भर्ती प्रक्रिया की औपचारिकताओं की पूर्ति में न हो विलंब: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमन्त्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिये हैं कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय पदों में भर्ती की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूर्ण की जाये। संबंधित विभागीय अधिकारी चयन संस्थानों से नियमित संपर्क में रहें। औपचारिकताओं की पूर्ति में किसी भी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में लोक सेवा आयोग एवं कर्मचारी चयन मंडल द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग में की जाने वाली चयन प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। आयुक्त लोक स्वास्थ्य श्री तरुण राठी, सचिव चिकित्सा शिक्षा श्रीमती सुरभि गुप्ता और संचालक श्रीमती मल्लिका नागर उपस्थित रहीं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 33 हज़ार 118 पदों में भर्ती प्रक्रियाधीन है। इनमें 3 हज़ार 341 विज्ञप्त श्रेणी, 3 हज़ार 620 नर्सिंग श्रेणी के और 5 हज़ार 732 अविज्ञप्त श्रेणी के पद हैं। इनमें आईपीएचएस मानक के लिये स्वीकृत 18 हज़ार 653 पद, 263 उन्नयन संस्थाओं के लिये 5 हज़ार 664 पद, कैलाशनाथ काटजू सिविल हॉस्पिटल के 195 पद, 454 उन्नयन संस्थाओं के लिये 7 हज़ार 977 पद, 9 शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय के लिए 414 पद सहित 10 अन्य संस्थानों के 215 पद शामिल है। विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, सिविल सर्जन, प्रशासकीय अधिकारी, अस्पताल अधीक्षक, सहायक प्रबंधक, प्रबंधक, हॉस्पिटल असिस्टेंट, नर्सिंग ऑफिसर, मेट्रन, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर सहित अन्य चिकित्सकीय सहायक चिकित्सकीय पदों पर चयन की कार्यवाही लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल द्वारा की जा रही है।   recent visitors 66

किसी काम से घर से बाहर गई थी पत्नी, घर में डॉ.सतीश कुमार का शहर के ओमैक्स सिटी स्थित घर में फंदे से लटका शव मिला

बहादुरगढ़ रोहतक के बनियानी गांव स्थित पीएचसी में तैनात डॉ.सतीश कुमार का शहर के ओमैक्स सिटी स्थित घर में फंदे से लटका शव मिला है। डॉक्टर के मानसिक रूप से परेशान होने की बात कही जा रही है। सेक्टर-6 थाना पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रोहतक के लाहली निवासी डॉ. सतीश कुमार (52) कुछ समय से बहादुरगढ़ के ओमैक्स सिटी में परिवार के साथ रह रहे थे। वे रोहतक के गांव बनियानी पीएचसी में मेडिकल ऑफिसर थे। रविवार को उनकी पत्नी किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर गई हुई थी। घर में काम करने वाली नौकरानी जब पहुंची तो उसने शव फंदे पर लटका देखा। नौकरानी के शोर मचाने पर आसपास के लोग आए और डॉ.सतीश को फंदे से उतारा गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही सेक्टर-6 थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की।  डॉ.सतीश पिछले डेढ़ साल से बनियानी पीएचसी में बतौर मेडिकल ऑफिसर तैनात थे। डाॅ. सतीश दो दिन पहले अवकाश पर गए थे। शुक्रवार को वे पीएचसी आए थे, यहां ओपीडी में कुछ मरीजों को देखा था। सोमवार को अचानक उनके निधन की खबर से पीएचसी में शौक की लहर दाैड़ गई। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से वे बीमार थे। चर्चा है कि वे मानसिक रूप से भी परेशान थे। डॉ. सतीश ने पीजीआई से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद हिसार में लंबे समय तक सेवाएं दी थीं। recent visitors 160

समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को समय-सीमा में कार्यवाही करने के राज्य निर्वाचन आयुक्त सिंह ने दिए निर्देश

रायपुर राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह राज्य में स्थानीय नगरीय निकाय के निर्वाचन हेतु 16 अक्टूबर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने राज्य के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आयोग द्वारा निर्वाचक नामावली तैयार किए जाने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार सभी कार्यवाही सुनिश्चित करें। राज्य के 167 नगरीय निकायों में निर्वाचन होना है। आयोग द्वारा सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची शुद्ध एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा  01 जनवरी 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले का नाम मतदाता सूची में जोडने के निर्देश दिए गए हैं।  निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में 16 अक्टूबर 2024 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। यह सूची नगरीय निकायों के चुनाव के लिए बनाई जा रही है, जिसमें सभी पात्र मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। प्रारंभिक प्रकाशन के बाद सुधार का अवसर प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद, मतदाता अपने नाम की जांच कर सकेंगे। यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है या उसमें किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वे इसकी शिकायत कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने इसके लिए एक विशेष प्रक्रिया निर्धारित की है, जिसके तहत मतदाता सुधार, नाम जुड़वाने या हटाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आयोग द्वारा पूर्व में जारी कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना एवं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निर्वाचक नामवली उपलब्ध कराना बुधवार 16 अक्टूबर 2024 तक, दावा/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 23 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजे तक, दावा/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख मंगलवार 29 अक्टूबर 2024 तक, प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि सोमवार 04 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूप: क-1 में प्राप्त दावा का निराक?ण करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है। इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर तथा परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना बुधवार 13 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी. डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालयं को सौंपना शनिवार 16 नवम्बर 2024 तक, अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्र करना मंगलवार 19 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 को किया जाएगा। recent visitors 66

आगामी विधानसभा चुनाव में कमलनाथ को दी जा सकती है बड़ी जिम्मेदारी, राहुल गांधी ने की कमल नाथ से मुलाकात

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की मंगलवार को नई दिल्ली उनके आवास पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लंबी चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव के बाद से कमल नाथ के पास संगठन का कोई दायित्व नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में सहयोगी दलों के साथ समन्वय बनाने का दायित्व दिया जा सकता है। राहुल गांधी, कमल नाथ से मिले प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि राहुल गांधी, कमल नाथ से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे। दोपहर भोज पर दोनों के बीच आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के अलावा प्रदेश में संगठन की सक्रियता बढ़ाने सहित अन्य विषयों पर लंबी चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव के बाद कमल नाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाकर जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया था। लोकसभा चुनाव में भी कमल नाथ छिंदवाड़ा तक ही सीमित रहे। हालांकि, उनकी पहल पर ही यहां के ब्लाक कांग्रेस और विधानसभा अध्यक्षों को बदला गया है। उमंग सिंघार को बनाया विदर्भ का वरिष्ठ समन्वयक उधर, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के वरिष्ठ समन्वयक नियुक्त किए हैं। इसमें मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को विदर्भ (अमरावती और नागपुर) क्षेत्र का समन्वयक बनाया है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कुणाल चौधरी को राष्ट्रीय सचिव बनाकर महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया है। प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने नौ जिला अध्यक्ष बदले मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 11 ब्लाक अध्यक्ष बदलने के बाद अब सेवादल ने नौ जिला अध्यक्षों को बदल दिया है। इसके साथ ही छह प्रदेश सचिव और इतने ही सह सचिव बनाए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष योगेश यादव ने बताया कि संगठन द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रमों में जो पदाधिकारी सक्रिय भागीदारी नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर नए नियुक्तियां की गई हैं। इनमें सीधी जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, उज्जैन शहर कुलदीप जाट, दतिया मोहनसिंह कुशवाहा, दमोह संजय चौरसिया, आगर देवकरण पाटीदार, धार जितेन्द्र जोशी, सतना शहर आनंद सेन, सतना ग्रामीण बरमेन्द्र सिंह परिहार और मैहर जिला अध्यक्ष अरुण तनय मिश्रा को बनाया है। रकीब खान को इंदौर, ओमप्रकाश सिकरवार ग्वालियर, ब्रजकिशोर उपाध्याय मुरैना, अजय नागेश्वर नर्मदापुरम, दिनेश कलोसिया इंदौर और चन्द्रशेखर राज बबलू सागर को प्रदेश सचिव बनाया गया है। अनिल कुमार शर्मा उज्जैन, बीके नामदेव दतिया, मनीष गोमे उज्जैन, इमरान अंसारी अनूपपुर, रामनिवास शर्मा दतिया और वीरेन्द्र ठाकुर दमोह को सह सचिव का दायित्व दिया गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी बदले जाएंगे सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित होने के बाद कुछ जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी बदल जाएंगे। नए और ऐसे चेहरों को आगे लाया जाएगा, जो सभी नेताओं से सामंजस्य बनाकर संगठन की गतिविधियों का विस्तार कर सकें। recent visitors 71

हरियाणा के चुनाव नतीजों के बाद चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मचा हुआ, BJP ने कर दिया खेला

हरियाणा लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद जबरदस्त उत्साह से लबरेज नजर आ रही कांग्रेस को हरियाणा के चुनाव नतीजों ने सिर के बल खड़ा कर दिया है। पार्टी इस अप्रत्याशित हार को पचा नहीं पा रही। चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। पूरे चुनाव अभियान में ड्राइविंग सीट पर नजर आने वाला हुड्डा खेमा जहां ईवीएम का राग अलापने में जुटा है। वहीं विरोधी सैलजा खेमा हार की हैट्रिक के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेवार ठहरा रहा है। हरियाणा में जिस तरह कांग्रेस ने अपना पूरा प्रचार हुड्डा बाप-बेटे के ईद-गिर्द समेटे रखा। नतीजे के बाद अब दोनों की भूमिका सवालों के घेरे में है। पिछले दिनों दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की हुई बैठक में राहुल गांधी ने भी इस और संकेत करते हुए कहा था कि हरियाणा में लोगों ने निजी हित को पार्टी हित से ऊपर रखा। साफ है चुनाव से पहले जिन भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा की मीडिया में जमकर वाहवाही हो रही थी और एक नायक के रूप में उन्हें पेश किया जा रहा था, अब उनके किरदार को खलनायक की तरह देखा जाने लगा है। चुनाव नतीजों का गहनता से विश्लेषण करने पर भी पता चलता है कि दोनों कुछ ज्यादा ही अति आत्मविश्वास से लबरेज थे, जो दीपेंद्र हुड्डा बीजेपी के जीटी रोड बेल्ट में सेंध लगाने की रणनीति के तहत राहुल-प्रियंका गांधी के रोड शो कराए। उन्हीं देशवाली बेल्ट में बीजेपी ने खेल कर दिया और ऐसा तगड़ा नुकसान पहुंचाया जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं होगी, तो चलिए आंकड़ों में समझते हैं कि पूरे हरियाणा में कांग्रेस का माहौल बनाने निकले हुड्डा बाप-बेटे के गढ़ में ही बीजेपी ने कैसे खेल कर दिया। हरियाणा में रोहतक, झज्जर और सोनीपत को देशवाली बेल्ट कहा जाता है। इन तीनों जिलों में हुड्डा परिवार का जबरदस्त प्रभाव माना जाता है। इन तीनों जिलों में कुल 14 विधानसभा सीटें आती हैं, जहां इस बार कांग्रेस महज 8 सीटें ही हासिल कर पाई। 2019 में कांग्रेस के पास यहां 12 सीटें हुआ करती थी। देशवाली बेल्ट के तीन जिलों में अगर जाट बाहुल्य जींद, दादरी और भिवानी जिलों को जोड़ दें तो ये पूरा इलाका जाटलैंड के तौर जाना जाता है। जहां कुल 25 सीटें आती हैं। इस बेल्ट में कांग्रेस पारंपरिक रूप से मजबूत रही है और उसे जमकर वोट मिलते रहे हैं। अगर आप 2014 के चुनाव का ही उदाहरण लें तो इस चुनाव में 10 साल से सत्ता में बैठी कांग्रेस महज 15 सीटें पाकर तीसरे नंबर पर खिसक गई थी, यानी कि उसके पास मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिलने लायक सीटें भी नहीं मिल पाई थी। दिलचस्प ये है कि पूरे हरियाणा में 15 सीटें जीतने वाली कांग्रेस को अकेले 11 सीटें इसी जाटलैंड इलाके से मिली थी। 2019 में पार्टी यहां अपने खाते में एक और सीट जोड़ने में कामयाब रही। वहीं 2024 में जब प्रदेश में कांग्रेस की हवा चलने के दावे किए जा रहे थे। पार्टी के नेता यहां तक दावा करने में जुटे थे कि हुड्डा के सीएम फेस होने के कारण इस बार पार्टी यहां क्लीन स्वीप करेगी, लेकिन जब नतीजे आए तो दावे करने वालों की पैरों तले की जमीन खिसक गई। कांग्रेस पिछले दो चुनावों में हासिल की गई सीटें भी बरकरार नहीं रख सकी और उसे तगड़ा नुकसान हुआ। वहीं पारंपरिक रूप से इस इलाके में कमजोर मानी जाने वाली बीजेपी ने अब तक का शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 सीटें हासिल कर ली, जबकि दो निर्दलीयों के खाते में गई। इनमें से एक कांग्रेस तो दूसरा बीजेपी के बागी था। दोनों भाजपा को अपना समर्थन दे चुके हैं। बीजेपी ने 2014 में यहां 8 और 2019 में महज सात सीट ही हासिल कर पाई थी। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सबसे मजबूत इलाका माने जाने वाले जाटलैंड में खराब प्रदर्शन ने सबसे तगड़ी ठेस हुड्डा परिवार के सियासी प्रतिष्ठा पर पहुंचाई है। नतीजे के बाद से भारी फजीहत का सामना कर रहे भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ईवीएम पर ठीकरा फोड़ अपना चेहरा बचाने की कोशिश में जुटे हैं। बहरहाल हरियाणा में मिली शर्मनाक हार के बाद क्या हुड्डा पिता-पुत्र का वैसा ही वर्चस्व बरकरार रहता है या फिर हाईकमान लंबे समय से किनारे चल रहे सैलजा-सुरजेवाला के गुट को आगे करता है या फिर शीर्ष नेतृत्व किसी तीसरे चेहरे के हाथों में जिम्मेदारी सौंपता है। इसके अलावा देखना ये भी दिलचस्प होगा कि चुनाव में पार्टी के पोस्टर ब्यॉय रहे भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ हाईकमान कोई कार्रवाई करने की जहमत उठाता है या नहीं। recent visitors 62

पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति की केन्द्र की राशि शीघ्र मिलेगी, उच्च स्तरीय बैठक में दी जानकारी

भोपाल राज्य के पिछड़ा वर्ग के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति एवं छात्रावास के केन्द्र के अंश की राशि शीघ्र मिलेगी। यह जानकारी मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण श्री अजीत केशरी और केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त सचिव श्रीमती कैरलिन खोंगवार देशमुख के साथ विगत दिवस हुई बैठक में दी गई। बैठक में अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु जनजाति कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री केसरी ने छात्रवृत्ति एवं छात्रावास के लिए मिलने वाली केन्द्रांश की राशि को शीघ्र जारी करने की बात कही। उन्होंने छात्रवृत्ति के संबंध में केन्द्र और राज्य में आय एवं राशि के संबंध में एकरूपता लाने के संबंध में भी चर्चा की। साथ ही छात्रावास भवन निर्माण में बढ़ी हुई दर से राशि देने के लिए कहा। अपर मुख्य सचिव श्री केसरी ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय की 51 जातियों में 10 अनुसूचित जाति, 14 अन्य पिछड़ा वर्ग और शेष 27 सामान्य वर्ग में आती हैं। उन्होंने विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध-घुमन्तु समुदाय की सामान्य वर्ग की 27 जातियों को भी अन्य पिछड़ा वर्ग अथवा अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने के लिए कहा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की केन्द्र सरकार में अतिरिक्त सचिव श्रीमती देशमुख ने बैठक में दिए गए सभी सुझावों पर विचार कर शीघ्र कार्यवाही करने की बात कही।   recent visitors 79

आज जनदर्शन में आए 41 आवेदन, जनदर्शन में नागरिकों की समस्याओं पर कलेक्टर ने की त्वरित कार्रवाई

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी.बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में आज कुल 41 आवेदन प्राप्त हुए। आज के जनदर्शन में आवेदक उर्मिला नामदेव निवासी सिविल लाइन मनेंद्रगढ दुकान के आगे दुकान संचालित करने के संबंध में, पूनम मौर्य निवासी जनकपुर जी.पी.एफ.सी.पी.एस. अथवा पेंशन विलंब होने के संबन्ध में, नानदाऊ बसोर निवासी माड़ीसरई भूमि के संबंध में, प्रेमवती निवासी झापर बिजली करेंट लगने से मृत्यु होने पर सहायता राशि दिलाने के संबंध में, मानमती निवासी मनेंद्रगढ़ फौती नामांतरण कराने के संबंध में, रामभरोस निवासी जमथान भूमि के संबंध में, सम्पत, राम बहादुर,बसंत लाल निवासी नेरुआ प्रस्ताव निरस्त करने के संबंध में, सिमरन निवासी मनेंद्रगढ़ कुछ छोटा मोटा काम दिलाने के संबंध में, देव सिंह निवासी खड़गवां पट्टा निरस्ती के संबंध में, अनुप कुमार सिंह निवासी रोकड़ा वन अधिकार पट्टा के संबंध में, शान्ता मिंज निवासी मनेंद्रगढ़ भूमि सीमांकन के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी नेरूआ अवैध जंगल की कटाई पर रोक लगवाकर उचित कार्यवाही करने के संबंध में, सुरेश सिंह निवासी नेरुआ नया पंप लगवाने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी नेरूआ जांच में फर्जी पाया गया था एवं आज तक कार्यवाही ना होने के संबंध में, निर्मल सिंह श्याम निवासी सिरौली रनिंग वाटर का राशि भुगतान कराने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी सिरौली नौगई एवं सिरौली को तहसील मनेंद्रगढ़ में यथावत किए जाने के संबंध में, उग्रसेन निवासी नेरुआ संतोष यादव के व्दारा भ्रष्टाचार करने के संबंध में, शिवभजन निवासी नागपुर भूमि के संबंध में, समस्त ग्रामवासी घुटरा महुआ बिनने वाली जाली का वितरण न करने के संबंध में, अर्चना चतुर्वेदी निवासी परसगढ़ी भूमि के संबंध में, प्रेमा निवासी मनेंद्रगढ़ भूमि के संबंध में, रामेश्वर दीवान निवासी मनेंद्रगढ़ भूमि के संबंध में, राम कुमार निवासी बिरोरी डांड भूमि के संबंध में, हेतराम दुबे देवाडांड हैंडपंप के पास शोकता गड्ढा का पैसा न मिलने के संबंध में, हीरा सिंह निवासी कोथारी पट्टा प्राप्त करने के संबंध में, शिव बालक निवासी मुक्तियारपारा भूमि के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी सेमरा मुवाअजा नहीं मिलने के संबंध में, लल्लाराम निवासी गिद्धमुडी भूमि के संबंध में, राम सिंह निवासी मनेंद्रगढ़ भूमि के संबंध में, लाखमन निवासी सल्का पट्टा निरस्तीकरण करने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी कर्री भूमि के संबंध में, फूलमती निवासी श्री रामपुर  50 वर्षो से काबिज भूमि का पट्टा देने के संबंध में, दीपनारायण निवासी बिछिया टोला भूमि के संबंध में, राम अवतार निवासी झगराखांण्ड भूमि के संबंध में, अब्दुल कालम अंसारी निवासी लेदरी जाति प्रमाण पत्र के संबंध में, समस्त वार्डवासी निवासी मनेंद्रगढ़ जबरन परेशान करने के संबंध में, हीरा सिंह निवासी लालपुर भूमि के संबंध में, भोला सिंह एवं वीर सिंह निवासी कटवार सोलर न लगने के संबंध में, राम अवतार निवासी झगराखांण्ड भूमि के संबंध मेंए जितेन्द्र कुमार निवासी उधनापुर आवास की राशि वापस करने के संबंध में एवं उषा निवासी मनेंद्रगढ़ ने नगर निवेश से ले.आउट स्वीकृति करने के संबंध में शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। recent visitors 69