Saturday, July 4, 2026 1:35 pm

मध्यप्रदेश में1 लाख लोगों को सरकारी नौकरी, नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के रहने-खाने की व्यवस्था…

भोपाल मोहन सरकार ने आज कैबिनेट बैठक की। इस बैठक में एमपी सरकार ने दिवाली से पहले युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। बैठक में लिए गए सभी फैसलों की जानकारी प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दी। डिप्टी सीएम ने कहा कि दिसंबर 2024 तक प्रदेश में 1 लाख सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यात्री सिर्फ 999 रुपए में रीवा से भोपाल के लिए उड़ान भर सकेंगे। बता दें कि हाल ही में नरेंद्र मोदी ने रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। यह प्रदेश का छठा एयरपोर्ट है। दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने का फैसला उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आगे कहा कि कैबिनेट की बैठक में दूरस्थ गांवों के जिलों को बदलने के फैसले लिए गए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के सुझावों पर ही फैसले लिए जाएंगे। साथ ही डिप्टी सीएम ने कहा कि बैठक में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग को लेकर भी चर्चा हुई। आयोग नवंबर से पूरे प्रदेश का दौरा करेगा। तहसील, विकासखंड, जिला, संभाग स्तर पर दौरे किए जाएंगे। आम लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। दूरस्थ क्षेत्रों को नजदीकी जिलों में शामिल करने के सुझाव लिए जाएंगे। फीडबैक लेने का काम चार से छह महीने तक जारी रहेगा। सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला डिप्टी सीएम ने बताया कि शस्त्र पूजन के बाद जिले के प्रभारी मंत्री गोवर्धन पूजा में भी शामिल होंगे। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में निर्देश दिए हैं। सभी मंत्री गौशाला का भी दौरा करेंगे। इसके अलावा सरकार ने उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। सिंहस्थ अखाड़े और संतों के लिए प्लॉटिंग करके आश्रम बनाए जाएंगे। हर अखाड़े को 5 बीघा जमीन दी जाएगी। आवासीय और व्यावसायिक काम पर रोक रहेगी। जमीन पर सिर्फ धार्मिक उद्देश्यों के लिए काम होगा। कैबिनेट की बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत विभिन्न पदों पर नियुक्ति के फैसले लिए गए। राज्य सरकार के इस फैसले से 12,670 आंगनवाड़ी सहायिका पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा 476 पर्यवेक्षक के पद भी भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में भी 7,900 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पीड़िता को 10 लाख रुपए की सहायता मोहन सरकार ने POCSO के लिए बड़ा फैसला लिया है। अगर 18 साल से कम उम्र की कोई पीड़िता गर्भवती होती है तो सरकार उसकी पहचान कर उसे 10 लाख रुपए की सहायता देगी। इसे राज्य के हर जिले में लागू किया जाएगा। वहीं मोहन कैबिनेट ने यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने रिटायरमेंट पर उन्हें सातवां वेतनमान देने का फैसला किया है। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि 2016 से अब तक रिटायर हुए सभी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। एक लाख पदों में स्वास्थ्य विभाग के 7900 पद शामिल कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, एक लाख पदों को भरने के फैसले में स्वास्थ्य विभाग के भी 7900 पद शामिल हैं। ये पद तीन नए जिलों में जिला अस्पताल खोलने और 454 चिकित्सा संस्थाओं में रिक्त पदों की भर्ती के लिए तय किए गए हैं। डिप्टी सीएम शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट में मुख्यमंत्री यादव के उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर किए गए फैसले का समर्थन किया गया है। सिंहस्थ के लिए भव्य तैयारियां हो रही हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण रोड, नाली बनाएगा। हर अखाड़े को पांच बीघा जमीन दी जाएगी। जिसमें तीन बीघा में ही निर्माण होगा। 12670 आंगनवाड़ी को मंजूरी, नए पद भी भरेंगे डिप्टी सीएम ने बताया कि कैबिनेट बैठक के दौरान प्रदेश की 12670 मिनी आंगनवाड़ी को पूर्ण आंगनवाड़ी में उन्नयन को मंजूरी दी गई है। मिनी आंगनवाड़ी में सहायिका नहीं होती है। इसका उन्नयन होने के बाद अब इन आंगनवाड़ी केंद्रों में 12670 सहायक और 476 सुपरवाइजर के पद स्वीकृत किए गए हैं। इस पर 213 करोड़ का वार्षिक खर्च आएगा। इसमें 179 करोड़ राज्य सरकार देगी और 34 करोड़ केंद्र सरकार देगी। नवंबर से तेज होगा पुनर्गठन आयोग का काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, मार्च 2024 में प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया गया था। इस क्रम में प्रदेश के संभाग, उप संभाग, जिले, तहसील, विकासखंडों के पुनर्गठन की प्रक्रिया आरंभ की जा रही है। इसके लिए आम जन व जनप्रतिनिधि अपने सुझाव, आवेदन और अभ्यावेदन के रूप में पुनर्गठन आयोग को प्रस्तुत कर सकेंगे। पुनर्गठन आयोग द्वारा आवेदनों पर विचार के बाद राज्य शासन को अनुशंसा की जाएगी। नगरीय क्षेत्र की सीमाओं के प्रस्ताव भी आयोग को आवेदन तथा अभ्यावेदन के माध्यम से दिए जा सकेंगे। आयोग नवंबर माह से विभिन्न संभाग में दौरा प्रारंभ करेगा। आवेदन अभ्यावेदन के लिए 4 से 6 माह तक का समय रहेगा। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि के आएंगे निवेश डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि रीवा में कल रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होने जा रहा है। रीवा में सीमेंट, पावर, सोलर एनर्जी और पर्यटन क्षेत्र में वृहद संभावनाएं हैं। रीवा एयरपोर्ट के परिचालन को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। यहां से चलने वाले विमान का प्रति यात्री किराया रेलवे के एसी थ्री-टीयर के किराए से कम है। कॉन्क्लेव के लिए 4 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। रिलायंस, हिंडाल्को, पतंजलि, डालमिया ग्रुप समेत सीमेंट ग्रुप के अन्य बड़े उद्योगपति आ रहे हैं, जो यहां निवेश करेंगे। इसके पहले भोपाल में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव का भी अच्छा रिस्पांस रहा है। यहां 19 हजार करोड़ से अधिक के निवेश आए। MSP पर सोयाबीन खरीदेगी सरकार हाल ही में मोहन सरकार ने MSP पर सोयाबीन खरीदने का फैसला किया था। राज्य में सोयाबीन उपार्जन 25 अक्टूबर से शुरू होना है। इसके लिए 3 लाख 44 हजार किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। recent visitors 56

आज मासुलपानी पंचायत को मिलेगा राष्ट्रीय ‘जल पुरस्कार’, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

रायपुर  छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए कांकेर जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर के नरहरपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मासुलपानी को श्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित करेंगी। गौरतलब है कि, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 14 अक्टूबर को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की। इसमें कांकेर जिले की मासुलपानी पंचायत सहित 38 विजेताओं के नाम शामिल हैं। यह पुरस्कार 9 श्रेणियों में दिए जाएंगे। गांव में 90% फीसदी आबादी आदिवसियों की कांकेर जिले की ग्राम पंचायत मासुलपानी जिला मुख्यालय से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। मासुलपानी में 5 राजस्व गांव शामिल हैं। ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल 1429 हेक्टेयर है। मासुलपानी पंचायत में 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मासुलपानी पंचायत ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी-सिल्टिंग, 02 कुएं, 02 भूमिगत बांध, 03 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में मिला दूसरा स्थान गांव के लोगों ने सिंचाई के लिए सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जल संरक्षण और इसके समुचित उपयोग की दिशा में इस नवाचार के लिए जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। गांव में पर्याप्त पानी होने से पलायन रुका: जल संरक्षण का काम मासुलपानी और इसके आसपास के 5 ग्राम पंचायत देवगांव, धौराभांठा, बादल, दबेना और सुरही में भी हुआ है. इन गांव में पहले केवल मानसून में ही किसान एक बार धान की फसल लेते थे. इसके बाद गांव खाली हो जाता था, क्योंकि 75 प्रतिशत परिवार काम की तलाश में पलायन कर ईंट भट्ठा, बोर गाड़ी, राइस मिलों में काम करने चले जाते थे. अब गांव में पर्याप्त पानी होने से गांवों के लोग धान की डबल फसल के साथ सब्जी, दलहन तिलहन, मिलेट्स, मछली और झींगा पालन कर समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं. यही कारण है कि इन गांव में पलायन तो थम ही गया है, साथ ही आसपास के क्षेत्रों में इन गांवों से सब्जी और मछली बिकने जा रही है. मासुलपानी पंचायत को जल संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रपति अवॉर्ड महिलाओं ने कैसे किया ये कमाल: साल 2014 में सबसे पहले मासुलपानी में जल संरक्षण का काम शुरू हुआ. यहां सफलता मिली तो इसी पैटर्न पर आसपास के भी गांव में जल संरक्षण की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है. यहां भी बारिश का पानी गांव से लगी पहाड़ियों से तेजी से बहकर नदी नालों में मिल जाता था. मासुलपानी की तरह सुरही में भी 29 ब्रशवुड, 3 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर तो 2 सीपीटी बनाए गए हैं. देवगांव में पानी रोकने 8 लूस बोल्डर स्ट्रक्चर, 3 गेबियन, 12 गुल्ली प्लग, एक सीपीटी बनाने के साथ 2 स्टॉपडैम की मरम्मत की गई है. 277 डबरियों के साथ मासुलपानी में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काफी काम शुरू हुए. मछली पकड़कर महिलाएं बन रही लखपति पानी बचाने गांव के लोगों को किया गया जागरूक: गांव की महिलाओं ने बताया कि गांव में पानी की समस्या ना हो इसे लेकर जागरूक करने का प्रयास किया गया. उन्हें पानी के सर्वोत्तम उपयोग के तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए तरह तरह के कार्यक्रम चलाए गए. लोगों में जागरूकता आई. गांव में अब भरपूर पानी से ना सिर्फ खेती कर रहे हैं बल्कि मछली पालन कर लाखों रुपये कमा रहे हैं. मासुलपानी गांव को जल संरक्षण अवॉर्ड     गांव में समूह बनाने से पहले ही समूह बनाया. गांव में प्लानिंग की गई. जल संरक्षण के लिए गांव का दौरा कर चोटी से घाटी तक पानी संरक्षण के लिए फाइल बनाई गई. इस फाइल को जनपद में जमा किया गया.- हेमलता कश्वयप, स्थानीय, मासुलपानी जल संरक्षण से मछली पालन बना गांव का प्रमुख व्यवसाय: गांव की सुलोचना साहू बताती है कि साल में मछली पालन से एक घर से 80 से 85 हजार रुपये की कमाई हो जाती है. गांव में 167 तालाब है. लगभग 90 गांव के तालाब हैं और 50 से 60 सरकारी तालाब हैं. निजी और सरकारी तालाबों में मछली पालन कर हर परिवार के लोगों की लाखों रुपयों की कमाई हो रही है. गांव की अन्य महिलाएं बताती हैं कि जल संरक्षण से ना सिर्फ मछली पालन किया जा रहा है बल्कि धान के साथ ही दलहन तिलहन की फसल भी ली जा रही है. इसके अलावा बकरी पालन, सुअर पालन से भी लाभ कमा रहे हैं. प्रशासन के सहयोग से गांव बना आत्मनिर्भर: ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं. इसके अलावा साल 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी सिल्टिंग, 2 खोदे गए कुएं, 2 भूमिगत बांध, 3 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है. इन कार्यान्वयनों के कारण लोगों ने केवल भूजल पर निर्भर रहने के बजाय, सुरक्षात्मक सिंचाई के माध्यम से सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है. कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने बताया कि ग्राम देवगांव के पास ग्राम पंचायत मासुलपानी को जल संरक्षण और संवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर का सम्मान देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू 22 अक्टूबर को देंगी. यह कांकेर जिले के साथ साथ प्रदेश और देश के लिए बड़े गौरव की बात है. कलेक्टर ने कहा कि शासन की कोई भी योजना तब तक सफल नहीं होती, जब तक लोगों की उसमें सक्रिय सहभागिता न हो. मासुलपानी में सामुदायिक तालाब निर्माण, गहरीकरण, कुआं निर्माण, वॉटर शेड, कूप खनन, गेबियन निर्माण सहित विभिन्न जल संरक्षण के उपाय किए गए, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी भूमिका निभाई.   recent visitors 68

पैकिंग के दौरान इन चीजों को रखें साथ, आपके सफर को बनाएंगी खुशगवार

यात्रा के प्लान बनाने का सबसे अहम हिस्सा है- पैकिंग करना। अगर आपने ढ़ग से पैकिंग कर रखी है, तो सफर में आपको ज्यादा परेशानी नही उठानी नही होगी। हम आपको ऐसी ही 13 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप सरल सुलभ यात्रा का मजा ले सकते हैं। लेकिन अगर आपने सफर के दौरान इन चीजों का ध्यान नही रखा तो आपकी यात्रा सुखद तो नही दुखद जरुर हो सकती है। अगर देखा जाता है कि लोग सफर के दौरान भारी लगेज की वजह से परेशान रहते हैं। इस टिप्स के नियम बहुत ही सरल हैं।   स्पेयर ड्राई सीट का प्रयोग करें- अगर आपके पास स्पेयर ड्राई सीट है,तो इनको अपने सूटकेस और कपड़ों के बीच में लगाकर रखो। इससे आपके कपड़ों की महक ताजी रहेगी, और आपके कपड़े भी सही रहेंगे।   टिशू पेपर का प्रयोग करें- सफर के दौरान झुर्रीदार कपडों को ले जाना एक प्रकार का कष्ट है। लेकिन अगर आप झुर्रीदार कपडों को टिशू पेपर में लपेट कर रखे तो ये फ्रेश रह सकते हैं।   कपड़ो को लपेट कर रखें- सफर के दौरान कपड़े ज्यादा हो जाते हैं और सूटकेस में स्पेस कम होता है, जिसकी वजह से काफी परेशानी होती है। लेकिन कपड़ो को रोल करके सूटकेस के स्पेस को मैनेज किया जा सकता है।   मोबाइल चार्ज ले जाएं- सफर के दौरान अपने मोबाइल और टैबलेट का चार्जर और हेडफोन जरुर रखें।   शाक्स को सूज में रखें- अपने सूटकेस के स्पेस को बचाने के लिए हमेशा अपने मोजों को अपने जूतों में फोल्ड करके रखें। इससे आपके सूटकेस का स्पेस बच सकता है। आपकी पेपर बिंडर क्लिप आपकी शेविंग रेजर को सुरक्षित रख सकती है। इसीलिए यात्रा के दौरान इसका प्रयोग जरुर करें। एक शोवर कैप से अपने जूतों को लपेट कर रखें। इससे आपके जुतों के शोल सुरक्षित रह सकते हैं। लड़कियों को अपनी हेयर क्लिप को हमेशा टिक-टैक या कैंडी की डिब्बी में लगा कर रखना चाहिए। अपनी बेल्ट को हमेशा शर्ट की कालर में फंसा कर रखे। इससे आप सर्ट की कालर को सुरक्षित रख सकते हैं, और आपकी सूटकेस की स्पेस भी बच सकता है। आप अपने स्मार्टफोन में हमेशा गूगल मैप एप्लीकेशन को रखे, और डाटा पैक न हो तो पहले से ही ऑफ लाइन होने पर इसे पहले से ही सेव रखें। अगर आप अपना चार्जर भूल गए है, तो आप टीवी औप यूएसबी स्लॉट के जरिए भी मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। आप अपने चार्जर केबल के जरिए अपनी पैन ड्राइव से भी मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। आप इस एप्लीकेशन के जरिए होटल और फ्लाइट की जानकारी हासिल कर सकते हैं।         recent visitors 81

खमरिया की आयुध निर्माणी खमरिया में भीषण हादसा… बिल्डिंग नंबर 200 में ब्लास्ट, 13 घायलों , दो की मौत

जबलपुर जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया के एफ6 अनुभाग में मंगलवार की सुबह पिच्योरा बम को बॉयल्ड आउट करते समय फायर हो गया। जिस समय ब्‍लास्‍ट हुआ उस वक्‍त भवन में लगभग 12 से 13 लोग काम कर रहे थे। सभी लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को महाकौशल हॉस्पिटल भेज दिया गया है, जहां उपचार जारी है।मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (हथियार बनाने वाली कंपनी) में जबरदस्त धमाका हुआ है। जिले के खमरिया में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में ब्लास्ट से दो कर्मचारियों की मौत हो गई है जबकि 9 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, कंपनी के एफ 6 सेक्शन में यह धमाका हुआ है। धमाका इतना तेज था कि बिल्डिंग का एक हिस्सा धराशायी हो गया। मलबे में कई कर्मचारियों के दबे होने की खबर आ रही है। मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका चिकित्‍सकों ने बताया कि महाकौशल हॉस्पिटल रेफर किया गया है उनके नाम है श्यामलाल और रणधीर है। दोनों की हालत गंभीर है, जिन्‍हें कम चोट लगी है उनका भी उपचार किया जा रहा है। वहीं मलबे में कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका। राहत बचाव कार्य जारी है। ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में मंगलवार सुबह 10:45 बजे एफ6 सेक्शन की बिल्डिंग नंबर 201 में ब्लास्ट हुआ है जिसमें प्रारंभिक सूचना के मुताबिक दो कर्मचारी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिन्हें जबलपुर के महाकौशल हॉस्पिटल ले जाया गया है। फैक्ट्री की इस बिल्डिंग में थाउजेंड पाउडर बम का उत्पादन होता है जो कि भारतीय वायुसेना उपयोग करती है। हादसे में पूरी बिल्डिंग उड़ गई।  जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया के एफ6 अनुभाग में मंगलवार की सुबह पिच्योरा बम को बॉयल्ड आउट करते समय फायर हो गया। जिस समय ब्‍लास्‍ट हुआ उस वक्‍त भवन में लगभग 12 से 13 लोग काम कर रहे थे। सभी लोग घायल हो गए हैं। सभी घायलों को महाकौशल हॉस्पिटल भेज दिया गया है, जहां उपचार जारी है। कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका चिकित्‍सकों ने बताया कि घायलों में दो की हालत गंभीर है, जिन्‍हें कम चोट लगी है उनका भी उपचार किया जा रहा है। वहीं मलबे में कई कर्मचारियों के दबे होने की आशंका। राहत बचाव कार्य जारी है। recent visitors 53

सुंदरता और स्वास्थ्य का अच्छा दोस्त है नारियल पानी

हरा नारियल शीतल प्रकृति का पुष्टिकारक व रक्त विकारों को नष्ट करने वाला फल है। नारियल का पानी प्यास बुझाने में सहायक होता है। नारियल का पानी गुणों का भंडार है। इसके नियमित सेवन से कई लाभ हैं… -हैजा होने पर नारियल का पानी देना लाभकारी होता है। शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद देता है। -गुर्दे की पथरी या पेशाब में जलन होने पर नारियल का पानी पीना हितकर है। -नारियल के पानी से चेहरा धोने पर दाग-धब्बे, कील मुंहासे आदि में लाभ होता है और त्वचा की कांति बढ़ती है। -गर्भवती महिलाएं यदि कच्चा नारियल थोड़ा सा प्रतिदिन लें या नारियल पानी का सेवन करें तो बच्चा सुंदर और गोरे रंग का होता है। -नारियल पानी से आंखें धोने पर आंखों की ज्योति बढ़ती है। -नारियल पानी के सेवन से पाचन शक्ति बढ़ती है। -नारियल पानी हृदय रोगियों के लिये भी हितकर माना जाता है। -नकसीर आने पर प्रतिदिन 100 से 125 मिलीलीटर नारियल पानी दस दिन तक खाली पेट पीने को दें। लाभ मिलता है। नारियल पानी संक्रामक रोगों में भी रोगी को आराम देता है। -बार-बार प्यास लगने पर नारियल का पानी प्यास बुझाता है। -नारियल पानी में यह सबसे महत्वपूर्ण लाभ है कि इसमें किसी प्रकार का कोई एसिड मिला नहीं होता। -नारियल पानी स्वास्थ्य लाभ में पूर्ण रूप से फायदेमंद है। -अत्यधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। अधिक लंबे समय तक इसका सेवन न करें।   recent visitors 80

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाने वाले फैजान ने HC के आदेश पर थाने पहुंचकर 21 बार दी तिरंगे को सलामी

जबलपुर जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाले आरोपी फैजान ने भारत माता की जय के नारे लगाते हुए 21 बार सलामी दी। आरोपी फैजान को मिसरोद थाने में पुलिस की मौजूदगी में तिरंगे को सलामी दिलवाई गई। फैजान ने कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है और अब वह पूरी जिंदगी भारत माता की जय के नारे लगाएगा। मिसरोद थाने के टीआई मनीष राज भदोरिया ने कहा की कोर्ट के निर्देश के चलते आरोपी फैजान से तिरंगे को सलामी दिलवाई गई है। हर पहले और चौथे मंगलवार को आरोपी यहां पर आएगा। रील बनाने के जोश में उसने यह गलती की है। जिसकी उसको सजा मिल रही है। लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि रील बनाने में जाने अनजाने वो देश विरोधी कोई कृत्य ना करें। जानकारी के अनुसार, जबलपुर हाई कोर्ट ने आरोपी फैजान को इस शर्त पर जमानत दी है कि वह हर महीने के पहले और चौथे मंगलवार को तिरंगे को सलामी देगा। कोर्ट ने कहा कि फैजान को भोपाल के मिसरोद थाने में महीने में दो बार राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देनी होगी। जिस वक्त वह सलामी देगा उस वक्त 21 बार भारत माता की जय का नारा भी लगाएगा। बता दे, जस्टिस दिनेश कुमार पालीवाल ने कहा कि ये शर्तें फैजान में जिम्मेदारी की भावना और देश के प्रति गर्व पैदा करने के लिए रखी गई हैं। कोर्ट ने भोपाल के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि ये भी देखा जाए कि युवक राष्ट्रीय ध्वज और नारे के संबंध में जमानत की शर्तों को पूरा कर रहा है या नहीं। जानेंं क्या है पूरा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक ढाबे के बाहर फैजान नाम के युवक ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए थे। इस दौरान एक शख्स ने इसका वीडियो बना लिया। इसमें युवक कह रहा था कि पाकिस्तान जिंदाबाद। इस वीडियो के सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता उसे समझाने गए तो वह उनसे मारपीट करने लगा। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर मिसरोद थाने का घेराव कर दिया। जिसके बाद मिसरोद पुलिस ने धारा 153 के तहत FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। recent visitors 73

धार जिले में दो युवकों के कपड़े उतारकर बेरहमी से पीटा, घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म करने का आरोप

मनावर धार जिले में दो युवकों के कपड़े उतारकर बेरहमी से पीटा गया। दोनों पर महिला के घर में घुसकर दुष्कर्म करने का आरोप है। महिला की चीख सुनकर ग्रामीण वहां पहुंचे।मामला तारापुर गांव का है। धार एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया, तब्बू उर्फ ताहिर पर आरोप है कि 14 अक्टूबर की रात तारापुर में वह महिला के घर में घुसा और उससे दुष्कर्म किया। उसका साथी सलमान बाहर पहरा दे रहा था। पीड़िता की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और महिला को बचाया। दोनों युवकों को पकड़कर पीटा। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपियों की पिटाई का वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में दिख रहे सलमान और तब्बू उर्फ ताहिर पगारा धरमपुरी के रहने वाले हैं। जान से मारने की धमकी देकर गलत काम किया पीड़िता के ससुर ने बताया, 14 अक्टूबर को बेटा धार कोर्ट में पेशी पर गया था। बहू दोनों बच्चों के साथ घर में सोई थी। रात करीब 8 बजे लाइट चली गई। तभी ताहिर और सलमान महिला के घर पहुंचे। ताहिर ने उससे पीने के लिए पानी मांगा और घर में घुस गए। बहू को जान से मारने धमकी देकर एक आरोपी ने रेप किया। बहू की पीठ, दाहिने गाल पर और बाएं हाथ की कोहनी पर गंभीर चोट आई है। वीडियो वायरल करने वालों पर होगी कार्रवाई धरमपुरी थाना प्रभारी संतोष यादव ने बताया, 15 अक्टूबर को पीड़िता के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया। उन्हें जेल भेज दिया है। वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी ताहिर की मां ने साजिश का आरोप लगाया आरोपी ताहिर की मां का आरोप है कि पीड़ित और उसके परिजनों ने साजिश के तहत दोनों युवकों को बुलाया। उनके मोबाइल और पैसे लूट लिए। बाइक भी रख ली। जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात कही, तो उन्हें नग्न कर पीटा।   recent visitors 67