भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी ख़त्म करें अधिकारी और कर्मचारी, राजस्थान-शाहपुरा के विधायक बैरवा की चेतावनी

शाहपुरा. शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक लालाराम बैरवा ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। विधायक बैरवा ने शाहपुरा के डाक बंगला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि शाहपुरा क्षेत्र में अब कोई भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न करें, क्योंकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक बैरवा ने स्पष्ट किया कि अगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत लेता है या किसी काम के बदले अनुचित लाभ प्राप्त करता है, तो आम जनता को उनकी शिकायत सीधे उनके पास ले आनी चाहिए। उन्होंने कहा, “शाहपुरा में रिश्वतखोरी की कोई जगह नहीं होगी। 15-20 साल से जनता ने इसे सहन किया है, लेकिन अब बदलाव का समय आ गया है। जनता की आवाज अब सीधे सुनी जाएगी और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र में सरकार के किसी भी प्रतिनिधि की लापरवाही पर भी विधायक ने सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने कहा कि शाहपुरा एक नया जिला है और इसके विकास में समय लगेगा। विभागीय पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है और शीघ्र ही शाहपुरा जिले का सीमांकन भी हो सकता है। विधायक बैरवा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने शाहपुरा जिले के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसने शाहपुरा का दौरा किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर जिले के अस्तित्व को बनाए रखने की उम्मीद जताई है। विधायक ने राज्य सरकार द्वारा शाहपुरा क्षेत्र को दिए गए बजट और योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अब तक के इतिहास में शाहपुरा को जितना बजट और विकास योजनाएं प्राप्त हुई हैं, वह अभूतपूर्व हैं। इसमें करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो युवाओं और विभिन्न वर्गों के लिए लाभकारी होंगे। विशेष रूप से आसोप वन खंड में काले हिरणों के लिए जो प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, उससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। पत्रकार वार्ता में नगर परिषद सभापति रघुनंदन सोनी, पूर्व पालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल धाकड़, गुलाबपुरा के पूर्व पालिका अध्यक्ष धनराज गुर्जर, भाजपा नगर अध्यक्ष राजेंद्र बोहरा, पूर्व उप प्रधान बजरंगसिंह राणावत, बालाराम खारोल और भाजपा के अन्य स्थानीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। recent visitors 113

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी अवारा मवेशियों को SDM और कलेक्टोरेट में बांधेंगे: दीपक बैज

रायपुर आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर कांग्रेस प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी. PCC चीफ दीपक बैज ने आज प्रेस कांफ्रेंस में गौ सत्याग्रह का ऐलान किया है, जिसकी शुरुआत 16 अगस्त से होगी. इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी अवारा मवेशियों को SDM और कलेक्टोरेट में बांधेंगे. बैज ने बताया, कांग्रेस 14 अगस्त को संविधान यात्रा निकालेगी. कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और संविधान की प्रति लेकर रैली निकालेंगे. प्रभातफेरी निकालकर संविधान रक्षा की शपथ भी लेंगे. recent visitors 68

चिकित्सा अधिकारी, शिवपुरी डॉ. अनुराग तिवारी कदाचरण पर निलंबित

भोपाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, खोड, जिला शिवपुरी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग तिवारी पर मरीजों के साथ कदाचरण और मारपीट करने के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई, 2024 को डॉ. तिवारी के द्वारा मरीजों के साथ कदाचरण और शारीरिक रूप हमला करने जिससे मरीजों को चोटें आईं का प्रकरण प्रकाश में आया। उक्त पर संज्ञान लेते हुए डॉ. तिवारी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1966 और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन काल में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएँ, ग्वालियर संभाग, ग्वालियर नियत किया गया है। उक्त संबंध में थाना भौती ओंपी. खोड में डॉ. तिवारी, के विरूद्ध धारा 115, (2), 351 (3) 296 के तहत एफ.आई.आर. भी दर्ज की गयी है।   recent visitors 128

नाग पंचमी का दिन के दिन पूजन का सबसे उत्तम मुहूर्त

सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल नाग पंचमी 9 अगस्त 2024, शुक्रवार को है। आमतौर पर यह त्योहार हरियाली तीज के दो दिन बाद आता है। इस पर्व में भगवान शिव, माता पार्वती व नाग देवता की पूजा की जाती है। इस साल नाग पंचमी पर सिद्ध व साध्य योग बनने से इस दिन का महत्व बढ़ रहा है। सिद्ध व साध्य योग का महत्व- सिद्ध योग नाग पंचमी के दिन दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसके बाद साध्य योग शुरू होगा, जो कि 10 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगा। पंचमी तिथि कब से कब तक : पंचमी तिथि 09 अगस्त 2024 को सुबह 12 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ होगी, जो कि 10 अगस्त 2024 को सुबह 03 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी। नाग पंचमी पूजन मंत्र- सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले। ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥ ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः। ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥ नाग पंचमी के दिन बनने वाले चौघड़िया मुहूर्त- लाभ – उन्नति: 07:26 ए एम से 09:06 ए एम अमृत – सर्वोत्तम: 09:06 ए एम से 10:46 ए एम शुभ – उत्तम: 12:26 पी एम से 02:05 पी एम नाग पंचमी पूजा मुहूर्त: नाग पंचमी के दिन पूजन के 02 घंटे 40 मिनट का मुहूर्त सबसे उत्तम माना जा रहा है। नाग पंचमी पूजन मुहूर्त सुबह 05 बजकर 46 मिनट से सुबह 08 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। नाग पंचमी के दिन इन कार्यों को करने से बचें: हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन जमीन की खुदाई करने से बचना चाहिए। इस दिन धरती पर हल भी नहीं चलाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन तवा और कढ़ाई आग पर चढ़ाना अशुभ होता है। recent visitors 82

महिला सिपाही का पैर टूटा, राजस्थान-जयपुर में कार चालक ने पुलिस कर्मियों को मारी टक्कर

जयपुर. सांगानेर थाना इलाके में नाकाबंदी के दौरान रुकने का इशारा करने पर तेज रफ्तार कार ने महिला सिपाही और ट्रैफिक हेड कांस्टेबल को टक्कर मार दी। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद चालक कार लेकर भाग निकला था। बाद में पुलिस ने कार चालक को पकड़ लिया। कार चालक ने पुलिस की जीप और बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में जुटी है। हेड कांस्टेबल रामपाल ने बताया कि कुंभा मार्ग पर नाकाबंदी के दौरान तेज रफ्तार से आ रही कार को रुकने का इशारा किया। तभी कार चालक ने भागने के चक्कर में अपनी स्पीड बढ़ा दी। इस दौरान कार पहले डिवाइडर से टकराई और महिला कांस्टेबल और ट्रैफिक हेड कांस्टेबल को टक्कर मार दी। हादसे में महिला कांस्टेबल सुनीता का पैर फ्रैक्चर हुआ है, जबकि हेड कांस्टेबल रामपाल के सीने और कमर पर चोट आई है। इधर, पुलिस ने कार सवार को डिटेन कर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को आरयूएचएस में पहुंचाया। हेड कांस्टेबल ने बताया कि कार जयपुर की ओर आ रही थी। उनकी ड्यूटी कुंभा मार्ग पर थी। कार पहले डिवाइडर से टकराई। इसके बाद कार ने मौके पर मौजूद महिला कांस्टेबल को टक्कर मारी और फिर उनकी बाइक को घसीटते हुए ले गया। इस दौरान कार सवार ने प्रताप नगर थाने की जीप को भी टक्कर मार दी। घटनाक्रम को लेकर घायल पुलिसकर्मियों की ओर से मामला दर्ज करवाया गया है। recent visitors 123

रोहित ने मैच के बाद कहा- मुझे नहीं लगता कि हमारी तरफ से प्रयासों में कोई कमी थी, धीमी और टर्निंग पिचों के लिए ध्यान रखना होगा

कोलंबो भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि भारत जस की तस रणनीति अपनाकर भविष्य में धीमी और टर्निंग पिचों के लिए अलग खिलाड़ियों का चयन कर सकता है। श्रीलंका ने परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाकर तीसरे और अंतिम एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में भारत को 110 रन से हराकर श्रृंखला जीती। यह पिछले 27 वर्षों में पहला अवसर है जबकि वह वनडे श्रृंखला में भारत को हराने में सफल रहा। रोहित ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘‘मुझे नहीं लगता कि हमारी तरफ से प्रयासों में कोई कमी थी। आपने देखा होगा कि कुछ खिलाड़ियों ने रिवर्स स्वीप और पैडल स्वीप खेले। ऐसा नहीं है कि हमने अपनी तरफ से कोई कोशिश नहीं की। इन बल्लेबाजों की इस तरह की प्रकृति नहीं है।’’ भारतीय टीम तीसरे वनडे में 249 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 138 रन पर आउट हो गई। रोहित ने कहा, ‘‘जब आप इस तरह की पिचों पर खेलते हैं तो इसको लेकर हमारा स्पष्ट दृष्टिकोण है कि हमें किस तरह से खेलना है और किस तरह से लय बनाए रखनी है। हम तीनों मैच में लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए, यहां तक की पहले मैच में भी जो टाई रहा था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें खिलाड़ियों को यह बताना होगा कि हम उनसे क्या चाहते हैं और अगर हमें परिस्थितियों के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करना पड़े तो दुर्भाग्य से हम ऐसा कर सकते हैं। हम एक ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश करेंगे जो सभी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके।’’ रोहित ने कहा कि बल्लेबाज उस तरह का साहसिक प्रदर्शन नहीं कर पाए जैसा की टीम उनसे चाहती थी। इसके अलावा चुनौती से निपटने के लिए खिलाड़ियों की व्यक्तिगत योजना भी नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं साहस की बात करता हूं तो इसका मतलब यहां नहीं है कि उन्होंने साहस नहीं दिखाया। आपको लगातार साहस दिखाने की जरूरत है। आपको चुनौतीपूर्ण पिचों पर निरंतर साहस से प्रदर्शन करना होगा और अलग-अलग तरह के शॉट खेलने का प्रयास करना होगा। इसके अलावा यह व्यक्तिगत रणनीति से भी जुड़ा हुआ है।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘प्रत्येक खिलाड़ी को यह समझना होगा कि यह उसकी रणनीति है और किस तरह से उसको खेलना है। अगर परिस्थितियां आपकी रणनीति के अनुकूल हैं तो यह अच्छी बात है लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो फिर आपके पास क्या विकल्प है। क्रीज पर उतरो और एक दो रन लेकर पारी को आगे बढ़ाओ। धीमी पिच पर ऐसा करना जरूरी होता है।’’   recent visitors 123

एक साथ 12 इलेक्ट्रिक व्हीकल होते हैं चार्ज, राजस्थान का जयपुर में बना सबसे बड़ा चार्जिंग हब

जयपुर. राजस्थान में इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद जिस रफ्तार से बढ़ रही है उन्हें चार्ज करने के लिए प्राइवेट चार्जिंग स्टेशनों की संख्या उतनी तेजी से नहीं बढ़ी है। अब प्राइवेट कंपनियों की तरफ से इस सेक्टर में भी निवेश शुरू हो गया है। राजधानी जयपुर में राजस्थान का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग हब बनाया गया है। यहां एक बार में 12 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज हो सकते हैं। यह चार्जिंग स्टेशन जोबोल्ट कंपनी की ओर से बनाया गया है। इस इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग हब पर टू व्हीलर और फोर व्हीलर और यहां तक की इलेक्ट्रिक बसें भी चार्ज हो रही हैं। कंपनी की ओर से यहां पर चार फास्ट चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जहां एक बार में 9 इलेक्ट्रिक फोर व्हीलर चार्ज हो सकते हैं। इसके अलावा थ्री व्हीलर और टू व्हीलर के लिए स्लो चार्जिंग के लिए भी स्टेशन बनाए गए हैं। अजमेर रोड पर बनाया चार्जिंग स्टेशन जयपुर के अजमेर रोड पर बनाया गया यह ईवी हब राजस्थान का सबसे बड़ा चार्जिंग प्वाइंट है। यहां बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज हो सकते हैं। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों पर भी इस तरह के चार्जिंग स्टेशन लगा जा रहे हैं, ताकि लोगों को चार्जिंग से जुड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़े। सरकार ने नहीं लगाए चार्जिंग प्वाइंट राजस्थान में सरकार की ओर से ईवी को बढ़ावा देने के कोई बड़े प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सरकार भले ही इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन एक भी सरकारी चार्जिंग स्टेशन स्थापित नहीं किया गया है। राजस्थान में फिलहाल इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर आरटीओ रजिस्ट्रेशन के रूप में लिए जाने वाले शुल्क को माफ किया गया है, इसके साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सरकार रियायती दर पर बिजली दे रही है जेडीए की ओर से राजधानी जयपुर में 70 से अधिक चार्जिंग स्टेशन लगते की बात कही गई थी, लेकिन उस प्रोजेक्ट पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। ये है चार्जिंग शुल्क राजस्थान में लगाए गए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पर गाड़ी चार्ज करने के शुक्ल की बात करें तो फास्ट चार्जर पर तकरीबन 18 से 20 रुपये प्रति यूनिट का शुल्क लिया जा रहा है, जबकि स्लो चार्ज पर 10 से 15 रुपये प्रति यूनिट का खर्चा आता है, राजस्थान में अन्य कंपनी अभी धीरे-धीरे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप कर रही है, राजस्थान में अभी तक 20 किलोवाट से लेकर 120 किलो वाट तक के चार्जर लगाए गए हैं। recent visitors 110