Tuesday, July 7, 2026 5:34 am

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मेधावी बच्चों को कोचिंग का भत्ता भी दिया जाएगा, हर माह मिलेंगे 8 हजार रुपए

भोपाल मध्य प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों के मेधावी बच्चों को राज्य सरकार इंजीनियरिंग, ला और मेडिकल कोर्स की कोचिंग कराएगी। इसके लिए मेधावी बच्चों को कोचिंग का भत्ता भी दिया जाएगा। मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ ने अपनी एकलव्य शिक्षा विकास योजना का विस्तार करते हुए यह नए प्रविधान किए हैं। इसके अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहकों, फड़ मुंशियों एवं प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के प्रबंधकों के मेधावी बच्चों को इसी वर्ष से 12वीं में 60 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण होने पर व्यावसायिक कोर्स जैसे इंजीनियरिंग एवं विधि (ला) और मेडिकल की कोचिंग के लिए भत्ता दिया जाएगा। 12 माह तक आठ हजार रुपये प्रति माह भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं रीवा संभागीय मुख्यालयों के लिए 12 माह तक आठ हजार रुपये प्रति माह, अन्य संभागीय मुख्यालयों के लिए छह हजार रुपये प्रति माह तथा संभागीय जिलों को छोड़कर शेष अन्य जिलों के लिए 3500 रुपये प्रति माह कोचिंग भत्ता दिया जाएगा। नौवीं से स्नातक तक पढ़ाई में आर्थिक मदद करता है संघ लघुवनोपज संघ वर्ष 2022-23 से एकलव्य शिक्षा योजना के तहत कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए 15 हजार रुपये, कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को 18 हजार रुपये, गैर तकनीकी स्नातक उपाधि प्राप्त अध्ययनरत विद्यार्थी के लिए 25 हजार रुपये एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए 60 हजार रुपये प्रति वर्ष छात्रवृत्ति प्रदान करता है। अब इंजीनियरिंग, ला और मेडिकल जैसी डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के लिए कोचिंग में भी मदद की जाएगी। मप्र में 16 लाख परिवारों के 41 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक मध्य प्रदेश में वनोपज तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले 16 लाख परिवार है और इनमें कुल 41 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक है। इनमें अधिकांश तेंदूपत्ता संग्राहक आदिवासी परिवार है जो जंगल से सटे गांवों में निवास करते हैं और केवल वन संपदा पर ही निर्भर हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी समय-समय पर आदिवासी परिवारों के उत्थान के लिए दिशा-निर्देश देते आए हैं। राज्यपाल की पहल ही वन विभाग इस दिशा में आगे बढ़कर पहल की है। recent visitors 83

राज्यपाल डेका बोले- सशस्त्र सैन्य प्रदर्शनी युवाओं के लिए प्रेरणा का अद्वितीय स्रोत

रायपुर रायपुर में आयोजित भव्य सशस्त्र सैन्य समारोह युवाओं के लिए प्रेरणा का एक अद्वितीय स्रोत है। यह दिखाता है कि भारतीय सेना में शामिल होने का अर्थ केवल एक नौकरी पाना ही नहीं है बल्कि अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पण की भावना से ओत-प्रोत होना है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रायपुर में सशस्त्र सैन्य समारोह के समापन अवसर पर उक्त बातें कहीं। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में विगत 05 अक्टूबर से आयोजित सशस्त्र सैन्य प्रदर्शनी का आज भव्य समारोह में समापन हुआ। इस कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि भारतीय सेना राष्ट्र सेवा का प्रतीक है, इसमें शामिल होकर राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाएं। सैन्य प्रदर्शनी के माध्यम से छत्तीसगढ़ के युवाओं में साहस और समर्पण की भावना उत्पन्न होगी। छत्तीसगढ़ के युवा भी सेना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे और देश की सुरक्षा में तत्पर रहेंगे। डेका ने कहा कि यह आयोजन हमे दिखाता है कि भारतीय सेना अब अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों से सुसज्जित है। यह आत्मनिर्भर भारत की ओर हमारा बढ़ता हुए कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस प्रगति की है। भीष्म टी-90 टैंक, स्ट्रेला मिसाइल और अन्य सैन्य उपकरण जो हम यहां देख रहे है, इस बात का प्रमाण है कि अपने संसाधनों और प्रतिभा का उपयोग करके हम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ताकतों में से एक बन रहे है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का शौर्य और वीरता अद्भुत है। हर सैनिक में त्याग, साहस और कर्त्तव्यपरायणता की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। इसमे महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। वे भी सेना के हर मोर्चे पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। हमारे जवानों का अदम्य साहस और कर्त्तव्य निष्ठा हमे यह सिखाता है कि जब देश की बात हो तो हमे सभी कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। भारतीय सेना न केवल युद्ध क्षेत्र में बल्कि आपदा राहत कार्यों, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और शांति बनाए रखने के प्रयासों और जीवन के साथ हमारी सम्पत्ति की रक्षा करती है। इसलिए हमारे सैनिकों और उनके परिजनों के हित और कल्याण के लिए हमें भी अधिक-अधिक योगदान करना चाहिए। समारोह के पूर्व श्री डेका ने सैन्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सेना के उच्च अधिकारियों ने भीष्म टी-90 टैंक सहित विभिन्न मिसाइल, अत्याधुनिक लड़ाकू हथियारों एवं अन्य सैन्य उपकरणों के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल श्री डेका ने शहीद जवानों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह में स्वागत भाषण रायपुर जिले के कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह ने किया। समारोह के दौरान एनसीसी के कैडेटों का शानदार घुड़सवारी प्रदर्शन, जाबांज सैनिकों का डेयर डेविल मोटर साइकिल शो, गोरखा रेजिमेंट का खुखरी डांस प्रस्तुतिकरण, हेलीकॉप्टर से सलामी, सैैन्य छापेमारी, मिलिट्री बैंड कॉन्सर्ट एवं अन्य विविध कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने छत्तीसगढ़ और ओड़िशा उप क्षेत्र के बिग्रेडियर अमन आंनद को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से मानपत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया। सेना के अधिकारियों ने उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक श्री विवेक शर्मा, सेना के अधिकारीगण, सैनिक, उनके परिजन, आम जनता, युवा,महिलाएं तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 53

भाजपा वरिष्ठ नेता सुरजीत कुमार बने री गुरु रविदास विश्व महापीठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय के अधीन श्री गुरु रविदास मंदिर न्यास तुगलकाबाद के सचिव और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरजीत कुमार को श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। महापीठ ने सोमवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि श्री सुरजीत कुमार पूर्व में महापीठ के राष्ट्रीय महामंत्री रहे हैं। महापीठ की कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया है और मध्यप्रदेश के सुरज कैरो और हरियाणा के सुरजभान कटारिया को संगठन मंत्री बनाया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार, हरियाणा में कैबिनेट मंत्री बनवारी लाल, बिहार में कैबिनेट मंत्री जनक राम, मध्यप्रदेश में मंत्री गौतम टेटवाल और दलीप अहिरवाल तथा महाराष्ट्र से लोकसभा सांसद भाऊसाहिब वाघ चौरे समेत आठ राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाये गये हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश से लोकसभा सांसद संध्या राय, हरियाणा से राज्यसभा सांसद कृष्ण पवार, उत्तरप्रदेश से लोकसभा सांसद अरुण कुमार और मध्यप्रदेश में विधायक प्रदीप लारिया समेत 14 लोगों को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। महापीठ में सात राष्ट्रीय महामंत्री और 26 राष्ट्रीय सचिव भी बनायें गये हैं। दो लोगों को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बीस लोग राष्ट्रीय प्रवक्ता बनायें गये हैं और 24 प्रदेश अध्यक्ष हैं। श्री सुरजीत कुमार ने बताया कि श्री गुरु रविदास मंदिर न्यास तुगलकाबाद केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय के अधीन है और उच्चतम न्यायालय की निगरानी में है। उन्होंने बताया कि श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ देश दुनिया के रविदास समाज के करोड़ों लोगों का सामाजिक संगठन है। पीठ की 26 राज्यों में शाखा हैं। पीठ 22 देशों में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में पीठ सबका साथ, सबका विकास, और सब का विश्वास के मंत्र के साथ काम रही है। राष्ट्र, देश और समाज को राष्ट्रीयता, समता,समरसता के सूत्र में बांधने का काम कर रही है। उन्होंंने बताया कि दिल्ली के तुगलकाबाद में अरावली पर्वत श्रंखला में स्थित श्री गुरु रविदास का मंदिर लगभग 700 वर्ष पुराना है और अनवरत समाज सेवा में हैं।   recent visitors 158

देश के नक्सल प्रभावित राज्यों को छत्तीसगढ़ में हाल में हुए सफल ऑपरेशन की रणनीति अपनाने की अपील की: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को देश के नक्सल प्रभावित राज्यों को छत्तीसगढ़ में हाल में हुए सफल ऑपरेशन की रणनीति अपनाने की अपील की। श्री शाह ने देश के नक्सल प्रभावित राज्यों में जारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक अहम बैठक में यह बात कही।उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी। इस बैठक की अध्यक्षता श्री शाह ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़ का हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ नक्सल विरोधी ऑपरेशन था, जिसमें राज्य की पुलिस ने 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ पुलिस की कुशल रणनीति और राज्य सरकार की योजनाओं की सफलता पर विशेष चर्चा की गई। श्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलों ने लगभग 194 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराए हैं। वहीं 801 नक्सली गिरफ्तार हुए एवं 742 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा आज भी जो युवा नक्सलवाद में लिप्त है उनसे आग्रह है कि हथियार छोड़ कर मुख्य धारा से जुड़े। सभी राज्यों ने आपके पुनर्वास के लिए बेहतर योजनाएं बनाई हैं उसका फायदा लीजिए। श्री शाह ने छत्तीसगढ़ में हुए सफल ऑपरेशन की तारीफ करते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे भी छत्तीसगढ़ की खुफिया तकनीकी और आपसी समन्वय के आधार पर अपने अपने राज्यों में ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पूरा समर्थन देगी। श्री साय ने बैठक में नक्सल ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने महीनों की मेहनत और प्लानिंग के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ऑपरेशन में करीब 1000 जवान शामिल थे, जिन्होंने 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित गवाड़ी पहाड़ को घेरकर 31 नक्सलियों को ढेर किया। इस ऑपरेशन में कई बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें 16 पर कुल 1 करोड़ 30 लाख का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में 18 पुरुष और 13 महिला नक्सली मारे गए।श्री साय ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि कैसे राज्य की पुलिस फोर्स ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल ऑपरेशन की सफलता पर ही नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा,“नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाई गई है। हम निरंतर गाँवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुंचा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।” श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लगातार मिल रहे मार्गदर्शन में हमने माओवादियों के कोर को तोड़ा। ऐसे एरिया में हमने 32 नये कैम्प स्थापित किये हैं, जिसे वो अपनी राजधानी तक कहते थे। उनकी बटालियन के कमांडर हिड़मा के गाँव में भी हमने कैंप स्थापित किया और उसकी माँ को भी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई। श्री साय ने छत्तीसगढ़ सरकार की आगे की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य नक्सलियों के बचे हुए गढ़ों को समाप्त करना और इन इलाकों में स्थाई शांति और विकास सुनिश्चित करना है। निकट भविष्य में, दक्षिण बस्तर में 29 नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जाएगी, ताकि नक्सलियों के प्रभाव को खत्म किया जा सके। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।   recent visitors 87

सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, उत्तम नगर विधानसभा के लोगों ने सीएम आतिशी से लगाई गुहार

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी बीते कई दिनों से दिल्ली की सड़कों पर हो रहे गड्ढों का जायजा लेते दिखाई दे रहे हैं। दिल्ली सरकार ने एक बार फिर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए काम शुरू कर दिया है। दिल्ली सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरे जेल जाने के बाद विकास के कई कार्यो को रोकने के साथ-साथ भाजपा के लोगों ने सड़क मरम्मत के कार्य को भी रोक दिया था। जिसकी वजह से पूरी दिल्ली की कई सड़कों में गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मेरे जेल जाने के बाद भाजपा ने दिल्ली की जनता को परेशान किया। हमारी सरकार के काम रोके। भाजपा के लोगों ने सड़कों की मरम्मत का काम भी रुकवा दिया। जेल से बाहर आने के बाद मैं और आतिशी सड़कों का मुआयना करने निकलें और मैंने आतिशी से कहा कि पीडब्ल्यूडी की जो सड़कें टूटी हुई हैं, उन्हें जल्द ठीक कराया जाए। सरकार ने इस ओर ध्यान दिया और जहां भी सड़कें टूटी हुई थीं, वहां मरम्मत का काम शुरू हो गया है।” अरविंद केजरीवाल ने बताया है कि दिल्ली में हमारी सरकार को लगभग 10 साल हो गये हैं। पिछले 9 साल में हमने जनता को कोई दिक्कत नहीं आने दी। हमने सभी सुविधाएं दिल्ली वालों को दी। लेकिन पिछले एक साल से भाजपा ने हमारे मंत्रियों को साजिशन जेल में डाल दिया। सरकार और दिल्ली के काम रोके और दिल्ली को ठप करने की कोशिश की। भाजपा ने तमाम जनहित के काम बंद कर दिए। अब हम सभी कामों को दोबारा चालू करायेंगे। इस दौरान लोगों को जो समस्याएं हुई, उनका निवारण करने का प्रयास करेंगे। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने एक साजिश रचकर अरविंद केजरीवाल को जेल में रखा। इस साजिश का मकसद ही दिल्लीवालों का काम रोकना था। लेकिन भाजपा की एक भी साजिश सफल नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को लताड़ते हुए अरविंद केजरीवाल को जमानत दी। आतिशी ने कहा है कि इसके बाद हमने पीडब्ल्यूडी की सड़कों का निरीक्षण किया और सारा डाटा पीडब्ल्यूडी की एप पर अपलोड किया। सड़कों के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि दिल्ली में पीडब्ल्यूडी की 89 सड़कों को पूरी तरह से रिकार्पेटिंग किया जाना है। इनमें से 74 सड़कों की मरम्मत के काम का टेंडर कर दिया गया है। 15 सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर किया जा रहा है और यहां भी काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कई सड़कों को पूरी तरह से बनाने की जरूरत नहीं है, वहां केवल मरम्मत कराए जाने की जरूरत है। इसमें से ज्यादातर काम कराया जा चुका है। आतिशी ने बताया है कि दिल्ली में कई जगहों पर विभिन्न एजेंसियों के काम की वजह से सड़क टूटी हुई हैं। इनकी जल्द ही पीडब्ल्यूडी के साथ बैठक कराई जाएगी और जल्द ही ऐसी सड़कों की मरम्मत की जायेगी। वहीं दिल्ली में न्यू रोहतक रोड की हालत सबसे ज़्यादा खराब है। इसके पीछे सड़क पर ज्यादा पानी होना कारण है। यहां पीडब्ल्यूडी द्वारा एक नया ड्रेन बनवाया जाएगा। इसके लिए 183 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया है। सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, उत्तम नगर विधानसभा के लोगों ने सीएम आतिशी से लगाई गुहार  राष्ट्रीय राजधानी स्थित उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को सड़कों पर बहते सीवर के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि चारों ओर बदबू फैली हुई है लेकिन सरकार सुध नहीं ले रही। स्थानीयों ने मुख्यमंत्री आतिशी से गुहार लगाई है। खफा भी हैं कि वो इलाके में आने वाली थीं लेकिन ऐन वक्त पर दौरा टाल दिया। दरअसल, उत्तम नगर विधानसभा के बिंदापुर इलाके के लोग पिछले कई महीनों से जल जमाव से परेशान हैं। यहां पर गली से लेकर मुख्य सड़क तक सीवर का पानी फैला हुआ है, जिससे 24 घंटे दुर्गंध आती है। यहां बीमारियों का खतरा बना ही रहता है। लोगों की माने तो हर घर में कोई न कोई बीमार है। गंदे पानी से होकर लोगों को निकलना पड़ता है। परेशान होकर प्रताप गार्डन के लोगों ने दिल्ली की नवनियुक्त सीएम आतिशी से समस्या के तुरंत निपटारे को लेकर गुहार लगाई। स्थानीय निवासी गुड्डू ने बताया कि वो प्रताप गार्डन में पिछले 30 साल से रह रहे हैं और स्थायी निवासी हैं। मुख्यमंत्री आतिशी करीब एक महीने पहले यहां का दौरा करने वाली थीं, लेकिन आनन-फानन में उनके इस दौरे का रूट बदलना पड़ा, क्योंकि यहां पर समस्या ज्यादा थी। यहां की समस्या को लेकर दिल्ली जल बोर्ड के आला अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन वो हमेशा नजरअंदाज करते रहे हैं। आतिशी जी अब मुख्यमंत्री बनी हैं, लेकिन सारे मंत्रालय वो पहले से ही देख रही थीं। मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि वो यहां पर आएं और समस्या का समाधान करवाएं। एक अन्य निवासी ने कहा कि आतिशी दिल्ली में जगह-जगह घूम रही हैं और सड़कों के गड्ढों को भरने का निर्देश दे रही हैं, तो हम चाहते हैं कि वो हमारे इलाके में भी आएं, जहां पर पिछले एक साल से हालात बिल्कुल खराब है। यहां पर छोटे-छोटे बच्चे बीमार हैं, किसी भी घर में चले जाइए, वहां पर डेंगू, टाइफाइड और पीलिया के पीड़ित मिलेंगे। हम आतिशी जी का ध्यान आकर्षित करने के लिए हाथों में तख्ती लेकर खड़े थे, ताकी वो अपना विधायक और पार्षद को यहां पर काम करने के लिए कहें। एक अन्य निवासी सचिन राजपूत ने बताया कि उत्तम नगर विधानसभा के अंतर्गत प्रताप गार्डन के अंदर हालत इतनी खराब है कि बीते 15 अगस्त को भी इस स्थिति में खड़े थे और दो अक्टूबर का स्वच्छता अभियान भी खत्म हो चुका है, तो भी हम इस स्थिति में खड़े हैं। उन्होंने बताया कि अगर एमसीडी वाले लोग आते हैं तो उनको पैसे देकर सफाई करानी पड़ती है। अगर चुनाव के समय में यह स्थिति है तो उससे पहले कितनी खराब स्थिति रही होगी। यहां पर हर घर के अंदर बीमारी फैली हुई है।     recent visitors 66

जम्मू-कश्मीर चुनाव के नतीजे आने से पहले किंग से ज्यादा किंगमेकर अहम हो जाएगा, वह महबूबा मुफ्ती भी हो सकती है

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आने वाले हैं, लेकिन उससे पहले एग्जिट पोल के अनुमानों ने हलचलें तेज की हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल्स में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के गठबंधन को 35 से 40 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, वहीं भाजपा के करीब 25 से 28 सीटों पर ही रुकने का प्लान है। 90 सीटों वाली विधानसभा में यदि कांग्रेस और एनसी का गठबंधन 40 सीटें भी ले आता है तो भले ही यह उनके लिए बड़ी सफलता हो, लेकिन सरकार बनाने से वे दूर रहेंगे। ऐसी स्थिति में किंग से ज्यादा किंगमेकर अहम हो जाएगा और वह हो सकती हैं, महबूबा मुफ्ती। वह पहले भी भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना चुकी हैं, लेकिन आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही उनकी भाजपा से दूरी लगातार बढ़ती गई है। फिलहाल वह भाजपा के खिलाफ ही लड़ती रही हैं। कांग्रेस और एनसी के साथ गठबंधन पर उन्होंने चुप्पी ही रखी है, लेकिन भाजपा के मुकाबले इन लोगों के साथ जाना वह सही समझ सकती हैं। फिर भी इसकी वह कीमत लेना चाहेंगी। यदि एनसी और कांग्रेस मिलकर 40 सीट भी लाए तो बहुमत से 6 सीट दूर होंगे और इतनी ही सीट यदि पीडीपी ले आई तो किंगमेकर बन जाएगी। अब यह भाजपा की स्थिति पर निर्भर करेगा कि पीडीपी कैसे बारगेन करती है। यदि भाजपा भी अच्छे नंबर लाई तो फिर पीडीपी उसका डर दिखाकर बड़ी कीमत ले सकती हैं। यहां तक कि कांग्रेस और एनसी पर वह सीएम बनाने का भी दबाव बना सकती हैं। कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए भी उनकी मांगों को खारिज करना आसान नहीं होगा। ऐसा इसलिए कि निर्दलियों के साथ सरकार बनाने से बेहतर है कि पीडीपी को ही साथ लिया जाए। ऐसे में देखना कि महबूबा मुफ्ती को कितनी सीटें मिलती हैं और भाजपा बहुमत के आंकड़े से कितना दूर रहती है। इस बीच भाजपा ने एक बार फिर सरकार बनाने लायक सीटें पाने का दावा किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि उनकी पार्टी 35 सीट जीतकर क्षेत्र में एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी और भाजपा समान विचारधारा वाले दलों एवं निर्दलीयों की मदद से सरकार बनाएगी रैना ने कहा कि पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार उपराज्यपाल द्वारा पांच विधायकों का मनोनयन किया जा रहा है। भाजपा नेता ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘हमें भरोसा है कि जम्मू-कश्मीर में 35 सीटें जीतेंगे और निर्दलीय एवं समान विचारधारा वाले समूहों के सहयोग से हम सरकार बनाने के लिए बहुमत के आंकड़े 50 को पार कर जाएंगे। निर्दलीय एवं समान विचारधारा वाले समूहों के उम्मीदवारों के करीब 15 सीटें जीतने की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा, ‘लोगों ने विकास और शांति के हमारे दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए हमें वोट दिया है।' recent visitors 87

हरियाणा विधानसभा चुनाव: नतीजे आने से पहले ही भूपिंदर सिंह हुड्डा ने दिल्ली में डाला डेरा, कहा-न टायर्ड हूं और न रिटायर्ड

नई दिल्ली हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले भूपिंदर सिंह हुड्डा दिल्ली पहुंच गए हैं। वह यहां पार्टी लीडर राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। इससे पहले हुड्डा ने दिल्ली में मीडिया से भी बात की और कहा कि मैं न तो टायर्ड हूं और न ही रिटायर्ड हूं। इसके साथ ही हुड्डा ने संकेत दे दिए कि वह सीएम की रेस में बने हुए हैं। उन्होंने खुलकर तो इतना ही कहा कि हाईकमान और विधायक तय करेंगे कि सीएम कौन बनेगा, लेकिन खुद को टायर्ड और रिटायर्ड से परे बताकर सीनियर हुड्डा ने अपनी दावेदारी तो जता ही दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रिजल्ट से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस के मुख्यालय पहुंचे। उनके इस तरह से दिल्ली आने से हरियाणा कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। इस दौरान हरियाणा प्रभारी दीपक बावरिया ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मुलाकात की‌। माना जा रहा है कि हुड्डा आज शाम राहुल गांधी के साथ भी मीटिंग कर सकते हैं। हुड्डा रात में अपने दिल्ली स्थित आवास पर रुकेंगे। भूपेंद्र हुड्डा को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन कांग्रेस की कुमारी सैलजा, सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी मुख्यमंत्री पद के लिये अपनी-अपनी दावेदारी ठोक दी है। एग्जिट पोल के मुताबिक हरियाणा में कांग्रेस बहुमत से जीत रही है। हुड्डा, कुमारी सैलजा और सुरजेवाला सीएम पद की दौड़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले कई महीनों से भूपेन्द्र हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला के बीच खींचतान जारी है। चुनाव के नतीजों से पहले ही हुड्डा ने अपने समर्थक उम्मीदवारों से बातचीत शुरू कर दी है। वहीं सैलजा और सुरजेवाला को आलाकमान से उम्मीद बनी हुई है। तीनों ही नेता खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल बता रहे हैं। सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होने के सवाल पर हुड्डा ने कहा था कि राजनीति में कोई भी आकांक्षा रख सकता है। मुख्यमंत्री पद के लिए एक तय प्रक्रिया होती है। पार्टी आलाकमान का फैसला करेगा और वहीं सर्व मान्य होगा। मतदान से पहले सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुकी सैलजा कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं कर रखा है। रणनीति के तहत बिना चेहरे के ही चुनाव लड़ा गया। हालांकि, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले दो बार सीएम रह चुके हैं और तीसरी बार के लिए भी मजबूत दावेदार हैं। कुमारी सैलजा मतदान से पहले ही सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुकी हैं। मतदान से दो दिन पहले कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंची। दोनों के बीच करीब आधे घंटे बातचीत हुई थी। कुमारी सैलजा भी कर चुकी हैं सोनिया गांधी से मीटिंग सोनिया गांधी से मुकालात करने के बाद कुमारी सैलजा ने किसी से बात नहीं की। वो मीडिया से बात किए बगैर कार में वहां से निकल गईं। दोनों नेताओं की मुलाकात ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी थी। अब सुरजेवाला भी जल्द ही हाईकमान के दरबार भी पहुंच सकते हैं। हुड्डा अभी तक हाईकमान की ओर से फ्री हैंड रहे हैं। पहले हुड्डा अपने समर्थक चौधरी उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनाने में कामयाब रहे। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी ज्यादातर उनके ही समर्थकों को टिकट मिले। recent visitors 77