114 स्वास्थ्य कर्मियों एवं 11 अतिथि शिक्षकों की डीएमएफ से हुई नियुक्ति

रायपुर, कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास मद की राशि से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। नीट, जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बच्चों की उच्च शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क कोचिंग और उच्च शिक्षा हेतु महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई के लिए डीएमएफ मद से सहयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते दिनों जिले के सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास मद से 114 स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय (पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर) के 11 अभ्यर्थियों को विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति की गई है। उक्त बातें कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित डीएमएफ मद से स्वास्थ्य कर्मियों के नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों को वितरित करते हुए उद्योग, वाणिज्य, व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कही। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिले में खनिज न्यास संस्थान की राशि का उपयोग पारदर्शीपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जिला खनिज संस्थान न्यास मद की राशि का उपयोग खनन प्रभावित जिले के ही विकास कार्यों में सदुपयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने दंत चिकित्सक डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. अर्पण भेलवा, डॉ. प्रिया तिर्की, डॉ. धनंजय जायसवाल, लैब टेक्निशियन श्री दीपक कश्यप, सुश्री गीता, फार्मासिस्ट सुब्रत शर्मा एवं ड्रेसर मुकेश कुमार को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के सुश्री आरती एवं सुश्री अनुसुईया को अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति पत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दी। मंत्री श्री देवांगन ने श्री राजकुमार चिकनीपाली, श्री वनवीरा, श्री अंजयारी बाई पतरापाली, विमलाबाई पतरापाली को वनाधिकार पत्रों का भी वितरण किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कहा कि जिला खनिज संस्थान न्यास मद की राशि जिले के विकास कार्यों के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के अभ्यर्थियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्रदान की गई है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, अपर कलेक्टर श्री दिनेश नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केसरी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री श्रीकांत कसेर सहित आदि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 71

खादी ग्रामोद्योग का वोकल फ़ॉर लोकल आयोजन भोपाल हॉट परिसर में

 भोपाल  राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की जयंती पर 02 अक्‍टूबर से पूरे भारतवर्ष के एक विशेष अभियान के रूप में “खादी महोत्‍सव” मनाया जा रहा है जिसका मुख्‍य उद्देश्‍य खादी और ग्रामोद्योग उत्‍पादों और स्‍थानीय स्‍तर पर स्‍वदेव निर्मित उत्‍पादों “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा देवा और “आत्‍मनिर्भर भारत” के विचार को आगे बढ़ाना है। इसी कड़ी में म.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा भोपाल हाट परिसर, भोपाल में दिनांक 27 सितंबर से 08 अक्‍टूबर, 2024 तक “खादी महोत्‍सव” का आयोजन किया जा रहा है। “खादी महोत्‍सव” में देश के विभिन्‍न राज्‍यों द्वारा उत्‍पादित खादी एवं ग्रामोद्योग सामग्री भोपाल वासियों को एक ही परिसर में उपलब्‍ध कराई जा रही है। उक्‍त आयोजन से एक ओर खादी तथा ग्रामोद्योग के क्षेत्र में ग्रामीण अंचलों में कार्यरत कत्तिन, बुनकरों एवं अन्‍य कारीगरों को सतत् रोजगार उपलब्‍ध कराने में सहायता मिलेगा वहीं दूसरी ओर आम जनता को शुद्ध एवं स्‍वदेशी वस्‍त्र एवं ग्रामोद्योग उत्‍पाद प्राप्‍त होंगे।     दिलीप जायसवाल, राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा दिनांक 04 अक्‍टूबर को भोपाल हाट में आयोजित खादी उत्‍सव का भ्रमण/अवलोकन किया गया तथा मध्‍यप्रदेश के एवं अन्‍य प्रदेशों से पधारे कत्तिन-बुनकर, उत्‍पादकों द्वारा निर्मित स्‍वदेशी उत्‍पादों की सराहना की गई। उनके द्वारा स्‍थानीय नागरिकों से आव्‍हान किया गया कि “खादी महोत्‍सव” में आए हुए स्‍वदेशी उत्‍पादों का अधिक से अधिक मात्रा में क्रय करें इससे एक ओर आम जनता को शुद्ध एवं स्‍वदेशी उत्‍पाद प्राप्‍त हो सकेंगे वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में कार्यरत इन उत्‍पादों के निर्माता जो कि समाज के निचले तबके से आते हैं की आय में भी वृद्धि हो सकेगी एवं प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्‍मनिर्भर भारत” के विचार को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।      खादी उत्‍सव में देश के विभिन्‍न राज्‍यों यथा-राजस्‍थान, बिहार, छत्‍तीसगढ़, पं. बंगाल, जम्‍मू कश्‍मीर पंजाब, हरियाणा, दिल्‍ली, उत्‍तराखण्‍ड, महाराष्‍ट्र, उत्‍तरप्रदेश की खादी एवं ग्रामोद्योग के क्षेत्र में कार्यरत राज्‍य एवं राष्‍ट्रीय स्‍तर की लगभग 75-80 खादी ग्रामोद्योग एवं हेडीक्राफ्टस की इकाईयों द्वारा भाग लिया जा रहा है जिसमें प्रदेश एवं अन्‍य राज्‍यों की मलबरी सिल्‍क एवं मसलिन खादी की साडिया एवं कपड़ा, शाल एवं सूट समस्‍त प्रकार के खादी वस्‍त्र के रेडीमेड गारमेंट्स, लेडीज कुर्ते एवं ग्रामोद्योग एवं हैण्‍डक्राफ्ट उत्‍पादों के माटीकला की सामग्री, जूट, बैतबांस, लकड़ी के फर्नीचर, चमड़े के बैग, बैल्‍ट, पर्स आदि एफएमजीसी उत्‍पाद एवं अगरबत्‍ती, शेम्‍पू, सेनेटाईजर, विंध्‍या वेली के शुद्ध एवं प्राकृतिक मसाले, शहद, अचार, पापड़, आटा, बेसन, दलिया इत्‍यादि विविध सामग्रियां उपलब्‍ध है। खादी उत्‍सव में मध्‍यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा समस्‍त प्रकार के खादी वस्‍त्रों, विंध्‍या वैली उत्‍पादों पर 20+10% का विशेष डिस्‍काउंट दिया जा रहा है।     सभी प्रदेश वासियों से अनुरोध है कि पर्व और त्‍यौहारों के अवसर पर देश/प्रदेश से पधारे बुनकर एवं कारीगरों को प्रोत्‍साहित करने भोपाल हाट में आयोजित खादी उत्‍सव में अवश्‍य पधारे। recent visitors 52

मिर्जापुर में बड़ा हादसा,तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्राली को मारी टक्कर, मौके पर 10 की मौत, मची चीख पुकार

मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है। कछवा थाना क्षेत्र के कटका पडाव के पास ट्रक और ट्रैक्टर की भिड़ंत में 10 मजदूरों की मौत हो गई। तीन लोग घायल हो गए हैं। घायल लोगों को इलाज के लिए वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सारे मजदूर वाराणसी के रहने वाले थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्राली में करीब 13 मजदूर सवार थे। सभी मजदूर औराई के तिवरी गांव से ढलाई कर वापस वाराणसी लौट रहे थे। यह हादसा करीब रात 12.30 बजे के आसपास का बताया जा रहा है। इस हादसे की जानकारी मिलने के तुरंत बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य में जुटे। सड़क हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वाराणसी-प्रयागराज हाइवे को जाम कर दिया। प्रशासन गुस्साए लोगों को मनाने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है। ट्रक ने पहले बाइक को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक ने पहले तो बाइक को टक्कर मारी। इसके बाद ट्रक का कंट्रोल खो गया और ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गया। हादसे के बाद में ट्रॉली उछलकर नाले में जा गिरी। वहीं, ट्रक भी नाले में जाकर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग सभी को बचाने में जुट गए। सीओ अमर सिंह ने जानकारी दी कि रात करीब 12.30 बजे पुलिस को हादसे की जानकारी मिली। तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस को बुलाया गया और हादसे में घायल लोगों को वाराणसी में रेफर कर दिया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भी भेजा गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा एसपी अभिनंदन ने बताया कि ट्रक ने टैक्टर ट्रॉली को पीछे से टक्कर मारी। सभी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में भेज दिया गया। ट्रक का चालक मौके से भाग गया। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया। इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। घायलों को वाराणसी के ट्रामा सेंटर में रेफर कर दिया गया है। सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 79

अश्विन और मुरलीधरन के नाम टेस्ट क्रिकेट में अब सर्वाधिक 11-11 प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड

नई दिल्ली हाल ही में संपन्न हुई बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में रविचंद्रन अश्विन को प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से नवाजा गया। अश्विन ने चेन्नई टेस्ट की पहली पारी में शतक जड़ने के साथ 6 विकेट हॉल लिया था, वहीं दूसरे मैच में भी उन्होंने बांग्लादेशी शेरों को जल्द ढेर करने में अहम भूमिका निभाई थी। अश्विन ने इस सीरीज में अपने बल्ले से 57 की औसत के साथ कुल 114 रन बनाए, वहीं संयुक्त रूप से सर्वाधिक 11 विकेट भी चटकाए। अश्विन के अलावा जसप्रीत बुमराह को सीरीज में इतनी ही सफलताएं मिली थी। अश्विन ने इस प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से के साथ श्रीलंका के लीजेंड्री स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। जी हां, अश्विन और मुरलीधरन के नाम टेस्ट क्रिकेट में अब सर्वाधिक 11-11 प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीतने का रिकॉर्ड है। मगर क्या आप जानते हैं कि अश्विन अभी तक इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को अपने नाम कर चुके होते, अगर पिछले साल वेस्टइंडीज क्रिकेट ने बड़ी भूल ना की होती तो। दरअसल, पिछले साल भारत जब दो मैच की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज दौरे पर गया था तो उन्होंने मेजबानों को सीरीज में 1-0 से मात दी थी। दूसरे मैच में मोहम्मद सिराज को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से तो नवाजा गया, मगर बोर्ड ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड किसी को नहीं दिया। जबकि अश्विन सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर इसके हकदार थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ उस सीरीज में अश्विन ने 15 विकेट चटकाए थे, जबकि कोई अन्य गेंदबाज 7 से अधिक विकेट नहीं चटका पाया था। वहीं टेस्ट डेब्यू कर रहे यशस्वी जायसवाल प्लेयर ऑफ द सीरीज के दूसरे दावेदार थे जिन्होंने 88.66 की औसत से 266 रन बनाए थे। अश्विन को अगर उस दौरान प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड मिला होता तो आज वह 12 प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड के साथ इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को अपने नाम कर चुके होते। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, क्रिकेट वेस्टइंडीज ने इस गलती के लिए एक भारतीय एजेंसी को दोषी ठहराया है, जिसने इस सीरीज को प्रायोजित किया था। दूसरी ओर, भारतीय एजेंसी ने बताया कि वे केवल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जिम्मेदार थे और प्लेयर ऑफ द सीरीज पुरस्कार वेस्टइंडीज क्रिकेट शासी निकाय की जिम्मेदारी थी। हालांकि, अगर मैच के बाद बोर्ड खिलाड़ी या टीम को अवॉर्ड देना भूल जाता है तो उसे बाद में दे दिया जाता है, मगर इस मामले में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। recent visitors 77

वनौषधि प्रसंस्करण के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी, आर्थिक रूप से सशक्त होगी महिलाए

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर वनौषधि प्रसंस्करण के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। वन औषधियों के प्रसंस्करण से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग हो रहा है, बल्कि स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस क्षेत्र में महिलाओं की सक्रीय भूमिका को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया है। छत्तीसगढ़ के कटघोरा वनमंडल में स्थित हरिबोल स्व सहायता समूह, डोंगानाला की 12 महिलाओं द्वारा संचालित वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र ने अपनी मेहनत, लगन और सामूहिक प्रयासों से एक प्रेरक सफलता हासिल की है। वर्ष 2006-07 में शुरू हुई यह केंद्र यूरोपियन कमीशन परियोजना के अंतर्गत संचालित होता है। आज यह समूह अपने अनूठे प्रयासों के कारण प्रदेशभर में एक मिसाल बन चुका है। इस समूह की महिलाओं का शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण था। पहले वे गांव में मजदूरी करके अपनी आजीविका चलाती थी। उनकी मासिक आय मुश्किल से 500-600 रुपये होती थी। आर्थिक तंगी से जूझते हुए उनके सामने कई चुनौतियाँ थी, लेकिन एक सामूहिक संकल्प ने उनकी जिंदगी बदल दी। समूह ने वनौषधियों के प्रसंस्करण के क्षेत्र में कदम रखा और आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण शुरू किया। समूह द्वारा हिंगवाष्टक चूर्ण, अश्वगंधादि चूर्ण, सीतोपलादी चूर्ण, पुष्यानुग चूर्ण, बिलवादी चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, पंचसम चूर्ण, शतावरी चूर्ण, आमलकी चूर्ण, पयोकिल दंतमंजन, हर्बल काफ़ी चूर्ण, महिला मित्र चूर्ण, हर्बल फेसपैक चूर्ण, हर्बल केशपाल चूर्ण आदि जैसी कई आयुर्वेदिक वनौषधियों का निर्माण किया जाता है। कच्ची वनौषधियों का संग्रहण, घटकों का निर्धारण और प्रसंस्करण कार्य आयुर्वेद चिकित्सक (टेक्निकल स्टाफ) के मार्गदर्शन में किया जाता है। समूह ने हाल ही में आयुष विभाग से 2 करोड़ रुपये का ऑर्डर प्राप्त किया है, जिससे समूह की गुणवत्ता का प्रमाण स्वयं सिद्ध होता है। यह न केवल उनकी उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि उनके प्रयासों की निरंतर बढ़ती विश्वसनीयता और मांग को भी साबित करता है। हरिबोल स्व सहायता समूह की महिलाओं की उद्यमिता से उत्पादित इन वनौषधियों की मांग स्थानीय और प्रदेश स्तर पर अत्यधिक है। समूह द्वारा प्रतिवर्ष औसतन लगभग 44 लाख की वनौषधियों का विक्रय किया जाता है। इसके अलावा केंद्र में नियुक्त अनुभवी वैद्य की देखरेख में स्थानीय एवं आसपास के सैकड़ों मरीजों का विभिन्न बीमारियों का इलाज भी किया जा रहा है। हरिबोल स्व सहायता समूह की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम यह हुआ कि वर्ष 2007-08 में 97,204 रुपये का लाभ अर्जित किया गया। यह शुरुआत की सफलता ने महिलाओं का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया। वर्ष 2023-24 में समूह ने 6,57,254 रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जिससे प्रत्येक सदस्य की वार्षिक आय लगभग पौने दो लाख रुपये तक पहुँच गई। यह आर्थिक परिवर्तन उनकी पुरानी स्थिति के मुकाबले एक विशाल उन्नति थी। इसके अतिरिक्त समूह की प्रत्येक सदस्य को प्राप्त लाभांश में से 3000 रुपये घरेलू कामों के लिए दिया जाता है, जबकि शेष राशि का उपयोग केंद्र के उन्नयन और विकास के लिए किया जाता है। इस प्रकार समूह न केवल व्यक्तिगत आय में वृद्धि कर रहा है, बल्कि स्थिर और दीर्घकालिक विकास की दिशा में भी अग्रसर है। हरिबोल स्व सहायता समूह ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारा है, बल्कि समाज में अपनी पहचान भी मजबूत की है। महिलाएँ अब आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवारों को बेहतर जीवन प्रदान कर रही हैं। उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और वे अपनी उद्यमशीलता से दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सरोज पटेल ने इस सफलता के बारे में कहा, राज्य वन विभाग के सहयोग से हमारा जीवन स्तर बहुत सुधर गया है। आज हम आत्मनिर्भर हैं और समाज में सम्मानित स्थान पा चुके हैं। इस परियोजना की सफलता में छत्तीसगढ़ वन विभाग ने अहम भूमिका निभाई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन औषधियों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन में स्व सहायता समूहों को शामिल करके आय सृजन के प्रति राज्य वन विभाग प्रतिबद्ध है। इस पहल से न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है, बल्कि राज्य की वन संपदा का भी सही उपयोग हो रहा है। हरिबोल स्व सहायता समूह को न केवल स्थानीय स्तर पर सराहा गया है, बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है। सिंगापुर में इसे प्रतिष्ठित ग्रिट पुरस्कार से सम्मानित किया गया और भारत सरकार के ट्राइफेड और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बेस्ट फॉरेस्ट प्रोड्यूस पुरस्कार से नवाजा गया है। डोंगानाला का यह वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र न केवल हरिबोल स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन गया है। इस पहल ने यह साबित किया है कि सही दिशा और संकल्प के साथ किए गए प्रयास बड़े से बड़े परिवर्तन ला सकते हैं। आज यह समूह अन्य स्व सहायता समूहों और ग्रामीण समुदायों के लिए एक आदर्श उदाहरण है कि सामूहिकता, मेहनत और दृढ़ निश्चय से सपने पूरे किए जा सकते है। recent visitors 56

टाइगर सफारी का ड्राइवर घायल, राजस्थान-सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघ ने किया हमला

सवाई माधोपुर. सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में गुरुवार सुबह की पारी में पार्क भ्रमण के दौरान एक दुखद हादसा सामने आया। यहां रणथंभौर के जोन नंबर तीन में राजबाग तालाब के पास एक कैंटर पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले में कैंटर में सवार करीब 22 लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार आज सुबह की पारी रणथंभौर के जोन नंबर तीन में एक कैंटर RJ-25-PA-2169 में 20 पर्यटक टाइगर सफारी के लिए रणथंभौर के जंगल में गए थे। सफारी कैंटर में मुंबई के एक स्कूल के 17 बच्चे और तीन शिक्षक सवार थे। पार्क भ्रमण के दौरान रणथंभौर के जोन नम्बर तीन में राजबाग तालाब के पास अचानक एक मधुमक्खियों के समूह ने कैंटर में सवार पर्यटकों पर हमला कर दिया। हमले में गाइड सुमित गोयल और ड्राइवर युसूफ मंसूरी सहित सभी पर्यटक घायल हो गए। इस दौरान ड्राइवर और गाइड ने सूझबूझ का परिचय देते हुए आनन फानन में कैटर को जंगल से बाहर निकाला। उसके बाद पर्यटकों को होटल पहुंचाया गया। होटल प्रबंधन ने चिकित्सकों की टीम को बुलाया और सभी पर्यटक को प्राथमिक उपचार दिया गया। मधुमक्खियों के हमले में ड्राइवर ज्यादा घायल हुआ है। वहीं, गाइड और ड्राइवर को अन्य गाइड रणथम्भौर रोड स्थित रामसिंह अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को छुट्टी दे गई। जानकारी के अनुसार सभी पर्यटकों को मधुमक्खियों के काटने के कारण हल्की सूजन आई है। वन विभाग के अनुसार फिलहाल मधुमक्खियों के हमले के कारणों का पता नहीं लग सका है। recent visitors 184

तारक मेहता को मिली नई सोनू, इस एक्ट्रेस ने पलक सिधवानी को किया रिप्लेस

मुंबई पलक सिंधवानी ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा को अलविदा कह दिया है और अब वह सोनू का किरदार निभाती नजर नहीं आएंगी. अब टीम को उनका रिप्लेसमेंट मिल चुका है. लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, खुशी माली सीरियल की नई सोनू होंगी और उन्होंने पलक को रिप्लेस किया है. एक्ट्रेस को आखिरी बार सहज सिन्दूर में देखा गया था और अब वह तारक मेहता का उल्टा चश्मा के बाकी स्टारकास्ट संग जल्द ही शूटिंग शुरू करेंगी. तारक मेहता का उल्टा चश्मा में कौन निभाएगा नई सोनू का रोल पलक सिधवानी की जगह खुशी माली को बोर्ड पर लाने के बारे में ईटाइम्स से बात करते हुए, असित कुमार मोदी ने टप्पू सेना में सोनू के महत्व को बताया. उन्होंने कहा, “हम खुशी का स्वागत करने के लिए बेहद उत्साहित हैं और उनका पूरा सपोर्ट करेंगे, क्योंकि वह सोनू के किरदार को आगे बढ़ाएंगी. हमें उम्मीद है कि हमारे दर्शक उन्हें वही प्यार देंगे, जो उन्होंने पिछले 16 सालों से शो और इसके किरदारों को दिया है.” तारक मेहता का उल्टा चश्मा में सोनू की भूमिका निभाने पर क्या बोली खुशी निर्माता ने यह भी कहा कि खुशी माली को सोनू के रूप में कास्ट करना एक सावधानीपूर्वक निर्णय था और उनका मानना ​​है कि वह सोनू के गुणों को पूरी तरह से पकड़ लेती है. शो के कलाकारों में शामिल होने को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए, खुशी ने कहा कि उनके लिए सोनू की भूमिका निभाना दिलचस्प होगा. मॉडल से अभिनेता बनीं अभिनेत्री ने कहा कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा का हिस्सा बनना उनके लिए एक आशीर्वाद जैसा है और उन्होंने इसे एक महान अवसर भी बताया. पलक सिधवानी ने मेकर्स पर क्या लगाया था आरोप दूसरी ओर, पलक सिधवानी ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा छोड़ने के बाद मेकर्स पर कई तरह के आरोप लगाए. उन्होंने कहा, मेकर्स ने उनकी तबीयत खराब होने के बाद भी उन्हें मानसिक रूप से तंग किया और 30 मिनट की शूटिंग के लिए 12-13 घंटे तक बिठाकर रखा. इसके अलावा पलक ने ये भी कहा कि उन्हें 21 लाख रुपये का बकाया भुगतान नहीं किया गया है. तारक मेहता का उल्टा चश्मा टीवी पर सबसे लंबे समय तक चलने वाले शो में से एक है. जेठालाल उर्फ ​​दिलीप जोशी मुख्य भूमिका में हैं. शो का निर्माण असित कुमार मोदी ने किया है.   recent visitors 231