Friday, July 3, 2026 7:54 am

चेक बाउंस के मामले में हीरेंद्र मिश्रा (सदन)को एक साल की सजा

मंडला   मंडला चेक बाउंस के एक मामले में मंडला जिला न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को 1 वर्ष के कठोर कारावास और चेक बाउंस की कुल राशि 15 लाख रूपये का 9% वार्षिक ब्याज के साथ कुल 23 लाख 57 हज़ार 250 रूपये अदा करने के निर्देश दिए हैं। राशि दना न करने की स्थिति में आरोपी को 6 माह का कारावास और भुगतना होगा। दरअसल आवेदक / परिवादी अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने बिनेका रोड निवासी हीरेंद्र मिश्रा (सदन) के विरोध 15 लाख रुपए के चेक बाउंस का मामला माननीय न्यायालय रवि चौकसे नायक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के यहां दर्ज कराया था। इस मामले में आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने हीरेंद्र मिश्रा (सदन) के विरुद्ध 15 लाख रुपए के चेक बाउंस होने का मामला दायर किया था। वर्ष 2018 के इस मामले में 6 साल बाद फैसला आया है। इतने लंबे अरसे तक कोर्ट में चले मामले के दौरान आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने कोर्ट को बताया कि अभियुक्त हीरेंद्र मिश्रा(सदन) से उसके अच्छे संबंध रहे हैं और दोनों के बीच पैसे का आदान-प्रदान होता रहता था। अभियुक्त पूर्व में कई बार उससे नगद राशि उधर स्वरूप लेता रहा है और उसे समय पर लौटता भी रहा है। इस बार अभियुक्त द्वारा आवेदक अखिलेश (बिल्लू) से 15 लाख रुपए की राशि ली गई। इसके एवज में उसे 15 लख रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। आवेदक द्वारा जब यह चेक भारतीय स्टेट बैंक में लगाया गया तो अभियुक्त के खाते में पर्याप्त पैसे न होने की वजह से चेक बाउंस हो गया। इसके बाद कई बार मौखिक रूप से निवेदन करने पर जब अभियुक्त द्वारा न पैसे वापस किए गए और न ही पैसे लौटाने को लेकर कोई खास आश्वासन दिया गया तब जाकर आवेदक ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय द्वारा भेजे जा रहे नोटिस को भी अभियुक्त द्वारा स्वीकार किया जाता रहा और न्यायालय में बहाना बनाया गया कि उसको कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुए। इतना ही नहीं उसने कोर्ट में आवेदक को पहचानने से भी इंकार कर दिया। अभियुक्त द्वारा अपने पक्ष में कई ऐसे तर्क दिए गए जिन्हें कोर्ट ने खारिज कर दिया। अभियुक्त ने कोर्ट को बताया कि उसका पर्स गुम हो गया था जिसमें जरूरी कागजात, रूपये के साथ चेक थे और वही चेक आवेदक को मिल गया जिस पर फर्जी तरीके से उसने राशि भर अपनी दावेदारी कर दी। कोर्ट में अभियुक्त यह भी स्थापित करने में कामयाब नहीं हो सका कि उसने चेक गुम होने का उल्लेख थाने में दर्ज अपनी रिपोर्ट में किया था। वह यह भी नहीं बता पाया कि जब उसका चेक गुम हुआ तो उसने बैंक को इसकी सूचना क्यों नहीं दी। लंबे चाले मामले के बाद न्यायालय ने आवेदक के समस्त तर्कों को सही पाते हुए अभियुक्त हीरेंद्र मिश्रा (सदन) को 1 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया है। साथ ही 15 लाख रुपये 9% वार्षिक दर के ब्याज को ध्यान में रखते हुए, आवेदक को को हुए नुकसान की छती पूर्ति के रूप में कुल 23 लाख 57 हज़ार 250 रूपये देने के आदेश जारी किए हैं। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा है कि यदि अभियुक्त उक्त राशि का भुगतान नहीं करता तो उसे 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी और उक्त राशि जुर्माने के रूप में वसूल की जाएगी। न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में यह भी माना कि यह एक गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है। इससे आवेदक को 6 सालों से निरंतर गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है। अदालत ने यह भी माना कि वर्तमान स्थिति में आर्थिक क्षति सबसे बड़ी है। यही वजह है कि इसे गंभीर प्रवृत्ति का अपराध मानते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है। आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस फैसले से और लोगों को भी फायदा होगा और लोग जेल के डर से उधार ली हुई राशि वापस लौटाएंगे। वही आवेदक अखिलेश अग्रवाल (बिल्लू) की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक खरया ने की recent visitors 109

खेल मंत्री ने लोकसभा में बताया-विनेश फोगाट की हर संभव सहायता प्रदान की, उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक में भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में बयान दिया। मांडविया ने कहा कि भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को तय कैटेगरी में ज्यादा वजन होने की वजह से ओलंपिक से बाहर होना पड़ा। आईओए की प्रमुख पीटी उषा पेरिस में ही हैं और प्रधानमंत्री ने उनसे खुद बात की है। मांडविया के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पीटी उषा को कहा है कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई करें। खेल मंत्री ने कहा कि विनेश फोगाट को सरकार ने हरसंभव मदद दी है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने आगे कहा कि विनेश मंगलवार को तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला रेसलर बनीं। भारत सरकार ने विनेश फोगाट की हर संभव सहायता प्रदान की। उनके लिए पर्सनल स्टाफ भी नियुक्त किए गए, जो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। उनके साथ हंगरी के विख्यात कोच और फिजियो हमेशा रहते हैं। मांडविया ने कहा कि सरकार ने विनेश फोगाट को सभी प्रकार की खेल सुविधाएं एवं हर स्तर पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि विनेश को पेरिस ओलम्पिक के लिए 70 लाख 45 हजार 775 रुपये की सहायता दी गई है। उन्होंने बताया कि स्पेन में ट्रेनिंग सेशन में जाने के लिए और ओलंपिक से पहले तैयारी में जाने के लिए भी फंडिंग की गई थी। वह जब हंगरी में गई थीं तो उसके लिए भी सरकार ने पूरी व्यवस्था की थी। रूस में भी अंतरराष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेने के लिए सरकार ने मदद की थी। बता दें कि एक स्तब्ध करने वाले घटनाक्रम में विनेश फोगाट को महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाए जाने के कारण बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया । विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था। सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी। 29 वर्ष की विनेश को खेलगांव में पोली क्लीनिक ले जाया गया क्योंकि सुबह उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी। एक भारतीय कोच ने कहा, ''सुबह उसका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया। नियम इसकी अनुमति नहीं देते और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है।'' भारतीय ओलंपिक संघ ने विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करते हुए कहा ,''हमें यह खबर देते हुए खेद हो रहा है कि विनेश फोगाट महिला कुश्ती के 50 किलो वर्ग से अयोग्य घोषित कर दी गई है। पूरी रात टीम के अथक प्रयासों के बावजूद सुबह उसका वजन 50 किलो से अधिक पाया गया।'' इसमें कहा गया ,''भारतीय दल इस समय कोई और बयान नहीं देगा। भारतीय टीम आपसे विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करती है । भारतीय दल इस समय आगामी स्पर्धाओं पर फोकस करना चाहेगा।'' recent visitors 77

03 नवीन आपराधिक अधिनियम के क्रियान्वयन एवं चिन्हित प्रकरण के संबंध बैठक का आयोजन किया गया

टीकमगढ़ मंगलबार को कंट्रोल रूम टीकमगढ़ में  पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों, जिला अभियोजन अधिकारी/सहायक अभियोजन अधिकारी एवं जिले के समस्त थाना प्रभारी सहित संबंधित न्यायालय कोर्ट के मुंशीयों व थाना के कोर्ट मोहर्रिरो की एक बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में पुलिस  अधीक्षक टीकमगढ़  रोहित काशवानी द्वारा 03 नवीन आपराधिक अधिनियम के क्रियान्वयन एवं चिन्हित प्रकरण के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए जिसमें जिला, अनुभाग स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों को क्रमशः प्रत्येक 15 एवं 1 सप्ताह में चिन्हित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने हेतु निर्देशित किया। तथा थाना स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों को चिन्हित प्रकरणों के साक्षी को साक्ष्य दिनांक के पूर्व ब्रीफ कर जिला अभियोजन अधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए हैं भयमुक्त वातावरण में साक्ष्य कराए जाने हेतु तथा विश्वसनीय साक्ष्य न्यायालय में कराई जाकर शतप्रतिशत दोषसिद्धि कराए जाने के हर संभव प्रयास किए जाने हेतु निर्देशित किया। मीटिंग के दौरान समस्त पुलिस अधिकारियों  को चिन्हित प्रकरणों के न्यायालय विचारण के दौरान आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई एवं चिन्हित प्रकरण में माननीय न्यायालय से जारी समंस/वारंटो की प्राथमिकता के आधार पर शतप्रतिशत तामीली कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। recent visitors 71

टेस्ट सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान, शान मसूद पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान तो साउद शकील को नया उप-कप्तान बनाया

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 17 सदस्यीय स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। शान मसूद पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान बने हुए हैं, जबकि साउद शकील को नया उप-कप्तान बनाया गया है। डोमेस्टिक क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के लिए कामरान गुलाम, मोहम्मद अली और मोहम्मद हुरैरा को टेस्ट स्क्वॉड में जगह दी गई है। इसके अलावा बांग्लादेश ए के खिलाफ पाकिस्तान शाहीन स्क्वॉड का भी ऐलान किया गया है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच 21 अगस्त से खेला जाना है और यह मैच रावलपिंडी में खेला जाएगा। वहीं सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 30 अगस्त से कराची में खेला जाना है। पाकिस्तान शाहीन और बांग्लादेश ए के बीच चार दिवसीय मैच खेला जाना है, जिसकी तारीख का ऐलान फिलहाल नहीं हुआ है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मेंस नैशनल सिलेक्शन कमिटी ने दोनों स्क्वॉड का ऐलान किया है। पाकिस्तान टेस्ट स्क्वॉड का ट्रेनिंग कैंप रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 11 अगस्त से शुरू होगा और यह टेस्ट हेड कोच जेसन गिलेस्पी की निगरानी में होगा। असिस्टेंट कोच अजहर महमूद भी इस दौरान टेस्ट स्क्वॉड के साथ होंगे।   17 अगस्त को बांग्लादेश क्रिकेट टीम दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान पहुंचेगी। शाहीन अफरीदी और साउद शकील दोनों को उप-कप्तानी के लिए देखा जा रहा था, लेकिन इस दौड़ में साउद शकील आगे निकल गए।   Pakistan Test Squad शान मसूद (कप्तान), साउद शकील (उप-कप्तान), आमिर जमाल (फिटनेस को देखते हुए), अब्दुल्ला शफीक, अबरार अहमद, बाबर आजम, कामरान गुलाम, खुर्रम शाहजाद, मीर हमजा, मोहम्मद अली, मोहम्मद हुरैरा, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), नसीम शाह, सैम अयूब, सलमान अली आगा, सरफराज अहमद (विकेटकीपर), शाहीन अफरीदी। Pakistan Shaheens Squad साउद शकील (कप्तान), कामरान गुलाम, मेहरान मुमताज, मीर हमजा, मोहम्मद अली, मोहम्मद रमीज जूनियर, मोहम्मद हुरैरा, नसीम शाह, साद बेग (विकेटकीपर), साद खान, सैम अयूब, समीन गुल, सरफराज अहमद (विकेटकीपर), उमर अमीन।   recent visitors 127

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश की आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई से किया इनकार

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजबीर सहरावत की एकल पीठ की ओर से अवमानना ​​के एक मामले में शीर्ष अदालत के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और उसे आदेश से हटा दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस सहरावत की टिप्पणियों को ‘अनुचित’ और ‘अपमानजनक’ करार दिया। हाई कोर्ट के जज ने 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आलोचना की थी। हालांकि, देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश राजबीर सेहरावत की आलोचनात्मक टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इस पीठ में CJI के अलावा जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ऋषिकेश रॉय भी शामिल थे। पीठ ने सुनवाई के दौरान ‘‘न्यायिक अनुशासन’’ का उल्लेख किया और कहा कि उसे उम्मीद है कि भविष्य में ऊंची अदालतों के आदेशों पर विचार करते समय अधिक सावधानी बरती जाएगी। सुनवाई के दौरान CJI चंद्रचूड़ ने कहा, "अवमानना ​​मामले से निपटने के दौरान पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश द्वारा की गई टिप्पणियों से हम दुखी हैं।" उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन पसंद का मामला नहीं है, बल्कि बाध्यकारी कानूनी प्रणाली का मामला है।" CJI ने कहा कि पक्ष किसी आदेश से व्यथित हो सकते हैं, लेकिन न्यायाधीश कभी भी उच्च अपीलीय मंच से व्यथित नहीं हो सकते। पीठ ने कहा कि न तो उच्चतम न्यायालय सर्वोच्च है और न ही उच्च न्यायालय, वास्तव में भारत का संविधान सर्वोच्च है। पीठ ने उच्चतम न्यायालय की आलोचना करने संबंधी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर स्वत: संज्ञान लेकर मामले में सुनवाई की और कहा कि उसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की टिप्पणियों से पीड़ा पहुंची है। पीठ ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कई चीजों के संबंध में अनावश्यक टिप्पणियां की हैं। उसने कहा कि न्यायाधीश ऊंची अदालतों द्वारा पारित आदेशों से खिन्न नहीं हैं, लेकिन न्यायिक अनुशासन का पालन किया जाना चाहिए। जस्टिस सहरावत ने उच्च न्यायालय द्वारा शुरू की गई अवमानना ​​कार्यवाही पर रोक लगाने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आलोचना की थी। recent visitors 92

संजय दीक्षित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सीतापुर MP राकेश राठौर ने मल्लिकार्जुन खरगे को कड़ी चिट्ठी लिखी

सीतापुर उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नया बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस से 2018 में छह साल का निष्कासन झेल चुके संजय दीक्षित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सीतापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कड़ी चिट्ठी लिखी है। राठौर पहले सीतापुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक थे जिनका टिकट 2022 में काटकर इन्हीं के हमनाम एक मैकेनिक को लड़ाया और जीतने के बाद मंत्री भी बनाया। खरगे को लिखी चिट्ठी में राकेश राठौर ने कांग्रेस में आने की वजह का जिक्र करते हुए कहा है कि विधायक रहते वो भाजपा की सवर्णवादी मानसिकता के विरोध में राहुल गांधी के साथ आए थे। राठौर ने पत्र के जरिए खरगे के सामने पार्टी में पिछड़े, दलित और मुसलमानों के सम्मान का सवाल उठाया है। राकेश राठौर इस बात से नाराज हैं कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के बुलाने पर उनके साथ एक कार्यक्रम में गए थे लेकिन संजय दीक्षित ने उन्हें धक्का देकर रोक दिया। राठौर ने बताया है कि 6 जुलाई को वो प्रदेश कांग्रेस दफ्तर गए थे जहां अजय राय ने उन्हें एक कार्यक्रम में चलने कहा। राठौर का आरोप है कि संजय दीक्षित ने उन्हें धक्का देकर कार्यक्रम में रोक दिया। राठौर ने खरगे को याद दिलाया है कि बसपा से कांग्रेस में आए नसीमुद्दीन सिद्दिकी के खिलाफ बयानबाजी के कारण पार्टी ने संजय दीक्षित को 2018 में छह साल के लिए निष्साकित कर दिया था। लेकिन दीक्षित को अब प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने कांग्रेस वॉर रूम में तैनात कर रखा है। सांसद राकेश राठौर ने खरगे को लिखा है- “मैं अति पिछड़ी जाति से आता हूं और अपने समाज के प्रति भाजपा द्वारा सवर्णवादी मानसिकता प्रदर्शित करने के कारण ही भाजपा से मौजूदा विधायक होते हुए मैंने भाजपा छोड़ दी थी। आप द्वारा और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाने से प्रभावित होकर ही मैंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। कमजोर तबकों के अधिकतर लोग राजनीति में सिर्फ इस वजह से आते हैं कि वो अपने समाज को सम्मान दिला सकें। मैं चुना हुआ सांसद हूं। मेरे साथ ऐसा व्यवहार हुआ है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के कार्यकर्ताओं के साथ किस तरह का व्यवहार होता होगा। ” recent visitors 139

सरकार का ऐलान- वक्फ बोर्ड के स्वामित्व वाले मैदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल स्टेडियम बनाने की योजना है

मुंबई केंद्र की मोदी सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है। मोदी सरकार का उद्देश्य वक्फ बोर्ड के कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। साथ ही महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करना भी। इस बिल के संसद में पेश करने से पहले ही विरोध में आवाजें उठने लगीं। पिछले दिनों विपक्ष के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार समाज में विभाजन पैदा करने के लिए वक्फ अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक लाना चाहती है। हालांकि सरकार की तरफ से साफ किया गया कि बिल को पेश करने से पहले कई मुस्लिम बुद्धिजीवियों से चर्चा की गई है। इस बीच महाराष्ट्र से खबर आ रही है कि छत्रपति संभाजीनगर में वक्फ बोर्ड के स्वामित्व वाले मैदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल स्टेडियम बनाने की योजना है। मामले में जानकार एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि संभाजीनगर में आमखास मैदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का फुटबॉल स्टेडियम बनाया जाएगा। यह मैदान वक्फ बोर्ड के स्वामित्व में आता है। इस पर फैसला संरक्षक मंत्री अब्दुल सत्तार की अध्यक्षता और खेल मंत्री संजय बनसोडे की मौजूदगी में लिया गया। बयान के अनुसार, संरक्षक मंत्री सत्तार ने निर्देश दिया कि जिला कलेक्टर फुटबॉल स्टेडियम के लिए प्रस्ताव तुरंत खेल विभाग को सौंपे। देशभर में 30 वक्फ बोर्ड गौरतलब है कि वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करने वाला विधेयक वक्फ बोर्ड के लिए अपनी संपत्तियों का वास्तविक मूल्यांकन सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारियों के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य कर देगा। देश में 30 वक्फ बोर्ड हैं। सूत्रों का कहना है कि सभी वक्फ संपत्तियों से प्रति वर्ष 200 करोड़ रुपये का राजस्व आने का अनुमान है। यह वक्फ के पास मौजूद संपत्तियों की संख्या के अनुरूप नहीं है। मूल रूप से, देशभर में वक्फ बोर्ड के पास करीब 52,000 संपत्तियां हैं। वर्ष 2009 तक चार लाख एकड़ भूमि पर 3,00,000 पंजीकृत वक्फ संपत्तियां थीं और आज की तारीख में, आठ लाख एकड़ से अधिक भूमि पर 8,72,292 ऐसी संपत्तियां हैं।   recent visitors 94