Friday, July 3, 2026 1:48 pm

बांग्लादेश में हिंदुओं को अपनी रोजी-रोटी को संभाल पाना मुश्किल होता जा रहा है, दे रहे धमकी- नौकरी छोड़ों वरना मार देंगे

ढाका बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से हिंदुओं के लिए हालात खराब हो गए हैं। उनके लिए अपनी रोजी-रोटी को संभाल पाना मुश्किल होता जा रहा है। उनको मुस्लिम कट्टरपंथी धमकी देकर नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि नौकरी छोड़ो वरना मार डालेंगे। तख्तापलट के बाद कट्टरपंथियों की ताकत में इजाफा 5 अगस्त को बांग्लादेश के राजनीतिक हालत पूरी तरह से बदल गए। वहां पर शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हो गया। उसके बाद नोबल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके सत्ता संभालते ही मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिंदुओं को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। देश में अब धर्म के आधार पर अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा और भेदभाव बढ़ रहा है। मौत की धमकी देकर जबरन ले रहे इस्तीफा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक मामला चटगांव विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर रोंटू दास के साथ हुआ। उनको कथित तौर पर मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। मौत की धमकियों से परेशान होकर रोंटू दास ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़ दी। उन्होंने अपने त्याग पत्र में भेदभाव का जिक्र किया था। उनका यह पत्र काफी वायरल हुआ था। हिंदू पुलिस कर्मियों को किया बर्खास्त बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ फैला यह भेदभाव केवल शिक्षण संस्थानों तक सीमित नहीं है। इसका शिकार पुलिस व्यवस्था से ज ुड़े लोग भी हो रहे हैं। शारदा पुलिस अकादमी से प्रशिक्षित 252 पुलिस सब-इंस्पेक्टरों को अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया। इनमें से 91 हिंदू कर्मी थे। हिंदुओं के खिलाफ दुश्मनी का बन रहा है माहौल हिंदू समुदायों का दावा है कि नई सरकार में धर्म को देखकर भेदभाव किया जा रहा है। यह कोशिश की जा रही है कि देश में हिंदुओं के खिलाफ दुश्मनी का माहौल बनाया जाए। यही कारण है कि हिंदुओं को उनकी नौकरी से जबरन इस्तीफा दिलवाया जा रहा है। recent visitors 66

मुख्यमंत्री मान ने कहा- सीजन के दौरान लोगों को असुविधा पहुंचाने वाला आंदोलन उचित नहीं, किसानों को दी नसीहत!

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री मान ने सभी किसान यूनियनों से अपील की है कि वे सड़कों या राजमार्गों को जाम न करें क्योंकि इससे लोगों को असुविधा होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सभी समस्याओं को जानते हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में धान आ रहा है और खरीदा जा रहा है। इसके अलावा आढ़तियों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शैलरों की समस्या सिर्फ केंद्र सरकार से है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सीजन के दौरान लोगों को असुविधा पहुंचाने वाला आंदोलन उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार मिल मालिकों की उपज का भुगतान नहीं करती है तो राज्य सरकार अपने स्तर पर इसका समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए. बता दें कि राज्य के किसान पिछले कई दिनों से धरना दे रहे हैं और राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। recent visitors 77

भारतीय सेना की सबसे बड़ी लड़ाकू शाखा इन्फैंट्री को कर्तव्य का प्रतीक बताते हुए इसे प्रेरणा बताया: पीएम मोदी

नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्फैंट्री दिवस के अवसर पर भारतीय सैनिकों के साहस और हिम्मत को सलाम किया। उन्होंने भारतीय सेना की सबसे बड़ी लड़ाकू शाखा इन्फैंट्री को ताकत, वीरता और कर्तव्य का प्रतीक बताते हुए इसे हर भारतीय के लिए प्रेरणा बताया। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष 27 अक्टूबर को इन्फैंट्री दिवस मनाया जाता है। इस बार 78वां इन्फैंट्री दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “इन्फैंट्री दिवस पर हम सभी सैनिकों और पूर्व सैनिकों के अदम्य साहस और हिम्मत को सलाम करते हैं, जो हमारी सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। वे हर चुनौती के सामने डटकर खड़े होते हैं, ताकि हमारे देश की सुरक्षा बनी रहे। इन्फैंट्री हमारे लिए ताकत, वीरता और कर्तव्य का प्रतीक है, जो हर भारतीय को प्रेरित करती है।” गौरतलब है कि भारतीय सेना के पैदल जवानों को इन्फैंट्री कहा जाता है। इसके योगदान को मान्यता देने के लिए इन्फैंट्री दिवस मनाया जाता है। साल 1947 में 27 अक्टूबर के ही दिन भारत के पैदल सैनिकों का पहला सैन्य दस्ता श्रीनगर के हवाई अड्डे पर उतरा था। इस इन्फैंट्री ने तब आक्रमणकारियों द्वारा जम्मू और कश्मीर राज्य की रक्षा में अहम भूमिका निभाई थी। सिख रेजिमेंट की इस बटालियन ने जम्मू और कश्मीर के लोगों को पाकिस्तानी कबाइलियों और पाकिस्तानी सेना की बुरी नीयत से बचाया था। इस बहादुरी भरे कदम ने पाकिस्तान के जम्मू और कश्मीर पर कब्जा करने की योजना को नाकाम कर दिया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारतीय इन्फेंट्री दिवस पर सभी सैनिकों को शुभकामनाएं। इन्फेंट्री हमारे देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनकी बहादुरी, साहस और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा है। भारत को अपने वीर इन्फैंट्री सैनिकों पर गर्व है।” ज्ञात हो कि इन्फैंट्री को “युद्ध की रानी” भी कहा जाता है और इसकी शुरुआत मानव इतिहास के पहले युद्ध से मानी जाती है। स्वतंत्रता के बाद से इन्फैंट्री ने देश की संप्रभुता की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है। चाहे 1962 का चीन युद्ध हो या 1947-48 का पाकिस्तान के साथ संघर्ष, 1965, 1971 के युद्ध या 1999 का कारगिल संघर्ष, इन ऐतिहासिक युद्धों में इन्फैंट्री का योगदान विशेष है। इन युद्धों के अलावा, उत्तर और उत्तर-पूर्व के आतंकवाद-रोधी अभियानों, पंजाब में ऑपरेशन ब्लू स्टार और ऑपरेशन रक्षक, श्रीलंका में ऑपरेशन पवन और हाल ही में पूर्वी लद्दाख में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड में इन्फैंट्री के प्रोफेशनलिज्म और प्रतिबद्धता की मिसालें दी जाती हैं, जिसने इन अभियानों की सफलता सुनिश्चित की।   recent visitors 151

हरियाणा में दिवाली के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, हो सकते है एसपी और डीसी के ट्रांसफर

हरियाणा हरियाणा में दिवाली के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खबर है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में गड़बड़ करने वाले अधिकारियों पर सैनी सरकार जल्द ही एक्शन ले सकती है। इसकी शुरुआत जिलों के एसपी और डीसी के ट्रांसफर से होगी। हालांकि अभी सरकार की ओर से इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। जानकारी के मुताबिक नायब सैनी ऐसे अधिकारियों की लिस्ट तैयार करा रहे हैं, जिनके बारे में विधानसभा चुनावों के दौरान शिकायत मिली थी और जिन पर चुनाव में दूसरे दलों के नेताओं को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे थे। खबरों की मानें, तो विधायकों और जिलाध्यक्षों ने सैनी सरकार को ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की एक-एक रिपोर्ट दे दी है। इनमें कई जिलों के डीसी, एसपी, एसडीएम और डीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल है। जिनका ट्रांसफर सैनी सरकार जल्द सकती है। वहीं 31 अक्टूबर को ही मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद भी रिटायर्ड हो रहे हैं। ऐसे में उनके जाने के बाद अफसरशाही में बदलाव होने की पूरी संभावना बनी हुई है। बता दें कि प्रदेश में 5 अक्टूबर को 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए थे। बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर प्रदेश में तीसरी बार अपनी सरकार बना ली है। वहीं कांग्रेस 37 विधानसभा सीटों पर सिमट कर रह गई है। हालांकि इसके बाद भी कुछ अधिकारियों पर चुनाव के दौरान गड़बड़ी करने के आरोप लगे है। recent visitors 74

संस्कृत के छात्रों के लिए स्कालरशिप योजना का शुभारंभ किया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

वाराणसी यूपी के वाराणसी दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी पहुंचे। जहां उन्होंने संस्कृत के छात्रों के लिए स्कालरशिप योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उनका स्वागत करने के लिए कुलपति डॉ. बिहारी लाल शर्मा ने सीएम योगी को अंगवस्त्र पहनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और वंचित छात्रों को छात्रवृत्ति मिलनी चाहिए, लेकिन संस्कृत छात्रों को इसकी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। मुझे इस बात का आश्चर्य रहा। अभी तक संस्कृत के केवल 300 बच्चों की स्कालरशिप की व्यवस्था थी, जो अधिकतर छात्रों को पता ही नहीं थी। 25 करोड़ की आबादी में इतने कम छात्रों को स्कालरशिप की योजना थी। उन्होंने कहा- कभी प्रयास ही नहीं हो पाया कि संस्कृत परिषद को मान्यता दिला पाएं। मैंने बार-बार समझने की कोशिश की कि संस्कृत से बच्चे दूर क्यों भाग रहे हैं? पता चला कि मान्यता ही नहीं मिल पा रही है। हमने स्कूल-कॉलेजों की मान्यता बहाल कराई। हमारी सरकार आई तो 2017 में संस्कृत परिषद को मान्यता दिलाई।   recent visitors 82

अमित शाह ने नए यात्री टर्मिनल भवन और मैत्री द्वार के उद्घाटन के अवसर पर कहा- घुसपैठ रुकने पर ही बंगाल में आएगी शांति

कोलकाता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में शांति तभी बहाल होगी, जब राज्य में घुसपैठ रुकेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तर 24 परगना जिले के पेट्रापोल में लैंड पोर्ट पर नए यात्री टर्मिनल भवन और मैत्री द्वार के उद्घाटन के अवसर पर कहा, “2026 में पश्चिम बंगाल में बदलाव लाएं और भाजपा राज्य में अवैध घुसपैठ को पूरी तरह से रोक देगी।” गृह मंत्री शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए क्या किया है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। पिछले 10 वर्षों के दौरान, पश्चिम बंगाल को केंद्र से 7.74 लाख करोड़ रुपये का फंड मिला है, जो पिछली यूपीए सरकार के दौरान राज्य को मिले धन से कहीं अधिक है। लेकिन दुर्भाग्य से, पश्चिम बंगाल में केंद्रीय फंड के उपयोग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा और पीएमएवाई जैसी विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत प्रदान की जाने वाली धनराशि वास्तविक लाभार्थियों तक नहीं पहुंचती है। उन्होंने कहा, "केवल तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों को ही इन निधियों का लाभ मिलता है।" उन्होंने कहा कि सीमा पार तस्करी को रोकने में भूमि बंदरगाहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मंत्री ने कहा, "भूमि बंदरगाह देश में चिकित्सा और शैक्षिक पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पहल भारत को विकास और प्रगति के पथ पर ले जाएगी।" बता दें कि गृह मंत्री शाह कोलकाता के साल्ट लेक स्थित एक सभागार में संगठनात्मक बैठक में भाग लेने वाले हैं। उस संगठनात्मक बैठक में, आगामी उपचुनावों के लिए पार्टी की रणनीति की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा चल रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अगस्त में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता से मिल सकते हैं। recent visitors 92

दिनेश कार्तिक ने कहा- न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में हार की जिम्मेदारी सीनियर भारतीय खिलाड़ियों पर

नई दिल्ली भारत के पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक का मानना ​​है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में हार की जिम्मेदारी सीनियर भारतीय खिलाड़ियों पर है जबकि पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना ​​है कि कोच गौतम गंभीर पर दोष मढ़ना अनुचित होगा। भारत ने शनिवार को पुणे में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट 113 रन से गंवा दिया जिससे मेहमान टीम ने तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली। इसके साथ ही भारत का 2012-13 में इंग्लैंड से हारने के बाद से घरेलू मैदान पर लगातार 18 टेस्ट श्रृंखला जीतने का सिलसिला भी खत्म हो गया। दोनों मुकाबलों के दौरान सीनियर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। रोहित शर्मा और विराट कोहली बल्ले से संघर्ष करते रहे जबकि रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी भी कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई। कार्तिक ने  कहा, ‘हां। इसका (श्रृंखला में हार का) दोष सीनियर खिलाड़ियों पर क्यों नहीं होना चाहिए? वे खुद को देखेंगे और कहेंगे, ‘हम और क्या बेहतर कर सकते थे?' मुझे नहीं लगता कि वे इससे भाग रहे हैं।' उन्होंने कहा, ‘अगर आप जीत का जश्न मना सकते हैं और प्रशंसक यह महसूस करते हैं कि वे कितने महत्वपूर्ण हैं तो जब हार होती है और आप पर हमला किया जाता है तो मुझे लगता है कि उनमें इसका सामना करने की हिम्मत होनी चाहिए।' कार्तिक ने कहा कि सीनियर खिलाड़ी हार की जिम्मेदारी खुद लेंगे और स्वीकार करेंगे कि यह उनकी सर्वश्रेष्ठ श्रृंखला नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘अगर आप उनमें से हर एक से व्यक्तिगत रूप से पूछें कि वे श्रृंखला के बारे में क्या सोचते हैं तो मुझे नहीं लगता कि वे पूरी टीम के प्रदर्शन के बारे में कुछ खास कह पाएंगे और उनसे यह पूछना उचित होगा कि भारत में टेस्ट क्रिकेट के भविष्य और भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है।' कार्तिक ने कहा, ‘मैं उनमें से प्रत्येक को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। वे कहेंगे कि उनके लिए यह सर्वश्रेष्ठ श्रृंखला नहीं थी। फिर सवाल यह उठता है कि उन्हें बेहतर होने के लिए क्या करने की जरूरत है और यह एक मौजूदा सवाल है।' भारत के दो टेस्ट मैच में रणनीति में चूक करने और बार-बार बल्लेबाजी के ढहने के बाद नए मुख्य कोच गौतम गंभीर भी आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं लेकिन मांजरेकर ने इस पूर्व सलामी बल्लेबाज का समर्थन किया। मांजरेकर ने कहा, ‘मैं अब भी यही कहूंगा कि कोच का टीम पर सबसे कम प्रभाव होता है, आपके 11वें सबसे कमजोर खिलाड़ी से भी कम। वह मैदान पर पैर नहीं रखता, कप्तान वहां प्रभारी होता है।' उन्होंने कहा, ‘लेकिन आपको वाशिंगटन सुंदर के चयन के लिए उनकी सराहना करनी होगी जो तुरंत हिट हो गया।' मांजरेकर ने फॉर्म में चल रहे सरफराज खान से पहले ऑलराउंडर सुंदर को बल्लेबाजी के लिए भेजने के रोहित के ‘अजीब' फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘सरफराज खान को निचले क्रम में बल्लेबाजी के लिए भेजना और वाशिंगटन सुंदर को उनके ऊपर भेजना क्योंकि वह बाएं हाथ का बल्लेबाज है, इस तरह की चीजें नहीं होनी चाहिए।' मांजरेकर ने कहा, ‘यह बिल्कुल अजीब है। यह एक ऐसी चीज है जिससे रोहित शर्मा को सावधान रहने की जरूरत है। टी20 में बाएं और दाएं हाथ के संयोजन के बारे में सोचना। मुझे लगता है कि उन्हें खिलाड़ियों की समग्र गुणवत्ता और क्षमता के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए।' जब भारत को अपने अनुभवी बल्लेबाजों की जरूरत थी तब रोहित (2, 52, 0, 8) चार पारियों में कुल 62 रन ही बना पाए जबकि कोहली (0,70, 1,17) ने 88 रन बनाए। घरेलू सर्किट में कोहली की अनुपस्थिति पर भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने कहा कि यह करिश्माई बल्लेबाज घरेलू मैचों के लिए खुद को उपलब्ध कराके लंबे टेस्ट कैलेंडर के लिए अच्छी तरह से तैयार हो सकता था। कुंबले ने ‘जियो सिनेमा' से कहा, ‘शायद मैच की परिस्थितियों में सिर्फ एक या दो पारियां मददगार हो सकती थीं। वास्तविक मैच में शामिल होना निश्चित रूप से सिर्फ अभ्यास करने से ज्यादा फायदेमंद है, इससे फायदा मिलता है।' उन्होंने कहा, ‘अगर उन्हें लगता कि पहले खेलने से उन्हें फायदा होता और टीम प्रबंधन सहमत होता, तो शायद ऐसा होता।' recent visitors 75