दमोह रेलवे स्टेशन पर रिटायरिंग रूम में यात्रियों के ठहरने और विश्राम की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध होगी

 दमोह दमोह रेलवे स्टेशन पर अब यात्रियों के लिए होटल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर यात्रियों की सुविधा के लिए रिटायरिंग रूम बनाने की योजना है। अधिकारियों ने स्थल का मुआयना कर लिया है। जल्द ही इसके टेंडर जारी होंगे और दो मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार से दमोह स्टेशन का स्वरूप भी बदल जाएगा। इसके साथ ही 50 और रेलवे स्टेशनों पर भी होटलों जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलने लगेंगी। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए है, जो लंबी यात्रा करके यहां पहुंचते हैं और उन्हें विश्राम की आवश्यकता होती है। इसी को देखते हुए रिटायरिंग रूम बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके निर्माण में करीब 17 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। हालांकि अभी इसकी ड्राइंग और डिजाइन तैयार नहीं हुई है। विश्राम की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध होगी दो मंजिला रिटायरिंग रूम में ऊपर के हिस्से में यात्रियों के ठहरने और विश्राम की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध होगी। हर रिटायरिंग रूम में एसी, फ्रिज, एलईडी टीवी, डबल बेड, सोफा सेट एवं कुर्सी, ड्रेसिंग टेबल, अलमारी और अटैच्ड वॉशरूम की सुविधा होगी। इसका किराया होटलों की तुलना में सस्ता होगा। इसी भवन के निचले हिस्से में ऑफिस संचालित होगा, जिसमें स्टाफ बैठेंगे। यात्रियों को होटल नहीं जाना पड़ेगा दमोह रेलवे स्टेशन के आईओडब्ल्यू भूपेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों ने दौरा कर जमीन का चयन कर लिया है। फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन जबलपुर से जल्द ही निर्णय होने की संभावना है। दमोह स्टेशन पर इस प्रकार की सुविधा नहीं है। रूम बनने के बाद यात्रियों को होटल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी; स्टेशन में ही होटलों जैसी सुविधाओं वाले रिटायरिंग रूम मिल जाएंगे। एयरपोर्ट की तरह बन रहा रेलवे स्टेशन दमोह रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण अमृत भारत योजना के तहत किया जा रहा है। नए स्टेशन का स्वरूप एयरपोर्ट की तरह होगा, जहां यात्रियों को एक्सलेटर की सुविधा भी उपलब्ध होगी।  डिजिटल हुआ दमोह रेलवे स्टेशन, 40 साल पुराने इस सिस्टम से मिलेगा छुटकारा अमृत भारत योजना, जो भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, के अंतर्गत देशभर के रेलवे स्टेशनों के आधारभूत ढांचे को सुधारने और आधुनिक बनाने का कार्य किया जा रहा है. इस योजना के तहत, दमोह रेलवे स्टेशन के उन्नति कार्य अंतिम चरण में हैं. दमोह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी के पास नया दो मंजिला कंट्रोल रूम भवन बनकर तैयार हो गया है. इस भवन में कंट्रोल रूम को कुछ ही दिनों में शिफ्ट कर दिया जाएगा. नए कंट्रोल रूम के शिफ्ट होने से रेल यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति जानने में काफी सुविधा होगी. भवन में कंट्रोल रूम पैनल रूम, रिले रूम, और सिंगल रूम भी शिफ्ट किए जाएंगे. जिससे स्टेशन पर सभी ट्रेनों का संचालन एक ही जगह से किया जा सकेगा. इसमें आधुनिक डिजिटल मशीनरी और वीडियो सिस्टम भी स्थापित की जा रही है. जिससे ट्रेनों की संचालन स्थिति को कंप्यूटर स्क्रीन पर देख सकेंगे. पूरी तरह से होगा डिजिटल सिस्टम यह स्टेशन 40 साल पुराने सिस्टम से काम कर रहा था, लेकिन अब इसे पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम में परिवर्तित किया जा रहा है. योजना के तहत, साफ-सफाई, वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर, शौचालय और अन्य सुविधाओं में भी सुधार होगा. डिजिटल टिकटिंग, वाई-फाई और आधुनिक सूचना प्रणालियों की भी स्थापना की जाएगी. नए प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज और सुरंगों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा. बन चुका है नया आरक्षण केंद्र स्टेशन प्रबंधक मुकेश कुमार जैन ने Local 18 को बताया कि अमृत भारत योजना के पहले चरण का काम अब अंतिम दौर में है. पुराने पार्किंग स्टैंड के पास के जर्जर भवन को तोड़कर नया आरक्षण केंद्र बन चुका हैं. अगले माह तक आरक्षण केंद्र व बिजली कार्यालय को नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा. recent visitors 77

प्रयागराज महाकुंभ 2025 को पुलिस द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग पर भी जोर दिया जा रहा

प्रयागराज  योगी सरकार महाकुंभ 2025 को भव्य और दिव्य बनाने के साथ ही इसे सभी के लिए सुरक्षित बनाने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए विभिन्न कार्ययोजना बनाई गई हैं। महाकुंभ पुलिस की ओर से भी तमाम व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में महाकुंभ पुलिस द्वारा कम्युनिटी पुलिसिंग पर भी जोर दिया जा रहा है। खासतौर पर युवा वर्ग को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह आसपास होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और अगर उन्हें कहीं कोई गड़बड़ी दिखाई दे तो वह तत्काल पुलिस को सूचित करें। इसका मतलब ये है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस की ही नहीं है, बल्कि प्रयागराज के युवा भी अब पुलिस के आंख और कान बनकर काम करेंगे। महाकुंभ के आयोजन को लेकर यूपी पुलिस की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे महाकुंभ को सात स्तरीय सुरक्षा चक्र में विभाजित किया गया है। इसके अलावा आईसीसीसी के माध्यम से एआई से लैस सीसीटीवी कैमरों द्वारा संदिग्धों की निगरानी किए जाने की व्यवस्था की गई है। तो वहीं मेला क्षेत्र में 10 प्रकार के सुरक्षा ऑपरेशन भी चलाने की तैयारी है। इसी क्रम में सुरक्षा व्यवस्था को फूल प्रूफ बनाने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग का भी सहारा लिया जा रहा है। सोशल मीडिया और अन्य साधनों से प्रयागराज के जनमानस के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है कि उन्हें कहीं भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसमें युवाओं को खासतौर पर सम्मिलित किया जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में युवाओं का मूवमेंट स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के साथ-साथ प्रयागराज के विभिन्न स्थानों पर होता है। एसएसपी महाकुंभ राजेश द्विवेदी ने बताया कि महाकुंभ के आयोजन में युवाओं का भी बहुत बड़ा योगदान होगा। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से महाकुंभ को प्रोजेक्ट करने के लिए स्वयंसेवकों के रूप में हमारे साथ जुड़ेंगे और तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की आवाजाही समेत भीड़ प्रबंधन में भी पुलिस की सहायता करेंगे। इसके लिए कार्ययोजना बन चुकी है और जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन में कम्युनिटी का सहयोग सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होता है। दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ को भी सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस को जनपद के नागरिकों का सहयोग चाहिए। खासतौर पर युवा शक्ति का, जो हर कहीं पर सक्रिय है। सोशल मीडिया से लेकर जनपद के किसी भी हिस्से में उन्हें कुछ संदिग्ध नजर आता है तो वह पुलिस को सूचित कर सकते हैं। इसके लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, उन्हें अपनी और आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों की सुरक्षा के प्रति किन किन मूल बातों को ध्यान में रखना है, इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। विभिन्न निजी संगठन और संस्थाएं भी इसमें पुलिस का सहयोग कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर सेमिनार और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से युवाओं को इसमें पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।     recent visitors 116

आज इंदौर के ESICअस्पताल का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली करेंगे

इंदौर इंदौर में ईएसआईसी के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल की सौगात इंदौर संभाग के लाखों कर्मचारियों को मिलने जा रही है। मंगलवार को अस्पताल का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औरर मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली करेंगे। साढ़े तीन सौ करोड़ की लागत से अस्प्ताल बनकर तैयार हो चुका है। सोमवार को अलग अलग विभागों ने अेापीडी शुरू कर दी।  500 बिस्तर के अस्पताल में आधुनिक मशीनें नंदानगर स्थित परिसर में तीन साल पहले अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण शुरू हुआ था। कोविडकाल के कारण काम थोड़ा धीमा रहा, लेकिन तीन माह पहले बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई थी। अस्पताल में मशीनों व उपकरणों को लगाने का काम चल रहा था। पहले 30 साल पुरानी बिल्डिंग मेें अस्पताल संचालित होता था, लेकिन कई तरह की जांचे व आपरेशन की सुविधा वहां नहीं थी। मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जाता था,लेकिन अब इस अस्पताल में ही सुविधाएं मिल जाएगी। इंदौर के अलावा पीथमपुर की कई कंपनियां ईएसआईसी अस्पताल से जुड़ी है। उनके श्रमिकों को एक ही अस्पताल मेें सुविधाएं मिल जाएगी। छह लाख वर्गफीट में बनी नई बिल्डिंग अस्पताल की नई बिल्डिंग छह लाख वर्गफीट में बनी हैै। छह मंजिला बिल्डिंग में दो आपरेशन थिएटर 10 से ज्यादा अेापीडी के अलावा मरीजों के लिए खाना बनाने की सुविधा और परिजनों के रहने की सुविधा भी रहेगी। मंगलवार को होने वाले लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार को सांसद शंकर लालवानी और विधायक रमेेश मेंदोला अस्पताल पहुंचे। लोकार्पण के बाद अस्पताल पुरी तरह शुरू हो जाएगा। एक्सरेे, एमआरआई, सोनोग्राफी जैसी जांचें यहां कम दामों में होगी। यहां आधुनिक लैब भी बनाई गई है। इसके अलावा एमबीबीएस कर चुके जूनियर डाक्टरों को बांड के तहत एक साल के लिए यहां इंटर्नशीप के लिए सरकार ने भेजा है।  मिलेंगी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं बता दें कि अस्पताल का काम तेजी से चल रहा है। वर्षा के दिनों में भी इसका निर्माण कार्य रोका नहीं गया। इस अस्पताल को सुपर स्पेशिएलिटी की तर्ज पर बनाया जा रहा है। इसमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के तमाम साधन और सुविधाएं मरीजों को मिलेगी। अस्पताल में मरीजों की एमआरआइ, सीटी स्कैन जैसी अन्य महंगी जांचें भी हो सकेंगी। अभी तक कई जांच निजी अस्पतालों में बीमा अस्पताल द्वारा करवाई जाती थी। इसके चलते लाखों रुपये का भुगतान निजी अस्पतालों को करना पड़ता था, वहीं अस्पताल बन जाने के बाद जांच के साथ ही गंभीर बीमारियों का इलाज भी मिल सकेगा। छह मंजिला होगा अस्पताल करीब छह लाख वर्गफीट में निर्माण किया जा रहा अस्पताल छह मंजिला होगा। अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान उनके स्वजन भी ठहर सकेंगे। मरीजों के साथ स्वजन को भी भोजन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए माडर्न किचन भी तैयार किया जा रहा है। recent visitors 103

आयुष्मान भारत में बुजुर्गों को राहत: 70+ उम्र के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं

Relief to the elderly in Ayushman Bharat: Free medical services to people aged 70+ नई दिल्ली। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को इस योजना के दायरे में शामिल किया है। अब देश के लगभग 6 करोड़ बुजुर्ग बिना किसी शर्त के सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करा सकेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए इनकम, पेंशन, बैंक बैलेंस, जमीन या किसी पुरानी बीमारी जैसी किसी भी आधार पर कोई पाबंदी नहीं होगी। आयुष्मान योजना के तहत विस्तारित लाभ इस योजना में मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च, सभी प्रकार की जांच, ऑपरेशन और दवाइयों का खर्च भी कवर होता है। किसी भी पुरानी बीमारी का इलाज भी इस योजना के तहत किया जा सकता है। खास बात यह है कि बुजुर्ग भी अब सरकारी और चुनिंदा निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज पा सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। योजना का मौजूदा लाभ और विस्तार आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले ही 35 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं, और अब बुजुर्गों को शामिल करने के बाद यह संख्या 40 करोड़ के करीब पहुँच जाएगी। यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना मानी जाती है, जो हर साल भारत के गरीब तबके को 5 लाख रुपए तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है। इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2017 में की थी और इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अंतर्गत लागू किया गया था। बुजुर्गों के लिए राहत और आर्थिक सुरक्षा बुजुर्गों की सेहत और उनकी चिकित्सा आवश्यकताओं को देखते हुए इस योजना का विस्तार बेहद लाभदायक साबित होगा। इलाज में लगने वाले महंगे खर्च और गंभीर बीमारियों के इलाज का बोझ बुजुर्गों पर नहीं पड़ेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकेंगे और उनकी देखभाल का जिम्मा सरकार उठाएगी। आयुष्मान भारत योजना में बुजुर्गों का समावेश एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम है। इससे न केवल उनकी आर्थिक सुरक्षा में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का भी लाभ मिलेगा। यह योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति है और इससे करोड़ों बुजुर्गों को जीवन के इस चरण में चिकित्सा राहत मिलेगी। recent visitors 177