पटाखा गोदाम में विस्फोट से अफरा-तफरी, समय रहते आग पर पाया काबू

छतरपुर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बड़ा हादसा टल गया. जहां एक पटाखा गोदाम में विस्फोट होने से अफरा-तफरी मच गई. इस विस्फोट से पूरा इलाका दहल गया. हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आग पर काबू पाया. जानकारी के मुताबिक, यह घटना हरपालपुर थाना क्षेत्र की है. जहां बुधवार को गोदाम में रखे पटाखों में अचानक विस्फोट हो गया. जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और इलाके को खाली करवाया. इसके बाद पुलिस ने किसी तरह आग पर काबू पाया. हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीएम-एसडीओपी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. गनीमत रही कि इस विस्फोट में कोई जनहानि नहीं हुई. अब सवाल यह खड़ा होता है कि क्या गोदाम में रखा पटाखा वैध था अवैध? क्या यह पटाखे अवैध बनाया कर गोदाम में रखे गए थे. हालांकि, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई. recent visitors 57

कुशल व्यवहार और प्रबंधन कौशल से जनसंपर्क में हासिल की कामयाबी : अशोक मनवानी

70 वे जन्म दिवस पर विशेष- संक्षिप्त जीवन परिचय ताहिर अली, जन्म दिनांक 3 अक्टूबर 1954     कुशल व्यवहार और प्रबंधन कौशल से जनसंपर्क में हासिल की कामयाबी : अशोक मनवानी    भोपाल                 ताहिर अली मुझसे आयु में लगभग 10 वर्ष बड़े हैं। मेरी उनकी पहली मुलाकात वर्ष 1990 में हुई। तब हम लोग जिलों में पदस्थ थे। मुख्यालय की एक बैठक में हम मिले थे। पहली ही भेंट में ताहिर भाई की जिस बात ने मुझे प्रभावित किया वह था उनका सौम्य और सरल व्यवहार।  जनसंपर्क मुख्यालय सहित विभिन्न वरिष्ठ मंत्रियों के साथ प्रचार का दायित्व कुशलता पूर्वक संभालने वाले ताहिर अली संपर्क के मामले में तत्पर रहते हैं।दूरभाष के उपकरण का उन्होंने उसे युग में अधिकतम उपयोग किया जब यह उपकरण बहुत कम लोगों के पास होता था और मोबाइल नहीं हुआ करते थे। मोबाइल आने के बाद तो गत दो दशक में उन्होंने सफलता के नए झंडे ही गाड़ दिए। इसमें सहयोग सिर्फ मोबाइल उपकरण का नहीं है। अपितु व्यक्ति की सजगता और अपने आसपास के वातावरण के प्रति चौकन्ना बने रहने और प्रासंगिक रहकर समाचार माध्यमों से जुड़ाव रखना  मायने  रखता है। क्तिगत संबंधों को महत्व देने जैसे कई पहलू ताहिर भाई को सबसे अलग बनाते हैं। उन्होंने एक पढ़े लिखे परिवार की पृष्ठभूमि का भी लाभ लिया और उच्च शिक्षा के पिता के अनुभवों को स्वयं आत्मसात करते हुए अपने व्यक्तित्व का विकास किया। अध्ययनशीलता में एक बार कुछ कमी रह जाए तो चल जाता है लेकिन व्यवहारिक जीवन में सक्रिय रहकर जनसंपर्क के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना सरल हो जाता है। ताहिर भाई ने संबंधों को तरजीह दी। इसलिए जो 30 या 35 वर्ष पूर्व उनके साथ काम कर चुके हैं आज भी उनसे जुड़े हुए हैं। इन मित्रवत संबंधों के लिए व्यक्ति को समय देना होता है। यदि किसी की रुचि फिल्में देखने और खेल के मैदान में समय बिताने में है तो वह इन संबंधों के निर्वहन में कुछ पीछे रह सकता है। लेकिन ताहिर मियां पुराने शहर में रहते हुए भी नए भोपाल शहर से उसी तरह जुड़े होते हैं जैसे उस घटना या व्यक्ति से मुलाकात के स्वयं साक्षी हों।अनेक अवसरों पर उनकी इस कुशलता को मैंने अनुभव किया है।प्रचार प्रसार के लिए अखबारों के साथ रेडियो, दूरदर्शन और टीवी चैनलों के उपयोग में वे माहिर हैं इसलिए कहा जाता है कि वे सिर्फ ताहिर नहीं बल्कि माहिर भी हैं। मेरे कुछ मित्र उन्हें ताहिर अली की जगह इंतजाम अली भी कहते हैं। यह बात हास्य व्यंग्य की नहीं बल्कि  उनकी वास्तविक प्रशंसा की प्रतीक भी है। मुझे याद है एक बार किसी वीआईपी को फ्लाइट कैच करनी थी और उनकी बैठक अभी लंबी चलनी थी। ताहिर अली ने एक अतिरिक्त वाहन का प्रबंध किया और भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग की दूसरी ओर एअरपोर्ट मार्ग पर उसे खड़ा कर दिया था। वी आई पी महोदय मंत्रालय से बैठक खत्म कर एयरपोर्ट रवाना हुए, तब लालघाटी के पास फ्लाय ओवर का निर्माण नहीं हुआ था, इसलिए कई बार लोगों की फ्लाइट छूट जाया करती थी। रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचने पर फाटक बंद था। तब ताहिर अली ने जो उस वी आई पी  को एस्कॉर्ट कर रहे थे रेलवे ट्रैक क्रॉस करवारकर गेट के उस तरफ खड़े वाहन तक ले गए। वी आई पी  महोदय हतप्रभ रह गए और उन्हें समय पर फ्लाइट मिल गई। यह एक उदाहरण सिद्ध करता है कि व्यक्ति जीवन में कहाँ-कहाँ किस-किस तरह से प्रबंधन कर सकता है।  ताहिर भाई की जन्म वर्षगांठ पर हार्दिक बधाई। उनके लिए आज इतना ही । उनके गुणों की चर्चा एक विस्तृत आलेख में की जा सकती है। वे  दीर्घायु शतायु हों। हार्दिक शुभकामनाएं। * अशोक मनवानी * ⁠संयुक्त संचालक , जनसंपर्क recent visitors 59

इंदौर एयरपोर्ट पर पिछले नौ महीने में यात्रियों की संख्या 28 लाख के पार पहुंची

 इंदौर  देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विंटर सीजन (शीत ऋतु) में पुणे और जयपुर के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने वाली हैं। जयपुर उड़ान की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी। इसके बाद जयपुर के लिए तीन सीधी उडानें हो जाएंगी। वहीं पुणे उड़ान का संचालन 28 सितंबर से शुरू होगा। यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को संचालित होगी। इसके बाद पुणे के लिए इंदौर से दो उड़ानें हो जाएंगी। यह उड़ान इंदौर से दिन में संचालित होने से यात्रियों को पुणे जाने के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। अभी जो उड़ान संचालित होती है, वह रात्रि में संचालित होती है। समय में किया गया बदलाव नई उड़ानों को चलाने के लिए पहले से संचालित उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है। पुणे से रात्रि 1.40 बजे उड़ान भरकर रात्रि 2.50 बजे इंदौर पहुंचने वाली उड़ान 27 अक्टूबर से सुबह संचालित होगी। यह उड़ान पुणे से सुबह पांच बजे रवाना होकर 6.10 बजे इंदौर पहुंचेगी। नवंबर से रनवे का सुधार कार्य रात्रि में किया जाएगा। इसके लिए रात्रि 12 बजे बाद की उड़ानों को री-शेड्यूल किया जा रहा है। यह रहेगा शेड्यूल     इंदौर से पुणे – फ्लाइट 6ई 6192 इंदौर से सुबह 11.55 बजे रवाना होगी और दोपहर एक बजे पुणे पहुंचेगी।     पुणे से इंदौर – फ्लाइट 6ई 6191 पुणे से दोपहर 1.55 बजे रवाना होगी और दोपहर 3.05 बजे इंदौर पहुंचेगी। (नोट यह उड़ान सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को संचालित होगी)     इंदौर से जयपुर – फ्लाइट 6ई 7109 इंदौर से शाम 4.10 बजे रवाना होगी और शाम 5.30 बजे जयपुर पहुंचेगी।     जयपुर से इंदौर – फ्लाइट 6ई 7154 जयपुर से सुबह 11.20 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.50 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर एयरपोर्ट से हर महीने तीन लाख से अधिक यात्री भर रहे उड़ान देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से इस वर्ष प्रत्येक माह तीन लाख से अधिक यात्री सफर कर रहे है। नौ माह में यात्रियों की संख्या 28 लाख के पार पहुंच चुकी है। इसके अनुसार इस साल विगत वर्ष सर्वाधिक यात्रियों की संख्या का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। सितंबर माह में भी तीन लाख से अधिक यात्रियों ने हवाई सफर पूरा किया। इसके लिए 2526 के करीब उड़ाने संचालित हुई। इंदौर से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। तीन लाख से अधिक यात्री प्रतिमाह इंदौर एयरपोर्ट से उड़ान भर रहे है। 27 अक्टूबर से विंटर शुड्यूल शुरू होने वाला है। ऐसे में उड़ानों की संख्या में बढोतरी होगी और इसका असर यात्रियों की संख्या पर भी दिखेगा। अक्टूबर-नवंबर में दीपावली का त्योहार और दिसंबर में छुट्टियों के कारण हवाई यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। इस वजह से इस साल सर्वाधिक यात्रियों की संख्या का विगत वर्ष 35 लाख का रिकार्ड टूट सकता है। recent visitors 55

राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर लिखा, देश के सभी नागरिकों की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर लिखा, “महात्मा गांधी की 155वीं जयंती पर मैं देश के सभी नागरिकों की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। सत्य और अहिंसा के प्रबल अनुयायी बापू का जीवन संपूर्ण मानवता के लिए एक अनूठा संदेश है। उन्होंने हमें शांति और सहयोग के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। गांधीजी ने अस्पृश्यता, अशिक्षा, अस्वच्छता और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए अभियान चलाया और महिला सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास किए।” उन्होंने आगे लिखा, “गांधीजी शाश्वत नैतिक सिद्धांतों के प्रतीक थे और उन्होंने नैतिकता आधारित आचरण का उपदेश दिया। उनका संघर्ष सबसे कमजोर को मजबूत करने पर केंद्रित था। उनके विचारों ने दुनिया के कई महान व्यक्तियों को प्रभावित किया, जिन्होंने गांधीजी के आदर्शों को अपने तरीकों में अपनाया। इस पावन अवसर पर, आइए हम सत्य, अहिंसा, प्रेम और पवित्रता के मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लें और गांधीजी के सपनों के भारत की कल्पना के साथ देश और समाज के विकास को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास करें।” राष्ट्रपति मुर्मू ने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर, मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। शास्त्री जी ने आजीवन सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति के उच्चतम आदर्श प्रस्तुत किए। उनके सुदृढ़ नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामरिक एवं अन्य सफलता प्राप्त की। आइए, उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए हम सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लें।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।   recent visitors 58

कार्यों में अनियमितता पर कार्रवाई, राजस्थान-दौसा की महवा नगर पालिका अध्यक्षा निलंबित

दौसा. दौसा जिले कि महवा पालिका क्षेत्र मे नगर पालिका महवा में करवाये गये अनेक कार्यों में की गई अनियमितता की शिकायत के चलते महवा नगर पालिका की अध्यक्ष नर्मदा देवी गुर्जर को निलंबित कर दिया है। महुआ नगर पालिका क्षेत्र में हुए कार्यों की जांच उप निदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय जयपुर की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन कर कई शिकायती मामलों की जांच करवाई गई थी। जिसके चलते जांच कमेटी ने जब अपनी जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया प्रकरण में अनियमितताएं एवं पद का दुरूपयोग किया जाना पाया। अनियमितताएं एवं पद का दुरूपयोग पाने पर उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्मदा देवी गुर्जर, अध्यक्ष, नगर पालिका महवा को सुनवाई का अवसर देते हुए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) के तहत विभाग द्वारा स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया। इधर महवा नगर पालिका अध्यक्ष अध्यक्ष नर्मदा देवी गुर्जर के द्वारा स्पष्टीकरण नोटिस का जवाब दिया गया, लेकिन नर्मदा देवी गुर्जर के जवाब विभाग को संतोषजनक नही लगा। जिस से नर्मदा देवी गुर्जर के आचरण और व्यवहार नगर पालिका की अध्यक्षा एव सदस्य की पद का का दुरूपयोग मानते हुए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 के तहत कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार एवं पद के अन्यथा दुरूपयोग तथा उसके व्यवहार की श्रेणी में माना है। उधर, राज्य सरकार द्वारा राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (3) के तहत उपरोक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करवाने का निर्णय लिया गया। इस मामले की न्यायिक जांच के लिए विधि विभाग को भी भेजा गया है। नर्मदा देवी गुर्जर, अध्यक्ष, नगर पालिका महवा (दौसा) के पद पर बने रहने से विचाराधीन न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना है। स्वायत शासन विभाग जयपुर को प्राप्त रिपोर्ट एवं संबंधित और नर्मदा देवी गुर्जर के अध्यक्षा के पद पर बने रहने से विचाराधीन न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रख कर राजस्थान नगर पालिका अधिनियम अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार नर्मदा देवी गुर्जर अध्यक्ष, नगर पालिका को पद से तुरन्त प्रभाव से निलंबित किया गया। recent visitors 78

मोहन यादव सरकार ने सीताराम आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त करते हुए राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया

श्योपुर मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी अपने रास्ते आसान करती दिख रही है. हालांकि, यहां उपचुनाव की तारीख का भले ही ऐलान न हुआ हो. लेकिन बीजेपी यहां से कांग्रेस छोड़कर आए रामनिवास रावत को चुनाव लड़वाने वाली है. उनके सामने सीताराम आदिवासी एक बड़ी चुनौती थे. लेकिन BJP सरकार ने सीताराम आदिवासी को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया है, जिससे रामनिवास रावत ने अब राहत की सांस ली है. मंगलवार शाम को जारी आदेश में मोहन यादव सरकार ने सीताराम आदिवासी को सहरिया विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त करते हुए राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया. इसके बाद सीताराम ने ऐलान कर दिया कि वह विजयपुर विधानसभा से उपचुनाव नहीं लड़ेंगे. बता दें कि मंगलवार को ही सीताराम आदिवासी ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी. सीताराम के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त होने से वनमंत्री रामनिवास रावत ने रहत की सांस ली है. दरअसल, रामनिवास रावत जब कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे तो विजयपुर से पूर्व बीजेपी विधायक सीताराम आदिवासी ने इसका विरोध किया था और बगावती तेवर दिखाते हुए रामनिवास रावत के सामने उपचुनाव लड़ने की बात भी की थी. सीताराम आदिवासी न केवल पूर्व विधायक रह चुके हैं, बल्कि इलाके के आदिवासी वोटबैंक पर उनकी अच्छी पकड़ है, इसलिए बीजेपी में रामनिवास रावत के जाने के बाद कांग्रेस की कोशिश थी कि वो उनके सामने विजयपुर से सीताराम आदिवासी को टिकट दे, लेकिन सीताराम के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त होते ही कांग्रेस की मुश्किलें यहां होने वाले उपचुनाव में बढ़ गई हैं, तो वहीं बीजेपी और रामनिवास रावत के लिए उपचुनाव की राह आसान होती दिख रही है.   recent visitors 59

सोचकर सीना चौड़ा हो जाता है कि महात्मा गांधी भारत में पैदा हुए थे, हम गांधी के वंशज हैं यह हमारा सौभाग्य है: राघव चड्ढा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। राघव चड्ढा ने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा कि यह सोचकर सीना चौड़ा हो जाता है कि महात्मा गांधी भारत में पैदा हुए थे। हम गांधी के वंशज हैं यह हमारा सौभाग्य है। कितने खुशनसीब थे वह लोग जिन्होंने गांधी को देखा होगा। वह जितने मन से साहसी थे उतने ही मुलायम भी थे। अपनों के लिए लड़ते हुए भी दुश्मनों के प्रति नफरत ना रखने वाले गांधी का दिल इतना बड़ा था कि उन्होंने उसे भी माफ कर दिया जिसने उनको यातनाएं दीं, मारने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की सत्य और हिंसा की ताकत ने दुनिया की सारी ताकतों को बौना कर दिया। गांधी के बारे में अल्बर्ट आइंस्टीन कहा करते थे कि आने वाली नस्लें इस बात पर यकीन नहीं कर पाएंगी कि हाड़ मांस का कोई पुतला ऐसा भी था जिसके करिश्मे के सामने दुनिया की सारी शक्तियां नतमस्तक हो गई। दक्षिण अफ़्रीका में पिछड़ों, शोषितों और अन्य वर्गों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने वाले गांधी अपने देश के लोगों की गरीबी से अधीर होकर आधी धोती में पूरा जीवन गुजारने वाले थे। उन्होंने शक्तिशाली ब्रिटिश क्राउन की आंख में आंख डालकर उसकी तानाशाही का विरोध किया। गांधी केवल व्यक्तित्व नहीं थे, वह स्वयं में एक युग हैं। ऐसा युग जिसमें न्याय की लड़ाई है, ऐसा युग जिसमें अधिकारों के लिए संघर्ष है, ऐसा युग जिसमें इंसानियत और दूसरे का दुख महसूस करने का साहस है। उन्होंने कहा कि ऐसा युग जिसमें राम सिर्फ नाम नहीं, मर्यादा और कर्तव्य हैं। शायद यही कारण है कि गांधी के जाने के 76 साल बाद भी अमेरिका से लेकर यूरोप तक, अफ्रीका से लेकर ऑस्ट्रेलिया की गलियों तक आपको गांधी दिख जाएंगे। उनका कद कितना बड़ा है, उनका ओहदा कितना ऊंचा है। यह उनकी मूर्ति के सामने झुके हुए लोगों से पता चलता है। आज जब कोई हिंदुस्तानी भारत से बाहर किसी दूसरे देश में जाता है, तो वहां उसकी इज्जत इसलिए भी होती है क्योंकि वह गांधी के देश से आया है। रंगभेद से लड़ने वाले नेल्सन मंडेला जेल में लगभग तीन दशक गुजारने के बाद जब जेल से बाहर निकले तो मुस्कुराए, जिस पर पत्रकारों ने उनसे पूछा इतनी मुश्किल के बावजूद भी आप मुस्कुरा रहे हैं, तो मंडेला ने कहा, ‘मैंने गांधी को पढ़ा है।’ यह है गांधी की ताकत। सारी दुनिया में अहिंसात्मक आंदोलनों के प्रेरणा स्रोत हैं गांधी। राघव चड्ढा ने आगे कहा कि देश की आजादी के लिए गोली बंदूक, तोप और गोलों के खतरनाक अंजाम से बेफिक्र होकर गांधी निहत्थे लड़ते रहे। मार्टिन लूथर किंग ने गांधी जी के सिद्धांतों पर चलकर अपने देश में अफ्रीकी अमेरिकी को समानता का अधिकार दिलाया। जिस चार्ली चैपलिन के पीछे दुनिया दीवानी थी, वह चार्ली चैपलिन गांधी से मिलने के लिए बेताब रहते थे। आज दुनिया के सैकड़ों देशों में अनगिनत शहरों में आपको पतले दुबले लाठी टेके गांधी की प्रतिमा दिख जाएगी। जहां दुनिया की नामचीन विभूतियां झुक-झुक कर फूल अर्पित करती, फूल चढ़ाती नजर आएंगी। आज जब हम गांधी को याद करते हैं तो अपने इतिहास के गौरव को जिंदा करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब बापू का नाम लेते हैं तो हिंदुस्तान की असली ताकत का एहसास करते हैं। गांधी भले इस दुनिया में नहीं, मगर दुनिया के दिलों में गांधी हैं। गांधी मोहब्बत की परंपरा बनकर हिंदुस्तान के सीने में धड़कते हैं। आज भी सत्य की पगडंडियों पर चलते हुए गांधी मिल जाएंगे आप बस उनको दिल से याद तो कीजिए।   recent visitors 137