Wednesday, July 1, 2026 10:23 pm

पाकिस्तान के जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम को बधाई देते हुए हरभजन सिंह से हुई ये बड़ी गलती, फैन्स ने जमकर किया ट्रोल

नई दिल्ली पाकिस्तान के जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक गेम्स 2024 का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। भारत के नीरज चोपड़ा दूसरे नंबर पर रहे और उन्होंने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। ओलंपिक गेम्स में यह पहला मौका था, जब मेंस जैवलिन थ्रो में पोडियम पोजिशन में कोई भी यूरोपियन एथलीट नहीं था। अरशद के एक फेक अकाउंट से उनकी और नीरज चोपड़ा की साथ फोटो शेयर की गई है और इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा है कि हम हमेशा नैचुरल दोस्त रहेंगे। अरशद के इस फेक अकाउंट की इस पोस्ट को हरभजन सिंह ने भी ट्वीट कर दिया है, उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, अरशद तुमको बधाई। शानदार फोटो, खेल सभी को जोड़ देता है। मजेदार बात ये है कि भज्जी ने अपनी ट्वीट में अरशद नदीम के सही ट्विटर (अब X) प्रोफाइल को टैग किया है। हरभजन सिंह को इस पोस्ट के लिए सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल जिस प्रोफाइल की पोस्ट हरभजन सिंह ने शेयर की है, उसके इंट्रोडक्शन में ही लिखा है कि यह अरशद नदीम का पैरोडी अकाउंट है। नीरज और अरशद के बीच वैसे मैदान पर कितनी भी प्रतिद्वंद्विता देखने को मिले, दोनों के बीच ऑफ द फील्ड अच्छी केमेस्ट्री नजर आती है। नीरज चोपड़ा ने कहा कि उन्हें गोल्ड मेडल नहीं जीतने का दुख जरूर है। उन्होंने कहा जब नदीम ने 92+ मीटर थ्रो लगाया तो उन्हें अंदर से यकीन था कि वो यह मार्क क्रॉस कर लेंगे। इसके अलावा नीरज ने अपनी इंजरी को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें जितने टूर्नामेंट खेलने चाहिए थे, वो उतने टूर्नामेंट्स खेल नहीं पाए।   recent visitors 94

पीएम श्री शास. हाईस्कूल सेमरखापा द्वारा लगातार की जा रही है बाउंड्री वॉल की मांग

 मण्डला जिला मुख्यालय  के नजदीक ग्राम पंचायत  सेमरखापा मे संचालित  पीएम श्री शास. हाईस्कूल सेमरखापा (मण्डला) में बांड्रीबाल न होने के कारण आसमाजिक तत्वों द्वारा उपद्रव किया  जा रहा है ।  स्कूल प्रबंधन ने बताया की स्कूल मे वाड्रीवाल न होने के कारण असमाजिक तत्वों द्वारा शराब की बोतलें, मलमूत्र भरकर पाऊच फेक  कर स्कूल परिसर मे  लगातार गंदगी की जा रही  है मिली जानकारी अनुसार  15/06/2024 को लिखित रूप से ग्राम  पंचायत में सूचना  दी गई, परन्तु आज दिनाँक तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।  विगत  05/08/2014 दिन सोमवार को एवं दिनांक 06/08/2024 दिन मंगलवार को  पानी की टंकी के पास बैठकर गाली – गलौज, जोर जोर से चिल्लाना, सीटी बजाने, अर्द्धमरी बिल्ली को प्राथमिक शाला की खिड़‌की से कमरे मे फेकने से शाला में अध्ययनरत छात्र/छात्रों, शिक्षक डर, दहशत  का माहौल बना हुआ है   शाला में अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा ही साथ ही छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ कभी भी अनहोनी घटना घटित हो सकती है। समय रहते यदि इन असमाजिक तत्वों की नहीं रोका गया तो छात्र/छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ कोई बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।          एकीकृत शासकीय पीएम श्री हाईस्कूल के प्रभारी प्राचार्य  के के हरदहा द्वारा बताया गया, विद्यालय परिसर मे बाउंड्री वॉल एवं चौकी दार की व्यवस्था न होने से आसपास के असमाजिक तत्वों द्वारा लगातार शाला मे पदस्थ शिक्षिकाओं एवं अध्ययन कर रही बच्चियों को परेशान किया जा रहा है।  हमारे द्वारा लगातार वरिष्ठ कार्यालय से शाला मे बाउंड्री वॉल बनवाने  की मांग की जा रही है पर अभी तक इस विद्यालय मे बाउंड्री वॉल का निर्माण नही हो सका जो पहले फैंसिंग लगवाई गई थी उस भी इन तत्वों द्वारा तोड़ दिया जहां मात्र शोपीस की तरह केवल गेट खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में करीबन  12-13 महिला शिक्षिका और  02 सौ के आसपास बच्चियां अध्ययन कर रही है। इनका कहना है –  विद्यालय के आसपास असमाजिक तत्व आये दिन हुजूम लगाकर कक्षा रूम मे पत्थर फेंकने के साथ शराब की बाटल आदि फेंक कर परेशान किया जा रहा है। महिला  शिक्षकों से अभद्रता भी की जाती जिससे खतरा बना हुआ है। जिसकी शिकायत हमने ग्राम पंचायत को की है। के के हरदहा प्रभारी प्राचार्य शास. पीएम श्री विद्यालय सेमरखापा, मण्डला   आपके द्वारा मामला संज्ञान मे लाया गया है इस संबंध मे तुरंत कार्यवाही कर पुलिस थाना को भी सूचित किया जायेगा। इंजी. कमलेश तेकाम उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष शिक्षा समिति जिला पंचायत, मण्डला recent visitors 95

कांग्रेस के लिए गुटबाजी और विवाद सुलझाना मुश्किल होता जा रहा है, पार्टी के नेता अपनी ताकत दिखाने के लिए अलग-अलग प्रदर्शन कर…

भोपाल  मध्य प्रदेश में विधानसभा और उसके बाद लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस एकजुट होने की कोशिश में लगी है। मगर कांग्रेस की इन कोशिशों को विवाद और गुटबाजी कमजोर करने में लगी है। कांग्रेस के लिए गुटबाजी और विवाद सुलझाना मुश्किल होता जा रहा है। राज्य में कांग्रेस अपनी ताकत दिखाने के लिए अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन कर रही है। इंदौर नगर निगम में हुए घोटाले को लेकर कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं दतिया सहित अन्य स्थानों पर भी पार्टी ने अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। एक तरफ जहां पार्टी अपनी एकजुटता के साथ ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर चल रही खींचतान भी उभर कर सामने आ रही है। इंदौर में एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत हुई और राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस अभियान में सहयोग मांगने के लिए कांग्रेस के दफ्तर पहुंच गए। कैलाश विजयवर्गीय का कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा और ग्रामीण अध्यक्ष सदाशिव यादव ने स्वागत किया। इस मामले ने तूल पकड़ा और पार्टी की ओर से निलंबन का नोटिस जारी कर दिया गया। इस पर भी कांग्रेस दो फाड़ हो गई। यह मामला थमा नहीं था कि प्रदेश कार्यालय में ऐसे बोर्ड लगा दिए गए जिसने विवाद को जन्म दे दिया। पार्टी ने कार्यालय का समय भी तय कर दिया था। विवाद बढ़ा तो पार्टी की ओर से सफाई दी गई कि यह समय कार्यालय में कर्मचारियों के लिए तय किया गया है। इन दो विवादों के बाद ताजा मामला दतिया जिले का है, जहां पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस आयोजन के बाद कांग्रेस के दो गुट आपस में भिड़ गए और गोली तक चल गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में कांग्रेस आपसी गुटबाजी और खींचतान के कारण कमजोर हुई है। लगातार हार के बावजूद भी कांग्रेस के नेता सीख लेने को तैयार नहीं है। अब तो गुटबाजी और विवाद पार्टी के लिए रोग का रूप ले चुके हैं। सवाल एक ही है क्या कांग्रेस इससे खुद को बाहर निकल पाएगी या और ग्रसित हो जाएगी। recent visitors 88

विवादित टिप्पणी पर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा की जाएगी

जबलपुर  मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा नेत्री इमरती देवी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसके खिलाफ भाजपा नेत्री ने डबरा में एफआईआर दर्ज करवाई थी. पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि जब उन्होंने कथित अपराध किया, वह विधायक नहीं थे और वर्तमान में भी विधायक नहीं हैं. इसलिए उनके खिलाफ एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए. एमपी-एमएलए कोर्ट गठित करने का उद्देश्य बताया एकलपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम भारत संघ के संबंध में पारित आदेश का समीक्षा करते हुए कहा "इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि निर्वाचित प्रतिनिधियों (सांसदों और विधायकों) के खिलाफ आपराधिक मुकदमे शीघ्रता से समाप्त हो जाएं. इसके अलावा विशेष विचार की आवश्यकता केवल देश में राजनीति में अपराधीकरण की बढ़ती लहर के कारण और निर्वाचित प्रतिनिधियों (वर्तमान या पूर्व) के पास प्रभावी अभियोजन को प्रभावित करने या बाधित करने की शक्ति के कारण हैं." पूर्व विधायक भी मामले को प्रभावित कर सकता है सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार "वर्तमान एवं पूर्व विधायकों एवं सांसदों के मुकदमों की सुनवाई के लिए मध्य प्रदेश राज्य में विशेष न्यायालयों की स्थापना की गई है. विशेष न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य वर्तमान एवं पूर्व विधायकों एवं सांसदों द्वारा या उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाना है." याचिकाकर्ता पूर्व विधायक हैं लेकिन अपराध के समय वह विधायक नहीं था और वर्तमान में भी विधायक नहीं है. अपराध की प्रासंगिक तारीख के अनुसार अभियुक्त पर विशेष न्यायालय द्वारा मुकदमा चलाया जाना है या नहीं, इसकी व्याख्या करना विशेष न्यायालयों की स्थापना के उद्देश्य को ही विफल कर देगी. मणिपुर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया ये भी कहा गया "अभियुक्त की स्थिति महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण पहलू वह शक्ति है जिसका वह आनंद लेता है जो गवाहों को प्रभावित या प्रभावी अभियोजन को बाधित कर सकती है." एकलपीठ ने मणिपुर हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा कि विशेष न्यायालयों के पास पूर्व और वर्तमान विधानमंडलों के खिलाफ सभी मामलों की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र है, भले ही ऐसे अपराध किए जाने के समय उनकी स्थिति कुछ भी हो. एकलपीठ ने सुनवाई के बाद प्रकरण एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए. इमरती देवी ने जारी किया था वीडियो इस वाकये के बाद पूर्व मंत्री इमरती देवी ने भी वीडियो जारी कर अपनी बात कही थी. उन्होंने कहा था, ‘कांग्रेसियों के लिए मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि उन्हें सद्बुद्धि दे. एक दलित महिला के बारे में ऐसा बोलना शोभा नहीं देता है. मैं कुछ ज्यादा नहीं बोलना चाहती, क्योंकि उन्होंने मुझे सदैव बड़ी बहन कहा है. भगवान ने उनकी बुद्धि खराब कर दी है, इसलिए ऐसा बोल रहे हैं. वह तो बहुत छोटे हैं. उनके बड़े नेता कमलनाथ मुझे आइटम कहते हैं, दिग्विजय सिंह टंच माल कहते हैं. कांग्रेसी तो शुरू से ऐसे ही बोलते आ रहे हैं. मैं एसपी के पास जाऊंगी, एफआईआर कराऊंगी. उन्हें छोडूंगी नहीं. इमरती को इतना सस्ता न समझें कि कभी भी कुछ भी बोल दें. मैं अपनी सरकार से भी कहूंगी कि मुझे न्याय दो.’   recent visitors 144

Vidisha के बीजामंडल में हिंदू नहीं कर पाएंगे पूजा, कलेक्टर ने दिया ASI के ‘मस्जिद’ नोटिफिकेशन का हवाला

 विदिशा  मध्य प्रदेश के विदिशा जिला प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की अधिसूचना का हवाला देते हुए शुक्रवार को नागपंचमी के मौके पर हिन्दुओं के पूजा करने के लिए 11वीं सदी के बीजामंडल को खोलने से इनकार कर दिया है। हिंदुओं के एक समूह ने जिलाधिकारी बुद्धेश कुमार वैद्य को शहर के बीचों-बीच स्थित इस स्थल को नागपंचमी पर खोलने के लिए ज्ञापन सौंपा था। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। जिलाधिकारी ने उनकी याचिका एएसआई को भेज दी, जिसने 1951 की गजट अधिसूचना का दो अगस्त को हवाला देते हुए कहा कि बीजामंडल मंदिर नहीं, बल्कि मस्जिद है। एएसआई है ढांचे का संरक्षक जिलाधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि एएसआई इस ढांचे का संरक्षक है, इसलिए उन्होंने मामले पर निर्णय लेने के लिए ज्ञापन उसे भेजा था। ज्ञापन सौंपने वाले हिंदू समूह के नेता शुभम वर्मा ने निराशा व्यक्त करते हुए एजेंसी से कहा, 'हम पिछले 30 साल से नागपंचमी पर वहां (ढांचे के बाहर) पूजा करते आ रहे हैं, लेकिन किसी ने यह नहीं कहा कि यह मंदिर नहीं बल्कि मस्जिद है।' वर्मा ने जिलाधिकारी के पत्र और एएसआई की गजट अधिसूचना को दिखाते हुए कहा कि एएसआई द्वारा इसे मस्जिद बताए जाने से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। हिंदुओं ने मांगी पूजा की अनुमति हालांकि, इस साल हिंदू समूहों ने 9 अगस्त को परिसर में प्रवेश करने और पूजा करने की अनुमति मांगी। विदिशा कलेक्टर बुद्धेश वैश्य ने उनके अनुरोध को एएसआई को भेज दिया, जिसने 1951 के राजपत्र अधिसूचना का हवाला देते हुए इस स्थल को 'बीजामंडल मस्जिद' के रूप में वर्गीकृत किया। कलेक्टर ने तब पूजा की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिससे हिंदू समूहों में आक्रोश फैल गया। वे एएसआई द्वारा इस स्थल को मस्जिद के रूप में वर्गीकृत करने का विरोध करते हैं, उनका दावा है कि यह 1972 से हिंदू पूजा स्थल रहा है। विधायक चाहते हैं सर्वेक्षण वहीं, विदिशा विधायक 'मंदिर के स्वामित्व' को साबित करने के लिए सर्वेक्षण चाहते हैं वे एएसआई द्वारा इस स्थल को मस्जिद के रूप में वर्गीकृत करने का विरोध करते हैं, उनका दावा है कि यह 1972 से हिंदू पूजा स्थल रहा है। भोपाल से 60 किमी दूर भोपाल से लगभग 60 किमी और सांची स्तूप से बमुश्किल 10 किमी दूर विजय सूर्य मंदिर/बीजामंडल मस्जिद स्थल का इतिहास उथल-पुथल भरा रहा है। एएसआई-भोपाल सर्किल की वेबसाइट का कहना है कि मस्जिद का निर्माण हिंदू मंदिर के खंडहरों पर किया गया था। हालांकि, यहां स्तंभ पर पाए गए शिलालेखों में से एक का कहना है कि यह देवी चर्चिका का मंदिर था। सूर्य देव के सम्मान में बनाया गया था यह मंदिर ऐसा माना जाता है कि इसे 11वीं-12वीं शताब्दी में सूर्य देव के सम्मान में बनाया गया था। मुगल शासन के दौरान, विशेष रूप से औरंगजेब के शासनकाल में मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद 17वीं शताब्दी में इसे मस्जिद के रूप में पुनर्निर्मित किया गया था। हालांकि, मराठा शासन के दौरान मस्जिद को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थल जीर्ण-शीर्ण हो गया। हिंदू महासभा के नेतृत्व में किया गया आंदोलन 1934 में मंदिर के अवशेषों की खोज ने हिंदू महासभा के नेतृत्व में इसके संरक्षण के लिए एक आंदोलन को जन्म दिया। इसका एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय कार्यालयों में हिंदू महासभा के उम्मीदवार चुने गए। तब से, मंदिर को साल में केवल एक बार नाग पंचमी पर पूजा के लिए खोला जाता है। 1965 में सांप्रदायिक तनाव को दूर करने के लिए, तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारका प्रसाद मिश्रा ने मुसलमानों के लिए एक अलग ईदगाह की स्थापना की। पीएम मोदी से की मांग फिर से विवाद उठने के साथ, हिंदू संगठनों ने पीएम नरेंद्र मोदी से 'बीजामंडल विजय मंदिर' को नियमित पूजा के लिए फिर से खोलने की अपील की है। कलेक्टर बुद्धेश वैश्य ने स्थानीय मीडिया को बताया कि सब कुछ एएसआई नियमों के अनुसार किया जाएगा। मुस्लिम प्रतिनिधियों ने विवाद पर मीडिया से बात करने से परहेज किया। विदिशा विधायक ने की यह मांग वहीं, विदिशा के भाजपा विधायक मुकेश टंडन ने मंदिर के स्वामित्व को स्थापित करने के लिए एक सर्वेक्षण का प्रस्ताव दिया है। उनका मानना है कि इस सर्वेक्षण से मंदिर की स्थिति की पुष्टि होगी। साथ ही संभावित रूप से 'पूजा के लिए इसके पूर्ण उपयोग की बहाली' होगी। टंडन ने मुस्लिम समुदाय के रुख को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने 'भूमि पर कोई विवाद नहीं जताया है'। उन्होंने समुदायों के बीच आपसी सम्मान पर प्रकाश डाला। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं, विशेष रूप से ईद पर, को समायोजित करने के प्रयासों का हवाला दिया। हिंदुओं में पैदा कर दी है चिंता उन्होंने कहा कि एएसआई द्वारा मंदिर पर लगाए गए ताले ने हिंदुओं में चिंता पैदा कर दी है। विधायक ने कहा कि एएसआई का कहना है कि ताला वहां संग्रहित कुछ मूर्तियों की सुरक्षा के लिए है। स्मारक संरक्षण के लिए 1951 में स्थापित कानूनी ढांचे का हवाला देते हुए टंडन ने कहा कि आपके नियमों में ताला लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि ताला के बारे में भ्रम को दूर करने के लिए जिला प्रशासन के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें एएसआई से इसे खोलने का आग्रह किया गया था, खासकर नाग पंचमी पूजा के दौरान। विधानसभा में उठाएंगे इसे विधायक इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे। साथ ही पीएम मोदी और मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलने के लिए दिल्ली जाने के लिए एक टीम बना रहे हैं। विधायक ने अप्रैल 1992 में इसी तरह की स्थिति का जिक्र किया, जब विरोध प्रदर्शन के बाद एएसआई और जिला अधिकारियों के साथ सफल बातचीत हुई थी, जिसके बाद 11 लोगों की टीम को मंदिर में पूजा करने की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि हिंदू परिवार एएसआई द्वारा लगाए गए किसी प्रतिबंध के बिना इस स्थल पर पूजा करना जारी रखे हुए हैं। recent visitors 79

मनीष सिसोदिया को जमानत मिली, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। इस मामले में सिसोदिया पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे, जिसके कारण उन्हें 16 महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया। हालांकि, कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ यह जमानत दी है और मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी। मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा,'जमानत के मामले में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट सुरक्षित खेल रहे हैं। सजा के तौर पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता। अब समय आ गया है कि अदालतें समझें कि जमानत एक नियम है और जेल एक अपवाद है। भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जमानत की मांग करने वाली सिसौदिया की याचिकाओं का सीबीआई, ईडी ने विरोध किया केंद्रीय एजेंसियों की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने अदालत के समक्ष सिसौदिया की जमानत याचिका का विरोध किया और मामले में सिसौदिया और अन्य आरोपी व्यक्तियों पर उन दस्तावेजों का निरीक्षण करने में पांच महीने का समय लगाकर मुकदमे में देरी करने का आरोप लगाया, जो इससे संबंधित नहीं थे। परीक्षण। सिसौदिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसौदिया को जमानत देने की दलील दी और केंद्रीय एजेंसियों के इस आरोप से इनकार किया कि मामलों की सुनवाई में देरी के लिए सिसौदिया जिम्मेदार थे। सिसौदिया ने सीबीआई, ईडी मामलों में जमानत देने से इनकार करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली हाई कोर्ट के 21 मई के आदेश के खिलाफ सिसोदिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने 4 जून को सिसोदिया की जमानत याचिका का निपटारा कर दिया और उन्हें ट्रायल कोर्ट के समक्ष अंतिम अभियोजन शिकायत और आरोप पत्र दायर होने के बाद अपनी जमानत याचिका को पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता दी। बाद में सिसौदिया ने अपनी जमानत याचिका को पुनर्जीवित करने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया।  सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में दोनों मामलों में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में दोनों मामलों में सिसौदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, हालांकि, अगर परिस्थितियों में बदलाव होता है या सुनवाई लंबी हो जाती है, तो उन्हें तीन महीने के बाद ट्रायल कोर्ट के समक्ष नई जमानत याचिका दायर करने की आजादी दी थी। सीबीआई ने पिछले साल फरवरी में आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने भी तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। इन शर्तों पर मिली है जमानत मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो समाज के सम्मानित व्यक्ति हैं और उनके भागने की आशंका भी नहीं है. साथ ही ये भी कहा कि इस मामले में ज्यादातर सबूत भी जुटाए जा चुके हैं, इसलिए उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है. हालांकि, गवाहों को प्रभावित करने या डराने के मामले में उनपर शर्तें लगाई जा सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को 10 लाख के मुचलके पर जमानत दी है. साथ ही दो बड़ी शर्तें भी लगाई हैं. पहली शर्त ये है कि उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा. और दूसरी शर्त ये कि उन्हें हर सोमवार को थाने में जाकर हाजिरी लगानी होगी. CBI-ED की अपील खारिज फैसला सुनाए जाने के बाद सीबीआई और ईडी की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल मामले की तरह ही शर्तें लगाने का अनुरोध किया था. एएसजी राजू ने कोर्ट से अपील की थी कि केजरीवाल की तरह ही सिसोदिया पर सचिवालय जाने पर रोक लगाई जाए. हालांकि, कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया. 26 फरवरी 2023 से जेल में थे बंद दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया को पिछले साल 26 फरवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद 9 अक्टूबर को ईडी ने भी सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. सिसोदिया पर आबकारी मंत्री रहते हुए मनमाने और एकतरफा फैसला लेने का आरोप है. शराब घोटाले के आरोपी अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे को सिसोदिया का करीबी माना जाता है. आरोप है कि तीनों ने सरकारी अफसरों की मदद से शराब कारोबारियों का पैसा इकट्ठा किया और दूसरी जगह डायवर्ट किया. सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपये लिए थे. ये रकम विजय नायर की ओर से ली गई थी. विजय नायर कुछ साल तक आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज भी रहे हैं. इस मामले में 17 अगस्त 2022 को सीबीआई ने केस दर्ज किया. इसमें मनीष सिसोदिया, तीन पूर्व सरकारी अफसर, 9 कारोबारी और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया. घोटाले में पैसों की हेराफेरी के भी आरोप थे, इसलिए ईडी भी इसमें शामिल हो गई. केस दर्ज करने के बाद सीबीआई और ईडी ने छापे मारे और गिरफ्तारियां शुरू कीं. ईडी और सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि 2021-22 की आबकारी नीति की वजह से दिल्ली सरकार को कथित तौर पर 2,873 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा. क्या है दिल्ली का कथित शराब घोटाला? 17 नवंबर 2021 को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को लागू किया. नई पॉलिसी के तहत, शराब कारोबार से सरकार बाहर आ गई और पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गईं. दिल्ली सरकार का दावा था कि नई शराब नीति से माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, ये नीति शुरू से ही विवादों में रही और जब बवाल ज्यादा बढ़ गया तो 28 जुलाई 2022 को सरकार ने इसे रद्द कर दिया. कथित शराब घोटाले का खुलासा 8 जुलाई 2022 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट से हुआ था. इस रिपोर्ट में उन्होंने मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए. दिल्ली के एलजी वीके … Read more

प्रदेश के लाल ने पेरिस ओलंपिक में किया कमाल, विवेक सागर के घर जश्न का माहौल

नर्मदापुरम  हॉकी के ओलंपिक इतिहास में लगातार दूसरी बार भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है. इसकी खुशियां पेरिस से लेकर मध्य प्रदेश के छोटे से गांव चांदोन तक मनाई जा रही हैं. दरअसल मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के छोटे से गांव चांदोन में जन्में विवेक सागर देश की ओलंपिक टीम का हिस्सा है और मैच में विवेक के सराहनीय योगदान के कारण देश को कांस्य पदक मिला है. इसी जीत को लेकर पूरा जिला विवेक के परिवार के साथ जश्न में शरीक है. इस दौरान विवेक के गांव में जश्न का माहौल है. इस दौरान ढोल बाजे के साथ नाच गाना कर सभी लोग पेरिस ओलंपिक में हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने की खुशी मना रहे हैं. दोनों ही मैचों में विवके का अहम योगदान पेरिस में खेले जा रहे हैं ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में भारत की टीम ने स्पेन को 2-1 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा किया. भारत की हॉकी टीम ने ओलंपिक में लगातार दूसरी बार ब्रॉन्ज मेडल जीता है. ओलंपिक के इन दोनों ही मुकाबलों में इटारसी के चांदोन गांव निवासी विवेक सागर का अहम योगदान है. विवेक बचपन से ही हॉकी के दीवाने थे और गांव के कच्चे मैदान से प्रैक्टिस करते हुए विवेक लगातार भारत की ओर से दूसरी बार ओलंपिक टीम का हिस्सा बने हैं. टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर मध्य प्रदेश सरकार ने विवेक को डीएसपी की नौकरी दी थी. साथ ही उन्हें एकलव्य अवॉर्ड से भी नवाजा था. उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने दी बधाई उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने पेरिस ओलिम्पिक में भारतीय हाकी टीम को कांस्य पदक जीतने पर पूरी हॉकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी टीम ने भारत का गौरव बढ़ाया है। भारतीय हॉकी टीम ने अत्यंत कलात्मक हॉकी का प्रदर्शन कर भारतवासियों का दिल जीत लिया। गांव में जश्न का माहौल विवेक के भाई विद्यासागर ने बताया कि, ''पूरे गांव में जश्न का माहौल है. घर और गांव में ढोल बजाकर पटाखे फोड़कर जश्न मनाया जा रहा है.'' उन्होंने कहा कि "ब्रॉन्ज मेडल मिलना भी एक बड़ी बात है." विवेक के पिता रोहित प्रसाद का कहना है कि "बहुत ही अच्छा लग रहा है, शुरू से मेरे द्वारा तो कई बार विवेक को हॉकी खेलने के लिए मना किया जाता था, लेकिन जब विवेक आज जिस मुकाम पर पहुंचा है, तो बहुत खुशी होती है.'' विवेक ने प्रदेशवासियों को दी बधाई नर्मदापुरम जिले एकलौते हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर ने मैच में ब्रॉन्ज मैडल जीतने के बाद एमपी के नागरिकों और खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने वीडियो शेयर कर कहा कि "ओलंपिक में आज भारतीय हाकी टीम ने ब्रॉन्ज मैडल जीता है. साथ ही भारतीय टीम और उनको सपोर्ट करने के लिए प्रदेश वासियों और हॉकी प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा कि, ''आज भारतीय हॉकी टीम पेरिस ओलंपिक में तीसरा स्थान प्राप्त कर ब्रॉन्ज मेडल घर लेकर जा रही है.''   recent visitors 84