टीकमगढ़ पुलिस द्वारा शहर में निकाली गई तिरंगा रैली

टीकमगढ़ जनसामान्य में देश भक्ति की भावना जागृत करने एवं राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने है। हेतु आज दिनांक 08/08/24 को पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम एवं एसडीओपी टीकमगढ़ श्री राहुल कटरे के नेतृत्व में पुलिस लाईन टीकमगढ़ से टीकमगढ़ शहर में टीकमगढ़ पुलिस द्वारा तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। उक्त तिरंगा रैली में रक्षित निरीक्षक श्री विशाल मालवीय पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, खेल विभाग के कर्मचारी  शामिल हुए। recent visitors 86

हमारी सरकार ने हर वर्ग का किया विकास – दिलीप अहिरवार

डिण्डौरी प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी जिला डिण्डौरी की भाजपा जिलाध्यक्ष अवध राज बिलैया की अध्यक्षता में जिला कार्यसमिति का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि के रूप मे म.प्र. सरकार के राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, भाजपा राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेन्द्र सिंह राजपूत, अजजा मोर्चा प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह तेकाम, मौजूद रहें।  सर्वप्रथम सभी मंचासीन अतिथियों ने भारत माता, पं. दीनदयाल उपाध्याय, डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के तेलीय चित्र पर माल्यार्पण कर बैठक की शुरूआत की। म.प्र. शासन के राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार का शाॅल श्रीफल भेंट कर पुष्पगुच्छ से भाजपा जिलाध्यक्ष अवधराज बिलैया ने स्वागत किया। भाजपा जिलाध्यक्ष अवध राज बिलैया ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के अन्तर्गत हर बहनों को 1250 रूपये एवं रक्षाबंधन पर्व के लिए अलग से 250 रूपये की उपहार राशि का डिजीटल रूप से हर बहनों के खाते में हस्तांरित किया जायेगा। हम सभी को इस कार्यक्रम के लिए 09 प्रमुख स्थानों में बडे स्तर पर कार्यक्रम जो जनपद व नगर परिषद क्षेत्र व 364 पंचायतों मे किया जायेगा। इसमें हम सभी पदाधिकारियों को हर पंचायत में सम्मिलित होना है एवं इसका लाइव प्रसारण देखना है व सुनना है। तिरंगा यात्रा अभियान पर चर्चा इस तिरंगा यात्रा कार्यक्रम मे प्रमुखता के साथ युवामोर्चा के सम्पूर्ण पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को तनमयता के साथ इस कार्यक्रम को सम्पन्न करना है जिसमें दोनो विधानसभाओं मे यह यात्रा अलग अलग निकाली जायेगी हर घर तिरंगा अभियान पर चर्चा – हर घर तिरंगा अभियान के अन्तर्गत हमें प्रत्येक घर, आफिस, शहीद स्मारक, जैसे अनेक स्थानों पर हमें तिरंगा लगाकर सेल्फी हरघरतिरंगा.काॅम में अपलोड़ करना है। साथ ही संगठन व नमों एप में भी अपलोड़ करना है। इसके साथ ही महापुरूषों के स्मारकों पर स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रम प्रमुख स्थानों मे करना है। विभाजन विभिषिका कार्यक्रम पर भारत को दो टुकड़ो मे अग्रेजों ने बाट दिया इसी की याद में हम विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस के रूप में मेकलसुता महाविद्यालय में संगोष्ठी करंेगे।  सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण अपने निकटस्थ अमृत सरोवर बांधों मे जाकर ध्वजारोहण करेगें इसकी सहभागिता अच्छे से हो इसके लिए हमें प्रशासन के साथ चर्चा कर सम्पन्न करना है। 17 अगस्त को मा. मुख्यमंत्री जी का डिण्डौरी प्रवास पर चर्चा यह कार्यक्रम में महिला मोर्चा को नवाचार करना है कि रक्षावंधन के पूर्व मान. मुख्यमंत्री जी का हमारे डिण्डौरी जिले मे आगमन हो रहा है। 26 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में श्रद्वेय कुशाभाउ ठाकरे जी जयंती कार्यक्रम हमें जयंती मनाना है। राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने विकसित भारत के लिए विकासित मध्यप्रदेश में आगामी 5 वर्षो मे प्रदेश की वार्षिक बजट दोगुना कर दी है घरेलू नल जल कनेक्शन, खेती को लाभकारी बनाने के लिए श्रीअन्न के अन्तर्गत जिला डिण्डौरी में अन्न अनुसंधान केन्द्र कृषि क्षेत्र में स्थापना की जा रही है। गंभीर रोगियों के लिए म.प्र. सरकार ने एयर ऐम्बूलेंस सेवा योजना लखपति दीदी, दीदी उज्जवला योजना, मातृ वंदना योजना, स्वामित्व का अधिकार जैसे है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर देश की जनता जनार्दन, कार्यकर्ताओं का अभिनंदन और आभार व्यक्त करता हूॅ। यह ऐतिहासिक एवं सुखद् अनुभूति है कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के 76 वर्ष मे देश के जनमानस ने किसी प्रधानमंत्री को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप मे जनादेश देकर स्वीकार की है।  राष्ट्रीय मंत्री व शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि विगत दिवस सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव 2024 का ये चुनाव नीति, नीयत, निष्ठा और निर्णयों पर विश्वास का चुनाव रहा है मजबूत और निर्णायक सरकार मे विश्वास, सुरक्षा स्थिरता और निरंतरता में विश्वास, ईमानदारी और कडी मेहनत में विश्वास और सुरक्षा व समृद्वि मे विश्वास सरकार की गारंटी में विश्वास, विकसित भारत के संकल्प मे विश्वास का रहा है। 10 वर्षो की सेवा व सुशासन पर जीत का मुहर जनता ने लगाई है। उक्त बैठक का संचालन जिला महामंत्री ज्ञानदीप त्रिपाठी व आभार जिला महामंत्री जयसिंह मरावी ने व्यक्त किया। उक्त बैठक में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेन्द्र सिंह राजपूत, अजजा मोर्चा प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह तेकाम, वरिष्ठ नेता अशोक अवधिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रूदेश परस्ते, वरिष्ठ नेता विष्णु अवधिया, प्रभात जैन जिला उपाध्यक्ष मनोहर सिंह ठाकुर, महेश सिंह पाराशर, बद्रीप्रसाद साहू, सुशीला मार्को, इन्द्रावती धुर्वे, प्रीतम मरावी, जिला मंत्री मनका सिंह वनवासी, राजेन्द्र प्रसाद दुबे, कीर्ति गुप्ता, अनुराग गुप्ता, अंजू साहू, जिला मीडिया प्रभारी सुधीरदत्त तिवारी, जिला कार्यालय मंत्री पुनीत जैन, जिला सह मीडिया प्रभारी अनूप गुप्ता, सह सोशल मीडिया संयोजक अविनाश सिंह सैनी, आई.टी. संयोजक राहुल पाण्डेय, जिला पंचायत सदस्य हीरा रूदेश परस्ते, जनपद अध्यक्ष आशा सिंह धुर्वे, नगरपरिषद उपाध्यक्ष सारिका नायक, वरिष्ठ नेता सरमन सिंह ठाकुर, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष महेश सिंह धुमकेती, युवामोर्चा जिलाध्यक्ष राकेश सिंह परस्ते, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष परसराम नागेश, महिलामोर्चा जिलाध्यक्ष नरवदिया मरकाम, पि.वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष दशरथ सिंह राठौर, किसानमोर्चा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र चंदेल मण्डल महामंत्री भागीरथ उरैती, चन्द्रशेखर नायक, रामकिशोरी ठाकुर, अनिल साहू, जयसिंह सरैया, सुरेश नायक, सौरभ सोनी, नीलू जैन, भगवत मरावी, प्रेमसिंह धुर्वे, धनेश धनंजय, सरजूप्रसाद ठाकुर, रजनी मंदे,  मिथलेश मिश्रा, जगदीश धुर्वे,कुंवरिया मरावी, कुंजन नंदेहा, क्रांति धुर्वे, देववती बालरे, उषा सैयाम, बोधराम सरैया, गणेशदास सोनवानी, राजकुमार पचैरी, अशोक संत, राजेन्द्र मिश्रा, किशोर मार्को, भद्दूसिंह मौहारी, सोनेलाल परस्ते, धीरेन्द्र चक्रवर्ती, गजेन्द्र ठाकुर, गामूसिंह परमार, नरेश चन्देल, हरीश जित्तु राय, चन्द्रकिशोर हरदहा, सारंग चैकसे, शिवनारायण यादव, मुकेश पाटिल, रविन्द्र सोनी, प्रवीण वर्मन, प्रवीण धुर्वे, जयसिंह पट्टा,रामदास बघेल  सहित बड़ी संख्या मे पदाधिकारी व कार्यकर्तागण मौजूद रहें। recent visitors 71

राज्यपाल सी.पी. ने कहा कि एक सामान्य परिवार के व्यक्ति का संघर्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री बनता है

मुंबई  भारतीय लोकतंत्र को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ लोकतंत्र माना जाता है। राज्यपाल सी.पी. ने कहा कि एक सामान्य परिवार के व्यक्ति का संघर्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री बनता है। उन्होंने आगे कहा कि यहां चाय विक्रेता पीएम और रिक्शा चालक अपनी सेवा से सीएम का पद भार ग्रहण करता है,यही भारतीय लोकतंत्र की सुंदरता है। ठाणे के गणेश गडकरी रंगायतन थिएटर, ठाणे में जीवनी पुस्तक “योद्धा कर्मयोगी- एकनाथ संभाजी शिंदे” प्रकाशन के समापन के अवसर पर महामहिम राज्यपाल राधाकृष्णन ने कहा कि इस. ग्रंथदिंडी के माध्यम से जीवनी पुस्तक “योद्धा कर्मयोगी.. एकनाथ संभाजी शिंदे”के सामाजिक और राजनीतिक सफर को सार्वजनिक मंच पर लाया गया। और इस जीवनी पुस्तक का प्रकाशन राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा संपन्न किया गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, अजित दादा पवार, उपसभापति डॉ. नीलम गोरे उद्योग मंत्री उदय सामंत और ठाणे के पालक मंत्री, आदि मौजूद थे। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि मुझे छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि पर काम करने का मौका मिला है. मैं इससे बहुत खुश हूं.’ छत्रपति शिवाजी महाराज के बिना हमारी संस्कृति जीवित नहीं रह पाती। यह उनके महान कार्यों का ही परिणाम है कि आज महाराष्ट्र का नाम पूरे देश में सम्मान से लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कहा, किताबें कभी भी मुफ्त में लेकर नहीं पढ़नी चाहिए। यह मेरी व्यक्तिगत राय है कि यदि आप पुस्तकों को पुस्तक के मूल्य के साथ पढ़ते हैं, तो पुस्तक पढ़ते समय आपकी भावनाएँ जीवंत हो जाती हैं और आप उसका अर्थ समझ जाते हैं।मुख्यमंत्री शिंदे के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए महामहिम राज्यपाल ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है, उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के दौरान एकनाथ शिंदे द्वारा किए गए कार्यों को महाराष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। उस क्षेत्र के गढ़चिरौली जैसे जिले के संरक्षक मंत्री के रूप में उनका काम बहुत सराहनीय है। दिल से कुछ करना, दृढ़ इच्छाशक्ति रखना ही व्यक्ति समाज के लिए कुछ कर सकता है, जैसा कि एकनाथ शिंदे लगातार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को विकास के पथ पर ले जा रहे हैं। और उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस और अजीत दादा पवार का अच्छा समर्थन प्राप्त है। इसमें कोई संदेह नहीं कि वर्ष 2047 में भारत एक महाशक्ति बन जायेगा। खास बात यह है कि जिस तरह से यह सरकार काम कर रही है, उससे महाराष्ट्र का विकास होगा और इसमें कोई संदेह नहीं है कि आने वाले समय में महाराष्ट्र दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैंने कोई इतना बड़ा काम नहीं किया है कि मुझ पर किताब लिखी जाए. सभी के सहयोग से मैं यहां तक आया हूं, , यह स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे और धर्मवीर आनंद दिघे की शिक्षा है। मैंने समाज को जो दिया उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मुझे क्या मिला। इसीलिए मैं इस रास्ते पर काम करने की कोशिश कर रहा हूं.’ मैं कल भी एक कार्यकर्ता था, मैं आज भी एक कार्यकर्ता हूं, और मैं कल भी एक कार्यकर्ता रहूंगा। मेरा मानना है कि सीएम का मतलब कॉमन मैन है, ये बाला साहेब की शिक्षा है. मैं ईमानदारी से उन्हीं शिक्षाओं के आधार पर काम करने का प्रयास कर रहा हूं।सीएम शिंदे ने कहा कि मैं आज जो कुछ हूं वह स्वर्गीय आनंद दिघे की आशीर्वाद की वजह से हूं।     recent visitors 88

अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जिस दिन आया था, उस दिन से हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं : उमर अब्दुल्ला

जम्मू जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के नेता उमर अब्दुल्ला ने घाटी में विधानसभा चुनाव कराने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करें ताकि हम तैयारी शुरू करें। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी में विधानसभा चुनाव पर पत्रकारों से कहा, “अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जिस दिन आया था, उस दिन से हम चुनाव की तैयारी में लगे हैं। पहले लोकसभा का चुनाव हुआ, जो हमने निपटा लिए। अब विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग के लोग जम्मू-कश्मीर के चार दिवसीय दौरे पर आएंगे। हमारी उनसे गुजारिश होगी कि आयोग जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करे और यहां पर चुनाव की तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि उनसे यह भी गुजारिश रहेगी कि वे सबके साथ बराबरी का सलूक करें, ताकि हम लेवल प्लेइंग फील्ड पर चुनाव लड़ें। जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नए जम्मू-कश्मीर का जिक्र सिर्फ संसद में होता है। जमीनी स्तर पर देखें तो यहां के हालात कुछ और ही बयां करते हैं। यहां पर महंगाई है। बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही। मुल्क में सबसे ज्यादा बेरोजगारी अगर कहीं है, तो कश्मीर में है। पांच साल पहले हमसे बहुत सारे वादे किए गए थे, लेकिन उसमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश को लेकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनसे अपील है कि वहां के लोग शांति से रहें। जम्मू-कश्मीर से कई बच्चे वहां पढ़ाई के लिए जाते हैं। उनकी सुरक्षा का सही इंतजाम होना चाहिए।   recent visitors 102

मंत्री दयाशंकर सिंह ने खा आगामी कुंभ मेले को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए

बलिया  उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया में घोषणा की है कि रक्षाबंधन पर पिछले वर्ष की तरह इस बार भी महिलाओं को रोडवेज बसों में दो दिन तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी कुंभ मेले को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। मंत्री ने कहा, “कुंभ मेले को देखते हुए हमने सात हजार नई बसें खरीदने का फैसला किया है। साथ ही, पांच सौ इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर भी दिया जा चुका है। मेला क्षेत्र में डीजल और पेट्रोल वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। सभी बसें अस्थाई डिपो में खड़ी की जाएंगी और श्रद्धालुओं को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों से मेला क्षेत्र में ले जाया जाएगा।” दयाशंकर सिंह ने आगे कहा, “मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार हमने रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी महिलाएं रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।” मंत्री ने यह भी बताया कि कुंभ मेले के लिए राज्य सरकार ने 11 नए अस्थाई डिपो बनाने का निर्णय लिया है। इन डिपो में बसें खड़ी की जाएंगी और श्रद्धालुओं को इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों से मेला क्षेत्र में ले जाया जाएगा। सिंह ने कहा, ‘कुंभ मेला के दृष्टिगत सात हजार नई बस खरीद रहे हैं । सौ इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का ऑर्डर अभी दे दिया है। साथ ही 120 बसों का फिर टेंडर किया गया है। हम पांच सौ इलेक्ट्रिक बस भी लेने जा रहे हैं।इसके अलावा इस बार वॉल्वो लक्जरी बसें भी ले रहे हैं। कुंभ के मेला क्षेत्र में कोई डीजल और पेट्रोल गाड़ी को जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’ उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य कुंभ मेला को प्रदूषण मुक्त बनाना है और इस दिशा में हमने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।”   recent visitors 83

अब समय नहीं आ गया है कि, भारत वैसी ही हिम्मत और तत्परता दिखाए जैसा 1971 में देश ने दिखायी थी ?

नई दिल्ली बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन तो बहाना था. जिस तरह आरक्षण के खत्म होने के बाद भी लगातार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं उससे लगता है कि यह पूरा आंदोलन हिंदुओं के खिलाफ ही शुरू हुआ हो. हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं, हिंदू महिलाओं को उनके घर से उठा लिया जा रहा है, हिंदुओं के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लूट हो रही है, मंदिरों को जलाया जा रहा है. जाहिर है कि भारत इन सब घटनाओं को लेकर चिंतित है. भारत सरकार लगातार बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ संपर्क में है. पर जब वहां कोई कानून व्यवस्था ही नहीं है तो अधिकारी क्या सचाई बताएंगे. इस तरह के अधिकारियों से संपर्क मात्र से हिंदुओं के जान-माल की रक्षा नहीं की जा सकती है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी सरकार से कहा है कि वो बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कुछ करे. बाबा रामदेव जग्गी वासुदेव जैसे गुरुओं ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई है. क्या अब समय नहीं आ गया है कि भारत वैसी ही हिम्मत और तत्परता दिखाए जैसा 1971 में देश ने दिखाया था? भारत हिंदुओं की रक्षा के लिए क्या कर सकता है? बांग्लादेश की सेना हो या खालिदा जिया, सबको है भारत की जरूरत इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि शेख हसीना भारत के प्रति पूर्ण समर्पित थीं. चीन और अमेरिका के दबाव में भी उन्होंने कोई ऐसा काम नहीं किया जो भारत के हितों के विपरीत जाता. पूर्वोत्तर के आतंकवाद को पस्त करने में भी शेख हसीना ने मोदी सरकार की बहुत मदद की. पूर्वोत्तर के तमाम आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग कैंप, जो बांग्लादेश में चल रहे थे, उन्हें खत्म करने में उन्होंने मदद की. कई कुख्यात आतंकियों को भारत को बांग्लादेश ने सौंप कर आतंकवाद पर लगाम लगाने का काम किया. जाहिर है कि अभी कुछ साल अवामी लीग फिर से सत्ता में आने से रही. बीएनपी की खालिदा जिया शुरू से ही पाकिस्तान और अमेरिका समर्थक रही हैं. उनकी पूरी राजनीति भारत विरोध पर टिकी रही है. इसलिए ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए की वो भारत विरोधी रणनीति पर ही काम करेंगी. पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कुछ भी असंभव नहीं है. अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ऐसा महसूस किया जा रहा था कि भारत के लिए परेशानी और बढ़ेगी. पर आज भारत अपने पड़ोसियों में सबसे ज्यादा निश्चिंत शायद अफगानिस्तान से ही है. इसी तरह से अगर भविष्य में खालिदा जिया अगर सत्ता में आती हैं तो उनकी भी मजबूरी होगी भारत से रिश्ते सुधारना. अगर सैन्य शासन कंटीन्यू होता है तो उसे भी भारतीय समर्थन की जरूरत होगी. इसलिए हिंदुओं को बचाने के लिए सबसे पहला प्रयास तो वर्तमान में बंग्लादेश में जो भी सत्ता में आए उससे बात करने की होनी चाहिए. अगर फिर भी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा नहीं रुकती है तो दूसरे कदमों पर विचार करना चाहिए. भारत की बिजली और अन्य मदद पर निर्भर है बांग्लादेश भारत का बांग्लादेश में अरबों का निवेश है.दक्षिण एशिया में बांग्लादेश हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वर्ष 2022-23 के बीच दोनों देशों के बीच का कुल व्यापार 15.93 बिलियन अमेरिकी डालर रहा है. ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश कई प्रोजेक्ट्स पर संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं. बांग्लादेश वर्तमान में 1160 मेगावाट बिजली भारत से आयात कर रहा है. दोनों देशों के बीच भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन बेहद अहम है. भारत ने पिछले एक दशक में बांग्लादेश को सड़क, रेलवे, बंदरगाहों के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए हैं.बांग्लादेश भारत पर बिजली के लिए निर्भर है. भारत के हाथ खींचने से बांग्लादेश के कई प्रोजेक्ट्स रुक सकते हैं. बांग्लादेश पहले से ही चीन का कर्जदार है .चीन का कर्जा इतना बढ़ चुका है कि चीन अब बिना कुछ लिए मदद नहीं करने वाला है. खालिदा जिया हों या सेना कोई भी नहीं चाहेगा कि कर्ज के लिए चीन की ऐसी शर्तों को मानें जो देश के स्वाभिमान के खिलाफ हैं. अलगाववादी आंदोलनों को दे सकते हैं हवा दक्षिण एशिया की राजनीति को समझने वाले जानते हैं कि किस तरह बांग्लादेश, म्यांमार और भारत के पूर्वी ईसाई बहुल हिस्सों को मिलाकर एक ईसाई देश बनाने की तैयारी चल रही है. बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी एक बार कहा था कि पश्चिमी देशों की योजना है कि ईस्ट तिमोर जैसा एक ईसाई देश बनाया जा सके, जो सीधे उनकी उंगली पर नाच सके. हसीना ने यह भी कहा था कि एक ह्वाइट मेन बांग्लादेश के एक द्वीप पर सैन्य अड्डा बनाने की अनुमति मांग रहा था. समझा जाता है कि उनका इशारा अमेरिका की ओर था. बांग्लादेश में तख्तापलट से भी समझा जा रहा है कि अमेरिकी एजेंसियों का हाथ है. भारत को खुलकर इस अलगाववादी आंदोलन को हवा देनी चाहिए. रही बात भारत के हिस्से की तो भारत आर्थिक और सामरिक दोनों तरीकों से इतना ताकतवर हो चुका है कोई भी यहां का स्टेट या समुदाय फटेहाल लोगों के साथ नहीं जाना चाहेगा. भारत को बांग्लादेश में काफी समय से चल रहे बंगभूमि आंदोलन को हवा देना होगा. इस अलगाववादी आंदोलन की कल्पना बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए बांग्लादेश में एक अलग बंगाली हिंदू देश बनाने की है. वंगा ऑर्मी एक अलगाववादी हिंदू संगठन है जिसका नेतृत्व कालिदास बैद्य करते हैं. 1971 में भारतीय सेना ने मुक्तिवाहिनी को ट्रेनिंग दी, जो बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग करने में काम आया. यूक्रेन में जिस तरह रूसी भाषियों की सुरक्षा हुई, उससे सीख ले सकते हैं काउंसिल आफ स्ट्रैटेजिक अफेयर्स से संबद्ध सामरिक विश्लेषक दिव्य कुमार सेतु अपने एक ऑर्टिकल में लिखते हैं कि बांग्लादेश में जिस तरह हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं उसकी भयावहता को देखते हुए भारत को हिंदू अल्पसंख्यकों की दूरगामी सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम करना होगा. इसके लिए भारत चाहे तो रुस से सीख ले सकता है. यूक्रेन के डोनस्क और लुहांस्क में जिस तरह रूसी भाषियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाया गया है उसी तरह भारत के निकट बांग्लादेश में हिंदुओं की घनी आबादी वाले क्षेत्र स्थापित किए जाएं. अगर हम यह नहीं कर सके तो बांग्लादेश … Read more

NEET PG पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, परीक्षा स्थगित करने की मांग के साथ दायर हुई थी याचिका

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मेडिकल के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 11 अगस्त को निर्धारित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी) 2024 में 'कुछ व्यवहारिक परेशानियों' के कारण स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता विशाल सोरेन और अन्य के अधिवक्ता अनस तनवीर की ओर से मामले का उल्लेख करते हुए शीघ्र सुनवाई करने की गुहार स्वीकार की और नौ अगस्त के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को निर्देश दिया, "कृपया इसे शुक्रवार सूचीबद्ध करें।" सोरेन द्वारा दायर याचिका दलील दी गई है कि अभ्यर्थियों को एन वक्त पर ऐसे शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जहां पहुंचना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्हें अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा शहरों का आवंटन 31 जुलाई को किया गया और परीक्षा केंद्रों की घोषणा 8 अगस्त को की जानी है।इस प्रकार अभ्यर्थियों को 11 अगस्त को परीक्षा के लिए संबंधित केंद्रों तक पहुंचने के लिए बहुत कम समय दिया गया। इसके अलावा परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जानी है। इतना ही नहीं सामान्यीकरण समेत अन्य फॉर्मूले के बारे में अभ्यर्थियों को कुछ भी मालूम नहीं है। इस वजह से याचिकाकर्ताओं को कई प्रकार की आशंका हो रही है।     recent visitors 82