स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में भी नहीं सुधरी व्यवस्था , वार्ड बॉय बना ‘डॉक्टर’, लापरवाही से गई जान

Even under the Health Minister, the situation hasn’t improved; a ward boy becomes a ‘doctor,’ resulting in a life lost due to negligence. शहडोल। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले शहडोल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत एक बार फिर उजागर हो गई है। पाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के बीच कथित तौर पर वार्ड बॉय और स्टाफ द्वारा इलाज किए जाने के बाद एक मरीज की मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ निजी अस्पताल प्रबंधन बल्कि स्वास्थ्य मंत्री की निगरानी और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, 16 दिसंबर की रात करीब 11:30 बजे गुरुनानक चौक निवासी कमलेश जैन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद एक युवक ने स्वयं को डॉक्टर बताकर इलाज शुरू किया, जबकि दवाइयां अस्पताल की महिला स्टाफ द्वारा लिखी गईं। उस वक्त अस्पताल में कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो स्वास्थ्य विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन है। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर सीपीआर और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता नहीं दी गई। उचित इलाज के अभाव में कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि मौके पर डॉक्टर मौजूद होता तो शायद मरीज की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब शहडोल जिला स्वयं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार में है। इसके बावजूद निजी अस्पतालों की मनमानी, डॉक्टरों की गैरहाजिरी और लचर निगरानी व्यवस्था ने सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की पोल खोल दी है। सवाल यह उठता है कि जब मंत्री स्वयं जिले के प्रभारी हैं, तब ऐसी गंभीर लापरवाही कैसे हो रही है? घटना के बाद आक्रोशित परिजन कोतवाली पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उपनिरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 52

खौफनाक दृश्य, अस्पताल के टॉयलेट में फंसा था नवजात, निकालने में लगे 7 घंटे, नहीं बच सका मासूम

खौफनाक दृश्य, अस्पताल के टॉयलेट में फंसा था नवजात, निकालने में लगे 7 घंटे, नहीं बच सका मासूम

Horrifying scene: Newborn trapped in hospital toilet; rescue took 7 hours, but infant could not be saved. छिंदवाड़ा ! मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया सिविल अस्पताल में सोमवार (15 दिसंबर) को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. अस्पताल के सार्वजनिक महिला शौचालय के कमोड में एक नवजात शिशु फंसा हुआ मिला. शुरुआती आशंका है कि बच्चे को जन्म देने के बाद सबूत छुपाने के इरादे से उसे टॉयलेट में बहाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह नाकाम रही. यह मामला उस समय सामने आया जब ओपीडी चल रही थी. अस्पताल की एक महिला कर्मचारी शौचालय गई, लेकिन पानी फ्लश नहीं हो रहा था. जब उसने ध्यान से देखा तो कमोड के अंदर उसे कुछ असामान्य दिखाई दिया. झांकने पर बच्चे का हाथ और सिर नजर आया. यह देखकर वह घबरा गई और तुरंत अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया. आनन-फानन में एएनसी, पीएनसी कक्ष और लेबर रूम की जांच की गई. यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कहीं कोई महिला ऐसी तो नहीं है, जिसने हाल ही में प्रसव किया हो और बच्चा उसके साथ न हो. हालांकि जांच के दौरान ऐसी किसी महिला का पता नहीं चल सका. पुलिस को दी गई सूचनाघटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत परासिया पुलिस थाने को सूचना दी गई. शाम करीब 4:30 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नवजात के शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. लेकिन यह काम आसान नहीं था. नवजात का शव कमोड के पाइप में बुरी तरह फंसा हुआ था. शव निकालने के लिए पुलिस, अस्पताल स्टाफ और नगर पालिका के कर्मचारियों को घंटों मेहनत करनी पड़ी. कई प्रयासों के बाद भी जब शव बाहर नहीं आ सका, तो आखिरकार टॉयलेट के कमोड को तोड़ने का फैसला लिया गया. लंबी मशक्कत के बाद रात करीब 8 बजे शव को बाहर निकाला जा सका. शव निकालने में लगे करीब 7 घंटेपरासिया प्रभारी बीएमओ डॉक्टर सुधा बख्शी ने बताया कि स्टाफ नर्स से सूचना मिली थी कि महिला शौचालय में पानी नहीं जा रहा है और कुछ फंसा हुआ है. तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण किया गया, जिसमें नवजात के फंसे होने की पुष्टि हुई. इसके बाद लिखित तहरीर बनाकर पुलिस को सूचना दी गई. शव निकालने में करीब 7 घंटे लगे. पुलिस ने नवजात के शव को बरामद कर लिया है और अब पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह अमानवीय कृत्य किसने और किन हालात में किया. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 59

डबल इंजन की भाजपा सरकार में शव वाहन तक उपलब्ध नहीं, किसान कर रहे आत्महत्या

Even hearse vehicles are not available in the double engine BJP government, farmers are committing suicide भोपाल /नीमच। विकास का ढिंढोरा पीटने वाली डबल इंजन की भाजपा सरकार में गरीब बेहाल है। आलम यह है कि मृत्यु होने पर प्रदेश में शव ले जाने के लिए वाहन तक भी उपलब्ध नहीं है। जबकि डबल इंजन की भाजपा सरकार प्रदेश में एयर एम्बुलेंस का दावा करती है और वास्तविकता में प्रदेश में हालात इतने बदहाल हैं कि प्रसूता को ठेलागाड़ी में और शव को बांस के सहारे चादर में लपेट लटका कर ले जाना पड़ रहा है। वहीं किसानों को मुआवजा और फसल बीमा का लाभ न मिलने से किसान भी आत्महत्या करने को मजबूर है। प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री और मुख्यमंत्री सत्ता की चाह में बिहार चुनाव में व्यस्त हैं और मप्र में हालात बदतर बने हुए हैं, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। इससे प्रमाणित होता है कि प्रदेश में होने वाली दर्दनाक और शर्मशार करने वाली घटनाओं से उन्हें कोई लेना देना नहीं है। मात्र सत्ता सुख भोगना ही भाजपा का लक्ष्य है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी इंजी नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि एक और भाजपा की डबल इंजन सरकार प्रदेश की जनता को मुंगेरीलाल के हसींन सपने दिखाती है, दूसरी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं खुद वेंटिलेटर पर हैं। जिसका दुष्परिणाम है कि शहडोल जिले के ब्योहारी में एक महिला की दलदल भरे रास्ते में गिरने से अकाल मृत्यु हो गई। जिसका शव ले जाने के लिए 108 एवं शव वाहन तक घटना स्थल पर नहीं पहुँचा। जिसके बाद ग्रामीणों को शव चादर में लपेटकर लकड़ी के सहारे लटकाकर ले जाना पड़ा। जबकि कुछ समय पूर्व ही ठीक इसी प्रकार से प्रदेश में कई घटनाओं में अस्पताल से घर तक वाहन न मिलने से शव को चादर में लपेटकर बांस के सहारे ले जानएक के समाचार आते रहे हैं। एक प्रसूता को समय पर 108 एम्बुलेंस न मिलने पर ठेलागाड़ी में ले जाने पर रास्ते में ही नवजात की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं से यही प्रमाणित होता है कि किस प्रकार से प्रदेश की डबल इंजन की भाजपा सरकार जनता के प्रति असंवेदनशील है। अग्रवाल ने कहा कि बीते दिनों श्योपुर जिले के सिरसौंद गांव में एक किसान कैलाश मीणा ने अपनी धान की फसल ख़राब होने के कारण समय पर मुआवजा और फसल बीमा नहीं मिला, जिसके बाद किसान ने अपने खेत पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की किसानो की आय दुगनी करने का वादा मात्र छलावा सिद्ध हो रहा है। आज प्रदेश में किसानो की माली हालत के चलते किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। जो असमय मौत को गले लगा रहा है, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की जगह उनकी लागत पर टैक्स लगाकर बढ़ाती जा रही है। यानि सरकार की गलत नीतियों के कारन किसान आत्महत्या करने को विवश है। अग्रवाल ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रदेश के नागरिकों को अब सोचना होगा उनके द्वारा चुनी हुई सरकार उनके लिए क्या कर रही है? Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 82

एमपी गज़ब: जिला अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन की दलाल लगाते हैं बोली, डॉक्टर्स की मिलीभगत

एमपी गज़ब: जिला अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन की दलाल लगाते हैं बोली, डॉक्टर्स की मिलीभगत

MP Amazing: Brokers bid for hernia operations at the district hospital, doctors are complicit. सिंगरौली। जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में चिकित्सकों के दलाल सक्रिय हैं। जहां मरीजों से इलाज के लिए मोलभाव करते दिखाई देते हैं। यहां एक हार्निया का मरीज आया और Singrauli District Hospital operations में कराने की बात कही तो, चिकित्सकों ने कहा कि जिला अस्पताल में कुछ नहीं हो पाएगा, प्राईवेट नर्सिंग होम में चलो तो वहां मैं ऑपरेशन कर दूंगा। Singrauli District Hospital operations सरकार दावा करती है कि अब गरीब मरीजों को सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। मरीजों का बेहतर इलाज हो सके, इसके लिए सरकार लाखों-करोड़ों रूपये की अत्याधुनिक मशीन व उपकरण एवं ऑपरेशन थियेटर जिला चिकित्सालय में मुहैया कराये गये हैं। यही दावा जिला स्वास्थ्य अधिकारी सिंगरौली भी कर रहे हैं कि जिला अस्पताल सभी सुविधाओं से लैस है, लेकिन इस अस्पताल में सरकार और सीएमएचओ का दावा सिर्फ कागजों पर दौड़ रहा है। हकीकत यह है कि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भले ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हों, लेकिन यहां के चिकित्सक ट्रामा सेंटर के ऑपरेशन थियेटर में जाना पसंद ही नहीं करते हैं। क्योंकि इस थियेटर में उन्हें फायदा नहीं मिलता है। यही वजह है कि जिले के असहाय गरीब मरीजों को सरकार की नि:शुल्क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है और मजबूर होकर कर्ज लेकर प्राईवेट नर्सिंग होमों में इलाज कराने मजबूर हैं।Singrauli District Hospital operations कचनी निवासी एक वृद्ध हार्निया बिमारी का इलाज कराने जिला चिकित्सालय पहुंचा तो वहां पर्ची कटाकर एक चिकित्सक के यहां पहुंचा और अपनी समस्या बताई, तो चिकित्सक ने सलाह दी कि तुम्हे ज्यादा परेशानी है, इसलिए तुम तत्काल हार्निया का ऑपरेशन कराओ और जिला अस्पताल में ऑपरेशन संभव नहीं है। प्राईवेट क्लीनिक में चलो तो तुम्हारा 30 हजार में ऑपरेशन कर देंगे। फिर मरीज डॉक्टर के चेम्बर से निकला और दूसरे चिकित्सक के यहां पहुंचा, तो वहां 35 हजार फीस बताई गई। वहां से भी निराशा हाथ लगी। बाहर टकटकी लगाये बैठा एक निजी क्लीनिक का दलाल बोला 18 हजार रूपये में हार्निया का ऑपरेशन करा दूंगा। 30 हजार से शुरू और 18 हजार में तय हुआ सौदा Singrauli District Hospital operations डिंडोरा पीटा जाता है कि जिला अस्पताल में कई गंभीर बीमारियों का इलाज के साथ ऑपरेशन भी नि:शुल्क में किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर डॉक्टरों सहित दलालों की गिद्ध की तरह नजर रहती है। वह मरीज को यह बताने में जुट जाते हैं कि सरकारी अस्पताल से बेहतर निजी चिकित्सालय हैं। मोटीवेट के बाद एक चिकित्सक ने हार्निया के ऑपरेशन के लिए 30 हजार का खर्च बताया, तो वहीं एक दूसरे चिकित्सक ने 35 हजार, जबकि तीसरे डॉक्टर ने सहानुभूति जताते हुये 18 हजार रूपये में ही हार्निया के ऑपरेशन करने का सौदा तय कर लिया। Read more: छत पर सब्ज़ियां उगाने के लिए सरकार देगी 70% सब्सिडी, 1 से 31 अक्टूबर तक करें आवेदन व्यवस्थाओं से बेखबर हैं सीएमएचओ Singrauli District Hospital operations सह ट्रामा सेंटर बैढ़न की वस्तुस्थिति और हालात को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर बेखबर हैं। जबकि डेढ़ माह पूर्व वे इसी चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। जैसे ही सीएमएचओ बने तो जिला चिकित्सालय की बदहाल व्यवस्था को भूल गये या फिर यह कहें कि जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर की बदहाल व्यवस्था को सुधारने में नाकाम साबित हो रहे हैं। सूत्र दावा करते हैं कि सीएमएचओ के पास प्रशासनिक कामकाज करने का अनुभव नहीं है या फिर रूचि नहीं ले रहे हैं, इसे तो वही बता पाएंगे। सिंगरौली सीएमएचओ पुष्पराज सिंह ठाकुर का कहना है कि मुझे अभी जानकारी नही है, हार्निया बिमारी के ऑपरेशन को लेकर संबंधित चिकित्सको से बात करूंगा, इसके बाद बता पाऊंगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 79

जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप लगी आग में दो एम्बुलेंश जली

जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप लगी आग में दो एम्बुलेंश जली

Two ambulances were burnt in a fire near the oxygen plant in the district hospital premises सीधी । जिला अस्पताल के एम्बुलेंशों में फिर आग लगने का मामला सामने आया। आक्सीजन प्लांट के समीप आग की चपेट में दो एम्बुलेंशों के आने से हडक़म्प मच गया। सूचना मिलते ही तत्काल नगर पालिका का फायर बिग्रेड मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया गया।मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल परिसर में आक्सीजन प्लांट के समीप कुछ बिगड़ी हालत में एम्बुलेंश खड़ी हुई थीं। कल शाम करीब 5:30 बजे अचानक एक एम्बुलेंश से आग की तेज लपटें तथा धुआं निकलना शुरू हो गया। यह जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ.एस.बी.खरे स्वयं मौके पर पहुंचे और फायर बिग्रेड से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू हुआ। करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। बताते चलें कि कुछ माह पूर्व ही जिला अस्पताल परिसर से लगे पुराने सीएमएचओ कार्यालय के पीछे खड़ी कण्डम एम्बुलेंशों में आग लगने की घटना रात में सामने आयी थी। उस दौरान यह माना गया कि रात में किसी नशेड़ी द्वारा बीड़ी या सिंगरेट फेंकने से आग लगने की घटना हुई थी। इससे पूर्व भी पुरानी एम्बुलेंशों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। आज जिस स्थान पर बिगड़ी एम्बुलेंशों को खड़ा किया गया था वहां से बिजली का तार भी गुजरता है। फिर भी लापरवाही पूर्वक आक्सीजन प्लांट के समीप ऐसे जोखिम भरे स्थान में पुरानी एम्बुलेंशों को खड़ा किया गया था। जिला अस्पताल की बिगड़ी एम्बुलेंशों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा पुरानी एम्बुलेंशों की सुरक्षा को लेकर कोई माकूल इंतजाम नहीं किये जा रहे हैं। पुरानी कण्डम एम्बुलेंशों की नीलामी की स्वीकृति न मिलने के कारण अस्पताल परिसर में पुराने सीएमएचओ कार्यालय के पीछे दर्जनों एम्बुलेंश खड़ी हुई हैं। नीलामी न होने के कारण अधिकांश एम्बुलेंश पूरी तरह से कण्डम हो चुकी हैं। इनका कहना हैजिला अस्पताल परिसर में जहां एम्बुलेंश खड़ी थीं। उसके ऊपर से बिजली के तार के गुजरने से शार्ट सर्किट के चलते आग लगने से प्रथम दृष्टया जानकारी सामने आयी है। अस्पताल परिसर में सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी भी रहती है। इस मामले में जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जावेगी।डॉ.एस.बी.खरे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सीधी Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 93

13 जीवनरक्षक दवाइयां निकली अमानक, मध्य प्रदेश में इनके उपयोग पर लगाई रोक

13 life saving medicines turned out to be substandard, their use banned in Madhya Pradesh इंदौर। भोपाल की ड्रग टेस्टिंग लैब में 13 जीवनरक्षक दवाइयां अमानक निकली हैं। इस कारण इनके उपयोग पर प्रदेश में रोक लगा दी गई है। इनमें से कुछ दवाइयों के सैंपल ड्रग विभाग ने एमवाय अस्पताल से भी सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत लिए थे। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम ने जीवनरक्षक दवाएं, सलाइन और सिरिंज अमानक पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग को भेजे हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं में हार्मोन बढ़ाने वाली दवाइयों के साथ ही एनेस्थिसिया के इंजेक्शन भी शामिल हैं। आदेश के मुताबिक डेक्सट्रोस 5 प्रतिशत (बैच नंबर- एमपी230801055), नार्मल सलाइन 0.9 प्रतिशत (बैच नंबर-एमपी22063102), डिस्पोजेबल सिरिंज विथ निडल 2 एमएल (बैच नंबर- आर2203171), केटेमाइन हाइड्रोक्लोराइड 10 एमजी (बैच नंबर- वी22197), माइक्रोनाइज्ड प्रोगेस्ट्रोन 100 एमजी (बैच नंबर यूएचटी22004), सोडियम बिकार्बोनेट इंजेक्शन (बैच नंबर-1322038), नाइट्रोग्लिसरिन इंजेक्शन 25 एमजी (बैच नंबर-एआई22328), एस्प्रिन लो डोज 75 एमजी (बैच नंबर-एपीएसटी1012) आदि पर रोक लगाई है। डॉक्टरों पर एमवायएच में भर्ती मरीज से मारपीट का आरोपअक्सर शिकायत आती रहती हैं कि एमवाय अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। मंगलवार को ऐसी घटना सामने आई है। आरोप है कि वार्ड में भर्ती एक मरीज के साथ डॉक्टरों ने मारपीट की और बिना इलाज के उसे भगा दिया। मरीज 34 वर्षीय दीपक मोरे निवासी परदेशीपुरा की बस इतनी गलती थी कि वह पैर का पट्टा खोलकर शौचालय गया था। मरीज हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन डॉक्टर ने जिस पैर में चोट लगी, उसे ही मोड़ दिया। मारपीट का आरोप विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन कुशवाह की यूनिट में जूनियर डॉक्टरों पर लगाया गया है। मामले में अस्पताल अधीक्षक को मरीज की पत्नी ने लिखित शिकायत की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 131

छतरपुर जिला हॉस्पिटल में कईं दिनों से एक्सरे मशीन खराब: डॉक्टर मरीजों को एक्सरे करने भेज रहे बाहर

X-ray machine is not working in Chhatarpur District Hospital since many days: Doctors are sending patients outside for X-ray छतरपुर । जिला अस्पताल में 15 जनवरी से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को बाहर के निजी केंद्रों पर एक्सरे कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे मरीजों का खर्चा भी बढ़ रहा और परेशानी भी हो रही है। ताजा मामला सोमवार की रात का है, जब एक सड़क दुर्घटना में घायल संतोष राजपूत (30) को एक्सरे की जरूरत पड़ी। संतोष अपनी पत्नी सविता (29), बेटी आंशिका (6) और बेटे कार्तिक (डेढ़ वर्ष) के साथ पन्ना से मातगुवां जा रहे थे। छतरपुर रेलवे स्टेशन के पास एक कार (MP16CB 3786) ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे चारों घायल हो गए। बाहर से कराना पड़ा एक्सरे जिला अस्पताल में भर्ती संतोष के दाएं पैर में गंभीर चोट के कारण डॉक्टरों ने एक्सरे की सलाह दी, लेकिन अस्पताल की मशीन खराब होने के कारण परिजनों को बाहर से 250 रुपए खर्च कर एक्सरे कराना पड़ा। चिंताजनक बात यह है कि घायल मरीज को स्ट्रेचर पर बाहर ले जाते समय कोई वार्ड बॉय या अस्पताल कर्मचारी साथ नहीं था। सिविल सर्जन बोले- दो दिन से मशीन खराब है सिविल सर्जन डॉ. जीएल अहिरवार का कहना है कि मशीन दो दिन से खराब है और जल्द ठीक करवा दी जाएगी। वहीं, दुर्घटना के संबंध में सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और कार चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 179