Wednesday, July 8, 2026 12:40 am

पीथमपुर में 8.31 हेक्टेयर में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने की शुरुआत आज से, PM करेंगे भूमि पूजन

पीथमपुर / धार  औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से लेकर धार जिले के निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए अब तक कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल (ESIC Hospital) की सुविधा नहीं थी। पीथमपुर में लगभग 8.31 हेक्टेयर में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने की शुरुआत आज 29 अक्टूबर को होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। निर्माण के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अस्पताल के निर्माण पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च होंगे, और इसका कार्य अक्टूबर 2026 में पूरा होने की संभावना है। धार विधायक नीना वर्मा ने की थी पहल     इससे पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत मिलेगी, साथ ही जिले के अन्य लोगों को भी बुरे वक्त में मदद की उम्मीद रहेगी।     धार विधायक नीना वर्मा ने इस अस्पताल के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और इसके लिए लगातार प्रयास किए गए। इसी के परिणामस्वरूप इसकी स्वीकृति संभव हो पाई।     सरकार की ओर से इसी साल मार्च में 125 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, और इसके बाद निविदा प्रक्रिया के तहत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को एजेंसी बनाया गया है। 2017 में अधिग्रहित की गई थी जमीन इसके लिए वर्ष 2017 में ही जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी। पीथमपुर क्षेत्र में 8.5 हेक्टेयर जमीन अधिकृत की गई थी, और तभी से यहां निर्माण की उम्मीद की जा रही थी। अब यह सपना पूरा होने की उम्मीद बनी है, क्योंकि जल्द ही भूमि पूजन की स्थिति बन रही है। संभवतः 29 अक्टूबर को धनतेरस के दिन यह सौगात मिल सकेगी। अस्पताल बनने से किनको होगा लाभ 100 बिस्तर का अस्पताल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगा। धार जिले के पीथमपुर और पूरे जिले के संगठित क्षेत्र के 136,950 से अधिक निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण सुविधा होगी। इसके अलावा, इससे जिले के 531,336 लोगों को भी लाभ होगा, जिन्हें सस्ते इलाज के लिए अभी यहां-वहां भटकना पड़ता है। कर्मचारियों के परिवारों को भी इससे राहत मिलेगी। इस तरह, यह 100 बिस्तर का अस्पताल पीथमपुर क्षेत्र में कर्मचारी वर्ग के लिए एक बड़ी राहत ला सकता है, हालांकि इसके लिए 2 साल इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग भवन को अक्टूबर 2026 में ही पूरा कर सकेगा। recent visitors 63

दो दिन रहेगी नरक चतुर्दशी और रूप चौदस

दीपावली के पांच दिनी उत्सव में नरक चतुर्दशी दूसरे दिन का त्योहार रहता है। इसे छोटी दिवाली और रूप चौदस भी कहते हैं। इसी दिन हनुमान जयंती भी रहती है। नरक चतुर्दशी की रात्रि की पूजा 30 अक्टूबर को होगी और उदयातिथि के अनुसार रूप चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान 31 अक्टूबर को होगा। चतुर्दशी तिथि 30 अक्टूबर 2024 को दोपहर 01:15 बजे से प्रारंभ होकर 31 अक्टूबर 2024 को दोपहर 03:52 बजे समाप्त होगी। चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ- 30 अक्टूबर 2024 को दोपहर 01:15 बजे से। चतुर्दशी तिथि समाप्त- 31 अक्टूबर 2024 को दोपहर 03:52 बजे तक। 30 अक्टूबर 2024 नरक चतुर्दशी की पूजा का शुभ मुहूर्त:- इस दिन हनुमान, श्रीकृष्ण, काली और यम पूजा होगी। शुभ मुहूर्त प्रात: 05:26 से 06:47 तक। शुभ मुहूर्त शाम : 05:41 से 07 बजे तक। निशिथ मुहूर्त : मध्यरात्रि 11:39 से 12:31 बजे तक। सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रात: 06:32 से रात्रि 09:43 बजे तक। 30 अक्टूबर पूजा का शुभ मुहूर्त: रात्रि 07:14 से 08:51 बजे तक। 31 अक्टूबर अभ्यंग स्नान का मुहूर्त: प्रात: 05:33 से 06:47 बजे के मध्य। क्या करते हैं नरक चतुर्दशी के दिन? 1. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। उनकी पूजा से सभी तरह का संताप मिट जाता है और व्यक्ति बंधन मुक्त हो जाता है। 2. इस दिन काली चौदस भी रहती है अत: इस दिन कालिका माता की विशेष पूजा करने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है और हर तरह का संताप मिट जाता है। 3. इस दिन हनुमान जयंती भी रहती है अत: हनुमान पूजा करने से सभी तरह का संकट टल जाता है और निर्भिकता का जन्म होता है। 4. इस दिन को शिव चतुर्दशी भी रहती है अत: दिन में भगवान शिव को पंचामृत अर्पित किया जाता है। साथ में माता पार्वती की पूजा भी की जाती है। 5. इस दिन दक्षिण भारत में वामन पूजा का भी प्रचलन है। कहते हैं कि इस दिन राजा बलि (महाबली) को भगवान विष्णु ने वामन अवतार में हर साल उनके यहां पहुंचने का आशीर्वाद दिया था। इसी कारण से वामन पूजा की जाती है। अनुसरराज बलि बोले, हे भगवन! आपने कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से लेकर अमावस्या की अवधि में मेरी संपूर्ण पृथ्वी नाप ली है, इसलिए जो व्यक्ति मेरे राज्य में चतुर्दशी के दिन यमराज के निमित्त दीपदान करेगा, उसे यम यातना नहीं होनी चाहिए और जो व्यक्ति इन तीन दिनों में दीपावली का पर्व मनाए, उनके घर को लक्ष्मीजी कभी न छोड़ें। ऐसे वरदान दीजिए। यह प्रार्थना सुनकर भगवान वामन बोले- राजन! ऐसा ही होगा, तथास्तु। भगवान वामन द्वारा राजा बलि को दिए इस वरदान के बाद से ही नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के निमित्त व्रत, पूजन और दीपदान का प्रचलन आरंभ हुआ।   recent visitors 63

फिल्म की सफलता से अली फजल और ऋचा चड्ढा बेहद खुश

मुंबई, बॉलीवुड कपल अली फजल और ऋचा चड्ढा इस समय अपनी पहली प्रोडक्शन फिल्म गर्ल्स विल बी गर्ल्स की अंतरराष्ट्रीय सफलता को लेकर बेहद खुश हैं। फिल्म की सफलता पर ऋचा चड्ढा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मामी में इन पुरस्कारों को जीतना हमारे लिए घर वापसी जैसा लगता है। इस फिल्म ने मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल 2024 में कुल 4 अवॉर्ड्स जीते हैं, जो कि उनके लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अंतरराष्ट्रीय समारोहों में गर्ल्स विल बी गर्ल्स की अविश्वसनीय यात्रा के बाद, इस तरह से फिल्म को पसंद किया जाना वास्तव में दिल को छू लेने वाला है। कानी कुश्रुति, प्रीति पाणिग्रही, केसव बेनॉय किरण और जितिन गुलाटी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों ने शानदार प्रदर्शन किया है, और अली और मैं गर्ल्स विल बी के साथ जो हासिल हुआ, उस पर बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। लड़कियाँ इस बात से रोमांचित हैं कि इसे वह पहचान मिल रही है, जिसकी यह हकदार है।” अली फजल ने भी अपने विचार साझा किए और कहा, “इन जीतों को और भी खास बनाने वाली बात यह है कि फिल्म को विशेष रूप से लिंग श्रेणी में मान्यता मिली थी। एक पुरुष और एक सिनेप्रेमी के रूप में मैं महिलाओं द्वारा बताई गई महिलाओं के बारे में इन कहानियों को देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं। ये कहानियाँ दर्शकों की विस्तृत श्रृंखला के साथ गहन तरीके से प्रतिध्वनित हो रही हैं। हम इस सफलता का श्रेय अपनी अविश्वसनीय टीम को देते हैं। शुचि के निर्देशन ने कहानी को बेहद खूबसूरत तरीके से जीवंत कर दिया।” गर्ल्स विल बी गर्ल्स एक संवेदनशील फिल्म है, जो ब्लिंक डिजिटल और डोल्से वीटा फिल्म्स के सहयोग से ऋचा चड्ढा और अली फजल के संयुक्त उद्यम पुशिंग बटन स्टूडियो के तहत निर्मित है। recent visitors 65

खेल-खेल में गई बॉयफ्रेंड की जान, प्रेमी को सूटकेस में ही बंदकर सोई प्रेमिका

फ्लोरिडा. अमेरिका के फ्लोरिडा में हैरान कर देने वाले मामले में महिला ने अपने प्रेमी को खेल-खेल में सूटकेस में बंद कर दिया और वह सो गई। जब जागी तो आनन-फानन में उसने सूटकेस खोला तो अंदर प्रेमी की दम घुटकर मौत हो गई थी। चार साल बाद मामले में महिला को अदालत ने दोषी ठहराया है। पुलिस ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को सबूत के तौर पर वीडियो भी दिखाए। वीडियो महिला के फोन से फिल्माए गए थे, जिसमें प्रेमी चिल्ला रहा था और सूटकेस खोलने की विनती कर रहा था, जवाब में प्रेमिका हंस रही थी। आरोपी महिला का नाम सारा बूने है। पुलिस की बताई कहानी के अनुसार, 47 वर्ष की सारा ने कहा कि अपने प्रेमी और 42 वर्षीय जॉर्ज टोरेस जूनियर को खेल-खेल में सूटकेस में बंद कर दिया। इससे पहले दोनों कमरे में शराब पी रहे थे। ऑरेंज काउंटी शेरिफ कार्यालय द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार, दंपति का मानना ​​​​था कि उन्होंने जमकर शराब पी और फिर तय किया एक अनोखा खेल खेला जाए। इसमें उन्होंने सूटकेस के अंदर पार्टनर को बंद करने का खेल तय किया। जब सारा ने टोरेस को नीले सूटकेस में बंद किया तो उसने देखा कि उसके दो उंगलियां बाहर निकली हुई हैं। निश्चिंत होकर वो सो गई। जागने पर सारा ने टोरेस को सूटकेस के अंदर बेहोश पाया और तुरंत 911 पर कॉल किया। जब पुलिस उनके घर पहुंची तो पाया कि टोरेस नीले सूटकेस के बगल में मरा पड़ा था। सारा ने शुरू में कहा कि उसे नहीं पता कि वो सूटकेस के अंदर कैसे फंस गया। सूटकेस के अंदर से चिल्लाता रहा प्रेमी, हंसती रही प्रेमिका मामले में पुलिस की तरफ से कोर्ट को वीडियो सौंपे गए। सबूतों में सारा के फोन पर मिले वीडियो से पता चला कि टोरेस सूटकेस के अंदर से बाहर निकलने की विनती करता रहा, लेकिन सारा जवाब में सिर्फ हंस रही थी। उसने कई बार टोरेस को झिड़का भी और सूटकेस से उसे खोलने पर तैयार नहीं हुई। पुलिस ने हालांकि, इसका खुलासा नहीं किया कि सारा ने यह सब नशे की हालत में किया या जानबूझकर। वीडियो में टोरेस को यह कहते हुए सुना गया कि वह सांस नहीं ले पा रहा है। जवाब में सारा उससे कहती है कि तुम्हे यही सजा मिलेगी, जब तुम मुझे धोखा देते हो तो मेरे साथ भी ऐसा ही होता है। 10 दिनों की सुनवाई के बाद जूरी ने बूने को दूसरे दर्जे की हत्या का दोषी पाया। जूरी ने बीते 25 अक्टूबर को मामले में महिला के खिलाफ फाइनल सुनवाई की। महिला को सजा का ऐलान आगामी 2 दिसंबर को किया जाएगा। recent visitors 79

ED की बड़ी कार्रवाई, IAS और उत्पाद विभाग के अधिकारियों पर छापेमारी

Big ED action in Jharkhand amidst assembly elections, raids on IAS and excise department officials रांची। झारखंड में विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर शिकंजा कसा है। मंगलवार सुबह ED ने झारखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह और उनके करीबी रिश्तेदारों एवं संबंधित अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में की गई है। छापेमारी का मकसद और प्रमुख स्थान हालांकि, ED ने किन-किन स्थानों पर छापेमारी की है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शराब घोटाले से जुड़े कागजात, संपत्तियों और लेनदेन के सबूत जुटाना है। इस छापेमारी में कई आर्थिक दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड्स की भी जाँच की जा रही है। मामला और प्राथमिकी यह मामला उस समय प्रकाश में आया था जब झारखंड के विकास कुमार ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में शराब घोटाले की साजिश और आबकारी नीति में हेरफेर को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर रायपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोप है कि यह घोटाला रायपुर में बनाई गई आबकारी नीति में बदलाव के जरिए किया गया, और इसके तहत राज्य में शराब वितरण को लेकर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएँ हुई हैं। पिछली छापेमारियाँ यह पहली बार नहीं है जब ED ने इस मामले में छापेमारी की है। बीते साल 23 अगस्त को भी ED ने राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके बेटे रोहित उरांव और शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी के रांची, देवघर, दुमका और कोलकाता स्थित 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों के रिकार्ड जब्त किए गए थे, जिससे घोटाले की जड़ तक पहुँचने में मदद मिली। चुनावी माहौल और ED का एक्शन चुनाव के बीच इस कार्रवाई से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। झारखंड में शराब घोटाले को लेकर विपक्षी दल पहले से ही सरकार पर हमलावर हैं, और ED की यह ताजा कार्रवाई चुनावी माहौल में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावों के दौरान इस तरह की कार्रवाई से सत्तारूढ़ दल पर दबाव बढ़ सकता  इस मामले में ED की छापेमारी से झारखंड में शराब घोटाले की सच्चाई सामने आने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। आगामी दिनों में ED की ओर से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। वहीं, चुनावी माहौल में इस कार्रवाई के क्या असर होते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। recent visitors 156

CM आतिशी का ऐलान, 10 हजार सिविल डिफेंस वॉलेंटियर उतरेंगे प्रदूषण से जंग में?

नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और इस मसले को लेकर विपक्ष के लगातार हो रहे हमलों ने दिल्ली सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब दिल्ली सरकार ने बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई के लिए जल्द विभिन्न एजेंसियों के साथ 10 हजार सिविल डिफेंस वॉलेंटियर को तैनात करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को यह ऐलान किया। केंद्र सरकार पर हमला जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दिल्ली ने बसों में महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए। 2017-18 से दिल्ली सरकार ने अरविंद केजरीवाल दिल्ली की बसों में बस मार्शल तैनात किए थे। ये दो से तीन शिफ्ट में काम करते थे। बसों में महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी होती थी तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी बस मार्शल की होती थी। लेकिन केंद्र ने अप्रैल 2023 से इन बस मार्शल को हटाने की साजिश रची। अप्रैल 2023 से वेतन रोक दिया। आखिरकार बस मार्शल का संघर्ष रंग लाया। केंद्र सरकार को संघर्ष के सामने झुकना पड़ा। प्रदूषण के खिलाफ जंग में उतरेंगे सिविल डिफेंसकर्मी दिल्ली सरकार का बस मार्शल को वापस रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को मानना पड़ा। सरकार ने फैसला किया है कि प्रदूषण के खिलाफ अभियानों में दस हजार मार्शल को तैनात किया जाएगा। आज मैंने, गोपाल राय ने पर्यावरण, डीपीसीसी और जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में एक योजना बनाई गई है। किस तरह से सिविल डिफेंसकर्मियों को प्रदूषण के खिलाफ लगाया जाएगा। तैनाती का पहला स्टेप कुछ बस मार्शल को परिवहन विभाग के साथ तैनात किया जाएगा जिसमें उनकी दिल्ली में जो पीयूसी केंद्र है, वहां पर राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि किसी भी गाड़ी को गलत तरीके से पीयूसी ना मिले। जिन वाहनों की उम्र पूरी हो चुकी है उन्हें पीयूसी ना मिले। परिवहन विभाग की जैसे ही आगे कि ग्रैप का तीन व चार लगता है। काफी सारी पाबंदियां होती है। इसमें कौन सा वाहन आ सकता है, कौन सा नहीं आ सकता है। इन पाबंदियों के दौरान इनको परिवहन विभाग के इनफोर्समेंट विभाग के साथ लगाया जाएगा। दूसरा दिल्ली में प्रदूषण के 13 हॉट स्पॉट और 27 जगहों को चिन्हित किया गया है। इन जगहों पर एमसीडी के डीसी के साथ बस मार्शलों को तैनात किया जाएगा। तीसरा प्रदूषण के खिलाफ निर्माण साइट्स, खुले में कूड़ा फेंकने, खुले में कूड़ा जलाने और जो जनरेटर सेट का प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए काम कर रही एमसीडी की निरीक्षण टीमों के साथ सिविल डिफेंसकर्मियों को लगाया जाएगा। चौथा डीपीसीसी की 30 टीमें तैनात है जो ठोस कचरा और डीजल जनरेटर सेट के इस्तेमाल की निगरानी कर रही हैं। धूल से प्रदूषण को लेकर निगरानी कर रही हैं। उनके साथ सिविल डिफेंसकर्मियों को लगाया जाएगा। पांचवा ग्रीन वार रूम में भी इन्हें लगाया जाएगा। छठा प्रदूषण के खिलाफ चलाए जाने वाले जागरूकता अभियानों में भी इनका प्रयोग किया जाएगा।सारकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बैठक से यह मोटा मोटा खाका निकाला गया है। एक हफ्ते में पंजीकरण शुरू कर दिया जाएगा। जल्द से जल्द इनकी तैनाती प्रदूषण के खिलाफ की जाएगी। recent visitors 95

प्रथम इंडिया मास्टर्स पिकलबॉल चैम्पियनशिप: सोफिया सिविंग, अरमान भाटिया ने जीता खिताब

नई दिल्ली. तीसरी वरीयता प्राप्त सोफिया सिविंग ने रविवार को यहां डीएलटीए स्टेडियम में पीडब्ल्यूआर डीयूपीआर इंडिया मास्टर्स में शीर्ष वरीयता प्राप्त चीनी ताइपे की काओ पेई चुआन को 11-3, 11-2 से हराकर पहला प्रो पिकलबॉल खिताब जीत लिया है। शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के अनिश्चित और जोखिम लेने के लिए तैयार न होने के कारण अमेरिकी खिलाड़ी को संघर्ष करना पड़ा, लेकिन काओ की गलतियों ने सिविंग को पहला अंक दिलाया। धीरे-धीरे लय में आकर सिविंग ने 2-0 से पिछड़ने के बाद स्कोर बराबर किया और फिर 3-2 की बढ़त ले ली, छोर बदलने से स्पष्ट रूप से थके हुए चुआन के संघर्ष को कम करने में कोई मदद नहीं मिली, सिविंग ने 5-0 की बढ़त हासिल कर ली और फिर सेट 11-3 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में सिविंग को कोई दिक्कत नहीं हुई और उन्होंने आसानी से दूसरा सेट 11-2 से जीतकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष वर्ग में भारत के अरमान भाटिया ने एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए यूएसए के डस्टिन बोयर को 8-11, 11-9, 11-8 से हराकर खिताब अपने नाम किया। अच्छी शुरुआत करते हुए भाटिया ने 3-0 की बढ़त बनाई, लेकिन बोयर ने गेम में बढ़त बनाते हुए 6-3 की बढ़त बनाई और फिर सेट 11-8 से अपने नाम कर लिया। लेकिन भाटिया ने लगातार अपना खेल बेहतर करते हुए दूसरा सेट 11-9 से जीत लिया, जिससे निर्णायक सेट में बोयर ने 8-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली, लेकिन भाटिया ने शानदार वापसी करते हुए लगातार 11 अंक हासिल कर सेट और मैच अपने नाम कर लिया। डीयूपीआर इंडिया मास्टर्स, पिकलबॉल वर्ल्ड रैंकिंग (पीडब्लूआर) द्वारा मान्यता प्राप्त और आयोजित, एक पीडब्लूआर 700 इवेंट है, जिसका अर्थ है कि यह खिलाड़ियों को 700 रैंकिंग अंक अर्जित करने में मदद करेगा, जो 52 सप्ताह तक वैध रहेगा।   recent visitors 95