विकास के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2022-23 शेष राशि 74 करोड़ 69 लाख 27 हजार रुपए जारी करने का अनुरोध किया। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1653 करोड़ 71 लाख 20 हजार रुपए का प्रावधान किया गया था। मंत्री नेताम ने इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री ओराम से आदिवासी उप योजना के विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के तहत 162 करोड़ रुपए और छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में गुणात्मक शिक्षा के लिए 55 करोड़ 14 लाख 35 हजार रुपए के प्रस्तावों को वर्ष 2024-25 में शामिल कर स्वीकृति प्रदान करने का भी अनुरोध किया। मंत्री नेताम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विशेष तौर पर बस्तर संभाग के माओवाद से प्रभावित पांच जिलों में चलाए जा रहे नियद नेल्लानार योजना, प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय को समाज के मुख्य धारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा अनुरूप संचालित प्रधानमंत्री जनमन योजना की प्रगति सहित इन वर्गाें के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। recent visitors 95