देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन 12 अगस्त को भोपाल में

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन होगा। सम्मेलन के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और उनके योगदान को सराहने का संदेश दिया जायेगा। सम्मेलन में महिला उत्थान से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की जायेगी। इसमें महिला महापौर, निकाय अध्यक्ष, सभापति एवं महिला पार्षदों की सहभागिता रहेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भरत यादव ने नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मेलन की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये है। सम्मेलन होंगे विविध कार्यक्रम रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए सम्मेलन में विविध कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम स्थल पर "भाई के नाम बहन की पाती" संबंधी हस्ताक्षर काउंटर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अतिथियों को महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित प्रतीक चिन्ह और उपहार दिये जायेंगे। महिला जन-प्रतिनिधियों के सम्मेलन में व्यवस्थित आवागमन और समुचित व्यवस्थाओं के लिये नगरीय निकायों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सम्मेलन की थीम "देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम" पर रखी गई है। सम्मेलन स्थल पर प्रदर्शनी सम्मेलन में राष्ट्रीय शहरी आजिविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम-स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्व-सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन और योजना की जानकारी दी जायेगी। पूर्व में यह कार्यक्रम में भोपाल के हंस ध्वनि सभागार रविन्द्र भोपाल में होना प्रस्तावित था। अब यह सम्मेलन 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे आयोजित किया जा रहा है।   recent visitors 83

स्व. प्रभात झा ने अभिभावक की भांति स्नेह देकर अपनी भूमिका निभाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को ग्वालियर में स्व. प्रभात झा की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए और श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने स्व. प्रभात झा को याद करते हुए कहा कि वे छोटे से छोटे कार्यकर्ता की चिंता करते थे। स्व. झा ने सही मायने में अभिभावक की भांति स्नेह देकर अपनीकी भूमिका का निर्वहन किया। उनका सम्पूर्ण जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के समय से उनके श्रीझा के साथ आत्मीय संबंध रहे। उनके विचार हम सबका मार्गदर्शन करते रहेंगे। ग्वालियर में कैंसर अस्पताल परिसर स्थित शीतला सहाय सभागार में स्व. झा को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि स्व.झा संकल्प के धनी थे और जो कहते थे, उसे करके दिखाते थे। अभाव में भी कैसे सफलतापूर्वक भूमिका निभाई जा सकती है इसकी झलकश्री प्रभात झा जी के व्यक्तित्व व कृतित्व में साफ दिखाई देती थी। उन्होंने न केवल प्रखर पत्रकारिता की बल्कि संकल्पबद्ध होकर संगठन का काम किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी जब भी श्री झा से मुलाकात हुई तोउन्हें कुछ न कुछ नया सीखने को मिला। सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री वीडी शर्मा ने कहा कि स्व. झा के विचार प्रेरणादायी है। वे एक आदर्श राजनेता थे। छोटे से छोटे कार्यकर्ता से मिलना और उनकी चिंता करना उनके स्वभाव में शामिल था। सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने केन्द्रीय मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा स्व. झा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये भेजे गए शोक संदेश का वाचन किया। सामाजिक न्याय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा किश्री प्रभात झा से मिला मार्गदर्शन हम सभी को सदैव संबल प्रदान करता रहेगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्व. झा के पदचिन्हों पर चलना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी एवं पूर्व मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों ने विचार व्यक्त कर स्व. प्रभात झा को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धाजंलि सभा में इन जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किए श्रद्धांजलि सभा में नवीन एवं नवनीकरण ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री श्रीमती माया सिंह, पूर्व मंत्री श्री ओपीएस भदौरिया, नगर निगम सभापति श्री मनोज सिंह तोमर, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर तथा श्री हितानंद शर्मा, श्री वेदप्रकाश शर्मा, श्री लोकेन्द्र पारासर, जिलाध्यक्ष श्री अभय चौधरी, जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्री कौशल शर्मा, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, श्रीमती सुमन शर्मा, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, श्री श्रीधर पडारकर, श्री शैलेन्द्र बरूआ, श्री जयप्रकाश राजौरिया, पूर्व विधायक श्री कमलापथ आर्य, श्री दीपक सचेती, श्री अरूण चतुर्वेदी, डॉ. बीआर श्रीवास्तव, अरूण जैन व श्री आशीष अग्रवाल सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।   recent visitors 81

मध्य प्रदेश में संसाधन के अभाब में भोपाल के अतिरिक्त अन्य पांच आयुर्वेद कॉलेजों में स्वीकृत सीटों में कटौती

भोपाल नए कॉलेज खोलना तो दूर मध्य प्रदेश सरकार पहले से संचालित कॉलेजों की मान्यता भी नहीं बचा पा रही है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने बुरहानपुर आयुर्वेद कॉलेज को छोड़ सभी छह आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता जारी कर दी है, पर भोपाल के अतिरिक्त अन्य पांच कॉलेजों में स्वीकृत सीटों में कटौती की गई है। ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा और उज्जैन आयुर्वेद कॉलेज में स्नातक (बीएएमएस) की 15 से लेकर 26 सीटें तक कम कर दी हैं। संसाधनों की कमी के कारण सीटें कम की गई हैं। बुरहानपुर कॉलेज को मान्यता नहीं मिली है। इन सीटों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग सितंबर में प्रारंभ होने की आशा है। संसाधनों में सर्वाधिक कमी फैकल्टी और ओपीडी और भर्ती मरीजों की कम संख्या है। इनमें प्राध्यापक स्तर के पद सबसे अधिक रिक्त हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि आयुष कॉलेजों में सेवानिवृति आयु 62 वर्ष है। एलोपैथी मेडिकल कॉलेजों में यह सीमा 65 वर्ष रखी गई है, जिससे प्राध्यापक के पद रिक्त न रहें। सीधी भर्ती से भी पदों को भरने की व्यवस्था नहीं है, जबकि एलोपैथी मेडिकल कॉलेजों में प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश में पहले से ही आयुर्वेद औषधालयों में डॉक्टरों के 600 से अधिक पद रिक्त हैं। ऊपर से बीएएमएस की सीटें बढ़ना तो दूर उनमें कटौती भी हो गई है। recent visitors 105

बैरागढ़ में जोन कार्यालय सह शॉपिंग कॉम्पलेक्स रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रहा है, पार्किंग की जगह नहीं

भोपाल नगर निगम ने संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में विभिन्न स्थानों पर दुकानों एवं शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण तो कर लिया है, लेकिन इनकी देखरेख नहीं की जा रही है। इसी का नतीजा है कि बैरागढ़ में जोन कार्यालय सह शॉपिंग कॉम्पलेक्स रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रहा है। यहां पार्किंग की जगह नहीं है। राजस्व कमाया, रखरखाव पर ध्यान नहीं अपनी आय बढ़ाने के लिए नगर निगम ने जोन एरिया में कई दुकानों का निर्माण कराया है, इससे निगम को राजस्व के रूप में काफी धन राशि मिल रही है। लेकिन जहां बरसों पहले दुकानों का निर्माण हो चुका है, उनका समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। नेहरू पार्क परिसर स्थित नगर निगम कॉम्पलेक्स का बड़ा हिस्सा जर्जर हो गया है। रखरखाव नहीं होने के कारण ही यहां कई दुकानें खाली पड़ी हैं। पार्किंग की जगह नहीं होने के कारण कॉम्पलेक्स बनने के 32 साल बाद भी करीब एक दर्जन दुकानों की नीलामी नहीं हो पा रही है। सब्जी मंडी की दुकानें बंद होने लगीं संत कंवरराम सब्जी मंडी को ध्वस्त कर नगर निगम ने यहां शॉपिंग काम्पलेक्स एवं मल्टी पार्किंग का निर्माण कर दिया। इसके निर्माण से निगम को 16 करोड़ रुपये की आय हुई। सब्जी व्यापारियों को उम्मीद थी कि उनकी बसाहट के बाद नगर निगम दुकानों और पूरे इलाके की देखरेख करेगा, लेकिन निगम ने व्यापारियों को बेसुध छोड़ दिया। सब्जी मंडी में 30 दुकाने हैं। रखरखाव नहीं होने से दुकानें बंद हो रही हैं। नगर निगम ने मंडी में भी पार्किंग की जगह विकसित नहीं की। मंडी का मार्ग वनवे करने के प्रस्ताव पर अमल नहीं हुआ। इस कारण मंडी सुनसान होती जा रही है। सब्जी मंडी व्यापारी संघ कई बार मंडी को विकसित करने की मांग कर चुका है। महापौर परिषद के सदस्य राजेश हिंगोरानी का कहना है कि मंडी के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। recent visitors 88

उत्‍तर भारत में बारिश का क्रम जारी है, अगले 24 से 36 घंटों में 11 राज्‍यों में भारी बारिश की संभावना

नई दिल्ली देश में इन दिनों मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। कई राज्‍यों में जोरदार बारिश देखी जा रही है तो कहीं जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्‍तर भारत में बारिश का क्रम जारी है। मध्‍य और दक्षिण पश्चिमी राज्‍यों में अभी मौसम और बिगड़ सकता है। मौसम के जानकारों का अनुमान है कि कई राज्‍यों में तेज बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों के दौरान, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। यहां पढ़ें पूरी डिटेल। अगले 24 घंटों में यहां भारी बारिश का अनुमान     अगले 24 घंटों के दौरान, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, पूर्वी असम और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।     पूर्वोत्तर भारत, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पूर्वी गुजरात, कोंकण और गोवा, तेलंगाना के कुछ हिस्सों और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।     पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश संभव है। पिछले 24 घंटों में मौसम की गतिविधि     पिछले 24 घंटों के दौरान, उत्तरी पंजाब, उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।     उत्तर पूर्व भारत, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हुई।     जम्मू कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, विदर्भ, मराठवाड़ा, आंतरिक कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश हुई। मानसून का मौजूदा सिस्‍टम     पूर्वोत्तर राजस्थान और आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है, जो दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है और ऊंचाई पर बना हुआ है।     समुद्र तल से मानसून की द्रोणिका अब फिरोजपुर, हिसार, ओराई, वाराणसी, जमशेदपुर, दीघा से होकर गुजर रही है और फिर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की उत्तर-पूर्व खाड़ी तक जा रही है।     उत्तर-पूर्व असम में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ चक्रवाती प्रभाव बना हुआ है।     दक्षिण झारखंड और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 5.8 से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण की ओर झुका हुआ है और ऊंचाई पर बना हुआ है।   recent visitors 135

शाजापुर में 2.70 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन बोवनी, इल्लियों का प्रकोप से पीली पड़ रही पत्तियां

शाजापुर जिले में कुछ दिन से सोयाबीन पर इल्ली का प्रकोप दिखाई दे रहा है जिसके चलते फसलें प्रभावित हो रही हैं। जुलाई के अंत और अगस्त के पहले सप्ताह में पहले तो निरंतर तेज वर्षा से फसल को नुकसान हुआ, अब इल्लियां पौधे और उनके पत्ते को काट रही हैं। कुछ क्षेत्र में तो इल्ली प्रकोप इतना बढ़ गया है कि अंचल में पांच से 10 फीसदी तक फसलें प्रभावित हो रही हैं। जिले के जामनेर,अकोदिया, गुलाना, पोलायकलां,उगली, सलसलाई, मक्सी आदि क्षेत्रों में जब वर्षा का दौर शुरू हुआ, तो निरंतर वर्षा से नुकसान हुआ और अब मौसम साफ है तो इल्ली प्रकोप भी देखने को मिल रहा है। अभी 40 से 45 दिन की फसल हो गई है। निचले क्षेत्र की सोयाबीन के पौधे पीले पड़ने लगे हैं। अब मौसम खुला और धूप निकली तो पानी की निकासी होने लगी है। जिले में इस साल दो लाख 70 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी हुई है। वर्षा की कमी के चलते के पौधों की बढ़वार तो हो रही है लेकिन छेदक इल्लियों व अन्य कीटो के कारण फसल प्रभावित हो रही है। किसान हेमराज, राजाराम वर्मा का कहना है कि छेदक इल्लियों के कारण फसल खराब हो रही है। तेज वर्षा नहीं हुई तो फसल खराब हो जाएगी। वैज्ञानिकों ने दी सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि अंचल के किसानों को निगरानी सहित फसल बचाने के सुझाव दे रहे हैं। इल्लियों के नियंत्रण के उपाय हैं, या तो तेज वर्षा हो या तेज धूप खिले, किसान कीटनाशक का छिड़काव समय पर करें। समय पर कीटनाशक छिड़काव नहीं हो पाने के कारण इल्लियों का प्रकोप कई क्षेत्रों में है। सोयाबीन में फूल आ गए जल्दी पकने वाली वैराइटी में फूल आ गए हैं। किसान कीटनाशक का छिड़काव भी कर रहे हैं। यदि समय रहते कंट्रोल नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में काफी नुकसान हो सकता है। जिन खेतों में पानी जमा नहीं है वहां फसल लहलहा रही है, लेकिन वर्षा के चलते जो खेत जलमग्न हैं। फसलें पानी में डूबी हुई थीं, जिससे सोयाबीन, मक्का, उड़द, तुअर व तिल्ली की फसलोंं के पौधे जड़ सहित सड़ने के साथ पत्ते सूखकर पीली पड़ने लगे हैं। किसान जमना प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी मक्का फसल आड़ी हो गई है। वहीं खेत में पानी जमा होने से सोयाबीन सड़ने लगे हैं। भुट्टे में दो- तीन इल्लियां हैं।| recent visitors 111

दूसरी मंजिल के सेफ्टी रूम में लघुशंका के दौरान हादसा, राजस्थान-बीकानेर के अस्पताल में मरीज की मौत

बीकानेर. शहर के पीबीएम अस्पताल के हल्दीराम मूलचंद कार्डियोवस्कुलर हॉस्पिटल में देर रात हुए एक हादसे में अस्पताल में भर्ती एक मरीज की दूसरी मंजिल से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान नागौर के बासेरी के रहने वाले हीर सिंह के रूप में हुई  है। बताया जा रहा है कि हीर सिंह अस्पताल के दूसरी मंजिल के कॉटेज वार्ड नंबर 210 में भर्ती था। देर रात वह लघुशंका के लिए उठा लेकिन कॉटेज का शौचालय खराब होने के कारण वह 212 नंबर कॉटेज में बने शौचालय में जा रहा था। भूलवश वह कॉटेज से पहले बने सेफ्टी गेट में चला गया, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह दो मंजिल नीचे आ गिरा। आसपास मौजूद लोग उसे इलाज के लिए ट्रोमा सेंटर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में विद्युत व्यवस्था के लिए "सेफ्टी गेट" का उपयोग आमतौर पर विद्युत उपकरणों को अनधिकृत या आकस्मिक संपर्क से बचाने के लिए किया जाता है, ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से विद्युत उपकरणों के संपर्क में न आए और दुर्घटना से बचा जा सके। recent visitors 109