Saturday, July 4, 2026 7:46 am

आरोपी ने लगाए थे ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे, कोर्ट ने ने दी अनोखी सजा

 जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने के आरोपी को अनोखी शर्त पर जमानत दे दी है. अदालत ने आदेश कहा कि मुकदमे की समाप्ति तक हर महीने आरोपी को दो बार भोपाल पुलिस थाने में 21 बार राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देनी होगी और 'भारत माता की जय' का नारा लगाना होगा. जस्टिस डीके पालीवाल ने आदेश में कहा कि आरोपी को कुछ शर्तें लगाकर जमानत पर रिहा किया जा सकता है ताकि उसमें उस देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना पैदा हो, जिसमें वह पैदा हुआ और रह रहा है. अदालत ने आरोपी को महीने के पहले और चौथे मंगलवार को राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देने और 'भारत माता की जय' का नारा लगाने का आदेश दिया. आरोपी ​​फैजान को 50 हजार रुपए के बॉन्ड पर जमानत दी गई. आरोपी फैजल उर्फ ​​फैजान को इसी साल 17 मई के दिन भोपाल की मिसरोद थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 'पाकिस्तान जिंदाबाद' और 'भारत मुर्दाबाद' के नारे लगाने का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाने में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153बी के तहत कार्रवाई की थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने पाकिस्तान समर्थक नारा लगाया था, जो विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के बराबर था और उसका कृत्य सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक था, इसलिए उसे जमानत न मिले. बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि आवेदक को झूठा फंसाया गया है. वह इसी देश का नागरिक है. हालांकि, आवेदक के वकील ने निष्पक्ष रूप से  कहा है कि एक वीडियो में आवेदक पाकिस्तान की तारीफ करते हुए और भारत की निंदा करते हुए नारे लगाता हुआ दिखाई दे रहा है. राज्य सरकार के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आवेदक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं. हाई कोर्ट ने सभी तर्कों पर विचार करते हुए शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दे दी.   recent visitors 111

सरकार देश के कई राज्यों के राज्यपाल बदलने की तैयारी में केन्‍द्र, राम माधव बन सकते हैं जम्मू और कश्मीर के नए एलजी

श्रीनगर केंद्र सरकार जल्द ही उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश समेत कई प्रदेशों के राज्यपाल बदल सकती है। हालांकि, अब तक इस संभावित फेरबदल को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि ये फेरबद इस अक्टूबर में ही या नवंबर के अंत में हो सकते हैं। इस दौरान उन नामों पर विचार किया जा सकता है, जो पहले ही 3 से 5 साल की सेवाएं दे चुके हैं। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फेरबदल की चर्चा इसलिए भी अहम हैं, क्योंकि कई राज्यपाल और उपराज्यपाल 3-5 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें खासतौर से उत्तर प्रदेश, केरल, जम्मू और कश्मीर, अंडमान एंड निकोबार आइलैंड, दादर और नगर हवेली और दमन एंड दियू शामिल हैं। जम्मू और कश्मीर में हाल ही में राज्य सरकार ने कमान संभाली है। ये हो सकते हैं नए नाम रिपोर्ट के अनुसार, अटकलें हैं कि जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की जगह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव राम माधव ले सकते हैं। वहीं, केरल राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को भी नई भूमिका दिए जाने की चर्चाएं हैं। अंडमान और निकोबार आइलैंड के उपराज्यपाल देवेंद्र कुमार को केरल या जम्मू और कश्मीर में नई जिम्मेदारी दी जा सती है। कुमार अक्टूबर 2017 से राज्यपाल हैं। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि जम्मू और कश्मीर, हरियाणा में नई सरकार के बनने के बाद या झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद फेरबदल किए जा सकते हैं। इसके अलावा लोकसभा चुनाव के मैदान से दूर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी राज्यपाल या एलजी बनाया जा सकता है। इनमें अश्विनी चौबे, वीके सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी जैसे नाम शामिल हो सकते हैं। 3-5 साल से सेवाएं दे रहे हैं ये राज्यपाल कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, गुजरातके आचार्य देवव्रत 3 साल से ज्यादा समय से पद पर हैं। गोवा राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई और हरियाणा के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय 15 जुलाई 2021 से पद पर हैं। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल, उत्तराखंड के गुरमीत सिंह 3 साल से ज्यादा समय से राज्यपाल हैं। राज्य में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में बनी है नई सरकार जम्मू-कश्मीर में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए हैं। बुधवार को वहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में नई सरकार ने सत्ता भी संभाल ली। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए राम माधव को महत्वपूर्ण भूमिका में रखा था। वह पार्टी के लिए कश्मीर में हमेशा से एक महत्वपूर्ण चेहरा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के मामलों में राम माधव की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पीडीपी और बीजेपी के गठबंधन में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। धारा 370 को हटाने की योजना भी उनके मार्गदर्शन में तैयार की गई थी, जो कश्मीर के इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हुआ। उनका अनुभव और समझ कश्मीर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में 22 अगस्त 1964 को जन्म राम माधव ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। वह पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े और पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने। संघ से ही वह भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश किए और धीरे-धीरे बड़े राजनीतिक पदों पर काबिज हुए। उनका सियासी अनुभव कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला हुआ है। वह एक नेता, लेखक और विचारक के रूप में चर्चित रहे हैं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण किताबें लिखी हैं, जो राजनीति और सामाजिक विषयों पर आधारित हैं। वह थिंक टैंक ‘इंडिया फाउंडेशन’ के अध्यक्ष भी हैं और कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने धर्म-20 फोरम में भी भाग लिया था, जो जी-20 का हिस्सा था। राम माधव का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी काफी विस्तृत है। उन्होंने रूस, सिंगापुर, इंडोनेशिया, कनाडा और चीन जैसे देशों में कई महत्वपूर्ण मंचों पर भारत का पक्ष रखा है। चाहे वह सुरक्षा के मुद्दे हों या फिर वैश्विक राजनीति के, राम माधव ने हर बार अपनी बेबाक राय रखी है। recent visitors 101

संभल में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रंगदारी मांगने के आरोप में अरेस्ट

 संभल यूपी के संभल जिले में पुलिस ने 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जिसके बाद अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद उनको जेल भेज दिया. कांग्रेस जिलाध्यक्ष और उनके भाई सहित तीन लोगों पर उनके ही गांव के रहने वाले शख्स ने फैक्ट्री लगाने के नाम 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके बाद से कोतवाली पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही थी. दरअसल, सदर कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज ने चार दिन पहले 11 अक्टूबर को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही रहने वाले कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष के भाई सुभाष शर्मा और सुधीर शर्मा के द्वारा प्लॉट निर्माण करने के नाम पर 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए बीएनएस की धारा 308(5) ,351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था.   मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए धरना देकर विरोध भी जताया था. उधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद संभल कोतवाली प्रभारी अनुज तोमर और चौकी प्रभारी आशीष तोमर मामले की जांच पड़ताल में लगे हुए थे. जिसके बाद सदर कोतवाली प्रभारी और चौकी प्रभारी ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया, जहां दोनों पक्षों की तरफ से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं. जिसके बाद सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को जेल भेज दिया. मामले में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि संभल कोतवाली पुलिस को 11 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि कोतवाली इलाके के मोहम्मदपुर टांडा गांव के निवासी देशराज नामक व्यक्ति के पास अपनी जमीन का बैनामा होने के बावजूद विजय शर्मा और उसके साथी देशराज को इंटरलॉकिंग की फैक्ट्री नहीं लगने दे रहे हैं. इस मामले की जांच पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि वास्तव में 5 लाख रुपए की डिमांड की गई थी. इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश करने पर एक आरोपी विजय शर्मा को गिरफ्तार किया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है. इसके खिलाफ पहले से ही एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने के पांच मुकदमे दर्ज है. कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर दर्ज हैं कई मुकदमे संभल कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय शर्मा को 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की आरोप में भले ही अब गिरफ्तार किया है लेकिन पुलिस अधिकारियों की माने तो कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, धमकियां देने और मारपीट करने की पांच मुकदमे पहले से भी दर्ज हैं. जिसमें कई मुकदमों का ट्रायल अभी भी कोर्ट में चल रहा है. वहीं, जिला अध्यक्ष विजय शर्मा का कहना है कि मुकदमा दर्ज करा कर मेरे ऊपर रंगदारी मांगने के जो आरोप लगाए गए हैं वह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है. पुलिस प्रशासन केवल सरकार की दबाव में ही काम कर रहा है और वैसे भी बीजेपी सरकार में ब्राह्मण समाज की हमेशा से ही अनदेखी होती रही है.   recent visitors 105

UPPSC PCS 2024 प्रीलिम्स एग्जाम स्थगित , 27 अक्टूबर को होनी थी परीक्षा

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने PCS प्रारंभिक परीक्षा टाल दी है. यह परीक्षा इसी महीने 27 अक्टूबर को होनी थी. मगर, इसकी तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि यह परीक्षा अब दिसंबर के बीच में कराई जा सकती है. फिलहाल आयोग की ओर से नई तारीख को लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है. 18 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक प्रस्तावित है. इसमें परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर चर्चा की जाएगी. आयोग ने इस बैठक में पीसीएस परीक्षा के लिए केंद्र बनाने में आ रही समस्याओं को रखा है. इस बैठक में कोई समाधान निकलने की उम्मीद है, जिससे परीक्षा का आयोजन जल्द से जल्द कराया जा सके. परीक्षा केंद्रों का चयन बना समस्या पीसीएस परीक्षा को दो दिन आयोजित करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू किया था. इसके बाद मंगलवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में ज्ञापन देकर परीक्षा की स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की अनिश्चितता के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है. अभ्यर्थियों को तैयारी करने का मिला मौका परीक्षा के लिए अब अभ्यर्थी नए सिरे से अपनी तैयारी कर सकते हैं. एग्जाम की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी. परीक्षा केंद्रों के चयन में आ रही समस्याओं को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन से मिलकर इस पर निर्णय लिया जाएगा. नए केंद्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद आयोग परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा करेगा. recent visitors 62

केन्द्र सरकार द्वारा छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि का निर्णय

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के लिए आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अन्नदाता को प्राथमिकता मोदी सरकार का संकल्प है। नई दिल्ली में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में रेपसीड और सरसों के लिए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि 300 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर के लिए 275 रुपए प्रति क्विंटल की घोषणा की गई है। चने में 210 रुपए प्रति क्विंटल, गेहूं में 150 रुपए प्रति क्विंटल, कुसुम में 140 रूपये प्रति क्विंटल एवं जौ में 130 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और देश के किसानों की ओर से इस फैसले का अभिन्नदन किया है। मख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के लिए विगत 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे अन्नदाता निरंतर खुशहाल और समृद्ध हो रहा है। बुधवार को केन्द्रीय मंत्री-मंडल की बैठक में गेहूँ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2275 रूपये से बढ़ाकर 2425 रूपये, जौ का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1850 रूपये से बढ़ाकर 1980 रूपये, चने का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5440 रूपये से बढ़ाकर 5650 रूपये, मसूर का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 6425 रूपये से बढ़ाकर 6700 रूपये, रेपसीड और सरसों का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5650 रूपये से बढ़ाकर 5950 रूपये और कुसुम का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 5800 रूपये से बढ़ाकर 5940 रूपये किया गया है।   recent visitors 70

फेस्टिवल सेल: एप्पल मैकबुक एयर और अन्य लैपटॉप पर पाएं बेहतरीन डील्स

Amazon ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल 2024 का सिस्टम इन दिनों काफी हाई है। क्योंकि इस सेल में आपको कई शानदार डील्स मिल रही हैं, जिससे आप भारी बचत भी कर सकते हैं। अगर आप इन दिनों कोई शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो सेल के इस बेस्ट लैपटॉप ऑफर को चेक कर सकते हैं। इस ऑफर में आपको विंडोज के कई टॉप लैपटॉप के साथ ही Apple MacBook Air लैपटॉप पर भी काफी बेहतरीन डील मिल रही है। Amazon Big Sale में इन लैपटॉप पर 35% तक के डिस्काउंट के साथ ही कई अन्य सेविंग वाले ऑफर मिल रहे हैं। इस सेल में अगर आप आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी बैंक, एयू बैंक या एक्सिस बैंक क्रेडिट/डेबिट कार्ड से खरीदारी करते हैं तो आपको 10% तक अतिरिक्त बचत का लाभ भी मिल सकता है। इन लैपटॉप्स पर शानदार ऑफर हैं Acer Aspire Lite 12th Gen Intel Core i5-12450H Thin and Light Laptop: यह Acer Aspire Lite लैपटॉप 12वीं जनरेशन वाले हाई स्पीड सिस्टम के साथ आता है। यह लैपटॉप का पतला और हल्का डिजाइन काफी असालिटिव बना हुआ है। इस लैपटॉप का वजन सिर्फ 1.7Kg है, जिससे आप इसे आसानी से अपने साथ कैरी भी कर सकते हैं। इसका उपयोग लैपटॉप वर्कशॉप के साथ-साथ अध्ययन और मनोरंजन के लिए भी किया जा सकता है। इस लैपटॉप का डिज़ाइन भी काफी शानदार है। Apple MacBook Air Laptop: Apple M1 चिप: यह Apple Apple M1 चिप के साथ आता है, जो काफी पसंद और हाई स्पीड ऑफर देता है। इस Apple MacBook Air लैपटॉप में 13.3 इंच की स्क्रीन साइज दी जा रही है। यह लैपटॉप वर्कशॉप के लिए बिल्कुल सही और सर्वोत्तम माना जाता है। इसे आप 2908 रुपये की नो कॉस्ट ईएमआई पर ले सकते हैं। इस लैपटॉप पर 35% तक की छूट मिल रही है, जिससे आप बड़ी बचत भी कर सकते हैं। HP 15s Core i5 12th Gen (16GB RAM): यदि आप काम और अध्ययन के लिए शानदार लैपटॉप लेना चाहते हैं, तो HP 15s आपके लिए काफी बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इस लैपटॉप में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 2021 का सपोर्ट मिल रहा है। यह लैपटॉप बैकलिट कीबोर्ड के साथ है, जिससे वर्कशॉप में आसानी से काम किया जा सकता है। इसकी फुल एचडी स्क्रीन भी काफी शानदार है। यह लैपटॉप सिल्वर कलर में आ रहा है। यह लैपटॉप का लुक भी काफी प्रीमियम है। लेनोवो V15 G2 15.6" FHD एंटी-ग्लेयर बिजनेस लैपटॉप: बिजनेस प्रोफाइलर्स के लिए इस लेनोवो V15 G2 लैपटॉप को पोर्ट्रेट माना गया है। इस लैपटॉप में एचडी कैमरा और एचडी ऑडियो क्वालिटी है, जिससे आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी अच्छे से कर सकते हैं। यह लैपटॉप में फुल एचडी एंटी ग्लेयर स्क्रीन दी जा रही है। यह लाइवसेट के साथ ही Dell [Smartchoice] Core i3-1215U, 12th में आ रहा है Gen: इस Dell Smartchoice लैपटॉप के फीचर्स और फीचर्स काफी कमाल के हैं। इसमें लैपटॉप 8GB रैम और 512GB SSD के साथ आ रहा है। इसमें लैपटॉप 3 साइड नैरो बैजल्स भी शामिल है इसके साथ 2 ट्यून्ड स्पीकर भी काफी शानदार साउंड एक्सपीरियंस देते हैं। इस टॉप लैपटॉप की स्क्रीन क्वालिटी भी काफी शानदार है। recent visitors 72

अमेरिका में साल 2024 में अब तक 512 बड़ी कंपनियां बंद हुई, भीषण वित्तीय संकट से जूझ रहा US

न्यूयॉर्क  दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश अमेरिका में छोटी कंपनियों का बुरा हाल है। रसेल 2000 इंडेक्स में शामिल कंपनियों में से 43% घाटे में चल रही हैं। यह साल 2020 की महामारी के बाद सबसे अधिक है। यह 2008 के वित्तीय संकट से भी अधिक है। तब 41 फीसदी छोटी कंपनियां घाटे में चल रही थीं। इतना ही नहीं इन कंपनियों का ब्याज के भुगतान पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है। यह 2003 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। उच्च ब्याज दरों के कारण इन कंपनियों के लिए ब्याज चुकाना भी मुश्किल हो रहा है। अमेरिका में छोटी कंपनियां ही नहीं बल्कि बड़ी कंपनियां भी मुश्किल में हैं। इस साल अब तक 512 बड़ी कंपनियां खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी हैं। यह 2020 की महामारी के दौरान से बस 6 कम है। महामारी के दौर को हटा दिया जाए तो यह 14 साल में सबसे बड़ी संख्या है। सितंबर में जहां 59 कंपनियां दिवालिया हुईं, वहीं अगस्त में 63 कंपनियों ने खुद को बैंकरप्ट घोषित किया। सबसे ज्यादा 81 कंपनियां कंज्यूमर सेक्टर में बैंकरप्ट हुई हैं। इंडस्ट्रियल में 60 और हेल्थकेयर में 48 कंपनियां इस साल बैंकरप्ट हुई हैं। अमेरिका पर कर्ज इस बीच अमेरिका का कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है। यह 35.7 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है जो उसकी इकॉनम का करीब 125 फीसदी है। साल 2000 में अमेरिका पर 5.7 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज था जो साल 2010 में 12.3 ट्रिलियन डॉलर और 2020 में 23.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। यूएस कांग्रेस के बजट दस्तावेजों के मुताबिक अगले दशक तक देश का कर्ज 54 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। पिछले तीन साल में ही देश का कर्ज 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बढ़ चुका है। स्थिति यह हो गई है कि अमेरिका को रोज 1.8 अरब डॉलर ब्याज के भुगतान में खर्च करने पड़ रहे हैं। recent visitors 60