Wednesday, July 8, 2026 4:38 am

इस योजना से ऐसे मिलेंगे एक करोड़ रुपये, हर महीने करना होगा बस इतना निवेश

 केंद्र सरकार देश की बेटियों के लिए तमाम तरह की स्कीमें चलाती है. बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए  माता-पिता और अभिभावकों के निवेश के लिए कई योजनाएं केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं. इसके साथ ही पोस्ट ऑफिस की भी कई ऐसी स्कीम हैं. जिनमें निवेश करने पर अच्छा खासा रिटर्न मिलता है. पोस्ट ऑफिस की सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए एक बहुत अच्छी बचत योजना साबित हो सकती है. इस योजना में हत आपको  8.2 फीसदी का सालाना ब्याज दिया जाता है. अगर आप इस योजना अच्छा निवेश करते हैं. तो आपको एक करोड़ रुपए तक का रिटर्न मिल सकता है. एक करोड़ के रिटर्न के लिए आपको कितना करना होगा निवेश. क्या हैं योजना से जुड़ी पात्रताएं. चलिए आपको बताते हैं. दो बच्चियों का खुलवा सकते हैं खाता सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आप अपनी बेटी का अकाउंट खुलवा सकते हैं और उसके भविष्य के लिए अच्छा खासा फंड इकट्ठा कर सकते हैं. योजना में आप 10 साल से कम उम्र की अपनी बेटी का खाता खुलवा सकते हैं. स्कीम के तहत दो बेटियों का खाता खुलवाया जा सकता है. योजना की मैच्योरिटी पीरियड 21 साल का है. जिसमें 15 साल आपके निवेश करना होता है. तो वहीं 6 साल बाद आपका खाता मैच्योर हो जाता है. इसके साथ ही जो 6 साल बचे हुए होते हैं. उनमें आपको ब्याज भी दिया जाता है. योजना में एक साल के भीतर कम से कम ढाई सौ रुपये निवेश करने होता है. तो वहीं अधिकतम आप डेढ़ लाख रुपये तक साल में जमा कर सकते हैं. इस तरह इकट्ठे कर सकते हैं एक करोड़ अगर आप इस योजना के तहत एक करोड़ रुपये जमा करना चाहते हैं. तो चलिए फिर आपको इसके बारे में कैलकुलेशन बताते हैं कि आपको साल भर में कितने रुपये इन्वेस्ट करने होंगे. तो बता दें 8.2 फीसदी की ब्याज दर के तहत अगर आप हर महीने में 29,444 रुपये जमा करते हैं. तो आप 15 साल के भीतर एक करोड़ रुपए इकट्ठे कर लेंगे. इसमें हर महीनें 29,444 रुपये से 15 साल में आपको जमा करने होंगे 52,99,920 रुपये. तो वहीं 4,700,080 रुपये आपको ब्याज के तौर पर मिलेंगे. टोटल होंगे 10,00,00,00 रुपये. योजना पूरी तरह से टैक्स फ्री सुकन्या समृद्धि योजना पब्लिक प्रोविडेंट फंड की तरह ही टैक्स फ्री योजना है. योजना में आपको तीन तरह से टैक्स की छूट मिलती है. इस योजना में आपको इनकम टैक्स की धारा 80c के तहत सालाना इन्वेस्टमेंट पर 1.50 लाख रुपये तक की छूट मिलती है. तो इसके साथ ही योजना में मिलने वाले रिटर्न पर भी टैक्स नहीं लगता. और तीसरा जब मैच्योरिटी की रकम मिलती है तब भी वह पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है. recent visitors 85

सनाया इरानी ने किया कास्टिंग काउच अनुभव शेयर

सनाया इरानी ने किया कास्टिंग काउच अनुभव शेयर -डायरेक्टर ने कहा था, तुम्हें बिकिनी पहननी पड़ेगी मुंबई  छोटे पर्दे की एक्ट्रेस सनाया ईरानी ने हाल ही में बॉलीवुड में अपने अनुभवों को लेकर खुलासा किया है, जिसने उनके फैंस को चौंका दिया है। एक्ट्रेस ने बताया कि टीवी शो के दौरान उन्हें कई फिल्मों के ऑफर भी मिले थे, लेकिन कुछ अनुभव उनके लिए निराशाजनक रहे। बता दें, सनाया ने एक इवेंट के दौरान कास्टिंग काउच का अनुभव साझा किया और बताया कि उनके रंग के कारण उन्हें टाइपकास्ट किया गया। उन्होंने खुलासा किया कि एक बड़े बॉलीवुड निर्देशक ने उनके साथ बहुत बदतमीजी की। सनाया ने कहा, बहुत पहले, साउथ का एक व्यक्ति मुझसे एक फिल्म के लिए मिलना चाहता था। उस समय मैं फिल्मों में नहीं जाना चाहती थी। लेकिन वह व्यक्ति मुझसे मिलने के लिए बेताब था। आगे एक्ट्रेस ने एक घटना को याद करते हुए कहा, मैं चली गई और मिलने के बाद, उसने कहा कि हमें काम करने वाले व्यक्ति की जरूरत है। मैंने पूछा कि क्या मैं काम करने वाली व्यक्ति नहीं हूं।इसके अलावा, उन्होंने बताया कि एक बार बॉलीवुड के एक बड़े निर्देशक ने उन्हें एक म्यूजिक वीडियो के लिए ऑडिशन देने के लिए बुलाया था, लेकिन बाद में पता चला कि यह एक फिल्म के लिए था। उन्होंने कहा, सचिव ने कहा कि मैं यह नहीं करूंगी। इस पर उन्होंने कहा, प्लीज, सर नाराज हो जाएंगे, बस एक बार उनसे बात कर लो। जब सनाया ने निर्देशक से बात की, तो उन्होंने आधे घंटे बाद कॉल करने के लिए कहा। जब सनाया ने पुनः कॉल किया, तो निर्देशक ने कहा, मैं एक बड़ी फिल्म बना रहा हूं, जिसमें कई बड़े हीरो हैं और आपको बिकनी पहननी होगी। सनाया ने जवाब दिया, और मेरा किरदार क्या है? निर्देशक ने कहा, क्या आपको बिकनी पहनने में कोई दिक्कत नहीं है? और उन्होंने थोड़ा रूखा व्यवहार किया, जिस पर सनाया ने फोन काट दिया। बता दें कि शनाया टीवी शो इस प्यार को क्या नाम दूं में खुशी कुमारी गुप्ता की भूमिका के लिए प्रसिद्ध है। उनकी सोशल मीडिया पर लंबी फैन फालोईंग भी है।       recent visitors 124

MPPSC मुख्य परीक्षा अक्टूबर में, 5 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन

 इंदौर  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC Exam 2024) ने राज्य सेवा और वन सेवा मुख्य परीक्षा 2024 से जुड़ी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रारंभिक परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों से मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने उम्मीदवारों को पांच सितंबर तक का समय दिया है। आवेदन प्राप्त होने के बाद आयोग परीक्षा के लिए जिलों में केंद्र निर्धारित करेंगे। खासबात यह है कि आयोग ने इस बार वनसेवा मुख्य परीक्षा पहले करवाना तय किया है। 6 अक्टूबर को पेपर रखें हैं। जबकि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 21 से 26 अक्टूबर तक करवाई जाएगी। 20 जुलाई को घोषित हुए थे प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट 20 जुलाई को आयोग ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का आयोग ने परिणाम घोषित किया। राज्य सेवा में 110 पदों के लिए 3328 उम्मीदवार चयनित हुए हैं, जिसमें मुख्य भाग में 2775 और प्रावधिक भाग में 553 उम्मीदवार है। जबकि वन सेवा में 14 पदों के लिए मुख्य भाग में 284 और प्रावधिक भाग में 44 उम्मीदवार चयनित हुए हैं। मध्य प्रदेश के इन शहरों में आयोजित होगी परीक्षा     इंदौर     भोपाल     ग्वालियर     जबलपुर     छिंदवाड़ा     रतलाम     सतना     सागर     शहडोल     बड़वानी     बालाघाट 5 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन आयोग ने 6 अगस्त से 5 सितंबर तक मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन मांगवाएं है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को फार्म भरना है। आयोग ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 21 से 26 अक्टूबर तक रखी है। उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने के लिए एडमिट कार्ड 11 अक्टूबर से जारी होंगे। सामान्य अध्ययन के चार, सामान्य हिन्दी व व्याकरण और हिन्दी निबंध का एक-एक पेपर होगा। सुबह 10 से दोपहर 1 बजे का सत्र रखा है। recent visitors 104

बांग्लादेश में जारी हिंसा पर बोले पीएम मोदी- हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो, हम चिंतित हैं, हालात का भी जिक्र किया

नई दिल्ली भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देश बांग्लादेश के हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने मुल्क में अल्पसंख्यकों और हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की बात कही है। अगस्त की शुरुआत से ही बांग्लादेश में हिंसा का दौर जारी है, जिसमें 500 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। खबरें आईं कि कई स्थानों पर हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया। पीएम मोदी ने कहा, 'बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है, उसे देखते हुए चिंता करना वाजिब है। मैं आशा करता हूं कि वहां हालात जल्दी सामान्य होंगे। खासतौर पर 140 करोड़ भारतीयों की चिंता है कि वहां के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत हमेशा चाहता है कि पड़ोसी देश शांति से रहें और विकास की ओर बढ़ें। हम बांग्लादेश के विकास के लिए चिंतित हैं और कुछ भी सकारात्मक हो, इसके लिए हम साथ हैं।' बांग्लादेश में हिंदुओ पर हमले थमे नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश में 48 जिलों में 278 स्थानों पर हिंदुओं ने हमलों और धमकियों का सामना किया है। खबरें आईं कि हाल ही में ठाकुरगांव सदर उपजिला में आने वाले फाराबारी मंदिरपारा में एक हिंदू परिवार के घर को आग लगा दी गई। घटना मंगलवार की है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। सोमवार को ही बांग्लादेश नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस ने कहा है कि शेख हसीना का शासन खत्म होने के बाद हिंदू समुदाय ने 278 स्थानों पर हमलों और धमकियों का सामना किया है। अलायंस का कहना है कि सरकार में बदलाव के कारण हिंदू समुदाय के खिलाफ तोड़फोड़, लूट, आगजनी, जमीन हड़पने और देश छोड़ की धमकियां जैसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। recent visitors 82

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति ने साफ इनकार कर दिया, अल्लामा इकबाल ने तोड़ा भारत, उनके बारे में नहीं पढ़ाएंगे

नई दिल्ली  है कि कवि अलाम्मा इकबाल के बारे में नहीं पढ़ाया जाएगा। उन्होंने इकबाल को भारत के विभाजन की बड़ी वजह भी करार दिया है। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया है। उन्होंने छात्रों से देश की एकता और अखंडता के साथ समझौता नहीं करने की अपील की है। बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि इकबाल के बारे में सभी को अपना विचार रखने का अधिकार है, लेकिन इस बात पर भी जोर दिया कि DU देश की एकता और अखंडता के साथ समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि डीयू राष्ट्रपति महात्मा गांधी, भारत रत्न डॉक्टर बीआर आंबेडकर और विनायक दामोदर सावरकर के बारे में पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'इकबाल भारत के विभाजन की शुरुआत करने वाले थे। वह पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के सलाहकार थे।' कुलपति सिंह ने कहा, 'उन्होंने 1904 में गवर्नमेंट कॉलेज लाहौर का छात्र रहते हुए सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा लिखा। उन्होंने तराना-ए-हिंद भी लिखा, लेकिन खुद ने कभी भी इसे स्वीकार नहीं किया।' उन्होंने कहा, 'देश की सुरक्षा हर नागरिक का पहला कर्तव्य है।' सिंह का कहना है कि देशभक्ति की भावना तैयार करना विश्वविद्यालयों का काम है। उन्होंने कहा, 'शिक्षा और शोध के साथ-साथ विश्वविद्यालयों को ऐसे विचार भी तैयार करना चाहिए, जो राष्ट्र पर कभी संकट आने पर देश के लिए एकजुट खड़े हो सकें।' उन्होंने यह भी कहा कि कोई नहीं चाहता था कि भारत का बंटवारा हो, लेकिन किसी ने भी इसके खिलाफ विरोध नहीं किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा, 'डॉक्टर बीआर आंबेडकर ने खुद भी बंटवारे के दर्द को झेला था। बंगाल के जिस इलाके से वह निर्वाचित हुए थे, वह पूर्वी पाकिस्तान में शामिल हो गया।' recent visitors 131

स्‍पैम कॉल पर कसेगी लगाम, गैर-पंजीकृत इकाइयों का कटेगा कनेक्‍शन; दो साल के लिए ब्‍लैक लिस्‍ट करने

नई दिल्ली  ट्राई ने टेलीकाम कंपनियों से अवांछित (स्पैम) काल करने वाली गैर पंजीकृत संस्थाओं के सभी दूरसंचार संसाधनों का कनेक्शन काटने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसी कंपनियों को दो साल तक के लिए काली सूची में डालने को कहा है। इस दौरान किसी भी दूरसंचार कंपनी की तरफ से उन्हें नए कनेक्शन आवंटित नहीं किए जाएंगे। नियामक ने दूरसंचार कंपनियों को इस निर्देश का तत्काल पालन करने और इस संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में पाक्षिक आधार पर नियमित ब्योरा देने को भी कहा है। टेलीमार्केटिंग कंपनियों के दिया निर्देश ट्राई ने कहा कि इस 'निर्णायक कार्रवाई' से बिना पंजीकरण वाली टेलीमार्केटिंग कंपनियों की तरफ से उपभोक्ताओं को की जाने वाली अवांछित काल में कमी आने और ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। दूरसंचार नियामक ट्राई ने थोक कनेक्शन और दूसरे दूरसंचार साधनों का इस्तेमाल करने वाले सभी गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटिंग (यूटीएम) कंपनियों से प्रचार के लिए की जाने वाली काल पर रोक लगाना सभी दूरसंचार कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया है, चाहे ये संदेश पहले से रिकार्ड हों या कंप्यूटर-जनित हों। ट्राई ने दिया नियमित अपडेट का निर्देश ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अपनी नवीनतम निर्देश का अनुपालन करने और हर महीने की पहली और 16 तारीख को इस संबंध में की गई कार्रवाई पर नियमित अपडेट देने का भी निर्देश दिया है। नियामक ने स्पैम काल पर लगाम लगाने की मंशा से पिछले हफ्ते सभी दूरसंचार कंपनियों के नियामकीय प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में एयरटेल, बीएसएनएल, रिलायंस जियो, टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड, क्वाड्रेंट टेलीवेंचर्स लिमिटेड (क्यूटीएल) और वी-कान मोबाइल एंड इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने शिरकत की थी। recent visitors 96

पीएम नरेंद्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया, जाने भाषण की 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत का खाका पेश किया। इस दौरान उन्होंने उपलब्धियां गिनाईं तो चुनौतियों पर भी बात की। पड़ोस के देश बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर पीएम नरेंद्र मोदी ने खुलकर बात की तो वहीं यूनिफॉर्म सिविल कोड की भी वकालत की। उन्होंने इसे नई शब्दावली के साथ पेश करते हुए कहा कि देश को अब सेकुलर सिविल कोड की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कम्युनिल सिविल कोड रही, अब देश को सेकुलर सिविल कोड मिलना चाहिए। आइए जानते हैं, क्या रहीं पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें… 1. पीएम मोदी ने लगातार 11वीं बार लालकिले से तिरंगा फहराते हुए कहा कि माताओं और बहनों के खिलाफ जो अत्याचार हो रहे हैं, उसके खिलाफ देश में आक्रोश है। इसे सभी राज्यों को गंभीरता से लेना होगा। ऐसे मामलों में जल्दी से जांच हो और राक्षसी कृत्य करने वालों को कड़ी सजा हो। महिलाओं पर जब बलात्कार और अत्याचार की खबरें आती हैं तो वह छाई रहती है। लेकिन जब दोषियों को सजा होती है तो वह खबर कोने में पड़ी रहती है। ऐसी खबरों को प्रमुखता देनी चाहिए ताकि अपराधियों में डर पैदा हो। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा सीधे तौर पर कोलकाता के रेप और मर्डर कांड की ओर था, जिसके खिलाफ देश भर में लोग आंदोलन कर रहे हैं। 2. बांग्लादेश में जो कुछ हुआ है, उसे देखते हुए चिंता करना वाजिब है। मैं आशा करता हूं कि वहां हालात जल्दी सामान्य होंगे। खासतौर पर 140 करोड़ भारतीयों की चिंता है कि वहां के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत हमेशा चाहता है कि पड़ोसी देश शांति से रहें और विकास की ओर बढ़ें। हम बांग्लादेश के विकास के लिए चिंतित हैं और कुछ भी सकारात्मक हो, इसके लिए हम साथ हैं। 3. क्या कोई कुछ सोच सकता है कि देश में संविधान का शासन है। इसके बाद भी कुछ ऐसे लोग निकल रहे हैं, जो भ्रष्टाचार का महिमामंडन कर रहे हैं। ऐसे लोग स्वस्थ समाज के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन गया है और यह चिंता का विषय है। यदि किसी भ्रष्टाचारी का महिमामंडन होगा तो जो आज ऐसा नहीं करता है, वह भी ऐसे रास्ते पर जाने की सोचेगा। 4. हमें नकारात्मक लोगों से बचना होगा। कुछ लोग देश का विकास नहीं चाहते। विकृति तो विनाश और सर्वनाश का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं, जो हर बात में नकारात्मकता ही देखते हैं। हमें विकसित भारत की ओर बढ़ते हुए ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना होगा। 5. पीएम मोदी ने भाजपा के कोर एजेंडे में रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड की भी वकालत की। उन्होंने इसे सेकुलर कोड कहते हुए कहा कि देश को इसकी जरूरत है। एक देश एक कानून हमारी आवश्यकता है। पीएम मोदी ने कहा कि बहुत दिनों तक सांप्रदायिक कोड रहा। अब सेकुलर कोड लाना चाहिए। 6. कभी आतंकवादी मारकर चले जाते थे। अब देश की सेना एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक करती है। इससे देश के युवा गर्व से भर जाते हैं। सरकारी मशीनरी जब देश के सपने पूरे करने में जुट जाती है और नागरिक भी जनांदोलन के तौर पर जुड़ जाते हैं तो लक्ष्य हासिल होकर रहते हैं। 7. ऐसा माहौल बन गया था कि जो है, उसमें गुजारा कर लो। कहते थे कि अब कुछ होने वाला नहीं है। हमने उस माहौल को बदला है। कई लोग कहते थे कि भविष्य के लिए क्यों कुछ करें, हम आज का देखें। लेकिन देश का नागरिक ऐसा नहीं चाहता। वह सुधारों का इंतजार करता रहा। हमें जिम्मेदारी मिली तो फिर हमने सुधारों को जमीन पर उतारा। मैं देशवासियों को यकीन दिलाना चाहता हूं कि हम सुधारों के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। 9. प्रधानमंत्री ने राजनीति में जातिवाद और परिवारवाद की मुक्ति का भी खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि कम से कम एक लाख युवा राजनीति में आएं, जिनके परिवार से अब तक कोई पॉलिटिक्स में न रहा हो। ये लोग विधायक, सांसद, प्रधान, मेयर आदि बनें। ऐसे लोग आएंगे तो नए विचार सामने आएंगे और परिवारवाद का खात्मा होगा। 10. पीएम मोदी ने कहा कि देश हर तीन महीने में चुनाव से तंग आ चुका है। अब बारी आ चुकी है कि एक देश एक चुनाव की ओर बढ़ा जाए। recent visitors 89