Friday, July 3, 2026 7:50 am

इंटरनेशनल फोरम में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने की खास मांग

अश्गाबात तुर्कमेनिस्तान में इंटरनेशनल फोरम में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खास मांग की है। फोरम से इतर बातचीत में उन्होंने तुर्किए और पाकिस्तान के बीच रेल और रोड बनाने पर जोर दिया है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है। इस इंटरनेशनल फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद थे। इसके अलावा कई अन्य मुस्लिम देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे थे। यह बातचीत तुर्कमेनिस्तान की राजधानी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फोरम से इतर हुई। इस दो दिवसीय फोरम का आयोजन प्रसिद्ध तुर्कमेन दार्शनिक और कवि मैग्टिमगुली फरागी की 300वीं जयंती पर हुआ था। गुरुवार को तुर्कमेनिस्तान पहुंचे पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस मौके पर भाषण दिया। उन्होंने पड़ोसी देशों के बीच मजबूत क्षेत्रीय संपर्क और गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। फोरम से इतर जरदारी ने विभिन्न राष्ट्रप्रमुखों से भी मुलाकात की। तुर्कीए की संसद के स्पीकर नुमान कुर्तुलमस के साथ बैठक में राष्ट्रपति जरदारी ने पाकिस्तान और तुर्की के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए बेहतर रेल संपर्क की मांग की। इस बैठक के दौरान उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और बलोचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुग्ती भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान जरदारी ने तुर्की की प्रशंसा करते हुए उन्हें पाकिस्तान का एक ईमानदार मित्र और मुस्लिम दुनिया के लिए एक मजबूत आवाज बताया। दोनों नेताओं ने फलस्तीन और लेबनान में गंभीर मानवीय स्थिति पर चिंता जताई। राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि तुर्कीए आर्थिक शक्ति बनने की राह पर है। उन्होंने देश की सफलता और समृद्धि के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। राष्ट्रपति जरदारी ने तुर्कमेन राष्ट्रपति सर्दार बर्दीमुहामेदोव से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति के पिता गुरबांगुली बर्दीमुहामेदोव के साथ अपनी पिछली बैठकों को याद किया और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों पर बात की। जरदारी ने आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने तथा दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। जरदारी ने इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की। इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों राष्ट्रप्रमुखों ने एक-दूसरे के देशों की आधिकारिक यात्रा करने के लिए आपसी निमंत्रण का आदान-प्रदान भी किया। recent visitors 79

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बालाजी जा रहे परिवार के 3 लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत

अलवर राजस्थान के अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क में गड्ढा होने के कारण हुए भीषण कार हादसे एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का शिकार हुआ यह परिवार हरियाणा से बालाजी के दर्शन करने जा रहा था। मरने वालों में पिता, बेटा और बेटी शामिल हैं। अलवर में शुक्रवार देर रात दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क में गड्ढा होने के कारण क्रेटा गाड़ी पलट जाने से एक व्यक्ति और उसके बेटे-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। साथ ही दो लोग घायल हो गए। मृतक और घायल सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं, जो हरियाणा के नारनौल से बालाजी के दर्शन के लिए निकले थे। यह हादसा रात को अलवर जिले के पिनान के निकट भड़ोली के पास हुआ। पुलिस ने बताया कि हादसे के वक्त कार में छह लोग सवार थे। इनमें एक 8 साल का बच्चा कारव भी है, जो हादसे में घायल हो गया है। हादसे में हरियाणा नारनौल निवासी विद्यानंद (60) और उनके बेटे शुभम यादव (28) की मौके पर ही मौत हो गई। शुभम की बहन सोनिका यादव गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे पिनान सीएचसी ले जाया गया था। वहां से उसे अलवर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बालाजी के दर्शन के लिए निकले थे शुभम की मां संतोष यादव और सोनिका का बेटा कारव यादव घायल हैं। कारव ने बताया कि हम सभी बालाजी मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे। हादसे से पहले हम सभी एक होटल पर रुके थे। जैसे ही होटल से निकले गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। क्रेटा में मेरे अलावा मेरी मम्मी-पापा के साथ नाना-नानी और मामा भी थे। हादसे की सूचना मिलने पर रैणी पुलिस और पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए रैणी अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है। बता दें कि, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चेनेज संख्या-132 की पुलिया पर भड़ौली के पास एक्सप्रेसवे की दिल्ली-जयपुर लेन में मेंटिनेंस का काम चल रहा है। यहां सड़क खुदी हुई थी और बैरिकेड दूर रखा हुआ था। ऐसे में रात के समय ड्राइवर को बैरिकेड नहीं दिखा और गड्ढे से गुजरते ही कार पलट गई। बताया जा रहा है कि कार हाईवे पर करीब चार बार पलटी खाकर दूर जा गिरी। recent visitors 86

इजरायल ने जबालिया क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान की घोषणा की थी, अब बरपाया कहर, 20 से ज्यादा लोगों की मौत

गाजा उत्तरी गाजा पट्टी के जबालिया शहर पर हुए इजरायली हमले में 20 से ज्यादा लोग मारे गए। वहीं, दर्जनों लोग घायल हो गए और लापता हैं। यह जानकारी फिलिस्तीनी अल अक्सा प्रसारक ने शुक्रवार को दी। इस सप्ताह की शुरुआत में, इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने जबालिया क्षेत्र में एक नए आतंकवाद विरोधी अभियान की घोषणा की थी। गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को मध्य गाजा पट्टी में विस्थापित व्यक्तियों को आश्रय देने वाले एक स्कूल पर हमले में 28 फिलिस्तीनी मारे गये और 54 अन्य घायल हो गये। गाजा में संघर्ष सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले के कारण शुरू हुआ। इसमें करीब 1,200 लोग मारे गये और लगभग 250 बंधक बनाये गये थे। गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, हमास के हमले के जवाब में गाजा में चल रहे इजरायली सैन्य अभियानों में 42,065 लोगों की मौत हुई है और 97,886 अन्य घायल हुए हैं। गुरुवार को हुए हमले में फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी (पीआरसीएस) ने की टीमों ने दीर अल-बलाह शहर में पीआरसीएस मुख्यालय के पास स्थित राफिदा स्कूल को इजरायली सेना द्वारा निशाना बनाये जाने के बाद हताहतों की मदद की। चिकित्साकर्मियों ने बताया कि एम्बुलेंस कर्मियों और नागरिक सुरक्षा तंत्र ने बच्चों और महिलाओं सहित कई लोगों के शव बरामद किये, जिनमें से कुछ के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गये थे। recent visitors 66

UAE से महादेव ऐप के मालिक की अब रेड नोटिस के आधार पर अधिकारियों ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की

नई दिल्ली महादेव ऑनलाइन बुकिंग ऐप के प्रमोटरों में से एक और 6,000 करोड़ रुपये के अवैध सट्टेबाजी मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण की कोशिशें शुरू हो गई हैं। चंद्राकर को पिछले हफ्ते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार किया गया था। अब इंटरपोल की रेड नोटिस के आधार पर भारतीय अधिकारियों ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की है। मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी। प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी विदेश मंत्रालय के जरिए प्रत्यर्पण दस्तावेजों पर काम कर रहे हैं। इस तरह चंद्राकर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की प्रयास जारी है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में दुबई में गिरफ्तार किए गए चंद्राकर को अगले कुछ दिनों में भारत को प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय दुबई के अधिकारियों को चंद्राकर के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज भेजने की प्रक्रिया में जुटा है, जिसके बाद वहां की अदालत से संपर्क किया जाएगा। दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास के सूत्रों ने बताया कि उन्हें यूएई अधिकारियों से अभी तक कुछ भी नहीं मिला है। बताया जाता है कि चंद्राकर 2019 में दुबई चला गया था। इससे पहले वह छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर में अपने भाई के साथ जूस फैक्ट्री नाम से जूस की दुकान चलाता था। राजनेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता का आरोप ईडी ने आरोप लगाया है कि महादेव ऑनलाइन बुक गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप है। इसमें उसकी जांच से छत्तीसगढ़ के विभिन्न बड़े पद के राजनेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता सामने आई है। चंद्राकर और रवि उप्पल दोनों ही छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। ED ने इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और 2 आरोप-पत्र भी दाखिल किए गए हैं। इनमें कहा गया कि चंद्राकर ने फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में शादी की और इसमें कारीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए। एजेंसी ने आरोप लगाया कि चंद्राकर के रिश्तेदारों को भारत से यूएई लाने के लिए निजी जेट किराए पर लिये गए थे। साथ ही, शादी में प्रदर्शन करने के लिए मशहूर हस्तियों को मोटी रकम भुगतान की गई थी। recent visitors 101

विशाल ददलानी ने सलोनी साज़ की तारीफ़ की

मुंबई, जाने-माने गायक विशाल ददलानी ने सिंगिंग रियलिटी शो, इंडियन आइडल की प्रतियोगी सलोनी साज़ की तारीफ़ की है। सिंगिंग रियलिटी शो, इंडियन आइडल, का सीजन 15 सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर वापस आ रहा है। ऑडिशन के दौरान न केवल अविश्वसनीय गायन प्रतिभा वाले बल्कि प्रेरणादायक कहानियों वाले बहुत सारे प्रतियोगी नज़र आए। ऐसा ही एक अद्वितीय प्रतिभागी है 23 साल की दिल्ली की सलोनी साज़, जिनकी आवाज़, व्यक्तित्व और आभा सबसे अलग है। सलोनी के 'बिल्लो रानी' (फिल्म 'धन धना धन गोल' से) पर किए गए प्रदर्शन ने जजों को उनकी विशेष और भारी आवाज़ पर ध्यान देने के लिए मजबूर कर दिया। सलोनी ने यह भी बताया कि कई लोग उनकी आवाज़ को मर्दाना कहकर आलोचना करते हैं। उनके सोशल मीडिया पर भी अधिकतर टिप्पणियां नकारात्मक होती हैं। इस पर विशाल ददलानी ने गुस्से में कहा, "ज़माना गधा है। कुछ लोग तुम्हें कभी नहीं समझेंगे, लेकिन जो लोग संगीत के क्षेत्र में हैं और इसे समझते हैं, वे हमेशा तुम्हारी आवाज़ की सराहना करेंगे क्योंकि हम अद्वितीयता और पहचान की तलाश में रहते हैं। जब तक तुम्हारी आवाज़ सही दिशा नहीं पाएगी, कोई इसे समझ नहीं पाएगा, लेकिन ऐसे बहुत लोग हैं जो तुम्हें दिशा दे सकते हैं, इसलिए चिंता मत करो।" श्रेया घोषाल ने भी उनकी आवाज़ की तारीफ करते हुए कहा, "ये एक अनोखी आवाज़ है। क्या उन्होंने आबिदा परवीन और उषा उत्थुप को नहीं सुना है?" सलोनी ने यह भी साझा किया कि उनकी आवाज़ एक रात में बदल गई; 2 साल पहले, एक रात वह उठीं और सांस नहीं ले पा रहीं थीं, उनका गला दर्द कर रहा था, इसलिए उनके पिता उन्हें अस्पताल ले गए। कुछ टेस्ट के बाद डॉक्टर ने बताया कि सलोनी के गले में एक ट्यूमर है और उसका ऑपरेशन करना पड़ेगा। इस प्रक्रिया के बाद उन्होंने कुछ हफ्तों के लिए अपनी आवाज़ खो दी। उसके बाद, उनके पिता ने उन्हें प्रेरित किया और उनकी सेहत में सुधार सुनिश्चित किया। recent visitors 67

देशभर के मदरसों में पढ़ रहे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर एनसीपीसीआर ने फंडिंग पर रोक लगाने के दिए निर्देश

नई दिल्ली राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने देशभर में मदरसों में पढ़ रहे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को निर्देशित किया है। इस पत्र का उद्देश्य मदरसों और बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के बीच उत्पन्न हो रहे टकराव को समाप्त करना है। पत्र की मुख्य बातें प्रियंक कानूनगो ने पत्र में उल्लेख किया है कि NCPCR, 2005 के बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और इस संदर्भ में विभिन्न मुद्दों की निगरानी करना है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को 2015 के बाल न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम और 2009 के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के सही और प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करने का अधिकार प्राप्त है। पत्र में यह बताया गया है कि RTE अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को समान शिक्षा का अवसर प्रदान करना है, लेकिन मदरसों की स्थिति के कारण बच्चों के मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के बीच टकराव उत्पन्न हो गया है। धार्मिक संस्थानों को RTE अधिनियम से छूट मिलने के कारण कई बच्चे औपचारिक शिक्षा प्रणाली से बाहर हो गए हैं, जिससे उनके शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। NCPCR की रिपोर्ट का महत्व इस पत्र के साथ NCPCR ने "गार्जियंस ऑफ फेथ या ओप्रेसर्स ऑफ राइट्स: कंस्टीट्यूशनल राइट्स ऑफ चिल्ड्रन वर्सेस मदरसा" शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में कुल 11 अध्याय शामिल हैं, जो मदरसों के इतिहास, उनकी कार्यप्रणाली और बच्चों के शिक्षा अधिकारों के उल्लंघन के विभिन्न पहलुओं को छूते हैं। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल एक मदरसा बोर्ड का गठन या UDISE कोड प्राप्त करना यह सुनिश्चित नहीं करता कि मदरसे RTE अधिनियम की शर्तों का पालन कर रहे हैं। वित्तीय सहायता पर रोक NCPCR ने सभी राज्यों में मदरसों और मदरसा बोर्डों को राज्य से मिलने वाली वित्तीय सहायता को रोकने और उन्हें बंद करने की सिफारिश की है। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि मदरसा बोर्ड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, और ऐसे में इनकी गतिविधियों को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।   बच्चों के दाखिले की दिशा में सुझाव पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि सभी गैर-मुस्लिम बच्चों को मदरसों से बाहर निकालकर स्कूलों में दाखिल कराया जाए। वहीं, मुस्लिम समुदाय के बच्चों को, चाहे वे मान्यता प्राप्त हों या न हों, औपचारिक स्कूलों में दाखिल कराने की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। NCPCR का यह प्रयास बच्चों को एक सुरक्षित, स्वस्थ और उत्पादक वातावरण में बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे देश के निर्माण की प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से योगदान कर सकें। NCPCR की अपेक्षाएँ इस रिपोर्ट की एक प्रति सभी मुख्य सचिवों के लिए संलग्न की गई है, ताकि वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें। NCPCR की इस पहल का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मदरसों की फंडिंग पर रोक लगाना है। यह कदम न केवल बच्चों के शिक्षा अधिकारों को सशक्त करेगा, बल्कि समाज में समानता और न्याय को भी बढ़ावा देगा। इस प्रकार, NCPCR ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यह स्थिति न केवल शिक्षा के अधिकार को बढ़ावा देगी, बल्कि समाज में सामाजिक न्याय और समानता को भी स्थापित करने में सहायक होगी। आयोग की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि बच्चों के भविष्य के लिए उचित और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि सभी बच्चों को उनके अधिकारों का पूरा लाभ मिल सके और वे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकें। recent visitors 90

पापांकुशा एकादशी में क्या खाएं और क्‍या नहीं खाएं?

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का अत्यधिक महत्व होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 13 अक्‍टूबर को पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसे रामा एकादशी भी कहा जाता है। पापांकुशा एकादशी हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण मानी जाती है, और यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत करने वाले व्यक्ति को नियमों का पालन करते हुए शुद्धता और सादगी के साथ भोजन करना होता है। पापांकुशा एकादशी व्रत के दौरान भी कुछ खाद्य पदार्थों को खाने और कुछ को न खाने की परंपरा है। पापांकुशा एकादशी में क्या खाएं फल और सूखे मेवे: फलाहार के रूप में सेब, केला, नारियल, अंगूर, पपीता और सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश आदि खा सकते हैं। दूध और दूध से बने उत्पाद: दूध, दही, छाछ, पनीर, मक्खन का सेवन किया जा सकता है। साबूदाना: साबूदाने की खिचड़ी या वड़ा बनाकर खा सकते हैं। सिंघाड़े और कुट्टू का आटा: सिंघाड़े और कुट्टू के आटे से रोटी, पूड़ी या हलवा बना सकते हैं। आलू और शकरकंद: आलू और शकरकंद को उबालकर या तलकर खाया जा सकता है। आप आलू की सब्जी या शकरकंद का हलवा बना सकते हैं। मखाना: मखाने को भूनकर खा सकते हैं या मखाने की खीर बना सकते हैं। सेंधा नमक: साधारण नमक की जगह केवल सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है। गुड़: चीनी की जगह गुड़ का प्रयोग कर सकते हैं। पापांकुशा एकादशी में क्या नहीं खाएं? अनाज और दालें: चावल, गेहूं, बाजरा, जौ, मक्का, और अन्य अनाज वर्जित होते हैं। साथ ही, दालें भी नहीं खानी चाहिए। साधारण नमक: साधारण नमक का सेवन वर्जित है, केवल सेंधा नमक का ही उपयोग किया जाता है। तेज मसाले: हल्दी, हींग, मिर्च, गरम मसाले, लहसुन और प्याज का सेवन वर्जित है। मांसाहारी भोजन और अंडे: मांस, मछली, अंडे आदि पूरी तरह से निषिद्ध हैं। तामसिक भोजन: शराब, तंबाकू, सिगरेट आदि तामसिक चीज़ों का सेवन भी पूरी तरह से वर्जित है। व्रत का महत्त्व पापांकुशा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। व्रत में नियम और संयम का पालन करना ज़रूरी होता है, ताकि मन और शरीर दोनों की शुद्धि हो सके।   recent visitors 71