Saturday, July 4, 2026 2:19 am

एम्स रायपुर: डॉक्टर द्वारा मरीज से मारपीट का वीडियो वायरल, एम्स प्रशासन आया हरकत में

रायपुर एम्स रायपुर (AIIMS) में एक डॉक्टर द्वारा मरीज से मारपीट करने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मामला बढ़ता देख एम्स प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के आदेश दिए हैं. घटना प्लास्टिक सर्जरी विभाग की बताई जा रही है, जहां एक मरीज के सीने की दाहिने हिस्से का ऑपरेशन हुआ था, ऑपरेशन के बाद उसने सिरदर्द की शिकायत की थी. इसपर जब उसने डॉक्टर से सवाल पूछा तो डॉक्टर भड़क गया और मरीज के साथ मारपीट कर दी. घटना का विवरण मरीज बिलासपुर निवासी है और उसका ऑपरेशन हुआ था. उसने बताया कि सुबह हुए ऑपरेशन के बाद जब उसे रात 9:30 होश आया तो उसके सर में दर्द हो रहा था. उसने बताया कि सीने के राइट साइड ऑपरेशन हुआ और लेफ्ट साइड सिर में दर्द दे रहा था. मरीज ने अपनी पत्नी को इसकी जानकारी दी. पत्नी ने जब देखा तो सिर सुजा हुआ था, जैसे कोई मारा हो. इस दौरान ड्यूटी पर उपस्थित डॉक्टर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम नहीं बता पाएंगे. ऑपरेशन थियेटर में जो डॉक्टर है वो बता पाएंगे. उसके बाद मरीज डॉक्टर का इंतजार करता रहा. डॉक्टर रात लगभग 11 बजे आए तो उनसे मरीज ने पूछा ‘सर दर्द’ कर रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे कोई मारा है या खींचा है तो डॉक्टर ने कहा तुम्हारे कहने का मतलब क्या है ऑपरेशन थियेटर हमें तुमको मार रहे थे. यह कहते हुए डॉक्टर ने मरीज को दो थप्पड़ जड़ दिया और पत्नी को भी धक्का दिया. हॉस्पिटल का स्टाफ भी डॉक्टर का सपोर्ट कर रहा है. और पुलिस को भी यह कह कर बुला दिया गया की भाग रहे थे. मामले में जांच के आदेश मरीज बिलासपुर निवासी है और प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भर्ती है. वीडियो वायरल होने के बाद AIIMS अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. रायपुर एम्स के निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदाल ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए गए हैं. एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और जल्द ही रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. लेफ्टिनेंट जनरल जिंदाल ने कहा, घटना जिस जगह हुई है,वहां मौजूद सारे लोगों की बयान ली जाएगी. पूछताछ में जो तथ्य निकल कर आएंगे उसके अनुरूप आगे कार्रवाई की जाएगी. डॉक्टर दोषी होगा तो डॉक्टर पर भी कार्रवाई की जाएगी. वायरल वीडियो के बाद से अस्पताल में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी. बताया जा रहा है कि मरीज के करीब 10 परिजन डॉक्टर से मारपीट करने के लिए आ रहे थे. लेकिन सुरक्षा गार्डों ने स्थिति को नियंत्रण में कर लिया. अब अस्पताल प्रशासन ने CCTV फुटेज निकालकर मामले की जांच शुरू कर दी है. recent visitors 94

बीजेपी महाराष्ट्र में ओबीसी, एससी और एसटी पर ही पूरा जोर लगाएगी

 मुंबई लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कांग्रेस, सपा, आरजेडी और शरद पवार की एनसीपी जैसी पार्टियों ने प्रचार किया था कि एनडीए इसलिए 400 सीटें मांग रहा है ताकि संविधान बदल सके। इसके अलावा आरक्षण को खत्म किया जा सके। इस प्रचार ने असर भी दिखाया और माना जाता है कि इसी के चलते भाजपा 240 सीटों पर ही ठहर गई और एनडीए दलों के समर्थन से ही सरकार बन सकी। अब महाराष्ट्र में इसी दांव को भाजपा पलटने की तैयारी में है।  भाजपा और एनडीए सरकारों के मुख्यमंत्रियों की मीटिंग हो रही है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं। इस मीटिंग का एजेंडा ही है कि कैसे आपातकाल के 50 साल पूरे होने को संविधान हत्या के प्रयास के तौर पर याद दिलाया जाए। यही नहीं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी भाजपा, एकनाथ शिंदे और अजित पवार की एनसीपी इस मसले को उठाने वाले हैं। इसके तहत घर घर संविधान अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से संविधान लागू होने के 75 वर्ष का स्मरण किया जाएगा। दरअसल 'घर-घर संविधान' अभियान के माध्यम से भाजपा चाहती है कि विपक्ष के संविधान बदलने वाले नैरेटिव की काट की जा सके। विपक्ष के इस नैरेटिव का सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र और यूपी जैसे बड़े राज्यों में ही हुआ था। इस अभियान के माध्यम से एनडीए के दल चाहते हैं कि महाराष्ट्र के 25 फीसदी वोटों को साधा जा सके। राज्य में 16 फीसदी दलित आबादी है, जबकि 9 फीसदी संख्या आदिवासियों की है। सूबे में 29 विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति और 25 सीटें जनजाति के लिए आरक्षित हैं। भाजपा को लगता है कि ये सीटें पूरा गेम पलटने का दम रखती हैं। भाजपा सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के सुझाव पर ही 'घर-घर संविधान' अभियान शुरू किया जाएगा। वह चाहते हैं कि इस अभियान के जरिए यह संदेश दिया जाए कि भाजपा कैसे संविधान को लेकर तत्पर है। ओबीसी, एससी और एसटी पर ही पूरा जोर भाजपा नेताओं का कहना है कि यह अभियान दलितों, ओबीसी और जनजाति समुदाय के बीच अच्छा संदेश देगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों ने इन्हीं समुदायों के बीच 2024 में भ्रम पैदा कर दिया था। महाराष्ट्र में भाजपा के दलित नेता धर्मपाल मेश्राम ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव जैसी स्थिति नहीं होगी। हमारे अभियान का लाभ होगा और दलित मतदाता इस बार भाजपा के साथ फिर से आएंगे। क्या है 54 सीटों वाला प्लान, जिससे गेम पलटने की उम्मीद इस तरह भाजपा 54 आरक्षित सीटों पर फोकस कर रही है, जहां से गेम पलट सकता है। इसके अलावा ओबीसी वर्ग पर भी फोकस है क्योंकि मराठा आरक्षण आंदोलन के चलते उनके जरिए ही नुकसान की भरपाई की उम्मीद है। हरियाणा में भी भाजपा ने सामाजिक समीकरण का माइक्रो मैनेजमेंट करके जीत हासिल की थी। माना जा सकता है कि कुछ ऐसा ही प्रयास वह महाराष्ट्र में भी करना चाहती है। recent visitors 85

22 आवेदकों को प्रशासन ने प्रदान की अनुकंपा नियुक्ति

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने हाल ही में दिवंगत पंचायत शिक्षकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार के फैसले के चंद रोज बाद ही बलरामपुर-रामानुजगंज जिला प्रशासन ने 22 आवेदकों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की है. कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने आवेदकों को नियुक्त पत्र प्रदान किया. सबसे ज्यादा अनुकंपा नियुक्ति 18 आवेदकों को राजस्व विभाग में प्रदान की गई है. इसके बाद दो आवेदकों को आदिवासी विकास विभाग, एक आवेदक को महिला एवं बाल विकास विभाग और एक को उप संचालक, पंचायत कार्यालय में नियुक्ति प्रदान की गई है. recent visitors 54

मध्‍य प्रदेश में फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बेचने वालों का अब मुफ्त होगा पंजीयन, अर्थदंड से होगा बचाव

भोपाल  मध्य प्रदेश में फेरी लगाने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। प्रदेश में फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बेचने वालों का अब मुफ्त पंजीयन होगा। एक बार में पांच वर्ष तक के लिए पंजीयन करा सकेंगे। इससे अर्थदंड से बचाव होगा। सरकार ने सब्जी-फल या खाने की अन्य सामग्री घूमकर बेचने वालों को राहत दी है। अब वह खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) में पांच वर्ष के लिए अपना पंजीयन निशुल्क करा सकेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वेंडर पंजीयन कराने से बचते थे, इसलिए सरकार ने यह सुविधा दी है। एफएसएसएआई ने 30 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। अब इन लोगों से पांच वर्ष का पंजीयन शुल्क 500 रुपए नहीं लिया जाएगा। फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ बेचने वाले एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन में फोटो, आधार कार्ड भी लगेगा। यह भी बताना होगा किस चीजों का व्यापार करते हैं। आपको बता दें कि एमपी में फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ ठेले पर बेचने वालों की संख्या करीब 18 लाख है। पंजीयन नहीं कराने पर एडीएम पांच हजार रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक अर्थदंड लगा सकता है। शर्त के अनुसार स्वच्छता और अन्य निर्धारित मापदंड का पालन करना होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वेंडर पंजीयन कराने से बचते थे, इसलिए भारत सरकार ने यह सुविधा दी है। एफएसएसएआई ने 30 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से या खुद वे अपना पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन में फोटो, आधार कार्ड भी लगेगा। यह भी बताना होगा किस चीजों का व्यापार करते हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मयंक अग्रवाल का कहना है कि एफएसएसएआई ने बहुत अच्छा प्रयास किया है। फेरी वाले जिन हाकर्स ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है वह निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। मप्र स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नेश उपाध्याय ने बताया कि मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थ बेचने वाले लगभग 38 लाख हाकर्स हैं, जिनमें 16 से 18 लाख फेरी वाले होंगे। फेरी वालों को यह होगा लाभ     अभी बिना लाइसेंस पकड़े जाने पर पांच हजार से 20 हजार रुपये तक अर्थदंड लगता है, जिससे बच जाएंगे।     पंजीयन की शर्तों के अंतर्गत उन्हें यह पता रहेगा कि क्या करना और क्या नहीं करना।     खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास उनका ब्योरा होने से उन्हें समय-समय पर विभाग या एनजीओ के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा सकेगा। सरकार को यह लाभ होगा पंजीयन होने से फेरी लगाकर खाद्य पदार्थ बेचने वालों का ब्योरा सरकार के पास रहेगा। पंजीयन कराने के साथ ही फेरीवालों को शपथ पत्र देना होता है कि वह शर्तों का पालन करेंगे। इस तरह वह नियम से बंध जाएंगे। पंजीयन में पता और मोबाइल नंबर भी रहेगा। फेरी वालों के विरुद्ध कोई शिकायत आती है तो नोटिस भेजना आसान हो जाएगा। खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने में स्वच्छता का मापदंड पूरा कराना भी आसान होगा। आवश्यकता होने पर मोबाइल पर उन्हें एक साथ मैसेज भेजा जा सकेगा।   recent visitors 57

ग्वालियर मेंनौकरी, नौकर और मां-बेटी की लाश… पुलिस ने सुलझाई फ्लैट नंबर-322 की मर्डर मिस्ट्री, मोबाइल-एटीएम बरामद

ग्वालियर  गार्डन होम्स में मां बेटी की हत्या करने वाले चारों आरोपितों को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम का रिक्रियेशन भी कराएगी। जिससे पुलिस को आरोपितों के खिलाफ और सबूत मिल सकें। रिमांड के दौरान आरोपित मां बेटी की हत्या करने की पूरी घटना भी पुलिस को बताई है। उन्होंने वारदात के दौरान किस तरह से बर्बता बरती। वह भी पुलिस को बताया है। गार्डन होम्स में रीना भल्ला और उनकी मां इंदु पुरी की हत्या करने वाले चारों आरोपितों को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। इनसे घटना के संबंध में यूनिवर्सिटी थाना पुलिस पूछताछ कर रही है और सबूत जुटा रही है। इन लोगों ने बताया कि रीना ने जैसे ही फ्लैट का दरवाजा खोला तो यह लोग उसके बेडरूम में छिप गए थे। पहले उसने अपनी मां को खाना खिलाया, फिर अपने कमरे में आई तो लाइट जलाते ही उस पर टूट पड़े। उसकी गर्दन पीछे से दबाई और तबिया रखकर उस पर बैठ गए। रीना खुद को बचाने के लिए लड़ भी रही थी, उसने संघर्ष किया। तभी चारों ने मिलकर उसका मुंह पीछे से दबाया, जिससे वह अचेत हो गई। इसके बाद कपड़े से गला घोंट दिया। इंदु पुरी के आते ही उनका भी गला घोंट दिया। रिमांड पर लेने के बाद अब पुलिस घटना का रि-क्रियेशन भी कराएगी। जिससे घटना के बारे में सभी साक्ष्य जुटाए जा सकें। आरोपितों से बरामद मोबाइल की काल डिटेल निकाली जा रही है। इससे पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि इनके मददगार कौन-कौन हैं। तीसरी लाइन से निकाली शताब्दी-वंदे भारत बिरला नगर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर गुरुवार को क्रास ओवर जाम हो गया। इसके कारण ट्रेनों के ट्रैक बदलने में दिक्कत आने लगी। क्रास ओवर जाम होने के कारण नई दिल्ली से रानी कमलापति जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को बिरला नगर पर आधा घंटे तक खड़ा कर दिया गया। वहीं रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस को ग्वालियर स्टेशन पर खड़ा कर दिया गया। रेल कर्मचारियों ने पहले क्रास ओवर को ठीक करने के प्रयास किए, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो इन ट्रेनों को तीसरी लाइन से निकाला गया।   recent visitors 65

उज्जैन में प्रतिबंधित पटाखे बेचने पर एक गोदाम सील

 उज्जैन उज्जैन पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा त्यौहारों के मद्देनजर जिले में अवैध पटाखों की बिक्री की जांच और दोषियों पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, सीएसपी जीवाजीगंज सुमित अग्रवाल, एसडीएम घटिया राजाराम करजरे, और थाना प्रभारी भेरूगढ़ चंद्रिका प्रसाद यादव के संयुक्त नेतृत्व में ग्राम रातड़िया में पटाखा गोदामों और दुकानों का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण त्योहारों के दौरान अवैध पटाखों की बिक्री और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान, वर्जित पटाखे बेचते पाए जाने पर बाबजी फायरवर्क्स के एक गोदाम को सील कर दिया गया। जांच में सभी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और भंडारण क्षमता की भी समीक्षा की गई। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर संबंधित दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस ने दुकानदारों को यह निर्देश भी दिए कि वे सुरक्षा के दृष्टिकोण से फायर एक्सटिंग्विशर और अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता का विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही पटाखे खरीदें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। साथ ही, त्योहार के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है। recent visitors 83

बिग बॉस 18 में करणवीर मेहरा और अविनाश मिश्रा के बीच हुआ झगड़ा, इंटरनेट पर लोग कर रहे वोटिंग

मुंबई टीवी एक्टर करणवीर मेहरा 'बिग बॉस सीजन 18' में नजर आ रहे हैं। बीते एपिसोड में जो कुछ हुआ, उसके बाद उनके और अविनाश मिश्रा के फैंस इंटरनेट पर दो हिस्सों में बंट गए। लोगों ने ट्रेड शुरू कर दिया कि आप किसको सपोर्ट करते हैं। जिसमें से कुछ ने करण का नाम लिया और कुछ अविनाश के खेमे में जाते दिखे। दरअसल, बीते एपिसोड में घरवालों ने एलिमिनेशन के लिए अविनाश मिश्रा का नाम लिया था। 17 में से 10 कंटेस्टेंट्स ने उन्हें बेघर करने के लिए हाथ खड़ा किया। जिसके बाद वह बिफर पड़े। चुम दरांग ने फिर उन्हें इस दौरान अपशब्द कहा, और अविनाश बेकाबू उन्हें मारने के लिए दौड़ै। घरवाले बीचबचाव में आए। करणवीर मेहरा और अविनाश मिश्रा की लड़ाई नायरा बनर्जी ने अविनाश को कसकर पकड़ा था। जिस पर करणवीर मेहरा ने कहा कि छोड़ दो वह कुछ नहीं करेगा। इतना अक्लमंद है वो। इतने में ही अविनाश, करण पर ही राशन-पानी लेकर चढ़ गए। उन्हें भला-बुरा कहने लगे। उनके लुक्स का मजाक उड़ाने लगे। सिर पर कम बाल से लेकर उनकी पर्सनल लाइफ पर कटाक्ष करने लगे। करण ने भी कुछ अपशब्द कहे लेकिन वह उनकी तरह आपा नहीं खोए। करणवीर को मिला साथ और अविनाश को कहा गलत अब इन्हीं सब मसलों के बाद सोशल मीडिया पर लोग पूछने लगे कि अविनाश और करणवीर में से आप किसे सपोर्ट कर रहे हैं? जहां पर लोगों ने करणवीर का ही साथ दिया। उन्हें सही बताया है और अविनाश को नापसंद किया है। साथ ही लोगों ने अविनाश को उनके रवैये के लिए खरीखोटी भी सुनाई है। recent visitors 78