Tuesday, July 7, 2026 8:49 am

बीमा कंपनी की महिला अधिकारी की संदिग्ध हालत में मौत, शॉर्ट पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि

भोपाल राजधानी भोपाल के अवधपुरी इलाके में तीन दिन पहले मृत मिली निजी इंश्योरेंस कंपनी की मैनेजर नेहा विजयवर्गीय की संक्षिप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में सस्पेक्टेड पॉइज़निंग से मौत को वजह बताया गया है. वहीं, मां के आरोप सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है. बता दें कि 23 अक्टूबर को अवधपुरी के निर्मल पैलेस में रहने वाली नेहा विजयवर्गीय का शव अर्धनग्न अवस्था में उनके किराए के घर से बरामद किया गया था. नेहा के मुंह से झाग निकला हुआ था और ज़मीन पर उल्टी भी पड़ी हुई थी. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया था. अब नेहा की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में ज़हर से मौत को वजह बताया गया है. हालांकि, डिटेल्ड पीएम रिपोर्ट आने में अभी कुछ दिन और लगेंगे. मां के आरोपों को भी जांच में शामिल करेगी पुलिस नेहा की मां ने आरोप लगाए हैं कि उनकी बेटी के साथ कुछ अनहोनी हुई है और वो आत्महत्या नहीं कर सकती. उन्होंने मकान मालिक पर आरोप लगाए हैं. पुलिस का कहना है कि वो सभी एंगल पर तफ्तीश कर रही है. मां ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी. वहीं, नेहा के कॉल रिकॉर्ड्स भी निकाले जाएंगे, जिससे और ज्यादा जानकारी मिल सकती है. recent visitors 48

Union Bank ऑफ इंडिया में नौकरी का मौका, 1500 पदों के लिए भर्ती शुरू

 अगर आप बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो यह आपके लिए शानदार मौका है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने लोकल बैंक अधिकारी के 1500 पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। यह अवसर न केवल आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है बल्कि आपको बैंकिंग के क्षेत्र में एक सम्मानित स्थान भी दिला सकता है। आवेदन प्रक्रिया 24 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और 13 नवंबर 2024 तक चलेगी। योग्य उम्मीदवार बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट unionbankofindia.co.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी डिटेल में नीचे पढ़ें। पदों का विवरण (Vacancy Details) बैंक ने इस भर्ती अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में पदों को आवंटित किया है। यानि अंतिम चयन के बाद कैंडिडेट की भर्ती देश के विभिन्न राज्यों में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर होगी।     आंध्र प्रदेश: 200 पद     असम: 50 पद     गुजरात: 200 पद     कर्नाटक: 300 पद     केरल: 100 पद     महाराष्ट्र: 50 पद     ओडिशा: 100 पद     तमिलनाडु: 200 पद     तेलंगाना: 200 पद     पश्चिम बंगाल: 100 पद पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria) 1. शैक्षणिक योग्यता उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से रेगुलर ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। मान्यता प्राप्त सरकारी निकाय द्वारा मान्यता प्राप्त डिग्री होनी आवश्यक है। 2. आयु सीमा     न्यूनतम आयु: 20 वर्ष     अधिकतम आयु: 30 वर्ष     आयु की गणना 01 अक्टूबर 2024 से की जाएगी।     नोट: आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए सरकार के नियमानुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी। चयन प्रक्रिया (Selection Process) 1. ऑनलाइन परीक्षा     यह मुख्य परीक्षा है जिसमें 155 प्रश्न पूछे जाएंगे।     कुल अंक: 200     नेगेटिव मार्किंग: गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की कटौती की जाएगी। 2. ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू     परीक्षा में पास होने के बाद जरूरत के अनुसार ग्रुप डिस्कशन और/या इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है।     अंतिम चयन के लिए आवेदन की संख्या के अनुसार ग्रुप डिस्कशन या इंटरव्यू रखा जा सकता है। सभी चरणों में उम्मीदवारों के परफॉर्मेंस के आधार पर चयन चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और व्यक्तिगत साक्षात्कार का कॉम्बिनेशन हो सकता है। उम्मीदवार की सफलता का निर्धारण इन सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर होगा। आवेदन शुल्क (Application Fee)     GEN/EWS/OBC: ₹850/-     SC/ST/PwBD: ₹175/- पेमेंट ऑप्शन     डेबिट कार्ड (RuPay/Visa/MasterCard/Maestro)     क्रेडिट कार्ड     इंटरनेट बैंकिंग     UPI और मोबाइल वॉलेट महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)     ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 24 अक्टूबर 2024     आवेदन की अंतिम तिथि: 13 नवंबर 2024     आवेदन करते समय सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें और किसी भी गलती से बचें। आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें, क्योंकि बाद में इसे वापस नहीं किया जाएगा। परीक्षा का पैटर्न (Exam Pattern) ऑनलाइन परीक्षा में कुल 4 सेक्शन होंगे     रीजनिंग एबिलिटी     क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड     इंग्लिश लैंग्वेज     जनरल अवेयरनेस     प्रत्येक सेक्शन में विशिष्ट प्रश्न होंगे और कुल मिलाकर परीक्षा का समय निर्धारित होगा। गलत उत्तर पर 0.25 अंक की कटौती होगी। कैसे करें आवेदन? ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: unionbankofindia.co.in रजिस्ट्रेशन करें: पहले नए यूजर के रूप में रजिस्टर करें। फॉर्म भरें: सभी जरूरी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें। फीस जमा करें: अपनी कैटेगरी के अनुसार ऑनलाइन भुगतान करें। फॉर्म सबमिट करें: सबमिट करने से पहले फॉर्म की जानकारी की जांच करें। इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं और अपने करियर में एक नया मुकाम हासिल करें। recent visitors 63

डॉ. कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में पहली बार आज विशेष मानसिक स्वास्थ्य जांच व परामर्श शिविर

 भोपाल राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को सिविल अस्पताल डॉ कैलाशनाथ काटजू भोपाल में गर्भवती महिलाओं और प्रसवोत्तर महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग व परामर्श प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 व 25 तारीख़ को गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्ण जाँच कर High Risk Pregnancies का चिन्हांकन किया जाता है। गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान मानसिक स्वास्थ्य में समस्या होने पर न सिर्फ माँ बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए भोपाल ज़िले में इस कार्यक्रम में एक नया आयाम जोड़ते हुए विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के अन्तर्गत 25 अक्टूबर को डॉ कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर परामर्श एवं परिचर्चा सत्र आयोजित किया गया। गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान शारीरिक के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान महिलाएं डिप्रेशन, चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं से ग्रसित हो सकती हैं। अतः इस संबंध में अस्पताल के स्टाफ के साथ-साथ महिलाओं और उनके परिवार के लोगों को जागरूक किया गया है। इन समस्याओं के लिए गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को गर्भावस्था के दौरान देखी जाने वाली मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में विशेषज्ञों द्वारा आज जानकारी दी गई। दोपहर 11.00 बजे से आयोजित इस हेल्थ टॉक में मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों की पहचान एवं उसके उपचार के संबंध में परामर्श दिया गया। काटजू अस्पताल के अधीक्षक भी उपस्थित रहे शिविर के दौरान 240 महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य विशेषकर प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल पर जागरूक किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग की गई और समस्या पाए जाने पर उन्हें दवाएं और मनोवैज्ञानिक परामर्श प्रदान किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (मनकक्ष), भोपाल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ आर के बैरागी, चिकित्सा मनोवैज्ञानिक राहुल शर्मा, डॉ श्वेता सिंह, डॉ रोहिता बी. सतचित बब्बर, ऋचा सहारे शामिल रहे। बता दें कि हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष पूरे अक्टूबर माह में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है । काटजू में आयोजित कार्यक्रम में मानसिक रोग विशेषज्ञों द्वारा मानसिक समस्याग्रस्त महिलाओं के caregivers का उन्मुखीकरण भी किया गया व मानसिक स्वास्थ्य मनहित एप और टेलीमानस कार्यक्रम पर लोगों को जागरूक किया गया। recent visitors 85

‘अमी जे तुम्हार 3.0’ रिलीज: माधुरी दीक्षित और विद्या बालन की खास प्रस्तुति, जानें जनता की प्रतिक्रिया

'भूल भुलैया 3' की रिलीज के आस्पेक्ट्स का इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के शानदार टेलिकॉम के बाद अब इस फिल्म का गाना 'अमी जे तोमार 3.0' को नए अंदाज में पेश किया गया है। इस गाने में विद्या बालन और राधाकृष्ण क्लासिकल डांस करते दिख रहे हैं। कार्तिक आर्यन, विद्या बालन और रफीक मित्र जैसे शानदार स्टार्स की फिल्म 'भूल भुलैया 3' 1 नवंबर को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के टेलीकॉम ने सबसे पहले ही फिल्मों के बीच धूम मचाई है। अब इसका आइकॉनिक सॉन्ग 'अमी जे तोमार 3.0' रिलीज हो गया है। इस गाने में विद्या और रफाच साथ डांस पर फॉर्म दिखती रहती हैं। याद दिला दें कि पहली फिल्म 'भूल भुलैया' के इस गाने में विद्या 'अमी जे तोमार' पर फिल्म 'आमी जे तोमार' करती थीं। वहीं 'भूल भुलैया 2' के गाने में कार्तिक आर्यन ने सोलो और टी बोस ने डबल रोल में गाने बनाए थे। अब इस नए गाने में विद्या के साथ ही राधाकृष्ण के कट्टरपंथियों ने चार चांद लगाए हैं। बोले- विद्या के सामने रैना फीकी लग रुका ये गाना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. एक फैन ने कहा- हर चीज को साइड कर दें तो मुझे विद्या को देखकर खुशी हो रही है, उन्होंने अपना वजन कितना कम कर लिया है, ये यंग विद्या वाली दिख रही हैं। वहीं कुछ ने कहा है- ये जैसा कि आप देख रहे हैं, इनमें से कौन सा टैटू क्या हो गया है? वहीं कई लोगों ने कहा है- यहां विद्या के सामने रफीकी लाग घूमती है। recent visitors 118

मध्य प्रदेश का 69वाँ स्थापना दिवस उल्लास से मनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार देर शाम अपने निवास स्थित समत्व भवन में प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवम्बर से आयोजित होने वाले चार दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश का 69वाँ स्थापना दिवस समारोह आनंद और उमंग के साथ मनाया जाएगा। भोपाल के लाल परेड पर 30 अक्टूबर को विशेष कार्यक्रम में भारतीय सेना की ओर से बैंड प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। स्थापना दिवस के अवसर पर शासकीय भवनों पर सायंकाल को प्रकाश सज्जा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस गर्व और गौरव का अवसर है। प्रदेश के 69वें स्थापना दिवस और दीपावली पर सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ ही समाज के जरूरतमंद वर्ग के जीवन में खुशियां बिखरने के लिए समर्थ वर्ग को आगे आना चाहिए। निर्माण श्रमिकों, अस्पतालों में दाखिल निर्धन वर्ग के रोगियों और अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रत्येक नागरिक अपनी क्षमता के अनुसार फल, मिष्ठान और उनके बच्चों के लिए पटाखों का प्रबंध करें। शासकीय अधिकारी, व्यापारी वर्ग, उद्योगपति और निजी क्षेत्र के संस्थान भी प्रदेश के स्थापना दिवस और दीपावली पर सामाजिक प्रकल्प हाथ में लें। संयोग से इस वर्ष प्रदेश के स्थापना दिवस पर दीपावली पर्व का संयोग बना है। यह दोहरी प्रसन्नता का अवसर है, इस नाते सभी नागरिकों के लिए सम्मिलित उल्लास का वातावरण बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब बस्तियों में सेवा कार्यों का संचालन किया जाए। विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों का त्यौहार पर ध्यान रखते हुए उनके बच्चों के लिए मिष्ठान और पटाखों की व्यवस्था की जाए। जिलों में कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधि ऐसे सेवा कार्यों का नेतृत्व करें। स्व-सहायता समूहों की बहनों द्वारा निर्मित उत्पाद विक्रय के लिए उपलब्ध करवाए जाएं। माटी शिल्प, काष्ठ शिल्प और अन्य कलाओं से जुड़े शिल्पकारों के उत्पाद सामाजिक संगठनों द्वारा भी खरीदकर वितरित किए जाएं। दीपावली के अवसर पर जिला स्तर पर भी सेवा प्रकल्प संचालित किए जाएं। मध्य प्रदेश का 69वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। चार दिन तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। 31 अक्टूबर को लाल परेड मैदान पर भारतीय सेना के बैंड का प्रदर्शन होगा। एयर शो की भी तैयारी है। एक नवंबर को अमृत मध्य प्रदेश के अंतर्गत समवेत नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति होगी तो दो नवंबर को पूरे प्रदेश में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को स्थापना दिवस समारोह की तैयारी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सेवा कार्य किए जाएं और इसका नेतृत्व कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधि करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के 69वें स्थापना दिवस और दीपावली पर सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ ही समाज के जरूरतमंद वर्ग के जीवन में खुशियां बिखरने के लिए समर्थ वर्ग को आगे आना चाहिए। निर्माण श्रमिकों, अस्पतालों में दाखिल निर्धन वर्ग के रोगियों और अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रत्येक नागरिक अपनी क्षमता के अनुसार फल, मिष्ठान और उनके बच्चों के लिए पटाखों का प्रबंध करें। शासकीय अधिकारी, व्यापारी वर्ग, उद्योगपति और निजी क्षेत्र के संस्थान भी प्रदेश के स्थापना दिवस और दीपावली पर सामाजिक प्रकल्प हाथ में लें। 108 कलाकार हिस्सा लेंगे इस दौरान बताया गया कि भोपाल के लाल परेड पर 31 अक्टूबर को भारतीय सेना की ओर से बैंड प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थापना दिवस पर अमृत मध्य प्रदेश के अंतर्गत समवेत नृत्य-नाटिका प्रस्तुत होगी, जिसमें 108 कलाकार हिस्सा लेंगे। लोकमाता अहिल्या देवी को समर्पित महेश्वर घाट की थीम पर कार्यक्रम का आकल्पन किया जा रहा है। संगीतकार अंकित तिवारी कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। रवीन्द्र भवन में सांस्कृतिक संध्या के साथ ही एक नवंबर को जन अभियान परिषद द्वारा प्रभात फेरी निकाली जाएंगी। ऐतिहासिक स्मारकों और महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई एवं बाजारों में सुंदरीकरण करने के साथ महत्वपूर्ण स्थलों पर 69 दीप जलाए जाएंगे। सभी जिलों में दो नवंबर को होगी गोवर्धन पूजा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर दीपावली और गोवर्धन पूजा का सुखद संयोग बना है। विभिन्न गोशालाओं में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गो-पूजन कार्यक्रम होंगे। गोवर्धन पूजा के कार्यक्रमों के लिए प्रशासनिक अमला भी सक्रिय रहे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजोरा, अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल एसएन मिश्रा, पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय कुमार शुक्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 60

आपसी समन्वय से ही आपदाओं से निपटा जा सकता है- उप कमांडेंट अनिल कुमार पाल

आपसी समन्वय से ही आपदाओं से निपटा जा सकता है- उप कमांडेंट अनिल कुमार पाल आपदा प्रबंधन व्याख्यान कार्यक्रम के अंतर्गत आपदाओं से निपटने हेतु अधिकारी-कर्मचारियों को किया गया जागरूक अनूपपुर उप कमांडेंट एनडीआरएफ (बनारस, उ.प्र.) अनिल कुमार पाल ने कहा कि आपसी सामंजस्य एवं समन्वय से प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अपनी अपनी व्यवस्थाएं, उपकरण, सामग्री इत्यादि का मॉक ड्रिल समय-समय पर करते रहें, जिससे आपदाओं से निपटने में सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि आपदा जैसे बाढ़, भूकंप, आग, औद्योगिक रसायन एवं अन्य प्रकार की आपदाएं आती है तो उससे निपटने हेतु बेहतर कार्य योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता होती है। बनारस से उप कमांडेंट एनडीआरफ अनिल कुमार पाल कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में आपदा प्रबंधन व्याख्यान कार्यक्रम में अधिकारी एवं कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय, होमगार्ड कमान्डेंट जे.पी. उईके, एनडीआरएफ के निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह, अधीक्षक भू अभिलेख प्रदीप कुमार मोगरे सहित विभिन्न विभागों के विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने बाढ़, भूकंप, आग सहित अन्य विभिन्न आपदाओं से निपटने हेतु लोगों को जानकारी देते हुए जागरूक किया। आपदा के दौरान उपचार संबंधित उपयोगी जानकारी दी। आपदा प्रबंधन के अंतर्गत आपदाओ से पूर्व तथा उसके बाद की जाने वाली सहायता की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न यंत्रों और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कैसे किया जाए। इस बारे में अवगत कराया गया। कार्यक्रम में स्कूल, छात्रावास, महाविद्यालय के विद्यार्थियों को भी आपदा प्रबंधन सुरक्षा एवं उपाय से जागरूक एवं जानकारी देने की बात कही। इस दौरान इंस्पेक्टर एनडीआरफ सुधीर सिंह ने भी विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुई आवश्यक जानकारी देते हुए कहा कि जिले में आपदा प्रबंधन का ज्ञान हर नागरिक को हो तथा वे चुनौती का सामना करने हमेशा तैयार रहें। प्राकृतिक आपदा के बाद जन सहभागिता से उसके प्रभाव कम किए जा सकते हैं। इस संबंध में एनडीआरएफ के निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने पॉवर प्वाईंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से टेबल टाक के माध्यम से आपदा प्रबंधन की जानकारी प्रदान की। recent visitors 48

गनियारी का कानी पोखरी तालाब का अस्तित्व है खतरे में, मिट्टी भराव कार्य जारी

गनियारी का कानी पोखरी तालाब का अस्तित्व है खतरे में, मिट्टी भराव कार्य जारी नाली व बरसाती पानी निकासी होगा अवरुद्ध, बना जांच का विषय बैढ़न बैढ़न आवासीय कालोनी के पीछे (सिंगरौली हॉस्पिटल के सामने) इंदिरा वार्ड क्र. 41गनियारी मे स्थित पुराना कानी पोखरी के नाम से लम्बे समय से जाना जाता है जो तालाब का अस्तित्व धीरे – धीरे खत्म हो रहा है और वही तालाब मे मिट्टी भराव किया जा रहा है और वही लोग बताते हैं कि शासकीय पुराना कानी पोखरी तालाब है और कुछ लोग कहते है कि पट्टे की है जो जांच का विषय बना हुआ है। वही स्थानीय जन बताते कि पोस्ट आफिस रोड, आवासीय कालोनी गनियारी सहित अन्य जगहों का नाली व बरसात का पानी जमा होता है और इसके पूर्व मे स्थानीय जन व नगर निगम प्रशासन को पानी निकासी को लेकर काफ़ी मशक्त करना पड़ा था जो किसी प्रकार से पानी निकासी हो पाया था, वही अब कानी पोखरी तालाब नहीं बचेगा तो आने वाले समय मे घरो व बरसाती पानी निकासी को लेकर लोगो को काफ़ी परेशानी होंगी । ध्यान देने की अतिआवश्यकता *वही नगर निगम सिंगरौली प्रशासन व क्षेत्र के तहसीलदार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं और वही स्थानीय जनो ने जांच करवाकर उचित कार्यवाही की मांग की है । recent visitors 64