Saturday, July 4, 2026 9:59 am

एमसीबी जिला का बढ़ा कद, प्रदेश सह चुनाव अधिकारी बनी चंपादेवी पावले

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी भारतीय जनता पार्टी सांसद राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डा. के. लक्ष्मण द्वारा प्रदेश अध्यक्ष किरन सिंगदेव की सहमति से छत्तीसगढ़ प्रदेश चुनाव अधिकारी और सह-चुनाव अधिकारियों के संगठन पर्व मे होने वाले निर्वाचन प्रणाली को सुदीर्ण व सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश चुनाव अधिकारी और सह-चुनाव अधिकारियों की घोषणा की गई जो तत्काल प्रभावशील है जिनके निर्देशन मे प्रदेश संगठन चुनाव होना है तथा उक्त निर्वाचन अधिकारी एवं सह निर्वाचन अधिकारियो द्वारा जल्द ही जिला निर्वाचन अधिकारियो की घोषणा की जाएगी जो अपने-अपने जिला में बूथों व मंडल के चुनाव तथा जिला के संगठनात्मक निर्वाचन को मूर्त रूप देंगे। वही प्रदेश संगठन द्वारा नवीन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला से पूर्व विधायक व छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव श्रीमती चंपादेवी पावले को प्रदेश सह चुनाव अधिकारी बनाये जाने से कार्यकर्ताओ मे हर्ष व्याप्त हैं। recent visitors 61

सूरजपुर के सभी पांचो आरोपियों को फांसी दी जाये

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ के भगतसिंह तिराहे में सूरजपुर में हुई प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी व बेटी के हत्या के विरोध में मनेंद्रगढ़ के सभी पार्टी सहित स्थानीय लोगो ने यह मांग प्रशासन से की सभी पांचों आरोपियों को फांसी दी जाये । एक रस्सी से सभी आरोपियों के पुतले को लटका कर फांसी की मांग की गई व कहा गया किस तरह से पुलिस परिवार की जो हत्या की गई है उससे मनेंद्रगढ़ ही नही बल्कि प्रदेश भर में इस हत्याकांड का विरोध किया जा रहा है, ऐसे आरोपियों को किसी भी तरह जल्द इस मामले में कोर्ट में सुनवाई कर के जल्द फैसला देना चाहिए । वही सयुक्त पुलिस परिवार के संयोजक उज्ज्वल दिवान ने कहा कि जो हमारे पुलिस परिवार की बेटी व बहन की जो हत्या हुई है उसमे 15 दिवस के अंदर फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट फांसी दे ये एक सूत्रीय मांग है सयुक्त पुलिस परिवार की आम जनता की आज आप ने देख लिया होगा सभी हत्यारो को फांसी व इसके सिवा कुछ भी नही वही नपा अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि जो सूरजपुर में जो हृदय विदारक घटना हुई है उससे छत्तीसगढ़ ही नही बल्कि पूरे भारत वर्ष जब पुलिस विभाग सुरक्षित नही है उसी के तहत आज हम लोगो ने शोक सभा रखी एक श्रधंजलि सभा रखी व मांग किये है कि सभी हत्यारो को फांसी दी जाय । recent visitors 73

मनेंद्रगढ़ के जेल बिल्डिंग रोड पर चला सरकारी बुलडोजर, अतिक्रमण हुआ जमींदोज

मनेंद्रगढ़ के जेल बिल्डिंग रोड पर चला सरकारी बुलडोजर, अतिक्रमण हुआ जमींदोज "मनेंद्रगढ़ के जेल बिल्डिंग रोड पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा सालों से जमा रखा था। प्रशासन ने आज इलाके को अतिक्रमण मुक्त करा लिया" "शहर में जहां कहीं भी अवैध कब्जा किया जाएगा वहां पर एक्शन लिया जाएगा। हमने पहले उनको सूचना दे थी पर वो मकान खाली कर नहीं हटे जिसके बाद कार्रवाई की गई-लिंगराज, एसडीएम  मनेन्द्रगढ़/एमसीबी शासन की जमीन पर कुछ लोगों ने सालों से जेल रोड इलाके में कब्जा जमा रखा था। प्रशासन की टीम लगातार कब्जाधारियों को जगह खाली करने के लिए कह रही थी। तमाम कोशिशों के बाद भी लोग कब्जा छोड़ने के तैयार नहीं थे। आखिरकार प्रशासन ने नोटिस और चेतावनी देने बाद सरकार जमीन पर किया गया कब्जा हटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। जिन लोगों ने जमीन पर कब्जा किया था उन लोगों ने वहां पर पर अपने घर बना लिए थे। शासन की ओर से उनको कई बार हटने के लिए कहा गया। तमाम कोशिश के बाद भी वो कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हुए।  जिसके बाद चैनपुर एसडीएम लिंगराज और तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस टीम के साथ बुलडोजर पहुंची। टीम ने एक एक कर सभी कब्जों को जमीदोज कर दिया। एसडीए ने कहा कि आगे भी आने वाले दिनों में अतिक्रमण पर एक्शन जारी रहेगा। एसडीएम और तहसीलदार ने लोगों को कहा कि सरकार जमीन पर कब्जा कर मकान बनाना गैरकानूनी है।  प्रशासन की सख्ती के बाद अवैध कब्जा करने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। प्रसासन ने भी अतिक्रमण हटाने से पहले पूरी तैयारी कर ली थी। कब्जाधारी कोई हंगामा न खड़ा कर दें इससे निपटने के लिए भारी पुलिस भी तैनात कर दिया गया था। recent visitors 85

मैरिटल रेप केस: पीड़ित पतियों का विरोध प्रदर्शन, ‘शादी के खेल में हर पति जाएगा जेल में…’ के लगाए नारे

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अक्सर अपनी मांगों को लेकर कई तरह के संगठन धरना प्रदर्शन करते हैं. अपनी बात सरकार तक पहुंचाते हैं. कई बार विरोध में भी प्रदर्शन किए जाते हैं. दिल्ली में इस तरह के धरना प्रदर्शन यूं तो आम बात हैं. लेकिन रविवार को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर एक ऐसा प्रदर्शन हुआ, जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा. खासकर प्रदर्शनकारियों के नारों और तख्तियों ने. दरअसल, ये प्रदर्शन किसी सियासी संगठन या पार्टी का नहीं था, बल्कि ये था पत्नियों से पीड़ित पतियों का प्रदर्शन. ये लोग मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध कर रहे थे. – शादी के खेल में, हर पति जाएगा जेल में. – बीवी करे तो प्यार, पति करे तो बलात्कार. – पत्नी के प्यार में, पति गया तिहाड़ में. – अगले जन्म मोहे बेटा ना कीजो. ..और ना जाने ऐसे ही कितने नारे रविवार को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर गेट पर प्रदर्शन कर रहे करीब 75 लोग लगा रहे थे. ये नारे लिखी तख्तियां भी उनके हाथों में थीं. स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन करने वाले वो लोग थे, जो किसी ना किसी हाल में अपनी पत्नियों से पीड़ित हैं. उनके उत्पीड़न का शिकार बनें हैं या फिर उनकी ब्लैकमेलिंग का. इन लोगों में कुछ लोग तो ऐसे थे, जो कई साल से अपने बच्चों से भी नहीं मिले हैं. क्योंकि उनकी पत्नियों नें उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है. और कुछ बच्चों को उनके पिता से भी मिलने की इजाजत नहीं देती हैं. कुछ पति ऐसे हैं, कि वो अपना घर होते हुए भी किराए के मकानों में रहते हैं. दरअसल, ये सारे पत्नी पीड़ित प्रदर्शनकारी मैरिटल रेप को लेकर प्रस्तावित कानून का विरोध करने के लिए वहां जमा हुए थे. ये सभी अपने नारों और तख्तियों की वजह से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे थे. दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनीष सिंधवानी इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे थे. वह खुद पत्नी पीड़ित रह चुके हैं. उन्होंने खुद शिकार बनने के बाद ऐसे लोगों की मदद करने का फैसला किया था, जो पत्नी से पीड़ित हैं. इसी के चलते उन्होंने न्याय प्रयास फॉउन्डेशन का आगाज किया. प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता मनीष सिंधवानी ने कहा कि अगर ये कानून पास हो गया तो हर घर में रहने वाले पुरुषों को रेपिस्ट बता कर जेल भेजा जा सकता है. मामूली झगड़े पर भी पत्नी पति को जेल भिजवा सकती है. पति को ब्लैकमेल किया जा सकता है. सहमति से संबंध की बात बात कही जाती है, लेकिन सवाल ये है कि सहमति कौन तय करेगा? रात की सहमति अगले दिन किसी भी विवाद या झगड़े के बाद बदली जा सकती है. मनीष सिंधवानी का कहना था कि पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर बने कानूनों का जमकर दुरुपयोग होता आया है. चाहे घरेलू हिंसा हो या दहेज उत्पीड़न या फिर यौन हिंसा. अधिकांश मामलों में महिलाएं इन कानून के नाम पर पति का उत्पीड़न करती आई हैं. ऐसे मे अगर ये नया कानून भी पास हो गया तो महिलाओं को पुरुषों के खिलाफ मिसयूज करने के लिए एक और कानून मिल जाएगा. एक प्रर्दशनकारी सुमित सिन्हा का कहना था कि अगर पुरुषों के खिलाफ एक तरफा ऐसे ही कानून बनते रहे, तो आने वाले वक्त में युवा शादी के नाम से भी कतराने लगेंगे और शादी जैसी संस्था भी बदनाम हो जाएगी. सुमित का दावा है कि पत्नी के कारण वो पिछले तीन साल से अपनी 6 साल की बेटी से मिल नहीं पाए हैं. न्याय प्रयास फॉउन्डेशन पीड़ित पतियों की कानूनी सहायता के लिए काम कर रही है. जिसमें बहुत से ऐसे पीड़ित पति भी आए हैं, जो खुद हिंसा और ब्लैकमेलिंग का शिकार हैं. जिनसे उनकी पत्नियां लगातार पैसे की मांग करती हैं. पैसा नहीं देने पर वे अपने पति और उनके माता-पिता के खिलाफ झूठे मुकदमें दर्ज कराती रहती हैं. कई मामलों में तो ऐसा भी देखा गया है कि पति को घर से बाहर निकाल कर उनकी संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया गया. आपको बता दें कि मैरिटल रेप को लेकर कानून अभी तक नहीं बना है और इस पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय में विचार-विमर्श चल रहा है. जिस पर अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होनी है. न्याय प्रयास फाउंडेशन इस कानून को पारित न किए जाने की मांग कर रही है. और लगातार इस कानून का विरोध कर रही है. संस्था का मानना है कि इस कानून सबसे अधिक दुरुपयोग होगा और विवाह संस्था विफल हो जाएगी.   recent visitors 79

बुलंदशहर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट गिरा मकान, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कई घायल

बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद इलाके से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक घर में सोमवार की रात सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक मकान गिर गया। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। 10 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना तेज था कि पूरा मकान ढह गया। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। धमाके की आवाज सुनकर बहुत से लोग मदद के लिए दौड़कर आए। सूचना मिलते ही एसपी सिटी, एसडीएम सीओ और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है। यह हादसा सोमवार की रात करीब 9 बजे का बताया जा रहा है। सिकंदराबाद के गुलावठी रोड स्थित आशापुरी कॉलोनी में यह हादसा हुआ है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय दो मंजिला मकान में करीब 15-20 लोग थे। मलबे में अभी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इस मकान के मालिक राजुद्दीन की पत्‍नी रुखसाना की तबीयत खराब थी। उन्‍हें सिलेंडर से ऑक्‍सीजन दी जा रही थी। तभी यह हादसा हो गया। सिलेंडर लगाते समय फटा और ढह गया मकान पुलिस के मुताबिक, सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र की आशापुरी निवासी राजू उर्फ रियाजुद्दीन शटरिंग का काम करते हैं। उनकी पत्नी 55 साल रुखसार का स्वास्थ्य खराब था, जोकि अस्पताल में भर्ती थी। सोमवार को ही वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंची थी। रुखसार को सांस लेने में दिक्कत होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर घर लाया गया था। ऑक्सीजन सिलेंडर लगाते समय ही फट गया। तेज आवाज के साथ सिलेंडर फटा तो मकान का लेंटर गिर गया। प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी और बड़ी संख्‍या में आम लोग रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। मलबे में अभी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। मृतकों की हुई पहचान मकान मालिक राजुद्दीन (58), उनकी बीमार पत्‍नी रुखसाना (45), बेटा सलमान (11), बहू तमन्‍ना (24) और उसकी बेटी हिफजा (3) के शव मिले हैं। इन्‍हें अस्‍पताल भेजा गया था। जहां डॉक्‍टर ने इन्‍हें मृत घोषित कर दिया है। recent visitors 64

‘बाबा हमास’ J-K में बना रहा था नया आतंकी गुट, सुरक्षाबलों का ताबड़तोड़ ऐक्शन

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पुलिस की खुफिया रोधी शाखा (CIK) ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नए आतंकवादी संगठन के खिलाफ छापा मारा है। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन एलईटी की शाखा माने जाने वाले इस गुट का खात्मा करने के लिए घाटी के कई जिलों में मंगलवार को छापे मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि सीआईके ने बड़ा अभियान चलाते हुए श्रीनगर, गांदरबल, बांदीपुरा, कुलगाम, बडगाम, अनंतनाग और पुलवामा समेत कई जिलों में छापेमारी की। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान नए आतंकवादी संगठन के भर्ती मॉड्यूल को नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े माने जाने वाले इस नए समूह को पाकिस्तानी आतंकी की ओर से ऑपरेट किया जा रहा है। इस पाकिस्तानी आतंकवादी को उसके उपनाम ‘बाबा हमास’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि सीआईके अधिकारियों की छापेमारी अभी जारी है। ऐसे में इसे लेकर कुछ और अधिक जानकारियां सामने आने का इतंजार है। यह ऐक्शन ऐसे वक्त लिया गया है जब रविवार को गांदरबल में श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें एक डॉक्टर और 6 मजदूरों की मौत हो गई। '2 विदेशी आतंकवादी गांदरबल हमले में थे शामिल' जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 2 विदेशी आतंकवादी गांदरबल हमले में शामिल थे। ये आतंकी संभवत: उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा इलाके से घुसपैठ करके आए हैं। उन्होंने बताया कि अज्ञात आतंकवादियों ने यह हमला उस समय किया जब गांदरबल के गुंड में सुरंग परियोजना पर काम कर रहे मजदूर और अन्य कर्मचारी देर शाम अपने शिविर में लौट रहे थे। पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को इस जघन्य कृत्य के अपराधियों का पता लगाने और उन्हें खत्म करने के निर्देश और पूरी स्वतंत्रता दी गई है। उन्होंने कहा, 'उन पर नजर रखी जा रही है और उन्हें मार गिराया जाएगा।' recent visitors 101

‘नए जोडे 16-16 बच्चे पैदा करें…’ CM चंद्रबाबू नायडू के बाद अब CM स्टालिन ने जनसंख्या बढ़ाने पर दिया जोर

चेन्नई आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में महिलाओं से राज्य में जनसंख्या स्थिर करने के लिए अधिक बच्चे पैदा करने के लिए कहा था। इसके सिर्फ दो दिन बाद ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक तमिल कहावत का हवाला देते हुए कहा है कि लोकसभा परिसीमन की प्रक्रिया लोगों को 16 बच्चे पालने के बारे में सोचने पर मजबूर कर सकती है। स्टालिन का यह बयान 21 अक्टूबर को चेन्नई में एक सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के दौरान आया। इस कार्यक्रम में स्टालिन ने जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने एक तमिल कहावत का उल्लेख किया "पथिनारुम पेत्रु पेरु वझवु वझगा," जिसका अर्थ है 16 अलग-अलग तरह की संपत्ति अर्जित करना और समृद्ध जीवन जीना। मुख्यमंत्री ने कहा, "संसद परिसीमन प्रक्रिया लोगों को कई बच्चे पैदा करने और छोटे परिवार के विचार को त्यागने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। परिणाम जो भी हो अपने बच्चों को तमिल नाम दें।" कार्यक्रम में स्टालिन ने कहा कि पहले बुजुर्ग नवविवाहित जोड़ों को 16 तरह की संपत्ति (पथिनारुम पेत्रु पेरु वझवु वझगा) पाने का आशीर्वाद देते थे, जिसमें प्रसिद्धि, शिक्षा, वंश, धन आदि शामिल थे, न कि 16 बच्चे। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे लोग समृद्धि के लिए छोटे परिवार को बढ़ाने में विश्वास करने लगे हैं। स्टालिन ने कहा, "उस आशीर्वाद का मतलब 16 बच्चे पैदा करना नहीं है, अब ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि लोगों को लगता है कि अब उन्हें सचमुच 16 बच्चे पैदा करने चाहिए, न कि एक छोटा और समृद्ध परिवार।" आपको बता दें कि भारत के दक्षिणी राज्यों को चिंता है कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया संसद में उनके प्रतिनिधित्व को कम कर सकती है। इस साल फरवरी में तमिलनाडु विधानसभा ने परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। चंद्रबाबू नायडू ने क्या कहा 19 अक्टूबर को अमरावती में एक रैली के दौरान चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि आंध्र प्रदेश में जनसंख्या प्रबंधन की आवश्यकता है। यहां वृद्ध लोगों की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, “2047 तक हम अधिक युवा होंगे। 2047 के बाद अधिक वृद्ध लोग होंगे। एक महिला अगर दो से कम बच्चे जन्म देती है तो जनसंख्या कम हो जाएगी। यदि आप दो से अधिक बच्चों को जन्म देती हैं तो जनसंख्या बढ़ जाएगी।” आपको बता दें कि दक्षिणी राज्य की जन्म दर 1.6 तक गिर गई है। उन्होंने आशंका जताई कि वर्तमान स्थिति के जारी रहने से जन्म दर में 1 या उससे भी कम की गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि समाज में केलव वृद्ध लोग ही दिखाई देंगे। नायडू के बयान से राजनीतिक बखेरा चंद्रबाबू नायडू की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेता जुपुडी प्रभाकर राव ने मुख्यमंत्री के लोगों से लगभग 10 साल पहले कम बच्चे पैदा करने और अब अधिक बच्चे पैदा करने के विजन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया। recent visitors 84