IRCTC मेन्यू में शामिल होगे छत्तीसगढ़ी व्यंजन

रायपुर  छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में अब यात्री छत्तीसगढ़ी व्यंजन का लुफ्त उठा सकेंगे। दरअसल रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को छत्तीसगढ़ी व्यंजन को अपने मैन्यू शामिल करने का निर्देश दिया है। इस निर्देश के बाद आईआरसीटीसी ने प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत समेत अन्य ट्रेनों में छत्तीसगढ़ी व्यंजन फरा, चीला, मुंगौड़ी, बरा, गुल गुल भजिया, सोहारी, ठेठरी, खुरमी, चौसेला और लड्डू उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी कर ली है। जल्द ही यात्रियों को यह सुविधा मिलने लगेगी। रायपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना 130 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। अक्सर यात्रियों की शिकायत मिलती है कि रेलवे की खानपान सूची में यात्रियों को उनकी पसंद का नाश्ता और भोजन नहीं मिलता है। इस वजह से सफर के दौरान यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। पिछले महीने ही रेलवे अधिकारियों व छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ हुई बैठक में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को लंबी दूरी की ट्रेनों में उपलब्ध कराने की मांग उठी थी। व्यंजनों की सूची तैयार खानपान सेवा को बेहतर बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने सांसदों और यात्रियों की मांग के आधार पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की सूची तैयार की है। अधिकारियों के मुताबिक जिन ट्रेनों में खानपान के पैसे टिकट में ही शामिल रहते हैं उनमें कीमत में बढ़ोत्तरी नहीं की जाएगी। सूची के आधार पर दिए जाने वाले खानपान एवं ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की बिक्री की अनुमति रहेगी। इनके दाम एमआरपी से अधिक नहीं होंगे। वहीं सबसे अधिक बिकने वाले जनता भोजन के मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा। मधुमेह रोगियों एवं शिशु आहार भी मांग पर ट्रेन में ही उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ी व्यंजन नहीं मिलने पर होगी जांच ट्रेनों में छत्तीसगढ़ी व्यंजन यात्रियों को मिल रहा है या नहीं? इसके लिए रेलवे ने इसकी जांच के लिए टीम गठित की है। रेलवे की यह टीम सभी ट्रेनों में परोसे जा रहे व्यंजनों की जांच करेगी। इस दौरान अधिकारियों को यदि छत्तीसगढ़ में यहां के यात्रियों की पसंद के हिसाब से छत्तीसगढ़ी व्यंजन नहीं मिला तो रेलवे आईआरसीटीसी पर कार्रवाई भी करेगा। गढ़ कलेवा में छत्तीसगढ़ी व्यंजन खाने लगती है भीड़ रायपुर के आंबेडकर चौक स्थित गढ़कलेवा में महिलाओं द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ी व्यंजन चीला, फरा, गुल गुल भजिया, सोहारी, ठेठरी, खुरमी,चौसेला,कढ़ी चावल, स्पेशल छत्तीसगढ़ी थाली, भजिया, आलू गुंडा आदि का स्वाद चखने के लिए रोज सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। यहां पर इन व्यंजनों की अच्छी खासी मांग है। रायपुर स्टेशन पर छत्तीसगढ़ी व्यंजन की मांग लंबे समय से चल रही थी। केंद्र सरकार की योजना वन स्टाल वन प्रोडक्ट के तहत रायपुर स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक एक और पांच पर स्टाल लगाकर इसकी शुरुआत की गई थी। इस स्टाल में यात्रियों को चीला, फरा, गुल गुल भजिया, सोहारी, ठेठरी, खुरमी सहित कई व्यंजन मिल रहे थे। लेकिन यह स्टाल करीब दो महीने संचालित होने के बाद बंद हो गया। recent visitors 76

प्रदर्शन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन का आज 10वें दिन, डॉक्टर अनुस्तूप मुखर्जी की बिगड़ी तबीयत

कोलकाता पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अनशन पर बैठे डॉक्टर अनुस्तूप मुखर्जी को पेट दर्द के बाद शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रदर्शन पर बैठे जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन रविवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुखर्जी को शनिवार देर रात कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) में भर्ती कराया गया। वह पिछले 48 घंटों में अस्पताल में भर्ती होने वाले तीसरे जूनियर डॉक्टर हैं। मुखर्जी से पहले डॉ. अनिकेत महतो और डॉ. आलोक वर्मा क्रमशः आरजी कर अस्पताल और नॉर्थ बंगाल मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराए गए। मालूम हो कि पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के बैनर तले डॉक्टर्स 31 वर्षीय ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चिकित्सकों ने 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया, जिसमें महिला डॉक्टर की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा और सरकारी अस्पतालों में भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की गिरफ्तारी शामिल है। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम को हटाने की भी मांग की है। जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल अस्पताल, कल्याणी के लगभग 77 डॉक्टरों ने रविवार को जूनियर डॉक्टरों की मांगें नहीं माने जाने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की धमकी दी। 8 सरकारी अस्पतालों से जुड़े सैकड़ों सीनियर डॉक्टर, शिक्षक और प्रोफेसर पहले ही जूनियरों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए सामूहिक इस्तीफा पत्र पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। समूहों में वे एस्प्लेनेड में प्रदर्शनकारियों के साथ प्रतीकात्मक उपवास में भी शामिल हुए हैं।   विरोध प्रदर्शन पर बंगाल सरकार का क्या कहना पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सीनियर डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफे का कोई कानूनी मूल्य नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंद्योपाध्याय ने राज्य सचिवालय नबन्ना में कहा, 'इन सामूहिक इस्तीफों का कोई कानूनी मूल्य नहीं है। इस्तीफा नियोक्ता और कर्मचारी के बीच विशिष्ट सेवा नियमों के संदर्भ में चर्चा का विषय है। अगर कोई व्यक्ति सरकारी सेवा से इस्तीफा देना चाहता है, तो दिए गए सेवा नियमों के अनुसार व्यक्ति को नियोक्ता को लिखना होगा। इस तरह के सामान्य पत्र की कोई कानूनी मान्यता नहीं है।' इस बीच, शहर के 4 और निजी अस्पतालों (बीएम बिड़ला, वुडलैंड्स, पीयरलेस और कोठारी) के डॉक्टरों ने आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों की मांगों के समर्थन में सोमवार और मंगलवार को गैर-जरूरी सेवाओं से दूर रहने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति को छोड़कर बाहरी सहित सभी गैर-आपातकालीन कार्य इन 2 दिनों में नहीं होंगे और भविष्य की कार्रवाई पर 15 अक्टूबर को निर्णय लिया जाएगा। recent visitors 94

भंडारण की गुणवत्ता और वजन में गड़बड़ी के लिए अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई : खाद्य मंत्री

रायपुर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक में छत्‍तीसगढ़ के खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि गोदामों में भंडारण की गुणवत्ता और वजन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर ऐसी कोई अनियमितता पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मंत्री ने राशन दुकानों का भी निरीक्षण करने का आदेश दिया है ताकि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित हो सके। धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ सकता है धान उपार्जन नीति पर भी जोर दिया जा रहा है। इस नीति को तैयार कर जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। संभावना है कि इस बार धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया जा सकता है, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके। नई नीति में धान एवं मक्का के समर्थन मूल्य, उपार्जन की अवधि, प्रति एकड़ खरीदी का निर्धारण, और बायोमैट्रिक प्रणाली के आधार पर खरीदी प्रक्रिया को शामिल किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। नापतौल उपकरणों में सुधार के निर्देश धान खरीदी की तैयारी के तहत राज्य सरकार 15 नवंबर से इस प्रक्रिया की शुरुआत करने जा रही है। इसके लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान बारदाने की व्यवस्था, इंटरनेट कनेक्शन, कम्प्यूटर, और नापतौल उपकरणों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसानों से इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिए कि उनके धान का सही तरीके से नापतौल नहीं हो रहा है या उनसे अधिक धान लिया जा रहा है। राशनकार्ड सत्यापन जल्द पूरा हो राशनकार्ड सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। हाल के दिनों में इस प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। recent visitors 85

जेजे अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने गर्भपात के खिलाफ अपने विचार रखे थे, HC ने दे दी 29 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 साल की एक रेप पीड़िता को मेडिकल बोर्ड के ओपीनियन के खिलाफ 29 हफ्ते का गर्भ गिराने की इजाजत दे दी है। जेजे अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने गर्भपात के खिलाफ अपने विचार रखे थे। जस्टिस सारंग कोटवाल और नीला गोखले की बेंच ने कहा, पीड़िता की सुरक्षा और इच्छा किसी अन्य चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण है। बता दें कि पीड़िता की प्रेग्नेंसी 24 सप्ताह की सीमा को पार कर चुकी थी। इसके बाद पीड़िता की मां ने हाई कोर्ट का रुख किया। पीड़िता के मां-बाप दिहाड़ी मजदूर हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि एक जानने वाले शख्स ने ही जुलाई में उसके साथ रेप किया था। 1 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा और पॉक्सो के तहत केस दर्ज किया गया था। उस वर्क वह 27 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी। 9 अक्टूबर को डॉक्टरों के बोर्ड ने पाया कि 19.1 हफ्ते के बाद भ्रूण में कोई समस्या नहीं थी। बोर्ड ने कहा कि अगर नाबालिग का गर्भपात किया जाता है तो उसके स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। ऐसे में फिजिकली और मेंटली फिट रहने के लिए गर्भपात करवाना सही नहीं है। वहीं पीड़िता की मां के वकील ने कोर्ट में कहा कि प्रेग्नेंसी पूरी होने में अभी 8 से 9 सप्ताह का वक्त है। ऐसे में संभव है कि बच्चा स्वस्थ और जीवित पैदा हो। उन्होंने पैदा होने वाले बच्चे को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि उसके स्वस्थ्य रहने की भी संभावना कम है। जजों ने इस बात पर गौर किया। कोर्ट ने कहा कि अगर प्रेग्नेंसी बनाए रखने से पीड़िता के स्वास्थ्य को खतरा है तो गर्भपात सही है। कोर्ट ने यह भी देखा कि पीड़िता गरीब परिवार से है और अभी बच्चे की परवरिश भी उसके लिए मुश्किल काम है। ऐसे में वह भी गर्भपात करवाने के ही पक्ष में है। जजों ने कहा, पीड़िता की सुरक्षा सबसे बड़ा निर्णायक बिंदु है। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिए हैं कि अगर बच्चा जिंदा पैदा होता है तो उसकी परवरिश का इंतजाम किया जाए और फिर किसी को गोद दे दिया जाए। recent visitors 93

मंडियों में धान की खरीद न होने के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, सरकार को दिया अल्टीमेटम, चक्का जाम से लोग परेशान

चंडीगढ़ धान खरीद को लेकर किसानों ने पूरे पंजाब में अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन किया। कहीं हाईवे जाम किया तो कहीं रेल की पटरियों पर बैठकर अपना रोष प्रदर्शन किया। उड़मुड़ टांडा में जालंधर-जम्मू हाईवे जाम कर के दोआबा किसान कमेटी पंजाब ने धान की खरीद सही ढंग से करने की आवाज उठाई। जत्थेबंदी के राज्य प्रधान जंगवीर सिंह चौहान और महासचिव पृथपाल सिंह गुराया के नेतृत्व में दानामंडी आढ़ती एसोसिएशन, शैलर मालिकों और मजदूरों ने मिलकर पंजाब तथा केंद्र सरकार के खिलाफ बिजली घर चौक नजदीक करीब 12 बजे सड़क जाम कर रोष प्रदर्शन किया। घड़ी। इस मौके पर प्रधान चौहान ने कहा कि वह दोनों सरकारों से बार-बार अपील कर रहे हैं कि धान की सरकारी खरीद लगातार की जाए। लेकिन जब भी एसकेएम पंजाब चंडीगढ़ जाकर संघर्ष का आह्वान करता है, फिर खरीद शुरू होती है बाद में फिर से बंद कर दी जाती है। नहीं हुई धान खरीद उन्होंने विरोध जताते हुए कहा कि 15 दिन का सीजन लगभग खत्म हो चुका है, जबकि खरीद नहीं हुई है और उठान की भी कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि इसके उलट सरकार किसानों मज़दूरों आढ़ती तथा शेलर मालिकों को धोखा दे रही है। किसान किसान मंडियों में खराब हो रहे हैं। उन्होंने सीएम भगवंत सिंह मान से अपील की कि वह दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बातचीत कर इस मुद्दे का तुरंत समाधान निकालें। जालंधर में हाईवे जाम संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से धान खरीद के चलते रविवार को पूरे पंजाब में 12 बजे से 3 बजे तक सड़क जाम और धरने दिया गया, वहीं धर्मकोट में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने मोगा जालंधर नेशनल हाईवे पर धरना दिया और हाईवे को जाम कर दिया। किसानों ने हाईवे और रेल ट्रैक किया जाम गुरदासपुर और बटाला में भी मंडियों में धान की खरीद शुरू नहीं होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रविवार को किसानों ने गुरदासपुर के बब्बरी बाइपास पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक अमृतसर-पठानकोट हाईवे जाम कर धरना दिया। इसके अलावा बटाला में रेलवे ट्रैक पर 12.30 बजे से लेकर 2.30 बजे तक धरना लगाया गया। किसानों के धरने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बटाला में धरने के कारण दिल्ली-पठानकोट और अमृतसर-कादियां ट्रेन रद करनी पड़ी। गुरदासपुर में हाइवे जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बसों में सवार यात्रियों को पैदल ही शहर की तरफ जाने के लिए विवश होना पड़ा, जिसके चलते वे किसानों को कोसते देखे गए। गौर हो कि जिले में लगभग आधी मंडियों में अब तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है, जिससे किसानों में गुस्सा है। यात्री गुरमेज सिंह ने बताया कि वे अमृतसर से पठानकोट जाने के लिए बस में सवार हुए थे। बब्बरी बाइपास पहुंचने पर पता चला कि किसानों ने धरना लगा दिया है। अब पैदल ही बस स्टैंड की तरफ जाना पड़ रहा है ताकि आगे जाने के लिए बस पकड़ी जा सके। किसान यूनियनों का चब्बेवाल-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर धरना कस्बा चब्बेवाल एवं जियाण मंडी के समीप चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर किसानों ने जाम लगा दिया। जाम के दौरान धरना स्थल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसान निर्मल सिंह भीलोवाल एवं किसान परमजीत सिंह पम्मा भीलोवाल ने बताया कि धान की खरीद के संबंध में जो आज दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक पंजाब बंद का संदेश था उसी के समर्थन में रविवार यहां चब्बेवाल मुख्य मार्ग पर धरना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि शैलर मालिक यदि सरकार से धान नहीं लेना चाह रहे तो इसका मतलब है कि सरकार का शैलर मालिकों के साथ तालमेल सही नहीं है और किसान इसके लिए पंजाब सरकार को दोषी मानते हैं। किसान संगठनों ने दिया धरना फरीदकोट, जैतो और कोटकपूरा में भी शैलर मालिकों व आढ़तियों की चल रही हड़ताल के चलते मंडियों में धान की खरीद में आ रही परेशानी के चलते किसान संगठनों, शैलर मालिकों, आढ़तियों व मजदूर संगठनों द्वारा संयुक्त तौर पर फरीदकोट में सादिक चौक पर धरना देकर तीन घंटे तक रोड जाम किया गया। उल्लेखनीय है कि शैलर मालिकों और सरकार के बीच धान को लेकर सहमति न बन पाने और अपनी मांग को लेकर आढ़तियों की हड़ताल के कारण मंडियों से धान की फसल का की खरीद प्रक्रिया सही तरीके से नहीं चल पा रही है। जिसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक सादिक चौक में सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर कौमी किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदर सिंह गोलेवाला, क्रांतिकारी किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष भुपिंदर सिंह चहल, बीकेयू डकौंदा के जोरा सिंह भाणा, कुल हिंद किसान सभा के सुखजिंदर सिंह सहित अन्य किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार व केंद्र सरकार द्वारा शैलरों में पड़े चावल को न उठाने के कारण यह पूरी समस्या पैदा हुई है। recent visitors 86

पूर्व पार्षद को मौत के घाट उतारने वाली पत्नी और 2 बेटों ने 2 भाइयों को दी थी 40 लाख सुपारी

उज्जैन उज्जैन के वजीर पार्क कॉलोनी में रहने वाले पूर्व पार्षद गुड्डू उर्फ कलीम की शुक्रवार तड़के 5 बजे घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का प्रयास 4 अक्तूबर से किया जा रहा था। जिसका षड़यंत्र गुड्डू की पत्नी निलोफर, बड़े बेटे आसिफ उर्फ मिंटू और 13 साल से बेदखल छोटे बेटे दानिश ने पूर्व पार्षद की साली के दामाद इमरान के साथ रचा था। हत्या के लिये वजीर पार्क कॉलोनी में रहने वाले 2 सगे भाइयों सोहराब और जावेद को षडयंत्र में शामिल किया गया, जिन्हें 40 लाख देने की बात कहीं गई थी। आसिफ ने कुछ राशि भाइयों को खर्च के लिये दी थी। शेष राशि काम होने के बाद देने की बात कही गई थी। नीलगंगा टीआई विवेक कनोडिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अब तक यहीं सामने आया है कि प्रापर्टी विवाद के चलते पूरी घटना का अंजाम दिया गया है। मामले में पत्नी निलोफर, पुत्र आसिफ, रिश्तेदार इमरान और जावेद को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। सोहराब और दानिश फरार हैं। जिनकी तलाश में इंदौर आजादनगर में दबिश दी गई थी, लेकिन दोनों गिरफ्त में नहीं आ सके। दोनों की गिरफ्तारी का प्रयास एक टीम लगातार कर रही है। मार्निंग वॉक पर करना चाहते थे हत्या हत्या की साजिश रच चुके परिवार ने गुड्डू कलीम की हत्या मार्निंग वॉक पर करने की योजना बनाई थी। 4 अक्तूबर को उसी मकसद से रूचिश्री गार्डन के सामने गुड्डू पर तीन गोलियां चलाई गई थी, लेकिन उस वक्त तीनों फायर मिस हो गये थे और गुड्डू का जान बचाने के प्रयास में हाथ टूट गया था। घटना के बाद जब वह घर पहुंचा तो परिवार ने उसे आभास नहीं होने दिया कि उन्होंने गोली चलवाई है। गोली चलाने के दौरान बिना नंबर की काली फिल्म लगी कार का उपयोग किया गया था। गुड्डू ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए मार्निंग वॉक के दौरान कार सवार अज्ञात लोगों द्वारा उसकी रैकी करना पुलिस को बताया था। इमरान की जुबा खुली इसलिए पत्नी और बेटों ने कर डाली हत्या गुड्डू उर्फ कलीम पर चली गोली के बाद 7 अक्तूबर को नीलगंगा पुलिस को शिकायती आवेदन दिया गया था। जांच के बाद 9 अक्तूबर को हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया गया और कार की तलाश शुरू की गई। इंदौर के छावनी से इमरान उर्फ अभिषेक खान को हिरासत में लिया। जो गुड्डू की साली का दामाद था। इमरान के हिरासत में आने का पता चलते ही पत्नी और बेटे ने हत्या करना तय कर लिया, पत्नी ने इंदौर में रहने वाले छोटे बेटे दानिश और सोहराब को गुरूवार-शुक्रवार रात ही घर बुलाया। योजना के अनुसार दरवाजे खुले रखे गये। दोनों घर में घुसे और दानिश ने 12 बोर की बंदूक से कनपटी पर गोली मार दी। कैमरों के फुटेज खंगाल रही पुलिस हत्या में उपयोग की गई 12 बोर की बंदूक लायसेंसी होना सामने आई। जो संभवत: गुड्डू की बताई जा रही है। उसकी बंदूक से ही उसका भेजा बेडरूम में सोते वक्त उड़ाया गया था। हत्या के बाद बंदूक मृतक का छोटा बेटा दानिश अपने साथ लेकर भागा है। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। पुलिस इस बात की तस्दीक कर रही है। दानिश और उसके साथ आया सोहराब हत्या के लिये कैसे घर तक आये थे और हत्या के बाद किस वाहन से भागे है। दोनों की तलाश के लिये आसपास लगे कैमरों के फुटेज देखे जा रहे है। recent visitors 73

गुजरात में कैदी ने पहली मंजिल पर शौचालय के वेंटिलेटर से बंधी रस्सी से फांसी लगा ली

हिम्मतनगर गुजरात में नाबालिग से रेप करने के आरोप में जेल में बंद एक आरोपी ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने पहली मंजिल पर शौचालय के वेंटिलेटर से बंधी रस्सी से फांसी लगा ली। उस समय अन्य कैदी नाश्ते के लिए लाइन में लगे थे। गुजरात में एक विचाराधीन कैदी के फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि 24 साल के एक विचाराधीन कैदी ने गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर उप जेल में एक बैरक के शौचालय में फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना शनिवार सुबह हुई और बाद में दिन में हिम्मतनगर बी-डिवीजन पुलिस थाने की स्टेशन डायरी में यह घटना दर्ज की गई। हिम्मतनगर जिला कारागार के जिला जेल अधीक्षक जेजी चावड़ा ने कहा कि विपुल मथासुलिया ने शनिवार सुबह बैरक की पहली मंजिल पर शौचालय के वेंटिलेटर से बंधी रस्सी से फांसी लगा ली। उस समय अन्य कैदी नाश्ते के लिए लाइन में लगे थे। मथासुलिया पर एक नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप था। उस पर यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि वह जुलाई से उप जेल में बंद था। अधिकारी ने कहा कि मथासुलिया द्वारा ऐसा कदम क्यों उठाया गया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शव को फोरेंसिक पोस्टमार्टम के लिए अहमदाबाद भेजा गया है और दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है। recent visitors 76