नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों को बोर्ड पर अपने नाम के साथ दुकान चलाने वाले का नाम भी लिखना होगा

रतलाम रतलाम नगर निगम इन दिनों उत्तर प्रदेश सरकार की राह पर है। निगम ने आदेश पारित किया है कि इस बार नवरात्रि मेले में दुकान लगाने वाले व्यापारियों को बोर्ड पर अपने नाम के साथ दुकान चलाने वाले का नाम भी लिखना होगा। दरअसल, रतलाम के कालिका माता मंदिर में नवरात्रि पर 9 दिवसीय गरबा रास होता है। यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इस बार मंदिर में 3 से 12 अक्टूबर तक दस दिवसीय नवरात्रि मेला लगेगा। मध्यप्रदेश ही नहीं, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के व्यापारी यहां दुकान लगाते रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि दुकानदारों के लिए अपने नाम का बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। शहर काजी बोले-ये तुगलकी फरमान, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे नगर निगम के इस फैसले को शहर काजी सैयद आसिफ ने तुगलकी फरमान बताया है। उन्होंने कहा, 'ऐसा फैसला यूपी में योगी सरकार ने भी लिया था। इसे सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत रतलाम नगर निगम से ऑर्डर कॉपी मांगी गई है। इसके मिलते ही एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन फॉर सिविल राइट्स, दिल्ली की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।' शहर काजी ने यह भी कहा कि फैसले के विरोध की कलेक्टर को भी जानकारी दे दी गई है। मेले में बोर्ड लगाने के दौरान अगर कोई हंगामा या विरोध होता है तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की रहेगी। निगम का तर्क-हमारा मकसद बिचौलियों पर रोक लगाना रतलाम नगर निगम के राजस्व समिति प्रभारी दिलीप गांधी का कहना है, 'मेले में रतलाम के अलावा बाहर से कई लोग दुकान लगाने के लिए आते हैं। यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा क्योंकि कोई बिचौलिया नहीं आए, वास्तविक व्यापारी को ही दुकान मिले। टेंडर होने के बाद एक स्वीकृति पत्र दिया जा रहा है, जो दुकान पर आधार कार्ड के साथ रखना होगा। जब भी कोई जांच करने आता है तो दुकानदार को यह दिखाना होगा।' गांधी ने कहा, 'हमारी मंशा यह है कि जिस व्यक्ति के नाम से दुकान का टेंडर हुआ है, उसी को दुकान मिलनी चाहिए। उत्तर प्रदेश का निर्णय प्रदेश स्तर पर था। हमने केवल कालिका माता मंदिर मेला ग्राउंड तक की बात की है। जिस किसी के नाम का टेंडर खुले, वह अपना रजिस्ट्रेशन अपने पास रखे और बोर्ड पर प्रोपराइटर का नाम जरूर लिखे।' recent visitors 115

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग्स तस्करी करने वाला अंतरराष्ट्रीय गैंग का खुलासा, 2000 करोड़ की 500 KG कोकीन बरामद

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब 2 हजार करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की है. एक बरामदगी दक्षिण दिल्ली में एक छापे के बाद हुई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार स्पेशल सेल ने करीब 565 किलो से ज्यादा कोकीन बरामद की है. इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस ड्रग्स की कीमत 2000 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और ये ड्रग्स राजधानी में किसके लिए गए थे, इसकी डिलीवरी किसको होनी थी, इस गिरोह के साथ कौन कौन से लोग जुड़े हैं. इन सवालों का जवाब तलाश रही है. दिल्ली पुलिस के अनुसार ये राजधानी अबतक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी है. पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है. रिपोर्ट के मुताबिक इस सप्लाई के पीछे इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है. पुलिस अब इसकी जानकारी हासिल कर रही है. ये दिल्ली में कोकीन का अब तक का सबसे बड़ा सीजर है. कोकीन हाई प्रोफाइल पार्टी में इस्तेमाल होने वाला ड्रग्स है. पुलिस के अनुसार, यह गैंग काफी समय से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में नशे की तस्करी कर रहा था और त्योहारों के अवसर पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को बाजार में लाने की योजना बना रहा था। इस बड़ी खेप को पकड़कर दिल्ली पुलिस ने न केवल नशे की लत में फंसे लोगों की जिंदगी बचाई है, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ अपनी कड़ी कार्रवाई का एक और उदाहरण पेश किया है। पकड़ी गई कोकीन की खेप की मात्रा और उसकी बाजार में कीमत ने पुलिस और प्रशासन को सकते में डाल दिया है। स्पेशल सेल के अनुसार, इस मामले में नार्को-टेरर एंगल की भी जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि तस्करी से मिले पैसों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में होने की आशंका भी है। इसलिए, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य संबंधित एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद यह जानकारी मिली है कि इस गैंग के तार कई देशों से जुड़े हुए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय तस्कर नेटवर्क था जो विभिन्न देशों से ड्रग्स की तस्करी कर भारत में उन्हें बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस को इस बात का भी अंदेशा है कि इसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं और जांच के जरिए इस पूरी तस्करी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। स्पेशल सेल की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि तस्करी के इस गिरोह का नेटवर्क न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक भी फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए तस्करों में से कुछ विदेशियों के संपर्क में थे, जो ड्रग्स की आपूर्ति करते थे। इस मामले में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों की पहचान की है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस उन स्थानों की भी जांच कर रही है जहां तस्करों ने कोकीन की खेप को छुपाने का प्रयास किया था। पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़े अभियान का हिस्सा थी, जिसमें राजधानी में तस्करी के माध्यम से नशे के पदार्थों को फैलाने की कोशिश को नाकाम किया गया है। त्योहारों का समय होता है जब नशे का कारोबार तेजी से बढ़ता है और नशीले पदार्थों की मांग भी बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह इतनी बड़ी खेप दिल्ली लाया था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पकड़ी गई कोकीन की क्वालिटी बहुत उच्च स्तर की है और इसे विभिन्न देशों से लाया गया था। गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि उनके पास कई फर्जी दस्तावेज थे, जिनकी मदद से वे आसानी से ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब इन फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे तस्करों को पकड़ा जा सके। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ड्रग्स की तस्करी का पैसा आतंकवादी गतिविधियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, दिल्ली पुलिस इस मामले में नार्को-टेरर एंगल से भी जांच कर रही है। इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि तस्करी के माध्यम से जुटाए गए पैसे का उपयोग देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए हो सकता है। दिल्ली पुलिस की इस बड़ी सफलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने भी इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है और आगे की जांच में सहयोग कर रही हैं। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी इस जांच में शामिल हो चुका है और ड्रग्स की तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ और लोगों की पहचान हुई है। ड्रग्स की तस्करी का यह मामला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपने साहसिक और सूझबूझ भरे काम से न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश के युवाओं को एक बड़ी मुसीबत से बचा लिया है। दिल्ली पुलिस का यह कदम नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश देता है और ड्रग तस्करों को यह चेतावनी है कि कानून के हाथ लंबे हैं और वे कहीं भी छुप नहीं सकते। ड्रग्स की तस्करी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है, और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि नशे के कारोबारी किस तरह से समाज को जकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो नशे के इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। पुलिस प्रशासन … Read more

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला आजादी का आंदोलन उनके सूर्य को अस्त करने में सफल रहा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आजादी के महानायक थे। महात्मा गांधी द्वारा राष्ट्र और मानवता के लिए किए गए योगदान के प्रति देश कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है। मान्यता थी कि ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य कभी अस्त नहीं होता था, लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में चला आजादी का आंदोलन उनके सूर्य को अस्त करने में सफल रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी की जयंती पर क्षेत्रीय गांधी आश्रम में अपने विचार रखे। यहां उन्होंने चरखा चलाया और भजनों का आनंद लिया। सीएम ने यहां खादी के वस्त्रों की खरीदारी भी की। फिर ऑनलाइन पेमेंट भी किया। सीएम योगी ने कहा कि स्वदेशी जब तक भारत की आजादी का मंत्र नहीं बना था, तब तक आजादी की लड़ाई एकजुट होकर नहीं दिख रही थी। भारत की आजादी के आंदोलन के साथ महात्मा गांधी का जुड़ना और उसे स्वदेशी के साथ जोड़ने का जो अभियान रहा, इससे आजादी के लिए हर नागरिक के मन में गौरव व स्वावलंबन का भाव जागृत हुआ। खादी उसका प्रतीक बना। सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छता के प्रति उन अभियानों को ऊंचाई देना है, जिनकी प्रासंगिकता न केवल 100 वर्ष पहले, बल्कि आज भी उसी रूप में बनी है। जिस मिशन को पीएम मोदी ने दस वर्ष पहले प्रारंभ किया था, वह आज भी नई ऊंचाई को प्राप्त करता हुआ दिखाई दे रहा है। देश में 12 करोड़ से अधिक घरों में शौचालयों का निर्माण न केवल स्वच्छता के प्रति उनके आग्रह, बल्कि नारी गरिमा के गौरव को बढ़ाने का अभियान भी है। नारी सशक्तिकरण के बिना समाज को स्वावलंबी नहीं बना सकते। स्वच्छता, नारी सशक्तिकरण, स्वदेशी व स्वावलंबन के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के वचनों की प्रासंगिकता आज भी बनी है। सीएम योगी ने कहा कि जो भी देश शक्तिशाली व सामर्थ्यवान बने हैं, उन्होंने सर्वप्रथम आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, जापान ने अपनी उद्यमिता को बढ़ाया है। वहीं देश में पीएम मोदी का ‘वोकल फॉर लोकल’ भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वदेशी अभियान को नई ऊंचाई प्रदान करने का कार्यक्रम है। सीएम योगी ने कहा कि नया भारत महात्मा गांधी के मूल्यों व आदर्शों से प्रेरणा प्राप्त करते हुए निरंतर बढ़ रहा है। विश्वकर्मा जयंती व पीएम मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़ा के तहत अनेक कार्यक्रम हुए हैं। सीएम योगी ने कहा कि खादी हमारे जीवन का हिस्सा बनें। उन्होंने बताया कि गांधी आश्रम में 108 दिन तक खादी के उत्पादों पर 25 फीसदी छूट दी जाएगी। सीएम ने आह्वान किया कि इस अवधि में खादी की कोई वस्तु अवश्य खरीदें। स्वदेशी वस्तुओं को उपहार स्वरूप भेंट करें। स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल के लिए लोगों को प्रेरित करें। इससे अधिक से अधिक रोजगार का सृजन होगा और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को भी साकार करने में मदद मिलेगी। यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के अभियान के स्वरूप विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद करेगा। सीएम ने अपील की कि पर्व-त्योहार में विदेशी वस्तुओं की बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर जीपीओ स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। यहां स्कूली बच्चों ने नारायण-नारायण जय गोविंद हरे, नारायण-नारायण जय गोपाल हरे, वह शक्ति हमें दो दयानिधे, रघुपति राघव राजाराम आदि गीतों से भावांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों की भी हौसला अफजाई की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय गांधी आश्रम में चरखा भी चलाया। जीपीओ में कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश भी दिया। सीएम के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी झाड़ू लगाया। सीएम योगी ने खादी आश्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी राष्ट्रपिता के अनन्य भक्त व अनुयायी थे। वे गांधी जी के आह्वान पर देश के आजादी के आंदोलन में जुड़े थे। उन्हें 1964 में प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। देश खाद्यान्न सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर सके, उसका परिणाम शास्त्री जी के छोटे कार्यकाल के दौरान भी देखने को मिला। सीएम योगी ने कहा कि 1965 में दुश्मन देश द्वारा थोपे गए युद्ध का जवाब भारत ने तेजस्विता के साथ दिया था। यह देश के उस स्वरूप को दिखाता है कि विश्व मानवता के कल्याण के लिए कार्य करेंगे, लेकिन हमारी सीमाओं पर कोई अतिक्रमण करेगा तो उसका मुंहतोड़ जवाब भी देंगे। शास्त्री जी के नेतृत्व में उस समय भारत ने भी अपने पराक्रम का परिचय दुश्मन देश को कराया और विश्व के सामने भारत को वैश्विक ताकत के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया।   recent visitors 92

जावेद अख्तर ने शक्ति के लिए मेरे नाम की सिफारिश की थी : अनिल कपूर

मुंबई, बॉलीवुड के मिस्टर इंडिया अनिल कपूर का कहना है कि फ़िल्म शक्ति के लिए जावेद अख्तर ने उनके नाम सिफारिश निर्माता-निर्देशक से की थी। वर्ष 1982 में प्रदर्शित रमेश सिप्पी निर्देशित फ़िल्म शक्ति में अभिनय सम्राट दिलीप कुमार और सुपर स्टार अमिताभ बच्चन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फ़िल्म शक्ति 01 अक्टूबर 1982 को प्रदर्शित हुई थी। इस फ़िल्म को प्रदर्शित हुए 42 साल हो गए हैं। फ़िल्म शक्ति में अनिल कपूर ने भी काम किया था।अनिल कपूर ने फिल्म ‘शक्ति’ के 42 साल पूरे होने खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेिटफॉर्म एक्स पर फिल्म  से जुड़ी कुछ तस्वी रें शेयर करते हुए लिखा, फिल्म  शक्ति ने अपने 42 साल पूरे कर लिए हैं। इस बेहतरीन और सुपरहिट फिल्म के लिए मेरा नाम सुझाने के लिए मैं जावेद साहब का आभारी हूं। मैं एक होटल में काफी दूर रुका हुआ था। स्मिता जी ने अपना दयालुपन दिखाते हुए कहा कि मैं वहां से कमरा खाली कर पास आ जाऊं। यहां तक कि उन्हों ने मुझे अपने कमरे में रहने के लिए भी कहा, जिससे मुझे परिवार जैसा महसूस हुआ। फिल्म शक्ति में दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, स्मिता पाटिल, कुलभूषण खरबंदा और अमरीश पुरी ने भी अहम भूमिका निभाई थी।   recent visitors 74

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2024 में अपने-अपने अभ्यास मैचों में जीत दर्ज की

दुबई ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत ने आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2024 में अपने-अपने अभ्यास मैचों में जीत दर्ज की। मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन गेंदबाजी की और वेस्टइंडीज के अंतिम नौ विकेट 17 रन पर चटकाए और अभ्यास मैचों में अजेय रहा। इंग्लैंड ने लॉरेन बेल और सारा ग्लेन की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड को 127 रन पर रोका और फिर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। वहीं, दीप्ति शर्मा ने नाबाद 35 रन बनाए और दो रन देकर एक विकेट लिया जिससे भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया। ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 35 रन से हराया एनाबेल सदरलैंड और एश्ले गार्डनर के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को 35 रन से हराया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के शीर्ष छह में से चार बल्लेबाज दहाई के अंकों को भी नहीं छू सके, लेकिन गार्डनर ने रन बनाए, उन्होंने और सदरलैंड ने छठे विकेट के लिए 56 रन जोड़े, जिसमें सदरलैंड 38 रन बनाकर आउट हुईं। गार्डनर (31) अंतिम विकेट के रूप में आउट हुईं, वहीं, अलाना किंग ने 13 गेंदों पर 21 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 144 रन बनाए। जवाब में, हेले मैथ्यूज और कियाना जोसेफ ने पहले विकेट के लिए 68 रन बनाए, जबकि मैथ्यूज (42) और शेमेन कैम्पबेल ने दूसरे विकेट के लिए 24 रन जोड़े। हालांकि इसके बाद, वेस्टइंडीज की पारी लड़खड़ा गई,और अंतिम पांच ओवरों में से चार में 8 विकेट गिरे। किंग ने 30 रन देकर चार विकेट लिए। केर की अर्धशतकीय पारी बेकार गई ओपनर एमिलिया केर की नाबाद 64 रन की पारी न्यूजीलैंड के लिए व्यर्थ साबित हुई, क्योंकि उनकी टीम इंग्लैंड से पांच विकेट से हार गई। न्यूजीलैंड ने केर और इज़ी गेज (नाबाद 26) के पारी की बदौलत 127 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में, इंग्लैंड ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन डैनी वायट-हॉज और नेट साइवर-ब्रंट की जोड़ी ने सहजता से रन बनाए। साइवर ब्रंट ने डेनी गिब्सन के साथ मिलकर 24 रन बनाए और तीन ओवर शेष रहते टीम को जीत दिलाई। दीप्ति शर्मा के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 28 रन से हराया अयाबोंगा खाका ने दक्षिण अफ्रीका के लिए शानदार गेंदबाजी की, लेकिन भारत के खिलाफ 28 रन की हार को रोक नहीं सकीं। खाका ने पांच विकेट चटकाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 20 ओवर में 144/7 पर रोक दिया। इस तेज गेंदबाज ने शैफाली वर्मा को शून्य पर आउट किया, साथ ही खतरनाक हरमनप्रीत कौर (10) और ऋचा घोषको भी आउट किया। घोष ने 25 गेंदों में 36 रन बनाए। खाका ने भारत को डेथ ओवरों में फायदा उठाने का मौका नहीं दिया, केवल दीप्ति शर्मा ही टिक सकीं, जिन्होंने नाबाद 35 रन बनाए। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका ने जवाब में सतर्कता बरती और 10 ओवर में 56 रन बना लिए, इसके बाद लॉरा वोल्वार्ड्ट 11वें ओवर में 29 रन बनाकर आउट हो गईं। शर्मा ने अपने दो ओवरों में सिर्फ दो रन दिए, इसके बाद क्लो ट्रायन और एनेरी डर्कसेन ने क्रमश: 24 और नाबाद 21 रन बनाकर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन भारत को 28 रन से जीतने से नहीं रोक सकीं।   recent visitors 72

दो महिलाओं सहित 7 आरोपी गिरफ्तार, राजस्थान-सीकर में पकड़ा हनी ट्रैप गिरोह

सीकर. सीकर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हनी ट्रैप करने वाले ग्रहों का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल सभी लोग महिलाओं को आगे करके वारदात को अंजाम देते थे और शिकार को हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये लूट लेते थे। हनी ट्रैप में फंसे परिवादी बरकत अली निवासी मुंडवाड़ा ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई की 31 अगस्त को सांवली सर्किल पर उन्हें दो लड़कियां मिलीं। जिन्होंने उनसे लिफ्ट मांगी तो सहानुभूति के तौर पर उन्होंने दोनों लड़कियों को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद दोनों ने गाड़ी को किराए पर ले लिया और गाड़ी को कुंडलपुर की तरफ ले जाने को कहा। जैसे ही गाड़ी आगे पहुंची तो दोनों लड़कियों के साथी पांच पुरुष और एक अन्य महिला साथी वहां आए। जिन्होंने बरकत के साथ मारपीट की इसके बाद बरकत को दूसरी गाड़ी में डालकर कोछोर के रास्ते खंडेला में धर्मपूरा गांव की तरफ ले गए। इसके बाद बदमाशों ने गाड़ी के डॉक्यूमेंट सहित अन्य दस्तावेज भी छीन लिए। गैंग से जुड़े लोगों ने बरकत से 10 लाख रुपये मांगे। पैसे नहीं देने पर रेप जैसे केस में फंसाने की धमकी और जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों के द्वारा डराने और धमकाने के बाद 26 हजार रुपये बरकत ने ट्रांसफर किए। इसके बाद बदमाश बरकत की गाड़ी को खराब होने पर खंडेला के पास ही छोड़कर चले गए। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की। पुलिस के पास इस केस में कोई भी क्लू नहीं था। जिससे कि पुलिस सीधे आरोपियों तक पहुंच सके। ऐसे में पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए और परिवादी के मोबाइल नंबरों के आधार पर एक आरोपी की पहचान की। फिर पुलिस थाने के कांस्टेबल बाबूलाल को बोगस ग्राहक बनाया गया। पहचान किए अपराधी के द्वारा कांस्टेबल बाबूलाल के नंबर गैंग की महिला के पास पहुंचाए गए। गैंग की महिला ने कांस्टेबल बाबूलाल को मिलने के लिए खाटू मोड़ पर बुलाया। गैंग से जुड़े लोगों को शक नहीं हो इसके लिए कांस्टेबल ने मिलने में कई बार आना कानी की और गैंग के बारे में अन्य जानकारी जुटाई। जब गैंग की महिला को विश्वास हुआ तो कांस्टेबल बाबूलाल सहित अन्य टीम को गिरफ्तारी के लिए भेजा गया। गैंग की महिला ने कांस्टेबल को मिलने के लिए खाटू मोड़ पर बुलाया। 25 सितंबर को मिलना तय हुआ तो गैंग की महिला ने पहले खाटू मोड़ पर मिलने के लिए बुलाया लेकिन यहां भीड़ ज्यादा होने के चलते बाईपास पर मिलने की बात कही। जैसे ही कांस्टेबल बाबूलाल बाईपास पहुंचा तो गैंग की महिला उसकी गाड़ी में आकर बैठ गई और गाड़ी को खंडेला रोड की तरफ ले चलने के लिए कहा। गाड़ी करीब 1 किलोमीटर चली इसके बाद एक स्विफ्ट गाड़ी में तीन युवक और एक महिला आए और बोगस ग्राहक बने कांस्टेबल को गाड़ी से नीचे उतारने का प्रयास किया। इसी बीच कांस्टेबल के साथ मौजूद टीम के लोग वहां पहुंच गए। जिन्होंने गैंग की दोनों महिलाओं को पकड़ लिया लेकिन गैंग से जुड़े तीन बदमाश वहां से फरार हो गए। इन बदमाशों की गाड़ी का करीब 10 किलोमीटर बाद में टायर भी फट गया लेकिन वह फसल में छुपकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं से पूछताछ की। इसके साथ ही महिलाओं को परिवादी बरकत के नंबर उपलब्ध करवाने वाले आरोपी शंकरलाल बावरिया निवासी मुंडवाड़ा को गिरफ्तार किया। आज पुलिस को सूचना मिली कि गैंग से जुड़े रामकरण, कृष्ण उर्फ टमका, गणेश बावरिया और अजीत कुमार किसी घटना को अंजाम देने की इराक में रींगस के पास जालपाली मोड पर घूम रहे हैं। ऐसे में पुलिस वहां पहुंची जहां से चारों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल सात आरोपी शंकरलाल बावरिया (22) निवासी मुंडवाड़ा, ममता बावरिया (25) निवासी नीमकाथाना, बबली बावरिया (19) निवासी कोटपूतली, अजीत कुमार बावरिया (21), गणेश उर्फ डूंगरिया बावरिया (38) रामकरण बावरिया (19), कृष्ण उर्फ टमका(20) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया की गैंग से जुड़े सभी लोग आपस में रिश्तेदार और परिचित है। जो अलग-अलग इलाकों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से कांटेक्ट करके उन्हीं के परिचित लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इनका रिश्तेदार ही गैंग को नंबर प्रोवाइड करवाता है। इसके बाद गैंग से जुड़ी महिलाएं उनसे बातचीत करके अपने जाल में फंसाती है और फिर उन्हें मिलने के लिए खाटूश्यामजी के पास बुलाती है। जब गैंग की महिला पीड़ित के साथ बैठती है तो गैंग से जुड़े अन्य लोग वहां आते हैं और मारपीट करके उन्हें लूट लेते हैं। इसके बाद उन्हें डरा धमकाकर पैसे भी वसूलते हैं। यहां तक कि गैंग के लोग अपने शिकार की गाड़ी और अन्य डॉक्यूमेंट भी साथ ले जाते हैं और उन्हें वापस देने के बदले भी रुपए वसूलते हैं। पुलिस पूछताछ में इस गैंग के द्वारा सीकर के अलावा नीमकाथाना, जयपुर,कोटपूतली और दौसा में भी इसी तरह की वारदात करना कबूला गया है। वहीं पुलिस सब गिरफ्त में आए सारे आरोपियों से कड़ी पूछताछ करने में जुटी है। recent visitors 128

हाईकोर्ट ने कहा कोविड से मौत पर नहीं मिला परिवार को क्लेम, सरकार ने निगम के सहायक दरोगा को अपात्र बताया, ब्याज समेत मुआवजा देने के आदेश

इंदौर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कोविड के दौरान नगर निगम में कार्यरत कर्मचारी की मृत्यु के मामले में उसकी पत्नी को मुख्यमंत्री कोविड 19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ देने का आदेश दिया है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि पर शासन को बैंक दर से ब्याज भी देना होगा। मामला निगमकर्मी जगदीश करोसिया का है। 10 जुलाई 2020 को नगर निगम ने उन्हें सुपरवाइजर के रूप में नियुक्ति दी थी। उनके जिम्मे कोरोना संक्रमित क्षेत्र में सैनिटाइजर इत्यादि से छिड़काव करवाने की जिम्मेदारी थी। काम के दौरान 29 अगस्त 2020 को उनकी कोरोना से मृत्यु हो गई। यह भी पढ़ें जगदीश की पत्नी अलका ने शासन को आदेश देकर मुख्यमंत्री कोविड 19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ दिए जाने की गुहार लगाई, लेकिन डिप्टी रिलीफ कमिश्नर ने नियमों का हवाला देते हुए इस आवेदन को निरस्त कर दिया। उनका कहना था कि वे योजना के लिए पात्र नहीं हैं। इस पर एडवोकेट आयुष अग्रवाल के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर ने शासन को आदेश दिया कि वह जगदीश की पत्नी को योजना का लाभ दे। कोर्ट ने योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि पर बैंक दर से ब्याज भी दिलवाया है। कर्बला मैदान मामले में हाई कोर्ट में दायर हुई अपील कर्बला मैदान मामले में 13 सितंबर को आए जिला न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में अपील दायर हुई है। यह अपील पंच मुसलमान कर्बला मैदान कमेटी लालबाग रोड इंदौर की ओर से दायर हुई है। अपील में निगमायुक्त, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड भोपाल और अन्य को पक्षकार बनाया गया है। गौरतलब है कि 13 सितंबर को पंद्रहवें जिला न्यायाधीश नरसिंह बघेल ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि नगर निगम इंदौर कर्बला मैदान की खसरा नंबर 1041 की 6.70 एकड़ जमीन का स्वामी है। उक्त अपील इसी फैसले को चुनौती देते हुए दायर की गई है। recent visitors 83