सीएम योगी ने दी प्रतिक्रिया, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को 1,78,173 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण जारी किया

लखनऊ केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्य सरकारों को 1,78,173 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण (टैक्स रिवॉल्यूशन) जारी किया है, इसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश को 31,962 करोड़ रुपये मिले हैं। त्योहारों से पहले मिली यह राशि राज्यों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कर हस्तांतरण के हिस्से के रूप में उत्तर प्रदेश को मिली धनराशि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया है। इंटरनेट मीडिया अकाउंट एक्स पर किए गए पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा कि, यह अग्रिम किस्त त्योहारों के मौसम की तैयारियों को बढ़ावा और पूरे राज्य में विकास व कल्याण की पहल को गति देगी। हम सभी मिलकर मजबूत व समृद्ध उत्तर प्रदेश का निर्माण कर रहे हैं।   recent visitors 82

इस वर्ष देश में विदेशियों का आगमन 10 मिलियन से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा

नई दिल्ली भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या में आने वाले समय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद की जा रही है। इस वर्ष ही देश में विदेशियों का आगमन 10 मिलियन से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बुकिंग डॉट कॉम द्वारा एक्सेंचर के सहयोग से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में विदेशी पर्यटकों का आगमन इस वर्ष 10.1 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2022 में 9.2 मिलियन से अधिक है। यह अभी भी 2019 में कोविड महामारी के पूर्व स्तर 10.9 मिलियन से कम है। 'हाउ इंडिया ट्रैवल्स 2024 – द इनबाउंड एडिट' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 2025 तक कोरोना महामारी के पहले की आगमन की संख्या को भी पार कर जाएगा। विदेशी आगमन में देरी के बावजूद, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने समकक्षों की तुलना में भारत में पर्यटकों के खर्च में सुधार उल्लेखनीय रूप से तेज रहा है, जो 2023 तक 2019 के खर्च का 94 प्रतिशत हो गया है। इसी अवधि के दौरान भारतीय यात्रियों द्वारा औसत खर्च में भी 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और यूएई भारत के शीर्ष इनबाउंड स्रोत बाजारों के रूप में उभरे हैं। पहले चीन, कनाडा और बांग्लादेश जैसे देश भारत के स्रोत थे। यह एक बड़े बदलाव को भी दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, हम्पी, लेह और खजुराहो जैसे उभरते स्थलों की लोकप्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। इस रिपोर्ट में लिमिटेड कस्टमाइजेशन ऑप्शन (49 प्रतिशत), बंडल ट्रैवल पैकेज की कमी (51 प्रतिशत), सूचनाओं का अतिभार (43 प्रतिशत) जैसी चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया है। इनकी वजह से यात्रियों के अनुभव में बाधा आती है। कई अंतरराष्ट्रीय आगंतुक व्यक्तिगत यात्रा कार्यक्रम चाहते हैं। लेकिन, सहज यात्रा की योजना बनाने के लिए संघर्ष करते हैं। रिपोर्ट में उद्योग द्वारा डिजिटल संसाधनों में सुधार, सीधी उड़ानों का विस्तार, वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाने और भारत की विविध यात्रा पेशकशों को बढ़ावा देकर इन मुद्दों को हल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। बुकिंग डॉट कॉम में भारतीय उपमहाद्वीप और इंडोनेशिया के कंट्री हेड संतोष कुमार के अनुसार, "भारत का इनबाउंड पर्यटन अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य के कारण अभूतपूर्व वृद्धि का अनुभव कर रहा है।" उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच के यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक-2024 में भारत का 39वें स्थान पर पहुंचना, जो 2021 में 54वें स्थान से ऊपर है, वैश्विक गंतव्य के रूप में देश की बढ़ती अपील को रेखांकित करता है। recent visitors 135

न्यायिक आयोग के सामने पेश हुए हाथरस सत्संग में 121 श्रद्धालुओं की मौत मामले में बाबा नारायण साकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के हाथरस सत्संग में 121 श्रद्धालुओं की मौत मामले में बाबा नारायण साकार हरि गुरुवार को लखनऊ स्थित सचिवालय में न्यायिक आयोग के सामने पेश हुए। इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया था। वकील डॉ. एपी सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत करते हुए बताया कि हाथरस में घटी दुखद घटना को लेकर बाबा नारायण साकार न्यायिक आयोग के सामने पेश हुए। उनसे करीब 2 घंटे से अधिक समय तक बयान लिए गए। बयान लेने के बाद उनको वापस भेज दिया गया, अब उनको यहां पर पेश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि ऐसी घटना पहले भी बहुत हुई है, मक्का मदीना में भी हो चुका है, लेकिन सनातन धर्म सॉफ्ट टारगेट है, इसलिए यहां ज्यादा हो जाता है। हम चाहते हैं कि ऐसा मैकेनिज्म बनना चाहिए, जिससे भविष्य में दोबारा जो सनातन विरोधी या राज्य सरकार विरोधी हो, वो ऐसी साजिश में कामयाब नहीं हो सके। जो गाइडलाइन तैयार की जाएगी, उसको हम भी और सेवादार भी फॉलो करेंगे। उसको पुलिस और शासन-प्रशासन भी फॉलो करेगी। वकील ने आगे बताया कि क्रिमिनल केस में चार्जशीट फायर हो चुकी है, 11 लोगों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है और जो दूसरे एंगल पर जांच चल रही है, वो सही ढंग से हो रही है। एसपी हाथरस पर हमें पूरा भरोसा है। जो हमने 1,100 शपथ पत्र और देव प्रकाश मधुकर की तरफ से लिखित शिकायत दी है, उस पर पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। कोई भी दोषी नहीं बचना चाहिए और कोई निर्दोष फंसना नहीं चाहिए। वकील ने हादसे को साजिश बताते हुए कहा कि घटना वाले दिन 15-16 युवकों ने जहरीला स्प्रे किया और वहां से भाग गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन जुलाई को हाथरस त्रासदी और भगदड़ के पीछे किसी साजिश की संभावना की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया था। इस हादसे में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर सहित अन्य सेवादारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, प्राण घातक हमला करने, गंभीर चोट पहुचाने, लोगों को बंधक बनाने, निषेध्याज्ञा का उल्लंघन करने और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इन पर यह भी आरोप था कि सत्संग में 80 हजार लोगों के जुटने की शर्त का उल्लंघन कर ढाई लाख लोगों की भीड़ जुटाई गई। यातायात प्रबंधन में भी मदद नहीं की गई। मामले में पुलिस ने एक अक्टूबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। 3,200 पेज की इस चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, राम प्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि 2 जुलाई को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में नारायण साकार हरि भोले बाबा उर्फ सूरजपाल के सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। उनका काफिला निकालने के लिए सेवादरों ने भीड़ को रोक दिया था, इस दौरान उनकी चरण रज लेने की होड़ में लोग गिरते गए। इस मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। recent visitors 74

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव में कांग्रेस से सीट न मिलने के बाद भी अखिलेश यादव यूपी में इस गठबंधन के साथ

लखनऊ अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन जारी रहने की बात कही है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनाव में कांग्रेस से सीट न मिलने के बाद भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव यूपी में इस गठबंधन के साथ उपचुनाव में खड़े होने के लिए तैयार हैं। अखिलेश यादव ने सैफई में अपने पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा कि यूपी के आने वाले उपचुनाव के बारे में आज बहुत कुछ नहीं बोलना है। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन के बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन जारी रहेगा। दरअसल, हाल ही में पूरे हुए हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों से पहले सपा ने कांग्रेस से दोनों राज्यों में सीट की मांग की थी। यूपी में चल रहे गठबंधन के बाद से संभावना थी की कांग्रेस इन राज्यों में सपा को सीट देगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस ने दोनों राज्यों में अकेले चुनाव लड़े। अब यूपी में 10 सीटों पर उपचुनाव की तैयारी है। इनमें से 6 सीटों पर सपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने के एक दिन बाद ही अखिलेश ने ये साफ कर दिया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन भी रहेगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बची हुई 4 सीटों में से कुछ सीट कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि यूपी कांग्रेस का 5 सीटों पर दावा था। पहले कांग्रेस 10 में से उन पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी थी जो भाजपा के पास थी। इसके लिए कांग्रेस और सपा प्रदेश एवं शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत चल रही थी। मगर इसी बीच सपा ने बुधवार को छह सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। इन सीटों में करहल से तेज प्रताप यादव, सीसामऊ से नसीम सोलंकी, फूलपुर से मुस्तफा सिद्दीकी, मिल्कीपुर से अजीत प्रसाद, कटेहरी से शोभावती वर्मा, मझवां से डॉ.ज्योति बिंद को सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस जिन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी उनमें मीरापुर, गाजियाबाद, खैर, फूलपुर, मझवां थी। इनमें अभी मीरापुर, गाजियाबाद, खैर सीटें ही बची है। कांग्रेस की प्राथमिकता में शामिल मझवां और फूलपुर पर सपा ने प्रत्याशी उतार दिए। इनके अलावा कुंदरकी सीट पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी की घोषणा होनी है। खाली हुई दस सीटों में से पांच सीसामऊ, कटेहरी, करहल, मिल्कीपुर और कुंदरकी सपा के पास थीं। वहीं, फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां और खैर भाजपा के पास थीं। मीरापुर सीट भाजपा के सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के पास थी। करहल सीट सपा प्रमुख अखिलेश यादव के कन्नौज से सांसद चुने जाने के कारण खाली हुई है, जबकि कटेहरी (अंबेडकर नगर) सीट पार्टी के लालजी वर्मा के अंबेडकर नगर लोकसभा सीट से चुने जाने के कारण खाली हुई है। recent visitors 117

हरियाणा में जातिवार किन-किन नामों पर हो रही चर्चा, कितने दलित, जाट और कितने ब्राह्मण होंगे मंत्री

नई दिल्ली हरियाणा में ऐतिहासिक जीत के बाद अब भाजपा का फोकस राज्य में नई सरकार के गठन पर केंद्रित हो गया है। आज (गुरुवार को) भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक दल की बैठक होने वाली है, जिसमें सभी 48 विधायक शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार गठन को लेकर चर्चा हो सकती है लेकिन अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व लेगा। बहरहाल पार्टी के अंदरखाने इस बात की चर्चा हो रही है कि जातिगत सनीकरणों को साधते हुए राज्य में किस जाति से कितने और कौन-कौन मंत्री हो सकते हैं। नई सरकार के मुखिया नायब सिंह सैनी ही होंगे, भाजपा ने पहले से ही इसकी मंजूरी दे दी है। नायब सिंह सैनी ने एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अब उनकी सरकार में मंत्रियों के नामों पर मंथन चल रहा है। मुख्यमंत्री समेत अधिकतम कुल 14 मंत्री हो सकते हैं। पिछली सरकार के दो ही मंत्री (मूलचंद शर्मा और महिपाल ढांडा) अपनी सीट बचा पाए हैं, इसलिए कैबिनेट में 11 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है और उनकी तलाश तेज हो गई है। पार्टी इसके लिए जातिगत समीकरणों का भी ख्याल रख रही है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत में दलित समुदाय का अहम योगदान रहा है राज्य की कुल 17 आरक्षित सीटों में से 9 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। इसलिए नई सरकार में उनकी नुमाइंदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। चुनाव नतीजों के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाबी मूल के आठ, ब्राह्मण समुदाय से सात, जाट और यादव समुदाय से छह-छह विधायक जीतकर आए हैं। इनके अलावा गुर्जर, राजपूत, वैश्य और एक ओबीसी विधायक भी हैं। किस समुदाय से कौन बन सकते हैं मंत्री? दलित विधायकों में कृष्णलाल पंवार छह बार के विधायक हैं, जबकि कृष्ण बेदी दो बार के विधायक हैं। इन दोनों के नामों का चर्चा मंत्री पद के लिए हो रही है। पंजाबी मूल के आठ विधायकों में अनिल विज भी एक नाम हैं, जो राज्य के पूर्व गृह मंत्री हैं और सात बार के विधायक हैं। वह इसी साल मार्च में नाराज हो गए थे, जब खट्टर की जगह नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया गया था। इसी समुदाय से जींद के विधायक कृष्णन मिड्ढा भी हैं, जो तीसरी बार इस सीट से जीते हैं। इनके अलावा इस समुदाय से दो और नेताओं के नाम की चर्चा है। इनमें यमुनानगर से घनश्याम दास अरोड़ा और हांसी से विधायक विनोद भयाना का नाम शामिल है। अरोड़ा का पत्ता इसलिए कट सकता है क्योंकि वह भौगोलिक रूप से अंबाला क्षेत्र से आते हैं, जबकि वहां से अनिल विज की दावेदारी पहले से ही मजबूत मानी जी रही है। ब्राह्मण और जाट समुदाय में किसकी चर्चा ब्राह्मण समुदाय से बल्लभगढ़ से तीन बार विधायक रह चुके मूलचंद शर्मा को मंत्रिमंडल में बनाए रखा जा सकता है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इनके अलावा अरविंद शर्मा का भी नाम संभावित है, जो दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और जिन्होंने गोहाना सीट जीती है। इनके अलावा राम गौतम, जिन्होंने सफीदो सीट जीती, जिसे भाजपा ने कभी नहीं जीत पाई थी, उनके नाम के भी चर्चे हैं। अहीरवाल बेल्ट से भाजपा के छह विधायक जीते हैं। इस इलाके ने भाजपा को बंपर वोट किया, इसलिए जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए बादशाहपुर से छह बार के विधायक रहे राव नरबीर सिंह का नाम मंत्री पद के लिए आगे चल रहा है। वह 2014 की मनोहर लाल खट्टर सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी आरती राव ने पहली बार अटेली सीट जीती है, उनके भी नाम के चर्चे हैं। दो बार विधायक रह चुके लक्ष्मण यादव भी रेस में बताए जा रहे हैं। जाट समुदाय से कौन होगा मंत्री? जाट नेता महिपाल ढांडा निवर्तमान सैनी सरकार में मंत्री थे। वह पानीपत (ग्रामीण) से दोबारा जीते हैं। उन्हें कैबिनेट में बरकरार रखने की संभावना है। राई से दूसरी बार निर्वाचित कृष्णा गहलावत भी इस दौड़ में बताई जा रही हैं। इनके अलावा राज्यसभा सांसद किरण चौधरी की बेटी और पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की पोती श्रुति चौधरी, जो तोशाम से जीती हैं, उनका भी नाम मंत्रियों के संभावित चेहरों में है। अन्य संभावित नामों में वैश्य समुदाय से पूर्व मंत्री विपुल गोयल शामिल हैं। एक बड़ा नाम सावित्री जिंदल का है, जो भारत की सबसे अमीर महिला हैं और हिसार से निर्दलीय विधायक हैं, जिन्होंने कल औपचारिक रूप से भाजपा को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। राजपूत समुदाय से श्याम सिंह राणा और तीन बार के विधायक हरविंदर कल्याण को मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा रणबीर गंगवा ओबीसी समुदाय का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं; वे पिछली सरकार में डिप्टी स्पीकर थे। तिगांव से दो बार के विधायक राजेश नागर को गुर्जर चेहरे के रूप में कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। recent visitors 161

उपराज्यपाल कार्यालय ने जारी बयान में कहा- अभी तक उन्हें अधिकृत रूप से बंगला आवंटित नहीं किया गया

नई दिल्ली उपराज्यपाल कार्यालय ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास को सील करने और मुख्यमंत्री आतिशी का सामान बाहर किए जाने पर बयान दिया है। उपराज्यपाल की तरफ से कहा गया है कि आतिशी को आधिकारिक रूप से सरकारी बंगला आवंटित नहीं किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अवैध रूप से सरकारी बंगले में घुसने की कोशिश की थी और जब आप किसी के घर में घुसते हैं, तो स्वाभाविक है कि उस घर का मालिक आपके खिलाफ कार्रवाई करेगा ही। उपराज्यपाल कार्यालय ने अपनी तरफ से जारी बयान में कहा, “मुख्यमंत्री आतिशी ने सरकारी बंगले के लिए अनुरोध किया था, जो विचाराधीन था। अभी तक उन्हें अधिकृत रूप से बंगला आवंटित नहीं किया गया था। इसके बावजूद वे बंगले में दाखिल हुईं, जिसके परिणामस्वरूप लोक निर्माण विभाग ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है।” आम आदमी पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री का सरकारी बंगला भाजपा नेता को आवंटित करना चाहती है, जबकि नियमों के अनरूप यह बंगला मुख्यमंत्री को आवंटित किया जाता है, लेकिन केंद्र सरकार इन नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमानी कर रही है, जिसे हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। बता दें कि बुधवार दिल्ली विकास प्राधिकरण ने हैंडओवर का हवाला देकर मुख्यमंत्री आतिशी का सरकारी बंगला सील कर दिया था और उनका सामान भी बाहर कर दिया था। जिस पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सरकारी बंगला खाली कर चुके हैं। ऐसे में अब यह बंगला नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री आतिशी को आवंटित किया जाना था, लेकिन भाजपा का दावा है कि अभी तक आतिशी को अधिकृत रूप से यह बंगला आवंटित नहीं किया गया है, जिसे लेकर दोनों दलों के बीच सियासी तकरार अपने चरम पर है। भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने शीशमहल (सरकारी बंगले) में कई तरह के राज दफन करके रखें हैं, जिसे वो दिल्ली की जनता से छुपाकर रखना चाहते हैं। वो नहीं चाहते हैं कि दिल्ली की जनता इन राजों से वाकिफ हो सकें। उधर, मुख्यमंत्री का सरकारी बंगला सील किए जाने पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पाप का घड़ा भर चुका है। recent visitors 82

RERA का आधारशिक्षा डेव्हलपर्स को आदेश, छत्तीसगढ़-रायपुर की साम्राज्य रेसीडेन्सियल सोसायटी को 45 दिनों में हस्तांतरित करें

रायपुर। साम्राज्य रेसीडेन्सी खमतराई के रहवासियों की शिकायत पर छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने आधारशिला डेव्हलपर्स के खिलाफ आदेश पारित किया है. इसमें 45 दिनों के भीतर सौर ऊर्जा संयंत्र सोसायटी को हस्तांतरित कर विद्युत ऑडिट कराते हुए जरूरत के हिसाब से ट्रांसफार्मर की क्षमता को अपग्रेड करने कहा है. इसके अलावा सोसायटी के पक्ष में अन्य आदेश भी दिए हैं. साम्राज्य रेसीडेन्सी रेसीडेन्सियल को-ऑपरेटिव्ह सोसायटी की आधारशिला डेव्हलपर्स के खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें प्रोजेक्ट के ब्रोशर का जिक्र करते हुए बताया गया कि उन्हें शॉपिंग कार प्लेक्स, इन्डोर गेम्स, अल्पाहार, क्लब हाउस, उद्यान, शिशु सदन, व्यायाम शाला, योग एंव ध्यान, पुस्तकालय, सामुदायिक भवन तथा सुरक्षात्मक एवं पर्यावरण अनुकूल विशेषतायें, सीसीटीवी, गार्ड, अग्निशामक, पर्याप्त पार्किंग तथा वर्षाजल संग्रहण, भू-दृश्य, सामान्य क्षेत्रों में लाइटिंग तथा उक्त प्रोजेक्ट में सघन वृक्षारोपण का वचन दिया गया था. लेकिन फ्लेटों की सुपुर्दगी के बाद बहुत सारी सुविधाएं प्रदान नहीं की गई. इनमें आधारभूत सुविधायें जल निकास एवं मल निकास प्रणाली, वैकल्पिक जलापूर्ति, एसटीपी, वर्षाजल संग्रहण इत्यादि पर्याप्त रूप से अनावेदक ने नहीं बनवाया, और न ही सुधारा गया. इसके अलावा क्लब हाउस को उचित रूप से अनुरक्षित नहीं किया गया है. इसके अलावा पुस्तकालय को व्यक्तिगत कार्यालय स्थल के रूप में उपयोग किया जा रहा है. इसके अलावा प्रोजेक्ट की सुविधाओं में कई कमियां है. पक्ष को सुनने के बाद रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला और सदस्य धनंजय देवांगन ने आदेश जारी किया. इसमें 45 दिनों के भीतर सोसायटी के उपयोग के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र हस्तांतरित करने, विद्युत ऑडिट कर आवश्यकतानुसार ट्रांसफार्मर की क्षमता अपग्रेड करें, जिससे रहवासियों को थ्री फेस विद्युत की सुविधा प्राप्त हो सके. झूला घर की व्यवस्था करने. अनावेदक टैरेस में आये हुए क्रेक को 45 दिवस के भीतर ठीक कराए. 45 दिनों में क्लब हॉउस का हस्तांतरण करने और कॉलोनी हस्तांतरण संबंधी समस्त कार्रवाई पूरी कर रहवासियों को कॉलोनी का विधिवत् आधिपत्य सौंपने की बात शामिल है. recent visitors 80