श्री शिव सकल परिवार में शामिल शेर, मोर, सर्प, मूसक सभी एक दूसरे के दुश्मन होने के बाद भी साथ रहते हैं: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मिट्टी के खिलौने और कलाकृति बनाने वाले कारीगरों से मिले। इस दौरान CM ने कारीगर के साथ दिये बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, हम प्रगति और प्रकृति दोनों चाहते हैं। मध्यप्रदेश में दिन में मनुष्य घूमते हैं और रात में टाइगर रातापानी में घूम रहे हैं। प्रकृति, परमात्मा और मानवता प्रेमी होने की हमारी सोच इसमें बदलाव लाती है। सोमवार को 'जलवायु परिवर्तन के लिए वैश्विक प्रयास-भारत की प्रतिबद्धता में राज्य का योगदान’ विषय पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में चल रहे पहले राज्य-स्तरीय प्री-कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी) परामर्श कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, इससे ज्यादा पर्यावरण संतुलन का उदाहरण और क्या हो सकता है कि श्री शिव सकल परिवार में शामिल शेर, मोर, सर्प, मूसक सभी एक दूसरे के दुश्मन होने के बाद भी साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि सबका संतुलन बनाए रखने महादेव गंगा स्नान कर रहे हैं। 'खान-पान, जीवन शैली भी डाल रही असर' डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, हमारा जीवन बगैर सौर ऊर्जा के संभव नहीं है। पर्यावरण से छेड़छाड़ किसने की और उसे बचाने के लिए कौन सामने आ रहा है? जीवन शैली का असर इसमें पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि, एमपी में सौर ऊर्जा उत्पादन पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तय किए गए उत्पादन टारगेट के आधार पर तय किया जाएगा। रूस और यूक्रेन का युद्ध, इजरायल युद्ध का जिक्र कर यादव ने कहा कि, आशा की किरण पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिखाई दे रहा है। सामर्थ्यशाली भी बनना है, पर्यावरण प्रेमी भी बनना है और वसुधा प्रेमी भी बनना है। आरती के समय हाथ को गोल घुमाना सौर आराधना ही है। हमारी जीवनशैली, खान-पान किस प्रकार का है, इस पर भी पर्यावरण निर्भर करता है। 'धूल चेहरे पर लगी लगी और ये आईना साफ करा रहे…' एक शायरी का जिक्र कर सीएम मोहन ने कहा- धूल चेहरे पर लगी थी और ये आईना साफ करा रहे… इसलिए इस ओर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्मदा नदी और नर्मदा तटों का संरक्षण, खनन रोकने का प्रयास करेंगे। एमपी नदियों का मायका है और यहां की सोन नदी के बिना गंगा नदी पूरी नहीं होती हैं। चंबल, शिप्रा समेत सभी नदियां इसके लिए काम कर रही हैं। सीएम ने कहा कि, यत पिंडे तत् ब्रह्रांडे यानी जैसा हमारा पिंड है वही ब्रह्रांड है। पर्यावरण और राजनीतिक पर्यावरण का ध्यान रखना मेरी मजबूरी है, क्योंकि अभी झारखंड में नामिनेशन के लिए जाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि एक देश एक चुनाव होना चाहिए। इनके सहयोग से हो रहा प्रोग्राम यह परामर्श अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (AIGGPA), मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, नर्मदा समग्र, पब्लिक एडवोकेसी इनिशिएटिव फॉर राइट्स एंड वैल्यूज़ इन इंडिया (PAIRVI), और कम्युनिटी इकोनॉमिक्स एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स सोसाइटी (CECEODECON) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। 200 से ज्यादा क्लाइमेट लीडर्स बता रहे पर्यावरण बदलाव कार्यक्रम में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्लाइमेट लीडर्स, शासकीय अधिकारी, पर्यावरण विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। वर्ष 2025 का समय भारत की अपडेटेड NDC प्रस्तुत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सरकार की क्लाइमेट एक्शन और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्री-सीओपी विमर्श का उद्देश्य राज्य के प्रयासों को भारत की वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं के साथ जोड़ना है। recent visitors 191

सुमित सूरी की दुल्हनिया बनीं सुरभि ज्योति

मुंबई, टीवी की जानीमानी अभिनेत्री सुरभि ज्योति ने अपने ब्वॉयफ्रेंड सुमित सूरी के साथ शादी कर ली है। ‘कुबूल है’ और ‘नागिन’ जैसे सीरियल्स से घर-घर में पहचान बनाने वाली सुरभि ज्योति, लंबे समय से सुमित सूरी को डेट कर रही थीं। सुरभि ने 27 अक्टूबर को सुमित सूरी के साथ सात फेरे लिए हैं। सुमित एक अभिनेता और निर्माता हैं जो ऋषिकेश से हैं। उन्होंने कई टीवी विज्ञापनों में काम किया है और बॉलीवुड में अपनी शुरुआत गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म वार्निंग से की थी। उन्होंने खतरों के खिलाड़ी के सीजन 4 में एक प्रतियोगी के रूप में भी भाग लिया था। उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट स्थित आहाना रिज़ॉर्ट में सुरिभ और सुमित की शादी हुयी।सुरभि ज्योति ने सुमित सूरी के साथ पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की। सुरभि ज्योति ने इंस्टाग्राम पर अपनी शादी की तस्वीरों को शेयर किया है।सोशल मीडिया पर सामने आई फोटोज में देख सकते हैं कि सुरभि ने ब्राइडल के लिए लाल और पीले रंग के कॉम्बिनेशन वाला लहंगा पहना था। हाथ में कलीरे, लाल चूड़ा, बड़ा मांग टीका, हैवी नेकलेस और नथ में एक्ट्रेस दुल्हन के जोड़े में बेहद ही प्यारी लगीं। वहीं, दूल्हे के जोड़े में सुमित ने ऑफ व्हाइट कलर की शेरवानी पहनीं थी। फोटोज को शेयर करते हुए सुरभि ने कैप्शन में लिखा है,शुभ विवाह। 27-10-2024। सुरभि ने अपने प्री-वेडिंग फोटोशूट की कुछ मनमोहक तस्वीरें भी इंस्टाग्राम पर साझा कीं, जो आहाना रिज़ॉर्ट में प्रकृति की गोद में ली गई थीं। तस्वीरों में जोड़े ने हरे रंग के कपड़े पहने हुए थे और प्यारे पोज़ देते नजर आए। पोस्ट में सुरभि ने लिखा, “ये जड़ें गहरी हैं, इनमें धूप और बारिश, धैर्य और गरिमा की कहानियाँ समाई हैं। सुमित और मैंने अपनी यात्रा यहीं शुरू करने का फैसला किया, प्रकृति की इस पवित्र छत्रछाया के नीचे, उन पेड़ों को सम्मान देते हुए जो ऊंचे खड़े हैं और उन पांच तत्वों को मानते हुए जो हमें संपूर्ण बनाए रखते हैं।” recent visitors 74

डाटाबेस प्रबंधन में अवसर

किसी भी कंपनी के लिए उनके डाटाज बेहद महत्वपूर्ण होते है। इन डाटा को सुरक्षित और अपडेट करने के डाटाबेस प्रबंधन की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। आखिर क्या है इनकी भूमिका? क्या आपकी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से हुई है, जिनके पास कंपनी से संबंधित सारे डाटाज उपलब्ध हों। यदि हां, तो आपकी मुलाकात अब तक किसी ऐसे डाटाबेस प्रबंधक से हो गई होगी, जिनका प्रमुख काम होता है कंपनी की छोटी-छोटी गतिविधियों का ब्योरा रखना और उस ब्योरे से संबंधित डाटा को लगातार अपडेट करते रहना। दरअसल, डाटाबेस प्रबंधन द्वारा अपडेट किए जाने वाले डाटाज पर ही किसी भी संस्था के महत्वपूर्ण निर्णय निर्भर करते हैं। देखा जाए, तो इनका काम बेहद महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ चुनौतिपूर्ण भी होता है, क्योंकि उन्हें अपने डाटाज को लगातार अपडेट करना होता है। दरअसल, वे इस तरह का काम कंपनी की बेहतरी के लिए करते हैं और इसके लिए उन्हें बाजार की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर भी रखनी पड़ती है। गौरतलब यह है कि डाटाबेस कुल मिलाकर एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें जानकारियों को स्टोर किया जाता है। क्या आपको डाटाज मेंटेन करना अच्छा लगता है? अगर हां, तो आप इसे करियर के रूप में चुन सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको कम्प्यूटर लैंग्वेज की जानकारी होनी चाहिए। जॉब पर रखें नजर:- वैसे, ऑरकल सर्टिफाइड असोसिएट (ओसीए) सर्टिफिकेशन के साथ इस क्षेत्र में फ्रेशर्स को भी आसानी से प्रवेश मिल जाता है। शुरुआती दौर में इन्हें लगभग 2-4 लाख रुपये सालाना मिल जाते हैं। दरअसल, 10 से 15 डेवलॅपर्स पर एक डेवलॅपमेंट डाटाबेस ऐडमिनिस्ट्रेटर की आवश्यकता होती है। आज जिस तरह से ज्योग्रफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आदि जैसे क्षेत्रों का विकास हो रहा है, उससे इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं निरंतर बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही आपके पास कई और विकल्प भी हैं, जिन पर भी गौर किया जा सकता है। इसके अलावा, आप डाटाबेस एनालिस्ट के रूप में भी कार्य कर सकते है। ये योग्यताएं हैं जरूरी… ऑरकल पीएल की जानकारी आवश्यक है। पीएल-एसक्यूएल स्टोर्ड प्रोसिड्योर, ट्रीगर्स आदि को डेवलॅप करने की जानकारी। डाइनेमिक एसक्यूएल और जिन्हें असाधारण परिस्थितियों को संभालना अच्छी तरह आता हो। अच्छी कम्युनिकेशन और मैनेजमेंट स्किल। यदि आपके पास ये योग्यताएं हैं, तो डाटाबेस प्रबंधन के रूप में आपका भविष्य सुरक्षित और बेहतर हो सकता है।   recent visitors 81

1100 पटाखा दुकानों को मिला लाइसेंसम, 100Kg से ज्‍यादा पटाखे रखने की नहीं अनुमति, रखने होगें ये सेफ्टी सिस्टम

भोपाल  जिला प्रशासन ने दीपावली के अवसर पर राजधानी में फटाखा व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए 1100 से अधिक फटाखा कारोबारियों को लाइसेंस जारी कर दुकानें आवंटित कर दी हैं। सोमवार यानी आज से ये सभी दुकानें शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होंगी। कोलार क्षेत्र में एसडीएम रविशंकर राय ने जानकारी दी कि बिट्टन मार्केट में 114, लहारपुरा में 60 और बावडिया कलां में छह दुकानें आवंटित की गई हैं। इसके अलावा बंगरसिया और इंडस टाउन में भी फटाखा दुकानें स्थापित की गई हैं। बंगरसिया क्षेत्र में कुछ दुकानदारों द्वारा निर्धारित लेआउट से हटकर दुकानें लगाने पर प्रशासन की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सही स्थान पर दुकानें लगाने के निर्देश दिए। सभी दुकानदारों को हिदायत दी गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और लेआउट के अनुसार ही दुकानें स्थापित करें। एसडीएम टीटी नगर, अर्चना रावत शर्मा ने फटाखा कारोबारियों के लिए लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया। उन्होंने सभी कारोबारियों से प्रशासनिक गाइड लाइन का पालन करने की अपील की है। गोविंदपुरा, एमपी नगर, बैरागढ़, हुजूर, बैरासिया और सिटी एसडीएम ने भी अपने क्षेत्रों में फटाखा दुकानों का आवंटन पूरा कर लिया है। recent visitors 54

कौन सा वाई-फाई राउटर है आपके लिए बेहतर, इन टिप्स से करें सिलेक्ट

इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई यूजर्स तो ऑफिस के बाद घर में भी इंटरनेट की मदद से काम करते हैं। इतना ही नहीं, लैपटॉप के साथ स्मार्टफोन पर भी इंटरनेट की जरूरत होती है। ऐसे में वाई-फाई नेटवर्क बेस्ट ऑप्शन होता है। वाई-फाई की मदद से यूजर्स कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट कर सकता है। साथ ही, इससे बेहतर स्पीड भी मिलती है। वाई-फाई नेटवर्क के लिए राउटर की जरूरत होती है। ऐसे में यदि आप मार्केट से नया वाई-फाई राउटर लेने जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। इन बातों की मदद से आप बेहतर वाई-फाई राउटर का चयन कर पाएंगे। टिप्स नंबर-1 आपके पास है कौन-सा कनेक्शन वाई-फाई राउटर लगाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपको पास कौन-सा कनेक्शन हैं। यानी क्या आप राउटर की सर्विस अपनी फोन लाइन के जरिए लेना चाहते हैं। भारत में कई यूजर्स जो फोन के जरिए वाई-फाई राउटर का इस्तेमाल करते हैं उनके घरों में एमटीएनएल या बीएसएनएल का कनेक्शन होता है। ऐसे में आपको ऐसे हार्डवेयर का इस्तेमाल करना है जो आपके कनेक्शन के साथ ठीक रहे। ऐसे में आपके लिए एडीएसएल राउटर ठीक रहेगा। हालांकि, इस तरह के राउटर से आपको किसी फिक्स जगह पर पीसी का इस्तेमाल करना होगा, लेकिन आपका राउटर वायरलैस है तो इसकी जरूरत नहीं होगी। एडीएसएल में कई एडवांस राउटर भी आते हैं, जिससे आप स्टोरेज और प्रिंटर भी कनेक्ट कर सकते हैं। टिप्स नंबर-2 स्टैंडर्ड कैसा हो? जो राउटर 802.11एसी स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं, वो बेहतर होते हैं। इनकी डाटा ट्रांसफर स्पीड 802.11एन से तीन गुना ज्यादा होती है। ये 5गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर इस्तेमाल किए जाते हैं, जो रेग्युलर 2.4गीगा हटर्ज बैंड से कम होते हैं। हालांकि, इनका नेटवर्क परफॉर्मेंस बेहतर होता है। खासकर, स्ट्रीमिंग मीडिया कंटेंट के लिए ये बेस्ट हैं। इन राउटर का बेस्ट पार्ट है कि ये ‘एन’ स्टैंडर्ड के साथ कम्फर्टेबल हैं। यानी आपका पुराना डिवाइस भी बिना किसी प्रॉब्लम के बेहतर काम करेगा। इतना ही नहीं, आप इससे पैसे भी बचा सकते हैं। टिप्स नंबर-3 डुअल-बैंड आपको बता दें कि ‘एन’स्टैंडर्ड वाले राउटर 2.4गीगा हटर्ज फ्रिक्वेंसी बैंड पर काम करते हैं। इतना ही नहीं, माइक्रोवेव ओवन, कोर्डलैस फोन और ब्लूटूथ डिवाइस भी इसी स्पैक्ट्रम पर ऑपरेट किए जाते हैं। इसके चलते ये सिग्नल और पावर को कम करत सकते हैं। ऐसे केस में बेहतर होगा कि आप डुअल-बैंड राउटर का इस्तेमाल करें, जो 5गीगा हटर्ज बैंड को भी सपोर्ट करेगा। ऐसे में आप अपना स्मार्टफोन और लैपटॉप 5गीगा हटर्ज बैंड के साथ कनेक्ट कर पाएंगे, जो 2.4गीगा हटर्ज से ज्यादा स्पीड देगा। टिप्स नंबर-4 यूएसबी पोर्ट्स यूएसबी पोर्ट वाले राउटर में आप फ्लैश ड्राइव के साथ प्रिंटर भी नेटवर्क पर शेयर कर सकते हैं। ये किसी छोटे ऑफिस या जगह के लिए सबसे बेस्ट और कामयाब फंक्शन होता है। इनका इस्तेमाल वायरलेस नेटवर्क के तौर पर भी किया जा सकता है। इनमें कुछ राउटर 3जी डाटा डोंगल को सपोर्ट करते हैं, लेकिन ये स्पेशिफिक बैंड के होना चाहिए। ऐसे में राउटर खरीदने से पहले इस बात को जरूर चेक करें कि वो आपके डोंगल को सपोर्ट करेगा या नहीं। टिप्स नंबर-5 मल्टीपल एंटीना राउटर में मल्टीपल एंटीना लगाकर उसकी रेंज को बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसकी रेंज घर या ऑफिस की दीवारों और विंडो से भी बाहर हो जाती है। ऐसे में कोई आपके वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकता है।   recent visitors 134

अखनूर में सेना का बड़ा एक्शन काफिले पर हमला करने वाले तीन आतंकी को किया ढेर

 अखनूर जम्मू के अखनूर इलाके में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया है. सोमवार को सेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में ऑपरेशन शुरू किया था जिसमें तीन आतंकवादियों को मार दिया गया है. मारे गए आतंकियों के पास से हथियार और गोला-बारूद मिले हैं. सेना का ऑपरेशन अभी जारी है. जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों ने सेना के वाहन को निशाना बनाया और कई राउंड फायरिंग की। सुरक्षा बल फिलहाल बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हमले के दौरान 3 आतंकी मारा गया है। आधिकारिक तौर पर पुष्टि होनी बाकी है। जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के अखनूर में आतंकियों ने सेना के काफिले पर हमला किया है। फायरिंग करने वाले दहशतगर्दों की संख्या तीन से चार बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आतंकी एक स्थानीय मंदिर के आसपास छिपे हो सकते हैं। हमले के बाद बड़ा तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, आतंकी पहले मंदिर में घुस गए थे और एक मूर्ति को खंडित कर दिया। लेकिन वहां मौजूद लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाया। वहां से भागते वक्त आतंकियों ने सेना की एंबुलेंस पर फायरिंग कर दी। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम मिलकर तलाशी अभियान चला रही है। फिलहाल इलाके को घेर लिया गया है। जानकारी मिली है कि सोमवार सुबह करीब सात बजे यह हमला हुआ। अखनूर के बटाल गांव के शिव मंदिर के पास घात लगाकर बैठे तीन से चार आतंकियों ने सेना के काफिले पर गोलीबारी की। जम्मू एसएसपी ने कहा कि माना जा रहा है कि तीन आतंकवादी जम्मू जिले के अखनूर के अस्सान मंदिर के पास देखे गए। उन्होंने सेना की एम्बुलेंस पर कुछ राउंड फायरिंग की। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।     recent visitors 73

सीधे बालों को कर्ल करने के आसान तरीके

लड़कियो कि असली खूबसूरती का राज उनके बाल होते हैं। अपने बालों को नया लुक देकर जब आप खुद को एक नये अंदाज में देखते हैं तो इस खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होने लगता है। लेकिन बाल जब एक ही तरह के दिखते हैं तब आप खुद में बोरियत पन का अहसास करने लगते हैं। और फिर बाल अगर सिल्की स्ट्रेट हो तब तो कोई भी स्टाइल बना पाना और भी मुश्किल हो जाता है। इससे ज्यादा बोरिंग और क्या होगा कि आप कहीं भी जाए बस एक ही हेयर स्टाइल हो। कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्टी में जाने के लिए बालों को एक नया लुक देने के लिए आप पार्लर में न जाने कितना पैसे खर्च करते हैं लेकिन जैसे ही आप सैलून से बाहर निकलती हैं ये लॉक्स फिर से फ्लैट हो जाते हैं। इसीलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिन्हें फॉलो कर आप अपने घर पर ही इन कर्ल्स को ज्यादा टाइम तक टिका सकती हैं। सावधानियां:- बालों में ज्यादा कंडीशनर उन्हें और फिर सिल्की बनाता है और इससे बालों में कर्ल्स टिक नहीं पाते। इसीलिए कंडीशनर कम लगाएं। साथ ही हमेशा हेयर वॉश करने के अगले दिन ही बालों को कर्ल करें। क्योंकि ऐसे में बालों में नैचुरल ऑयल होगा, यदि आप बालों में कर्लिंग आयरन लगा रहे है तो ध्यान दे कि इससे पहले बालों में मूस लगा लें। एक बेसबॉल साइज जितना मूस लें और बालों की जड़ों से लेकर एंड्स तक लगाएं। ये आपके बालों के ऊपर एक कवच बनाएगा, जिससे कर्ल्स अच्छे से टीके रहेंगे। आप नारियल या आर्गन तेल भी लगा सकती हैं। बाल कर्ल बनाए रखने के तरीके… कर्ल और क्लिप-कुछ सेकेंड्स में कर्ली बाल पाने के लिए कई कर्लिंग रॉड्स और फ्लैट आइरन्स आती हैं। लेकिन कर्ल करने के बाद आपका अगला स्टेप होना चाहिए क्लिप। अगर आपके बाल बहुत कर्ल हैं तब तो ये बहुत जरूरी है। इसीलिए बालों को कर्ल करने के 5 सेकेंड बाद बालों से रॉड हटाएं और डकबिल क्लिप या बॉबी पिन लगा लें। 5 से 10 मिनट रूकें। अगर आप हीट डैमेज से बालों में होने वाले नुकसान के बारे में परेशान हैं तो रात भर सॉफ्ट स्पॉंज रोलर्स लगा कर सोएं। इससे आपको बिना बालों को डैमेज किए वही रिजल्ट मिलेगा। बालों से क्लिप खोलने के बाद बालों को उंगलियों से बिखेरें। आप कैसे भी कर्ल करें, हर बार उन्हें उंगलियों से ही बिखेरे, इससे कर्ल्स बालों में ज्यादा टाइम तक बने रहेंगे। आखिर में हेयर स्प्रे लगाएं, बस आप तैयार हैं।   recent visitors 74