Wednesday, July 8, 2026 5:28 am

शेफील्ड शील्ड मैच दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में 23-27 नवंबर तक खेले जाएंगे

सिडनी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने शुक्रवार को बताया कि मौजूदा शेफील्ड शील्ड सीजन में तीन मुकाबले डे-नाइट होंगे। यह कदम सात साल के बाद ऑस्ट्रेलिया की प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता में पिंक बॉल खेल की वापसी का प्रतीक भी है। शेफील्ड शील्ड मैच के मैच दक्षिण ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में 23-27 नवंबर तक खेले जाएंगे, इसके बाद क्वींसलैंड-विक्टोरिया का मुकाबला ब्रिस्बेन के गाबा में 24-28 नवंबर तक खेला जाएगा। ये दोनों ही दिन-रात के मैच होंगे। तस्मानिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच 15-18 मार्च को होबार्ट के बेलेरिव ओवल में होने वाला मैच मौजूदा सत्र का तीसरा पिंक-बॉल मैच होगा। शेड्यूल में यह बदलाव सीए और स्टेट हाई परफॉरमेंस डिपार्टमेंट के बीच बातचीत के बाद सामने आया। ऑस्ट्रेलिया अपने घरेलू मैदान पर एडिलेड में भारत के खिलाफ पिंक बॉल से टेस्ट मैच खेलेगा, जो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए बेहद अहम है। भारत को पहले और दूसरे टेस्ट के बीच कैनबरा के मनुका ओवल में प्रधानमंत्री प्लेइंग-11 के खिलाफ दो दिवसीय पिंक बॉल मैच खेलना है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि कार्यक्रम में बदलाव का मुख्य उद्देश्य घरेलू क्रिकेटरों और संभावित टेस्ट खिलाड़ियों के लिए प्रथम श्रेणी स्तर पर डे नाइट की परिस्थितियों का अनुभव कराना है। राष्ट्रीय टीमों के कार्यकारी महाप्रबंधक बेन ओलिवर ने कहा, “हम हमेशा घरेलू खिलाड़ियों के अनुभव को बढ़ाने और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए सर्वश्रेष्ठ रूप से तैयार करने के अवसरों की तलाश में रहते हैं। टेस्ट वेन्यू पर प्रथम श्रेणी मैच खेलना महत्वपूर्ण है, और डे नाइट की परिस्थितियों का सामना करना भी अहम है, जो पिछले एक दशक में ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट समर की विशेषता बन गई है।” उन्होंने आगे कहा, “इस बात को ध्यान में रखते हुए हमारे अगले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों के समूह के लिए डे/नाइट शेफील्ड शील्ड मैचों को फिर से शुरू करने का यह सही समय है। हम मौजूदा सीजन में इस पहल को संभव बनाने में उनके समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद देते हैं।”     recent visitors 62

पिछले साल भर्ती सरकारी शिक्षकों पर संकट, छत्तीसगढ़-कवर्धा में डिप्टी सीएम व सांसद से लगाई गुहार

कवर्धा. प्रदेश में वर्ष 2022-23 में भर्ती हुए नवनियुक्त सरकारी शिक्षकों की नौकरी संकट में चल रही है। ऐसे में इन शिक्षकों ने कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा, राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय, पंडरिया विधायक भावना बोहरा, पूर्व कवर्धा विधायक डॉ.सियाराम साहू के पास गुहार लगाई है। बीएड प्रशिक्षित नवनियुक्त सहायक शिक्षकों का पद सुरक्षित रखे जाने की मांग की है। शिक्षकों ने बताया कि शिक्षक भर्ती नियम 2019 के राजपत्र में पारित नियम के आधार पर सभी मानकों पर खरा उतरते हुए डीएड अभ्यर्थी के साथ लगभग 2900 बीएड अभ्यर्थी को प्रावीण्य सूची में स्थान पाने के बाद सहायक शिक्षक के रूप में प्रदेश के बस्तर व सरगुजा संभाग के सुदूर अंचल में पदस्थ किया गया है। वर्तमान में एक वर्ष से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस बीच उच्च न्यायालय ने बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षक को 2 अप्रैल 2024 को अमान्य कर दिया है, जिससे बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षक व उनके परिवार की आजीविका के साथ मानसिक प्रताड़ना से गुजरना पड़ रहा है। प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा का ध्यान आकर्षण कराते हुए न्यायालय की अवमानना किए बगैर बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों की आजीविका के साथ इससे प्रभावित परिवार के लगभग 30 हजार लोगों की ऊपर मंडरा रहे आर्थिक संकट को दूर कर सेवा को सुरक्षित रखने के लिए निवेदन किया है। recent visitors 68

कप्तान रोहित शर्मा दूसरी बार बनने वाले हैं पिता? ऑस्ट्रेलिया में नहीं खेलेंगे टेस्ट मैच!

मुंबई भारत को इसी साल नवंबर से ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है, लेकिन इससे पहले भारतीय टीम को झटका लगा है. दरअसल, रोहित शर्मा इस सीरीज के शुरुआती दो मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए नहीं दिखेंगे. 2 टेस्ट मैच ना खेलने की वजह रोहित ने 'व्यक्त‍िगत कारण' बताई है, इस बारे में  BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को 'हिटमैन' ने जानकारी दे दी है. खबरों के मुताब‍िक, रोहित बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के शुरुआती दो मैचों से चूक सकते हैं. उन्होंने BCCI और चीफ सेलेक्टर को बताया कि वह कुछ व्यक्तिगत मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं और अगर यह हल नहीं हुआ तो वह पहले गेम से बाहर हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि अभी तक यह बोर्ड को सिर्फ सूचना है, उन्होंने यह नहीं कहा है कि वह उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में सेलेक्शन कमेटी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड टीम की घोषणा करने से पहले रोहित की अंत‍िम पुष्ट‍ि का इंतजार करेंगे. भारतीय क्रिकेट टीम 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया में पर्थ में शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में हिस्सा लेगी और ऐसी संभावना है कि रोहित एडिलेड (6-10 दिसंबर) में होने वाले पहले या दूसरे मैच को छोड़ सकते हैं. बीसीसीआई के एक सूत्र ने नाम ना बताने की शर्त पर समाचार एजेंसी से कहा- इस स‍िचुएशन के बारे में अभी पूरी तरह से क्ल‍ियरटी नहीं है. ऐसा माना जा रहा है कि रोहित ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि एक जरूरी निजी मामले के कारण उन्हें सीरीज की शुरुआत में होने वाले दो टेस्ट मैचों में से एक को छोड़ना पड़ सकता है. रोहित ने बीसीसीआई को बताया है कि अगर सीरीज की शुरुआत से पहले निजी मामला सुलझ जाता है, तो वह सभी पांच टेस्ट मैच खेल सकते हैं. हमें आने वाले दिनों में इस बारे में और जानकारी मिलेगी. 37 वर्षीय रोहित ने बांग्लादेश के खिलाफ दोनों घरेलू टेस्ट मैच खेले. वहीं अब वो 16 अक्टूबर से शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ खेलते हुए दिखेंगे. रोहित नहीं खेले तो कौन बनेगा ओपनर, कौन कप्तान?   अगर रोहित ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच नहीं खेल पाते हैं तो फॉर्म में चल रहे अभिमन्यु ईश्वरन उनके कवर के तौर पर खेल सकते हैं, हालांकि शुभमन गिल और केएल राहुल भी ओपनिंग स्लॉट में काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं.  ईश्वरन भारत ए टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया में भी होंगे, जिसकी कमान उन्हें संभालनी है. वहीं ऑस्ट्रेल‍ियाई दौरे पर टेस्ट टीम का उप-कप्तान कौन होगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि बांग्लादेश के खिलाफ हाल ही में घरेलू सीरीज के दौरान रोहित के लिए कोई आधिकारिक उपकप्तान नहीं था. लेकिन देखा जाए तो भारतीय टीम में कई आईपीएल कप्तान हैं. ऐसे में शुभमन गिल, ऋषभ पंत यह कर सकते हैं. वहीं यशस्वी जायसवाल भी कैप्टंसी मैटेर‍ियल हैं. पहले भी छोड़ा था रोहित ने ऑस्ट्रेल‍िया दौरा बात 2019 की है, तब भारत की वनडे और टी20 टीम के उप-कप्तान रहे रोहित शर्मा पहली बार बेटी समायरा के प‍िता बने थे. रीतिका सजदेह ने 30 दिसंबर को बेटी को जन्म दिया था. तब रोहित ऑस्ट्रेल‍िया के दौरे पर थे, लेकिन वह अपनी पत्नी और बेटी से मिलने के लिए बीच दौरे में भारत आए थे.   ऑस्ट्रेलिया-भारत का टेस्ट शेड्यूल पहला टेस्ट: 22-26 नवंबर, पर्थ दूसरा टेस्ट: 6-10 दिसंबर, एडिलेड (डे-नाइट) तीसरा टेस्ट: 14-18 दिसंबर, ब्रिस्बेन चौथा टेस्ट: 26-30 दिसंबर, मेलबर्न पांचवां टेस्ट: 3-7 जनवरी, सिडनी recent visitors 81

केन्द्र सरकार ने जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिये तेज़ी से बढ़ते कदम केन्द्र सरकार ने जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया भोपाल केन्द्र सरकार ने जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में 2 अक्टूबर 2024 से 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में जनजातीय आबादी के लिए समान अवसरों का सृजन, सामाजिक-आर्थिक स्तर का विकास, बुनियादी ढांचे के सुधार और स्वास्थ्य, शिक्षा व आजीविका के क्षेत्र में ठोस प्रगति करना है। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि प्रदेश के 51 जिलों के 267 विकासखंडों में स्थित 11 हजार 377 जनजातीय गांवों को इस अभियान का लाभ मिलेगा। यहां 43 जनजातीय समुदायों के 18 लाख 58 हजार परिवार निवास करते हैं, जिनकी कुल 93 लाख 23 हजार आबादी इस अभियान से लाभान्वित होगी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन जनजातीय गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं। अभियान के प्रमुख लक्ष्य अभियान में सभी जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी पात्र जनजातीय परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना और उनके गांवों में सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सेवाओं का विस्तार किया जायेगा। अधिक से अधिक मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) की स्थापना की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इसी प्रकार जनजातीय क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र (टीएमएमसी) शुरू करने के प्रयास किये जायेंगे, जिससे जनजातीय परिवारों को उनकी अपनी कला, संस्कृति, चित्रकारी, वनोपज संग्रहण, शहद, कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा, महुआ से तैयार उत्पादों, जड़ी-बूटी से प्राकृतिक उपचार ज्ञान कौशल की बेहतर मार्केटिंग हो सकें और जनजातियों की उन्हीं के गांव में ही आमदनी बढ़ाई जा सके। इससे जनजातियां पलायन भी नहीं करेंगी। अभियान में 25 प्रकार की नागरिक सेवाएं/सुविधाएं जनजातीय समुदायों को प्रदान की जाएंगी, जो 18 लाइन मंत्रालयों/विभागों के द्वारा संचालित की जाएंगी। ये मंत्रालय अनुसूचित जनजातियों के लिए विभागीय विकास कार्ययोजना (DAPST) के तहत अपनी बजट राशि से पांच वित्त वर्षों (2024-25 से 2028-29) तक जनजातीय क्षेत्रों में विकासमूलक काम करेंगे। केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास, जल शक्ति, विद्युत, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, दूरसंचार और जनजातीय कार्य मंत्रालय/विभाग इस अभियान में प्रमुख रूप से शामिल होंगे। अभियान के लिय मध्यप्रदेश ने की है बड़ी तैयारी मध्यप्रदेश ने इस अभियान का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए तेजी से तैयारी की है। सितंबर माह में अभियान की रूपरेखा तैयार होते ही राज्य सरकार ने 1226 करोड़ रुपये लागत के कार्य प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिये हैं। इस राशि से जनजातीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं, गांव-गांव तक पहुंच रोड और कौशल विकास प्रशिक्षण के जरिये रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार इस अभियान के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में अधिकाधिक मात्रा में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्रों की स्थापना के लिए विशेष प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार के 18 मंत्रालय और विभागों द्वारा जनजातीय समुदायों के लिए विशेष सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का घर और पीएम ग्रामीण सड़क योजना के तहत गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा। जल शक्ति मंत्रालय जल जीवन मिशन के माध्यम से पात्र गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करेगा, जबकि ऊर्जा मंत्रालय अविद्युतीकृत गांवों और बसाहटों में बिजली पहुंचाने का कार्य करेगा। यह अभियान केंद्र सरकार के समग्र विकास के प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर जनजातीय समुदायों को सामाजिक और आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके माध्यम से अगले पांच वर्षों में जनजातीय आबादी के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य किए जाएंगे। अभियान के सफल क्रियान्वयन से प्रदेश की जनजातीय आबादी को बुनियादी सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, जो समग्र राष्ट्रीय विकास में अहम योगदान देगा।   recent visitors 111

गरज चमक के साथ जल्द होगी बूंदाबांदी, छत्तीसगढ़ में बारिश थमने से बढ़ने लगा तापमान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून की वापसी हो सकती है। गरज चमक के साथ हल्की मध्यम बारिश की गतिविधि बनने रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके वजह से प्रदेश में गरज चमक गतिविधि जारी रहने की संभावना है। साथ ही हल्की मध्यम बारिश भी हो सकती है। प्रदेश में बारिश थमने से तेज धूप और उमस से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में आज शुक्रवार को मेघ गर्जन की गतिविधि जारी रहेगी। इसके बाद गतिविधि में कमी आने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि छत्तीसगढ़ में आज एक-दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही एक-दो जगह पर बिजली गिर सकती है। आगामी दो दिनों तक मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून के वापसी की रेखा 29°N और 84°E, नौतनवा, सुल्तानपुर, पन्ना नर्मदापुरम, खरगांव, नंदूरबार, नवसारी और 20°N और 70°E से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही अगले दो-तीन दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के साथ महाराष्ट्र और बिहार के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। recent visitors 65

रंजिश पर साथियों के साथ मिलकर मारा, छत्तीसगढ़-दुर्ग में प्रेमिका के पति की हत्या

दुर्ग. उतई थाना क्षेत्र के पुरई गांव में प्रेम संबध और पुरानी रंजिश को लेकर एक व्यक्ति की पिटाई कर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान द्वारिका सिन्हा के रूप में हुई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उतई थाना क्षेत्र के पुरई गांव निवासी द्वारिका सिन्हा की पत्नी छोटू नाम के बड़े भाई के यहां सिलाई सीखने जाती थी। इसी दौरान दोनों की जान पहचान हो गई। इसके बाद से दोनों में बातचीत होती थी। गांव में दोनों के अवैध संबंध की अफवाह उड़ी। छोटू अक्सर महिला के घर के पास घूमता रहता था और द्वारिका सिन्हा की पत्नी को भी फोन पर बात करता था। इसकी जानकारी द्वारिका को लगी। इसके बाद द्वारिका ने छोटू को समझाने के लिए तालाब के पास बुलाया। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोपी छोटू ने अपने साथी जयसिंह बांधे और गणेश नायक को तालाब के पास बुलाया, जिसके बाद द्वारिका से मारपीट की और कटर से कई बार हमला कर दिया। इस घटना में द्वारिका को गंभीर चोटें आईं, जिसे इलाज के लिए उतई अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। द्वारिका राजमिस्त्री का काम करता था। recent visitors 72

नीचे से निकलकर बाल-बाल बचे प्रोफेसर, छत्तीसगढ़-कोरबा में हाइवा ने बाइक को मारी टक्कर

कोरबा. सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत नकटीखार मुख्य मार्ग पर राखड़ से भारे हाइवा ने बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार बाल-बाल बच गया। वहीं, बाइक पहिए में फंस गई। देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई और गुस्सा आए लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम के बाद सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। लगभग तीन किलोमीटर तक सड़क के दोनों तरफ भारी वाहन जाम में फंस गए। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए चक्का जाम समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण काफी आक्रोशित थे और भारी वाहनों के आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया जहां देखते ही देखते वाहनों की जाम लग गई। बताया जा रहा कि 26 वर्षीय बाइक सवार वेद प्रकाश सोनी सेंदरीपाली नावाडीह करतला थाना निवासी हैं, जो मिनी कॉलेज में प्रोफसर हैं। सुबह बाइक पर सवार होकर कोरबा से अपने गृहग्राम जा रहे थे। इस दौरान गोढ़ी के पास तेज रफ्तार हाइवा ने ओवरटेक करने के फेर में बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया। बाइक पहिए के नीचे आ गई। वहीं, बाइक सवार वाहन के बीच से निकल गया। चालक हाइवा को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। recent visitors 60