Sunday, July 5, 2026 4:11 am

सीधी के स्‍कूल में 13 विद्यार्थियों में आते हैं सिर्फ दो, दो अतिथि शिक्षक के अलावा दो रसोइये भी

 सीधी  सीधी जिले का प्रशासन लंबे समय से यह दावा कर रहा है कि जिले में कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इन सब दावों से हटकर सीधी जिले के ग्राम घूघा में एक ऐसी पाठशाला है जो बिना किसी नियमित शिक्षक के चल रही है। ऐसे में जिस प्राथमिक पाठशाला में पिता प्रभारी शिक्षक है, तो बेटा उसी को स्कूल में अतिथि शिक्षक के तौर पर मास्टर साहब बना हुआ है। छात्रों की संख्या 13, लेकिन स्कूल आते सिर्फ दो इस विद्यालय का संचालक मात्र दो अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं उससे भी बड़ी बात यह है कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 13 है लेकिन स्कूल आने वाले छात्रों की संख्या सिर्फ दो है। इस स्कूल में दो रसोईया भी है जो बच्चों के लिए खाना बनाते हैं अब ऐसे में बेहतर स्कूल बेहतर शिक्षक का दावा करने वाली सरकार के दावों की कलई खुलती नजर आती है कि इस विद्यालय में नियमित शिक्षक क्यों नहीं है। दो बच्चे, दो अतिथि शिक्षक और दो रसोईए आते हैं विद्यालय में पढ़ने वाले सभी 13 छात्र स्कूल क्यों नहीं आते यह बड़ा सवाल है वही दो बच्चों को पढ़ाने और दो अतिथि शिक्षक और उन्हें भोजन खिलाने दो रसोईए स्कूल इसलिए आते हैं कि उन्हें अपने वेतन और मानदेय से मतलब है और शायद इसीलिए यह स्कूल आज तक संचालित है वरना इस स्कूल का क्या फायदा इस प्राथमिक स्कूल की समस्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नियमित शिक्षक न होने के सवाल पर वह गोल-माल जवाब जब जिला शिक्षा अधिकारी पीएल मिश्रा से जानकारी चाहि तो उन्होंने भी स्कूल की जांच करने की बात कही वही स्कूल में नियमित शिक्षक न होने के सवाल पर वह गोल-माल जवाब देते नजर आए जिला शिक्षा अधिकारी के बयान के बाद यह बात तो स्पष्ट हो जाती है कि जिले में शिक्षक विहीन शाला न होने का दवा अभी पूरा नहीं हुआ है जिस दिन यह दाबा पूरा हो जाएगा उस दिन से स्कूलों में ना आने वाले सभी छात्र शायद पढ़ते भी आने लगेंगे। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट बहरहाल सीधी जिले में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से चौपट हो गई है आलम यह है कि इस स्कूल जैसे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में न जाने और ऐसी कितनी स्कूल है सिर्फ कागज में दर्जन भर छात्र और शिक्षक विहीन शालाएं शिक्षा विभाग के अफसर के फाइलों में संचालित हो रही हैं, जिसकी कलाई जांच मीडिया की जीरो ग्राउंड रिपोर्टिंग के दरमियान सामने आ गई है। पिता प्रभारी शिक्षक, बेटा उसी स्कूल में अतिथि शिक्षक ऐसे में जिस प्राथमिक पाठशाला में पिता प्रभारी शिक्षक है तो बेटा उसी स्कूल में अतिथि शिक्षक के तौर पर मास्टर साहब बना हुआ है जो कागज में 13 छात्र लेकिन जमीनी हकीकत में सिर्फ दो छात्रों को शिक्षा दीक्षा दे रहा है ऐसे में इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले के शिक्षा विभाग अपने कर्तव्य में लापरवाही करतें हुए व्यक्तिगत स्वार्थ और अपनों को आर्थिक लाभ पहुंचाने में लगा हुआ है उसे बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है। recent visitors 64

Apple उत्पादों की देश में हो रही तेज़ी से वृद्धि, 4 और रिटेल स्टोर खोलने की योजना

मुंबई  अमेरिका स्थित दिग्गज टेक कंपनी Apple भारत में अपने निवेश को रणनीतिक रूप से बढ़ाने के लिए चार और स्टोर खोलने की योजना पर काम कर रही है. ऐसा Apple उत्पादों के बाज़ार में देश में तेज़ी से हो रही वृद्धि है. Apple ने अप्रैल 2023 में पहले दो Apple स्टोर के रूप में दिल्ली और मुंबई को चुना था, और अब यह खुदरा विस्तार के अगले चरण के लिए बेंगलुरु, पुणे और दिल्ली-NCR पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें मुंबई में एक और आउटलेट देखने को मिल सकता है. भारत को अपने विनिर्माण केंद्र के रूप में देखते हुए, कंपनी ने देश में ही iPhone 16 की पूरी लाइनअप का उत्पादन करने की भी पुष्टि की, जिसमें Pro और Pro Max मॉडल शामिल हैं. यह निर्णय Apple के वैश्विक संचालन में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है. इसके साथ ही कंपनी अपनी आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने और भारत के कुशल कार्यबल का उपयोग करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है. Apple के रिटेल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष Deirdre O’Brien ने कहा, “हमारे स्टोर Apple के जादू का अनुभव करने के लिए अविश्वसनीय स्थान हैं, और भारत में हमारे ग्राहकों के साथ हमारे संबंध को गहरा करना अद्भुत रहा है. हम भारत में और अधिक स्टोर खोलने की योजना बनाते हुए अपनी टीमों का निर्माण करने के लिए रोमांचित हैं, क्योंकि हम इस देश भर में अपने ग्राहकों की रचनात्मकता और जुनून से प्रेरित हैं,” उन्होंने कहा. “हम उनके लिए हमारे अद्भुत उत्पादों और सेवाओं की खोज और खरीदारी करने और हमारे असाधारण, जानकार टीम के सदस्यों से जुड़ने के और भी अधिक अवसरों का इंतजार नहीं कर सकते.” recent visitors 72

पूजा सामग्री बना रही थीं पत्नी, छत्तीसगढ़-गौरेला में भाजपा नेता के घर सिलेंडर ब्लास्ट से लगी आग

गौरेला. गौरेला स्टेशन रोड में रहने वाले भाजपा नेता मनीष अग्रवाल के घर में उनकी पत्नी पूजा की सामग्री बना रही थी। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर के पाइप में ब्लास्ट हो गया। इससे आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में भाजपा नेता और उनकी पत्नी आग से झुलसे गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, आग लगते ही आनन-फानन में घर में मौजूद मनीष अग्रवाल और उनकी पत्नी घर के बाकी सदस्यों को सुरक्षित करने लगे। आसपास के लोग भी आकर आग बुझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन आग बराबर धधक रही थी। इसके बाद पेंड्रा से मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। हालांकि, इस दौरान आग की चपेट में मनीष अग्रवाल और उनकी पत्नी भी आ गईं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए पेंड्रा के निजी अस्पताल में लाया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बिलासपुर इलाज के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल मनीष अग्रवाल को चेहरा आग से झुलसा है तो उनकी पत्नी का हाथ आग से झुलस गया है। साथ ही घर में रखा काफी सामान भी आग से जलकर खाक हो चुका है। recent visitors 62

गौतम गंभीर मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे, वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया

ग्वालियर  भारत और बांग्लादेश के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से हो रही है। सीरीज का पहला मुकाबला ग्वालियर के नए माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम पर होना है। इस मैच के लिए दोनों ही टीमें ग्वालियर पहुंच चुकी हैं। मैच की तैयारी भी पूरी हो चुकी है। 14 साल बाद ग्वालियर में कोई इंटरनेशनल मैच खेला जा रहा है। आखिरी बार 2010 में यहां हुए मुकाबले में सचिन तेंदुलकर ने वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक लगाया था। मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे गौतम गंभीर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ग्वालियर के पास स्थित दतिया के मां पीतांबरा सिद्धपीठ पहुंचे। नवरात्री की शुरुआत हो चुकी है और भारतीय हेड कोच ने मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस दौरा पीला कुर्ता पहन रखा था। इसके साथ ही उन्होंने भगवान वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया। मां पीतांबरा सिद्धपीठ की स्‍थापना 1935 में की गई थी। यहां मां के दर्शन के लिए कोई दरबार नहीं सजाया जाता बल्कि एक छोटी सी खिड़की है, जिससे मां के दर्शन का सौभाग्‍य मिलता है। भारी सुरक्षा के बीच खेला जाएगा मैच मैच की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर ग्वालियर के अलावा बाहर से भी पुलिस बल बुलाया गया है। खिलाड़ियों को एयरपोर्ट से होटल लाने और होटल से स्टेडियम तक ले जाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। स्टेडियम में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। मैच शुरू होने से 3 घंटे पहले ही सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात हो जाएंगे। 6 घंटे में ही बिक गए टिकट माधवराव सिंधिया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इस मैच को लेकर ग्वालियर के दर्शकों में भारी उत्साह है। 20 सितंबर को सुबह 10 बजे टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरू हुई। 6 घंटे में 22400 टिकट बिक गए। 1500 टिकट छात्रों के लिए और 100 टिकट दिव्यांगों के लिए पहले ही आरक्षित रखे गए थे। वहीं 6000 टिकट वीआईपी के लिए रखे गए हैं। recent visitors 118

रतलाम स्टेशन के करीब डीजल से भरी मालगाड़ी के दो टैंकर बेपटरी हुए, बाल्टियों और कैन डीजल भरने टूट पड़े लोग

रतलाम    दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर रतलाम रेलवे स्टेशन के पास पेट्रोलियम पदार्थ से भरी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई. दिल्ली की तरफ जाने वाली डाउन लाइन पर यह हादसा हुआ है. हादसे के बाद मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए एक वैगन से ज्वलनशील पदार्थ का रिसाव भी होने लगा. हादसे की जानकारी मिलने के बाद रेलवे के आला अधिकारियों सहित एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन मौके पर पहुंची है. अधिकारियों का मानना है कि यह भी ट्रेन डिरेल करने की कोई साजिश हो सकती है.  हादसे की सूचना मिलने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। इस दौरान यात्री ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हो गया और कई यात्री ट्रेनें अपने नियमित समय के विपरीत चलने लगी। रेल हादसे की खबर के बाद अधिकारियों में भी  हड़कंप मच गया। यह दुर्घटना गुरुवार रात 9.30 बजे की बताई जा रही है। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बड़ौदा की ओर से रतलाम स्टेशन होते हुए बी नागदा साइड जा रही मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूर घटला ब्रिज के आगे अपयार्ड की ओर बेपटरी हो गई। दुर्घटना में दो डिब्बे बे पटरी से उतर गए। उसमे से एक डिब्बा  पलटी भी खा गया। रेलवे के माल गाड़ी के टिकट का डिब्बे में ज्वलनशील पदार्थ (डीजल) भरा हुआ था। इस हादसे के बाद इस रूट से गुजरने वाली कई  यात्री ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। इधर दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद राहत ट्रेन मौके पर पहुंच गई और रूट सुधारने का कार्य शुरू कर दिया गया। साथ ही डीआरएम रजनीश कुमार व अधिकारी मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल में पहुंचे और व्यवस्थाओ पर नजर बनाए रखी । हादसे की जांच के आदेश जारी डीआरएम ने इस हादसे की जांच के भी आदेश दे दिए है। इसके साथी दुर्घटना वाले क्षेत्र में लाउडस्पीकर पर ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाने का भी अनाउंस किया गया जिससे कोई बड़ा हादसा ना हो सके। वही इस संबंध में रेलवे की ओर से जारी सूचना के तहत उन्होंने बताया कि 03 अक्टूबर, 2024 को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेने प्रभावित हुई है। मंडल रेल प्रबंधक सिहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवम कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। रतलाम DRM रजनीश कुमार के अनुसार नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन रात लगभग 10 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य किलोमीटर 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई है तथा एक वैगन पलट गई है। इसके कारण दिल्ली मुम्बई डाउन लाइन प्रभावित हुई है तथा अप लाइन से ट्रेनें चल रही है। डिरेल वैगन को छोड़कर शेष वैगन को वहां से रवाना कर दिया गया है तथा डिरेल वैगन को रिरेल करने का कार्य जारी है। जल्द ही डाउन लाइन को चालू कर दिया जाएगा। इसमें किसी प्रकार की जनहानि नही हुई है। इस घटना के कारण डाउन की दो ट्रेन प्रभावित हुई है। विभागों के अधिकारी और कर्मचारी घटना स्थल पर उपस्थित हैं। लापरवाही की भयावह तस्वीर, जान पर खेल कर लोगों ने मचा दी डीजल की लूट… रतलाम में हुए इस हादसे के बाद लापरवाही की भयावह तस्वीर भी सामने आई कि स्थानीय लोगों ने टैंकरों से डीजल लीक होता देखा तो जान की परवाह किए बिना अपने बरतन और प्लास्टिक के केन लेकर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां ऐसे सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई और डीजल की लूट मच गई। यह नजारा दिल दहला देने वाला…कैसे लोग अपनी जान पर खेल जाते हैं…। इन ट्रेनों को किया री शेड्यूल -गाड़ी संख्या 09546- नागदा रतलाम स्पेशल 01 घंटे -गाड़ी संख्या 09545- रतलाम नागदा 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 19341- नागदा बिना 1.30 घंटे -गाड़ी संख्या 09382- रतलाम दाहोद -गाड़ी संख्या 09350 दाहोद आनंद 02.00 घंटे लेटेस्ट अपडेट बता दें कि 3 अक्टूबर को नागदा की ओर जा रही गुड्स ट्रेन लगभग 22.00 बजे रतलाम-रतलाम ई केबिन के मध्य Km 655/10-12 के पर दो वैगन डिरेल हो गई थी । वैगनों को डिरेल कर तथा ट्रैक एवम OHE का मरम्मत कर डाउन लाइन को 04 अक्टूबर, 2024 को 10.00 बजे फिट दे दिया गया है। कॉशन आर्डर के साथ ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। टला बड़ा हादसा, रेलवे की कई टीमें पहुंचीं ज्वलनशील पदार्थ से भरी मालगाड़ी रतलाम रेलवे स्टेशन के समीप डाउन लाइन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, ये जानकारी लगते ही रेलवे में हड़कंप मच गया. ये मालगाड़ी दिल्ली-मुंबई रूट पर नागदा की ओर जा रही थी. इसी दौरान स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर मालगाड़ी के 2 वैगन पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त हुए हुए एक वैगन से डीजल का रिसाव होने की वजह से रेलवे की टीम को ट्रैक से वेगन हटाने में समय लगा. वैगन से हो रहे ज्वलनशील पदार्थ के रिसाव को रोकने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की एक्सपर्ट टीम को भी सूचना दी गई है. गनीमत ये रही कि रेलवे की तत्परता से डीजल में आग नहीं लगी, वरना बड़ी घटना हो सकती थी. शुरू की गई हादसे के कारणों की जांच रतलाम डीआरएम रजनीश कुमार ने ईटीवी भारत से चर्चा में बताया कि '' डिरेल होने की सूचना मिलने पर रेलवे की टीम तत्काल दुर्घटनाग्रस्त वैगन को हटाने और डाउन लाइन पर यातायात बहाल करने का प्रयास कर रही है. घटनास्थल पर एक्सीडेंट रिलीफ टीम और रेलवे के इंजीनियर रेलवे ट्रैक से वैगन हटाने और डाउन लाइन पर रेल यातायात शुरू करने में जुटे हैं. मालगाड़ी डिरेल होने के कारणों की जांच भी रेलवे की टीम कर रही है.''   recent visitors 96

रतलाम में बालम ककड़ी खाने से 5 साल के बच्चे की मौत, दो बहनें आईसीयू में भर्ती

रतलाम  जिले के जड़वासा कलां गांव में बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के 5 लोग बीमार हो गए। इनमें से 5 वर्षीय बालक की मौत हो जबकि मां और दो बेटियों का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार जड़वासा कलां निवासी किसान मांगीलाल पाटीदार (36), पत्नी कविता, बेटी दक्षिता (11), साक्षी (8) और बेटे क्रियांश (5) को बुधवार सुबह अचानक उल्टियां होने लगी। उन्हें रतलाम के एक निजी हॉस्पिटल में लाया गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और सभी गांव लौट गए थे। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 3 बजे कविता, दक्षिता, साक्षी और क्रियांश की फिर से तबीयत बिगड़ गई। इससे परिजन ने चारों को शासकीय मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया। यहां तड़के 4 बजे डॉक्टर ने क्रियांश को मृत घोषित कर दिया। दक्षिता और साक्षी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। दोनों का आईसीयू में जबकि मां कविता का जनरल वार्ड में उपचार जारी है। बालम ककड़ी खाने से बिगड़ी तबीयत परिजन ने बताया कि मांगीलाल ने सोमवार को सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदी थी। सभी ने शाम को बालम ककड़ी खाई। आशंका है कि ककड़ी खाने के कारण फूड पॉइजनिंग होने से सभी की तबीयत बिगड़ी। मांगीलाल के भाई रवि के अनुसार भाभी कविता और दोनों भतीजियों का उपचार जारी है। डॉक्टर भी प्रथमदृष्टया फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। फूड पॉइजनिंग के बाद भर्ती कराए गए थे रतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनिंग के कारण बीमार होकर‎ आए थे। सही ‎इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी ‎स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है‎, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत‎ फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां‎ और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस ‎चौकी को इन्वेस्टिगेशन के‎ लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने‎ बताया कि फिलहाल इस तरह का ‎मामला नहीं आया है। जानकारी ‎आएगी तो पड़ताल की जाएगी। कीटनाशक का छिड़काव करते हैं किसान ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया, ‘किसान फल और सब्जियों में लगने वाले कीड़ों को मारने के लिए ‎कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, जो इनको अच्छी तरह धोने से ही साफ हो पाता‎ है। ककड़ी में पित्त भी होता है, जिसे उसके दोनों सिरों को काटने के बाद ‎रगड़कर निकाला जाता है। ककड़ी देखकर खरीदें कि कहीं यह ज्यादा पुरानी तो नहीं है। फल और ‎सब्जी को काटते समय चेक करें क्योंकि इनमें कई बार कीड़े भी निकलते‎ हैं। क्या है बालम ककड़ी बालम ककड़ी मध्य भारत का मौसमी विशेष खीरा है। मध्य भारत के कुछ हिस्सों में आम तौर पर पाई जाने वाली विशाल ककड़ी की मौसमी किस्म, बालम ककड़ी एक ताज़ा देशी सामग्री है जो हाइड्रेटिंग है और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है इसे कब खाना चाहिये खीरा दिन या रात के किसी भी समय खाया जा सकता है क्योंकि यह शरीर को संतुलित करने में मदद करता है और शरीर में पानी की मात्रा को बनाए रखने में मदद करता है। अगर आपका पाचन कमजोर या खराब है तो आपको रात में इसका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि खीरे के बीज पचने में भारी होते हैं। recent visitors 95

जुगाड़ी बेटा बना वायरल बॉय, छत्तीसगढ़-बालोद में स्कूल जाने के लिए कबाड़ से बनाई ई-बाइक

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक पिता ने अपने बेटे की दिक्कतों को देखते हुए स्कूल के लिए एक साइकिल से ई-बाइक बना दी। पिता ने जुगाड़ से ई-बाइक बनाई है। अब बेटे को 20 किलोमीटर दूर स्कूल जाने में परेशानी नहीं होती है। बालोद जिले के ग्राम दुचेरा के एक पिता संतोष साहू ने अपने पुत्र के स्कूल जाने की परेशानियों को देखते हुए कबाड़ के सामान से एक ई-बाइक का निर्माण कर दिया। अब पूरे प्रदेश में यह ई-बाइक चर्चा का विषय बनी हुई है। संतोष साहू का पुत्र किशन साहू कक्षा आठवीं में पढ़ता है। सेवा आत्मानंद स्कूल में पढ़ना शुरू किया है जो कि जिले के ग्राम पर जिंदा में है और इसके गांव से लगभग उसकी दूरी 20 किलोमीटर है। संतोष कुमार ने बताया कि मेरे बेटे के स्कूल जाने में काफी तकलीफ होती थी। कभी बस छूट जाती थी तो कभी वापस आने के लिए बस नहीं मिलती थी। इसके लिए मैंने दिमाग लगाया कुछ इंटरनेट का सहारा लिया और फिर बेटे के लिए एक साइकिल बनाई। अब मेरा बेटा मजे से स्कूल जाता है और अपने समय पर वापस लौट आता है। recent visitors 61