सोसाइटी के एक फ्लैट में इकट्ठे हुए यह लड़के-लड़कियां बिना अनुमति शराब पार्टी और हंगामा कर रहे थे, पकड़े गए

नई दिल्ली नोएडा के सेक्टर-94 स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी के एक फ्लैट में पुलिस ने आधी रात के बाद छापेमारी कर 40 लड़के-लड़कियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लड़के-लड़कियां कथित तौर पर फ्लैट के अंदर ‘रेव पार्टी’ कर रहे थे। यह सभी एक नामी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट हैं। पुलिस ने छापेमारी के दौरान फ्लैट के अंदर से भारी मात्रा में हरियाणा ब्रांड की शराब की बोतलें और हुक्का आदि बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार, आरोप है कि सुपरनोवा सोसाइटी के एक फ्लैट में इकट्ठे हुए यह लड़के-लड़कियां बिना अनुमति शराब पार्टी और हंगामा कर रहे थे। पार्टी में प्रतिबंधित शराब का सेवन किया जा रहा था और इसमें कई लड़कियां भी शामिल थीं। आयोजन को रेव पार्टी जैसा बनाने की कोशिश की गई थी। इस दौरान कुछ लड़कों ने नशे की हालत में शराब की बोतल 19वीं फ्लोर से नीचे फेंक दी, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बच गया। इसको लेकर बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने हंगामा किया और सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। फ्लैट में मौजूद 40 लड़के-लड़कियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। भाषा के अनुसार, पुलिस के एक प्रवक्ता ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार देर रात सूचना मिली थी कि सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी के एक फ्लैट में कई लोग रेव पार्टी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने 40 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया जो कि नामी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैं। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए इन सभी लड़के-लड़कियों की उम्र 16 से 20 वर्ष के बीच है।   पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हिरासत में लिए गए लड़के-लड़कियों से पूछताछ में पता चला कि वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर पार्टी के लिए उन्हें पार्टी में आमंत्रित किया गया था। एक व्यक्ति के लिए 500 रुपये और जोड़े के लिए 800 रुपये एंट्री फीस ली गई थी। पुलिस को विद्यार्थियों को भेजा गया मैसेज भी मिल गया है।’’ पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना के संबंध में प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।   recent visitors 103

कोलकाता में डॉक्टर की हत्या पर गुस्से से लाल हुईं ममता बनर्जी, जरूरत पड़ी तो फांसी पर लटकवा देंगे

कोलकाता कोलकाता में मारी गई डॉक्टर के हत्यारों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा भड़क उठा है। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हत्यारोपियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा। गौरतलब है कि कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात पीजीटी डॉक्टर का शव अर्ध नग्न अवस्था में बरामद किया गया था। महिला डॉक्टर अस्पताल के छाती रोग उपचार विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। महिला चिकित्सक के पिता ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में उसकी बेटी के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि अब सच्चाई को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला चिकित्सक की हत्या से पहले उसका यौन उत्पीड़न किए जाने की पुष्टि हुई है। ममता बनर्जी ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने दावा किया कि हत्या के आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ट्रेनी डॉक्टर के परिजनों से बात की है। साथ ही उन्हें आश्वस्त किया है कि मामले को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की मौत मुझे अपना निजी नुकसान लगती है। डॉक्टरों के गुस्से और उनकी मांग को पूरा किया जाएगा। ममता ने कहा कि मैं उन्हें पूरी तरह से सपोर्ट करती हूं। पुलिस ने उनकी मांगें भी मान ली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने निर्देश दिया है कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाए। अगर जरूरत पड़ी तो दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा। गौरतलब है कि मामले में पुलिस ने बताया है कि एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी व्यक्ति अस्पताल से जुड़ा नहीं है, लेकिन चिकित्सा संस्थान के विभिन्न विभागों में अक्सर आता-जाता रहता था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक हमने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कि बाहरी है। उसकी संदिग्ध गतिविधियों से प्रतीत होता है कि वह अपराध में संलिप्त था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीजीटी चिकित्सक की मौत की जांच के सिलसिले में शुक्रवार रात दो इंटर्न डॉक्टर से भी पूछताछ की। recent visitors 103

आशीर्वाद समारोह में नाबालिग ने की डेढ़ करोड़ की चोरी, राजस्थान-जयपुर के होटल से दूल्हे की मां का बैग उड़ाया

जयपुर. जयपुर के होटल हयात में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए तेलंगाना से आए एक मेडिकल व्यवसायी के बेटे के आशीर्वाद समारोह के दौरान एक 14 साल का नाबालिग दूल्हे की मां का रुपयों और गहनों से भरा बैग लेकर रफू चक्कर हो गया। सिर्फ एक मिनट के भीतर हुई यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सायबराबाद, तेलंगाना के रहने वाले नरेश कुमार गुप्ता के बेटे की शादी वहीं की एक लड़की से तय हुई थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लड़की से तय हुई थी लेकिन डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए दोनों परिवारों ने जयपुर के हयात होटल में बुकिंग करवाई थी। 8 अगस्त को दूल्हा-दुल्हन पक्ष के लोग आशीर्वाद समारोह में मौजूद थे। इसी दौरान मौका पाकर एक नाबालिग ने दूल्हे की मां के पास रखा सफेद रंग का बैग उठा लिया और वहां से चंपत हो गया। बताया जा रहा है कि नाबालिग और उसका साथ बारात में चल रहे हाथी के साथ होटल के अंदर पहुंचे थे और बैग पकड़े हुए लोगों की रैकी कर रहे थे। मौका मिलते ही नाबालिग ने वारदात को अंजाम दिया और दूल्हे की मां का बैग लेकर भाग गया। पुलिस ने होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों के होटल से निकलने का रूट चार्ट बनाया है और उसी को ध्यान में रखते हुए नाबालिग और उसके साथी की तलाश कर रही है। recent visitors 107

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, विशेष सत्र बुलाएं, मायावती ने मोदी सरकार को घेरा

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने एससी-एसटी के आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंन्‍स कर अपनी बात रखी। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा है कि केंद्र की सरकार को संसद का सत्र बुलाकर अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और क्रीमीलेयर के मामले में आरक्षण की स्थिति साफ़ करनी चाहिए। इसके साथ ही जिन राज्यों में कांग्रेस भाजपा और अपना दल की सरकारें हैं उनको भी आरक्षण को लेकर स्थिति साफ़ करनी चाहिए। इसके साथ ही मायावती ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं की। बसपा सुप्रीमो मायावती शनिवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि एक अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का जो फ़ैसला आया है उस पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरीक़े से साफ़ नहीं की है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र को लगता है कि आश्वासन देने से काम चल जाएगा तो ऐसा नहीं है।उनको संसद का सत्र बुलाकर इस पर स्थिति साफ़ करनी चाहिए। प्रधानमंत्री की नीयत अगर साफ़ है तो उनको संसद का सत्र समय से पहले स्थगित नहीं करना चाहिए, विशेष सत्र बुलाना चाहिए और आरक्षण को लेकर पूरी तरह से तस्वीर को साफ़ करना चाहिए। मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर संसद में बिल लाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्‍होंने कि भाजपा और कांग्रेस आरक्षण के खिलाफ ही हैं। नौकरियों को खत्‍म कर संविदा पर कर्मचारियों की तैनाती भी आरक्षण को खत्‍म करने की ही कोशिश है। मायावती ने कहा कि एससी-एसटी के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। कीमीलेयर के बहाने आरक्षण को खत्‍म करने की साजिश हो रही है। संसद का सत्र खत्‍म हो गया लेकिन विधेयक नहीं आया। ऐसा लगता है कि आरक्षण को निष्‍प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में संविधान बचाने का नाटक करने वाले अब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति और क्रीमीलेयर के आरक्षण के मसले पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। समाजवादी पार्टी हो या कांग्रेस संसद सत्र में इस मुद्दे को ठीक तरीक़े से नहीं उठाया नहीं उठाया। देश के 40 करोड़ अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग कांग्रेस की तरह भाजपा से भी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। recent visitors 106

पति के साथ रहने योग्य नहीं महिला, राजस्थान-झुंझुनू के मीणा सेवा संस्थान का तुगलकी फरमान

झुंझुनू. जिले के आदिवासी मीणा सेवा संस्थान ने लेटर हेड पर आदेश जारी करते हुए कहा कि समाज की विवाहिता अनीशा कावंत अपने पति के साथ रहने के लिए योग्य नहीं है और अपने पति के साथ घर नहीं बसा सकती। संस्थान के इस तुगलगी फरमान को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। पीड़िता अनीशा कावंत ने संस्थान के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र मीणा व मुख्य महासचिव रामनिवास मीणा के खिलाफ झुंझुनू कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार विवाहिता अनीशा कावंत का अपने ससुराल वालों के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते मीणा समाज ने यह फैसला सुनाया। अनीशा ने कहा कि फैसले से पहले उनका पक्ष भी नहीं सुना गया और मनमर्जी से पैसे लेकर ससुराल वालों के पक्ष में एकतरफा फैसला सुनाया गया है। पीड़िता का कहना है कि अब संस्थान के निर्णय के आधार पर ससुराल वाले उसे टॉर्चर कर रहे हैं और कोर्ट में आकर तलाक लेने का दबाव बना रहे हैं। महिला ने बताया कि उसका मामला मीणा समाज, बीकानेर के क्षेत्राधिकार में आता है। झुंझुनू में उसका कोई लेना-देना नहीं है। उसने कहा कि षड्यंत्र रचकर मेरा विवाहित जीवन खराब कर दिया, महिला ने रिपोर्ट देकर अध्यक्ष और महासचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। recent visitors 105

सीएम साय की चला रहा था फर्जी फेसबुक आईडी, छत्तीसगढ़-रायपुर पुलिस ने राजस्थान के साहूकार को पकड़ा

रायपुर. रायपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने राजस्थान के अलवर जिले के अंतर्राज्यीय आरोपी साहूकार खान गिरफ्तार किया है। आरोपी सीएम के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर कई लोगों को झांसा दिया था। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक नग मोबाइल भी जब्त किया गया है। उसके खिलाफ सिविल लाइन में भादवि एवं आईटी एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। प्रार्थी मनोज कुमार साहू ने थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के नाम एवं फोटो का दुरूपयोग कर फेसबुक में फर्जी आईडी बनाकर छवि धुमिल करने के उद्देश्य से संचालन कर रहा था। पुलिस ने आरोपी की पतासाजी करते हुए आरोपी को राजस्थान से पकड़ने के लिए अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन कर टीम को राजस्थान के अलवर भेजा गया था। टीम के सदस्यों ने अलवर पहुंचकर कर आरोपी की पतासाजी करते हुए  रेड डालकर आरोपी साहूकार खान को पकड़ा। मिले साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने उक्त घटना को अंजाम देना कबूल कर लिया है। पुलिस ने अलवर के जिस क्षेत्र में रेड डाली थी। उस क्षेत्र के निवासी किसी भी विशिष्ठ और वीआईपी लोगों के फोटो और नाम का दुरुपयोग कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते हैं। जिस संबंध में राजस्थान में भी कई अपराध पंजीबद्ध है, ऐसे अन्य व्यक्तियों पर भी रायपुर पुलिस शिकंजा कस रही है। recent visitors 100

‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रतीक को हथियाने की कर रहे हैं कोशिश- जयराम रमेश

नई दिल्ली  कांग्रेस ने ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को लेकर पीएम मोदी पर हमला किया है। जयराम रमेश ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकारने की आलोचना की थी और अब प्रधानमंत्री इस राष्ट्रीय प्रतीक को हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। जयराम रमेश ने आरएसएस और पीएम मोदी को घेरा जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा है कि ‘नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने एक और हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया है। तिरंगे के साथ RSS के संबंधों का संक्षिप्त इतिहास देखिए। RSS के दूसरे प्रमुख MS गोलवलकर ने अपनी पुस्तक बंच ऑफ थॉट्स में कांग्रेस के तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने के फैसले की आलोचना की थी, इसे “सांप्रदायिक” और “सिर्फ बहकने और नकल करने का मामला” करार दिया था। RSS के मुखपत्र ऑर्गनाइजर ने 1947 में लिखा था कि तिरंगे को हिंदुओं द्वारा कभी अपनाया नहीं जाएगा और न ही इसका सम्मान किया जाएगा। शब्द तीन अपने आप में एक बुराई है, और तीन रंगों वाला झंडा निश्चित रूप से बहुत बुरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा करेगा और देश के लिए हानिकारक है।’ ‘2015 में, RSS ने कहा कि “राष्ट्रीय ध्वज पर भगवा रंग ही एकमात्र रंग होना चाहिए क्योंकि अन्य रंग सांप्रदायिक विचार का प्रतिनिधित्व करते हैं।” आरएसएस ने 2001 तक अपने मुख्यालय में नियमित रूप से तिरंगा नहीं फहराया और जब तीन युवकों ने इसके परिसर में झंडा फहराने की कोशिश की तब ज़बरदस्ती करने का “अपराध” बताकर उन पर मामला दर्ज़ किया गया। नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री इस राष्ट्रीय प्रतीक को हथियाने की कोशिश कर रहे हैं – जिसे उनके वैचारिक परिवार ने लंबे समय से अस्वीकार किया है – क्योंकि उनके संगठन का कोई इतिहास और प्रतीक नहीं है जिसे भारत अपना मान सके। विशेष रूप से उस दिन जब भारत और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ मना सकते हैं, जिसमें RSS ने भाग लेने से इंकार कर दिया था।’ recent visitors 105