Friday, July 3, 2026 1:41 pm

अयोध्या में दशहरा के अवसर पर राम मंदिर में पहली बार शस्त्र पूजन, शुरू हुई नई परंपरा

अयोध्या भगवान राम नगरी अयोध्या में मंदिर में पहली बार शस्त्र पूजन कार्यक्रम कराया गया है। दशहरा के अवसर पर शस्त्र पूजन की पौराणिक काल से परंपरा चली आ रही है। अयोध्या राम मंदिर में भी इस परंपरा को शुरू किया गया है। नियमित पूजा-अर्चना के साथ शस्त्र पूजन की अलग से तैयारी भी की गई। शस्त्र पूजन का कार्यक्रम भोर से ही आरंभ हुआ। बता दें कि देश-दुनिया में प्रभु श्रीराम की पूजा इसलिए की जाती है कि उन्होंने राक्षसी शक्तियों पर विजय की प्राप्ती की थी। लेकिन, रामजन्मभूमि में अब तक भगवान राम को एक बालक के रूप में पूजा जाता रहा था। दरअसल, 22-23 दिसंबर 1949 को अयोध्या में प्रभु रामलला के नवजात शिशु रूप की स्थापना हुई थी। उनके पास कोई शस्त्र नहीं था। इस कारण अन्य वैष्णव मंदिरों की तर्ज पर भगवान के अस्त्रों की पूजा की यहां परंपरा नहीं थी। 22 जनवरी 2024 को प्रभु रामलला के पांच वर्षीय बालक स्वरूप की स्थापना राम जन्मभूमि मंदिर में की गई। प्रभु रामलला अपने हाथ में तीर-धनुष लिए हुए हैं। इसलिए, अब राम मंदिर में भी शस्त्र पूजन की विधि को पूरा कराया गया है। क्यों होती है शस्त्र पूजा? हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार महाबली राक्षस महिषासुर को युद्ध के लिए ललकारने से पहले देवताओं ने मां दुर्गा के साथ -साथ उनके शस्त्रों का भी पूजन किया था। भगवान राम के भी लंकापति रावण के साथ युद्ध के पहले गुरुओं की विद्या और उनके शस्त्रों के पूजन का जिक्र मिलता है। शस्त्रों की पूजा के जरिए लोग अपनी शक्तियों को पूजते हैं। recent visitors 101

राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन मंदिर पुनर्निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विजयादशमी पर्व के अवसर पर राजभवन मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने शिलान्यास अवसर पर वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चना की। राज्यपाल श्री पटेल ने मंदिर सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रस्तावित परियोजना की जानकारी ली। राज्यपाल श्री पटेल ने निर्माण एजेंसी को कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कार्य की गुणवत्ता के साथ ही समय सीमा का पालन भी सुनिश्चित किया जाये। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि मंदिर सुदृढ़ीकरण जीर्णोद्धार कार्य की कुल लागत 84 लाख 13 हजार एक सौ रुपये है। इस परियोजना में 76 लाख 96 हजार रुपए के सिविल कार्य और 7 लाख 16 हजार रुपये के इलेक्ट्रिक कार्य किए जाएगें। कुल 27 सौ वर्गफुट का मंदिर हॉल, 1120 वर्गफुट की भोजन शाला और भंडारा कक्ष बनेगा। रसोई का निर्माण 560 वर्गफुट में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अभियंता लोक-निर्माण श्री संजय मस्के, राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री अरविंद पुरोहित, नियंत्रक हाऊस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर, लोक निर्माण विभाग की सिविल, इलेक्ट्रिकल शाखा और निर्माण एजेंसी के अधिकारी, राजभवन के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।   recent visitors 74

संत शिरोमणि रविदास शासकीय ग्लोबल स्किल्स पार्क में पहले आओ-पहले पाओं आधार पर मिलेगा प्रवेश

विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के साथ बेहतर भविष्य की ओर संत शिरोमणि रविदास शासकीय ग्लोबल स्किल्स पार्क में एक वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए 25 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित संत शिरोमणि रविदास शासकीय ग्लोबल स्किल्स पार्क में पहले आओ-पहले पाओं आधार पर मिलेगा प्रवेश भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क ने 2024 सत्र के लिए एक वर्षीय एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रमों में नामांकन प्रारंभ हो गए हैं । सीमित सीटों के साथ 'पहले आओ पहले पाओ' की नीति पर चल रही इस प्रक्रिया की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2024 है। छात्रों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर है, जहां वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए कौशल प्राप्त कर सकते हैं। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों का प्लेसमेंट 98% है। पाठ्यक्रम और सुविधाएं यहां एडवांस्ड ऑटोमोटिव, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, मेकाट्रॉनिक्स, और प्रिसीजन इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है। छात्रों को ठहरने की निःशुल्क सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे उनकी शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके अलावा, एडवांस्ड नेटवर्किंग और सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन और एयर-कंडीशनिंग व रेफ्रिजरेशन जैसे क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्लोबल स्किल्स पार्क के पूर्व छात्रों के शानदार रिकॉर्ड ने इसे एक अग्रणी संस्थान बना दिया है। यहां से प्रशिक्षित छात्रों को न केवल भारत में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। एडवांस्ड मोबाइल डिवाइस और IoT टेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रम, आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए है आवेदक जीएसपी की साइट admission.gsp@mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैंआवेदक अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9713992665, 9093346258, 9981919733 पर कॉल कर सकते हैं।   recent visitors 137

जियो बुक की कीमत में गिरावट, अब सिर्फ 12 हजार में उपलब्ध

Jio ने इस लैपटॉप में आपको MediaTek 8788 CPU मिलता है जो JioOS पर वर्क करता है। आप इसे सीधा 4G मोबाइल नेटवर्क से कनेक्ट कर सकते हैं या सीधा WiFi Network से भी कनेक्ट कर सकते हैं। ये लैपटॉप 11.6 इंच स्क्रीन और 990 ग्राम वेट के साथ आता है। ये अभी सिर्फ एक सिंगल ब्लू कलर वैरिएंट में उपलब्ध है। लैपटॉप की स्टोरेज 64GB दी जाती है और RAM 4GB मिलने वाली है। Jio का कहना है कि लैपटॉप की एवरेज बैटरी लाइफ 8 घंटे की आती है।  Jio की तरफ से 12 महीने की वारंटी दी जा रही है। साथ में लैपटॉप के Infinity Keyboard और बड़ा टचपैड भी दिया जाता है। इसकी मदद से आपका वर्कफ्लो अच्छा बना रहता है। लैपटॉप की मदद से सिर्फ प्रोफेशनल को टारगेट नहीं किया जाता है। ये ऐसे यूजर्स के लिए है जो पढ़ाई करना चाहते हैं, Word Document पर काम करना चाहते हैं या बेसिक प्रेजेंटेशन बनाना चाहते हैं। JioBook में आपको अच्छा डिस्प्ले नहीं मिलने वाला है। आप इसे 12,890 रुपए की कीमत में खरीद सकते हैं। इसे Amazon पर 3.2 रेटिंग दी गई है। Netflix, Microsoft Teams और WhatsApp समेत आपको सभी ऐप्लीकेशन का एक्सेस भी इस पर मिलता है।  Anti-Glare स्क्रीन की मदद से आपके लिए कंटेंट फोकस भी आसान होने वाली है। वेबकैम और स्टीरियो स्पीकर की मदद से आप वीडियो कॉलिंग भी कर सकते हो। ये लैपटॉप 100GB क्लाउड स्टोरेज के साथ आता है। recent visitors 85

दशहरा के दिन शस्त्र पूजन करते हुए राजनाथ सिंह ने चीन-पाक को दिया संदेश ‘हमारे हितों पर आंच आई तो’

दार्जिलिंग पूरे देश में आज विजयादशमी का त्यौहार मनाया जा रहा है. इस दिन पूजा में अस्त्र-शस्त्रों को सामने रखकर पूजा करने की परंपरा रामायण और महाभारत काल से चली आ रही है. आज भी हमारी सेना इस परंपरा को निभाती है. इसी उपलक्ष्य में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा की. इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अगर भारत के हितों पर बात आती है तो हम कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दार्जिलिंग में सुकना कैंट में सेना के जवानों के साथ विजयादशमी मना रहे हैं. 'यह हमारी विशाल सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां शास्त्रों और शस्त्रों दोनों की पूजा की जाती है. ऐसा लग सकता है कि लोहे और लकड़ी से बनी चीजों की पूजा करने का क्या औचित्य है? लेकिन वास्तव में, यह हमारी विशाल सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है जिसमें हम किसी भी वस्तु का उपयोग करने से पहले और बाद में उसके प्रति आभार व्यक्त करते हैं." 'यह मानवता की जीत है' इस दौरान उन्होंने कहा कि विजयादशमी के दिन भगवान राम को मिली जीत सिर्फ उनकी नहीं थी बल्कि यह मानवता को मिली जीत थी. रावण विद्वान होने के बाद भी बुराइयों का प्रतीक था. भगवान राम की रावण से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी. उन्होंने रावण का वध इसलिए किया क्योंकि मानवता के लिए वो जरूरी था. बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे रक्षामंत्री ने कहा, "हमने कभी किसी देश के साथ युद्ध नहीं किया है. हमने तब युद्ध किया है जब उसने मानव मूल्यों के खिलाफ जंग छेड़ी है. हमें हमारे हितों पर आंच दिखी तो हम कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे." उन्होंने आगे कहा, 'पड़ोसियों की किसी भी हरकत से इनकार नहीं किया जा सकता. वैश्विक हालात चाहे कुछ भी हों, हमें हमेशा तैयार रहना है." recent visitors 86

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजमाता सिंधिया का जयंती पर किया स्मरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्याग, समर्पण एवं नारी सशक्तिकरण की प्रतिमूर्ति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया को उनकी जयंती पर स्मरण करते हुए नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजमाता सिंधिया का सम्पूर्ण जीवन जन-कल्याण और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए आपने जो अहर्निश कार्य किये, हम सभी को सदैव राष्ट्र एवं समाज उत्थान के लिए प्रेरित करते रहेंगे।   recent visitors 50

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दशहरा के पावन पर्व की दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दशहरा के पावन पर्व की दी बधाई लोकमाता देवी अहिल्या बाई का जीवन सभी के लिए अनुकरणीय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "दशहरे" के पावन पर्व की प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युग-युग से विजय का प्रतीक दशहरे का पर्व हमें हमारी सनातन संस्कृति से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई के 300वीं जयंती वर्ष में पूरे प्रदेश में लोकमाता को समर्पित दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई ने अपने शासनकाल में राज्य की अभेद्य सुरक्षा के साथ जनता की सेवा और समर्पण का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके राज्य पर कभी आक्रमण नहीं हुआ और अखंड भारत की मंगलकामना करते हुए सुशासन के नए प्रतिमान गढ़ते हुए उन्होंने शासन चलाया। उनका जीवन हम सभी के लिए अनुकरणीय है।   recent visitors 61