JK विधानसभा चुनाव के दौरान 130 करोड़ रुपये की जब्ती हुई: मुख्य निर्वाचन अधिकारी

श्रीनगर  चुनाव अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के कुल 1,263 उल्लंघनों की सूचना मिली और 130 करोड़ रुपये की नकदी और अन्य सामग्री जब्त की गई। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) पीके पोल ने कहा कि पुलिस विभाग ने सबसे अधिक 107.50 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1,263 एमसीसी उल्लंघनों में से 600 को जांच और उचित कार्रवाई के बाद बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 364 शिकायतों की जांच चल रही है, जिनका भी जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा। इसके अलावा 115 उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, मीडिया घरानों और अन्य को एमसीसी उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। सीईओ ने बताया कि ड्रग्स, नकदी और शराब से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन एजेंसियों ने 32 एफआईआर दर्ज की हैं। पोल ने कहा, "2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान अब तक जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कुल 130 करोड़ रुपये की जब्ती की गई है।" विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग ने 107.50 करोड़ रुपये, सीजीएसटी ने 9.88 करोड़ रुपये, एसजीएसटी/सीटी ने 8.03 करोड़ रुपये, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 2.06 करोड़ रुपये, आयकर विभाग ने 87 लाख रुपये तथा राज्य आबकारी विभाग ने 50 लाख रुपये की जब्ती की है। विभिन्न राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को रैलियां, जुलूस, पार्टी कार्यालय खोलने, वाहन, बैनर, झंडे, पर्चे, होर्डिंग्स, नुक्कड़ सभाएं, घर-घर जाकर प्रचार आदि के संबंध में 7,088 अनुमतियां दी गई हैं। तीसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान 1 अक्टूबर को होना है। पहले चरणों में मतदाताओं की संख्या काफी अच्छी रही थी, 18 सितंबर को पहले चरण में 61.38 प्रतिशत और 26 सितंबर को दूसरे चरण में 57.31 प्रतिशत मतदान हुआ था। अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू और कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है, जिसके नतीजे 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।   recent visitors 102

मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में पुणे में होगी रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे मुख्यमंत्री शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था की राष्ट्रीय चर्चा पुणे में मंगलवार को होने जा रही है। राष्ट्रीय चर्चा "पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर और उनके जन-कल्याणकारी सुशासन' विषय पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुणे में शिव-सृष्टि पार्क का अवलोकन भी करेंगे। जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में होने वाली राष्ट्रीय चर्चा महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की अध्यक्षता में होगी। रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद रहेंगे। चर्चा में शाम को व्याख्यान-सत्र होगा। इसमें मुख्य वक्ता पद्मसे सम्मानित मा. निवेदिता ताई भिडे उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी रहेंगी। व्याख्यान-सत्र की अध्यक्षता डॉ. देवीदास पोटे प्रतिष्ठित लेखक एवं चरित्रकार करेंगे। समापन-सत्र को श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरु डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव संबोधित करेंगी। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क मुख्यमंत्री डॉ. यादव अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क ‘शिव-सृष्टि’ का भ्रमण कर अवलोकन करेंगे। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठान ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क 21 एकड़ भूमि पर फैला है, जिसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ 68 लाख रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5डी-शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य, स्व-धर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में 100 लोग देख सकते हैं। तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंडस्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा मिला है। अब तक 70 हज़ार से अधिक लोग इसका भ्रमण कर चुके हैं।   recent visitors 98

मध्य प्रदेश के पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई, यमराज को भी दिखया रेड सिग्नल!

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस वाले कानून व्यवस्था को संभालने के साथ ही जरूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं। हाल ही में कई घटनाओं में पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई है। फिर चाहे वो किसी विधायक को हार्ट अटैक आने पर CPR देना हो, या सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग की जान बचाना हो, एमपी पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की है। यहां तक की मौका आने पर उन्होंने सांप तक को सीपीआर देकर नया जीवनदान दिया है। आईए जानते हैं वो बड़ी पांच घटनाएं जहां पुलिस कर्मी देव दूत बनकर यमराज के पास से बचा लाए लोगों की जान विधायक को दिया नया जीवन सितंबर 2024 में राऊ विधानसभा से बीजेपी विधायक मधु वर्मा को हार्ट अटैक आ गया था। उनके पीएसओ अरुण भदौरिया ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हुए उन्हें CPR दिया और अस्पताल पहुंचाया। समय पर मदद मिलने की वजह से उनकी जान बच गई। इसके बाद लोगों ने अरुण भदौरिया की जमकर तारीफ की। सीएम मोहन ने भी उन्हे सराहा। चलती एक्टिवा पर बच्ची के पापा को आ गया था अटैक अगस्त 2024 में इंदौर में भी ऐसी ही एक घटना घटी। एक शख्स को चलती एक्टिवा पर अटैक आ गया। उनकी 14 साल की बेटी ने लोगों से मदद की गुहार लगाई। तभी वहां से गुजर रहे एक कॉन्स्टेबल ने युवक को CPR देकर उसकी जान बचाई। पुलिस वाले अंकल ने साहस के साथ बच्ची के पापा को नया जीवन दिया। आरपीएफ जवान नहीं होता तो हो जाती अनहोनी नवंबर 2023 में जबलपुर में विधानसभा चुनाव के दौरान एक मतदान कर्मी को दिल का दौरा पड़ गया। आरपीएफ के जवानों ने तुरंत उसे CPR दिया और उसकी जान बचाई। यदि आरपीएफ के जवान समय पर मदद के लिए नहीं आते तो शायद बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। बुजुर्ग के लिए देवदूत बनकर आई लेडी सूबेदार साल 2022 में ग्वालियर में एक महिला ट्रैफिक सूबेदार ने सड़क किनारे बेहोश हुए एक बुजुर्ग को CPR देकर उसकी जान बचाई थी। इसके बाद सूबेदार सोनम पाराशर ने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती भी करवाया था। सांप को सीपीआर देकर दिया जीवन दान अक्टूबर 2023 में नर्मदापुरम के सेमरी हरचंद कस्बे में पुलिस कांस्टेबल अतुल शर्मा ने एक सांप को सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। सांप पाइप लाइन में फंसकर बेहोश हो गया था। अतुल शर्मा 2008 से काम कर रहे हैं और अब तक सैकड़ों सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। काबिले तारीफ है ये जज्बा इसे लेकर एक प्रशंसक ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि ज़रूरतमंदों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहती है। पुलिसकर्मियों का यह जज़्बा काबिले तारीफ है। recent visitors 99

सिएटल में वेश्यावृत्ति के धंधे में आया उछाल, अब लगेगी नशीली दवाओं पर लगाम

 सिएटल अमेरिका को सपनों का देश कहा जाता है, जहां की लाइफस्टाइल, जॉब्स और ग्लैमर दुनियाभर के लोगों को आकर्षित करती हैं. लेकिन इस चमक-दमक के पीछे की सच्चाई अक्सर दुनिया की नजरों से दूर रहती है. कुछ ऐसी ही कहानी है सिएटल शहर की एक बदनाम गली की, जो वेश्यावृत्ति का केंद्र बन चुकी है. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सिएटल की इस गली को 'द ब्लेड' के नाम से जाना जाता है, जहां हर रात महिलाएं कम कपड़ों में ग्राहकों को लुभाने के लिए सड़कों पर खड़ी नजर आती हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गली के पास ही दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां जैसे अमेजन और एप्पल के ऑफिस भी मौजूद हैं. लेकिन इसके बावजूद, इस इलाके में वेश्यावृत्ति का धंधा तेजी से फैल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गली में हर दिन लगभग 300 लोग आते हैं, और करीब 60 महिलाएं इस व्यापार में शामिल होती हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान हालात और भी बिगड़ गए, जब क्लब और बार बंद हो गए और महिलाओं को मजबूरन सड़कों का रुख करना पड़ा. स्थानीय दुकानदार डटन क्लार्क के मुताबिक-कोविड के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं. पिछले साल इस गली में हर वक्त 50-60 महिलाएं खड़ी रहती थीं, जो ग्राहकों की तलाश में रहती थीं. सबसे दर्दनाक बात यह है कि इन महिलाओं में से कई की उम्र बेहद कम होती है. रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि यहां आने वाले ग्राहकों में से एक तिहाई लोग आसपास की बड़ी टेक कंपनियों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स होते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गली में वेश्यावृत्ति के साथ-साथ अपराध भी बढ़ गए हैं. जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है. यहां की घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है.अब यह गली सिर्फ वेश्यावृत्ति का केंद्र नहीं, बल्कि बढ़ते अपराधों की वजह से भी चर्चा में है. जिसने स्थानीय निवासियों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है. अब लगेगी नशीली दवाओं पर लगाम  सिएटल सिटी में  दो नए विधेयक पारित किए। इनका उद्देश्य सार्वजनिक रूप से नशीली दवाओं के उपयोग, बिक्री और वेश्यावृत्ति पर लगाम लगाना है।पहले विधेयक में यह प्रावधान है कि अब नशीलों दवाओं के सौदागरों के सिएटल शहर के मुख्य भाग स्टे आउट ऑफ ड्रग एरिया में प्रवेश करना प्रतिबंधित होगा। द सिएटल टाइम्स की एक खबर के अनुसार, नशीली दवाओं से संबंधित विधेयक लाने का प्रस्ताव काउंसिल सदस्य बॉब केटल ने किया। इसे सिटी अटॉर्नी एन डेविसन ने पेश किया। यह विधेयक 8 से 1 के अंतर से पारित हुआ। काउंसिल सदस्य टैमी मोरालेस ने इसके खिलाफ मतदान किया। दूसरा विधयेक उत्तरी सिएटल में ऑरोरा एवेन्यू से संबंधित है। यह जगह वेश्यावृत्ति और आवारागर्दी के लिए बदनाम है। इसमें कहा गया है कि सेक्स वर्कर को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। काउंसिल सदस्य कैथी मूर का यह विधेयक भी 8 से 1 के अंतर से पारित हुआ। काउंसिल सदस्य टैमी मोरालेस ने इस विधेयक के खिलाफ भी मतदान किया। उल्लेखनीय है कि सिएटल वाशिंगटन राज्य का एक प्रमुख शहर है। यह प्रमुख बंदरगाह है। यह प्रशांत महासागर और लेक वौशिंग्टन के बीच स्थित है। कनाडा की सीमा यहां से मात्र 160 किलोमीटर दूर है। अप्रैल 2009 में यहां की आबादी लगभग 61,700 थी।   recent visitors 102

लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा के तापमान में 8-10 केल्विन की असामान्य गिरावट देखी गई

नई दिल्ली/बेंगलुरु भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया है कि 2020 के वैश्विक कोविड लॉकडाउन का चंद्रमा तक प्रभाव पड़ा था। पीयर-रिव्यू मंथली नोटिस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी: लेटर्स में एक स्टडी प्रकाशित हुई थी। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि अप्रैल-मई 2020 के सबसे सख्त लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा की सतह के तापमान में असामान्य गिरावट देखी गई थी। फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (पीआरएल) के के दुर्गा प्रसाद और जी अंबिली ने 2017 और 2023 के बीच चंद्रमा के निकटवर्ती भाग पर छह विभिन्न स्थानों – ओशनस प्रोसेलारम के दो स्थान, मेरे सेरेनिटैटिस, मेयर इम्ब्रियम, मेयर ट्रैंक्विलिटैटिस और मेरे क्रिसियम पर रात्रि के समय सतह के तापमान का विश्लेषण किया। पीआरएल के निदेशक अनिल भारद्वाज ने कहा कि यह हमारे समूह का एक महत्वपूर्ण कार्य है। यह काफी अद्वितीय है। कैसे की स्टडी? नासा के चंद्रयान (Lunar Reconnaissance Orbiter) के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉकडाउन के महीनों में चंद्रमा के तापमान में अन्य वर्षों की तुलना में लगातार 8-10 डिग्री कम (8-10 केल्विन) हो गया था। प्रसाद ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हमने वास्तव में 12 सालों का डेटा विश्लेषण किया था, लेकिन अध्ययन में समानता बनाए रखने के लिए हमने सात सालों (2017 से 2023) का डेटा इस्तेमाल किया,लॉकडाउन वाले साल 2020 से पहले के तीन साल और उसके बाद के तीन साल। शोधकर्ताओं का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान पृथ्वी से निकलने वाले विकिरण (Radiation) में कमी के कारण चंद्रमा का तापमान कम हुआ। चूंकि मानवीय गतिविधियों में काफी कमी आई थी, ग्रीनहाउस गैसों और वायुमंडलीय कणों (Aerosols) का उत्सर्जन भी कम हो गया, जिसके कारण पृथ्वी के वायुमंडल में कम गर्मी फंसी और वापस निकली। तापमान में काफी बदलाव शोधकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों और वर्षों में तापमान में काफी बदलाव भी देखा। सबसे कम कुल तापमान 2020 में साइट-2 पर 96.2 K था, जबकि सबसे कम तापमानों में सबसे अधिक 2022 में साइट-1 पर 143.8 K था। आमतौर पर, 2020 में अधिकांश स्थानों पर सबसे ठंडा तापमान देखा गया, जबकि 2021 और 2022 में जब पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियां फिर से शुरू हुईं, तब एक उल्लेखनीय तापमान बढ़ने का रुझान देखा गया। के दुर्गा प्रसाद ने समझाया कि चंद्रमा पृथ्वी के विकिरण के चिन्ह का एक प्रवर्धक (Amplifier) के रूप में कार्य करता है। इस अनूठी वैश्विक घटना ने हमें यह देखने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया कि पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियों में बदलाव हमारे निकटतम खगोलीय पड़ोसी को कैसे प्रभावित कर सकता है।शोध पत्र में लिखा है कि चूंकि कोविड लॉकडाउन के दौरान चंद्रमा के रात्रि के समय सतह के तापमान में असामान्य कमी देखी गई है, इसलिए अन्य संभावित कारकों जैसे सौर गतिविधि और मौसमी प्रवाह विविधता के प्रभावों की भी जांच की गई है। परिणाम दर्शाते हैं कि इन कारकों में से किसी का भी अवलोकित हस्ताक्षर(Observed Signature) पर कोई प्रभाव नहीं है, इस प्रकार यह हमारे निष्कर्षों का समर्थन है कि यह केवल कोविड लॉकडाउन के कारण है। recent visitors 94

पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिरा की 6 मंत्रालय ही बंद और डेढ़ लाख नौकरियां खत्म

 इस्लामाबाद पड़ोसी देश पाकिस्तान ऐसे आर्थिक संकट में घिर गया है कि अब उसने डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा 6 मंत्रालयों को ही भंग कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सरकारी खर्च को रोका जा सके। यही नहीं दो मंत्रालयों का अन्य विभागों के साथ विलय कर दिया गया है। आईएमएफ से 7 अरब डॉलर की लोन डील के तहत पाकिस्तान सरकार ने ये कदम उठाए हैं। पाकिस्तान लगातार संकट के दौर से गुजर रहा है और आईएमएफ से लोन की एक किस्त मिलने के बाद भी उसका संकट समाप्त नहीं हुआ है। अब वह एक और राउंड का लोन लेने के लिए जुगत भिड़ा रहा है। आईएमएफ ने पाकिस्तान के लिए मंजूर लोन की पहली किस्त 26 सितंबर को जारी की थी। इसके तहत 1 अरब डॉलर का पैकेज घोषित किया गया है। आईएमएफ ने इसके साथ ही पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि वह अपने खर्च घटाएं, टैक्स में इजाफा करे, कृषि और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों में पर भी टैक्स लगाया जाए। इसके अलावा सब्सिडी खत्म की जाए और कुछ योजनाओं को भी सीमित किया जाए। अमेरिका से लौटे पाकिस्तानी वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा कि आईएमएफ के साथ डील हो गई है। यह हमारी आखिरी डील होगी। हमें इसके तहत कुछ नीतियों को लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि इसी के तहत हम सरकारी खर्चों में भी कटौती कर रहे हैं। 6 मंत्रालयों को बंद किया जाएगा और दो का विलय किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालयों के डेढ़ लाख सरकारी पदों को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम टैक्स में भी इजाफे के प्रयास करेंगे। बीते साल 3 लाख अतिरिक्त टैक्सपेयर जुड़े हैं। इस साल अब तक 7 लाख से ज्यादा नए टैक्सपेयर जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स के नियमों को सख्त किया जाएगा। जो लोग टैक्स नहीं भरेंगे, उन्हें संपत्ति और वाहन खरीदने की परमिशन नहीं होगी। औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान को यदि जी-20 का हिस्सा बनना है तो फिर अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि अब तो हमारा एक्सपोर्ट भी बढ़ रहा है। recent visitors 88

सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं, एग्जाम रूम में CCTV कैमरों से न सिर्फ नजर रखी जाएगी, बल्कि रिकॉर्डिंग सेव भी रखी जाएंगी.

 नई दिल्ली सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 2025 15 फरवरी में शुरू हो सकते हैं, जो अप्रैल तक चलेंगे. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आगामी बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2025) की डेटशीट दिसंबर में जारी कर सकता है. इससे पहले सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं. अगले साल बोर्ड परीक्षा कड़े पहरे में होने वाली है. एग्जाम रूम में CCTV कैमरों से न सिर्फ नजर रखी जाएगी, बल्कि रिकॉर्डिंग सेव भी रखी जाएंगी. सीबीएसई ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर इसकी सूचना दी है. सीबीएसई द्वारा जारी नोटिस में स्कूलों को हर एग्जाम रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं. बोर्ड ने सभी स्कूलों से कहा है कि उनके सभी एग्जाम रूम में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए. यह निर्देश सभी सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल्स और हेडमास्टर्स को भेजा गया है. बाद में भी इस्तेमाल की जा सकती है CCTV रिकॉर्डिंग नोटिस में साफ-साफ लिखा है कि मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाएं केवल उन्हीं कमरों में होगी जहां सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे. परीक्षा के दौरान रिकॉर्डिंग की जाएगी जिसे स्कूलों को कम से कम दो महीने तक संभालक रखना होगा. ताकि जरूरत पड़ने पर बोर्ड उन रिकॉर्डिंग्स की जांच कर सके. हालांकि रिकॉर्डिंग केवल अधिकृत लोग ही देख सकेंगे. बिना CCTV कैमरे के स्कूल नहीं करा सकेंगे परीक्षा सीबीएसई ने आगे कहा कि कैमरों में पैन, टिल्ट और जूम की सुविधा होनी चाहिए ताकि किसी भी क्षेत्र या छात्र पर नजर रखी जा सके. अगर किसी स्कूल में सीसीटीवी कैमरों नहीं लगे हैं, तो उस स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं माना जाएगा. 44 लाख छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा सीबीएसई के मुताबिक 2024 में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 44 लाख छात्र बैठेंगे. इतनी बड़ी संख्या छात्रों की परीक्षा सुचारू और शुचिता पूर्ण ढंग से कराने के लिए सीबीएसई ने यह कदम उठाया है. हर परीक्षा केंद्र में 240 छात्रों के लिए एक व्यक्ति खासतौर पर निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया जाएगा. इसकी जानकारी छात्रों और अभिभावकों को भी देने को कहा गया है.   recent visitors 112