यूएई में अवैध रूप से रह रहे भारतीय होंगे डिपोर्ट, 30 तक आवेदन करने वाले लोगों को अवैध रूप से रहने पर माफी दी जाएगी

दुबई संयुक्त अरब अमीरात में अवैध रूप से रह रहे लोगों को डिपोर्ट करने का फैसला  किया है। सरकार ने भारतीय प्रवासियों को  30 अक्टूबर 2024 तक माफी आवेदन का समय दिया  है।  दरअसल  सरकार ने 1 सितंबर 2024 से एमनेस्टी स्कीम (माफी योजना) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे और वीजा अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी देश में मौजूद लोगों को कानूनी राहत प्रदान करना है।  इस योजना के तहत, 30 अक्टूबर तक आवेदन करने वाले लोगों को यूएई में अवैध रूप से रहने पर माफी दी जाएगी। इसके बाद, 1 नवंबर से UAE प्रशासन द्वारा सख्त छापेमारी अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और डिपोर्टेशन की कार्रवाई होगी। UAE में करीब 35 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, जिनमें से कई लोग इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। दुबई में स्थित भारत के कांसुलेट जनरल ने कई भारतीय प्रवासी संगठनों के सहयोग से सुविधा केंद्र स्थापित किए हैं। अब तक 4,000 से अधिक भारतीयों को सहायता प्रदान की गई है, जिसमें 600 पासपोर्ट और 800 आपातकालीन प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 500 भारतीयों को एग्जिट परमिट जारी करने में मदद की गई है। भारत वापस जाने के इच्छुक लोग दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास या अवीर इमिग्रेशन सेंटर में आपातकालीन प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो लोग UAE में रहना चाहते हैं, वे दुबई और उत्तरी अमीरात के किसी भी बीएलएस केंद्र में लघु-वैधता पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिससे उनकी वैधता को नवीनीकृत किया जा सके।   रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश और पाकिस्तान के नागरिक भी बड़ी संख्या में इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। इन देशों के सहायता केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है, जिसमें अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले और पर्यटक वीजा पर काम करने वाले प्रवासी शामिल हैं। यूएई ने पहले भी पाकिस्तानी मजदूरों से अपने वीसा और नियमों का पालन करने की अपील की थी। 1 नवंबर के बाद सख्त कार्रवाई 1 नवंबर 2024 से दुबई प्रशासन द्वारा आवासीय इलाकों और कंपनियों में छापेमारी शुरू की जाएगी। इस दौरान अवैध रूप से रह रहे लोगों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया जाएगा और उनके देश में वापसी पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। आईसीपी (यूएई संघीय प्राधिकरण) के महानिदेशक मेजर जनरल सुल्तान अल नूमी ने कहा है कि यह आखिरी मौका है। अब तक 20,000 लोगों ने इस योजना के तहत आवेदन किया है, और 7,500 लोगों ने एग्जिट परमिट प्राप्त किया है। उन्होंने अपील की है कि जो लोग एग्जिट परमिट ले चुके हैं, वे समय रहते यूएई छोड़ दें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 67

मोस्ट पॉपुलर फादर का खिताब मिला आर माधवन को

मुंबई, अभिनेता आर माधवन को हिंदी सिनेमा में मोस्ट पॉपुलर फादर का खिताब मिला है। यह सर्वे पिछले महीने देश के 10 राज्यों में किया गया था, और माधवन को सबसे प्रभावशाली पिता के रूप में पहचाना गया है। दर्शकों के बीच उनकी इस छवि को और भी मज़बूत बनाने वाली बात यह है कि माधवन अपने बेटे वेदांत के सपने को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वेदांत, जो एक इंटरनेशनल स्विमर हैं, ने हाल ही में 48वीं जूनियर नेशनल एक्वेटिक्स चैंपियनशिप में 4 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल जीते, साथ ही मलेशियन ओपन में भारत के लिए 5 गोल्ड मेडल भी जीते। ओलंपिक की तैयारी में मदद के लिए माधवन और उनकी पत्नी दुबई गए थे। माधवन ने हाल ही में अपने पान मसाला ब्रांड को एंडोर्स करने के प्रस्ताव को ठुकराया, जिससे उनके सिद्धांतों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई। इस निर्णय ने उनकी प्रतिष्ठा को एक जागरूक और जिम्मेदार सार्वजनिक व्यक्ति के रूप में मजबूत किया है, यह दर्शाते हुए कि वह युवाओं को गलत संदेश देने से बचना चाहते हैं। काम के मोर्चे पर, माधवन के पास कई रोमांचक फिल्में हैं, जो उनके अभिनय कौशल को फिर से प्रदर्शित करने के लिए तैयार हैं। वह 2024 में ब्लॉकबस्टर फिल्म शैतान के साथ शुरुआत करेंगे, और इसके बाद ब्रिज, धुरंधर, दे दे प्यार दे 2 और शंकरन की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, वह टेस्ट और अधीरष्टसाली जैसे तमिल प्रोजेक्ट्स में भी नजर आएंगे। आर माधवन का यह सफर उन्हें दर्शकों के दिलों में और भी खास बनाता है, और उनके आगामी प्रोजेक्ट्स का इंतजार फैन्स बेसब्री से कर रहे हैं। बता दें कि आर माधवन अपनी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन शख्सियत के लिए उतने ही प्रसिद्ध हैं। उनके शानदार फ़िल्मोग्राफी और लगातार सफलताओं ने उन्हें हिंदी सिनेमा में एक महत्वपूर्ण अभिनेता का दर्जा दिलाया है।   recent visitors 119

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से देश का एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश स्थल बनने जा रहा है। हमारी निवेशक-अनुकूल नीतियों, विशाल औद्योगिक बुनियादी ढांचे और विभिन्न राज्यों से सम्पर्क की स्थिति से देश-विदेश के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिये तैयार हुए हैं। राज्य सरकार की सक्रिय पहल, औद्योगिक विकास को गति देने वाली योजनाएँ और निवेशकों को आकर्षित करने सिंगल-विंडो सिस्टम जैसी सुविधाओं से प्रदेश को एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की पहल हुई है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास कर देश के महानगरों में रोड-शो और प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जा रही हैं। इनमें उद्योगपतियों से हो रहे निरन्तर सम्पर्क से प्रदेश में निवेश का माहौल बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसमें प्रमुख रूप से माह फरवरी 2025 में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में होने जा रही है। इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम, निवेशकों के लिए अनंत संभावनाएं मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास सरकार की दूरदर्शी योजनाओं और नवीन बुनियादी ढांचे के विस्तार का परिणाम है। राज्य का 1.25 लाख एकड़ में फैला विशाल औद्योगिक भूमि बैंक, 112 विकसित औद्योगिक क्षेत्र और 14 नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्ताव ने निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहाँ टेक्सटाइल, फार्मा, खाद्य प्र-संस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक क्लस्टर्स ने राज्य को निवेश के लिए एक समृद्ध स्थान बना दिया है। साथ ही राज्य के 7 स्मार्ट शहरों की परियोजना ने इसे डिजिटल और औद्योगिक प्रगति के मामले में और भी आकर्षक बना दिया है। प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए आवश्यक इकोसिस्टम उपलब्ध है। उद्योगों के लिए राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक की उपलब्धता है और औद्योगिक प्रयोजन के लिए प्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से भी अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य शासन द्वारा सेक्टर-फोकस्ड औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। भोपाल एवं इंदौर में महिला उद्यमियों के लिए डेडिकेटेड पार्क स्थापित किये गए हैं। राज्य में तकनीकी, प्रबंधन एवं चिकित्सा क्षेत्र एवं स्किल डेवलपमेंट के लिये कई उत्कृष्ट कॉलेज हैं, जिसके कारण सभी क्षेत्रों के उद्योगों के लिए पर्याप्त संख्या में स्किल्ड वर्क फोर्स की उपलब्धता है। पिछले दो दशकों में राज्य में उद्योगों के माध्यम से 41 लाख नवीन रोज़गार के अवसर उत्पन्न हुए हैं एवं राज्य का अनएम्प्लॉयमेंट रेट काफी कम है। राज्य शासन द्वारा बुनियादी ढाँचे का निर्माण जैसे औद्योगिक क्षेत्र, सड़क, जल आपूर्ति, सिंचाई और 24X7 बिजली आपूर्ति इत्यादि जरूरतों पर खासा ध्यान दिया गया है। राज्य शासन द्वारा पिछले दशक के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिये करीब 1.10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये गये है। इसके फलस्वरूप पिछले दशक के दौरान मध्यप्रदेश में आर्थिक एवं सामाजिक विकास के रूप में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है। कनेक्टिविटी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर औद्योगिक विकास के लिये महत्वपूर्ण पैमाना है। इसको ध्यान में रखते हुये राज्य शासन अटल प्रगति पथ (चंबल प्रोग्रेस-वे) पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है, जिसके लिये भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। साथ ही नर्मदा एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिये भूमि का चिन्हांकन एवं लैण्ड ट्रांसफर प्रक्रियाधीन है। राज्य में विभिन सेक्टरों की 350 से अधिक वृहद् इकाइयां एवं 26 लाख से अधिक MSME इकाइयां स्थापित हैं एवं पिछले दशक में इसमें काफी तेज़ी आई है। राज्य में 314 से अधिक इंडस्ट्रियल एरियाज हैं। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा क्षेत्र विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। राज्य में 10 फूड पार्क, 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन, 2 स्पाइस पार्क, 2 प्लास्टिक पार्क, एक मेडिकल डिवाइस पार्क है, एक पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन है। राज्य शासन द्वारा EV पार्क, फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क, गारमेंट यूनिट्स के लिए प्लग एंड प्ले जोन, सेमीकंडक्टर पार्क एवं नवीन आईटी पार्क स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में मेगा इकाइयों को कस्टमाइस्ड इंसेंटिव पैकेज की सुविधा भी दी जाती है।   recent visitors 87

1814 करोड़ के ड्रग्स मामला: देशभर में बड़ी कार्रवाई की तैयारी में एनसीबी

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फर्नीचर फैक्ट्री में अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने वाले तस्करों के तार देश के आधा दर्जन राज्यों के बड़े तस्करों से जुड़े हैं। मंदसौर के रहने वाले हरीश आंजना का राजस्थान निवासी दोस्त शोएब लाला ने प्रतापगढ़ जिले में सप्लाई का सेंटर बना रखा था। दो खेप माल भोपाल की फैक्ट्री में तैयार होकर प्रेमसुख पाटीदार के जरिए शोएब लाला तक हरीश आंजना पहुंचा भी चुका था। शोएब लाला प्रतापढ़ में बनाए गए सप्लाई सेंटर से देश के अन्य राज्यों में एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था। यह खुलासा मंदसौर पुलिस की गिरफ्त में आए प्रेमसुख पाटीदार ने पूछताछ में किया है। इस खुलासे के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो देशभर में ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क के खिलाफ एक साथ छापेमारी की तैयारी में है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों में फैले इस तस्कर गिरोह की लिंक को ध्वस्त करने के लिए एनसीबी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। हालांकि, यह कार्रवाई इतनी गोपनीय होगी कि किसी को भनक नहीं लगेगी। सान्याल बाने, अमित चतुर्वेदी ड्रग्स बनाने के बाद हरीश आंजना के जरिए ही खपाते थे। ड्रग्स खपाने की जिम्मेदारी हरीश आंजना की थी। वह प्रेमसुख पाटीदार और शोएब बाला जैसे दर्जन भर से अधिक बड़े तस्करों से सीधे संपर्क में था। यह गिरोह राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच बड़ा कारोबार करता था। एमडी ड्रग बनाने के लिए कच्चे सामान की खरीदी भी इन्हीं के बीच होती थी। राजस्थान पुलिस भी कार्रवाई में होगी शामिल एमडी ड्रग्स का कारखाना संचालित करने वाले आरोपियों से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की पूछताछ में खुलासा होने के बाद इस कार्रवाई में राजस्थान पुलिस को भी शामिल किया जा रहा है। राज्य की इंटेलीजेंस को तस्करों के खिलाफ पुख्ता जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, तस्कर गिरोह से जुड़े लोगों को सर्विलांस पर रखा गया है, उनकी मिनट-टू-मिनट वॉचिंग हो रही है।   शोएब लाला की तलाश में एनसीबी आरोपियों से अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि शोएब लाला के पूरे राजस्थान में संपर्क हैं। वह राजस्थान और दूसरे राज्यों में तस्करों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। एनसीबी अब शोएब लाला की तलाश कर रही है, लेकिन वह फरार है। शोएब लाल के मुंबई, दिल्ली और पंजाब में जड़े जमा चुके अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स तस्करों से संबंध होने की आशंका भी जताई जा रही है। एनसीबी इस दिशा में भी जांच कर रही है। क्या है पूरा मामला? दरअसल, एक सप्ताह पहले भोपाल के बगरोदा में गुजरात एटीएस और एनसीबी ने  एमडी ड्रग्स बनाने का कारखाना पकड़ा था। यहां से 1814 करोड़ के करीब की एमडी ड्रग्स और उसे बनाने का कच्चा माल बरामद किया गया है। इस केस में नासिक निवासी सान्याल बाने, भोपाल निवासी अमित चतुर्वेदी, मंदसौर निवासी हरीश आंजना और प्रेमसुख पाटीदार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। recent visitors 76

चेन स्नेचिंग करने वाली 10 महिला आरोपित को पुलिस ने किया गिरफ्तार

जशपुर नगर दुर्गा पूजा और रावण दहन के दौरान महिलाओ के गले से चैन स्नेचिंग करने वाली 10 महिलाओ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये सभी महिलाये कुसमी गैंग से जुडी है है। चेन स्नेचिंग करने वाली महिलाओं का गिरोह अपने काम को बखूबी अंजाम दिया करती थी। अब जब इस समय पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल चल रहा था। तो गिरोह कि महिलाओं को अनुकूलता मिल गया। ऐसे समय के ही इंतजार में रहती थी यह महिलाएं भीड़-भाड़ का फायदा उठाकर अनेकों महिलाओं के गले से बड़ी सफाई के साथ सोने की चेन गायब कर देती थी कुसमी गिरोह की महिलाएं। सीसीटीवी में कैद हुई घटना मामले में पत्थलगांव पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे को खंगाला तो इन महिला गिरोह के सदस्य की पूरी वारदात एक सीसीटीवी में कैद मिली। त्यौहार के दौरान भीड़ में शामिल आरोपित महिलाएं महिलाओ के गले से मंगलसूत्र,सोने की चैन और पर्स स्नेचिंग की घटना को अंजाम दिया करती थी। पत्थलगाँव के एसडीओपी धुर्वेश कुमार ने बताया कि शनिवार को दुर्गा विसर्जन और रावण दहन के दौरान चैन स्नेचिंग की सात घटनाएं सामने आई थी। इन सभी मामलों में अज्ञात आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 304 (2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच की गई। घटना स्थल के आसपास का सीसी टीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को कुछ महिलाए गोद में बच्चा लिए हुए चैन स्नेचिंग करते हुई नजर आई। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने महिलाओ की पहचान कर 8 महिलाओ को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाना लाया गया। इनकी तलाशी लिए जाने पर चोरी किए गए दो मंगलसूत्र जब्त किया गया। आठ महिलाओं को हिरासत में ले दो पीछा कर पकड़ा एसडीओपी जायसवाल ने बताया कि भाग रही दो महिलाओ का पीछा कर उन्हें सरगुजा जिले के बतौली से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपित महिलाओ से चोरी के 10 मंगलसूत्र जब्त किए गए हैँ। आरोपितो को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। recent visitors 65

बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी, पहाड़ी इलाकों में ठंड ने दी दस्तक, भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली मौसम धीरे-धीरे बदल रहा है, और देश के अधिकांश हिस्सों से मानसून विदा हो चुका है। कई राज्यों में ठंड ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में 11 से 13 अक्टूबर तक मौसम साफ रहेगा, लेकिन 14 अक्टूबर के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है, जिसमें हल्के बादल छा सकते हैं और ठंड की शुरुआत होगी। बिहार का मौसम: बिहार में हालिया बारिश से राहत मिली है, और अब राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश की संभावना नहीं है। अगले 4-5 दिनों में तापमान में विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है। झारखंड का मौसम: झारखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि रांची में बादल छाए रहेंगे और तापमान में गिरावट होगी। पहाड़ी इलाकों में ठंड: अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में पहाड़ी इलाकों में ठंड ने दस्तक दी है। बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद, आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में और बारिश की संभावना है। बारिश की संभावना: IMD ने गोवा और कोंकण में भारी बारिश की चेतावनी दी है और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 16 अक्टूबर तक तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, असम, और मेघालय में बारिश के आसार हैं, जहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। recent visitors 137

कनाडा में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के भीतर सांसदों का एक ग्रुप जस्टिन ट्रूडो पर पद छोड़ने के लिए दबाव बना रहा

ओटावा भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनकी ही पार्टी के सांसदों का उन पर भरोसा नहीं रहा है। कनाडा में सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के भीतर सांसदों का एक ग्रुप जस्टिन ट्रूडो पर पद छोड़ने के लिए दबाव बना रहा है।  सूत्रों के हवाले से बताया है कि टोरंटो और मॉन्ट्रियल में हाल ही में हुए उप-चुनावों में हार के बाद असंतोष चरम पर पहुंच गया है, जिसके कारण असंतुष्ट सांसदों के बीच कई गुप्त बैठकें हुईं। ये सांसद प्रधानमंत्री पद से जस्टिन ट्रूडो को हटाना चाहते हैं और नेतृत्व में बदलाव के लिए कम-से-कम 20 नेताओं ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। इसी साल जून महीने में टोरंटो-सेंट पॉल उपचुनाव में ट्रूडो की पार्टी आश्चर्यजनक हार हुई थी, जिसके बाद से ही उनकी पार्टी में जबरदस्त असंतोष पनप रहा है। संसद की वापसी के साथ यह अशांति और बढ़ गई और मॉन्ट्रियल उपचुनाव में हार के बाद और भी बढ़ गई। एशिया में हाल ही में हुए शिखर सम्मेलन में ट्रूडो और उनके चीफ ऑफ स्टाफ कैटी टेलफोर्ड की अनुपस्थिति ने निराश सांसदों को बैठक करने और आगे की रणनीति बनाने का मौका दे दिया। इससे पहले, टोरंटो स्टार के शुक्रवार के एक पुराने आर्टिकल में भी 52 वर्षीय ट्रूडो पर पद छोड़ने के लिए सार्वजनिक रूप से दबाव डालने की कोशिशों के बारे में विस्तार से बताया गया था। अखबार ने बताया कि कम-से-कम 30 से 40 सांसद एक पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। ट्रूडो पर दबाव बनाना चाहते हैं लिबरल पार्टी के सांसद हालांकि, आर्टिकल में बताई गई संख्या से असल आंकड़े कुछ कम हो सकते हैं। ट्रूडो की लिबरल पार्टी के पास कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स में 153 सीटें हैं। असहमति जताने वाले नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित इस दस्तावेज को पारंपरिक पत्र के बजाए एक प्रतिज्ञा के रूप में बताया गया है, जिसका उद्देश्य ट्रूडो के इस्तीफे के लिए सांसदों से प्रतिबद्धता हासिल करना है, ताकि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से विरोध होने पर एक बाध्यकारी समझौता बनाया जा सके। दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने वाले एक सांसद ने सीबीसी को बताया, "यह एक इंश्योरेंस पॉलिसी है। हमें पीएमओ से दबाव बढ़ने से पहले ही कार्रवाई करनी थी।" वहीं, कनाडा की ट्रेड मिनिस्टर मैरी एनजी, जो ट्रूडो के साथ लाओस से कनाडा वापस आ रही हैं, ने कहा कि वह सांसदों की योजना के बारे में पढ़कर निराश हैं, और उन्हें प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है। निज्जर की हत्या के बाद ट्रूडो ने उगला था जहर बता दें कि पिछले साल कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरीदप सिंह निज्जर की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत को लेकर काफी जहर उगला था। उन्होंने संसद में बोलते हुए इस हत्या का कनेक्शन भारत से कर दिया था। 18 जून, 2023 को कनाडा के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गइ्र थी। इसके बाद ट्रूडो ने इस हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाया। हालांकि, इसे तुरंत भारत ने खारिज कर दिया। इसके बाद भारत और कनाडा के रिश्ते बिगड़ गए थे। इस साल कनाडा की संसद ने निज्जर की हत्या के एक साल पूरे होने पर श्रद्धांजलि भी दी थी। recent visitors 66