Friday, July 3, 2026 7:03 pm

रेलवे ने बदला ट‍िकट बुक‍िंग का न‍ियम सीटों की मारामारी से मिलेगी राहत ! 1 नवंबर से होगा लागू

नई दिल्ली फेस्‍ट‍िव सीजन में ट्रेन ट‍िकट की मारामारी के बीच रेलवे की तरफ से ट‍िकट बुक‍िंग के न‍ियम में बदलाव क‍िया गया है. सूत्रों से म‍िली जानकारी के अनुसार अब यात्री ट्रेन के प्रस्‍थान की तारीख से केवल 60 द‍िन पहले ही IRCTC से टिकट बुक करा सकेंगे. मौजूदा समय में एडवांस ट‍िकट बुक‍िंग की अवध‍ि 120 द‍िन की है. नए न‍ियम के तहत इसे बदलकर 60 द‍िन यानी पहले से एकदम आधा कर द‍िया गया है. यात्र‍ियों की तरफ से लंबे समय से एडवांस ट‍िकट बुक‍िंग के न‍ियम को बदलने की मांग की जा रही थी. ज‍िस पर अब रेलवे की तरफ से फैसला क‍िया गया है. पहले से बुक क‍िये गए टिकट पर क‍िसी प्रकार का असर नहीं सूत्रों का दावा है क‍ि ट‍िकट बुक‍िंग से जुड़ा नया न‍ियम 1 नवंबर 2024 से लागू क‍िया जाएगा. पहले से बुक किए गए टिकट पर क‍िसी तरह का असर नहीं होगा. आपको बता दें 1 नवंबर को द‍िवाली और 6 नवंबर को छठ पूजा के चलते रेलवे के सभी रूट पर ट‍िकट बुक‍िंग को लेकर मारामारी मची हुई है. रेलवे यात्र‍ियों की तरफ से ट‍िकट बुक‍िंग के न‍ियमों में बदलाव को लेकर लंबे समय से मांग हो रही थी. यात्र‍ियों की तरफ से आरोप लगाए जाते थे क‍ि बुक‍िंग शुरू होने के साथ ही एजेंट पहले ही सीट बुक कर देते हैं. इससे असल यात्र‍ियों को ट‍िकट म‍िलने में परेशानी होती है. अब तक की व्यवस्था के मुताबिक यात्री चार महीने पहले ही अपनी सीट रिजर्व करवा सकते हैं। तत्काल टिकट की बुकिंग यात्रा की तिथि से एक दिन पहले की जा सकती है। रोज सुबह 10 बजे के बाद 3 एसी लेकर ऊपर की श्रेणी के लिए बुकिंग शुरू हो जाती है जबकि स्लीपर तत्काल बुकिंग सुबह 11 बजे से चालू हो जाती है। हालांकि, अगर टिकट 1 नवंबर से पहले ही बुक हो चुके हैं, तो एडवांस ट्रेन टिकट बुकिंग के नए नियमों का उन बुकिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस घटनाक्रम के बाद आईआरसीटीसी के शेयर दोपहर 14:20 बजे 2.2% की गिरावट के साथ 867.60 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। IRCTC से हर दिन 12.38 लाख टिकट बुक होते हैं। खाने की क्‍वाल‍िटी की निगरानी के लिए एआई लैस कैमरे लगाए इस बीच भारतीय रेलवे अपने सिस्टम और प्रोसेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल करने की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है. रेलवे ने पहले ही लिनन और खाने की क्‍वाल‍िटी की निगरानी के लिए एआई लैस कैमरे लगाए हैं. रेलवे मंत्री अश्‍व‍िनी वैष्णव ने कहा क‍ि हमने ट्रेनों की ऑक्‍यूपेंस की जांच के ल‍िए एआई मॉडल की पुष्‍ट‍ि की. इससे यह पता लगाया गया क‍ि ट्रेन में कितनी सीटें खाली हैं. recent visitors 73

दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट प्रसादी का कार्यक्रम किया जाएगा आयोजित

राजनांदगांव इस वर्ष दीपावली त्यौहार मनाने को लेकर संशय की स्तिथि है, अनेक विद्वान आचार्य विभिन्न पंचांग के अनुसार 31 अक्तूबर तो अनेक विद्वान आचार्य 1 नवम्बर को दीपावली का त्यौहार मनाने का तर्क दे रहे है। नगर के अनेक मंदिरों में दीपावली के दूसरे दिन अन्नकूट प्रसादी का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। दीपावली की तिथि के संशय को देखते हुए अन्नकूट महोत्सव करने पर भी दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जिसका समाधान निकालने हेतु सत्यनारायण मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक लोहिया के आग्रह पर संस्कारधानी नगरी के प्रमुख मंदिरों के आचार्यों एवम समिति सदस्यो की एक बैठक कल सत्यनारायण धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में सत्यनारायण मंदिर के आचार्य पंडित कालूराम शास्त्री, समिति के अशोक लोहिया, सुरेश अग्रवाल, हरीश अग्रवाल, श्याम खंडेलवाल, लक्ष्मण लोहिया, श्री बालाजी मंदिर पुराना गंज मंडी के संतोष हुंका, बिसन अग्रवाल, नंदू भूतड़ा, पंडित गया प्रसाद मिश्र, जलाराम राम मंदिर के पंडित मनोज शांतिलाल शुक्ला, मोतीनाथ मंदिर के अरुण खंडेलवाल, लक्ष्मीनारायण मंदिर के आशीष गांधी, श्री गणेश मंदिर मिथिलाधाम के अशोक चौधरी, महाकाल मंदिर सिंघोला के पवन डागा, श्री रामदेव बाबा मंदिर के आचार्य शरद तंवर, श्री महालक्ष्मी मंदिर के मनीष शर्मा, उमेश चंद शर्मा एवं चैंबर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष शरद अग्रवाल उपस्थित हुए। सभी ने गहन विचार विमर्श के पश्चात सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दीपावली का त्यौहार चाहे 31अक्तूबर को मनाया जाए , चाहे 1 नवम्बर को। अन्नकूट महोत्सव पूरे शहर में एक ही दिन 02 नवंबर को ही मनाया जाएगा। recent visitors 57

महाधर्मप्रांत ने 1,353 लोगों को 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमत

लॉस एंजिल्स संयुक्त राज्य अमेरिका में सैकड़ों लोगों का बचपन में यौन शोषण करने वाले कैथोलिक पादरी की शर्मनाक हरकत देश की सबसे बड़ी लॉस एंजिल्स की महाधर्मप्रांत को भारी पड़ी है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार महाधर्मप्रांत ने ऐसे 1,353 लोगों को 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमत हो गई है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, यह किसी महाधर्मप्रांत का सबसे अधिक भुगतान है। लॉस एंजिल्स में यौन शोषण के मामलों की संचयी कुल राशि 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक है। 880 मिलियन डॉलर का भुगतान करने करने के समझौते की घोषणा  वादी पक्ष और महाधर्मप्रांत के वकीलों ने संयुक्त बयान में की। आर्कबिशप जोस एच. गोमेज ने बयान में कहा कि वह हर एक घटना के लिए लोगों से माफी चाहते हैं। आशा है यह समझौता सताए गए इन पुरुषों और महिलाओं की पीड़ा को कुछ कम करेगा। बिशपअकाउंटेबिलिटी.ओआरजी के अध्यक्ष टेरेंस मैककिर्नन ने कहा कि सबसे पहले 2007 में 508 लोगों के मुकदमों में 660 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति हुई थी। तब से एक निगरानी समूह पादरियों के दुर्व्यवहार की रिपोर्टों पर नजर रखता है।     recent visitors 62

BSP को प्रतिदिन घटते जनाधार का सामना करना पड़, अब उपचुनाव बड़ी चुनौती

लखनऊ लोकसभा चुनाव में जीरो पर आउट हो चुकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सामने उपचुनाव में अपना कुनबा बढ़ाने की एक बड़ी चुनौती आ गई है। पार्टी को प्रतिदिन घटते जनाधार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बसपा के लिए अपने प्रभाव को बचाने के लिए जरूरी हो गया है कि इस उपचुनाव में दलित वोटों के बीच अपनी पैठ को एक बार फिर से साबित करे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिन नौ सीटों पर अभी उपचुनाव होने जा रहे हैं, उनमें से एक भी सीट पर बसपा का खाता नहीं खुला था। बसपा ने महज बलिया की रसड़ा सीट पर जीत दर्ज की थी। अब अगर 2022 के चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो बसपा आंबेडकर नगर की कटेहरी सीट पर तीसरे नंबर पर आई थी। यहां उनके प्रत्याशी प्रतीक पांडेय को 58,186 वोट मिले। इस सीट पर सपा के लालजी वर्मा ने जीत दर्ज की थी। मीरापुर विधानसभा में बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। उसके उम्मीदवार को 23,733 वोट मिले थे। इस सीट पर रालोद के उम्मीदवार चंदन चौहान ने जीत दर्ज की थी। गाजियाबाद में भी बसपा तीसरे नंबर पर थी। यहां उसके उम्मीदवार को 32,554 वोट मिले थे। यहां पर भाजपा के उम्मीदवार अतुल गर्ग को जीत मिली थी। कुंदरकी विधानसभा में भी बसपा तीसरे स्थान पर रही। उसके उम्मीदवार को 42,645 वोट मिले थे। कानपुर के सीसामऊ सीट पर बसपा चौथे नंबर पर थी। इस सीट से पार्टी के उम्मीदवार को महज 2,891 वोट मिले थे। जबकि यहां से सपा के हाजी इरफान सोलंकी ने जीत दर्ज की थी। मैनपुरी की करहल सीट पर बसपा प्रत्याशी 15,643 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर था। यहां से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी। उनके सांसद चुने जाने बाद इस सीट पर चुनाव हो रहा है। इसी तरह मिर्जापुर की मझवां सीट पर भी बहुजन समाज पार्टी तीसरे नंबर पर आई थी। उसके उम्मीदवार को 52,825 वोट मिले थे। यहां से निषाद पार्टी के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। खैर सीट पर बसपा दूसरे नंबर पर थी। पार्टी के उम्मीदवार को 64,996 वोट मिले थे। इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार अनूप प्रधान ने जीत दर्ज की थी। फूलपुर में 32,869 वोटों के साथ बसपा तीसरे स्थान पर रही थी। यह सीट भाजपा ने जीती थी। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि उपचुनाव बसपा के सामने बड़ा मौका लेकर आया है। अकेले दम पर मैदान में उतरकर अपने कुछ सीटों पर उम्मीदवार भी उतारे हैं। उनके जो भी उम्मीदवार हैं वो जातीय समीकरण के सटीक हैं। नौ में से कुछ सीटें ऐसी हैं जहां पर बसपा का जनाधार ठीक रहा है। मझवां सीट पर बसपा कई बार जीत दर्ज कर चुकी है। इसी तरह मीरापुर और कटेहरी सीट बसपा के लिए ज्यादा मुफीद रही है। लेकिन वर्तमान समय में चुनाव दर चुनाव में मिली हार की वजह से उसकी हालत पतली है। बसपा को इस चुनाव में सिद्ध करना होगा। मत प्रतिशत बढ़ाकर जनाधार साबित करना होगा। इस चुनाव के जरिए ही बसपा दलित मतदाताओं का सही आकलन भी कर सकेगी। हालांकि, बसपा पहले उपचुनाव से दूरी बनाती थी। लेकिन इस बार बहुत पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी दल के साथ गठबंधन किए ही पार्टी अकेले दम पर मैदान में है। हालांकि, पार्टी के पास लीडरशिप का भी संकट है। इस कारण यह चुनाव उसके लिए बड़ी चुनौती है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल कहते हैं कि उपचुनाव में हमारी पार्टी अकेले दम पर मैदान में है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा सीट जीतकर बहन जी के हाथों को मजबूत करें। चुनाव को लेकर लगातार नेताओं की छोटी बड़ी जनसभाएं चल रही हैं। हमने कटेहरी से अमित वर्मा मझवां से दीपू तिवारी, फूलपुर में शिव बरन पासी को उम्मीदवार बनाया गया है। बचे हुए नाम एक दो दिन में आ जाएंगे। जहां-जहां चुनाव है वहां चौपाल और जनसभाएं चल रही हैं। बसपा सुप्रीमो ने कोऑर्डिनेटरों से अपने-अपने क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर कैंप करने का निर्देश दिया है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा मीडिया हमको लड़ाई में नहीं दिखाती है। जबकि हमारी तैयारी सभी दलों से बहुत पहले से है। कार्यकर्ता पूरी दम से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर का मीडिया हौव्वा खड़ा कर रही है। ज्ञात हो कि यूपी में निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 18 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर होगी। 28 अक्टूबर को नामांकन की जांच के बाद नाम वापसी की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर होगी। मतदान 13 नवंबर और मतगणना 23 नवंबर को होगी।     recent visitors 65

चुनाव आयोग राजनीतिक दलों की जाने वाली मुफ्त योजनाओं के वादे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए, SC में एक और याचिका दाखिल

नई दिल्ली  चाहे बस यात्रा हो या फिर राशन की व्यवस्था। हर राज्य में होने वाले चुनाव के समय राजनीतिक दलों द्वारा ऐसी योजनाओं को फ्री में देने का ऐलान किया जाता है। जब राजनीतिक दल की चुनाव में जीत होती है तो मुफ्त की सरकारी योजनाओं को राज्य में लागू भी किया जाता है। देश के कई राज्य ऐसे हैं, जहां इस समय जनता के लिए फ्री योजनाएं चल रही हैं। हालांकि, अब ऐसी चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है कि देश के कई राज्यों में चल रही सभी मुफ्त की सरकारी योजनाएं बंद हो जाएंगी। आइये जानते हैं क्या सही में ऐसा कुछ होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में चुनाव के दौरान फ्रीबीज (चुनावी रेवड़ियों) के वादे को लेकर एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि चुनावों के दौरान किसी भी तरह के फ्री वादे को रिश्वत करार दिया जाए। साथ ही चुनाव आयोग को इलेक्शन के दौरान राजनीतिक दलों के द्वारा की जाने वाली मुफ्त योजनाओं के वादे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पीठ ने इस याचिका को अन्य लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया है। पीठ ने याचिकाकर्ता को छूट देते हुए कहा कि वो सभी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई के लिए अनुरोध कर सकता है। देश में बीते कुछ समय में चुनाव के समय फ्री योजनाओं को देने की मांग ने जोर पकड़ा है। लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनावों तक इसकी गूंज सुनाई दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने कुछ यूनिट फ्री बिजली और मुफ्त पानी देने का वादा किया। इसके अलावा कांग्रेस ने भी कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान इसी तरह के वादे किए। वहीं, भाजपा शासित राज्यों में भी मुफ्त सरकारी योजनाएं चल रही हैं। फ्रीबीज (चुनावी रेवड़ियों) के वादे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही कई याचिकाएं लंबित हैं। पूर्व चीफ जस्टिस एनवी रमना, पूर्व सीजेआई जस्टिस यूयू ललित की पीठ पहले ही फ्रीबीज मामले में सुनवाई कर चुकी है। हाल ही में डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की है।     recent visitors 72

Sameer Wankhede जल्द ही शिंदे गुट में शामिल हो कर लड़ सकते हैं मुंबई की धारावी सीट से चुनाव

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि चर्चित आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े जल्द ही शिवसेना में शामिल होने वाले हैं। जानकारी के अनुसार वानखेड़े महायुति के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्हें धारावी सीट से टिकट थमाया जा सकता है। धारावी की पहचान एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती के तौर पर होती है। यहां से समीर वानखेड़े की उम्मीदवारी से पार्टी को एक नई दिशा मिलने की संभावना है। उनकी एंट्री से राजनीतिक परिदृश्य में नए समीकरण बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। वानखेड़े की छवि एक सख्त अधिकारी के तौर पर है। वानखेड़े ने 2 अक्टूबर, 2021 को मुंबई तट के पास लक्जरी जहाज, कॉर्डेलिया क्रूज पर ड्रग्स का भंडाफोड़ करने के लिए छापेमारी की थी और शाहरुख खान के बेटे आर्यन सहित ग्लैमर जगत के 17 से अधिक लोगों को पकड़ा था। आर्यन खान ने एक महीना जेल में बिताया, और रिहाई के बाद, एक उच्च-स्तरीय एनसीबी जांच ने निष्कर्ष निकाला कि वह निर्दोष था और उसे उस मामले में फंसाया गया था। आपको बताते चलें, महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 20 नवंबर को चुनाव होंगे, जबकि 23 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए एक लाख से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि ईसीआई दोनों राज्य में समावेशी और सुलभ चुनावों के जरिए सुचारू मतदान अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राजीव कुमार ने बताया था कि महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में 9.63 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे, जिनमें 4.97 करोड़ पुरुष वोटर हैं, जबकि 4.66 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 1.85 करोड़ युवा वोटरों की उम्र 20 से 29 साल के बीच है। वहीं, 20.93 लाख वोटर पहली बार मतदान में हिस्सा लेंगे। 12.43 लाख वोटरों की उम्र 85 साल से अधिक है। इसके साथ ही ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या भी 6,031 है।     recent visitors 94

जय श्री राम के नारे से द्वेष है वो सिर्फ रामद्रोही ही नहीं बल्कि, देशद्रोही भी हैं : विनोद बंसल

नई दिल्ली  विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने  कहा, जिन्हें जय राम के नारे से द्वेष है वो सिर्फ रामद्रोही ही नहीं बल्कि, देशद्रोही भी हैं। उन्होंने कहा, विडंबना देखिए, अभी तक कुछ लोगों द्वारा राम जन्मभूमि और राम मंदिर का विरोध होता था, अब राम के नाम का भी विरोध भारत में होने लग गया है। राम के इस देश में कुछ लोगों ने जैसे ‘राम’ को ही प्रतिबंधित कर दिया है। उन्होंने कहा, कुछ जिहादी तत्व ऐसे हैं, अगर उनके सामने जय राम का नारा लगा दिया तो उनका इस्लाम खतरे में आ जाता है। हमले पर उतारू हो जाते हैं, चाकूबाजी कर देते हैं। लेकिन, जो भारतीय हैं उनके पूर्वज राम ही हैं। अपने पूर्वजों को नकारने वाला भारतीय संस्कृति का नहीं हो सकता है। ऐसा संप्रदाय किस काम का जो जय राम के नारे से आहत हो जाए। उन्होंने कहा, राजनेता के बारे में समझ में आता है कि वह जय राम के नारे से आहत होता है क्योंकि, उसे अपनी कुर्सी के जाने का डर रहता है। हम लोगों को किसी मस्जिद से जय राम का नारा लगाने की जरूरत नहीं है। लेकिन, अगर नारा लगा दिया तो क्या उसे जान से मार दिया जाएगा। क्या उसे झूठे केस में फंसा दिया जाएगा। यह बिल्कुल ठीक नहीं है।     recent visitors 172