Wednesday, July 8, 2026 5:00 am

छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से एक लड़की की मौत हो गई, जबकि 6 महिलाएं झुलसी

रायपुर रायपुर में दोपहर बाद बिजली गिरने से एक लड़की की मौत हो गई, जबकि 6 महिलाएं झुलस गई हैं। सभी खेत में काम करने के लिए गई थीं। इसी दौरान हादसा हो गया। मामला सिलियारी के गोड़ी गांव का है। लड़की की पहचान कामिनी साहू (17) के रूप में हुई है। वहीं कांकेर में तेज आंधी में खेत में बिजली का तार गिर गया। इसकी चपेट में आकर मादा भालू और उसके 2 बच्चों की मौत हो गई। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के देवी नवागांव भालुओं का शव देख ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। छत्तीसगढ़ में लौटते मानसून से रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के जिलों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने दो दिन बुधवार और गुरुवार को रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से मानसून लौट चुका है। छत्तीसगढ़ से अगले सप्ताह तक मानसून लौट जाएगा। बलरामपुर के रामानुजगंज में सबसे ज्यादा बारिश मंगलवार को प्रदेश में मानसून की सक्रियता सामान्य रही। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश बलरामपुर के रामानुजगंज में 60 मिमी बारिश हुई। वहीं रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली। recent visitors 59

अब चुनाव आयोग ने खड़गे को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई, जाने क्या है मामला

नई दिल्ली हरियाणा में 48 सीटें जीतकर बीजेपी ने हैट्रिक मारी है. वहीं जीत की आस लगाए बैठी कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा. पार्टी के खाते में सिर्फ 37 सीटें ही आईं. नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने नतीजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार बता दिया था. इसको लेकर चुनाव आयोग ने आपत्ति दर्ज कराई है और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया है. चुनाव आयोग ने खड़गे से कहा कि वह अप्रत्याशित परिणामों पर पार्टी अध्यक्ष के रुख को मानता है, न कि पार्टी के कुछ नेताओं के इस रुख को कि परिणाम स्वीकार्य नहीं हैं. कांग्रेस नेताओं को बयान पर आयोग ने कहा कि देश की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत में सामान्य अर्थों में उपर्युक्त जैसा अभूतपूर्व बयान अनसुना है, यह मुक्त भाषण और अभिव्यक्ति के वैध हिस्से से बहुत दूर है और यह वैधानिक और नियामक चुनावी ढांचे के अनुसार व्यक्त लोगों की इच्छा को अलोकतांत्रिक रूप से अस्वीकार करने की ओर बढ़ता है, जो जम्मू-कश्मीर और हरियाणा सहित देश के सभी चुनावों में समान रूप से लागू होता है. EC ने आगे कहा, "इस बीच आयोग ने आपके और विपक्ष के नेता के उन बयानों को नोट किया है, जिनमें हरियाणा के नतीजों को "अप्रत्याशित" बताया गया है और कांग्रेस इसका विश्लेषण करने और अपनी शिकायतों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करने का प्रस्ताव रखती है. चुनाव आयोग को अब एक अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसमें कांग्रेस के 12 सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल से मिलने का समय मांगा गया है, जिसमें वे सदस्य भी शामिल हैं, जिन्होंने पैरा 1 और 2 में उल्लिखित प्रकृति में बयान दिया है." चुनाव आयोग ने कहा कि इस उचित धारणा पर आगे बढ़ते हुए कि पार्टी अध्यक्ष का बयान चुनावी नतीजों पर पार्टी की औपचारिक स्थिति है, चुनाव आयोग ने आज शाम 6 बजे (बुधवार) सुकुमार सेन हॉल (सातवीं मंजिल), निर्वाचन सदन में प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर सहमति व्यक्त की है. कांग्रेस नेताओं ने लगाए थे ये आऱोप मंगलवार को नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरोप लगाया था कि हरियाणा के नतीजे बहुत अप्रत्याशित हैं, इसको हम स्वीकार नहीं कर सकते. कई जिलों से गंभीर शिकायत आई है. पवन खेड़ा ने कहा था कि नतीजे चौंकाने वाले हैं और जमीनी स्तर पर हमने जो देखा, उसके बिल्कुल विपरीत हैं. हमें अपने कार्यकर्ताओं से मतगणना से संबंधित शिकायतें मिल रही हैं. जल्द ही हम औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे. यह तंत्र की जीत है, लोकतंत्र की नहीं. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते. वहीं जयराम रमेश ने कहा था कि हम एक या दो दिन में हम चुनाव आयोग के पास जाएंगे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे. स्थानीय अधिकारियों पर दबाव था. कई सीटें ऐसी हैं जहां हम हार ही नहीं सकते, लेकिन वहां हम हारे हैं. नतीजे भावनाओं के खिलाफ हैं. तीन जिलों में मतगणना को लेकर हमारे पास गंभीर शिकायतें हैं. यह जानकारी एकत्रित की जाएगी. हरियाणा में नतीजे पूरी तरह अप्रत्याशित, आश्चर्यजनक और विरोधाभासी हैं. यह जमीनी हकीकत के विपरीत हैं. यह हरियाणा के लोगों की इच्छा के विपरीत हैं, इन परिस्थितियों में इन नतीजों को स्वीकार करना संभव नहीं है.   recent visitors 78

नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है- उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) के अवसर पर प्रदेशवासियों को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे दैनिक जीवन, विचारधारा और दिनचर्या से होता है। स्वस्थ मानसिक स्थिति के लिए योग, प्राणायाम, और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। नियमित योग और प्राणायाम तनाव को कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने और जीवन में सकारात्मकता लाने का प्रभावी साधन है। शुद्ध और पौष्टिक आहार रखता है मन को शांत और स्थिर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वैदिक जीवनशैली और आहार संबंधी आदतों पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित आहार और सात्विक जीवन-शैली हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है, साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। शुद्ध और पौष्टिक आहार का सेवन हमारे मन को शांत और स्थिर रखता है। ताजा भोजन और नियमित दिनचर्या का पालन कर हम मानसिक तनाव और अवसाद से बच सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य को समझें, सहायता लेने में न हिचकिचाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। मानसिक तनाव, चिंता, अवसाद और अन्य भावनात्मक समस्याएं किसी भी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। इन लक्षणों को पहचानना और सही समय पर डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सहायता लेना बेहद जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर इलाज कराने में संकोच न करें। सही मार्गदर्शन और उपचार से आप स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। 30 अक्टूबर तक मनाया जाएगा मानसिक स्वास्थ्य माह शिविरों में की जाएगी स्क्रीनिंग , उपचार एवं परामर्श सेवाएं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों को सहायता प्रदान करना है। इस वर्ष की थीम 'मानसिक स्वास्थ्य को कार्यस्थल पर बढ़ावा देने' से संबंधित है, जो कि कार्यस्थल में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित है। प्रदेश में 10 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में स्क्रीनिंग, उपचार एवं परामर्श सेवाएं दी जाएगी। मानसिक समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों के देखभालकर्ताओं हेतु जागरूकता सेमिनार आयोजित उपलब्ध रहेंगी। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर आयोजित होंगे। कार्य स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के विषय पर उन्मुखीकरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1 लाख 20 हज़ार से अधिक का उपचार विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, विश्व की लगभग 10% जनसंख्या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश में विभिन्न स्तरों पर अंतःक्षेप किये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3,27,790 लोगों की स्क्रीनिंग और 2,17,559 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 1,82,898 लोगों की स्क्रीनिग एवं 1,23,226 मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों के लिये प्रत्येक जिला अस्पताल में "मनकक्ष" प्रत्येक जिला अस्पताल के "मनकक्ष" में मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, उपचार और काउंसिलिंग की जाती है। गंभीर मानसिक रोगियों को इंदौर, ग्वालियर या मेडिकल कॉलेजों के मानसिक रोग विभाग में रेफर किया जाता है। टेली-मानस हेल्पलाइन (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 निःशुल्क परामर्श उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए स्कूल, कॉलेज, ओल्ड एज होम, जैसे विभिन्न संस्थानों में सेमिनार आयोजित किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष शिविरों में मानसिक रोगियों की स्क्रीनिंग और काउंसलिंग की जाती है। इंदौर और ग्वालियर में टेलीमानस केंद्र स्थापित किए गए हैं। टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर (14416 अथवा 1800- 891-4416) पर 24X7 कॉल कर निःशुल्क परामर्श प्राप्त कर सकते है। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 42,012 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 तक 27,951 कॉल के माध्यम से परामर्श सेवायें प्रदान की गई। "मनहित" ऐप से मिल रही है मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर जागरूकता लाने के लिए "मनहित" ऐप लांच किया गया है। "मनहित" ऐप के तीन खंड़ मानसिक स्वास्थ्य स्व-मूल्यांकन, जागरूकता सामग्री, और संपर्क सुविधा है। 18 वर्ष से कम और अधिक आयु के व्यक्ति या उनके अभिभावक व्यवहार संबंधी समस्याओं की जांच कर सकते हैं। स्व-मूल्यांकन के आधार पर ऐप, तनाव, चिंता, अवसाद, मादक द्रव्यों के सेवन आदि के लिए मार्गदर्शन और जागरूकता सामग्री प्रदान करता है। यह उपयोगकर्ताओं को टेली-मानस, मनकक्ष, और अन्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ता है। recent visitors 111

CGBSE की मुख्य परीक्षा के 30 अक्टूबर तक भरे जाएंगे फॉर्म, छत्तीसगढ़-रायपुर में 10वीं-12वीं के छात्रों को राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए हाईस्कूल और हायर सेकंडरी मुख्य परीक्षा 2025 के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर 2024 से बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2024 कर दी है। इस अवधि में, छात्र विशेष विलंब शुल्क ₹1540 प्रति छात्र के साथ फॉर्म भर सकते हैं। सभी मान्यता प्राप्त संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन प्रविष्टि और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी करें। समय सीमा के बाद पोर्टल फिर से चालू नहीं किया जाएगा। recent visitors 135

नागपुर-रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा के बीच चलने वाली ट्रेनों में लगेगा सुरक्षा कवच

  रायपुर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ट्रेनों की सुरक्षा काे लेकर सख्त नजर आ रहा है. नागपुर-रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा के बीच चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा कवच लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है. इसके लिए जोन ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है. बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही ट्रेनों में कवच लगाने का काम शुरू हो जाएगा. रायपुर रेल मंडल के DCM अवधेश कुमार त्रिवेदी ने कहा कि झारसुगुड़ा से लेकर नागपुर क्षेत्र में चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा कवच लगाने की तैयारी चल रही है. बहुत जल्दी यह लागू हो जाएगा. सुरक्षा कवच एक ही ट्रैक पर यदि दो ट्रेनें आ रही हैं तो उसे अलर्ट करेगा. सेंसर के जरिए ट्रेन के चालक और सह चालक को भी अलर्ट करेगा. ये है सुरक्षा कवच की खासियत कवच सिस्टम सेंसर के माध्यम से एक ही ट्रैक पर यदि दो ट्रेनें आ रही हैं तो उसे अलर्ट करेगा. सेंसर के जरिए ट्रेन के चालक और सह चालक को भी अलर्ट करेगा. साथ ही ट्रेनों की गति पर कवच सिस्टम खुद ही ब्रेक भी लगा देता है. इससे ट्रेन से होने वाले हादसों में कमी आएगी. घने कोहरे, बरसात जैसे मौसम में यदि लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो भी यह प्रणाली स्वचालित रूप से गति को नियंत्रित करने में मदद करती है. कवच सुरक्षा तकनीक की विशेषताएं सिग्नल पासिंग की रोकथाम: खतरे की स्थिति में सिग्नल को गलत तरीके से पार करने से बचाने के लिए प्रणाली सक्रिय होती है। ड्राइवर मशीन इंटरफेस: लोको पायलट ऑपरेशन कम इंडिकेशन पैनल (एलपीओसीआईपी) में सिग्नल के पहलुओं और मूवमेंट अथॉरिटी की निरंतर निगरानी होती है। ओवर स्पीडिंग की रोकथाम: यदि ट्रेन निर्धारित गति सीमा से अधिक चलती है, तो सिस्टम स्वतः ब्रेक लगा देता है। ऑटोमैटिक सीटी: रेलवे फाटकों के पास पहुंचने पर ट्रेन से स्वचालित रूप से सीटी बजती है, जिससे वाहनों और पैदल यात्रियों को चेतावनी मिलती है। टकराव की रोकथाम: कवच से लैस दो ट्रेनों के बीच टकराव की संभावना को समाप्त करने के लिए प्रणाली कार्यरत रहती है। आपातकालीन एसओएस संदेश: किसी भी आपातकालीन स्थिति में यह तकनीक एसओएस संदेश भेजने की सुविधा देती है। केंद्रीकृत लाइव निगरानी: नेटवर्क मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से ट्रेन की आवाजाही की लाइव निगरानी की जाती है, जिससे परिचालन की निगरानी और प्रबंधन को आसान बनाया जा सके। recent visitors 73

उमंग सिंघार ने कहा- हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, यह BJP की नहीं, EVM की जीत

भोपाल  हरियाणा में बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत से सरकार बना ली है। वहीं सत्ता परिवर्तन की उम्मीद लगाए और जलेबी बांटने से लेकर ढोल नंगाड़ों को वापस भेजने वाली कांग्रेस का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया। लेकिन एक बार फिर विपक्ष ने EVM पर हार का ठीकरा फोड़ा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बैलेट पेपर से मतदान होता तो नतीजा कुछ और होता। बीजेपी कैसे जीती आश्चर्य की बात मध्य प्रदेश नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हार के बाद ईवीएम पर फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हरियाणा_विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। यह BJP की नहीं, EVM की जीत है। पूरे चुनाव के दौरान साफ लग रहा था कि मतदाता का चुनाव Congress ही थी। आश्चर्य की बात यह कि BJP कैसे जीती? चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता पहले ही EVM से संतुष्ट नहीं था। अब हरियाणा के चुनाव नतीजों ने इसे सच साबित कर दिया चुनाव आयोग रुझानों को बहुत धीमी गति से आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर रहा था। इससे स्पष्ट लग रहा था कि प्रशासन पर दबाव बनाया गया है। बैलेट से मतदान होता तो नतीजा कुछ और होता! उन्होंने कहा कि ये जीत जनता के वोट से नहीं हुई, बल्कि EVM से की गई प्रायोजित जीत है। यदि बैलेट से मतदान होता तो नतीजा कुछ और होता। Congress और हरियाणा की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। गौरतलब है कि हरियाणा की 90 सीटों में से 48 पर बीजेपी तो 37 पर कांग्रेस को जीत मिली है। वहीं INLD के खाते में 2 और अन्य के खाते में 3 सीट आई है। 37 सीटों पर कांग्रेस कैसे जीती- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल जैन ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बयान को हास्यास्पद बताया है. उनका कहना है कि जब भी भारतीय जनता पार्टी की जीत होती है तो कांग्रेस ऐसे ही बेतुके के बयान देती है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से सवाल किया है कि हरियाणा में जो 37 सीट कांग्रेस के उम्मीदवारों ने जीते हैं उनको लेकर कांग्रेस क्या सोचती है ? विधायक अनिल जैन ने यह भी कहा कि कांग्रेस को आरोप लगाने की बजाय धरातल पर जाकर अपनी नींव मजबूत करने की आवश्यकता है. recent visitors 65

ज्वेलरी शॉप में डकैती मामले में फरार चल रहे आरोपियों को औरंगाबाद से पकड़ लाई पुलिस

बलरामपुर ज्वेलरी शॉप में दिनदहाड़े लूट के मामले में फरार 2 आरोपी को पुलिस ने औरंगाबाद, बिहार से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के कब्जे से 70 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, एक नग देशी कट्टा, 5 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. इससे पहले पुलिस एक महिला सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल ने पूरे मामले का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को ज्वेलरी शॉप में दिनदहाड़े हथियारबंद लूटरों ने बंदूक की नोक पर 2 करोड़ 92 लाख रुपए की लूट की घटना को अंजाम दिया था. बलरामपुर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी. 5 अलग-अलग राज्यों दिल्ली, झारखंड, बिहार और पंजाब से 6 आरोपियों को पकड़े गए थे. इस आरोपियों से 2 करोड़ 40 लाख का जेवरात जब्त किया गया था. इस वारदात में मुख्य आरोपी सोनू उर्फ आनंद सोनी डकैती के माल को खपाने के लिए गिरोह में अपनी गर्लफ्रेंड अंजनी एक्का को भी रखा था. उसकी गर्लफ्रेंड लूट के सामान को अलग-अलग जगह खपाने का काम करती थी. पुलिस ने युवती के पास से गले हुए सोने के जेवर को जब्त किया था और उसके बैंक अकाउंट को सीज किया था, जिसमें 5 लाख 80 हजार रुपए हैं. इस वारदात में शामिल दो फरार आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया गया है. उनके कब्जे से 70 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, एक नग देशी कट्टा, 5 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. डकैती में पकड़े गए आरोपियों के नाम ज्वेलरी शॉप में डकैती मामले में आरोपी मोनू सोनी उर्फ बुकि (पलामू, झारखंड), सोनू सोनी उर्फ आनंद सोनी (पलामू, झारखंड), राहुल मेहता (औरंगाबाद, बिहार), विक्की सिंह (औरंगाबाद, बिहार), अरविंद सोनी (पलामू, झारखंड) और अंजनी एक्का (आरोपी सोनू की गर्लफ्रेंड) चंडीगढ़ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं अब बिहार से फरार आरोपी राधेश्याम पासवान बिहार, रोहित सिंह बिहार को गिरफ्तार किया गया है. recent visitors 73