Wednesday, July 1, 2026 6:14 pm

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले का बदला लेने के लिए दिल्ली में कुछ रोहिंग्या मुसलमानों को पीटा गया

नई दिल्ली बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले का बदला लेने के लिए दिल्ली में कुछ रोहिंग्या मुसलमानों को पीटा गया है। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को थप्पड़ मारकर चर्चा में आए कथित गौरक्षक दक्ष चौधरी ने यह हमला किया है। इंस्टाग्राम पर दक्ष ने इसे कबूल करते हुए कहा कि उसने जो किया उसके लिए कोई पछतावा नहीं है। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि रात के समय 5-6 लोग हाथों में डंडा लेकर कूड़े-कचरे के ढेरों के बीच रह रहे लोगों पर टूट पड़ते हैं। डंडे से उन्हें पीटा जा रहा है। गालियां देते हुए उन्हें जगह खाली करने और बांग्लादेश भागने को कह रहे हैं। हमला करते समय दक्ष कहता है- बांग्लादेश में हिंदुओं बेटियों के साथ रेप हो रहे हैं और यहां सपोले पनप रहे हैं। सरकार चुप बैठी है, संगठन चुप बैठे हैं। रोहिंग्या मुसलमानों को पीटने के बाद दक्ष ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो मैसेज पोस्ट करते हुए कहा, 'जो किया उसके लिए कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि बांग्लादेश में जिन बहनों के साथ बलात्कार हुआ, जिन हिंदुओं को मारा गया, मंदिरों को तोड़ा गया वह सब मेरे अपने थे, प्रत्येक भारतीय के थे। क्यों मारा गया उन्हें, क्यों बलात्कार हुआ क्योंकि वह हिंदू थे। विपक्ष मौन है, बॉलीवुड मौन है, यह वही बॉलीवुड है जब हमास का समर्थन करता है लेकिन जब हिंदुओं पर बर्बता होती है तो चुप रहता है। हमने शुरुआत कर दी है,  बाकी अब क्या करना है भारत के युवाओं, संगठनों को यह आपको पता है। अब इस देश में रोहिंग्या मुस्लिम बिल्कुल नहीं रहे। सरकार असमर्थ है, हम नहीं। एफआईआर हुई है, गिरफ्तारी भी होगी, जेल भी जाएं, लेकिन अब कोई डर नहीं है। लास्ट मैसेज है पता नहीं अब क्या होगा। जय श्रीराम।' दक्ष वही शख्स है जिसने फैजाबाद सीट से भाजपा की हार पर अयोध्या के लोगों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके लिए उसे गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले कन्हैया कुमार पर हमले के बाद भी उसे हिरासत में लिया गया था। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में रहने वाला दक्ष खुद को गौरक्षक बताता है। गौरतलब है कि बांग्लादेश में शेख हसीना के इस्तीफे के बाद बड़े पैमाने पर उपद्रव हुए। इस दौरान कई जगह हिंदुओं को निशाना बनाया गया। इसको लेकर भारत में हिंदुवादी संगठनों ने आक्रोश जाहिर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार को बधाई देते हुए कहा है कि हिंदुओं और अल्पसंख्यक समुदाय की रक्षा की जाए।   recent visitors 105

आज SC में CJI करेंगे आमिर खान का स्‍वागत! जजों के साथ देखेंगे बॉलीवुड स्‍टार की ये मूवी, वजह बेहद खास

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में आज एक खास इनीशिएटिव के तहत ‘लापता लेडीज’ फिल्म दिखाई जाएगी। यह फिल्म जजों, उनके परिवार के सदस्यों और रजिस्ट्री अधिकारियों के लिए यह फिल्म दिखायी जाएगी। समीक्षकों ने इस फिल्म की काफी प्रशंसा की है और यह लैंगिक समानता के विषय पर आधारित है। सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक अनुभाग द्वारा जारी संदेश के अनुसार, प्रसिद्ध अभिनेता एवं निर्माता आमिर खान के अलावा फिल्म की निर्देशक किरण राव भी स्क्रीनिंग के दौरान उपस्थित रहेंगी। फिल्म देखने का यह आइडिया जस्टिस चंद्रचूड़ की पत्नी कल्पना दास का था। उन्होंने अपने स्टाफ के साथ यह फिल्म देखी थी। सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक अनुभाग द्वारा जारी संदेश में कहा गया है कि भारत के सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 75वें वर्ष के दौरान आयोजित गतिविधियों के तहत लैंगिक समानता के विषय पर आधारित फिल्म 'लापता लेडीज' शुक्रवार, नौ अगस्त 2024 को प्रशासनिक भवन परिसर के सी-ब्लॉक स्थित सभागार में प्रदर्शित की जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और उच्चतम न्यायालय के अन्य न्यायाधीश अपने परिवार के लोगों के साथ फिल्म देखने पहुंचेंगे। फिल्म अपराह्न सवा चार बजे से शाम छह बजकर 20 मिनट तक दिखाई जाएगी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने बताया कि यह सुप्रीम कोर्ट के स्टाफ को सेंसिटाइज करने की मेरी कोशिश है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में ऐसा बहुत कुछ हो रहा है, जिसकी बहुत ज्यादा पब्लिसिटी नहीं हो रही है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट स्टाफ मेंबर्स के लिए आयुर्वेदिक क्लीनिक चलाई जा रही है। यहां पर 24 घंटे सुप्रीम कोर्ट स्टाफ मेंबर्स का इलाज किया जाता है। recent visitors 85

23 अगस्त को पीएम मोदी के यूक्रेन दौरे पर जाएंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अगस्त को शांति का अग्रदूत बनकर यूक्रेन की यात्रा पर जाने वाले हैं। सरकारी सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा का उद्देश्य दो साल से चल रहे संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की गारंटी देना है। इससे पहले जुलाई में मॉस्को में भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बताया कि यूक्रेन संकट का सैन्य समाधान संभव नहीं है। बम, बंदूक और गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं हो सकती। न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अब पीएम मोदी इस महीने के अंत में यूक्रेन में भी शांति का यह संदेश लेकर जाएंगे। रूस के द्वारा हमला करने के बाद दुनिया के कई नेताओं ने कीव की यात्रा की है। हालांकि, अभी तक युद्ध का समाधान नहीं निकाला जा सका है। पीएम मोदी से उम्मीद की जाती है कि वह अपने कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच की लड़ाई को खत्म करने के लिए करेंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की रूस यात्रा के परिणाम है। यूक्रेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में भारत द्वारा लगातार इसका समाधान उठाने का प्रयास किया जा रहा है। रूस के साथ घनिष्ठ संबंधों के बावजूद भारत ने यह सुनिश्चित किया है कि संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। जून में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ अपनी बैठक के दौरान पीएम मोदी ने संघर्ष का समाधान खोजने के लिए एक शांतिपूर्ण समाधान और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की। आपको बता दें कि अगर पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा होती है तो यह चार दशकों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यूक्रेन की पहली यात्रा होगी। recent visitors 94

इजरायल में फलस्तीनी कैदियों का हो रहा यौन शोषण, US ने की वीडियो की जांच की मांग

तेल अवीव  इजरायल के हिरासत केंद्र में फिलिस्तीनी पुरुष कैदियों के यौन उत्पीड़न का विडियो सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। यौन उत्पीड़न का आरोप इजरायली सैनिकों पर लगा है। एन12 न्यूज पर प्रसारित विडियो में एसडीई तेइमान हिरासत केंद्र में कथित तौर पर इजरायली रक्षा बल (IDF) के सैनिकों को एक फिलिस्तीनी कैदी के खिलाफ यौन हिंसा का जघन्य अपराध करते हुए दिखाया गया है। इसके बाद कैदी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ये विडियो दहला देने वाला है। फुटेज सामने आने के बाद दुनिया भर में इसकी निंदा हो रही है। बताया गया है कि केंद्र फिलिस्तीनी कैदियों को रोजाना प्रताड़ित किया जाता था। बलात्कार, बिजली के झटके और मारपीट हिरासत केंद्र से रिहा हुए इब्राहिम सलेम ने मिडिल ईस्ट आई से बात करते हुए अपने साथ हुए खौफनाक अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि हिरासत केंद्र में कैदियों के साथ बलात्कार, बिजली का झटका और बार-बार मारपीट की जाती थी। 36 वर्षीय सलेम ने बताया कि अधिकांश कैदी यौन उत्पीड़न के साथ बाहर आते हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार बलात्कार के चलते उन्हें घाव हो जाते हैं। अधिकांश कैदी यह स्वीकार करने से बचते हैं कि उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। वे एक दूसरे को बताते हैं कि यह बवासीर है। महिला सैनिक भी करती थीं रेप सलेम ने बताया कि कभी-कभी महिला सैनिक भी यौन उत्पीड़न करती थीं। वह उत्तरी गाजा के कमाल अदवान अस्पताल में आईसीयू में थे, जब दिसम्बर 2023 में इजरायली सेना ने वहां छापा मारा था। वह अस्पताल में अपने बच्चों के साथ थे, जो इजरायली हमले में घायल हो गए थे। इस हमले में उनके भाई-बहन अपने कई बच्चों के साथ मारे गए थे। सलेम ने बताया कि जब सेना आई तो मुझसे पूछा कि वह यहां कर रहे हो। इस पर उन्होंने सैनिकों को अपने बच्चों की रिपोर्ट दी और अरबी में बताया कि 'मेरे बच्चे आईसीयू में हैं। वे हिल नहीं सकते।' हर बात पर मिलती थी सजा इसके बाद इजरायली सैनिक सलेम को लेकर चले गए। उन्होंने बताया कि इजरायली सैनिकों ने उन्हें और कई अन्य लोगों को बिना कपड़ों के एक बड़े गड्ढे में रखा था। वहां, सैनिक फिलिस्तीनियों को पीटते थे और अपमानित करते थे। इस दौरान कैदियों के हाथ और पैर बंधे होते थे। सलेम ने कहा कि सैनिक अपमानित करने के लिए उन्हें गंदी-गंदी गालियां देते थे। कैदियों को अपने और परिवार के बारे में गंदी बातें कहने के लिए मजबूर किया जाता था। एसडीई तेइमान में बिताए 52 दिनों को सलेम अपनी जिंदगी का सबसे बुरा दिन मानते हैं। वहां हमेशा कैदियों को सजा दी जाती है। कैदी कुछ भी करें, सजा मिलनी ही होती है। पूछताछ के दौरान सबसे भयावह यातना दी जाती थी। अमेरिका ने की निंदा फिलिस्तीनी कैदियों के यौन उत्पीड़न का विडियो सामने आने के बाद इसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। इस घटना ने इजरायली हिरासत केंद्रों के अंदर मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में गंभीर सवाल उठाए हैं। अमेरिका ने कैदियों के साथ यौन उत्पीड़न पर प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, किसी के साथ बलात्कार पर कोई सफाई नहीं हो सकती और बंदियों के यौन उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए। मिलर ने कानून का राज स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। recent visitors 84

रजत पदक जीतने पर नीरज चोपड़ा को जाने कितनी मिली प्राइज मनी?गोल्ड मेडल से चूकने पर नीरज का छलका दर्द

 पेरिस  पेरिस ओलंपिक 2024 में जैवलिन थ्रो का फाइनल बेहद रोमांचक रहा। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि सीजन के अपने बेस्ट थ्रो के साथ नीरज चोपड़ा को गुरुवार रात रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।नीरज चोपड़ा जो क्वालीफाइंग में 89.34 मीटर के शानदार प्रयास के साथ फाइनल में स्वर्ण के प्रबल दावेदार थे, लेकिन उन्हें भाग्य का साथ नहीं मिला।इस खास उपलब्धि और देश का मान बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज को बधाई और शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नीरज चोपड़ा उत्कृष्टता के साक्षात उदाहरण हैं। उन्होंने बार-बार अपनी प्रतिभा दिखाई है। भारत को खुशी है कि वह एक बार फिर ओलंपिक में सफल रहे हैं। रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई। वह आने वाले अनगिनत एथलीट्स को अपने सपनों को पूरा करने और हमारे देश को गौरवान्वित करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।" पदक मुकाबले में नीरज ने 89.45 मीटर जैवलिन फेंका, लेकिन यह मौजूदा विश्व चैंपियन और डायमंड लीग फाइनल विजेता के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ क्योंकि पाकिस्तान के अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीतकर उन्हें पछाड़ दिया। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 92.97 मीटर के थ्रो के साथ नया ओलंपिक रिकॉर्ड स्थापित किया। 92.97 मीटर के विशाल थ्रो ने नदीम को शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया और वह 88, 72, 79.40 मीटर और 84.87 मीटर के थ्रो के साथ उस स्थान पर बने रहे और फिर 91.79 मीटर के थ्रो के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। यह दूसरी बार था जब किसी ने ओलंपिक में दो बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया। वह ओलंपिक में व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के पहले स्वर्ण पदक विजेता बन गए हैं। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 88.54 मीटर दूर जैवलिन फेंक कर कांस्य पदक जीता। चोपड़ा ने फाइनल की शुरुआत अपने पहले प्रयास में फाउल से की, नदीम ने भी अपना पहला थ्रो फाउल किया, जबकि त्रिनिदाद के केशोर्न वाल्कोट ने 86.16 मीटर के थ्रो के साथ बढ़त बनाई। एंडरसन पीटर्स 84.70 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। पदक के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे नीरज का पहला प्रयास असफल रहा। ऐसे में दबाव में नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 89.45 मीटर जैवलिन (सीजन बेस्ट) फेंका। इसके बाद भारतीय एथलीट के अगले 4 प्रयास भी फाउल रहे। पेरिस ओलंपिक में जैवलिन थ्रो इवेंट इतनी चुनौतीपूर्ण थी कि टोक्यो में रजत पदक जीतने वाले जर्मनी के जूलियन वेबर को छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। नीरज से उम्मीदें इतनी ज्यादा थीं कि रजत पदक जीतना निराशाजनक रहा, लेकिन गुरुवार को नीरज कुछ नहीं कर सके क्योंकि नदीम ने सभी को मात दे दी। रजत पदक जीतने के साथ नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए इतिहास रच दिया, वे ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतने वाले दूसरे पुरुष भारतीय और कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले पहलवान सुशील कुमार ने 2008 और 2012 के खेलों में कांस्य और रजत पदक जीता था। पीवी सिंधु लगातार दो पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय हैं। उन्होंने 2016 और 2020 में रजत पदक जीते थे। नीरज का रजत पदक पेरिस में भारत का पांचवां पदक था, जिसमें एक रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। पिछले कुछ वर्षों से भारतीय खिलाड़ी चोटों से जूझ रहे हैं और ऐसा लगता है कि इसका असर अभी भी है। नीरज चोपड़ा को क्या मिला? नीरज चोपड़ा को ओलंपिक या वर्ल्ड एथलेटिक्स की तरफ से सिल्वर मेडल जीतने पर कोई प्राइज मनी नहीं मिली है। इस ओलंपिक में वर्ल्ड एथलेटिक्स ने सिर्फ गोल्ड मेडलिस्ट के लिए ही प्राइज मनी का ऐलान किया है। 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक से एथलेटिक्स के सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को भी प्राइज मनी दी जाएगी। एथलेटिक्स के अलावा इस बार किसी अन्य इवेंट में विजेताओं को कोई प्राइज मनी नहीं मिली है। नीरज ने इससे पहले दस मुकाबलों में हमेशा नदीम को हराया था। गोल्ड हाथ से फिसलने के बाद नीरज का दर्द छलका है। नीरज ने कहा कि आज उनका दिन नहीं था। उन्होंने साथ ही एक बड़ी भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि भले ही मैं पेरिस में राष्ट्रगान नहीं बजवा पाया लेकिन कहीं और यह जरूर होगा। बता दें कि जिस देश का खिलाड़ी गोल्ड जीतता है, उसके यहां का राष्ट्रगान बजाया जाता है। 'जो कमियां हैं, उनको सुधारेंगे' 26 वर्षीय नीरज ने सिल्वर मिलने के बाद कहा, ''देश के लिए जब भी मेडल जीतते हैं तो उसकी खुशी होती है। अब गेम में इम्प्रूवमेंट का समय है। हम बैठेंगे, चर्चा करेंगे और सुधार करेंगे। जो कमियां हैं, उनको सुधारेंगे। अगर ओवरऑल देखें तो इंडिया की परफर्मेंस अच्छी रही है। टोक्यो के साथ गोल्ड, ब्रॉन्ज या सिल्वर की तुलना ना करें। जरूरी नहीं है कि हर बार हमारे मेडल बढ़ते जाएं। लेकिन आने वाले समय के लिए यह संकेत है कि हमारे मेडल और बढ़ेंगे।'' वहीं, नीरज से जब टोक्यो की तुलना में पेरिस के फाइनल में कड़ी टक्कर पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''कंपटीशन बहुत अच्छा था। हर एथलीट का अपना दिन होता है। आज अरशद का दिन था। लेकिन टोक्यो, बुडापेस्ट या एशियन गेम्स की बात करें तो अपना दिन था।'' 'मैं स्वीकार करता हूं कि…' उन्होंने आगे कहा, ''मैंने अपना बेस्ट दिया लेकिन कुछ चीजों पर ध्यान देने और उनपर काम करने की जरूरत है। थोड़ा इंजरी ठीक करके उस दिशा में काम करना होगा। खेल के समय जो फोकस इंजरी की तरफ रहता है, वो परफॉर्मेंस की तरफ हो, यह देखने होगा। थ्रो तो है और अच्छा है। एक बार निकलेगी जब सब तरीके से फिट हो जाएंगे और मेंटली बिलकुल तैयार होंगे। सबकी उम्मीद थी कि हमारा हमारा राष्ट्रगान बजे। उसपर खरा भी उतरे हैं। लेकिन मैं यह बात स्वीकार करता हूं कि आज शायद अपना दिन नहीं था। हमेशा अच्छा रहा है पर आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाया। भले ही पेरिस में राष्ट्रगान नहीं बजा मगर आगे फिर मौका मिलेगा और कहीं और ऐसा होगा।''     recent visitors 141

पुलिस ने ISIS के मोस्ट वांटेड आतंकी रिजवान को किया गिरफ्तार, 3 लाख का था इनाम

नई दिल्ली  15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से ठीक पहले दिल्ली में आईएसआईएस के एक मोस्ट वांटेड आतंकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर तीन लाख का इनाम था। गिरफ्तार आतंकी का नाम रिजवान अली है। वह एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था। आतंकी रिजवान अली दरियागंज में रह रहा था। पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल का आतंकी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार किया है। उसके पास से हथियार भी मिले हैं। इस आतंकी को 2018 में पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था। हालांकि, बाद में छोड़ दिया गया था। पुणे ISIS मॉड्यूल का आतंकी रिजवान अरेस्ट रिजवान अली, पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल के कुख्यात आतंकियों में शामिल था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को उसके दरियागंज में होने की जानकारी मिली थी। इसी दौरान छापेमारी की गई जिसमें आतंकी गिरफ्तार कर लिया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल रिजवान अली से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से हथियार में बरामद हुआ है। मोस्ट वांटेड आतंकी पर था 3 लाख का इनाम एनआईए की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल रिजवान अली की तलाश काफी समय से थी। उस पर 3 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था। ऐसा बताया जा रहा कि उसने कई जगह दिल्ली आईईडी बनाकर टेस्टिंग भी की थी। पुणे मॉड्यूल में रिजवान अली के शामिल होने का खुलासा होने के बाद लगातार एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थी। हालांकि, वो लगातार छिप-छिपकर रहा था। स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में खास समारोह होता है। इससे ठीक पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आतंकी रिजवान अली को गिरफ्तार करने में सफल रही। देखना होगा कि पूछताछ में उससे क्या जानकारी मिलती है। स्पेशल सेल के अधिकारी रिजवान अली से लगातार पूछताछ कर रहे हैं। recent visitors 101