हिज्बुल्लाह के खात्मे तक चलता रहेगा ऑपरेशन, 10 हजार इजरायली सैनिक लेबनान के अंदर

बेरुत इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में 130 कस्बों और गांवों से हिज्बुल्लाह आतंकियों को भगा दिया है. यानी इतनी जगहों पर इजरायल का ग्राउंड ऑपरेशन चल रहा है. इस बीच, उत्तरी सीमा पर हुए एक मोर्टार हमले में दो इजरायली रिजर्व सैनिकों की मौत हो गई है. जिसके बाद इजरायल ने लेबनान में और सैनिकों को भेजने की तैयारी कर ली है. इसका मतलब ये है कि बहुत जल्द लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ प्रचंड युद्ध होगा. इजरायल की मिलिट्री ने और सैनिकों को लेबनान के अंदर ग्राउंड ऑपरेशन के लिए उतारा है. यानी हिज्बुल्लाह आतंकियों के सफाए के लिए लेबनान में भारी गोलीबारी होगी. हिज्बुल्लाह भी इस बीच लगातार उत्तरी इजरायल की तरफ रॉकेट दाग रहा है. वेस्ट बैंक सीमा पर ओरानित में 25 वर्षीय मास्टर सार्जेंट एते अजुले और हेरत इलाके में वारंट ऑफिसर अवीव मेगन मोर्टार हमले में मारे गए. दोनों ही इजरायली डिफेंस फोर्सेस की एलीट 5515 कॉम्बैट मोबिलिटी यूनिट के सदस्य थे. एक तीसरा सैनिक भी बुरी तरह से जख्मी हुआ है. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है. हिज्बुल्लाह के खात्मे तक चलता रहेगा ऑपरेशन इजरायल ने सीमित, लोकल और टारगेटेड हमले वाला मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया था. ताकि सीमा के आसपास लेबनान के अंदर मौजूद हिज्बुल्लाह के ठिकानों को खत्म किया जा सके. इसके लिए इजरायल ने पहले ही लेबनानी लोगों को शहर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह दिया था. इजरायली सेना ने साफ कहा है कि अगर जरूरत बढ़ती रही तो हम सैनिकों की संख्या और मिलिट्री ऑपरेशन की तीव्रता को बढ़ाते रहेंगे. ये काम अगले ही कुछ हफ्तों में हो जाएगा. अभी एकदम ताजा निर्देश अवाली नदी के पास मौजूद दो दर्जन गांवों के लिए है, ताकि वो अपने घरों को खाली करके चले जाएं. 10 हजार इजरायली सैनिक लेबनान के अंदर 6 अक्टूबर 2024 की रात में लेबनान में तीसरी इजरायली डिविजन भी घुस चुकी है. दो डिविजन पहले से मौजूद थी. हजारों इजरायली सैनिक लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन में लगे हैं. इस समय करीब 10 हजार इजरायली सैनिक लेबनान के अंदर ग्राउंड क्लियरेंस में लगे हैं. इजरायली डिफेंस फोर्सेस के 98वें और 36वें डिविजन के सात 91वीं गैलीली रीजनल डिविजन लेबनान के अंदर मिशन कर रही है. गैलीली रीजनल डिविजन ही लेबनान सीमा की सुरक्षा करती आई है. लेबनान के दक्षिणी इलाके में हिज्बुल्लाह के छोड़े हुए हथियारों का बड़ा जखीरा इजरायल को मिला है. इजरायल को आशंका है कि हिज्बुल्लाह फिर से 7 अक्टूबर जैसा हमला करने की साजिश कर रहा है.   recent visitors 64

भारत ट्रेकोमा उन्मूलन के क्षेत्र में तीसरा देश बन गया, डब्ल्यूएचओ ने दिया प्रमाण पत्र

नई दिल्ली  आंखों के रोग ट्रेकोमा के उन्मूलन में भारत सरकार ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंगलवार को भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में ट्रेकोमा के उन्मूलन के लिए प्रमाण पत्र सौंपा है। इसके साथ ही भारत ट्रेकोमा के उन्मूलन में इस क्षेत्र में तीसरा देश बन गया है। ट्रेकोमा आंखों का एक रोग है जो ‘क्लैमाइडिया ट्रेकोमैटिस’ नामक बैक्टीरिया से संक्रमण की वजह से होती है। संक्रमित व्यक्ति की आंखों और नाक से स्राव होने और उसके संपर्क में आने से यह बीमारी होती है। इस बैक्टीरिया से संक्रमित लोगों की आंखों और नाक के संपर्क में आने वाली मक्खियां भी इसे फैलाती हैं। ट्रेकोमा के मामले अब भी 44 देशों में देखने को मिलते हैं और विश्वभर में 19 लाख लोग इसके कारण दृष्टिहीनता से पीड़ित हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि भारत की सफलता का श्रेय सरकार के मजबूत नेतृत्व और नेत्र रोग विशेषज्ञों तथा स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के अन्य संवर्गों की प्रतिबद्धता को जाता है। उन्होंने सक्रिय ट्रेकोमा की प्रभावी निगरानी, निदान और प्रबंधन, ट्राइकियासिस के लिए शल्य चिकित्सा सेवाओं का प्रावधान तथा समुदायों के बीच जल, स्वच्छता और सफाई, विशेष रूप से चेहरे की सफाई को बढ़ावा देने के लिए भागीदारों के साथ मिलकर काम किया।     recent visitors 144

विश्व पिकलबॉल चैम्पियनशिप 12 से17 नवंबर तक मुंबई में

मुंबई  अखिल भारतीय पिकलबॉल संघ (एआईपीए) पहली बार भारत में प्रतिष्ठित विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप (डब्ल्यूपीसी) सीरीज की मेजबानी करने के लिए तैयार है। डब्ल्यूपीसी सीरीज 12-17 नवंबर तक मुंबई में होगी। चैंपियनशिप के वियतनाम और बाली चरण में अत्यधिक सफल होने के बाद, जहाँ भारतीय टीमों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल किए थे, डब्ल्यूपीसी 2024 में दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ पिकलबॉल प्रतिभाओं को एक साथ लाया जाएगा। वर्ल्ड पिकलबॉल लीग (डब्ल्यूपीबीएल) द्वारा संचालित, वर्ल्ड पिकलबॉल चैंपियनशिप सीरीज़, भारत में ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पोलैंड और सिंगापुर जैसे छह से सात देशों के लगभग 650 खिलाड़ी भाग लेंगे। एआईपीए के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने एक बयान में कहा, हमें विश्व पिकलबॉल चैम्पियनशिप सीरीज़ को भारत में लाने पर बहुत गर्व है। यह पिकलबॉल समुदाय के लिए न केवल भारतीय मंच पर वैश्विक प्रतिभाओं को देखने का एक शानदार अवसर है, बल्कि हमारे लिए सभी स्तरों पर खेल के विकास को बढ़ावा देने का भी एक मौका है। हम अपने घरेलू मैदान पर इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप और खिलाड़ियों की मेज़बानी करने के लिए उत्साहित हैं, और उम्मीद करते हैं कि हम विभिन्न पीढ़ियों और भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों को पिकलबॉल को प्रतिस्पर्धी करियर और अवकाश गतिविधि दोनों के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। पिकलबॉल ग्लोबल और डब्ल्यूपीसी सीरीज के संस्थापक जान पापी ने अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, हम पहली बार भारत में आयोजित होने वाली विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप सीरीज को देखकर रोमांचित हैं। भारत में सभी स्तरों पर इस खेल के लिए अविश्वसनीय क्षमता है, और हम भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिकलबॉल की प्रोफ़ाइल को और बढ़ाने के लिए एआईपीए के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं। डब्ल्यूपीसी को अपने घर लाने की एआईपीए की पहल के साथ, मैं इस प्रतिष्ठित वैश्विक चैंपियनशिप में भारत द्वारा लाई गई ऊर्जा और जुनून का अनुभव करने के लिए उत्सुक हूं। पिकलबॉल, जिसमें टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के तत्वों का मिश्रण है, वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते खेलों में से एक है, और भारत में इस खेल को अपनाने वाले उत्साही लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। डब्ल्यूपीसी सीरीज भारत और उसके बाहर खेल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने का वादा करती है। एआईपीए का उद्देश्य भारत में इस खेल को लोकप्रिय बनाना और पूरे देश में खेल का जमीनी स्तर पर विकास सुनिश्चित करना है। एआईपीए ने पहले ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करके और उन्हें कौशल, आहार, शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक स्वास्थ्य में प्रशिक्षण प्रदान करके अपना जुड़ाव और विकास कार्यक्रम शुरू कर दिया है। संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों की निगरानी में कंडीशनिंग की जाएगी। विश्व पिकलबॉल चैम्पियनशिप 12 से17 नवंबर तक मुंबई में  विश्व पिकलबॉल चैंपियनशिप (डब्ल्यूपीसी) 12 से 17 नवंबर तक मुंबई में आयोजित की जाएगी जिसमें दुनिया भर के लगभग 650 खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। अखिल भारतीय पिकलबॉल संघ (एआईपीए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले यह प्रतियोगिता वियतनाम और बाली में आयोजित की गई थी जिसमें भारतीय टीमों ने अच्छा प्रदर्शन करके कई पदक जीते थे। आयोजकों के अनुसार मुंबई में होने वाली प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पोलैंड, सिंगापुर जैसे देशों के लगभग 650 खिलाड़ी भाग लेंगे। एआईपीए के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने विज्ञप्ति में कहा,‘‘इससे पिकलबॉल से जुड़े लोगों को भारत में वैश्विक प्रतिभा देखने का मौका मिलेगा। यह हमारे लिए सभी स्तरों पर खेल के विकास को बढ़ावा देने का भी मौका है।’’ पिकलबॉल टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस के मिश्रण वाला खेल है।   recent visitors 71

आस्था, आध्यात्म और उन्नति की भूमि बना अतुल्य दंतेवाड़ा, दंतेश्वरी कॉरिडोर पर्यटकों को कर रहा आकर्षित

दंतेवाड़ा नवनिर्मित मां दंतेश्वरी कॉरिडोर नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं का स्वागत करने को तैयार है। कभी माओवादियों के उग्रवाद से प्रभावित रहा दंतेवाड़ा अब पर्यटन, आस्था और आध्यात्म की भूमि के रूप में विकसित हो रहा है। दंतेश्वरी कॉरिडोर, मां दंतेश्वरी मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है। यह कॉरिडोर उज्जैन में निर्मित महाकाल लोक कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया गया है। कॉरिडोर के अंतर्गत डंकिनी नदी पर विशाल रिवर फ्रन्ट, मंदिर तक एक सड़क, भव्य प्रवेश द्वार, कमल आकृति के फव्वारे, दीप स्तंभ एवं 30 दुकानों का निर्माण किया गया है। इस कॉरिडोर के अंतर्गत मध्य भारत का सबसे बड़ा ज्योतिकक्ष (जोत कलश भवन) निर्मित किया गया है। भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण में राजस्थान के सिकंदरा से मंगाए गए पत्थरों का प्रयोग किया गया है। त्रिदेव स्थानम में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। मणि मेला आयोजन स्थल का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण किया गया है। नदी किनारे भव्य घाट का निर्माण किया गया है। कॉरिडोर में निर्मित बाजार से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। पुरातात्विक एवं धार्मिक स्वरूप में निर्मित यह कॉरिडोर आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है। बस्तर की अराध्य लोकदेवी मां दंतेश्वरी का मंदिर दंतेवाड़ा में शंखिनी एवं डंकिनी नदी के संगम पर स्थित है। दंतेश्वरी शक्तिपीठ भारत का 52वां शक्तिपीठ है। ऐसा माना जाता है कि शंखिनी एवं डंकिनी नदी के संगम तट पर माता सती का दांत गिरा था, इसलिए यह पवित्र स्थल दंतेश्वरी शक्तिपीठ कहलाया। बस्तर के सम्भागीय मुख्यालय जगदलपुर से इस शक्तिपीठ की दूरी 84 किमी है। यहां 1 वर्ष में तीन बार नवरात्रि मनाई जाती है। तीसरी नवरात्रि को आदिवासी समाज फागुन माह में पूरे 10 दिन के लिए मनाता है। जिसे फागुन मढ़ई (आखेट नवरात्रि) के नाम से जाना जाता है। पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं में उत्साह की नई उमंग शक्तिपीठ में कॉरिडोर का निर्माण होने से शक्तिपीठ की भव्यता अब और व्यापक हो गई है। कॉरिडोर का निर्माण होने से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय निवासियों में हर्ष व्याप्त है। स्थानीय निवासी मंजू देवी बताती हैं कि कॉरिडोर बनने से मंदिर की रौनक और बढ़ गई है, कॉरिडोर बनने के बाद अब ज्यादा भक्त माता के दर्शन के लिए आ सकते हैं, रिवर फ्रंट सुंदर दिखाई देता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में आने वाले पर्यटकों को यह कॉरिडोर बेहद लुभा रहा है। कॉरिडोर की आध्यात्मिक थीम पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। नागपुर से मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे पर्यटक अमित कुमार कहतें हैं कि दंतेश्वरी मंदिर आने का अनुभव बेहद ही अच्छा रहा। जिस तरह से इस पवित्र स्थल का सौंदर्यीकरण किया गया है वह अद्भुत है। मैं पहले भी यहां मां के दरबार में आ चुका हूँ, आज जब 3 साल बाद यहां पहुंचा तो इस भव्य कॉरिडोर को देखकर काफी सुखद अनुभूति हुई। आईएएस विनीत नंदनवार के प्रयास ला रहे रंग दंतेवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर विनीत नंदनवार ने कॉरिडोर निर्माण कार्य को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर तेजी से इसका निर्माण कार्य शुरू कराया था। उन्होंने मंदिर समिति को भरोसे में लेते हुए इस कॉरिडोर की पूरी योजना तैयार की। सभी संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया, कलेक्ट्रेट स्तर पर ही निर्माण के लिए जरूरी फंड स्वीकृत कराते हुए तीव्र गति से कार्य को आगे बढ़ाया। उनके प्रयासों का परिणाम है कि मां दँतेश्वरी मंदिर परिसर में बना यह कॉरिडोर पर्यटकों को लुभा रहा है, श्रद्धालुओं एवं आस्था के बीच के सूत्र को मजबूती प्रदान करते हुए आर्थिक उन्नति की राह तैयार कर रहा है। recent visitors 102

अलर्ट ! उम्र भर की कमाई पर एक झटके में हाथ साफ कर जाएंगे स्कैमर्स, काम आएंगी ये टिप्स

नई दिल्ली  पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की डेट नजदीक आ रही है। यह पेंशनर के जीवित होने का सबूत होता है। इसे जमा नहीं किए जाने पर पेंशन मिलनी बंद हो सकती है। पेंशनर्स को हर साल उस वित्तीय संस्थान में जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है जहां से उसे पेंशन मिलती है। इस बीच केंद्र सरकार ने पेंशनर्स को एक अलर्ट जारी कर व्हाट्सएप पर चल रही एक धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी जारी की है। जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की डेट करीब आने के साथ ही धोखेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। वे पॉपुलर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के जरिए पेंशनर्स को निशाना बना रहे हैं। जीवन प्रमाण पत्र एक अनिवार्य दस्तावेज है। पेंशनर्स को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए इसे जमा कराना जरूरी होता है। घोटालेबाज पेंशनर्स को फर्जी संदेश भेजकर इसका फायदा उठा रहे हैं। इसमें वे पेंशनर्स को एक लिंक भेजकर दावा कर रहे हैं कि अगर इस पर जीवन प्रमाण पत्र अपडेट नहीं किया तो पेंशन रोक दी जाएगी। सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) के एक प्रवक्ता ने कहा कि पेंशनर्स को मैसेज भेजकर व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। कैसे काम करता है धोखेबाज पेंशनर्स को व्हाट्सएप पर मैसेज मिलता है। इनमें दावा किया जाता है कि पुराने जीवन प्रमाण पत्र के कारण उनकी पेंशन खतरे में है। इसमें एक लिंक दिया जाता है और पेंशनर्स से कहा जाता है कि वे इस पर अपने बैंक खाते का विवरण या पीपीओ नंबर अपडेट करें। पेंशनर्स की व्यक्तिगत जानकारी मिलने के बाद स्कैमर्स इसका गलत यूज कर सकते हैं। वे पेंशनर्स के अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं। धोखेबाजों से कैसे बचें सरकार इस बात पर जोर देती है कि जीवन प्रमाण पत्र के बारे में कभी भी व्हाट्सएप या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जानकारी नहीं मांगी जाती है। पेंशनर्स को सोशल मीडिया पर आए किसी भी लिंक पर संदिग्ध क्लिक नहीं करना चाहिए या अटैचमेंट डाउनलोड न करें। कभी भी व्हाट्सएप के माध्यम से बैंक खाते का विवरण या पीपीओ नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। जीवन प्रमाण के बारे में किसी भी जानकारी के लिए अपने बैंक या आधिकारिक सीपीएओ वेबसाइट से संपर्क करें। घोटाले की रिपोर्ट यदि आपको कोई संदिग्ध संदेश मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। आप मैसेज को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर फॉरवर्ड कर सकते हैं या स्थानीय पुलिस स्टेशन से संपर्क कर सकते हैं। क्यों हो रहा है स्कैम? सबसे पहले ये सवाल उठता है कि अचानक से ये स्कैम क्यों चर्चा में आया और क्यों सरकार लोगों को सावधान रहने के लिए कह रही है। यहां हम इन सभी सवालों का जवाब देंगे।     भारतीय पेंशनधारकों को हर साल अपने जीवन प्रमाण पत्र( Jeevan Pramaan Certificate) को जमा करना होता है और ये समय अब करीब आ रहा है।     इसके चलते स्कैमर्स अब उन लोगो को निशाना बना रहे हैं, जिनको अपना सर्टिफिकेट सबमिट करना है।     बता दें कि जीवन प्रमाण पत्र पेंशन जीवन प्रमाण पत्र पेंशन होल्डर के लिए एक जरूरी डाक्यूमेंट है, जिससे इन्हें अपने पेंशन को पाने में मदद मिलती है।     स्कैमर्स वॉट्सऐप के जरिए पेशनधारकों तो फेक मैसेज भेज रहे हैं, जिसमें लोगों को अपना जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के लिए कहा जा रहा है और एक लिंक के पर्सनल जानकारी मांगते हैं और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी पेंशन रोक दी जाएगी।     सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस (CPAO) ने जानकारी दी है कि ये मैसेज आपकी पर्सनल जानकारी के साथ-साथ बैंक डिटेल्स और फाइनेंशियल री-सोर्स पाने की कोशिश है। कैसे काम करता है स्कैम?     स्कैमर्स आपको वॉट्सऐप के जरिए मैसेज भेजते हैं और सरकारी अधिकारी होने का दावा करते हैं।     इस मैसेज में बताया जाता है कि आपके पुराने जीवन प्रमाण पत्र के कारण आपकी पेंशन को रोका जा सकता है।     इसके अलावा इस मैसेज में आपको एक लिंक या फॉर्म भी मिलता है, जिसमें  बैंक अकाउंट डिटेल या PPO नंबर जैसी पर्सनल जानकारी मांगी जाती है।     अगर आप ये डिटेल भर देते हैं तो स्कैमर्स के पास आपकी जरूरी जानकारी का एक्सेस आ जाता है।     इसकी मदद से ये आपकी पहचान चुराने के साथ-साथ आपके पैसे को भी लूट सकते हैं। कैसे रहें सुरक्षित बता दें कि कोई भी सरकारी कर्मचारी वॉट्सऐप के जरिए आपसे कोई डाक्यूमेंट नहीं मांगेंगे। सरकार ने लोगों को इस स्कैम से बचने के लिए कुछ टिप्स दिए है, जिसे फॉलो करना मददगार साबित होगा।     वॉट्सऐप पर आए ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और नहीं कोई अटैचमेंट डाउनलोड करें।     किसी को भी बैंक अकाउंट और PPO नंबर जैसी पर्सनल जानकारी शेयर न करें।     किसी भी जानकारी के लिए अपने बैंक या CPAO वेबसाइट की मदद लें।     अगर आपको भी इस तरह का कोई मैसेज आता है तो तुरंत इसकी शिकायत NCRP या लोकल पुलिस स्टेशन में करें।     वॉट्सऐप पर आए ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और नहीं कोई अटैचमेंट डाउनलोड करें।     किसी को भी बैंक अकाउंट और PPO नंबर जैसी पर्सनल जानकारी शेयर न करें।     किसी भी जानकारी के लिए अपने बैंक या CPAO वेबसाइट की मदद लें।     अगर आपको भी इस तरह का कोई मैसेज आता है तो तुरंत इसकी शिकायत NCRP या लोकल पुलिस स्टेशन में करें।   recent visitors 59

पीएम मोदी 10-11 अक्तूबर को करेंगे लाओस का दौरा; 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 से 11 अक्टूबर तक लाओस की दो दिवसीय यात्रा करेंगे और इस दौरान वह 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने यह जानकारी दी। लाओस, दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का वर्तमान अध्यक्ष देश है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लाओस के अपने समकक्ष सोनेक्से सिफानदोन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 10-11 अक्टूबर को लाओस की राजधानी विएंतियाने का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान मोदी लाओस की मेजबानी में होने जा रहे 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मंत्रालय के अनुसार, दोनों शिखर सम्मेलनों के दौरान मोदी के द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत में इस वर्ष ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक दशक पूरा हो रहा है। आसियान के साथ संबंध ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हमारे हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का केंद्रीय स्तंभ हैं।’’ मंत्रालय ने कहा कि आसियान-भारत शिखर सम्मेलन ‘‘हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी’’ के माध्यम से भारत-आसियान संबंधों की प्रगति की समीक्षा करेगा और सहयोग की खातिर भविष्य की दिशा तय करेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दक्षिणी एशिया और पूर्वी एशिया के कुछ देशों का मंच पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) क्षेत्र में रणनीतिक विश्वास का माहौल बनाने में योगदान देता है। यह भारत सहित ईएएस में भाग लेने वाले देशों के नेताओं को क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान करता है।’’   recent visitors 128

पक्के घर से हुये गुलजार, पीवीटीजी के दो परिवार

घर हो अपना – पूरा हुआ सपना पक्के घर से हुये गुलजार, पीवीटीजी के दो परिवार भोपाल कोई मकान, उसमें रहने वाले लोगों की खुशहाली से ही 'घर' बनता है। कुछ लोग ऐसे सपने पूरे कर लेते हैं, पर कुछ को अपना घर पाने के लिये थोड़ी जद्दोजहद करनी पड़ती है। अनूपपुर जिले के दो बैगा परिवार भी अपने घर के सपने को दिल में लिये जी रहे थे। चाहते तो वे भी थे, कि जल्द से जल्द उनका भी अपना पक्का घर बन जाये, पर उनके हालात इतने अच्छे नहीं थे। ऐसे में पीएम जन-मन योजना उनके जीवन में वरदान बनकर सामने आई। ये बैगा परिवार, जो पहले कच्चे झोपड़ीनुमी घरों में रहते थे, अब उनके पास खुद का पक्का घर है। दोनों परिवार अपने घरों में खुशी-खुशी रह रहे हैं। अनूपपुर जिले में पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड है। इस विकासखण्ड की ग्राम पंचायत है फर्रीसेमर और इसी ग्राम पंचायत का पोषक ग्राम है जोहिला बांध। श्रीमती कुन्ती बाई पति दानीराम बैगा जोहिला बांध गांव में ही रहती हैं। बैगा जनजाति विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में आती है। पीवीटीजी के समग्र कल्याण के लिये केन्द्र सरकार की पीएम जन-मन योजना के जरिये इन्हें अनेक लाभ दिये जा रहे हैं। इस योजना में सभी पीवीटीजी परिवारों को पक्का मकान बनवाकर दिया जा रहा है। योजना में पात्र हितग्राही होने पर कुन्ती बाई बैगा को पक्का घर बनाकर दे दिया गया है। फर्रीसेमर गांव की कुन्ती बाई के साथ श्रीमती रामकली बैगा को भी पीएम जन-मन से पक्का घर मिल गया है। दोनों बैगा महिलाओं के परिवारों को एक साथ पक्के घर की सौगात मिली है। यह योजना पीवीटीजी (बैगा) परिवारों को सम्मानजनक तरीके से सुरक्षित आवास ( Safe and Secure Housing ) प्रदान करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है। सालों से कच्ची झोपड़ी में गुजर-बसर करने वालों को पक्का घर बनाकर देने और इसमें बिजली पहुंचाने के लिये हस योजना में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम जारी है। पक्के घरों से अब इन बैगा परिवारों को कई प्रकार की बारहमासी कठिनाईयों से हमेशा के लिये निजात मिल गई है। पक्के घरों के अलावा इन बैगा परिवारों को अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।   recent visitors 81