Friday, July 3, 2026 9:11 am

15 अक्टूबर से शुरू होगी छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड की परीक्षा

रायपुर छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी पत्राचार पाठ्यक्रम परीक्षा द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ अवसर परीक्षा 15 अक्टूबर 2024 से प्रारंभ होगी जो 23 अक्टूबर 2024 तक जारी रहेगी। परीक्षा का समय प्रात: 9 बजे से 12 बजे तक निर्धारित है। अवसर परीक्षा हेतु उर्दू कन्या उ. मा. शा. रायपुर, स्वामी करपात्री जी शा. उ. मा. वि. कवर्धा, शा. बा. उ. मा. वि. सिमगा, शा. उ. मा. वि. महावीरगंज, शा. बहु. उ. मा. वि. पेण्ड्रा तथा स्वामी आत्मानंद शा. इंग्लिश मीडियम स्कूल फरीद नगर कोहका भिलाई परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। recent visitors 97

मुख्यमंत्री ने कहा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्यक्रमों से जुड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क का लाभ प्राप्त कर रहे

नागदा-खचरौद को फोर-लेन सड़क की सौगात शीघ्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री नागदा कन्या-पूजन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल मुख्यमंत्री ने कहा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्यक्रमों से जुड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क का लाभ प्राप्त कर रहे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के नागदा में आयोजित कन्या-पूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल होकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कन्या-पूजन कार्यक्रम को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पक्ष बताया और कार्यक्रम आयोजकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित जन-प्रतिनिधियों से चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि नागदा-खाचरौद को शीघ्र ही फोर-लेन सड़क की सौगात मिलेगी। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर शस्त्र-पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें जन-प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने सुशासन की मिसाल प्रस्तुत की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इससे उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा से उन्हें विशेष लगाव है। यहां रक्षा बंधन का पर्व भी उत्साह से मनाया गया था। कन्या-पूजन कार्यक्रम कमल धाकड़ स्मृति मंच एवं विश्व युवा मंडल ने आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुल्तान सिंह शेखावत, विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह शेखावत, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती संतोष ओपी गेहलोत, मण्डल अध्यक्ष सी.एम. अतुल, रवि काठेड़, संस्था अध्यक्ष राजेश धाकड़, महंत जय नारायण दास और राजकुमार मेहता उपस्थित रहे।   recent visitors 60

प्रधानमंत्री मोदी रीवा एयरपोर्ट का करेंगे वर्चुअली लोकार्पण

प्रधानमंत्री मोदी रीवा एयरपोर्ट का करेंगे वर्चुअली लोकार्पण उप मुख्यमंत्री ने लोकार्पण समारोह आयोजन की तैयारियों की समीक्षा भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अक्टूबर को रीवा एयरपोर्ट का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। रीवा में लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित केंद्रीय मंत्री तथा प्रदेश सरकार के मंत्रीगण भी उपस्थित रहेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लोकार्पण कार्यक्रम के तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम के लिए बनाए जाने वाले स्थल में मंचीय व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 51

ऊर्जा मंत्री ने वार्ड 6,7 और 9 मे किया विकास कार्यों का निरीक्षण और भूमि-पूजन

ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने  ग्वालियर-15 विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न बस्तियों में विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना और समय पर कार्य पूर्ण कराना हमारी प्राथमिकता है। ग्वालियर के विकास की नई इबारत लिखने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि अभी तो शुरूआत है, विकास की कड़ी में आगे कई नए आयाम स्थापित होंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड क्रमांक-6 में बम भोले की बगिया से प्रभुदयाल जी के मकान तक सीसी रोड तथा हथियापोर में नाला निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। यह नाला क्षेत्र में जल-निकासी की समस्या को हल करने में मदद करेगा और स्वच्छता व स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने वार्ड-7 के शिव विहार में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी किया और कहा कि गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना और समय पर कार्य पूरा करना हमारी प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री ने क्षेत्रवासियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड-7 स्थित शिव विहार कॉलोनी में सीसी रोड, सीवर लाइन, पेयजल और अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के समग्र विकास और जन-सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हमारे संकल्प का उद्देश्य है कि हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं और क्षेत्र की प्रगति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान उन्होंने वार्ड क्रमांक-9 के राजामंडी क्षेत्र में सड़कों, सीवर, पेयजल, और विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा जनहित में विकास कार्यों की प्रगति को समीक्षा करते हुए, समस्याओं के समाधान के लिये अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक को समय पर बुनियादी सुविधाएं प्राप्त हों। ऊर्जा मंत्री तोमर ने सागर ताल क्षेत्र में माता प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रबंध सुनिश्चित करने पर जोर दिया। देवी विसर्जन के दौरान जनता को कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 50

प्रेसक्लब में पत्रकारों के लिये 13 को हार्ट अटैक पर नि:शुल्क शिविर

रायपुर वर्तमान समय में हार्ट अटैक की घटनाएं बहुत बढ़ गई हैं, आए दिन कोई न कोई ऐसा वीडियो सामने आता है, जब नाचते-गाते, चलते-फिरते या फिर बैठे-बैठे ही व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो जाती है। किसी को उसे बचाने का मौका भी नहीं मिलता है इसलिए हार्ट की जांच और देखभाल बहुत जरूरी है। हाल- फिलहाल में कई पत्रकार साथियों को भी हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा है। हम नहीं चाहते किसी के साथ कोई अप्रिय घटना घटे इसलिए रायपुर प्रेस क्लब में 13 अक्टूबर, रविवार को मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें हार्ट की विशेष तौर पर जांच की जाएगी। इसमें इको, ईसीजी और अन्य जांच बिल्कुल मुफ़्त रहेंगी। साथ ही आंखों और दांतों की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा डॉक्टर के परामर्श के साथ जरूरी दवाइयों का वितरण भी किया जाएगा। recent visitors 70

लाड़ली लक्ष्मी योजना : बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम

लाड़ली लक्ष्मी योजना : बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना ने राज्य में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके सकारात्मक परिणामों ने अन्य राज्यों को भी इस दिशा में कार्य करने के लिये प्रेरित किया है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन और प्रभावी परिणामों ने अन्य प्रदेशों को इस तरह की योजनाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया है, जिससे बालिकाओं की स्थिति में सुधार देखा गया है। मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना राज्य सरकार की एक ऐसी अनूठी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के जीवन में सुधार लाना और उनके समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है। यह योजना बालिकाओं के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए 2007 में शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य फोकस लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है, ताकि वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में वर्ष 2023-24 में 935.8 करोड़ का व्यय हुआ है। योजना में प्रति वर्ष औसतन 1000 करोड़ का व्यय अनुमानित है। वर्तमान प्रावधान अनुसार वर्ष 2027-28 में 21 वर्ष पूर्ण कर रही बालिकाओं के लिए लगभग 1313 करोड़ राशि की आवश्यकता होगी। अब तक लाड़ली लक्ष्मी योजना में लगभग 48 लाख 86 हज़ार 832 बालिकाओं का पंजीयन किया गया है, जिन्हें अब तक 524.91 करोड़ रुपये की छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जा चुकी हैं। वर्ष 2024-25 में कुल 1 लाख 21 हज़ार 425 बालिकाओं का पंजीयन हुआ है। इस वर्ष अब तक 48.88 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। वर्तमान प्रावधान अनुसार मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना वर्ष 2027 से 2032 में वित्तीय भार वर्ष 2007 में प्रारंभ हुई इस योजना में इस वर्ष 40 हज़ार 854 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ था। वर्ष 2027-28 में ये बालिकाएँ 21 वर्ष पूर्ण करेंगी। छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि पर 904.49 करोड़, 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर प्रति बालिका को देय राशि 1 लाख के मान से 408.54 करोड़ की राशि, कुल 1313.03 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। इसी प्रकार वर्ष 2008-09 में कुल 1 लाख 86 हज़ार 803 बालिकाओं का पंजीकरण हुआ, जिन्हें 1209.31 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2028-29 में 21 वर्ष पूर्ण होने पर 1868.03 करोड़ की राशि देय होगी यानी कुल 3068.38 करोड़ रुपये की राशि का व्यय अनुमानित है। वर्ष 2009-10 में 2 लाख 13 हज़ार 874 बालिका पंजीकृत हुईं, जिन्हें 1270.97 करोड़ की छात्रवृत्ति बांटी गई। वर्ष 2029-30 में 21 वर्ष पूर्ण होने पर 2138.74 करोड़ की राशि देय होगी। इस पर कुल 3409.71 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित होगा। वर्ष 2010-11 में पंजीकृत 3 लाख 5 हज़ार 228 बालिकाओं को 1291.39 करोड़ की छात्रवृत्तियाँ प्रदान की गई। वर्ष 2030-31 में 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 3052.28 करोड़ रुपये, कुल 4343.87 करोड़ की राशि का व्यय होगा। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना में वर्ष 2011-12 में 3 लाख 80 हज़ार 260 बालिकाओं का पंजीकरण कर 1329.26 करोड़ रुपये की छात्रवृत्तियाँ दी गईं। इन बालिकाओं को वर्ष 2031-32 में 21 वर्ष पूर्ण होने पर 3802.6 करोड़ रुपये दिये जाएंगे। इस पर कुल 5131.80 करोड़ रुपये की राशि का व्यय अनुमानित है। अन्य प्रदेशों पर लाड़ली लक्ष्मी योजना का असर मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना को देखते हुए अन्य राज्यों ने भी बालिकाओं के सशक्तिकरण और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए इसी प्रकार की योजनाओं की शुरुआत की है। दिल्ली दिल्ली सरकार ने लाड़ली योजना शुरू की, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के विभिन्न चरणों पर वित्तीय सहायता प्रदान करना और उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार करना है। उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना चलाई जा रही है, जो लड़कियों की शिक्षा और उनके जन्म से लेकर विवाह तक की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। बिहार बिहार में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। यह योजना लाड़ली लक्ष्मी योजना से प्रेरित है और इसी प्रकार की संरचना का पालन करती है। राज्यों के नीतिगत सुधार कई राज्यों ने लाड़ली लक्ष्मी योजना की सफलता को देखते हुए बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए अपने नीतिगत ढांचे में बदलाव किए हैं। इन योजनाओं का ध्यान बालिकाओं के जन्म के बाद उन्हें वित्तीय सुरक्षा और शिक्षा में सहायता प्रदान करना है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना ने न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों में भी बेटियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को बदलने में मदद की है। समाज में बेटियों को बोझ मानने की धारणा को बदलने में यह योजना महत्वपूर्ण रही है। अन्य राज्यों ने इसे एक उदाहरण के रूप में देखा और समाज में बेटियों के लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए ऐसी योजनाओं को अपनाया। लिंग अनुपात में सुधार लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के साथ-साथ लिंग अनुपात में सुधार करना भी है। इसकी सफलता ने अन्य प्रदेशों को भी लिंग अनुपात को संतुलित करने की दिशा में प्रेरित किया है। इस तरह की योजनाओं से कई राज्यों में बालिकाओं के जन्म और शिक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ी है। लाड़ली लक्ष्मी योजना के सफल क्रियान्वयन ने राष्ट्रीय स्तर पर बेटियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यदि सरकारें और समाज मिलकर बालिकाओं के उत्थान के लिए काम करें, तो यह न केवल महिलाओं, बल्कि पूरे समाज के लिए उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। इस योजना के दूरगामी प्रभाव को देखकर यह कहा जा सकता है कि मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना एक मॉडल के रूप में उभरी है, जिसने देशभर में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अन्य राज्यों को नई दिशा दी है।   recent visitors 141

संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी इजरायली गोलाबारी का शिकार हुए, 600 भारतीय सैनिकों पर मंडरा रहा खतरा

बेरुत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत ने दक्षिणी लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है. इजरायल लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को लगातार निशाना बना रहा है. बीते दिनों संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी इजरायली गोलाबारी का शिकार हो गए थे. 600 भारतीय सैनिक लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन का हिस्सा हैं और इजराइल-लेबनान सीमा पर 120 किलोमीटर लंबी ब्लू लाइन पर तैनात हैं. क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव और हमलों के बीच भारत इन सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. 'ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित' विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'हम ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंतित हैं. हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र परिसर का सभी को सम्मान करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए.' अस्पताल में भर्ती UN शांति सैनिक विदेश मंत्रालय की ओर से यह बयान संयुक्त राष्ट्र के यह कहने के एक दिन बाद आया है कि 'लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के नकौरा मुख्यालय और आसपास के स्थानों पर इजरायली बलों द्वारा बार-बार हमला किया गया. आज सुबह, दो शांति सैनिक घायल हो गए.' संयुक्त राष्ट्र ने कहा, 'गनीमत रही, इस बार चोटें गंभीर नहीं हैं, लेकिन वे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं.' UN सैनिकों पर हुए हमले बता दें कि मध्य पूर्व में इजरायल और लेबनान के हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के बीच स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. इस तनावपूर्ण माहौल में, दक्षिणी लेबनान की सीमा पर शांति बहाल करने के लिए तैनात संयुक्त राष्ट्र की UNIFIL (United Nations Interim Force in Lebanon) की टुकड़ी पर भी हमले हो रहे हैं. हाल ही में इस हमले में दो शांति सैनिक घायल हुए हैं. एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप इजरायल का दावा है कि हिज्बुल्लाह जानबूझकर UNIFIL को निशाना बना रहा है, जबकि UNIFIL का कहना है कि इजरायल अपने हवाई हमलों के जरिए संयुक्त राष्ट्र की शांति सैनिक टुकड़ी के बेस के पास हमले कर रहा है, ताकि वह उसे मानवीय ढाल (Human Shield) के रूप में इस्तेमाल कर सके. दक्षिणी बेरूत में भी हो रहे हमले अब हालात और खतरनाक हो गए हैं, क्योंकि इजरायली हवाई हमले दक्षिण लेबनान से राजधानी बेरूत तक पहुंच गए हैं. दक्षिणी बेरूत पर जारी हमले अब बेरूत शहर के केंद्र में भी हो रहे हैं. बेरूत में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है, जहां हाल ही में दो स्थानों पर इजरायली हवाई हमले हुए. इन हमलों में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.   recent visitors 93