Wednesday, July 8, 2026 10:23 pm

जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित

आंखों की सुरक्षा के लिये स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना है ज़रूरी : उप मुख्यमंत्री शुक्ल 10 अक्टूबर को "चिल्ड्रन लव योर आईज" थीम पर मनाया जाएगा विश्व दृष्टि दिवस जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर होंगे आयोजित भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व दृष्टि दिवस पर कहा है कि आंखों की सुरक्षा केवल बाहरी कारकों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि हम सभी नेत्र स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन दें। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खट्टे फल और विटामिन ए, सी, और ई से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए, जो नेत्र स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से आंखों का व्यायाम, पर्याप्त नींद और आंखों को आराम देना भी जरूरी है। स्क्रीन टाइम करें कम, बच्चों को बाहर खेलने के लिये करें प्रेरित उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कई अनुसंधानों से यह तथ्य सामने आए हैं कि आज के समय में स्क्रीन टाइम के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बच्चों को दिन में कुछ समय बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि प्राकृतिक रोशनी का आंखों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डिजिटल उपकरणों का उपयोग सीमित करें और हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए आंखों को आराम देने की आदत डालें। सही समय पर बच्चों की आंखों की जांच कराई जाए ताकि गंभीर नेत्र रोगों से बचाव किया जा सके। नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। नेत्रदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नेत्रदान महादान है। नेत्रदान से किसी व्यक्ति के जीवन का प्रकाशमय किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। उल्लेखनीय है कि विश्व दृष्टि दिवस प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस " चिल्ड्रन, लव योर आईज" की थीम पर मनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेत्रदान के लिए भी लोगों को जागरूक एवं प्रोत्साहित कर पंजीयन करवाया जा रहा है। नेत्रदान के इच्छुक लोग राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800114770 से विस्तृत जानकारी लेकर स्वैच्छिक पंजीयन करवा सकते हैं। विश्व दृष्टि दिवस (10 अक्टूबर) में आंखों की देखभाल के प्रति जागरूकता, आंखों की सुरक्षा और दृष्टि संरक्षण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित होंगे, जिसमें नेत्र रोग विशेषज्ञों और नेत्र सहायकों द्वारा आंखों की जांच एवं नेत्र देखभाल की सलाह दी जाएगी। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आंखों की देखभाल के लिए परामर्श कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा । अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 7 लाख से अधिक नागरिक हो चुके हैं मोतियाबिंद मुक्त नेत्र रोगों के उपचार एवं देखभाल के लिए राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत विगत वर्षों में प्रदेश में मोतियाबिंद के कुल 7,70,866 ऑपरेशन कर नागरिकों को रोग मुक्त बनाया गया। 4 हजार अंधत्व से ग्रसित नागरिकों को कॉर्निया प्रत्यारोपण कर उन्हें रोशनी प्रदान की गई है। वर्ष 2023-24 में 10 जिलो में अत्याधुनिक फेको इमुल्सिफिकेशन मशीने प्रदाय की गयी, जिससे उच्च तकनीकी से मोतियाबिंद ऑपरेशन किये जायेंगे। वर्ष 2023-24 में कुल 15,98,081 विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया गया। 65,937 विद्यार्थियों एवं 1,23,013 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्में वितरित किए गये। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक मोतियाबिंद के 1,63,600 ऑपरेशन, 2 हज़ार 232 नेत्र परीक्षण शिविर, 32,627 वृद्धजन एवं 5,313 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे का वितरण और 625 केराटोप्लास्टी की गयी हैं। वर्तमान वर्ष में 840 व्यक्तियों ने नेत्रदान किया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में चिकित्सकीय दल द्वारा आंखों की जांच की जाती है। कार्यक्रम के तहत जन्मजात दृष्टिदोष जैसे मोतियाबिंद , भेंगापन का उपचार निशुल्क किया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत विगत वित्तीय वर्ष में 173 आनुवांशिक मोतियाबिंद, 24 रेटिनोपैथी और विज़न इम्पेयरमेंट के 7457 बालकों को लाभान्वित किया गया है।   recent visitors 79

आरबीआई ने वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.3 और 7.2 से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत किया

मुंबई  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उपभोक्ता मांग तथा निवेश बेहतर रहने की संभावना के बीच चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने दूसरी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही। पहले इसके 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। इसके अलावा आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को क्रमश: 7.3 और 7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने अगस्त में अपनी पिछली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के 7.2 प्रतिशत पर रहने का ही अनुमान लगाया था। गवर्नर दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि भारत की वृद्धि गाथा कायम है क्योंकि वृद्धि को रफ्तार देने वाले कारक उपभोग तथा निवेश मांग में मजबूती है। उन्होंने कहा, ‘‘कुल मांग में महत्वपूर्ण हिस्सा रखने वाले निजी उपभोग की संभावनाएं बेहतर हैं क्योंकि कृषि परिदृश्य और ग्रामीण मांग की स्थिति बेहतर हुई है। सेवाओं में तेजी से शहरी मांग को भी समर्थन मिलेगा। केंद्र और राज्यों के सरकारी खर्च के बजट अनुमान के अनुरूप तेजी पकड़ने की उम्मीद है।’’ गवर्नर ने कहा कि उपभोक्ता और कारोबारी भरोसे से निवेश गतिविधियों को लाभ होगा। इसके अलावा सरकार निवेश पर जोर दे रही है और बैंकों तथा कॉरपोरेट जगत का बही-खाता भी मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमारा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहेगी। दूसरी तिमाही में इसके सात प्रतिशत, तीसरी में 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।’’   मुद्रास्फीति पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, अन्यथा यह फिर बढ़ सकती है: आरबीआई गवर्नर  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बुधवार को 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि केंद्रीय बैंक को कीमतों की स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी और ‘‘मुद्रास्फीति’’ पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, नहीं तो इसमें फिर से तेजी आ सकती है। गवर्नर ने यह भी कहा कि लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्य (एफआईटी) ढांचे को 2016 में लागू किए जाने के बाद से आठ वर्ष पूरे हो गए हैं और यह भारत में 21वीं सदी का एक प्रमुख संरचनात्मक सुधार है। केंद्रीय बैंक ने एफआईटी के तहत यह सुनिश्चित किया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बनी रहे। आरबीआई ने 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को 4.5 प्रतिशत पर कायम रखा है। महंगाई दर के दूसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए मुद्रास्फीति के 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं। दास ने कहा, ‘‘ प्रतिकूल आधार प्रभाव तथा खाद्य पदार्थों कीमतों में तेजी से सितंबर में महंगाई दर में तेजी देखने को मिल सकती है। अन्य कारकों के अलावा 2023-24 में प्याज, आलू और चना दाल के उत्पादन में कमी इसकी प्रमुख वजह होगी।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि अच्छी खरीफ फसल, अनाज के पर्याप्त भंडार और आगामी रबी मौसम में अच्छी फसल की संभावना से इस वर्ष की चौथी तिमाही में कुल मुद्रास्फीति की दर में क्रमिक रूप से नरमी आने का अनुमान है। दास ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में मुद्रास्फीति के ऊपर जाने का जोखिम है। अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। जुलाई और अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह आधार प्रभाव है। दास ने कहा कि खाद्य कीमतों में निकट अवधि में तेजी की आशंका के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमत को लेकर जो स्थितियां बन रही हैं उससे आगे कुल मुद्रास्फीति में कमी आने का संकेत मिलता है।     आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की चालू वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं- * मुख्य नीतिगत दर रेपो लगातार दसवीं बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत। * फरवरी 2023 से रेपो दर में बदलाव नहीं। * मौद्रिक नीति रुख को बदलकर ‘तटस्थ’ किया गया। * यह पुनर्गठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पहली बैठक थी। * चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर बरकरार। * दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान सात प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत। * चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.5 प्रतिशत पर कायम। * यूपीआई123पे (फीचर फोन के लिए) प्रति लेनदेन सीमा दोगुनी कर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * यूपीआई लाइट वॉलेट की सीमा बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन सीमा बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * एमपीसी की अगली बैठक चार से छह दिसंबर को होगी।       recent visitors 65

PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड मुख्यमंत्री आवास को सील कर , गेट पर डबल लॉक लगाया

 नई दिल्ली दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है. कारण, PWD ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास को सील कर दिया है. इसके गेट पर विभाग ने डबल लॉक लगा दिया है. अरविंद केजरीवाल द्वारा सीएम पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद इस सरकारी आवास को खाली किया गया था. वहीं आतिशी सीएम बनने के बाद इसमें शिफ्ट हुई थीं. आवास को खाली करने और हैंडओवर को लेकर ही विवाद है, जिसके बाद पीडब्लूडी ने एक्शन लिया है. इसके अलावा दिल्ली के विजिलेंस डिपार्टमेंट में पीडब्ल्यूडी के दो सेक्शन ऑफिसर और अरविंद केजरीवाल के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी को तरीके से हैंडओवर लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से दिल्ली की सियासत गरमाई हुई है, जहां अब दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी बन तो गई हैं लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री आवास आवंटित नहीं हुआ है, जिसको लेकर आप सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी सीएम आवास पर कब्जा करना चाहती है. संजय सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से भारतीय जनता पार्टी झूठ और भ्रम फैलाने के काम में लगी हुई है और कई हथकंडे दिल्ली में अपनाए हैं. हमारी पार्टी को तोड़ने का प्रयास किया. 27 साल से BJP दिल्ली में चुनाव हार रही है. चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को खत्म करने का प्रयास किया. उसके बाद हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को तोड़ने का प्रयास किया. उसमें भी फेल हो गए और किसी को तोड़ नहीं पाए तो अब मुख्यमंत्री के आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. बीजेपी पर लगाया यह आरोप उन्होंने आगे कहा कि मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि जब अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली किया, तब भी इन्होंने दुष्प्रचार फैलाया. उन्होंने पेपर दिखाते हुए कहा कि यह प्रमाण पत्र है कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया है. यह उसका प्रमाण है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी को उस आवास में जाना था लेकिन मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह आवास सीएम आतिशी को आवंटित नहीं किया जा रहा है. अब जो चुनाव नहीं जीत पाते और मुख्यमंत्री नहीं बना पाते वह मुख्यमंत्री आवास पर कब्जा करना चाहते हैं. चुनावी नतीजों पर कही यह बात इसके साथ ही संजय सिंह ने मंगलवार को आए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजे पर आज तक वह थर्मामीटर नहीं मिला जो यह तय करता हो कि हमने किसी पार्टी का वोट लिया हो. हम जाती धर्म की बात नहीं करते है, हम स्वास्थ्य, शिक्षा की बात करते है जो हर जाति धर्म के लोगों को मिलता है. इसलिए लोग चाहते है कि ऐसी पार्टी आए जो सबकी बात करती है.जम्मू कश्मीर में आप पार्टी एक सीट पर चुनाव जीती है, पूरे चुनाव में वहां पर केजरीवाल के मॉडल की बात की गई. देश के 5 वें राज्य में आप पार्टी की एंट्री हो चुकी है यह हमारे लिए सुखद बात है   केजरीवाल ने खाली किया विवादों से सुर्खियों में रहा आवास  दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज अपना सरकारी आवास खाली कर दिया. राजनीति में आने से पहले दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अरविंद केजरीवाल परिवार के संग रहते थे. जब वे पहली बार 2013 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे, तब आईटीओ के समीप तिलक लेन के सरकारी फ्लैट मैं कुछ समय तक रहे. दोबारा वर्ष 2015 में जब पूर्ण बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब से लेकर अभी तक अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस स्थित इसी सरकारी आवास में रह रहे थे. शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा. इसी आवास के एक हिस्से में मुख्यमंत्री कार्यालय भी चल रहा था. लेकिन वर्ष 2020 में जब तीसरी बार केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने तब इस सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण का फैसला लिया गया. उसके बाद से यह सरकारी आवास विवादों के चलते सुर्खियों में आ गया. विपक्ष ने इसे शीशमहल का नाम दिया. इसके सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च हुए और तब से आम आदमी पार्टी में केजरीवाल के करीबी नेताओं को ही इस आवास में एंट्री थी. बाहर से आए आगंतुकों के लिए एक क्षेत्र विशेष तक ही सीमित रखा गया था. आज आखिरकार यह आवास छोड़कर अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के सांसद अशोक मित्तल को नई दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित बंगला नंबर 5 में परिवार संग शिफ्ट हो रहे हैं.   सरकारी आवास के रेनोवेशन में 45 करोड़ खर्च, हो रही है जांच सिविल लाइंस 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित इस सरकारी आवास में रेनोवेशन के नाम पर करीब 45 करोड़ खर्च हुए हैं. कांग्रेस नेता अजय माकन और बीजेपी नेता मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी ने इसकी शिकायत की तब उपराज्यपाल ने इस मामले की अनियमितता की जांच दी. सरकारी आवास में हुए रेनोवेशन के संबंध में एलजी ने तत्कालीन मुख्य सचिव से विस्तृत जानकारी मांगी थी और इससे संबंधित सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने को कहा था. सुनीता केजरीवाल ने सौंपी घर की चाबियां दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह सौंदर्यीकरण नहीं था पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया घर बनाया गया और वहां उनका कैंप ऑफिस भी है. खर्च लगभग 45 करोड़ रुपये हुए हैं. लोक निर्माण विभाग ने ऑडिट के बाद इसके जीर्णोद्धार की रिपोर्ट दी थी. पुराने ढांचे के स्थान पर एक नया ढांचा बनाया गया है. दस्तावेज के अनुसार निर्माण पर 43.70 करोड़ की स्वीकृति राशि के मुकाबले कुल 44.78 करोड़ रुपये सिविल लाइंस में के 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर केजरीवाल के सरकारी आवास पर खर्च हुए हैं. लोक निर्माण विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 1970 के आसपास इस घर का निर्माण हुआ था और यह घर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को रहने के लिए बनाया गया था. अरविंद केजरीवाल ने छोड़ा मुख्यमंत्री आवास सरकारी आवास के आंतरिक साज-सज्जा पर करोड़ों खर्चउपराज्यपाल को सरकारी आवास के सौंदर्यीकरण पर पानी की तरह करोड़ों खर्च करने की … Read more

लड़ाई-झगड़ा न करने साले को समझा रहा था जीजा, उतारा मौत के घाट

कोरबा कोरबा जिलान्तर्गत सिविल लाइन थाना के सिंगापुर क्षेत्र में महिला सिपाही के पति की हत्या करने वाले कथित आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सिविल लाइन एसएचओ प्रमोद डडसेना ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक अपने साले को लोगों से लड़ाई-झगड़ा न करने हेतु समझा रहा था। इस बात से नाराज साले ने घर में रखे कुल्हाड़ी से जीजा की हत्या कर दी। फिलहाल कथित आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। कोरबा में पदस्थ महिला सिपाही सुक्रिता सिंह कंवर के पति के कथित हत्यारे को सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार की रात 46 वर्षीय शिव प्रसाद कंवर की कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की खबर पर पुलिस ने एक्शन मोड में काम करते हुए मृतक के साले यानी उसकी होमगार्ड पत्नी महिला सिपाही सुकृति सिंह कंवर के भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो हत्या का राज खुल गया। पुलिस द्वारा दी जानकारी के अनुसार मृतक शिव प्रसाद अपने साले को घर मे पनाह दी थी और उसका छोटेमोटे खर्च भी उठाता था। मंगलवार की रात बस्ती में किसी विवाद की बाद कहते हुए कथित आरोपी किसी को जान से मारने की बात कह रहा था। जिस पर मृतक ने उन्हें समझाने का प्रयास करते हुए लड़ाई न करने सलाह दी। इससे नाराज साले द्वारा घर मे रखे कुल्हाड़ी से जीजा की हत्या कर देने की बात कही जा रही हैं। रात में महिला सिपाही ड्यूटी पर थी और उनका बेटा गरबा खेलने गया था। इस दौरान शिव प्रसाद क्लास उसके ही घर के आंगन में रक्तरंजिश हालत में मिली थी जहां घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा वर्मा और सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच कार्यवाही शुरू की आरोपी को पकड़ने फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। इस मामले में पुलिस मृतक के ही साले को आरोपी बनाया है बता जा रहा है कि शराब के नशे मे जीजा के घर पहुचा जहां वह अकेले था इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसने टांगी से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया फिर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शराब के नशे में हत्या करना बताया है जहाँ आगे की कार्रवाई कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। recent visitors 93

युवाओं को कर रही नशे से भी दूर, छत्तीसगढ़-बिलासपुर में गरीब बच्चों को पढ़ाएगी महिला दुर्गोत्सव समिति

बिलासपुर. नवरात्र के दौरान भव्य दुर्गा पंडाल और साज सज्जा की कहानी तो आपने बहुत देखी होगी, लेकिन बिलासपुर के मिनी बस्ती इलाके में झुग्गी झोपड़ियां के बीच महिलाओं की एक ऐसी दुर्गोत्सव समिति है, जिसने बस्ती के बच्चों की पढ़ाई लिखाई और युवाओं को नशे से दूर रखने का जिम्मा उठाया है. महिलाएं तीन साल से यह काम कर रहीं बिलासपुर के जरहाभाटा इलाके में स्थित मिनी बस्ती के महिला दुर्गोत्सव समिति के सदस्यों ने बस्ती में लगातार फैल रहे नशे के काले बादल को हटाने के लिए एक नई पहल शुरू की है. समिति के सदस्य नवरात्र के 9 दिनों तक बस्ती के बच्चों को पढ़ाने और शिक्षा के प्रति उनकी लगन जगाने का प्रयास कर रहे हैं. दरअसल बिलासपुर का मिनी बस्ती इलाका अत्यंत पिछड़े इलाकों में आता है और यहां के युवा नशे की गिरफ्त में घिरते जा रहे हैं. गरीब बच्चों को कापी-किताब भी बांट रहे मिनी बस्ती के शिव मंदिर परिसर में बीते 3 सालों से महिलाओं की समिति दुर्गा प्रतिमा की स्थापना करती आ रही है. नवरात्र के दौरान पूरे 9 दिन समिति के सदस्य स्थानीय बस्ती के बच्चों को पढ़ाते-लिखाते नजर आते हैं. साथ ही उनके घरों में संपर्क करके शिक्षा के लिए बच्चों के साथ-साथ परिजनों को जागरूक कर रहे हैं. नशे की गिरफ्त में जा रहे युवाओं को जागरूक करने के साथ नशे से दूर रहने की प्रेरणा भी दे रहे हैं. साथ ही समिति की महिलाएं इलाके के गरीब बच्चों को कापी किताब और शिक्षा में जरूरी अन्य सामग्री का वितरण भी करती हैं, जिससे बच्चों को पढ़ाई-लिखाई करने में कोई असुविधा न हो. recent visitors 111

मानव तस्करी का खुलासा, दुर्ग पुलिस ने एक दंपति समेत तीन आरोपियों को मुंबई से किया गिरफ्तार

दुर्ग दुर्ग में पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक दंपति समेत तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। तीनो आरोपी विदेश में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर सायबर स्कैम का काम करवाया करते थे। साथ ही उनके पासपोर्ट जप्त कर लिए जाते थे। इस मामले में पुलिस दो अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। प्रदेश में जिसके तहत आरोपी नौकरी लगने के नाम पर लोगों को गल्फ कंट्री भेजा करते थे भिलाई का भी एक व्यक्ति भारत आने के बाद उसने अपनी शिकायत साइबर पुलिस से की इसके बाद पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की। जिसमे मुंबई के गोरेगांव में गोल्डन लिंक सर्विस के नाम से दो एजेंट भारत से लोगों को गल्फ कंट्री भेजा करते थे पकड़े जाने के बाद गिरोह के अन्य लोगो की पतासाजी में जुट गई है। विदेश में दूसरे प्रदेशों के 10 से अधिक लोगो वहां फंसे है जो भारत आना चाहते है उनके लिए। दुर्ग पुलिस ने भारत सरकार से भी पत्राचार करेगी।मुंबई में गोल्डन ट्रायंगल सर्विस एजेंसी खोलकर सीधे-साधे लोगों को गल्फ कंट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर पहले उनसे लाख रूपये लेकर विदेश भेज जाता है उसके बाद एजेंट का कमीशन भी लिया जाता था इस मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर की जगह उनसे साइबर स्कैम का काम कराया जाता था। भिलाई के भी एक युवक इनके झांसे में आ गया। उसे कंबोडिया के लाओस भेजा गया। लेकिन वहा उसके पासपोर्ट को जप्त कर उसे मानसिक प्रताड़ना दिए जाने लगा। इस बीच उससे किसी भी तरीके का एग्रीमेंट नहीं किया गया था। जिससे परेशान होकर शिकायतकर्ता युवक द्वारा भी प्लेसमेंट एजेंसी पर लगातार दबाव बनाने लगा। जिसके कारण एजेंसी ने उसे भारत भेज दिया। भारत वापस आने के बाद अपनी आप बीती और शिकायत को उसने दुर्ग पुलिस के उच्च अधिकारियों को बताया। जिसके बाद पुलिस की सायबर एक्सपर्ट टीम ने इस मामले में अपराध दर्ज कर तफ्तीश आगे बढ़ाया। और मुंबई के गोरेगांव स्थित गोल्डन लिंक सर्विस के नाम से संचालित एजेंसी के माध्यम से साजन,उनकी पत्नी और  रफी खान मिलकर लोगों को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर ₹200000 की वसूली किया करते थे लेकिन विदेश में जाने के बाद यह लोग उनके ग्रुप से जुड़े लोग उनसे साइबर स्कैम करवाया करते थे भिलाई का शिकायतकर्ता भी उनके जब चुंगल से छूटकर भारत आया जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की गिरफ्तार में जुट गई थी। आईपीएस चिराग जैन ने बताया कि शिकायतकर्ता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी में जुट गई थी पुलिस ने तीनो आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है तीनो आरोपी विदेश में नौकरी लगाने के नाम पर एजेंट के रूप में काम करते थे और कमीशन लेते थे। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को ओमान लाओसा में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम बताकर उसके वहां साइबर स्कैम का काम कराया जा रहा था। पुलिस विदेश में फंसे अन्य लोगो को भारत लाने का प्रयास कर रही है वही 2 अन्य फरार लोगो की पतासाजी में जुट गई है। recent visitors 61

लोगों ने की तारीफ, छत्तीसगढ़-बीजापुर में गरबे में युवाओं संग थिरके पूर्व मंत्री गागड़ा

बीजापुर. नवरात्र के अवसर पर चारों तरफ माता के जयकारे गूंज रहे. जगह-जगह गरबा का आयोजन भी किया जा रहा है, जहां भक्त माता रानी के भजनों पर थिरक रहे. वहीं बीजापुर में गरबा उत्सव में शिरकत करने पहुंचे पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा भी खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए. गरबा की धुन पर युवाओं संग गागड़ा जमकर थिरके, जिसकी लोगों ने तारीफ भी की. पूर्व मंत्री गागड़ा ने इस अवसर पर कहा कि गरबा हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है. इसे प्रोत्साहित करने प्रतिबद्ध हैं. गरबा के माध्यम से संस्कृति को आगे बढ़ाना, नई पीढ़ी में उत्साह जगाना हमारा कर्तव्य भी है. इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पूर्व मंत्री के नृत्य की जमकर तारीफ की और युवाओं को उत्साहवर्धन की सराहना भी की. लोगों ने कहा कि पूर्व मंत्री का प्रदर्शन अनोखा था, जिसने लोगों के दिल को छुआ. recent visitors 67