Wednesday, July 8, 2026 8:58 pm

रतलाम में 3 करोड़ का सोना लेकर भागा व्यापारी, ग्राहकों को दिखाने के लिए 7 कारोबारियों से मांगे थे

रतलाम  जिले के चांदनी चौक क्षेत्र में एक सर्राफा व्यापारी 3 करोड़ के सोने के जेवरात लेकर फरार हो गया. व्यापारी ने अपने ही साथी सर्राफा व्यापारियों के 4 किलो सोने के आभूषण का चूना लगाया. भाविका ज्वेलर्स का संचालक जीवन सोनी ने जेवरात ग्राहकों को दिखाने के लिए दूसरे ज्वेलरी शोरूम से बुलाए थे, लेकिन उसने जेवरात वापस नहीं लौटाए और 4 किलो सोने के जेवरात लेकर रफूचक्कर हो गया. आरोपी का नाम जीवन सोनी है, जो शहर के त्रिपोलिया गेट क्षेत्र में भाविका ज्वेलर्स के नाम से फर्म चलाता है. 4 किलो का सोना लेकर फरार साथी ज्वेलर्स जीवन सोनी ने शाम तक आभूषण वापस दुकानों पर नहीं लौटाए, तो व्यापारियों को शक हुआ. जिसके बाद वे शिकायत करने माणक चौक थाने पहुंचे. जहां अन्य व्यापारी भी इसी तरह की शिकायत लेकर पहुंचे थे. जब सभी व्यापारियों के ज्वेलरी की कीमत और वजन का मिलान किया गया तो यह आंकड़ा 4 किलो सोने तक जा पहुंचा. जिसकी वर्तमान कीमत 3 करोड़ रुपए है. पुलिस द्वारा तलाश किए जाने पर आरोपी जीवन सोनी की स्कूटी इंदौर रोड पर चौपाल सागर के पास खड़ी मिली है. गायब सोने की कीमत 3 करोड़ रुपए दरअसल, सराफा बाजार में व्यापारियों के बीच ग्राहकों को बेचने के लिए ज्वेलरी का आदान-प्रदान चलता है. जिसका फायदा उठाकर भाविका ज्वेलर्स के संचालक जीवन सोनी ने अपने ही साथियों को करोड़ों रुपए का चूना लगा दिया. ऐसा आरोप है कि आरोपी जीवन सोनी ने अपने परिवार को पहले उज्जैन जिले के एक गांव में शिफ्ट कर दिया. उसके बाद वह 3 करोड़ के जेवरात लेकर फरार हो गया. पुलिस इस पूरे मामले में आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही है और आरोपी की तलाश में जुटी हुई है. बहरहाल पुलिस ने सर्राफा व्यापारियों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. माणक चौक थाना पुलिस आरोपी की कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है. recent visitors 74

युवाओं से चर्चा कर साथ में चखे फरा-चटनी, छत्तीसगढ़-रायपुर की तक्षशिला लाइब्रेरी पहुंचे डिप्टी सीएम साव

रायपुर. छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजधानी में रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यों का निरीक्षण किया। रायपुर के घड़ी चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित बीपीओ, मोतीबाग के पास तक्षशिला स्मार्ट रीडिंग जोन और जयस्तंभ चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित इनक्युबेशन सेंटर 'आरंभ' में युवाओं के बीच पहुंचे। इस दौरान प्रशिक्षण और कार्यों की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री साव ने घड़ी चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित बीपीओ के भ्रमण के दौरान यहां काम कर रहे और प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से मुलाकात की। उनके कार्यों के बारे में जाना। उन्होंने युवाओं से चर्चा कर बीपीओ में उनके कार्यानुभव और करियर के बारे में पूछा। उन्होंने यहां हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संचालित कोचिंग-क्लास का भी अवलोकन किया। डिप्टी सीएम साव ने तक्षशिला स्मार्ट रीडिंग जोन और लाइब्रेरी का भ्रमण कर यहां विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने यहां पढ़ने आए बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई, परीक्षाओं की तैयारी और लाइब्रेरी में मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। उन्होंने लाइब्रेरी में संस्कृति स्वसहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन की व्यवस्था देखी। उन्होंने साव ने कैंटीन में बच्चों के साथ बैठकर फरा-चटनी, सैंडविच और कुल्हड़ में चाय का स्वाद भी लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, रूचियों, करियर और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अपनी शुभकामनाएं दीं। डिप्टी सीएम ने जयस्तंभ चौक के पास मल्टी-लेवल पार्किंग में संचालित इनक्युबेशन सेंटर 'आरंभ' का भी अवलोकन किया। वे यहां ई-कॉमर्स, स्टार्ट-अप और ई-मार्केटिंग का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से मिले और उनसे चर्चा कर प्रशिक्षण एवं उनके कार्यों की जानकारी ली। recent visitors 79

नई प्रतिभायें कभी हिम्मत न हारे, सपना देखना बंद नहीं करें : मिथुन चक्रवर्ती

नई दिल्ली, बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने कहा है कि नई प्रतिभाओं को कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिये और सपना देखना बंद नहीं करना चाहिये। 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मिथुन चक्रवर्ती को सिनेमा जगत के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें सम्मानित किया है। मिथुन चक्रवर्ती ने दादा साहब फाल्के अवॉर्ड जीतने पर खुशी जाहिर की है। मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, फिल्म मृगया के लिये पहला राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद लोगों से मुझे खूब बधाइयां मिली, जिसके बाद मेरा दिमाग थोड़ा सा खराब होने लगा था।मुंबई में एक स्क्रीनिंग रखी गई थी, जिसमें कहा गया था कि मृगया यदि अच्छी लगी तो उसका वितरण किया जाएगा। इसके बाद जब उन्होंने स्क्रीनिंग के आयोजक से फिल्म के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि फिल्म तो अच्छी लगी, लेकिन मैं सोच रहा हूं कि तुम कपड़ों में कैसे दिखोगे।उनकी बात सुनकर मैं चौंक गया। इसके बाद मुझे याद आया कि मृगया में मैंने जो किरदार निभाया है उसने ऊपर कपड़े नहीं पहने थे। मैं खुद को अल-पचीनो समझने लगा था, फिर मुझे एक लात पड़ी, तो अकल आई। मेरे रंग की वजह से मुझे कुछ सुनने को मिला। मिथुन चक्रवर्ती ने कहा,कहा जाता था कि ये बॉलीवुड में ये काला रंग नहीं चलेगा। मैं सोचता था कि करूं क्या, मैं भगवान से कहता था कि हे भगवान इस रंग का क्या करूं, ये तो बदल नहीं कर सकता, तो मैंने सोचा मैं पैरों से डांस करूंगा, मैं ऐसा डांस किया पैरों से, इतना थिरका कि लोगों का ध्यान मेरे पैरों पर गया ही नहीं। उस दिन के बाद से मैं बन गया सेक्सी, डस्की, बंगाली बाबू।मैं भगवान से बहुत शिकायत करता था, लेकिन आज ये अवॉर्ड मिलने के बाद मैंने ये शिकायत करना छोड़ दिया। मैंने सिर्फ शुक्रियाअदा किया।मैं नए लोगों से कहूंगा कि हिम्मत नहीं हारना, सपना देखना कभी बंद नहीं करना। खुद सो जाना लेकिन सपनों को कभी सोने नहीं देना। मैं कुछ बन सकता हूं तो तुम भी बन सकते हो। recent visitors 77

बरियावाला ट्रस्ट का क्षमावाणी एवं सम्मान समारोह सम्पन्न

जबलपुर दीपक सेठी विगत दिवस भेड़ाघाट स्थित होटल ऑप्शन लॉन से श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर बरियावाला ट्रस्ट एवं सकल जैन समाज का क्षमावाणी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, आयोजन के मुख्य अतिथि श्री तुषारकांत विद्यार्थी, समारोह अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश जैन (CA) प्रदेश कोषाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी,  विशिष्ट अतिथि डॉ. श्रेयांश बड़कुल, श्री महेन्द्र चौधरी थे।       कार्यक्रम का शुभारंभ श्री जी के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ, मंगलाचरण श्रीमती अमीता जैन ने किया, स्वागत गीत श्रीमती मणि सांधेलिया और शिखा विकास जैन ने एवं स्वागत नृत्य  की उत्कृष्ठ प्रस्तुति श्री लवली वर्षा जैन की सुपुत्री कु. वारिधी जैन ने दी।   कार्यक्रम उदघोषिका प्रो.डॉ. ज्योति जैन ने सभी मंचासीन अतिथियों का संक्षिप्त परिचय दिया, मुख्य अतिथि श्री टी के विद्यार्थी जी का स्वागत डॉ. यतीश जैन, चिंतामणी जैन, इंजी. कीर्ति चंदेलिया ने किया।, समारोह अध्यक्ष श्री अखिलेश जैन CA का स्वागत इंजी. सुनील जैन, राजेश जैन, संजय सेठ एवं श्रीमती मणि चौधरी ने किया सभी विशिष्ठ अतिथियों एवं ट्रस्ट अध्यक्ष का स्वागत इंजी. संतोष जैन, एड. धन्य कुमार जैन, विकाश शिखा जैन, सनत जैन, विनोद जैन, प्रमोद संघी, शशांक जैन ने किया। स्वागत उद्बोधन में ट्रस्ट अध्यक्ष सुनील सिंघई ने मंचासीन अतिथियों का अभिनंदन किया एवं ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी दी। ट्रस्ट कोषाध्यक्ष चिंतामणी जैन ने  आय व्यय का लेखा-जोखा अपने प्रतिवेदन में प्रस्तुत किया। साथ ही मन्दिर जी के प्रति सभी दानदाताओं की उदारता की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए सभी को बधाई दी एवं धन्यवाद किया। मुख्य अतिथि श्री टी के विद्यार्थी जी ने सफल आयोजन के लिए ट्रस्ट कमेटी को बधाई दी और क्षमावाणी पर्व का महत्व बतलाया साथ ही समाज के युवा वर्ग को वर्तमान परिवेश में सजगता से कार्य करने का सुझाव दिया और हमारे बुजुर्गों के साथ समय बिताने उनके अनुभवों का लाभ लेंने पर जोर दिया। समारोह अध्यक्ष श्री अखिलेश जैन CA ने सभी को दशलक्षण पर्व की शुभकामनाएं दीं और क्षमावाणी पर्व के अवसर पर सभी से क्षमा मांगी एवं सभी को क्षमा किया, उन्होंने मध्य प्रदेश शासन की योजनाओं की जानकारी दी और सभी को योजनाओं का लाभ लेंने के लिए प्रोत्साहित किया। ट्रस्ट के द्वारा समाज की बुजुर्ग महिलाओं का सम्मान अतिथियों एवं महिला मण्डल से कराया गया। दशलक्षण पर्व मैं दस उपवास करने वाले साधकों का, समाज के प्रतिभाशाली बच्चों  एवं अनन्त चौदस के दिन आयोजित लाडू निर्माण प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः तुलसीराम जी, डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री जी एवं इंजी. सुनील जैन के परिवार के द्वारा पुरस्कृत किया गया। अंत में महिला मण्डल के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। आयोजित क्षमावाणी एवं सम्मान समारोह का सफल मंच संचालन होम साइंस कॉलेज की प्रो. डॉ. ज्योति जैन एवं भानुप्रिया चौधरी ने किया। recent visitors 70

अगले दिन पहुंचे रेंजर ने सामान्य मौत का दिया गैरजिम्मेदाराना बयान, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में हिरण का तीर से शिकार

गरियाबंद। जंगल पर मनुष्यों के बढ़ते अतिक्रमण के बीच वैसे ही वन्य जीव असहाय हैं. ऐसे में वन विभाग के जिम्मेदारों की वन्य जीवों के प्रति असंवेदनशीलता ज्यादा कष्टकारक हो जाती है. ऐसा ही एक मामला पांडुका वन परिक्षेत्र में देखने को मिला, जहां तीर लगने से मृत हिरण तक पहुंचने में रेंज अफसर को 24 घंटे लग गए. जब तक वे मौके पर पहुंचते तब तक कुत्ते नोचकर खा गए थे, यहां तक शव पोस्टमार्टम के भी लायक नहीं बचा था. पांडुका वन परिक्षेत्र के ग्राम विरोडार पहुंच मार्ग से केवल 100 मीटर दूर हिरण का शव दिखने की जानकारी सोमवार सुबह चरवाहों ने स्थानीय लोगों को दिया. झाडियों में मृत मिले हिरण को तीर लगा हुआ था, और उसे कुछ लोग मौके पर जलाने का प्रयास भी करते दिखे. ग्रामीणों को आते देख जारकिन छोड़ कर शिकारी भाग खड़े हुए. जिसकी सूचना तत्काल पांडुका वन परिक्षेत्राधिकारी संतोष चौहान देते हुए मोबाइल पर उन्हें फोटो भी भेजा गया. उन्होंने तत्काल मौके पर टीम भेजने की बात तो कही, लेकिन उन्होंने 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे. ग्रामीण वन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक हिरण के आधे से ज्यादा हिस्से को कुत्ते नोच कर खा चुके थे. रही-सही हड्डियां आस-पास बिखरी पड़ी थी. पशु चिकित्सा अधिकारी केपी शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के लायक शव की स्थिति नहीं है. शव के आधे से ज्यादा अंग गायब हैं. शव में तीर चुभा हुआ था, जिसे वन अमले को सौंप दिया गया है. वन अमले ने आनन-फानन में पंचनामे की कार्रवाई कर बचे-खुचे शव का अंतिम संस्कार मौके पर कर दिया. रेंजर की लेट-लतीफी को लेकर ग्रामीणों में रोष दिखा. इसकी वजह जब रेंजर से पूछी गई तो उन्होंने इसे सामान्य बात कहकर टाल दिया. वहीं, इस बात की जानकारी जब डीएफओ लक्ष्मण सिंह को दी गई, तो उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए फोटो भेजने को कहा, जिससे वे जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें. डीएफओ को फोटो तो भेज दिया, लेकिन अब देखना है कि लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कब कार्रवाई होती है. recent visitors 75

दंतेवाड़ा-नारायणपुर की सीमा पर 31 नक्सलियों की मौत के बाद अब घायल 3 नक्सलियों की भी मौत, आकंड़ा पहुंचा 34

जगदलपुर  दंतेवाड़ा-नारायणपुर की सीमा पर बीते दिनों थुलथुली की पहाड़ियों पर सुरक्षाबल के साथ हुए मुठभेड़ में 31 नक्सलियों की मौत के बाद अब घायल 3 नक्सलियों की मरने की खबर आ रही है. इस तरह मुठभेड़ में मरने वाले नक्सलियों की संख्या 34 पहुंच चुकी है. वहीं 6-7 और नक्सली घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें उपचार नहीं मिल पा रहा है. दरअसल, मुठभेड़ स्थल पर कुछ मीडियाकर्मी पहुंचे हुए थे. इसी दौरान थुलथुली और गावड़ी के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने जंगल में नक्सलियों को अपने 3 साथियों के शवों को जलाते हुए देखा है. वहीं दूसरी ओर दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय ने भी कहा है कि सोमवार को 3 नक्सलियों के शव जलाने की खबर मिली है, लेकिन वे इसकी पुष्टि अभी नहीं कर सकते. इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. जानिए क्यों साथ नहीं ले जा सके साथ बताया जाता है कि मुठभेड़ स्थल पर करीब 60 नक्सलियों का जमावड़ा था. ऐसे में मारे गए नक्सलियों की संख्या शेष बचे नक्सलियों से ज्यादा हो गई थी. एक नक्सली के शव को ठिकाने लगाने के लिए कम से कम दो लोगों की जरूरत पड़ती है. ऐसे में नक्सली चाहकर भी मारे गए साथियों के शवों को साथ नहीं ले पाए. जवानों के भारी पड़ने पर मौके से भाग निकलने में ही उन्होंने अपनी भलाई समझी. बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबल के साथ मुठभेड़ में 8-10 नक्सली घायल हुए हैं, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है. वहीं जो शेष हैं, उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है. ऐसे में इनमें से भी कुछ की मौत से इंकार नहीं किया जा सकता. यदि ऐसा होता है तो मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. कमांडर कमलेश भी हुआ घायल एसपी गौरव रॉय के अनुसार, मुठभेड़ में दंडकारण्य कमेटी सदस्य व 5 राज्यों में मोस्ट वांटेड नक्सली लीडर कमलेश के घायल होने का अंदेशा है, क्योंकि स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य नीति उर्फ उर्मिला के साथ मौके पर उसके भी होने की चर्चा थी. संभवतः कमलेश घायल होने के बाद अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकलने में सफल हो गया. उसके घायल होने की वजह से भी नक्सली कमजोर पड़ गए. recent visitors 46

डेविड बेकर, डेमिस हस्साबिस और जॉन एम. जंपर को केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया

नई दिल्ली साल 2024 का केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार डेविड बेकर, डेमिस हस्साबिस और जॉन एम. जंपर को दिया गया है. इन तीनों ने मिलकर 50 सालों से चली आ रही वैज्ञानिक पहेली को सुलझाया है. इनकी स्टडी की बदौलत ही कई वैक्सीन और दवाएं बनी हैं. भविष्य में और बेहतर मेडिकल ट्रीटमेंट इनकी स्टडी के आधार पर लोगों को मिलेगा. अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के प्रोफेसर डेविड बेकर कहते हैं कि जिंदगी की शुरूआत जिस स्पर्म या अंडे से होती है. या फिर अकेले अपने दम पर बच्चे पैदा करने वाला जीव ही क्यों न हो. ये सब प्रोटीन से होता है. डेविड बेकर ने अपनी जिंदगी प्रोटीन के नाम कर दी. उन्होंने एकदम नए प्रकार के प्रोटीन खोजे और बनाए. लंदन स्थित गूगल डीप माइंड्स के डेमिस हस्साबिस और जॉन एम. जंपर ने प्रोटीन का आकार पता करने के लिए AI मॉडल बनाया. इससे प्रोटीन को समझने की 50 साल पुरानी समस्या खत्म हो गई. प्रोटीन एक अमेजिंग केमिकल टूल है. यह आपके शरीर में होने वाले सभी रिएक्शन और इमोशन को कंट्रोल करता है. प्रोटीन ही आपका सबसे बड़ा देवता, यही चलाता है पूरा जीवन आपको कब गुस्सा आएगा. कब प्यार आएगा. कब आप काम के लिए फोकस होंगे. कब आप बच्चों का प्रजनन करेंगे. ये सारा काम प्रोटीन करता है. ये प्रोटीन्स आपके शरीर में हॉर्मोन्स की तरह काम करते हैं. सिग्नल देने वाले पदार्थ बन जाते हैं. बीमारियों के समय एंटीबॉडी बन जाते हैं. इसके अलावा ऊतकों का निर्माण करने वाले बिल्डिंग ब्लॉक्स भी. प्रोटीन ही दुनिया का सबसे बड़ा बिल्डिंग ब्लॉक है. इससे ही कई प्रकार के जीवन का निर्माण होता है. आमतौर पर प्रोटीन में 20 प्रकार के अमीनो एसिड्स होते हैं. जो जीवन को चलाते हैं. 2003 में डेविड ने इन्हीं अमीनो एसिड्स की मदद से नया प्रोटीन बनाया. जो पहले से मौजूद किसी प्रोटीन से नहीं मिलता था. तब से लेकर इनका समूह कई प्रकार के प्रोटीन बना चुके हैं. जिनका इस्तेमाल दवा कंपनियां वैक्सीन, नैनोमैटेरियल और सूक्ष्म सेंसर्स बनाने के लिए करते हैं.  इन दोनों साल 2020 में प्रोटीन का AI मॉडल बनाया. जिसका नाम है AlphaFold2. इसकी मदद से 20 करोड़ प्रोटीन्स के ढांचे की स्टडी की जा सकती है. इस मॉडल के जरिए ही कई प्रोटीन्स के आकार और आकृति का पता चला है. इसका इस्तेमाल 190 देशों में 20 लाख से ज्यादा लोग कर रहे हैं.  recent visitors 76