Sunday, July 5, 2026 3:36 pm

क्या आपका बच्चा भी रोज पढ़ाई नहीं करता? अपनाएं ये जापानी तकनीकें

क्या आप भी अपने बच्चे के रोजाना पढ़ने की आदत को लेकर परेशान रहते हैं। बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित या प्रेरित करना कोई आसान कार्य नहीं है। कई अभिभावक इसी उधेड़बुन में रहते हैं कि आखिर बच्चों में पढ़ने की आदत को कैसे ठीक किया जाये और उन्हें नियमित रूप में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार बच्चों को आसान तरीकों से नहीं बल्कि स्मार्ट तरीकों से हैंडिल किया जाना चाहिये। यदि पैरेंट्स सच मुच अपने बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाना चाहते हैं तो उन्हें स्मार्ट तरीकों को अपनाना होगा। इस मामले में जापानी शिक्षा प्रणाली अपनी प्रभावशीलता के लिए प्रसिद्ध है। जापानी शिक्षा प्रणाली में अनुशासन, निरंतरता और समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। बच्चों की पढ़ाई की आदतों में जापानी तकनीकों को शामिल करने से उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। और तो और इससे आपके बच्चों की रुचि नियमित रूप से पढ़ने में भी बढ़ सकती है। बच्चों में पढ़ने की आदतों में सुधार के लिए जापानी तकनीकों को अपनाने से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। इन तकनीकों मे कई पैरामीटर्स शामिल है। इनमें निरंतर सुधार, समय प्रबंधन, अनुशासन, सक्रिय शिक्षण प्रणाली, शिक्षा के प्रति सम्मान, आत्म-अनुशासन और माइंडफुलनेस शामिल हैं। इन्हें अपनाकर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक सहायक और प्रभावी अध्ययन वातावरण बना सकते हैं। ये विधियां न केवल सीखने की इच्छा को बढ़ाती हैं बल्कि जीवन कौशल का भी विकास करती है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं उन जापानी तकनीकों के बारे में जिससे आपके बच्चों की पढ़ाई की आदतों में सुधार आयेगा और जो उन्हें नियमित पढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर करेंगे। बच्चों की पढ़ाई की आदतों को बेहतर बनाने के लिए जापानी तकनीकें 1. Kaizen Approach या निरंतर सुधार काइज़ेन का अर्थ है "निरंतर सुधार"। यह जापानी संस्कृति की आधारशिला है। यह टेक्निक समय के साथ बच्चों के कार्यकुशलता और प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए छोटे-छोटे परिवर्तन करने को प्रोत्साहित करती है। अर्थात अभिभावक के रूप में आप अपने बच्चों के लिए छोटे-छोटे लेकिन प्रभावशाली लक्ष्य का निर्धारण करें। हर चरण में बच्चों की सफलता के बाद धीरे-धीरे लक्ष्य को थोड़ा कठिन बनाएं। यह दृष्टिकोण आपके बच्चों में आत्मविश्वास का निर्माण करता है और बड़े, कठिन कार्यों से जुड़े तनाव को कम करता है। 2. Pomodoro Technique या समय प्रबंधन फ्रांसेस्को सिरिलो द्वारा विकसित पोमोडोरो तकनीक का जापान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसमें अध्ययन के समय को 25 मिनट के अंतराल में विभाजित करना शामिल है। इसे "पोमोडोरोस" कहा जाता है। उसके बाद 5 मिनट का ब्रेक होता है। चार पोमोडोरोस के बाद, 15-30 मिनट का लंबा ब्रेक लिया जाता है। यह विधि बच्चों में ध्यान केंद्रित रखने, थकान को कम करने और अध्ययन सत्रों को अधिक प्रबंधनीय बनाने में मदद करती है। 3. Shitsuke अनुशासन और दिनचर्या शित्सुके या अनुशासन, कम उम्र से ही जापानी शिक्षा में बड़ा महत्वपूर्ण रहा है। पढ़ने की आदत को बेहतर बनाने के लिए एक विशिष्ट दैनिक दिनचर्या स्थापित करें। इससे बच्चों को पढ़ने की आदत विकसित करने में मदद मिलती है। एक निर्धारित कार्यक्रम यह सुनिश्चित करता है कि पढ़ने का समय दिन का एक हिस्सा है। 4. Active Learning एक्टिव लर्निंग, जुड़ाव और सहभागिता एक्टिव लर्निंग, ये शब्द शायद आपने कहीं ना कहीं सुना हो। व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने के लिए बच्चों को प्रेरित करना एक्टिव लर्निंग या सक्रिय शिक्षण विधि का हिस्सा है। अक्सर ड्रामैटिक चीजों पर बच्चों का ध्यान आसानी से आकर्षित होता है। इसलिए ऐसी गतिविधियों को पढ़ने के लिए भी उपयोग किया जाना चाहिये। जापानी कक्षाएं अक्सर समूह कार्य और इंटरैक्टिव पाठों पर जोर देती हैं। घर पर, माता-पिता अध्ययन सामग्री पर चर्चा करके, प्रश्न पूछकर और बच्चों को शैक्षिक खेलों या प्रयोगों में शामिल करके सक्रिय सीखने को प्रोत्साहित कर सकते हैं। 5. Minimalism, अनुकूल अध्ययन वातावरण बनाना मिनीमलिज्म या न्यूनतावाद की जापानी अवधारणा, या "कम ही अधिक है, " अध्ययन वातावरण बनाने पर लागू होती है। विकर्षणों से मुक्त एक साफ, अव्यवस्थित स्थान ध्यान और एकाग्रता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है। बतौर अभिभावक आप ये सुनिश्चित करें कि अध्ययन क्षेत्र में केवल आवश्यक चीजें हों। जैसे की साधारण कुर्सी, एक डेस्क, आवश्यक किताबें और अच्छी रोशनी आदि। ये वस्तुएं आपने बच्चें के मन को भटकने से बचाएगी। और वो और अच्छे से पढ़ सकेंगे। 6. शिक्षकों और शिक्षा के प्रति सम्मान सीखने को महत्व देना बहुत महत्वपूर्ण होता है। जापान में, शिक्षकों का बहुत सम्मान किया जाता है और शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है। बच्चों को अपने शिक्षकों और सीखने की प्रक्रिया की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करना अध्ययन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकता है। माता-पिता अपने बच्चे की शिक्षा में रुचि दिखाकर और ग्रेड से अधिक ज्ञान और कौशल के महत्व पर जोर देकर इसका समर्थन कर सकते हैं। 7. आत्म-अनुशासन की आवश्यकता बच्चों में समय के साथ साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी विकसित करना बेहद आवश्यक होता है। अपने बच्चों को आत्म-अनुशासन सिखाएं। इससे उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने में मदद मिलती है। उन्हें अपने स्वयं के अध्ययन कार्यक्रम निर्धारित करने, अपनी प्रगति की निगरानी करने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए खुद को पुरस्कृत करने के लिए प्रोत्साहित करें। यह स्वायत्तता आत्मविश्वास और प्रेरणा का निर्माण करती है। 8. माइंडफुलनेस और मेडिटेशन के लिए बच्चों को करें प्रोत्साहित आपके बच्चे जीवन में क्या करना या क्या बनना चाहते हैं इस विषय पर अपने बच्चों से निरंतर बात करते हैं। बच्चों पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए माइंडफुलनेस और मेडिटेशन अभ्यासों को शामिल करने से एकाग्रता में सुधार हो सकता है और तनाव कम हो सकता है। अध्ययन के समय से पहले सरल श्वास अभ्यास या छोटे ध्यान सत्र बच्चों को अपने दिमाग को साफ करने और सीखने के लिए तैयार होने में मदद कर सकते हैं।   recent visitors 64

सुबह जब हर कोई दुर्गा पूजा में व्यस्त था तो बहुत से जिहादियों और गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया: भाजपा नेता

कोलकाता पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता अर्जुन सिंह के घर पर बम फेंके गए हैं और गोलियां चलाई गई हैं। भाजपा नेता ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सुबह 8:30 बजे यह हमला हुआ है। अर्जुन सिंह उत्तर 24 परगना के रहने वाले हैं और वहीं पर उनके घर में ही बने दफ्तर पर यह अटैक किया गया है। सिंह ने दावा किया कि बम के चलते उन्हें मामूली जख्म भी आया है। अर्जुन सिंह ने इस संबंध में एक वीडियो भी एक्स पर डाला है। उन्होंने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, 'आज सुबह जब हर कोई दुर्गा पूजा में व्यस्त था तो बहुत से जिहादियों और गुंडों ने मेरे घर पर हमला कर दिया। यह हमला एनआईए के मामलों में आरोपी नमित सिंह के नेतृत्व में किया गया।' उन्होंने कहा कि इस हमले में टीएमसी के स्थानीय पार्षद का बेटा भी शामिल है। इनकी ओर से मेरे घर और दफ्तर पर हमला किया गया है। यही नहीं उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान उसने कोई ऐक्शन नहीं लिया और मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मेरे घर पर 15 बम फेंके और करीब एक दर्जन बार फायरिंग भी की गई। अर्जुन सिंह की ओर से शेयर किया गया वीडियो वायरल हो रहा है, लेकिन इसकी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं की जा सकी है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि इतनी बड़ी संख्या में बम फेंके गए कि मौके पर अंधेरा सा छा गया। अर्जुन सिंह का घर उत्तर 24 परगना के जगतदाल पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। इस घटना पर थाने के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। मौके पर पुलिस फोर्स को जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त बलों की भी तैनाती की गई है। अर्जुन सिंह पहले टीएमसी में भी रह चुके हैं। वह टीएमसी के पार्थ भौमिक के मुकाबले लोकसभा चुनाव में हार गए थे। वहीं टीएमसी के स्थानीय विधायक सोमनाथ श्याम ने अर्जुन सिंह के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि सिंह ने खुद ही 4 राउंड फायरिंग कराई थी। recent visitors 67

दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने 167 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिले में 167 करोड़ 21 लाख रुपए के विकास कार्यों की लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें लोकार्पण के तहत जिला दन्तेवाड़ा के विकासखण्ड कुआकोण्डा में शासकीय उपाधि महाविद्यालय में अध्ययनरत् छात्रों हेतु 100 सीटर कन्या छात्रावास भवन निर्माण कार्य 272.450 लाख रू., दन्तेवाड़ा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण 99.000 लाख रू., 100 सीटर छात्रावास भवन का निर्माण कार्य दन्तेवाड़ा 160.000 लाख रू., बुढ़ा तालाब बारसूर में सौंदर्यीकरण कार्य विकासखण्ड-गीदम 453.000 लाख रू., शंकनी-डंकनी नदी तट पर घाट निर्माण 3659.700 लाख रू., 500 सीटर आवासीय विद्यालय कारली के भवन निर्माण कार्य विद्युतीकरण सहित वि.ख.-गीदम 487.150 लाख रू., एनीकट निर्माण कार्य कटेकल्याण पुजारी पारा डुमाम नदी पर 350.000 लाख रू., दुगेली एनीकट निर्माण कार्य 372.940 लाख रू., प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिन्दनार का निर्माण कार्य 75.000 लाख रू., उप स्वास्थ्य केन्द्र हिड़पाल का निर्माण कार्य 28.510 लाख रू. के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इसी प्रकार भूमिपूजन के अन्तर्गत आस्था विद्या मंदिर किरन्दुल हेतु भवन निर्माण, कर्मचारी हेतु आवास, छात्रावास भवन सड़क नाली बाउंड्री निर्माण आदि 4219.000, जिला दन्तेवाड़ा के रानीबाग में भवन निवास के भूतल एवं प्रथम तल का निर्माण कार्य 326.570, मड़कामीरास में 50 सीटर आदिवासी प्री. मे. कन्या छात्रावास निर्माण कार्य 191.510, जंगमपाल में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760, बड़ेगुडरा में 100 सीटर आदिवासी पो. मै.कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590, मारजूम में 50 सीटर कन्या आश्रम का निर्माण कार्य 162.760, समेली में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य  191.510, पालनार में 100 सीटर आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य 288.590, ग्राम जावंगा में स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य 221.040, जोगिंग ट्रैक एवं बाउंड्रीबॉल निर्माण कार्य 47.130, सामुदायिक भवन गीदम जावंगा में पार्क एवं ट्यूबवेल निर्माण कार्य 49.510, आदिवासी बालक आश्रम बोदली में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम समेली में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम नहाड़ी में कार्य 162.760, आदिवासी बालक आश्रम बुरगुग 162.760, आदिवासी बालक आश्रम पोटाली 162.760, आदिवासी बालक आश्रम कौरगांव 162.760 आदिवासी बालक आश्रम मुस्तलनार 162.760, आदिवासी बालक आश्रम गुमलनार 162.760 आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510, आदिवासी नवीन पो. मै. बालक छात्रावास गीदम 191.510, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास कुआकोण्डा 191.510, आदिवासी पो.मे. बालक छात्रावास कासोली 191.510, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास कासोली 191.510, आदिवासी पो. मै. बालक छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510, आदिवासी पो. मै. कन्या छात्रावास दन्तेवाड़ा 191.510, कैडियापारा एनीकट (ग्राम पंचायत भूसारास) निर्माण कार्य 260.460, फरसपाल जलाशय योजना का जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य 255.770, चेक डेम निर्माण कार्य ग्राम झिरका पण्डेवार 49.990, झोडि़याबाड़म नदी पर एनीकट निर्माण कार्य 390.310, कामालूर से बासनपुर मार्ग पर पुलिया निर्माण 18.450, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 03 स्पान 06 मी. स्पान बालूद से कुआपारा 49.560, पुलिया निर्माण कामालुर से बासनपुर आर. डी. 4. 05 मी. 41.300, आर. सी. सी. स्लेब पुलिया निर्माण 06 मी. स्पान बालूद से मंझारपारा 25.180, पुलिया निर्माण बालूद से टोटापारा मार्ग 30.160, डंकनी नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य कि. मी. पोन्दुम से दाबपाल मार्ग पर 445.700, जिला दन्तेवाड़ा के ग्रामीण महिला एवं युवाओं के लिये आर्थिक अवसरों को उप्रेरित करने के लिये युवा हब संचालन कार्य 59.800, ग्राम पंचायत नहाड़ी के आश्रित ग्राम मुलेर में विद्युतीकरण कार्य 345.000 के कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह और वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग के सदस्य श्रीमती ओजस्वी मण्डावी, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री गौरव राय तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों मौजूद रहे। recent visitors 84

मध्यप्रदेश सरकार ने 23.4 प्रतिशत बढ़ाया जनजातीय विभाग का बजट

जनजातियों के समग्र विकास के लिये तत्पर मध्यप्रदेश सरकार 23.4 प्रतिशत बढ़ाया गया जनजातीय विभाग का बजट भोपाल समर्थ बनाने की संवेदनशील पहल पर वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रूपये का बजट पारित किया है। जनजातियों के समग्र विकास के लिये पारित यह बजट वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 3,856 करोड़ रूपये (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। जनजातीय बंधुओं और इनकी पुरा संस्कृति के संरक्षण और समयानुकूल विकास के लिये सरकार द्वारा अनेक नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से ही जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी और कलाकार अब विकास की एक नई राह पर चल पड़े हैं। पीएम जन-मन अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष रूप से पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सर्वांगीण विकास के लिये भी मध्यप्रदेश सरकार अत्यंत संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। पीएम जन-मन में इन विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण से जुडे कार्य कराये जा रहे हैं। सरकार ने जारी साल के बजट में इन कामों के लिये 1,607 करोड़ रूपये दिये हैं। पीवीटीजी बटालियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्णय लिया है कि जनजातीय कार्य विभाग की शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिये अलग से बटालियन गठित की जायेगी। साथ ही इस समूह के इच्छुक युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के युवाओं को रोजगार एवं सेवा से जोड़ने के लिये पीवीटीजी बटालियन बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति पीवीटीजी समूह में आती हैं। इसी प्रकार आर्म्ड फोर्सेस में भर्ती के लिये प्रशिक्षण योजना में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के युवाओं को नेवी, आर्मी, एयरफोर्स, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य निजी सुरक्षा एजेन्सियों में भर्ती कराने के लिये इन्हें प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आहार अनुदान योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पीवीटीजी आहार अनुदान योजना में इन जनजातीय परिवारों की महिला मुखिया को 1,500 रूपये प्रतिमाह पोषण आहार अनुदान राशि दी जाती है। इसके लिये सरकार ने बजट 2024-25 में 450 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों के समग्र विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। पीवीटीजी क्षेत्रों में 217 नये आंगनवाड़ी भवन बनाये जा रहे हैं। इसके लिये बजट में 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी की जायेगी स्थापित जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिये राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित कराने के लिये फ्री-कोचिंग दी जायेगी। इसके लिये सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय विकासखंडों में रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। इस अकादमी के जरिये जनजातीय विद्यार्थियों को जेईई, नीट, क्लेट और यूपीएससी जैसी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की बड़ी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग देकर इन्हें परीक्षाओं में सफल होने के गुर सिखाए जायेंगे। शासन से स्वीकृति मिलते ही रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी प्रारंभ कर दी जायेंगी। आकांक्षा योजना "एक सराहनीय पहल" वर्तमान में जनजातीय विद्यार्थियों को 'आकांक्षा योजना' के अंतर्गत जेईई, नीट, क्लेट की तैयारी के लिये भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में कोचिंग दी जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। अब सभी ट्राइबल ब्लॉकों में जनजातीय विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग का लाभ देने के लिये योजना की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। टैबलेट के लिये डेटा प्लान भी सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। योजना के लिये सरकार ने बजट में 10.42 करोड़ रूपये आरक्षित किये हैं। तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिये कार्यरत हैं पृथक-पृथक विकास प्राधिकरण जनजातीय कार्य विभाग में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये संचालक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के विकास के लिए योजना बनाने एवं इनका क्रियान्वयन के लिये एजेन्सी भी कार्यरत है। इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिये योजना बनाने एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिये प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया पीवीटीजी के लिये पृथक-पृथक विकास प्राधिकरणों सहित कुल 11 प्राधिकरण कार्यरत हैं। पेसा नियमों से एक करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी को मिल रहा लाभ पेसा एक्ट में मध्यप्रदेश में पेसा नियम, नवम्बर 2022 से लागू हैं। यह नियम प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 गावों में लागू है। इन नियमों में प्राप्त अधिकारों का उपयोग जनजातीय वर्ग के हितों के लिये अत्यंत प्रभावशाली साबित हो रहा है। पेसा से जनजातीय वर्ग अपनी क्षेत्रीय परम्पराओं, अपनी संस्कृति और जरूरतों के मुताबिक फैसले लेकर विकास की राह में आगे बढ़ सकेंगे। पेसा नियमों के क्रियान्वयन से जनजातीय समुदाय के एक करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हो रहा है। जनजातीय विद्यार्थियों के लिये सरकार के महती प्रयास कक्षा पहली से आठवीं तक प्री-मेट्रिक राज्य छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 17 लाख 36 हजार 14 विद्यार्थियों को 56 करोड़ 59 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 9वीं और 10वीं केन्द्र प्रवर्तित प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 1 लाख 51 हजार 292 विद्यार्थियों को 52 करोड़ 15 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय में पढ़ रहे … Read more

बांग्लादेश में हिंदुओं को धमकी अगर दुर्गा पूजा मनाई तो खैर नहीं… रद्द किए जा रहे आयोजन

ढाका बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद वहां रहने वाले हिंदुओं को काफी उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान भी यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी गूंज अमेरिका तक में सुनाई देने लगी है। हालांकि, बांग्लादेश की सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने का फैसला किया है। लेकिन इस बात पर अभी भी संदेह है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद बंगाली भाषी हिंदू समुदाय इस साल अपना सबसे बड़ा त्योहार मना पाएगा या नहीं। हिंदू समुदाय के नेताओं ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। कुछ बंगाली हिंदू इस साल नवरात्रि उत्सव रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। दुर्गा पूजा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी डाले जा रहे हैं। हालांकि उन वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं की जा सकी है। खुलना के डाकोप में कई मंदिरों को कथित तौर पर गुमनाम पत्र मिले, जिसमें धमकी दी गई है। उन्हें कहा गया है कि जब तक प्रत्येक मंदिरों से 5 लाख टका रंगदारी के तौर पर नहीं मिल जाते हैं, तब तक उन्हें दुर्गा पूजा मनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार ने डाकोप के कमरखोला सर्वजनिन दुर्गा पूजा उत्सव समिति के अध्यक्ष शेखर चंद्र गोल्डर के हवाले से कहा, "हमारे सदस्य अब इसमें रुचि नहीं रखते हैं। इस साल हमें पूजा रोकनी होगी।" विभिन्न पूजा उत्सव समितियों के नेताओं को दिए गए पत्रों में यह भी कहा गया है कि अनुपालन न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शुक्रवार को चार मंदिरों के प्रतिनिधियों ने डाकोप पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज कराया। डेली स्टार ने प्रभारी अधिकारी सिराजुल इस्लाम के हवाले से कहा, "हम मामले की जांच कर रहे हैं। हम सेना की टीम के साथ नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं।" recent visitors 73

मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने सरकार को दी रिपोर्ट, 31 करोड़ के प्रोजेक्ट में डिजाइन गड़बड़ी को प्रोजेक्ट मैनेजर ने सुधारा

– बटालियन के जवानों को मिले सरकारी फ्लैट में पजेशन भोपाल मध्य प्रदेश में सरकार पुलिस कर्मियों के लिए आवास तैयार कर रही है. कुछ वर्षो पहले बालाघाट में बनाए जा रहे फ्लैटों में कुछ  गड़बड़ी सामने आई थी. करीब 31 करोड़ के प्रोजेक्ट में आर्किटेक्ट की नासमझी से गड़बड़ी हुई . मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट में बदलाव करते हुए  सरकार का करोड़ों रूपया बचा लिया . मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने बैकवॉटर की समस्या को दूर करते हुए सरकार को रिपोर्ट भेज दी हैं. साथ ही जवानों को रहने के लिए पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की तरफ से पजेशन भी दे दिया है. दरअसल बालाघाट में साल 2018 में 36 वीं बटालियन के जवानों के लिए आवास बनाने का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था. इस दौरान आर्किटेक्ट ने इस बात का ध्यान नहीं रखा कि जिस जमीन पर बिल्डिंग बनानी है. वहां पानी भरने की आशंका है. बिल्डिंग को ऊंचा बनना था लेकिन हाइट कम कर दी बिल्डिग में पार्किंग नही दी.  मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने प्रोजेक्ट में बदलाव किया. ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट तोड़कर पार्किंग बना दी. इसके अलावा कॉलोनी के आसपास के क्षेत्र में पानी निकासी के लिए अंडरग्राउंड डक तैयार कर दिया. ड्रेनेज सिस्टम के साथ पानी निकासी के लिए अलग से व्यवस्था भी की गई है पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के इंजीनियरों ने बताया कि जिस जगह पर पार्किंग बनाई गई है. वहां पर पहले फ्लैट थे लेकिन अलग से 56 फ्लैट बनाए गए हैं. ब्लैकलिस्टेड हुई कंपनी, रकम भी कॉरपोरेशन ने वसूली जांच के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने पाया कि आर्किटेक्ट की तरफ से गड़बड़ी की गई. जिसके बाद कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया और जुर्माना भी लगाया गया. फिलहाल पुलिस के लिए फ्लैट तैयार है 2 से 3 महीने के भीतर मुख्यमंत्री के द्वारा गृह प्रवेश भी कराया *जाएगा.* अधिकारियों ने बताया कि मामला सामने आने के बाद तत्काल ही मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के एमडी ने अधिकारियों और इंजीनियर्स की बैठक बुलाई और डिजाइन में सुधार करने के लिए निर्देश दिए. जिसकी वजह से ना तो बिल्डिंग को नुकसान पहुंचाया गया और डूब क्षेत्र में जमीन होने के बाद भी जल भराव की स्थिति की समस्या कौ दूर किया. कई विभागों की जमीन डूब में शामिल मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि जिस इलाके में पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने पुलिस जवानों के लिए बिल्डिंग तैयार की है. उसके आसपास कई और विभागों की जमीन है. अधिकांश सरकारी जमीन इसी इलाके में है. डैम का पानी आने की वजह से जल भराव की स्थिति बनती है लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता 2019 में बारिश अधिक होने के कारण जलभराव की इस्थति बनी फिर भी  इस प्रोजेक्ट को बचाने के लिए ग्राउंड फ्लोर की जगह पार्किंग बनाकर पानी निकासी की व्यवस्था बनाई गई है. बिल्डिंग के आसपास का पानी भीतर दाखिल ना हो पाए. इसके लिए बड़ी रिटेनिंग वॉल भी बनाई गई है. इनका कहना है बालाघाट में पुलिसकर्मियों के लिए आवास बनाने के दौरान कुछ गड़बड़ियां सामने आई थी. इसके बाद जांच हुई और आर्किटेक्ट के खिलाफ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन ने कार्रवाई की. आर्किटेक्ट की कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है. इसके बाद विभाग की जिम्मेदारी थी कि प्रोजेक्ट को समय के साथ और गड़बड़ियों को सुधारा जाए. इंजीनियर ने काफी मशक्कत करते हुए डिजाइन में बदलाव किया और आवास बनाकर तैयार है. जल्द ही पुलिसकर्मी अपने परिवार के साथ रह सकेंगे. इस संबंध में रिपोर्ट भी गृह विभाग को पुलिस मुख्यालय को कॉर्पोरेशन की तरफ से भेजी जा चुकी है. – उपेंद्र जैन,  प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन recent visitors 51

मणिपुर-नागालैंड सीमा क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए, भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी

इंफाल मणिपुर-नागालैंड सीमा क्षेत्र में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई है। मणिपुर आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि भूकंप के झटके राज्य के उत्तरी उखरुल जिले और उससे सटे नगालैंड में भी महसूस किए हैं। यह पहाड़ी जिला म्यांमार की सीमा से भी सटा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप सतह से 30 किमी की गहराई पर आया। पहाड़ी पूर्वोत्तर क्षेत्र में कम से कम एक राज्य में हर हफ्ते भूकंप आता है, जिसमें ज्यादातर भूकंप की तीव्रता 3 से 4 होती है। पहाड़ी पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर असम, मिजोरम और मणिपुर में लगातार आए हल्के से मध्यम भूकंपों ने अधिकारियों को चिंतित कर दिया है। भूकंप के कारण बिल्डरों को भूकंपरोधी संरचनाएं बनाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। भूकंपविज्ञानी पहाड़ी पूर्वोत्तर क्षेत्र को दुनिया का छठा सबसे अधिक भूकंप-जनित खतरे वाला क्षेत्र मानते हैं। 1950 में आए 8.7 तीव्रता वाले भूकंप ने ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह को बदल दिया था, जो उत्तर-पूर्व के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र गुवाहाटी शहर से होकर गुजरती है। बता दें कि उखरुल में हाल ही में दो नागा गांवों के निवासियों के बीच सीमा विवाद को लेकर झड़प हो गई थी, जिसमें चार लोग मारे गए थे और 24 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। recent visitors 47