यूपी में रेल पटरी पर अज्ञात लोगों ने रखे छोटे पत्थर, फिर ट्रेन पलटाने की साजिश

बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक बार फिर ट्रेन पलटाने की साजिश की गई है। यहां पर बृहस्पतिवार की सुबह रेल की पटरी पर अज्ञात लोगों ने छोटे पत्थर रख दिए, लेकिन ट्रेन उन पर से सकुशल गुजर गई और एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। अप और डाउन लाइन की रेल पटरी पर लगभग 20 मीटर तक रखे छोटे-छोटे पत्थर तेज आवाज के साथ टूटे तो चालक की सांसें थम गईं। लोको पायलट की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।   छोटे-छोटे पत्थरों को पीसटी हुई निकली ट्रेन बता दें कि रेलवे पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। राजकीय रेलवे पुलिस थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि सहारनपुर से मुरादाबाद जा रही मेमू ट्रेन जब गढ़मलपुर क्रासिंग पर पहुंची तो पटरी पर पत्थर टूटने की आवाज आई। हालांकि ट्रेन सकुशल निकल गयी। बाद में चालक ने मुर्शदपुर स्टेशन पहुंच कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर की गयी जांच में पता चला कि पटरी पर किसी ने छोटे-छोटे पत्थर रख दिए थे जिन्हें पीसती हुई ट्रेन आगे निकल गयी। जांच में जुटे पुलिस अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि रेलवे पुलिस जांच पड़ताल कर रही है कि यह बच्चों की शरारत है या साजिश के तहत पटरी पर पत्थर रखे गये। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में कानपुर, जौनपुर और बागपत समेत कई जगहों पर पटरी पर रसोई गैस सिलिंडर, खम्बा और लट्ठा आदि रखे जाने की घटनाएं सामने आयी हैं। इनमें से कुछ मामलों में ट्रेन को पलटाने की साजिश की आशंका भी जाहिर की गयी है। ​​​​​​​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बलरामपुर दो दिवसीय दौरे का आज दूसरा दिन है। आज सुबह सीएम योगी देवीपाटन शक्तिपीठ पहुंचे। यहां पर उन्होंने मां पाटेश्वरी के दर्शन-पूजन कर मां का आशीर्वाद लिया। पूजन के बाद आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर का भी भ्रमण करके व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।   recent visitors 84

प्रधानमंत्री मोदी ने रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा, कलाकारों से की मुलाकात

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21वें आसियान-भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए लाओस पहुंचे। जहां पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए वियनतियाने के होटल डबल ट्री में भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में जुटे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यहां के प्रमुख रॉयल थिएटर ऑफ लुआंग प्रबांग में रामायण का मंचन भी देखा। इसे 'फरा लक फरा राम' के नाम से भी जाना जाता है। इससे समझा जा सकता है कि प्रभु श्रीराम की कहानी पूरे आसियान क्षेत्रों को आपस में जोड़ती है। जैसा कोई अन्य ग्रंथ नहीं कर सकते। सनातन धर्म की जड़ें ना केवल भारत, बल्कि आस-पास के क्षेत्रों में गहरी हो चली है। लाओस में रामायण सदियों से मनाई जाती रही है, जो दोनों देशों के बीच साझा विरासत और सदियों पुरानी सभ्यताओं के संबंधों को दर्शाती है। 'फ्रा लॉक फ्रा राम' लाओ संस्करण है। लाओस रामायण की कहानी यहां के मेकांग नदी के किनारे आसपास घूमती है। जो यहां पर गंगा के समान पवित्र मानी जाती है। इसमें लाओस की बौद्ध संस्कृति की बेहद शानदार झलक देखने को मिलती है। लाओस के अलावा यहां फ्रा राम को गौतम बुद्ध का अवतार माना जाता है। जो भगवान श्रीराम के रास्तों पर चलते थे। इसके अलावा लाओ में रावण को राक्षस मारा का अवतार माना जाता है। जो गौतम बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति में बाधा डालने का प्रयास करता है। पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका वीडियो शेयर किया है। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ''विजयादशमी कुछ ही दिन दूर है और आज मैंने लाओ पीडीआर में लाओ रामायण का एक हिस्सा देखा, जिसमें रावण पर प्रभु श्री राम की जीत पर प्रकाश डाला गया है। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि यहां के लोग रामायण से जुड़े हुए हैं। प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद हम पर सदैव बना रहे।'' कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने रामायण के कलाकारों से मंच पर मुलाकात भी और उनके संग फोटो भी खिंचवाई। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा, ''लाओ पीडीआर में मेरे द्वारा देखे गए फलक फलम या फ्रा लाक फ्रा राम के यादगार प्रकरण की कुछ झलकियां।'' इससे पहले वियनतियाने में होटल डबल ट्री में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए भारतीयों और लाओस समुदाय के लोगों ने गायत्री मंत्र का पाठ किया। पीएम मोदी के सामने भारतीयों ने हाथ में तिरंगा लेकर गायत्री मंत्र का जाप भी किया। इस दौरान पीएम मोदी भी उनके सामने हाथ जोड़कर गायत्री मंत्र का पाठ करते दिखे। पीएम मोदी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके अलावा एक अन्य वीडियो में लाओस समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी का हिंदी में अभिवादन करते हुए ग्रैंड वेलकम किया। recent visitors 76

पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली उद्योगपति रतन टाटा का मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वर्ली स्थित श्मशान घाट में उन्हें पंचतत्व में विलीन किया गया। कोलाबा स्थित टाटा के आवास से लेकर NCPA (राष्ट्रीय प्रदर्शन कला संस्थान) और फिर श्मशान घाट तक लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। उनके अंतिम दर्शन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर राजनीतिक, कारोबारी, खेल, मनोरंजन जगत के कई बड़े नाम पहुंचे। बुधवार को 86 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। महाराष्ट्र और झारखंड व गुजरात सरकार ने टाटा के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। इससे पहले रतन टाटा के पार्थिव शरीर को दक्षिण मुंबई स्थित राष्ट्रीय कला प्रदर्शन केंद्र (एनसीपीए) में जनता के अंतिम दर्शन के लिए सुबह 10.30 बजे से अपराह्न 3.55 बजे तक रखा गया था जहां विभिन्न वर्गों के हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। टाटा समूह को विश्व स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय रतन टाटा को दिया जाता है। उनका बुधवार रात शहर के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पल-पल के अपडेट्स के लिए बने रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ शवदाह गृह में मौजूद एक धर्म गुरु ने बताया कि अंतिम संस्कार पारसी परंपरा के अनुसार किया गया। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद दिवंगत उद्योगपति के दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित बंगले में तीन दिन तक अनुष्ठान किए जाएंगे। पंचतत्व में विलीन हुए अनमोल रतन, पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार। मुंबई पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल इस दौरान मध्य मुंबई स्थित शवदाह गृह में उपस्थित थे।    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य नेता मुंबई में दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के अंतिम संस्कार में मौजूद हैं। दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का अंतिम संस्कार मुंबई के वर्ली श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जा रहा है। recent visitors 165

महाराष्ट्र – झारखंड विधानसभा चुनाव जल्द ऐलान, साथ ही देश की 50 सीटों पर उपचुनाव

नई दिल्ली देश में 'एक देश एक चुनाव' के मुद्दे पर बात हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार इस पर जोर दे रही है और मंथन चल रहा है। लेकिन इस बीच देश चुनाव में ही बिजी है। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को ही आए हैं और अब इलेक्शन के नए राउंड का ऐलान एक सप्ताह के अंदर हो सकता है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार 18 अक्टूबर तक कभी भी महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक विधानसभा चुनाव कराने का ऐलान हो सकता है। इसके साथ ही यूपी, बंगाल, असम और राजस्थान समेत देश की 50 सीटों पर उपचुनाव हो सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर तक है। ऐसे में नई राज्य सरकार का गठन इससे पहले ही हो जाना चाहिए। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने अपील की है कि 15 नवंबर के बाद ही चुनाव का आयोजन हो। इसलिए क्योंकि 31 अक्टूबर को चुनाव है और फिर अगले कुछ दिन तक अन्य त्योहार हैं। यही नहीं देव दीपावली भी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। इसलिए 15 नवंबर के बाद ही चुनाव हो। ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग के पास कम ही दिन का समय होगा और उसे 20 नवंबर तक किसी भी तरह मतदान कराना होगा ताकि अगले कुछ दिनों में नई सरकार का गठन हो सके। इसके लिए एक ही राउंड में महाराष्ट्र में चुनाव कराए जा सकते हैं। आमतौर पर राज्य में चुनाव कई राउंड में होते रहे हैं। लेकिन इस बार पुलिस प्रशासन और सरकार का दावा है कि हम एक राउंड में ही चुनाव करा लेंगे। इसके लिए सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था भी हो जाएगी। दरअसल महाराष्ट्र में 2019 में भी एक ही राउंड में मतदान हुआ था। महाराष्ट्र के साथ ही झारखंड में भी चुनाव हो सकता है। हालांकि झारखंड के लिए फिलहाल वक्त है और वहां 5 जनवरी तक मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल है। इनके अलावा 50 सीटों के उपचुनाव भी आयोग को कराने होंगे। दरअसल 18वीं लोकसभा में कई लोग सांसद बन गए हैं, जो विधायक थे। नियम के अनुसार 6 महीने के अंदर ही खाली सीटों पर चुनाव हो जाना चाहिए। इस लिहाज से नवंबर तक रिक्त सीटों पर नए सदस्य चुने जाने चाहिए। रिक्त सीटों की बात करें तो यूपी में सबसे ज्यादा 10, बंगाल में 6, असम और राजस्थान में 5-5 सीटें खाली हैं। इसके अलावा बिहार और राजस्थान में 4-4 सीटें खाली हैं। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में भी तीन सीटें खाली हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन चुनावों के बाद दिल्ली में भी इलेक्शन की तैयारी शुरू हो जाएगी। वहां 5 फरवरी तक ही विधानसभा का कार्यकाल है। recent visitors 62

बेटे दीपेंद्र को नहीं बना पाए मुख्यमंत्री, भूपेंद्र हुड्डा का टूटा सपना

चंडीगढ़ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बार हाथ से सत्ता जाने का गम तो है ही, साथ ही अपने सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री नहीं बनवा पाने की कसक भी कम नहीं है। कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति में जब भी मुख्यमंत्री के पद की दावेदारी का सवाल आया, हुड्डा ने हर बार यही कहा कि वे अभी ना तो टायर्ड (थके) हुए और ना ही रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) हुए हैं, लेकिन हुड्डा चाहते थे कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह अपने सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए कांग्रेस हाईकमान के समक्ष मुख्यमंत्री के पद की पैरवी करेंगे। सपना रह गया अधूरा मगर राज्य में हवा के बावजूद कांग्रेस सत्ता से चूक गई और हुड्डा का बेटे को मुख्यमंत्री बनवाने का ख्वाब भी अधूरा रह गया।  कांग्रेस को पूरी उम्मीद थी कि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनेगी, लेकिन भाजपा ने धरातल पर ऐसा गेम पलटा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने के दावेदारों के सारे अरमान रखे रह गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस की दलित नेता कुमारी सैलजा ने पूरे चुनाव के दौरान अपनी मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को कमजोर नहीं पड़ने दिया। सैलजा की दावेदारी के बीच कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सीएम बनने की इच्छा जताई। दीपेंद्र हुड्डा ने खुद कभी नहीं की दावेदारी हालांकि, रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक बार भी अपने मुंह से ऐसा नहीं बोला कि वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। अपने भाषणों में दीपेंद्र ने मुख्यमंत्री पद के लिए हमेशा पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की दावेदारी ही पेश की। इसके विपरीत कांग्रेस में चल रही इस कलह के बीच भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की जोड़तोड़ में लगे रहे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने जनसभाओं में दीपेंद्र के कामकाज की दिल खोलकर तारीफ की। इससे हुड्डा को अपने बेटे किए माहौल बनाने में आसानी हो गई। दीपेंद्र हुड्डा के लिए था अच्छा मौका कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, पार्टी पर्यवेक्षक अशोक गहलोत और अजय माकन तथा संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल तक अधिकतर वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भरोसेमंद हैं। इसलिए उन्हें बेटे के लिए पैरवी करने में ज्यादा परेशानी नहीं आती, मगर मामला सिरे चढ़ने से पहले ही बिगड़ गया। हुड्डा की उम्र इस समय 77 साल है। भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार के पांच साल पूरे होने के बाद अब राज्य में 2029 में चुनाव होंगे। उस समय हुड्डा की उम्र करीब 82 साल होगी। ऐसे में तब की परिस्थिति के अनुमान के हिसाब से इस बार हुड्डा के लिए बेटे की पैरवी करना ज्यादा आसान रह सकता था। हुड्डा के नेतृत्व में लड़े गए 4 चुनाव हरियाणा में कांग्रेस ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में अब तक चार चुनाव लड़े हैं, लेकिन किसी भी चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाया है। साल 2005 में कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और कांग्रेस को 67 सीटें मिली थी, लेकिन हाईकमान ने हुड्डा को सांसद होते हुए भी मुख्यमंत्री बना दिया था। इसके बाद साल 2009 का पहला चुनाव हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस ने लड़ा। उस समय कांग्रेस को 40 सीटें मिली, जो कि पूर्ण बहुमत से छह कम थी, राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हुड्डा ने अपने रणनीतिक कौशल के चलते विधायकों का इंतजाम कर लिया था और सरकार बना ली थी। इसी तरह साल 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा था, जबकि साल 2019 के चुनाव में कांग्रेस की 31 सीटें आई, जो कि बहुमत से 15 सीट कम थी। इस बार साल 2024 के चुनाव में कांग्रेस की 37 सीटें आई हैं, जो कि बहुमत से 11 सीट कम हैं। recent visitors 113

बिल गेट्स बड़ा सुंदर बिजनेस तो कर पा रहे हैं, परिवार नहीं चला पा रहे हैं, पत्नी को खुश नहीं रख पा रहे: अनिरुद्धाचार्य

नई दिल्ली कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और उनकी एक्स वाइप मेलिंडा गेट्स के तलाक पर बयान दिया है। उन्होंने कहा, “आज देखिए बड़े-बड़े डॉक्टर्स हैं, बड़े-बड़े जज हैं, बड़े-बड़े इंजीनियर हैं, बड़े-बड़े एडवोकेट हैं…पढ़ा-लिखा समाज है। ये लोग बड़ा सुंदर व्यापार तो कर पा रहे हैं। बड़ा सुंदर बिजनेस तो कर पा रहे हैं। लेकिन वही लोग अपना परिवार नहीं चला पा रहे हैं, अपनी पत्नी को खुश नहीं रख पा रहे हैं, अपने बच्चों को सही रास्ता नहीं दिखा पा रहे हैं।” दिया बिल गेट्स का उदाहरण अनिरुद्धाचार्य ने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में कहा, “एक छोटा उदाहरण मैं हमेशा देता हूं बिल गेट्स का। बिल गेट्स जैसा सफल व्यापारी धरती पर कौन होगा? सफल बिजनेसमैन कौन होगा? उसने व्यापार चलाना तो सीख लिया पर परिवार चलाना नहीं सीख पाया। इसलिए 27 सालों के बाद बिल गेट्स की पत्नी ने उसे तलाक दे दिया।” बताया परिवार का महत्व अनिरुद्धाचार्य ने अपनी बात को समझाते हुए आगे कहा, “परिवार चलाना अलग है और व्यापार चलाना अलग। आज कल लोग सिर्फ पैसों के पीछे भाग रहे हैं। पैसा होना चाहिए। पैसा बुरा नहीं है। लेकिन पैसे से ज्यादा महत्व परिवार काे देना चाहिए। परिवार को सबसे ऊपर रखना चाहिए। अगर पत्नी, बेटा और मां-बाप खुश रहेंगे न तो पैसा अपने आप आ जाएगा। जरूरत के वक्त पैसा काम आता है, लेकिन जो चीज पैसा भी नहीं कर पाता वो परिवार कर देता है। इसलिए उसका महत्व पैसों से कहीं ज्यादा है।” recent visitors 62

कारोबारी पहुंचे GST दफ्तर, छत्तीसगढ़-रायपुर में आगरा से अज्ञात मालिक की 928 किलो चांदी पहुंची

रायपुर। राजधानी रायपुर के मौदहापारा इलाके में पुलिस को चेकिंग के दौरान एक मालवाहक वाहन से 928 किलो चांदी की सिल्लियां मिली थीं। पुलिस ने मालवाहक वाहन में बैठे युवक सन्नी कुमार सिंह से चांदी से संबंधित कोई वैध डॉक्यूमेंट मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने सन्नी के कब्जे से 51 कार्टूनों में बंद चांदी की सिल्लियों को जब्त कर छत्तीसगढ़ कमर्शियल टैक्स (GST) को सौंप दिया था। इस घटना को आज पूरे दो दिन हो गए हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी अभी तक चांदी के मालिकों का पता नहीं लगा पाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, चेकिंग में जब्त की गई इस चांदी का बड़ा हिस्सा शहर के कुछ व्यापारियों का है। इस खेप को आगामी दिवाली त्योहार के लिए पिघलाकर आभूषण बनाने के लिए अवैध तरीके से रायपुर लाया गया था। यह खेप सही ठिकानों पर पहुंचने से पहले ही चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ लग गई। इसके बाद आज दो कारोबारियों ने GST दफ्तर पहुंचकर इस चांदी के बारे में पूछताछ की है। बता दें कि जिस ट्रांसपोर्टर सन्नी कुमार सिंह की गाड़ी से यह चांदी का जखीरा बरामद हुआ है, वह डेली बुकिंग पर माल लाना-ले जाना करता है। GST विभाग के अधिकारियों के अनुसार 51 कार्टून में से केवल 11 के बिल और 12 की बिल्टी हैं। माना जा रहा है कि माल के खरीददार और विक्रेता ने कुछ बिल वाले माल के साथ शेष का लेनदेन बिना बिल के किया है। सभी की बिलिंग आगरा से की गई है। इसके बावजूद अधिकारी मालिकों का नाम बताने से बच रहे हैं। recent visitors 80