किरेन रिजिजू ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा- राहुल गांधी जैसे इंसान का नेता प्रतिपक्ष होना देश के लिए एक ‘श्राप’

नागपुर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनना देश के लिए 'श्राप' है। उन्होंने नागपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "राहुल गांधी जैसे इंसान का नेता प्रतिपक्ष होना देश के लिए एक 'श्राप' है। जिस व्यक्ति ने न तो संविधान को पढ़ा है, और न ही संविधान की मूल भावनाओं को समझता है, जिसके पूरे परिवार ने बाबा साहब अंबेडकर का अपमान किया है, उसके मुंह से संविधान शब्द का निकलना भी अपमान है। मैं यह मानता हूं कि ऐसे इंसान का संविधान की किताब पर हाथ रखना भी उचित नहीं है। यह तो हमारे देश की बदकिस्मती है कि ऐसा आदमी नेता प्रतिपक्ष बन गया है और मुझे उनसे सरोकार रखना पड़ता है।" उन्होंने आगे कहा, "मेरे अपने एससी/एसटी समुदाय के लोग, बौद्ध समाज के लोग राहुल गांधी को रिसीव करने जाते हैं तो उनकी जयकार करते हैं। धिक्कार है। शर्म आनी चाहिए। मैं मानता हूं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। मैं देश में पहला बौद्ध कैबिनेट मंत्री हूं। इतना समय इंतजार करना पड़ा। जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो हमें सत्ता संचालन में हिस्सेदार बनने का मौका मिला। कांग्रेस को 70 साल तक सत्ता में रहते हुए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनाने के लिए कोई बौद्ध नजर नहीं आया।" केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने बताया कि वक्फ संशोधन विधेयक को सरकार ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा है। समिति दौरा कर रही है। हमने जब जेपीसी बनाया तो उसमें एक प्रावधान किया था कि अगले शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को पेश किया जाएगा। हम सिफारिशों का अध्ययन करेंगे कि क्या परिवर्तन किया जा सकता है। हम विधेयक को पारित कराने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि वक्फ विधेयक को लेकर जेपीसी में चर्चा हो रही है। अगर सरकार इस विधेयक को पहले ही पास कराना चाहती, तो उसके पास लोकसभा और राज्यसभा में पर्याप्त बहुमत है। इस विधेयक को जेपीसी के पास भेजने का मतलब है कि समिति के सभी 31 सदस्य विधेयक को गहराई से समझें और अपनी राय प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किरेन रिजिजू ने पेश किया था। इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का उचित ढंग से प्रबंधन करना है। सरकार की कोशिश है कि इस विधेयक के जरिये आम मुसलमानों, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार किया जा सके। recent visitors 79

सुरक्षा बलों के जवानों के साथ किया संवाद, बस्तर अब शांति की ओर हो रहा अग्रसर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बीजापुर प्रवास के दौरान विश्रामगृह में आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली हिंसा से पीड़ित युवाओं से संवाद किया। ये युवा छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत पुलिस विभाग में भर्ती होकर माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल संगठन को छोड़कर पुनर्वास नीति से लाभान्वित होने वाले युवाओं से मिलकर खुशी जाहिर की और कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विगत दिवस नक्सलियों की हिंसा के शिकार 55 से ज्यादा नक्सल पीड़ितों ने दिल्ली जाकर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से मिले और नक्सलवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली हिंसा के शिकार लोगों की बातों को सुनकर बहुत ही दुख लगा कि निर्दाेष लोग हिंसा के शिकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय से संवाद के दौरान नक्सली पीड़ित नव आरक्षक सुमित्रा ने बताया कि उनके पिता की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत वे आरक्षक के पद पर नियुक्त हुए है। शासन के पुनर्वास नीति नक्सल पीड़ित परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है। वहीं चेरकंटी निवासी श्री मंगल मोड़ियम पूर्व में 19 वर्षों तक नक्सल संगठन में शामिल था। माओवादियों के खोखली विचारधारा को छोड़कर आत्मसमर्पण किया, जिन्हें पुनर्वास नीति के तहत पुलिस विभाग में नियुक्ति मिली। श्री मंगल मोड़ियम ने बताया कि बस्तर, बीजापुर में शांति स्थापित होना जरूरी है। भोले-भाले आदिवासियों का नक्सलियों द्वारा जल, जंगल, जमीन के नाम पर गुमराह किया जाता है।   इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह बस्तर आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार उपस्थित थे। recent visitors 83

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर जाएंगे पाकिस्तान, एससीओ समिट में भारत की ओर से होंगे शामिल

नई दिल्ली पाकिस्तान में होने वाली एससीओ समिट में भारत की ओर से हिस्सा लेने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर जाएंगे। वहां की राजधानी इस्लामाबाद में यह बैठक 15-16 अक्टूबर, 2024 को होगी, जिसमें एस जयशंकर ही इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को दी। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर फिलहाल श्रीलंका  के दौरे पर हैं, वहां पर उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से मुलाकात की है। पड़ोसी पहले की नीति पर हो रहा काम विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इन दिनों पड़ोसी प्रथम की नीति पर काम हो रहा है और इसी नीति पर हम आगे बढ़ रहे हैं। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 7 अक्टूबर से भारत दौरे पर आ रहे हैं। वो दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु का भी दौरा करेंगे। यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 6 अक्टूबर की शाम को भारत पहुंचेंगे और 7 अक्टूबर को राजकीय दौरा शुरू होगा। recent visitors 73

ड्रग्स बरामदगी के मामले में कांग्रेस पर निशाना साधा, कांग्रेस अब कोकीन कांग्रेस बन गई है : गौरव भाटिया

नई दिल्ली़े भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ड्रग्स बरामदगी के मामले में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि 'सी फॉर करप्ट' और 'सी फॉर कन्‍फ्यूज कांग्रेस' अब 'सी फॉर कोकीन कांग्रेस' बन गई है। भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए भाटिया ने इस मामले में चुप्पी पर गांधी परिवार, हुड्डा परिवार और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देश और हरियाणा की जनता अचंभित और आक्रोशित है। कांग्रेस के एक पदाधिकारी की इस मामले में गिरफ्तारी हुई है। इतने बड़े पैमाने पर ड्रग्स की बरामदगी के बाद जनता पुलिस को शाबाशी दे रही है, सरकार अपना कार्य कर रही है। ये भाजपा की प्रतिबद्धता ही है कि चाहे कोकीन कांग्रेस कितना भी चाह ले, देश के युवाओं को नशे की लत वे नहीं लगने देंगे। लेकिन, ड्रग्स की खेप के मामले में पकड़े गए मुख्य आरोपी पर राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा और भूपेंद्र हुड्डा चुप क्यों हैं? आखिरकार मुख्य आरोपी का कांग्रेस से क्या रिश्ता है? क्या इससे पहले भी इस तरह की डीलिंग हुई थी और उस पैसे का इस्तेमाल चुनावों में किया गया था? भाटिया ने कांग्रेस की सफाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्पष्टीकरण दिया गया है कि इस मामले के मुख्य आरोपी की नियुक्ति इन्होंने (कांग्रेस) 24 मार्च 2022 को की थी और अक्टूबर 2022 में इस व्यक्ति को पद से हटा दिया गया था। क्या कांग्रेस के पास अपने इस दावे को साबित करने के लिए कोई ड‍िज‍िटल प्रमाण है और अगर है तो कांग्रेस को वह दिखाना चाहिए। आखिर यह कैसे साबित होगा कि कांग्रेस ने इस व्यक्ति को वाकई अक्टूबर 2022 में ही निकाल दिया था? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कहीं 5,600 करोड़ रुपये के ड्रग्स की बरामदगी में इसका नाम आने के बाद कांग्रेस ने बैक डेट में तो यह निष्कासन पत्र तैयार नहीं कर दिया? उन्होंने कहा कि भाजपा का यह आरोप है कि ड्रग्स मामले में अपने नेता का नाम आने के बाद फर्जीवाड़ा करते हुए कांग्रेस ने बैक डेट में यह निष्कासन पत्र तैयार किया है। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस के दावे को सही मान भी लिया जाए, तो भी यह व्यक्ति छह महीने तक कांग्रेस में महत्वपूर्ण पद पर रहा। उन्होंने सवाल पूछा कि महिलाओं को प्रताड़ित करने वाले नेता, भ्रष्टाचारी नेता, ड्रग्स की डील करने वाले नेता, ये सारे के सारे कांग्रेस पार्टी में ही क्यों पाए जाते हैं? राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए। हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की गारंटी पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस तो सिर्फ भ्रष्टाचार, लूट-खसोट और झूठे वादे की गारंटी दे सकती है और अब तो कांग्रेस ड्रग्स की भी गारंटी दे सकती है। हिमाचल प्रदेश की खराब वित्तीय हालत को लेकर कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि यह कैसी कांग्रेस पार्टी है, जिसने हिमाचल प्रदेश में टॉयलेट सीट पर भी टैक्स लगा दिया है। हिमाचल प्रदेश में हर टॉयलेट सीट पर 25 रुपये का टैक्स लगा दिया गया है। कांग्रेस का खटाखट मॉडल अब सार्वजनिक हो गया है। प्रदेश पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और सरकार के पास वेतन देने तक के लिए पैसा नहीं है। कांग्रेस का मूल मंत्र केवल सत्ता पाना और गांधी परिवार को आगे बढ़ाना है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी दलितों से नफरत करती है। दलित व्यक्ति की मौत हो गई और कांग्रेस की रैली चलती रही। केजरीवाल को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बड़े ही भारी मन से केजरीवाल ने अपना शीश महल छोड़ा है। अभी तो सिर्फ घर छूटा है, आगे-आगे देखिए होता है क्या। दिल्ली की जनता उन्हें ऐसा सबक सिखाएगी कि कोई बड़ी बात नहीं होगी कि दिल्ली भी छूटे, भारत भी छूटे और भ्रष्टाचार के कारण उन्हें तमाम उम्र जेल की सलाखों के पीछे गुजारना पड़े। recent visitors 65

हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान 3116 पुलिस कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में रहेंगे तैनात, कल मतदान

कैथल हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कल वोटिंग होगी। इस बार विधानसभा चुनाव में युवाओं की भूमिका अहम रहने वाली है, क्योंकि इस बार जिले के 22187 युवा पहली बार अपने मत का प्रयोग करेंगे। कल 5 अक्टूबर को होने वाले मतदान को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। जिले की चारों विधानसभाओं में कुल 386 लोकेशन पर 807 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 171 बूथों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है, तो वहीं पुलिस प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी के तैयार है।  चुनाव में 3116 पुलिसकर्मी ड्यूटी दे रहे हैं, इनमें 9 पैरामिलिट्री फोर्स के साथ एक एचएपी की टुकड़ी भी लगाई गई है, इसके अतिरिक्त 600 के करीब होमगार्ड जवान पंजाब से बुलाए गए है जो बूथों पर पुलिस कर्मचारियों के साथ ड्यूटी देते नजर आएंगे। मतदान केंद्र में बिजली पानी की होगी सुविधा जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कैथल डी.सी डॉ विवेक भारती ने बताया कि कि कैथल जिले की चार विधानसभा सीटों में कुल 8 लाख 24 हजार 408 वोटर हैं। जिनमे कुल 386 लोकेशन पर 807 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, इनमे से 619 ग्रामीण क्षेत्र में तथा 188 शहरी क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं। इन सभी मतदान केंद्र में बिजली पानी व दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है, इसके साथ ही पूरे मतदान की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। क्यू एप के जरिए घर बैठे ही देख सकते हैं बूथ पर लंबी कतार कैथल डी.सी ने बताया कि शहरी मतदाता क्यू एप के जरिए अपने घर बैठे ही बूथ के बाहर लगी लाइन की अपडेट ले सकते हैं, इसमें संबंधित बीएलओ समय-समय पर बूथ के बाहर लगी लाइन की अपडेट डालता रहेगा, यह सेवा केवल कैथल शहर वासियों के लिए उपलब्ध रहेगी। 3116 पुलिस कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में रहेंगे तैनात पुलिस व्यवस्था को लेकर जिले में कल 3116 कर्मचारी चुनावी ड्यूटी पर है, इनमें 9 पैरामिलिट्री फोर्स की टुकड़ियों व एक एचएपी के साथ पंजाब से 600 के करीब होमगार्ड सहित 800 से अधिक जिला पुलिस के कर्मचारी तैनात है, इसके साथ किसी भी है अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी मौजूद रहेगा 8 लाख 24 हजार 804 मतदाता कल करेंगे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला गुहला विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किए गए 199 मतदान केंद्र, कलायत विधानसभा क्षेत्र में कुल 209 मतदान केंद्र, कैथल विधानसभा क्षेत्र में कुल 215 मतदान केंद्र तथा पूंडरी विधानसभा क्षेत्र में कुल 184 मतदान केंद्र हैं। 12 सितंबर 2024 को जारी गई सूची के अनुसार जिला की चारों विधानसभा में 8 लाख 24 हजार 804 मतदाता हैं, जिसमें 4 लाख 31 हजार 148 पुरुष मतदाता, 3 लाख 90 हजार 664 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 15 थर्ड जेंडर हैं।   recent visitors 107

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों और योजनाओं की आज समीक्षा हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए। हुनरमंद लाड़ली बहनों को चिन्हित कर लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा तो उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा। हितग्राही बहनों को यह लाभ दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सीएसआर फंड का उपयोग किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त जन सहयोग सराहनीय है। बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रदेश में 97 हजार 339 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 81 लाख महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य सहित विभिन्न कार्यक्रम की सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन), शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि, आंगनवाड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर शक्ति अभिनंदन अभियान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि महिलाओं के लिए प्रदेश में शक्ति सदन और सखी निवास संचालित हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है । वर्ष 2024 -25 में प्रदेश में 2 लाख 46 हजार 185 हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना शुरू होने से अब तक 1191 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना शामिल है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रावधान के अनुक्रम में एक जनवरी 2017 से प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 74

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 75 ट्रैक मशीन, रेल लाइनों के अनुरक्षण के लिए हैं तैनात

बिलासपुर  भारतीय रेलवे के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लगभग 5465 ट्रैक किलोमीटर रेल लाइन के साथ प्रतिदिन औसत लगभग 400 से भी अधिक ट्रेनों का परिचालन करती है । इतनी बड़ी संख्या में रेल लाइनों पर गाडि?ों के परिचालन से निश्चित ही रेल लाइनों का समयानूसार आवश्यक मेंटेनेंस कार्य की आवश्यकता होती है । अगर रेल लाइनों की बात की जाए तो यह मात्र लोहे के दो पटरियों को समतल जगह पर गिट्टी के ऊपर बिछाकर रेल चलाने जितनी सरल नहीं है । रेल परिचालन जितना महत्वपूर्ण है उतना ही जरूरी रेल पटरियों का मेंटेनेंस भी है । संरक्षा की दृष्टि से तो यह और भी अतिआवश्यक है । रेल लाइनों के मेंटेनेंस में मुख्य रूप से रेल लाइनों की लाइनिंग, लेवलिंग एवं अलाइनमेंट बहुत ही महत्वपूर्ण है इसके साथ ही साथ रेल लाइनों के नीचे बिछा हुआ गिट्टी या बैलास्ट, जो कि लाइनों के लिए कुशन का कार्य करती है तथा रेल लाइनों के ऊपर पड?े वाली गाडि?ों के भार को सही मात्रा में बाँटकर रेल यात्रियों के आरामदायक यात्रा को सुनिश्चित करने में मदद करती है । रेल यात्रियों के संरक्षित सफर को सुनिश्चित करने में रेल लाइनों के मेंटेनेंस कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है । नए जरूरतों को देखते हुए रेलवे द्वारा अत्यधिक आधुनिक मशीन का प्रयोग किया जा रहा है। इन अत्?याधुनिक मशीन के द्वारा रेल ट्रैक के रखरखाव से संबंधित अनेक प्रकार के कार्य सुगमता से सरलता से किए जाते हैं। मशीन के द्वारा कार्य में लागत अत्यधिक कम आती है, और साथ-साथ में रेल ट्रैक की भारी संरचना के कार्य को भी सरल एवं सुरक्षित तरीके से कर देती है जिससे ट्रैक कर्मियों की सुरक्षा भी बनी रहती है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तीसरी लाइन, चौथी लाइन एवं नई लाइन के निर्माण कार्य तथा कार्यरत लाइन के अनुरक्षण एवं मरम्मत के लिए मशीनों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण हो गई है । इसके के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेल में मैनपावर के साथ, उच्च तकनीक के मशीनों का भी इस्तेमाल करके आधुनिक ट्रैक मेंटेनेंस किया जा रहा है । नागपुर से झारसुगुड़ा मेन लाइन की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे की जा चुकी है । ऐसे में इन सेक्शनों की गति की गति में वृद्धि के साथ ही इस तरह की मशीनों की आवश्यकता तथा महत्ता और अधिक बढ़ गई है । इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रेल लाइनों का ट्रैक मशीनों के द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रैल2024 से सितंबर 2024 के दौरान 06 महीनों में 104 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूअल, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 49 किलोमीटर की तुलना में 112 प्रतिशत अधिक है, 133 किलोमीटर ट्रैक में गिट्टी की छनाई, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 59 किलोमीटर की तुलना में 125 प्रतिशत अधिक है, 96 टर्नआउट का रिन्यूअल, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 44 टर्नआउट रिन्यूअल की तुलना में 118 प्रतिशत अधिक है, तथा 3642 किलोमीटर प्लेन ट्रैक की टैंपिंग, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 2610 किलोमीटर की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है, का कार्य किया गया है । रेल लाइनों के मेंटेनेंस से संबंधित ये सारी उपलब्धियां गाडि?ों के परिचालन के साथ-साथ बेहतर प्लानिंग एवं सामंजस्य के साथ हासिल की गई है । ट्रैक मेंटेनेंस के दौरान दिन हो या रात, सर्दी हो या बरसात 24 घंटे रेल कर्मचारी एक-एक मिनट के समय का सदुपयोग करते हुए संरक्षित रेल परिचालन के लिए कार्य करता है । इसके साथ ही साथ इन्ही दौरान रेलवे लाइनों पर ट्रैको के रिनिवल एवं मेंटेनेंस करनेवाली मशीनों से भी कार्य लिया जाता है । वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने 75 ट्रैक मशीनों के साथ ट्रैक रखरखाव एवं अनुरक्षण के कार्य में मुस्तैदी के साथ कार्यरत है । ट्रैक मशीनों मे मुख्यत: सीएसएम, ड्योमैटिक, एमपीटी, यूनिमेट, बीसीएम, एफआरएम, बीआरएम, पीक्यूआरएस, टी28, आदि शामिल हैं । इस वित्तीय वर्ष दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अलग-अलग तरह के 11 और मशीन भी शामिल होने वाले है । इन मशीनों के संचालन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के ट्रैक मशीन विभाग में लगभग 700 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है । recent visitors 60