भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर फिर से जमीन सौदों में भ्रष्टाचार को लेकर लगाया आरोप, कांग्रेस चला रही है ‘भू हड़प आंदोलन’

नई दिल्ली कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर सोमवार को भाजपा ने फिर से जमीन सौदों में भ्रष्टाचार को लेकर आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि कांग्रेस का समूचा शीर्ष नेतृत्व भूमि सौदों से जुड़े भ्रष्टाचार में लिप्त है और इन मामलों में पोल खुलने के बाद उसे नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा की ओर से कांग्रेस पर यह हमला ऐसे समय किया गया है, जब कर्नाटक में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के अध्यक्ष राहुल एम. खरगे ने ‘बहु-कौशल विकास केंद्र, प्रशिक्षण संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र’ स्थापित करने के लिए बेंगलुरु में पांच एकड़ जमीन के आवंटन के अपने अनुरोध को रविवार को वापस ले लिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे राहुल खरगे का यह कदम सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती द्वारा मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण को 14 भूखंड वापस लौटाने के बाद आया है। लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले को लेकर सिद्धरमैया, उनकी पत्नी और एक रिश्तेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ये फैसले नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की प्रतिकूल रिपोर्ट और कानूनी कार्यवाही के कारण लिए गए हैं और एक तरह से यह उसके नेताओं की स्वीकारोक्ति है कि भू-आवंटन गलत था। उन्होंने दावा किया कि कानूनी कार्रवाई के दौरान होने वाली ‘जलालत’ से बचने के लिए ऐसा किया गया। त्रिवेदी ने सिद्धारमैया समेत कांग्रेस के कई नेताओं पर कथित जमीन घोटालों का आरोप लगाया और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से पूछा की उनकी ‘मोहब्बत की दुकान’ अब ‘अवैध प्रॉपर्टी डीलर की दुकान’ में कैसे तब्दील हो गई? त्रिवेदी ने खरगे और सिद्धरमैया के परिवार के सदस्यों से जमीन लौटाने की पेशकश का उल्लेख करते हुए कहा, ‘यह एक प्रकार से उनकी स्वीकारोक्ति है। सत्ता का दुरुपयोग करके भूमि को हड़पने का कार्य कर्नाटक में कांग्रेस में सर्वोच्च स्तर पर हो रहा था।’ उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया, ‘सिर्फ जमीन वापस करने से काम नहीं चलेगा। नैतिकता के आधार पर जिन लोगों ने जमीन वापस कर दी, क्या उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए?’ मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भूखंड आवंटन घोटाले मामले में लोकायुक्त पुलिस ने 25 सितंबर को विशेष न्यायालय के आदेश के बाद 27 सितंबर को सिद्धरमैया, उनकी पत्नी पार्वती बी एम, उनके करीबी रिश्तेदार मल्लिकार्जुन स्वामी, देवराजू (जिनसे मल्लिकार्जुन स्वामी ने जमीन खरीदकर पार्वती को उपहार में दी थी) तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी 30 सितंबर को मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की, जिसमें एमयूडीए की ओर से उनकी पत्नी पार्वती बी एम को 14 भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताएं करने का आरोप है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती द्वारा भूखंड लौटाने की पेशकश किये जाने के बाद, एमयूडीए ने उन्हें आवंटित 14 भूखंडों को वापस लेने का एक अक्टूबर को फैसला किया था। सोनिया और राहुल की प्रेरणा से चल रहा 'भू हड़प आंदोलन’ त्रिवेदी ने कहा कि जमीन लौटाए जाने के फैसलों से इन नेताओं का पर्दाफाश हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय महात्मा गांधी और विनोबा भावे के ‘भूदान’ से जुड़ी पार्टी अब सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ‘प्रेरणा’ से ‘भू हड़प आंदोलन’ चला रही है। भाजपा सांसद ने उल्लेख किया कि सोनिया और राहुल नेशनल हेराल्ड मामले में आरोपी हैं। आरोप है कि गांधी परिवार ने कांग्रेस पार्टी के धन का इस्तेमाल कर नेशनल हेरालड को प्रकाशित करने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर कब्जा किया और 20 अरब रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का प्रयास किया। recent visitors 96

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल बोले – गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित प्रसव के लिए बेहतर सुविधा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं संसाधनों में लगातार इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास सतत रूप से जारी है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार में कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जिला अस्पताल बलौदाबाजार में इस वर्ष जनवरी 2024 से माह सितंबर तक 9 माह में कुल 1816 सफल प्रसव कराए गए हैं। उक्त प्रसव में से 1354 सामान्य प्रसव तथा 462 सिजेरियन शामिल है। सिजेरियन में आकस्मिक और पूर्व नियोजित दोनों ही सम्मिलित हैं। जिला अस्पताल बलौदाबाजार के सिविल सर्जन डॉक्टर के. के. टेम्भूरने ने बताया कि अस्पताल में तीन स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ कुशल प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ अपनी सेवाएं देते हैं। यहाँ आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रसव कक्ष स्थापित है। प्रसव के बाद नवजात शिशु के देखभाल हेतु विशेष एस.एन.सी.यू. भी स्थापित है। उक्त कुल प्रसव में 161 बच्चों को उक्त एस.एन.सी.यू. में भर्ती कर उनकी विशेष देखभाल भी की गई। ग्राम खैरा से माह सितंबर में अपनी 23 वर्षीय पत्नी को प्रसव पीड़ा पर जिला अस्पताल लेकर आएं नोहर पटेल ने बताया कि अस्पताल में आने पर उन्हे बताया गया कि फीटल डिस्ट्रेस की स्थिति है जिसमें भ्रुण तक ऑक्सीजन पहुँचने में दिक्कत होती है और बच्चे की धड़कन बढ़ती है। ऐसे में ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ जिसमें मां और बच्चे दोनों ही स्वस्थ हैं। इसी प्रकार प्रोलांग लेबर (देर तक प्रसव पीड़ा) की स्थिति में आये हुए गिरौदपुरी के पास स्थित ग्राम खोसड़ा के रहने वाले महेंद्र पैकरा ने बताया कि 28 वर्षीय उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा काफी देर से हो रही थी जिस कारण जिला अस्पताल लेकर आया तथा यहाँ ऑपेरशन के माध्यम से प्रसव हुआ। अस्पताल में दवाई और अन्य सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त हुई। इस प्रकार के ऑपेरशन का निजी अस्पताल में काफी पैसा खर्च होता, जो बच गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलौदाबाजार डॉ. राजेश कुमार अवस्थी के अनुसार जिला अस्पताल एन.क्यू.ए.एस. प्रमाण पत्र धारी संस्था है। यह प्रमाण पत्र उच्च गुणवत्त्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करने के कारण राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के बाद प्राप्त हुआ है। अस्पताल में प्रसव की इस सुविधा को लगातार बेहतर से और बेहतर करने का प्रयास जारी है, जिससे आम जनता को इसका लाभ प्राप्त हो सके। recent visitors 70

सिलौटा पहुंचे मुख्यमंत्री साय, हेलीपेड पर जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ’सर्व आदिवासी समाज के जिला स्तरीय कर्मा महोत्सव’ में शामिल होने सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड स्थित ग्राम सिलौटा पहुंचे। हेलीपेड पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी, श्रीमती शकुन्तला पोर्ते, भैयालाल राजवाड़े, राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज,रामकुमार टोप्पो, सरगुजा संभाग कमिश्नर जी. आर. चुरेंद्र, सरगुजा आई.जी. अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा पुष्पगुच्छ देकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 58

अब जम्मू-कश्मीर के सत्यपाल मलिक ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा, ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

नई दिल्ली विपक्ष लंबे समय से ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग करता रहा है। हरियाणा चुनाव के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल खड़े किए। वहीं अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आज के हालात को देखकर ईवीएम से भरोसा उठने जैसा हो गया है। मलिक ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर कहा, अभी हरियाणा में हुए चुनावों में पोस्टल बैलेट पेपर में कांग्रेस 74-16 से आगे थी, जैसे ही EVM खुली धीरे धीरे कांग्रेस सत्ता से बाहर ओर और भाजपा सत्ता में। जो शुरुआती रुझानों में दिखाया गया था और एग्जिट पोल्स में भी दिखाया था सब उसके विपरीत हो रहा है। आज वर्तमान स्तिथि देखकर चुनाव आयोग और EVM से भरोसा उठने जैसा हो गया है। EVM का खेल आखिर कब तक चलेगा, आज AI का ज़माना है अगर निष्पक्ष चुनाव चाहते हो तो EVM को हटाना भी एक मात्र विकल्प है। हाल ही में लाइव हिंदुस्तान से बातचीत में भी सत्यपाल मलिक ने कहा था कि हरियाणा के नतीजे उम्मीद के विपरीत आए हैं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में एकता नहीं है। कांग्रेस के लोग उतनी मेहनत नहीं करते। वहीं बीजेपी के लोग 24 घंटे राजनीति करते हैं। उनके मुकाबले कांग्रेस की मेहनत नहीं टिकती है। उन्होंने कहा था कि हरियाणा की हार के लिए राहुल गांधी जिम्मेदार नहीं हैं। मलिक ने कहा था कि बीजेपी के 50 अनुषांगिक संगठन हैं। कांग्रेस के लोग बीजेपी के बराबर राजनीति और संघर्ष नहीं करते। सड़कों पर नहीं रहते। उन्होंने कहा कि कुमारी सैलजा की वह से कांग्रेस के दलित वोट कट गए। वहीं बैकवर्ड सीएम की वजह से पिछड़ा वोट भी बीजेपी को मिल गया। बता दें कि चुनाव परिणाम वाले दिन अजय माकन, भूपेंद्र सिंह हुड्ड् और कुमारी सैलजा जैसे कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि दोपहर में गिनती धीमी हो गई है। उन्होंने गिनती में गड़बड़ी की आशंका जताई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने ईवीएम पर सवाल भी खड़े किए थे। जवाब देते हुए बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप क्यो नहीं लगा रही है। जबकि जम्मू-कश्मीर में उसका गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में है। बाद में कांग्रेस ने ईवीएम के मामले को लेकर एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बना दी और कहा कि जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते कांग्रेस ईवीएम के मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं करेगी। recent visitors 66

महतारी वंदन योजना जरूरतमंद महिलाओं की संजीवनी बनी

महासमुंद छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना की क्रियान्वयन का दायित्व महिला एवं बाल विकास विभाग को दिया गया है। महतारी वंदन योजना का लाभ लेती गरीब और जरूरतमंद महिलाओं की सशक्तिकरण की अनुपम मिशाल है। ये कहानी है जिला महासमुंद के एकीकृत बाल विकास परियोजना महासमुंद शहरी के वार्ड नम्बर 4 ईदगाह भाठा शारदा मंदिर के पीछे देवारों की बस्ती में एक छोटा सा घर नंदनी टांडी का है। वे यहां अपने दो बच्चों के साथ रहती है। बड़े ही आत्मविश्वास के साथ अपनी हालत के बारे में बया करते नंदनी भावुक हो जाती है। पति से अलग होने के बाद दो बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधो पर आ गई। कचरा बीनकर जो कुछ मिलता उसे बच्चों की देखभाल और जीवन यापन के लिए खर्च करती थी। बमुश्किल से प्रतिदिन 100-150 रुपए तक ही कमा पाती थी। वे कहती है कि अकेले रहने का दर्द मैं बखूबी झेलती रही हूं। एक तो आर्थिक समस्या दूसरी ओर बच्चों का लालन-पालन की जिम्मेदारी कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करना पड़ रहा था। बड़े उत्साह के साथ बताती है कि जब से महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान ने महतारी वंदन योजना के बारे में बताया और कार्यकर्ता दीदी लल्ली आर्य के द्वारा सभी जरूरी कागजात के साथ मेरा फार्म भरा गया और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हम महिलाओं को खाते में हर महीने एक हजार रुपए दे रहे हैं वे कहती है कि सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत एक हजार रुपए दिया जाना हम महिलाओं के लिए नया सहारा बना है। नंदनी के पास पैसे की हमेशा तंगी रहती थी, किंतु विगत आठ महीने से उनका बटुआ भरा रहता है। उन्होंने बताया कि मुझे बकरी पालने का शौक है। अभी मेरे पास एक बकरी है महतारी वंदन के पैसे से मैं जल्दी ही दूसरी बकरी खरीदूंगी। मेरी बेटी भी 9वीं कक्षा में पढ़ रही है। उसे भी आगे पढ़ाऊंगी। नंदनी कहती है कि मुझे हर महीना अपने मोबाईल पर घंटी बजने का इंतजार रहता है और अब हर महीने के शुरुआत में ही राशि मिल जाने से बटुआ खाली रहने की नौबत नहीं आई। जिसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है। recent visitors 79

बोइनपल्ली को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

नई दिल्ली दिल्ली के कथित शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हैदराबाद के कारोबारी अभिषेक बोइनपल्ली को जमानत दे दी। बोइनपल्ली को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जस्टिस एमएम सुंदरेश और अरविंद कुमार की बेंच ने जमानत दी है। ईडी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जमानत का विरोध नहीं किया। बेंच ने कहा, 'हम जमानत देने के पक्ष में हैं।' सर्वोच्च अदालत ने 13 अगस्त को बोइनपल्ली को मिली अंतरिम जमानत को बढ़ा दिया था। 20 मार्च को कोर्ट ने यह कहते हुए उन्हें पांच सप्ताह की जमानत दी थी कि वह 18 महीनों से जेल में बंद हैं। इसके बाद लगातार उनकी जमानत अवधि बढ़ती रही। अंतरिम जमानत देते हुए सर्वोच्च अदालत ने बोइनपल्ली को अपना पासपोर्ट जमा कराने को कहा था। उन्हें हैदराबाद के अलावा एनसीआर से बाहर कहीं और नहीं जाने को कहा गया था।कारोबारी ने दिल्ली हाई कोर्ट के तीन जुलाई 2023 के आदेश को चुनौती दी है जिसमें 2022 में उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाने वाली याचिका खारिज कर दी गई थी। उन्होंने पीएमएलए की धारा 19 का पालन न करने के आधार पर गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। उनका कहना है कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दिल्ली सरकार ने 2021-22 के लिए बनी शराब नीति 17 नवंबर, 2021 को लागू की थी लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर, 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी का आरोप है कि इस नीति के तहत शराब कारोबारियों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया और बदले में उनसे रिश्वत ली गई। इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह जैसे बड़े नेता भी आरोपी हैं। तीनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर निकले हैं। recent visitors 69

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने की तैयारी में जुटी साय सरकार, भाजपा पर राजनैतिक लाभ लेने का आरोप लगाया: पूर्व मंत्री डहरिया

रायपुर छत्तीसगढ़ में साय सरकार नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने की तैयारी में जुटी है. इस मामले में अब सियासत तेज हो गई है. डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ करने के लिए समिति का गठन किया गया था. समिति ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है. सरकार इस रिपोर्ट पर विचार कर जल्द निर्णय लेगी. वहीं पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता शिव डहरिया ने भाजपा पर राजनैतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, दोनों चुनाव एक साथ कराना व्यवहारिक नहीं है. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, पूरे देश में वन नेशन वन इलेक्शन की चर्चा है. हम प्रयास कर रहे हैं कि धन और समय दोनों बच सके, इसके लिए नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ हो. कमेटी की रिपोर्ट सरकार के पास आ गई है. इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा. भाजपा पर राजनैतिक लाभ लेने का आरोप वहीं इस मामले में पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया ने भाजपा पर राजनैतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिया एक साथ चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है. बीजेपी हर जगह राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश करती है. दोनों चुनाव का समय अलग-अलग है. ऐसे में एक साथ कैसे कर सकते हैं, ये व्यवहारिक नहीं है. recent visitors 95