पीएम मोदी आज वायनाड दौरे पर, भूस्खलन पीड़ितों से मिलेंगे, घटना और रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर बैठक करेंगे

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को केरल के वायनाड में भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा करने जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी इस भीषण हादसे में हुई तबाही और आपदा का हवाई सर्वेक्षण करेंगे  बता दें कि केरल में भूस्खलन जैसे प्राकृतिक आपदा के कारण 300 से अधिक लोगों की जान चली गई थी. 30 जुलाई 2024 को, केरल के वायनाड जिले में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन हुआ था. वहीं सामने आया है कि वायनाड भूस्खलन में मरने वालों की संख्या और बढ़ गई है. 226 शव और बरामद हुए. सर्च अभियान में  403 बॉडी पार्ट्स मिले हैं. शनिवार को नहीं चलेगा सर्च अभियान बता दें कि, प्रधानमंत्री की यात्रा के कारण जिले में सख्त प्रतिबंधों के कारण शनिवार को मुंडाकाई और चूरलमाला जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कोई तलाशी अभियान नहीं चलाया जाएगा. जिला कलेक्टर डी.आर. मेघाश्री ने इसकी जानकारी दी है. खोज में शामिल वालेंटियर्स और अन्य लोगों को आपदा क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं है. जिला कलेक्टर ने यह भी घोषणा की कि सर्च ऑपरेशन रविवार को फिर से शुरू किया जाएगा. ये है पीएम मोदी के दौरे का तय कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को भूस्खलन प्रभावित वायनाड का दौरा करेंगे और आपदा प्रभावितों से मिलेंगे. एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री एक विशेष विमान से कन्नूर पहुंचेंगे. वहां से वह हेलीकाप्टर से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. इसके बाद वे कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे, जहां फिलहाल 10,000 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं. राहुल गांधी ने कहा, धन्यवाद पीएम मोदी के वायनाड जाने को लेकर वायनाड से कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि, 'व्यक्तिगत रूप से भयानक त्रासदी का जायजा लेने के लिए वायनाड आने के लिए धन्यवाद, मोदी जी. ये एक अच्छा फैसला है. मुझे विश्वास है कि एक बार जब प्रधानमंत्री प्रत्यक्ष रूप से तबाही की सीमा को देख लेंगे, तो वह इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर देंगे.' वायनाड में कैसे आई त्रासदी वायनाड में आई आपदा का केंद्र इरुवाझिंझी नदी है, जो लगभग 1800 मीटर की ऊंचाई पर है और तीन प्रभावित गांवों- व्यथरी तालुका में मुदक्कई, चूरलमाला और अट्टामाला से होकर बहती है. इसके बाद यह चलियार नदी में मिल जाती है. बारिश के बाद नदी के पानी में बढ़ोतरी हो गई और इसकी जल धाराएं ज्यादा तेज हो गईं. अधिकारियों का कहना है कि व्याथरी (Vythri) में 48 घंटों में लगभग 57 सेमी बारिश हुई, जिसके बाद इरुवाझिंझी में उफान आया और भूस्खलन हुआ. भूस्खलन का मलबा नदी में गिर गया और मलबे की एक दीवार बन गई. इसके बाद ऊपर की तरफ के गांव जलमग्न हो गए. ऊपर की पहाड़ियों से नदी में बहता भारी बारिश का पानी और ढलान आपदा की वजह बने. रिमोट सेंसिंग डेटा से पता चलता है कि नदी के रास्ते पर पहला गांव मुंदक्कई, जो अब समतल और तबाह हो गया है, लगभग 950 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर केंद्र लगभग आधा है.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 90

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर को चिन्हित करने के फैसले भी नहीं

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में संविधान में दिए गए एससी और एसटी के लिए आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में स्पष्ट किया कि डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण प्रणाली में “क्रीमी लेयर” का प्रावधान नहीं है. ऐसे में अंबेडकर के संविधान के मुताबिक ही आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए. दरअसल कैबिनेट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा हुआ हुई. कैबिनेट का मत था कि एनडीए सरकार अंबेडकर के बनाए संबिधान को लेकर प्रतिबद्ध है और एससी एसटी में कोई क्रीमीलेयर का प्रावधान नहीं है. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शुरू हुई हालिया बहस के बारे में बात की. सरकार संविधान प्रति कटिबद्ध वैष्णव ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के संबंध में निर्णय सुनाया था और एससी-एसटी आरक्षण के संबंध में सुझाव दिया था. मंत्रिमंडल में इस पर विस्तृत चर्चा हुई. एनडीए सरकार बीआर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के प्रति कटिबद्ध है. बीआर अंबेडकर के संविधान के अनुसार एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण संवैधानिक दिशानिर्देशों के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए. यह पूछे जाने पर कि क्या यह मुद्दा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री या प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया था, वैष्णव ने कहा कि यह मंत्रिमंडल का सुविचारित विचार है. सांसदों ने की थी पीएम से मुलाकात इससे पहले शुक्रवार को एससी और एसटी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी और एससी/एसटी आरक्षण के मुद्दे और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा की.बैठक के बाद मोदी ने एक्स पर कहा, "आज एससी/एसटी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. एससी/एसटी समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता और संकल्प को दोहराया." वहीं प्रधानमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा के राज्यसभा सदस्य सिकंदर कुमार ने कहा, "हम सभी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से चिंतित हैं. हमें इस मामले पर चिंता जताने वाले लोगों के फोन आ रहे हैं. एससी और एसटी का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और इस संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की." कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों के साथ गंभीर चर्चा की और आश्वासन दिया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लागू नहीं होने देगी. उन्होंने कहा, "हम इसके लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हैं." भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को दिए ज्ञापन में आग्रह किया है कि क्रीमी लेयर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लागू नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने पीटीआई से कहा, "प्रधानमंत्री का भी ऐसा ही विचार था. उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को देखेंगे और हमें चिंता न करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि इसे एससी और एसटी श्रेणी में लागू नहीं किया जाएगा." क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस महीने की शुरुआत में, मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने बीते हफ्ते 6:1 के बहुमत वाले फैसले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कोटे में कोटा दिए जाने को मंजूरी दी थी. कोर्ट ने कहा था कि SC-ST कैटेगरी के भीतर नई सब कैटेगरी बना सकते हैं और इसके तहत अति पिछड़े तबके को अलग से रिजर्वेशन दे सकते हैं. देश में अभी अनुसूचित जाति (एससी) को 15 फीसदी और अनुसूचित जनजाति (एसटी) को 7.5 फीसदी आरक्षण मिलता है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एससी और एसटी की जातियों के इसी 22.5 फीसदी के आरक्षण में ही राज्य सरकारें एससी और एसटी के कमजोर वर्गों का अलग से कोटा तय कर सकेंगी. सुप्रीम कोर्ट ने कोटे के अंदर कोटे की अनुमति राज्य सरकारों को देते हुए का था कि राज्य अपनी मर्जी और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के आधार पर फैसला नहीं ले सकते. अगर ऐसा होता है तो उनके फैसले की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है.अगर कोई राज्य किसी जाति को कोटे के अंदर कोटा देती है तो उसे साबित करना होगा कि ऐसा पिछड़ेपन के आधार पर ही किया गया है. ये भी देखा जाएगा कि किसी एससी-एसटी के कुल आरक्षण का उसके किसी एक वर्ग को ही 100% कोटा न दे दिया जाए.     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 100

पेरिस ओलंपिक में बांटे जा रहे घटिया मेडल, सिर्फ इतने ही दिन में सामने आई सच्चाई, एथलीट ने लगाया आरोप

 पेरिस इन दिनों जारी पेरिस 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेल, फ्रांस में आयोजित अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है. इस दौरान होने वाला हर खेल और उसमें जीत- हार इतिहास में दर्ज हो जाएंगे. इस समय हर दिन अलग- अलग देशों से अलग- अलग स्पोर्ट में खिलाड़ियों की जीत की खबरें आ रही हैं. किसी भी एथलीट के लिए ओलंपिक मेडल जीतना जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर होता है और वे इस पल को जीवन भर संजोकर रखते हैं. लेकिन क्या हो अगर ओलंपिक खत्म होने से पहले ही उनका मेडल अपनी चमक खो दे? मौजूदा पेरिस ओलंपिक 2024 में ब्रांज मेडल जीतने वाले एक अमेरिकी एथलीट  Nyjah Huston ने ऐसा ही आरोप लगाया है कि उसे मिला मेडल बेरंग और खराब होने लगा है. पेरिस 2024 में यूएसए स्केटबोर्ड टीम की सदस्य नाइजाह ने ओलंपिक पदकों की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. 29 साल के इस खिलाड़ी ने 30 जुलाई को पुरुषों की स्ट्रीट स्केटबोर्डिंग में तीसरे स्थान पर रहकर ब्रांज मेडल जीता था. यहां जापान के युटो होरिगोम ने गोल्ड और अमेरिका के जैगर ईटन ने सिल्वर मेडल जीता था. क्या बोले नाइजाह? एक्स गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में 18 गोल्ड मेडल जीतने वाले जाने माने स्केटबोर्डर ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर खराब हो रहे ब्रांज मेडल की तस्वीर शेयर की. उन्होंने एक वीडियो में कहा- 'ये ओलंपिक मेडल तब अच्छे लगते हैं जब वे बिल्कुल नए होते हैं, लेकिन इसे थोड़ी देर के लिए पसीने के साथ अपनी त्वचा पर रखने और फिर वीकेंड में अपने दोस्तों देने के बाद, इसकी क्वालिटी सामने आती है.सिर्फ एक सप्ताह हुआ है.' 'थोड़ी क्वालिटी बढ़ाओ' उन्होंने आगे कहा, "मेरा मतलब है कि इस चीज को देखो. यह खुरदरी दिख रही है. यहां तक ​​कि सामने का हिस्सा भी थोड़ा-थोड़ा उखड़ने लगा है. मुझे नहीं पता, शायद क्वालिटी को थोड़ा बढ़ाना होगा." वीडियो में, हस्टन के मेडल में क्वालिटी की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसमें दोनों तरफ काफी जगह रंग उतर गया है. बता दें कि पेरिस ओलंपिक 2024 के पदक अद्वितीय हैं क्योंकि वे पेरिस में एफिल टॉवर के निर्माण के लिए उपयोग किए गए लोहे के सहेजे गए टुकड़ों का उपयोग करके बनाए गए हैं.     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 101

अमन सहरावत ने देश को पेरिस ओलंपिक में दिलाया छठा मेडल, पीएम मोदी ने दी बधाई

 पेरिस  पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को एक और मेडल मिल गया है. अब तक भारत की झोली में कुल 6 मेडल आ गए हैं. भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने मेन्स फ्रीस्टाइल 57 किलो भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. अमन ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में प्यूर्टो रिको के डेरियन टोई क्रूज को 13-5 से हरा दिया है. बता दें कि अमन सहरावत का ओलंपिक सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है. अमन सहरावत ने बचपन में ही माता-पिता को खो दिया था. 21 साल के अमन सहरावत का ओलंपिक तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा है. जाट परिवार से आने वाले अमन हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहर से आते हैं. उन्होंने 11 साल की उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था. पहले अमन की मां का हार्टअटैक से निधन हो गया था, तब उनकी उम्र 10 साल थी. फिर लगभग एक साल बाद उनके पिता भी चल बसे थे. इसके बाद अमन और उनकी छोटी बहन पूजा सहरावत को उनके बड़े चाचा सुधीर सहरावत और एक मौसी की देखभाल में छोड़ दिया गया. माता-पिता की दुखद मृत्यु के बाद अमन गंभीर अवसाद से जूझ रहे थे, ऐसे में उनके दादा मांगेराम सहरावत ने उन्हें संभाला और इससे उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. रेसलिंग में ऐसा रहा है अमन का सफर इस सबके बीच उन्होंने कुश्ती के प्रति अपने जुनून को जारी रखा और कोच ललित कुमार के अंडर ट्रेनिंग लेना शुरू किया. अमन 2021 में अपना पहला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप खिताब जीतकर लाइमलाइट में आए. अमन ने 2022 के एशियाई खेलों में 57 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता. फिर साल 2023 एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया. जनवरी 2024 में उन्होंने जागरेब ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया. वह पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारत के एकमात्र पुरुष पहलवान रहे. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 82

EPFO ने दी खुशखबरी- पीएफ से पैसा निकालना हुआ आसान, 3 दिन में खाते में आ जाएंगे 1 लाख रुपये

नई दिल्ली ईपीएफओ ने हाल ही में कई नियमों में बदलाव किए हैं, ताकि सब्सक्राइबर्स को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। संगठन ने चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और कंस्ट्रक्शन के एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-मोड सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है। इसका फायदा 6 करोड़ से अधिक कर्मचारी उठा सकते हैं। ईपीएफ क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया हुई तेज यह सुविधा कर्मचारियों को आपातकाल में आर्थिक मदद पहुंचाती है। पहले ईपीएफओ की इस सुविधा को क्लेम करने के लिए 15 से 20 दिन का वक्त लगता था, लेकिन अब ये काम तीन से चार दिन के अंदर हो जाता है। ऑटोमेटेड सिस्टम से क्लेम प्रोसेस काफी आसानी हो गई है। इमरजेंसी में फंड के क्लेम सेटलमेंट के लिए ऑटो मोड की शुरुआत 2020 में हुई थी, लेकिन तब बीमारी के लिए पैसा निकाल सकते थे। अब एजुकेशन, शादी और खरीदने के लिए भी पीएफ से पैसा निकाल सकते हैं। एडवांस लिमिट 50 हजार से बढ़कर एक लाख रुपये ईपीएफ खाते से एडवांस में एक लाख रुपये तक निकासी कर सकते हैं। पहले यह लिमिट पचास हजार रुपये थी। ऑटो सेटलमेंट मोड के जरिए एडवांस फंड निकालने का काम कर सकते हैं। तीन दिन के अंदर पैसा खाते में जमा हो जाता है। इसके लिए केवीईसी, क्लेम रिक्वेस्ट और बैंक खाते की जानकारी देनी पड़ती है। पीएफ खाते से पैसा निकालने की प्रक्रिया स्टेप 1- यूएएन और पासवर्ड का उपयोग करके ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगइन करें। स्टेप 2- ऑनलाइन सर्विसेज में क्लेम सेक्शन पर जाना होगा। बैंक खाते वेरीफाई कर ऑनलाइन क्लेम पर क्लिक करें। स्टेप 3- नया पेज खुलेगा। उसमें पीएफ एडवांस फॉर्म 31 का चयन करना होगा। फिर पीएफ खाते को सिलेक्ट करना है। स्टेप 4- अब फंड निकालने की वजह, कितना पैसा चाहिए और एड्रेस की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद पासबुक की कॉपी स्कैन कर अपलोड करनी होगी। स्टेप 5- इसके बाद आपको आधार से वेरिफाई करना होगा। क्लेम प्रोसेस पूरी होने के बाद ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 133

शेख हसीना की सत्ता हिलाने वाले छात्र नेता एम नाहिद इस्लाम और आसिफ महमूद को मंत्री बनाया गया

ढाका बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनुस ने गुरुवार को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली थी. युनूस ने शुक्रवार को विभिन्न मंत्रालयों के कार्यभार का बंटवारा किया गया. गौर करने वाली बात ये है कि यूनुस ने 27 मंत्रालय या विभाग अपने पास रखे हैं. नई सरकार के विदेश मंत्री तौहीद हुसैन ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा, "हमें बड़े देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है." बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रो. मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को नवनियुक्त 16 सदस्यीय सलाहकार परिषद के विभागों का बंटवारा कर दिया. यूनुस ने रक्षा, लोक प्रशासन, शिक्षा, ऊर्जा, खाद्य, जल संसाधन और सूचना जैसे  27 मंत्रालय अपने पास रखे हैं. राजनयिक मोहम्मद तौहीद हुसैन को विदेश मंत्रालय का प्रमुख नियुक्त किया है. अंतरिम कैबिनेट में शामिल किए दो छात्र नेताओं नाहिद इस्लाम और आसिफ महमूद को क्रमशः दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी तथा युवा और खेल मंत्रालयों का प्रभार दिया गया है. नोबेल पुरस्कार विजेता 84 वर्षीय यूनुस ने गुरुवार को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली थी. उन्होंने शेख हसीना की जगह ली है, जिन्होंने नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश छोड़ दिया था और भारत आ गईं थीं. यूनुस हसीना के लंबे समय से आलोचक भी हैं. जानें किसको कौन सा मंत्रालय मिला  1- ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) एम सखावत हुसैन गृह मंत्रालय 2- फरीदा अख्तर मत्स्य पालन और पशुधन मंत्रालय 3- खालिद हुसैन धार्मिक मामलों का मंत्रालय 4- नूरजहां बेगम स्वास्थ्य मंत्रालय 5- शर्मीन मुर्शिद सामाजिक कल्याण मंत्रालय 6- सुप्रदीप चकमा अभी शपथ नहीं ली 7- प्रोफेसर बिधान रंजन रॉय अभी शपथ नहीं ली 8- तौहीद हुसैन विदेश मंत्रालय 9- मोहम्मद नज़रुल इस्लाम कानून मंत्री 10- आदिलुर रहमान खान उद्योग मंत्रालय 11- एएफ हसन आरिफ एलजीआरडी मंत्रालय 12- सईदा रिज़वाना हसन पर्यावरण मंत्रालय 13- नाहिद इस्लाम डाक, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय 14- आसिफ महमूद युवा और खेल मंत्रालय 15- फारूक-ए-आजम अभी शपथ नहीं ली 16- सालेह उद्दीन अहमद वित्त मंत्रालय और योजना मंत्रालय सलाहकार परिषद के तीन सदस्य राजधानी में अनुपस्थित होने के कारण गुरुवार रात शपथ नहीं ले सके, और यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यूनुस उन्हें 27 विभागों में से कुछ सौंप सकते हैं. सेवानिवृत्त सेना ब्रिगेडियर जनरल एम सखावत हुसैन को गृह मंत्रालय की देखरेख का काम सौंपा गया है. हुसैन 2001 से 2005 तक कोलकाता में बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त थे और 2006 से 2009 तक बांग्लादेश के विदेश सचिव के रूप में कार्यरत थे. विदेश मामलों के सलाहकार हुसैन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था बहाल करना फिलहाल अंतरिम सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और पहला लक्ष्य हासिल होने के बाद अन्य काम भी पटरी पर आ जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश को सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने की जरूरत है.  हुसैन ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा, "हमें बड़े देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत है." बांग्लादेश बैंक के पूर्व गवर्नर सलाहुद्दीन अहमद वित्त और योजना मंत्रालयों के प्रभारी होंगे, जबकि पूर्व अटॉर्नी जनरल ए एफ हसन आरिफ स्थानीय सरकार मंत्रालय की देखरेख करेंगे. कौन हैं मोहम्मद यूनुस? बांग्लादेश के नए प्रमुख बने मोहम्मद यूनुस ऐसे 32वें शख्स बने हैं, जो नोबेल पुरस्कार जीत चुके हैं और अब राष्ट्र प्रमुख की जिम्मेदारी निभाएंगे. इससे पहले पूरी दुनिया में 31 लोग और हैं, जिन्हें नोबेल पुरस्कार भी मिला है और उन्होंने राष्ट्र प्रमुख की भूमिका भी निभाई है. गरीबों के बैंकर के रूप में पहचाने जाने वाले यूनुस और उनके द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक को 2006 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला चुका है. उन्होंने गांव में रहने वाले गरीबों को 100 डॉलर से कम के छोटे-छोटे कर्ज दिलाकर लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की थी. इन गरीबों को बड़े बैंकों से कोई मदद नहीं मिल पाती थी. उनके कर्ज देने के इस मॉडल ने दुनिया भर में ऐसी कई योजनाओं को प्रेरित किया. इसमें अमेरिका जैसे विकसित देश भी शामिल हैं.  अमेरिका में यूनुस ने एक अलग गैर-लाभकारी संस्था ग्रामीण अमेरिका की भी शुरुआत की. 84 वर्षीय यूनुस जैसे-जैसे सफल होते गए उनका झुकाव राजनीति में करियर बनाने की ओर बढ़ता चला गया. उन्होंने 2007 में अपनी खुद की पार्टी भी बनाने की कोशिश की. लेकिन जब उनकी इस महत्वाकांक्षा ने बड़ा रूप लेना शुरू किया तब शेख हसीना नाराज हो गईं. हसीना ने यूनुस पर पर 'गरीबों का खून चूसने' का आरोप भी लगाया. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 86

महाबहस के लिए डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस तैयार, एबीसी न्यूज के मंच पर मुकाबला, तारीख भी हुई फिक्स

पाम बीच अमेरिका में इस साल होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस ने 10 सितंबर को चुनावी बहस के लिए सहमति व्यक्त की है, जिसमें दोनों उम्मीदवारों का आमना-सामना होगा। अमेरिकी व्यापारिक टेलीविजन प्रसारण नेटवर्क ‘अमेरिकन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ (एबीसी) ने यह जानकारी दी। इस घोषणा से कुछ देर पहले ही ट्रंप ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उन्होंने तीन टेलीविजन नेटवर्क के समक्ष राष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया के तहत तीन बहसों का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि वे सितंबर में कुछ निश्चित तारीखों पर सहमत हैं। इस साल होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव की प्रक्रिया के तहत प्रथम बहस ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व उम्मीदवार जो बाइडन के बीच हुई थी। इस बहस में अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति बाइडन के खराब प्रदर्शन के बाद उन पर उम्मीदवारी छोड़ने के लिए चौतरफा दबाव था। बाद में बाइडन ने अपनी उम्मीदवारी छोड़ते हुए हैरिस का नाम इसके लिए प्रस्तावित किया था। तीन बहस चाहते हैं ट्रंप हालांकि, गुरुवार को उन्होंने अपने मन में बदलाव की घोषणा की और हैरिस पर फॉक्स और एनबीसी पर सितंबर में दो और बहसों के लिए सहमत होने का दबाव बनाने की कोशिश की। जब उनसे पूछा गया कि अगर हैरिस केवल एबीसी बहस के लिए सहमत होती हैं तो वह क्या करेंगे। इस पर ट्रंप ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि यह कैसे काम करेगा। हम तीन बहस करना चाहेंगे। हमें लगता है कि हमें तीन बहस करनी चाहिए।' न्यूज़ कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद हैरिस ने संवाददाताओं से कहा कि वह खुश हैं कि उन्होंने आखिरकार 10 सितंबर को एबीसी पर उनके साथ बहस करने के लिए हैं। मैं इसके लिए उत्सुक हूं और उम्मीद करती हूं कि वह आएंगे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 94